ईश्वर दुबे
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Bhilai
दिल्ली में भी बारिश और कोहरे के चलते 20 से ज्यादा ट्रेनें लेट
श्रीनगर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 24 घंटे सभी उड़ानें बंद रहीं
श्रीनगर/नई दिल्ली. पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में रविवार को भी बर्फबारी और कुछ जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। उधर, बेंगलुरु में रविवार को कोहरे के चलते सिंगापुर और गोवा से बेंगलुरु आने वाले दो विमानों का मार्ग बदलकर चेन्नई भेजा गया। करीब 50 उड़ानों में देरी हुई। दिल्ली में भी सुबह हुई बारिश और कोहरे के चलते 20 से ज्यादा ट्रेनें लेट चल रही हैं।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में जबरदस्त बर्फबारी के कारण शुक्रवार से शनिवार दोपहर तक (करीब 24 घंटे) श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें बंद रहीं। यहां गुलमर्ग में 60 सेमी बर्फबारी हुई। हिमाचल में भी बर्फबारी के कारण शिमला सहित कई इलाकों में यातायात रविवार को भी प्रभावित रहा। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में शनिवार को भारी बर्फबारी हुई, जिसके चलते थल-मुंसियारी मार्ग बंद हो गया है। रातापानी और मुंसियारी के बीच कई गाड़ियां फंस गईं।
राजस्थान में बारिश, मध्यप्रदेश में शीतलहर
पांच दिन बाद शनिवार को राजस्थान में जयपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में तापमान 2 डिग्री तक गिरा। मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में रविवार को बारिश हो सकती है। मध्यप्रदेश और गुजरात में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का मध्यप्रदेश में 48 से 72 घंटे बाद असर होता है।
हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट, हरियाणा में बूंदाबांदी
मौसम विभाग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 9 जनवरी तक बर्फबारी जारी रहेगी। राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, हरियाणा के करनाल, सिरसा, हिसार आदि जिलों में शनिवार को हल्की बारिश हुई। रविवार को भी यहां बारिश होने का अनुमान है।
कोहरे की चपेट में बिहार
मौसम विभाग ने कहा है कि बिहार में 7 जनवरी को बारिश की संभावना है। 8 जनवरी से घना कोहरा छाने के आसार हैं। राज्य में उत्तरप्रदेश और नेपाल से आ रही ठंडी हवाओं का असर है। दिन में भी बादल छाने लगे हैं। दिनभर धुंध होने के कारण धूप भी कमजोर हुई है।
नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि समूह की थाईलैंड में स्थित 13 करोड़ रुपये कीमत की एक फैक्टरी को कुर्क कर लिया है। यह कुर्की दो अरब डॉलर के कथित पीएनबी धोखाधड़ी मामले में की गई है। एजेंसी ने कहा कि उसने धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत एब्बेक्रेस्ट (थाईलैंड) लिमिटेड के स्वामित्व वाली फैक्टरी की कुर्की के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया है। यह कंपनी गीताजंलि समूह की एक कंपनी है।
सिलचर (असम)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के लोगों को शुक्रवार को भरोसा दिलाया कि एनआरसी से कोई भी असल नागरिक नहीं छूटेगा और उन्होंने नागरिकता विधेयक को संसद की जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई। मोदी ने कालीनगर में ‘विजय संकल्प समावेश रैली’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) के दौरान कई लोगों को हुई दिक्कतों और मुश्किलों के बारे में जानता हूं लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि किसी भी वास्तविक भारतीय नागरिक के साथ अन्याय नहीं होगा।’’ उन्होंने पूर्वोत्तर में भाजपा की लोकसभा चुनाव प्रचार मुहिम की शुरूआत करते हुए कहा, ‘‘सरकार नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर और काम कर रही है। यह लोगों की जिंदगी और भावनाओं से जुड़ा है। यह किसी के फायदे के लिए नहीं है बल्कि अतीत में हुए कई गलत कार्यों एवं अन्याय का प्रायश्चित है।
नयी दिल्ली। राफेल मामले में कांग्रेस एवं राहुल गांधी के आरोपों को ‘असत्य एवं गुमराह’ करने वाला बताते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार में रहते हुए कांग्रेस की मंशा 10 वर्षों में राफेल विमान खरीदने एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की नहीं थी जबकि वर्तमान सरकार ने बेहतर शर्तों के आधार पर संप्रग के समय के उड़ान भरने की स्थिति वाले 18 विमानों की तुलना में 36 विमान खरीदने का सौदा 9 प्रतिशत कम कीमत पर किया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के समय 10 वर्षों में एक भी राफेल विमान नहीं आया जबकि वर्तमान सरकार के तहत सरकारों के बीच समझौते पर 23 सितंबर, 2016 को हस्ताक्षर किया गया और पहला विमान इस तिथि से तीन साल के भीतर यानी 2019 में आ जाएगा और शेष विमान 2022 तक आ जाएंगे। राफेल विमान सौदे के मुद्दे पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने सदन में कहा कि ‘‘आपने (कांग्रेस) सौदे को रोक दिया। यह भूल गये कि वायुसेना को इसकी जरूरत है। क्योंकि यह सौदा आपको रास नहीं आया। दरअसल इससे आपको पैसा नहीं मिला।
सीतारमण ने इस दौरान संप्रग सरकार में तत्कालीन रक्षा मंत्री के संसद भवन परिसर में दिये बयान का जिक्र किया और कहा कि तब के रक्षा मंत्री ने कहा था कि इसके लिये पैसा कहां है। उन्होंने सवाल किया कि ‘किस पैसे की बात हो रही थी’, ‘किस पैसे के कारण सौदा नहीं हुआ’। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा सौदे और रक्षा में सौदे में काफी अंतर होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संप्रग सरकार के दौरान रक्षा से जुड़े विषयों पर खिलवाड़ चल रहा था। सीतारमण ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का जिक्र करते हुए जोर दिया कि शीर्ष अदालत ने कीमत, प्रक्रिया और आफसेट तीन विषयों पर विचार करने के बाद कहा कि इन आधारों पर इस अदालत के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। रक्षा मंत्री ने कहा साढ़े चार साल तक बिना भ्रष्टाचार के आरोपों के चली सरकार पर किसी न किसी तरह भ्रष्टाचार के आरोप लगाने की हताशा के तहत यह सब किया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस सरकार में रक्षा मंत्रालय बिना दलालों के चल रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी फ्रांस के राष्ट्रपति का हवाला बिना सबूत के दे रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हैं। फ्रांस से निजी बातचीत के सबूत दिखाएं।
पटना। भाजपा के असंतुष्ट नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने राफेल सौदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की शुक्रवार को वकालत की। गौरतलब है कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल जेपीसी गठित करने की मांग कर रहे हैं।
सिन्हा ने ट्वीट कर कहा, ‘आज संसद का दृश्य लोगों के लिए बहुत जटिल था। दिन-ब-दिन यह खराब हो रहा है। जब हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और हम दोषी नहीं हैं...लेकिन सच को दबाकर हम गरमागरम बहस और आरोप प्रत्यारोप तक ले जाकर मामलों को जटिल बना देते हैं।’
नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर राफेल विमान सौदे को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का शुक्रवार को आरोप लगाया और सवाल किया कि जब वायुसेना को 126 विमानों की जरूरत थी तो फिर 36 विमान ही क्यों खरीदे गए हैं। चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, 'आपने विमानों की संख्या 126 से घटाकर 36 क्यों की, इस सवाल पर रक्षा मंत्री का कहना है कि फ्लाईवे कंडीशन में आपको 18 विमान मिलते, लेकिन हमें 36 विमान मिलेंगे। क्या यह सवाल का जवाब है?'
उन्होंने पूछा कि वायु सेना कम से कम 7 स्क्वाड्रन (126 विमान) चाहती थी। यह संख्या रक्षा अधिग्रहण परिषद-डीएसी द्वारा बताई गई थी। क्या वायु सेना या डीएसी ने कभी यह संख्या कम करके 36 विमानों की आवश्यकता बताई? चिदंबरम ने कहा कि यदि भाजपा द्वारा तय की गई कीमत 9-20 प्रतिशत तक सस्ती थी, तो तार्किक रूप से सरकार को और अधिक विमान खरीदना चाहिए। तो कम संख्या में विमान क्यों खरीद रहें हैं?
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि भाजपा का कहना है कि यह एक आपातकालीन खरीद थी। पेरिस में प्रधानमंत्री ने 10-4-2015 को बयान दिया था। इस बात को चार साल बीत चुके हैं आज तक भारत में एक भी विमान क्यों नहीं आया है? क्या है यह आपातकालीन खरीद? उन्होंने कहा कि जब वायु सेना की आवश्यकता 126 विमानों की है तब भाजपा सरकार ने केवल 36 विमान खरीद कर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है। 126 विमान खरीदने के लिए सरकार ने अनुबंध भी क्यों नहीं किया?
लखनऊ। कड़क छवि और ईमानदार चेहरा समझी जाने वाली आइएएस अधिकारी बी.चंद्रकला का क्या एक चेहरा और भी है,जिसमें उन्होंने कई राज छिपा रखे हैं। यह सवाल इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उनके लखनऊ आवास पर छापा मारने के आदेश के बाद लोग एक−दूसरे से पूछ रहे हैं। आज सीबीआई की एक टीम ने लखनऊ में उनके आवास पर छापा मारा तो ब्यूरोके्रसी में हड़कम्प मच गया। छापे के समय चंद्रकला अपने आवास में नहीं थीं। बी. चंद्रकला मई 2018 में अपने मूल कॉडर यानी उत्तर प्रदेश लौटी थीं। बी. चंद्रकला मूलरूप से तेलंगाना के करीबमनगर की रहने वाली हैं और वो 2008 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। साल 2014 में उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जब वो बुलंदशहर की डीएम थीं। उस वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी थी।
2008 बैच की आइएएस अफसर बी चंद्रकला लखनऊ में हैवलॉक रोड पर सफायर अपार्टमेंट के फ्लैट में सीबीआइ की टीम ने हमीरपुर में उनके जिलाधिकारी रहते करोड़ों के खनन घोटाले के सिलसिले में छापा मारा है। कहा जा रहा है सीबीआई ने घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। गौरतलब हो अखिलेश सरकार में चन्द्रकला हमीरपुर जिलाधिकारी के पद पर तैनात थी। आरोप है कि इस चन्द्रकला ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे। ई−टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था लेकिन बी. चन्द्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की थी। वर्ष 2015 में अवैध रूप से जारी मौरंग खनन को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को हमीरपुर में जारी सभी 60 मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित करते हुए रद कर दिए थे। सीबीआई ने खनन घोटाले मामले में बी चंद्रकला का घर खंगाला।
सीबीआइ ने खनन घोटाले के मामले में लखनऊ, कानपुर, हमीरपुर, जालौन, नोएडा और दिल्ली में 12 पर छापा मारा है। सीबीआइ ने जालौन के उरई में बालू घाट संचालकों के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा है। इसके साथ ही सीबीआइ ने आज ही हमीरपुर में मौरंग के दो बड़े व्यवसायियों के घरों में छापा मारा। हमीरपुर में एमएलसी रमेश मिश्रा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजीव दीक्षित के घरों में छापेमारी की गई है। इनसे सीबीआई बंद कमरे में पूछताछ कर रही है। मौरंग व्यवसायी के घरों में अलमारियों के ताले तोडने के साथ सीबीआइ सोफा व बेड को खोलकर तलाशी ली जा रही है। सीबीआई की 15 सदस्यीय टीम यहां पर कार्यवाही में जुटी है। दोनों ही व्यवसायी सपा सरकार में बडे पैमाने पर अवैध खनन में लिप्त थे।
नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला मामले में गिरफ्तार कथित बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मिशेल को विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष पेश किया गया। प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन मामले में अपनी जांच के सिलसिले में उसकी न्यायिक हिरासत मांगी।
मिशेल को हाल में ही दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। उसे 22 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था और यहां की एक अदालत ने घोटाले में धन शोधन के आरोपों को लेकर उसे सात दिन के लिए जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया था। मिशेल को इससे पहले इससे संबंधित सीबीआई के मामले में तिहाड़ जेल में रखा गया था।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बहुप्रतीक्षित गठबंधन के लिये दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व ने ‘सैद्धांतिक सहमति‘ कर दी है और गठजोड़ का एलान बहुत जल्द होगा। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी ने ‘भाषा‘ को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर ‘सैद्धांतिक सहमति‘ बन चुकी है और उम्मीद है कि इस गठजोड़ की औपचारिक घोषणा जल्द होगी। सम्भावना है कि इसी महीने इसका एलान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि गठबंधन को लेकर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। कल भी दोनों नेताओं के बीच दिल्ली में मुलाकात हुई थी।
इस सवाल पर कि दोनों दलों के बीच उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे को लेकर क्या सहमति बनी है, सपा प्रवक्ता ने इसकी कोई जानकारी होने से इनकार किया लेकिन इतना कहा कि कुछ छोटे दलों को भी गठबंधन में शामिल करने के लिये बात हो रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि गठबंधन में शामिल करने के लिये पश्चिमी उत्तर प्रदेश में असर रखने वाले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) से भी बातचीत हो रही है। कांग्रेस को गठबंधन में शामिल किये जाने की सम्भावना पर चैधरी ने कहा कि इसका निर्णय तो अखिलेश और मायावती ही लेंगे। बहरहाल, कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी के लिये क्रमशः अमेठी और रायबरेली सीटें छोड़ी जाएंगी।
मालूम हो कि सपा और बसपा के बीच गठबंधन के बीज पिछले साल गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के दौरान ही पड़ गये थे। इन दोनों सीटों पर बसपा ने सपा प्रत्याशियों को समर्थन दिया था और दोनों ही जगह उन्हें कामयाबी मिली थी। उसके बाद कैराना लोकसभा उपचुनाव में रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने सपा के प्रत्यक्ष और बसपा के परोक्ष सहयोग से जीत हासिल की थी। सपा और बसपा को भरोसा है कि दोनों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से वे उत्तर प्रदेश में भाजपा को परास्त कर सकती हैं। वैसे, तो पिछले साल हुए उपचुनावों के नतीजों से संकेत मिले थे कि सपा और बसपा उत्तर प्रदेश में गठबंधन करके चुनाव लड़ेंगी, मगर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खासतौर पर इस गठबंधन के लिये इच्छुक लगे।
अखिलेश अक्सर अपने सम्बोधनों में बसपा के प्रति नरम रुख दिखाते रहे हैं। वह तो यहां तक कह चुके हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो वह बसपा के लिये दो कदम पीछे हटने को भी तैयार हैं। उन्होंने हाल में गठबंधन के बारे में कहा था कि यह लोगों और विचारों का संगम होगा। वर्ष 2014 में ‘मोदी लहर‘ के बीच हुए लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा का वोट प्रतिशत 22.35 था और उसे पांच सीटों पर ही कामयाबी मिली थी, जबकि बसपा 19.77 फीसद वोट हासिल करने के बावजूद एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। यादव-मुस्लिम समीकरण पर काफी हद तक निर्भर रहने वाली सपा और दलितों में जनाधार रखने वाली बसपा के गठबंधन के परिणाम को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं।
सपा को विश्वास है कि बसपा के साथ उसका गठबंधन आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिये मुसीबत पैदा करेगा। वहीं, भाजपा का मानना है कि इस गठजोड़ से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी का कहना है कि सपा और बसपा का गठबंधन नापाक और अवसरवादी गठजोड़ है। प्रदेश की जनता अब जाति की नहीं बल्कि विकास की सियासत को ही चाहती है और अगले लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा की गलतफहमी दूर हो जाएगी।
नई दिल्ली. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में राफेल डील पर हुई चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने विमानों की संख्या के बारे में वास्तविक स्थिति बताई और कीमत के बारे में खुलासा किया। निर्मला ने कहा, ‘‘इन्होंने (यूपीए सरकार ने) जब डील की थी, तब 18 विमान तैयार हालत में मिलने थे। बाकी 108 विमान 11 साल की अवधि में बनाए जाने थे। 2006 के बाद 2014 तक आप 18 जहाज भी हासिल नहीं कर सके? हमने डील में फ्लाईअवे विमानों की संख्या कम नहीं की। इसकी संख्या 18 से बढ़ाकर 36 की। हमें इस साल सितंबर में पहला और 2022 तक आखिरी राफेल मिल जाएगा। यूपीए के वक्त एक बेसिक राफेल की कीमत 737 करोड़ थी। हमें यह 9% कम रेट पर 670 करोड़ रुपए में मिलेगा। सेब की तुलना संतरे से ना करें।’’ उन्होंने कहा- बोफोर्स ने कांग्रेस को डुबो दिया था और राफेल मोदी सरकार को सत्ता वापस दिलाएगा।
सीतारमण के जवाब पर संसद में राहुल ने कहा- जब सही दाम में 126 एयरक्राफ्ट मिल रहे थे, तब आपने केवल 36 ही क्यों खरीदे। आपने 2 घंटे जवाब दिया, लेकिन अनिल अंबानी पर नहीं बोलीं। यह नहीं बताया कि उन्हें कॉन्ट्रैक्ट किसने दिया?
रक्षा मंत्री ने कहा- आपकी कभी जहाज खरीदने की मंशा नहीं थी
निर्मला ने कहा- आपने अगस्ता-वेस्टलैंड का ऑर्डर एचएएल को क्यों नहीं दिया? इसलिए क्योंकि एचएएल आपको कुछ और दे नहीं सकती थी? आपने यह जानते हुए भी राफेल डील को अटका दिया कि वायुसेना परेशानी झेल रही है। यहां रक्षा सौदे और सुरक्षा के लिए हुए सौदे में अंतर है। हम कोई रक्षा सौदा नहीं कर रहे हैं। यह सुरक्षा के लिए की गई डील है, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। मैं यहां तथ्य रख रही हूं। मैं आरोप लगाती हूं कि इनकी मंशा जहाज खरीदने की थी ही नहीं। राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में होने के बावजूद इन्होंने इस डील को अटकाया।
हमने जहाज कम नहीं किए, बल्कि 18 फ्लाईअवे जहाजों को 36 तक पहुंचाया
निर्मला सीतारमण ने कहा- आपके 18 फ्लाईअवे जहाजों को हमने 36 तक पहुंचाया और बाकी जहाजों की खरीद के लिए भी हमने आरएफपी भेज दी है। जब भी कभी आपातकालीन खरीद की जाती है, तब यह केवल 2 स्क्वॉड्रन की होती है। 1982 में जब पाकिस्तान सोवियत यूनियन से एफ-16 खरीद रहा था, तब भारत सरकार ने फैसला किया था कि मिग-23 एमएफ की दो स्क्वॉड्रन लायक विमान खरीदे जाएंगे। 1985 में भी दो स्क्वॉड्रन बनाने लायक मिराज फ्रांस से खरीदे गए थे। 1987 में दो स्क्वॉड्रन लायक मिग-29 विमान सोवियत यूनियन से खरीदे गए थे। भारतीय वायुसेना आमतौर पर सरकार को यही सुझाव देती है कि दो स्क्वॉड्रन खरीदे जाएं, ताकि उनके लिए तत्काल व्यवस्था की जा सके।
निर्मला ने राहुल से कहा- आपमें से कोई तो देश को गुमराह कर रहा है
हमने एचएएल को 1 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट दिए : निर्मला
निर्मला ने कहा- राहुल गांधी सदन के वरिष्ठ सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बेंगलुरु में एचएएल गए थे। उसके सामने कहा था- राफेल आपका अधिकार है और आपको इसे बनाना चाहिए था। मैं कहना चाहती हूं कि मल्लिकार्जुन खड़गे जी उस स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी थे, जिसने डिफेंस से जुड़े कई मामलों को देखा था। स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट में कहा था- कमेटी इस बात से निराश है कि 3 दशकों बाद भी एचएएल वायुसेना की जरूरत के मुताबिक लड़ाकू विमान बनाने में सक्षम नहीं हो पाई। आपने 2005 से 2014 के बीच एचएएल के लिए कुछ नहीं किया। हमने 1 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट एचएएल को दिए, आपने तो सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाए। जब राफेल कॉन्ट्रैक्ट हो रहा था, तब कहा गया कि एचएएल को यही जहाज बनाने में 2.7 गुना ज्यादा वक्त चाहिए। दैसो ने इस बात की गारंटी भी नहीं दी कि 108 विमानों को एचएएल प्रोड्यूस करे।
‘10 साल में पड़ोसी देशों ने कई बदलाव किए’
रक्षा मंत्री ने कहा- रक्षा सौदे देश की सुरक्षा से जुड़े मामले हैं। देश को यह समझना होगा कि रक्षा सौदे गोपनीय होते हैं। देश की सरहद पर संवेदनशील माहौल है। सरकार में जो भी है, उसे यह समझना होगा, जिम्मेदारी लेनी होगी। पिछले 10 साल में हमारे पड़ोसियों में क्या बदलाव हुए हैं? चीन के पास 400 लड़ाकू एयरक्राफ्ट हैं, इनमें फिफ्थ जनरेशन एयरक्राफ्ट हैं। पाकिस्तान ने अपनी लड़ाकू विमानों की क्षमता बढ़ाई है। हमारे पास क्या है? 2002 में हमारे पास 42 स्क्वॉड्रन थी। यह 2007 में घटकर 36 और 2015 में 32 स्क्वॉड्रन हो गईं। हमारे पड़ोसी अपनी क्षमता बढ़ा रहे थे, हमारी क्षमता इस दौरान घट रही थी।
लोकसभा स्पीकर ने राहुल से कहा- आप समझते तो हैं नहीं चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से पूछा- जब मैं सदन में बोल रहा था, तब आपने कहा था कि मैं किसी का नाम नहीं ले सकता हूं और आज रक्षा मंत्री मेरा नाम ले रही हैं। आप उन्हें तो मेरा नाम लेने दे रही हैं?
राहुल ने कहा- हमारे सवालों का जवाब देना चाहिए
नयी दिल्ली। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने गुरुवार को कहा कि उसका मानना है कि पत्रकारों को स्वस्थ और सभ्य आलोचना से किसी छूट का दावा नहीं करना चाहिए लेकिन साथ ही उन पर किसी तरह का ठप्पा लगाना उनकी गरिमा कम करने और उन्हें धमकाने के ‘पसंदीदा हथकंडे’ के तौर पर सामने आया है। गिल्ड ने एक बयान में कहा, ‘हमने देखा कि हमारे नेता इसका कुछ समय से इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल फिलहाल में भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ आप के नेताओं ने पत्रकारों के लिए प्रेस्टीच्यूट , खबरों के कारोबारी, बाजारू और दलाल जैसे अपमानजनक शब्दों का स्पष्ट तौर पर इस्तेमाल किया।’
उसने इस सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साक्षात्कार लेने वाले पत्रकार की आलोचना के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों पर भी चिंता जताई। गिल्ड की कार्यकारी समिति के सदस्यों के बीच व्यापक बहस के बाद यह बयान जारी किया गया। कुछ सदस्यों ने ऐसे बयान जारी करने का विरोध करते हुए कहा कि गांधी की टिप्पणी अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला या खतरे की तरह नहीं है।
गुरदासपुर। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बृहस्पतिवार को मांग की कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में जोड़ा जाना चाहिए। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि गवाहों की गवाही ने साफ कर दिया है कि दंगों के लिए राजीव गांधी ‘जिम्मेदार’ थे।
उन्होंने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘राजीव गांधी का नाम 1984 दंगों से संबंधित दर्ज मामलों में जोड़ा जाना चाहिए। राजीव का नाम सभी पुरस्कारों और संस्थानों से हटाया जाना चाहिए।’ बादल ने दावा किया कि हालिया घटनाक्रम और गवाहों की गवाही ने साफ किया है कि राजीव गांधी 1984 दंगों के लिए जिम्मेदार हैं। कांग्रेस दंगों में उसके नेतृत्व की भूमिका से हमेशा इंकार करती रही है।
तिरूवनंतपुरम। दक्षिणपंथी संगठनों की धमकियों को नजरअंदाज करते हुए सबरीमाला मंदिर में पूजा अर्चना करके इतिहास रचने वालीं रजस्वला वाली उम्र की दो महिलाओं बिंदू और कनकादुर्गा ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह किसी के एजेंडे का हिस्सा नहीं हैं। करीब 40 साल की उम्र की महिलाओं ने इन आरोपों को ‘बेबुनियाद’ करार दिया कि वे पुलिस और सरकार के हाथों में खेल रही हैं।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सबरीमाला मंदिर में दर्शन करना था और उन्होंने इस लक्ष्य को भक्तों की ओर से किसी दिक्कत का सामना किये बगैर हासिल कर लिया। कनकादुर्गा ने कहा, ‘सबरीमला जाने वाले सभी श्रद्धालुओं ने बहुत सहयोग किया। हमें अन्य भक्तों से कोई दिक्कत नहीं हुई। हम मंदिर से सुरक्षित उतर आए।’ ‘मनोरमा’ चैनल को दिये साक्षात्कार में कनकादुर्गा ने कहा, ‘सबरीमाला जाना मेरा अपना फैसला था।’