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दिल्ली में भी बारिश और कोहरे के चलते 20 से ज्यादा ट्रेनें लेट
श्रीनगर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 24 घंटे सभी उड़ानें बंद रहीं
श्रीनगर/नई दिल्ली. पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में रविवार को भी बर्फबारी और कुछ जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। उधर, बेंगलुरु में रविवार को कोहरे के चलते सिंगापुर और गोवा से बेंगलुरु आने वाले दो विमानों का मार्ग बदलकर चेन्नई भेजा गया। करीब 50 उड़ानों में देरी हुई। दिल्ली में भी सुबह हुई बारिश और कोहरे के चलते 20 से ज्यादा ट्रेनें लेट चल रही हैं।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में जबरदस्त बर्फबारी के कारण शुक्रवार से शनिवार दोपहर तक (करीब 24 घंटे) श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें बंद रहीं। यहां गुलमर्ग में 60 सेमी बर्फबारी हुई। हिमाचल में भी बर्फबारी के कारण शिमला सहित कई इलाकों में यातायात रविवार को भी प्रभावित रहा। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में शनिवार को भारी बर्फबारी हुई, जिसके चलते थल-मुंसियारी मार्ग बंद हो गया है। रातापानी और मुंसियारी के बीच कई गाड़ियां फंस गईं।
राजस्थान में बारिश, मध्यप्रदेश में शीतलहर
पांच दिन बाद शनिवार को राजस्थान में जयपुर समेत 10 से ज्यादा जिलों में तापमान 2 डिग्री तक गिरा। मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में रविवार को बारिश हो सकती है। मध्यप्रदेश और गुजरात में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का मध्यप्रदेश में 48 से 72 घंटे बाद असर होता है।
हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट, हरियाणा में बूंदाबांदी
मौसम विभाग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 9 जनवरी तक बर्फबारी जारी रहेगी। राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, हरियाणा के करनाल, सिरसा, हिसार आदि जिलों में शनिवार को हल्की बारिश हुई। रविवार को भी यहां बारिश होने का अनुमान है।
कोहरे की चपेट में बिहार
मौसम विभाग ने कहा है कि बिहार में 7 जनवरी को बारिश की संभावना है। 8 जनवरी से घना कोहरा छाने के आसार हैं। राज्य में उत्तरप्रदेश और नेपाल से आ रही ठंडी हवाओं का असर है। दिन में भी बादल छाने लगे हैं। दिनभर धुंध होने के कारण धूप भी कमजोर हुई है।

नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि समूह की थाईलैंड में स्थित 13 करोड़ रुपये कीमत की एक फैक्टरी को कुर्क कर लिया है। यह कुर्की दो अरब डॉलर के कथित पीएनबी धोखाधड़ी मामले में की गई है। एजेंसी ने कहा कि उसने धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत एब्बेक्रेस्ट (थाईलैंड) लिमिटेड के स्वामित्व वाली फैक्टरी की कुर्की के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया है। यह कंपनी गीताजंलि समूह की एक कंपनी है।

 

 ईडी ने एक बयान में कहा, “पीएमएलए के तहत जांच से पता चला कि एब्बेक्रेस्ट (थाईलैंड) लिमिटेड 92.3 करोड़ रुपये तक के उन गारंटी पत्रों (एलओयू) का लाभार्थी था जो पंजाब नेशनल बैंक की ओर से फर्जी एवं अनधिकृत तरीके से जारी किए गए थे। इसमें बताया गया कि संपत्ति की कीमत 13.14 करोड़ रुपये है। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच पीएमएलए के तहत कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि ईडी जांचकर्ता विदेश की इस संपत्ति की कुर्की की कानूनी औपचारिकता के लिए बहुत जल्द लेटर्स रोगेटरीज (न्यायिक आग्रह) प्राप्त कर लेंगे। ईडी ने कहा, “इस कुर्की के साथ पीएनबी घोटाले में की गई कुर्की/ जब्ती करीब 4,765 करोड़ रुपये तक की हो गई है। आगे की जांच जारी है।”

सिलचर (असम)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के लोगों को शुक्रवार को भरोसा दिलाया कि एनआरसी से कोई भी असल नागरिक नहीं छूटेगा और उन्होंने नागरिकता विधेयक को संसद की जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई। मोदी ने कालीनगर में ‘विजय संकल्प समावेश रैली’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) के दौरान कई लोगों को हुई दिक्कतों और मुश्किलों के बारे में जानता हूं लेकिन मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि किसी भी वास्तविक भारतीय नागरिक के साथ अन्याय नहीं होगा।’’ उन्होंने पूर्वोत्तर में भाजपा की लोकसभा चुनाव प्रचार मुहिम की शुरूआत करते हुए कहा, ‘‘सरकार नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर और काम कर रही है। यह लोगों की जिंदगी और भावनाओं से जुड़ा है। यह किसी के फायदे के लिए नहीं है बल्कि अतीत में हुए कई गलत कार्यों एवं अन्याय का प्रायश्चित है।

 

 मोदी ने 35 साल से ‘‘लटके’’ असम समझौते की धारा छह को लागू करने के सरकार के निर्णय के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ‘‘अब असम की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं भाषायी पहचान की रक्षा का रास्ता साफ है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘ हालिया पंचायत चुनावों में भाजपा के लिए मतदान करने के कारण मैं असम के लोगों का ऋणी हूं और मैं राज्य का विकास सुनिश्चित करके इस ऋण को चुकाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।’’ उन्होंने 25 दिसंबर को असम के बोगीबील में देश के सबसे लंबे रेल-सड़क पुल के उद्घाटन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मेरा सौभाग्य है कि मुझे पिछले 10 दिन में दूसरी बार असम के लोगों से मिलने का अवसर मिला। बराक और ब्रह्मपुत्र घाटियां केवल राज्य ही नहीं, बल्कि देश के लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं।’’
 
प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार मुहिम के पहले चरण के तहत इम्फाल से सिलचर के कछार जिले पहुंचे। वह आचार संहिता लागू होने से पहले 100 दिनों में 20 राज्यों में रैलियां संबोधित करेंगे। भाजपा और उसके सहयोगियों ने क्षेत्र के आठ राज्यों में 25 संसदीय सीटों में से 21 में जीत का लक्ष्य रखा है। असम में पार्टी को 14 में से कम से कम 11 सीटों पर जीत की उम्मीद है। भाजपा को 2014 लोकसभा चुनाव में असम में 14 में से सात संसदीय सीटों पर जीत मिली थी। इसके अलावा 2016 विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने 61 सीटों पर जीत हासिल की थी।

नयी दिल्ली। राफेल मामले में कांग्रेस एवं राहुल गांधी के आरोपों को ‘असत्य एवं गुमराह’ करने वाला बताते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार में रहते हुए कांग्रेस की मंशा 10 वर्षों में राफेल विमान खरीदने एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की नहीं थी जबकि वर्तमान सरकार ने बेहतर शर्तों के आधार पर संप्रग के समय के उड़ान भरने की स्थिति वाले 18 विमानों की तुलना में 36 विमान खरीदने का सौदा 9 प्रतिशत कम कीमत पर किया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के समय 10 वर्षों में एक भी राफेल विमान नहीं आया जबकि वर्तमान सरकार के तहत सरकारों के बीच समझौते पर 23 सितंबर, 2016 को हस्ताक्षर किया गया और पहला विमान इस तिथि से तीन साल के भीतर यानी 2019 में आ जाएगा और शेष विमान 2022 तक आ जाएंगे। राफेल विमान सौदे के मुद्दे पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने सदन में कहा कि ‘‘आपने (कांग्रेस) सौदे को रोक दिया। यह भूल गये कि वायुसेना को इसकी जरूरत है। क्योंकि यह सौदा आपको रास नहीं आया। दरअसल इससे आपको पैसा नहीं मिला।

 

सीतारमण ने इस दौरान संप्रग सरकार में तत्कालीन रक्षा मंत्री के संसद भवन परिसर में दिये बयान का जिक्र किया और कहा कि तब के रक्षा मंत्री ने कहा था कि इसके लिये पैसा कहां है। उन्होंने सवाल किया कि ‘किस पैसे की बात हो रही थी’, ‘किस पैसे के कारण सौदा नहीं हुआ’। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा सौदे और रक्षा में सौदे में काफी अंतर होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संप्रग सरकार के दौरान रक्षा से जुड़े विषयों पर खिलवाड़ चल रहा था। सीतारमण ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का जिक्र करते हुए जोर दिया कि शीर्ष अदालत ने कीमत, प्रक्रिया और आफसेट तीन विषयों पर विचार करने के बाद कहा कि इन आधारों पर इस अदालत के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। रक्षा मंत्री ने कहा साढ़े चार साल तक बिना भ्रष्टाचार के आरोपों के चली सरकार पर किसी न किसी तरह भ्रष्टाचार के आरोप लगाने की हताशा के तहत यह सब किया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस सरकार में रक्षा मंत्रालय बिना दलालों के चल रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी फ्रांस के राष्ट्रपति का हवाला बिना सबूत के दे रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हैं। फ्रांस से निजी बातचीत के सबूत दिखाएं।

नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि देश के सामने पेश आ रही मुख्य समस्याओं में से सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। उन्होंने कहा कि रोजगार और नौकरियों के बीच ‘‘अंतर’’ होता है। वह यहां फॉर्च्यून फाउंडेशन द्वारा आयोजित युवा सशक्तीकरण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। रोजगार सृजन पर गडकरी ने कहा, ‘‘बेरोजगारी की समस्या से निपटने में हर किसी को नौकरियां नहीं मिल सकती क्योंकि रोजगार और नौकरियों के बीच अंतर है। नौकरियों की सीमाएं हैं और इसलिए किसी भी सरकार की वित्तीय नीति का मुख्य हिस्सा रोजगार सृजन है।’’
 
गडकरी ने कहा, ‘‘यह सोचने की जरुरत है कि कैसे देश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा किए जाए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और मैं दोनों नागपुर से हैं और हमने विदर्भ के कम से कम 50,000 युवकों को रोजगार मुहैया कराने का फैसला किया था। इसके अनुसार करीब 27,000 युवकों को विभिन्न तरीकों से पहले ही रोजगार के अवसर मिल चुके हैं और अगले साल तक यह 50,000 के आंकड़े को पार कर लेगा।’’

पटना। भाजपा के असंतुष्ट नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने राफेल सौदे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की शुक्रवार को वकालत की। गौरतलब है कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल जेपीसी गठित करने की मांग कर रहे हैं।

 

सिन्हा ने ट्वीट कर कहा, ‘आज संसद का दृश्य लोगों के लिए बहुत जटिल था। दिन-ब-दिन यह खराब हो रहा है। जब हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और हम दोषी नहीं हैं...लेकिन सच को दबाकर हम गरमागरम बहस और आरोप प्रत्यारोप तक ले जाकर मामलों को जटिल बना देते हैं।’

नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर राफेल विमान सौदे को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का शुक्रवार को आरोप लगाया और सवाल किया कि जब वायुसेना को 126 विमानों की जरूरत थी तो फिर 36 विमान ही क्यों खरीदे गए हैं। चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, 'आपने विमानों की संख्या 126 से घटाकर 36 क्यों की, इस सवाल पर रक्षा मंत्री का कहना है कि फ्लाईवे कंडीशन में आपको 18 विमान मिलते, लेकिन हमें 36 विमान मिलेंगे। क्या यह सवाल का जवाब है?'

उन्होंने पूछा कि वायु सेना कम से कम 7 स्क्वाड्रन (126 विमान) चाहती थी। यह संख्या रक्षा अधिग्रहण परिषद-डीएसी द्वारा बताई गई थी। क्या वायु सेना या डीएसी ने कभी यह संख्या कम करके 36 विमानों की आवश्यकता बताई? चिदंबरम ने कहा कि यदि भाजपा द्वारा तय की गई कीमत 9-20 प्रतिशत तक सस्ती थी, तो तार्किक रूप से सरकार को और अधिक विमान खरीदना चाहिए। तो कम संख्या में विमान क्यों खरीद रहें हैं?

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि भाजपा का कहना है कि यह एक आपातकालीन खरीद थी। पेरिस में प्रधानमंत्री ने 10-4-2015 को बयान दिया था। इस बात को चार साल बीत चुके हैं आज तक भारत में एक भी विमान क्यों नहीं आया है? क्या है यह आपातकालीन खरीद? उन्होंने कहा कि जब वायु सेना की आवश्यकता 126 विमानों की है तब भाजपा सरकार ने केवल 36 विमान खरीद कर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है। 126 विमान खरीदने के लिए सरकार ने अनुबंध भी क्यों नहीं किया?

लखनऊ। कड़क छवि और ईमानदार चेहरा समझी जाने वाली आइएएस अधिकारी बी.चंद्रकला का क्या एक चेहरा और भी है,जिसमें उन्होंने कई राज छिपा रखे हैं। यह सवाल इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उनके लखनऊ आवास पर छापा मारने के आदेश के बाद लोग एक−दूसरे से पूछ रहे हैं। आज सीबीआई की एक टीम ने लखनऊ में उनके आवास पर छापा मारा तो ब्यूरोके्रसी में हड़कम्प मच गया। छापे के समय चंद्रकला अपने आवास में नहीं थीं। बी. चंद्रकला मई 2018 में अपने मूल कॉडर यानी उत्तर प्रदेश लौटी थीं। बी. चंद्रकला मूलरूप से तेलंगाना के करीबमनगर की रहने वाली हैं और वो 2008 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। साल 2014 में उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जब वो बुलंदशहर की डीएम थीं। उस वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी थी।

2008 बैच की आइएएस अफसर बी चंद्रकला लखनऊ में हैवलॉक रोड पर सफायर अपार्टमेंट के फ्लैट में  सीबीआइ की टीम ने हमीरपुर में उनके जिलाधिकारी रहते करोड़ों के खनन घोटाले के सिलसिले में  छापा मारा है। कहा जा रहा है सीबीआई ने घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। गौरतलब हो अखिलेश सरकार में चन्द्रकला हमीरपुर जिलाधिकारी के पद पर तैनात थी। आरोप है कि इस चन्द्रकला ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे। ई−टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था लेकिन बी. चन्द्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की थी। वर्ष 2015 में अवैध रूप से जारी मौरंग खनन को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को हमीरपुर में जारी सभी 60 मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित करते हुए रद कर दिए थे। सीबीआई ने खनन घोटाले मामले में बी चंद्रकला का घर खंगाला।

सीबीआइ ने खनन घोटाले के मामले में लखनऊ, कानपुर, हमीरपुर, जालौन, नोएडा और दिल्ली में 12 पर छापा मारा है। सीबीआइ ने जालौन के उरई में बालू घाट संचालकों के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा है। इसके साथ ही सीबीआइ ने आज ही हमीरपुर में मौरंग के दो बड़े व्यवसायियों के घरों में छापा मारा। हमीरपुर में एमएलसी रमेश मिश्रा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजीव दीक्षित के घरों में छापेमारी की गई है। इनसे सीबीआई बंद कमरे में पूछताछ कर रही है। मौरंग व्यवसायी के घरों में अलमारियों के ताले तोडने के साथ सीबीआइ सोफा व बेड को खोलकर तलाशी ली जा रही है। सीबीआई की 15 सदस्यीय टीम यहां पर कार्यवाही में जुटी है। दोनों ही व्यवसायी सपा सरकार में बडे पैमाने पर अवैध खनन में लिप्त थे।

नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला मामले में गिरफ्तार कथित बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मिशेल को विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष पेश किया गया। प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन मामले में अपनी जांच के सिलसिले में उसकी न्यायिक हिरासत मांगी।

मिशेल को हाल में ही दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। उसे 22 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था और यहां की एक अदालत ने घोटाले में धन शोधन के आरोपों को लेकर उसे सात दिन के लिए जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया था। मिशेल को इससे पहले इससे संबंधित सीबीआई के मामले में तिहाड़ जेल में रखा गया था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बहुप्रतीक्षित गठबंधन के लिये दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व ने ‘सैद्धांतिक सहमति‘ कर दी है और गठजोड़ का एलान बहुत जल्द होगा। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी ने ‘भाषा‘ को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर ‘सैद्धांतिक सहमति‘ बन चुकी है और उम्मीद है कि इस गठजोड़ की औपचारिक घोषणा जल्द होगी। सम्भावना है कि इसी महीने इसका एलान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि गठबंधन को लेकर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। कल भी दोनों नेताओं के बीच दिल्ली में मुलाकात हुई थी।

इस सवाल पर कि दोनों दलों के बीच उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे को लेकर क्या सहमति बनी है, सपा प्रवक्ता ने इसकी कोई जानकारी होने से इनकार किया लेकिन इतना कहा कि कुछ छोटे दलों को भी गठबंधन में शामिल करने के लिये बात हो रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि गठबंधन में शामिल करने के लिये पश्चिमी उत्तर प्रदेश में असर रखने वाले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) से भी बातचीत हो रही है। कांग्रेस को गठबंधन में शामिल किये जाने की सम्भावना पर चैधरी ने कहा कि इसका निर्णय तो अखिलेश और मायावती ही लेंगे। बहरहाल, कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी के लिये क्रमशः अमेठी और रायबरेली सीटें छोड़ी जाएंगी।

मालूम हो कि सपा और बसपा के बीच गठबंधन के बीज पिछले साल गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के दौरान ही पड़ गये थे। इन दोनों सीटों पर बसपा ने सपा प्रत्याशियों को समर्थन दिया था और दोनों ही जगह उन्हें कामयाबी मिली थी। उसके बाद कैराना लोकसभा उपचुनाव में रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने सपा के प्रत्यक्ष और बसपा के परोक्ष सहयोग से जीत हासिल की थी। सपा और बसपा को भरोसा है कि दोनों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से वे उत्तर प्रदेश में भाजपा को परास्त कर सकती हैं। वैसे, तो पिछले साल हुए उपचुनावों के नतीजों से संकेत मिले थे कि सपा और बसपा उत्तर प्रदेश में गठबंधन करके चुनाव लड़ेंगी, मगर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खासतौर पर इस गठबंधन के लिये इच्छुक लगे।

अखिलेश अक्सर अपने सम्बोधनों में बसपा के प्रति नरम रुख दिखाते रहे हैं। वह तो यहां तक कह चुके हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो वह बसपा के लिये दो कदम पीछे हटने को भी तैयार हैं। उन्होंने हाल में गठबंधन के बारे में कहा था कि यह लोगों और विचारों का संगम होगा। वर्ष 2014 में ‘मोदी लहर‘ के बीच हुए लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा का वोट प्रतिशत 22.35 था और उसे पांच सीटों पर ही कामयाबी मिली थी, जबकि बसपा 19.77 फीसद वोट हासिल करने के बावजूद एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। यादव-मुस्लिम समीकरण पर काफी हद तक निर्भर रहने वाली सपा और दलितों में जनाधार रखने वाली बसपा के गठबंधन के परिणाम को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं।

सपा को विश्वास है कि बसपा के साथ उसका गठबंधन आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिये मुसीबत पैदा करेगा। वहीं, भाजपा का मानना है कि इस गठजोड़ से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी का कहना है कि सपा और बसपा का गठबंधन नापाक और अवसरवादी गठजोड़ है। प्रदेश की जनता अब जाति की नहीं बल्कि विकास की सियासत को ही चाहती है और अगले लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा की गलतफहमी दूर हो जाएगी।

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