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बालेश्वर (ओडिशा) : भारत ने ओडिशा तट से रविवार को परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया. यह मिसाइल 4,000 किलोमीटर की दूरी तक का लक्ष्य भेदने में सक्षम है. यह परीक्षण सेना ने प्रायोगिक परीक्षण के रूप में किया.

रक्षा सूत्रों ने बताया कि सतह से सतह पर मार करने वाली इस सामरिक मिसाइल का परीक्षण डॉ अब्दुल कलाम द्वीप स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के लॉन्च पैड संख्या-4 से सुबह करीब 8:35 बजे किया गया. परीक्षण को ‘‘पूर्ण सफल'' करार देते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षण के दौरान मिशन के सभी उद्देश्य प्राप्त कर लिए गए. सभी रडार, ट्रैकिंग सिस्टम और रेंज स्टेशनों ने मिसाइल के उड़ान प्रदर्शन पर निगरानी रखी, जिसे एक मोबाइल लॉन्चर से दागा गया.

अग्नि-4 मिसाइल का यह सातवां परीक्षण था. इससे पहले भारतीय सेना की सामरिक बल कमान (एसएफसी) द्वारा इसी स्थान से दो जनवरी 2018 को इसका सफल परीक्षण किया गया था.

चेन्नई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए बनाए गए महागठबंधन पर रविवार को करारा प्रहार किया है. उन्होंने महागठबंधन पर हमला करते हुए इसे विभिन्न राजनीतिक पार्टियों का ‘‘निजी अस्तित्व'' बचाने के लिए किया गया ‘‘नापाक गठबंधन'' करार दिया. मोदी ने तमिलनाडु में चेन्नई मध्य, चेन्नई उत्तर, मदुरई, तिरुचिरापल्ली और तिरूवल्लुर निर्वाचन क्षेत्रों के भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं से वीडियो संबोधन के जरिए कहा कि लोग ‘‘धनाढ्य वंशों के एक बेतुके गठबंधन'' को देखेंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि महागठबंधन के प्रमुख घटक तेलुगू देशम पार्टी का गठन कांग्रेस की ज्यादती के खिलाफ दिवंगत मुख्यमंत्री एनटी रामाराव ने किया था लेकिन अब पार्टी कांग्रेस से हाथ मिलाने का इच्छुक है। मोदी ने कहा कि महागठबंधन में कुछ पार्टियों ने समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया से प्रेरित होने का दावा किया है लेकिन वे (लोहिया ने) स्वयं कांग्रेस की विचाराधारा के खिलाफ थे.

उन्होंने कहा, ‘‘आज कई लोग महागठबंधन की बात कर रहे हैं. गठबंधन निजी अस्तित्व को बचाने के लिए है और विचारधारा-आधारित समर्थन नहीं है. गठबंधन सत्ता के लिए है, जनता के लिए नहीं. यह गठबंधन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के लिए है, लोगों की आकांक्षाओं के लिए नहीं.''


मोदी ने कहा कि गठबंधन के कई दलों और नेताओं का कहना है कि वह लोहिया से प्रेरित हैं ‘‘जो स्वयं कांग्रेस विरोधी थे.'' मोदी ने किसी का प्रत्यक्ष तौर पर जिक्र किए बिना कहा कि गठबंधन के कई नेताओं को आपातकाल के दौरान गिरफ्तार तथा प्रताड़ित किया गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ‘‘पारिस्थितिकी तंत्र'' से किसी को नहीं बख्शा. उन्होंने दिवंगत मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन की अन्नाद्रमुक सरकार की 1980 में की गई बर्खास्तगी का भी हवाला दिया, जबकि रामचंद्रन को लोगों का समर्थन प्राप्त था.

महागठबंधन 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा बनाया गया गठबंधन हैं.

रांची : पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में तीन राज्य में शानदार प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस पार्टी का झंडा झारखंड में भी लहरा रहा है. राहुल के नेतृत्व में 2019 के आम चुनावों से पहले तीन राज्यों से शुरू हुआ ‘विजय रथ’ झारखंड में भी आगे बढ़ा. कोलेबिरा उपचुनाव में कांग्रेस के नमन विक्सल कोंगारी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार बसंत सोरेंग को 9658 मतों से हरा दिया. एनोस एक्का की पत्नी मेनोन एक्का, जिन्हें जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, चौथे स्थान पर खिसक गयीं. 20 राउंड की मतगणना में कभी भी वह रेस में नहीं रहीं. वहीं, कोंगारी ने पहले राउंड से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के बसंत सोरेंग पर बढ़त बनाये रखी, जो अंत तक कायम रही.

शिबू सोरेन से दगाबाजी

लोकसभा चुनाव 2019 में महागठबंधन की तैयारी कर रही कांग्रेस को उस वक्त तगड़ा झटका लगा था, जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सुप्रीमो शिबू सोरेन ने एनोस की पत्नी मेनोन को समर्थन का एलान कर दिया. कांग्रेस से विचार-विमर्श के बगैर मेनोन को झामुमो का समर्थन और गुरुजी का आशीर्वाद दोनों मिल गया. कोलेबिरा उपचुनाव में जब कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी, तो यह अटकलें लगने लगीं कि झारखंड में भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनने से पहले ही बिगड़ गया. लेकिन, सच्चाई कुछ और ही थी.

 
 

तहखाने की रिपोर्ट बताती है कि झामुमो और शिबू सोरेन ने एनोस एक्का को सबक सिखाने के लिए उनकी पत्नी को समर्थन देने की चाल चली थी. दरअसल, वर्ष 2009 में गुरुजी के मंत्रिमंडल में रहते हुए एनोस एक्का ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा था. अपने ही मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के खिलाफ तमाड़ में एनोस एक्का ने गोपाल दास पातर उर्फ राजा पीटर को उतार दिया था. शिबू सोरेन इस उपचुनाव में हार गये थे. उन्हें इस्तीफा तो देना ही पड़ा था, काफी किरकिरी भी झेलनी पड़ी थी.

इसका बदला झामुमो ने एनोस एक्का से ले लिया है. मेनोन को गुरुजी ने आशीर्वाद के साथ समर्थन तो दे दिया, लेकिन पार्टी का कोई बड़ा नेता वहां प्रचार करने नहीं गया. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अंतिम क्षण में प्रचार की औपचारिकता पूरी करने भर के लिए कोलेबिरा गये. दूसरी तरफ, पार्टी के नेता पौलुस सुरीन दूसरी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करते रहे, लेकिन हेमंत या गुरुजी ने उन्हें कभी रोका नहीं.

एक्का का जेल में होना

वर्ष 2005 से कोलेबिरा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले एनोस एक्का का जेल में होना उनकी पार्टी की हार की एक वजह रही. पारा शिक्षक की हत्या के मामले में एनोस एक्का के जेल जाने के बाद उनकी सीट पर उपचुनाव की घोषणा हुई थी. एनोस की पत्नी मेनोन एक्का पहली बार चुनाव लड़ रही थीं. रणनीति बनाने में वह भाजपा और कांग्रेस से कमजोर साबित हुईं और चुनाव हार गयीं.

एनोस और मेनोन एक्का का भ्रष्टाचार

लगातार तीन बार कोलेबिरा से चुनाव जीत चुके एनोस एक्का पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं. उनके साथ उनकी पत्नी मेनोन एक्का भी उन्हीं आरोपों में घिरी हुई हैं. कई जगहों पर उनकी संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय ने अटैच कर दिया है. लोगों में इसका भी गलत संदेश गया और झारखंड पार्टी को हार का सामना करना पड़ा.

कांग्रेस की ठोस रणनीति

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के समर्थन के बावजूद मेनोन एक्का हार गयीं, तो इसकी सबसे बड़ी वजह कांग्रेस की ठोस रणनीति रही. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार के नेतृत्व में पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया. अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए महागठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं की फौज कोलेबिरा में उतार दी.

दूसरी तरफ, भाजपा की सहयोगी पार्टी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने भाजपा से दूरी बनाये रखी. इस तरह कोलेबिरा में भाजपा पूरी तरह अलग-थलग पड़ गयी और उसके प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा.

नयी दिल्ली। भाजपा के मंत्रियों और नेताओं ने सोमवार को देशभर में विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस पर राफेल मुद्दे पर ‘दुस्साहस’ के साथ झूठ बोलने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ इस मामले में, उच्चतम न्यायालय में झूठा हलफनामा देने का आरोप लगाते हुए संसद के दोनों सदनों में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया। इसके बाद लोकसभा में भाजपा के तीन सदस्यों ने भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया।

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर लखनऊ में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सुरक्षा के साथ खेल रहे लोगों के इशारे पर चलकर कांग्रेस पाप कर रही है, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुवाहाटी में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राफेल सौदे पर ‘झूठे’ आरोपों के लिए कांग्रेस पार्टी और उसके अध्यक्ष को माफी मांगनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी ने एक ही दिन में देश भर में 70 जगहों पर संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया था। पुणे में भाजपा सांसद पूनम महाजन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बोफोर्स घोटाले से अपने दाग मिटाने के लिए झूठे आरोप लगा रही है।

मुंबई में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर इस मामले में लोगों को गुमराह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार उच्चतम न्यायालय के फैसले को भी नहीं सुन रहा। कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कोलकाता में इस तरह के आरोप लगाये। चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस से माफी मांगने को कहा तो बेंगलुरु में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी पर राफेल सौदे पर ‘तीन झूठ’ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में पार्टी के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को दोषी ठहराये जाने पर अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर इस्तीफा दे देना चाहिए।

उधर कांग्रेस ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों में राफेल मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस देकर इस बारे में जवाब देने की मांग की है कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय में राफेल सौदे पर ‘गलत’ जानकारी क्यों दी। दूसरी तरफ इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमले तेज कर दिेये हैं और लोकसभा में भाजपा सदस्यों अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे और संजय जायसवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि गांधी ने जुलाई में एक चर्चा के दौरान अपने भाषण में राफेल विमान सौदे पर झूठ बोला और सदन को गुमराह किया।

 

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राफेल सौदे में अनियमितताओं के आरोप वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि फैसला लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में विमान सौदे पर कैग की रिपोर्ट का जिक्र किया था। उसने कहा कि कैग रिपोर्ट की पड़ताल संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने की थी। लेकिन कांग्रेस ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने फ्रांस से विमान सौदे को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत में गलत तथ्य पेश किये।

शनिवार को केंद्र ने शीर्ष अदालत से फैसले में सुधार की मांग करते हुए कहा कि उसके नोट को गलत तरह से लिये जाने से सार्वजनिक रूप से विवाद हुआ। केंद्र ने साफ किया कि उसने यह नहीं कहा कि कैग रिपोर्ट की पड़ताल पीएसी ने की या संशोधित अंश संसद के समक्ष रखा गया। सरकार ने साफ किया कि नोट में कहा गया था कि सरकार ने मूल्य का विवरण पहले ही कैग के साथ साझा कर दिया है, जो भूतकाल में लिखा था और तथ्यात्मक रूप से गलत है।

मुम्बई/पुणे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर महाराष्ट्र पहुंच गये हैं। मोदी यहां 41,000 करोड़ रुपए की आवासीय एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। मुम्बई पहुंचने के बाद मोदी एक टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और उसके बाद राजभवन में किताब ‘टाइमलेस लक्ष्मण’ को विमोचन करेंगे। इसके बाद मोदी ठाणे जिले में ठाणे-भिवंडी-कल्याण मेट्रो रेलमार्ग-पांच और दहीसर-मीरा भयंदर मेट्रो रेलमार्ग-नौ का शिलान्यास करेंगे।

इसके अलावा मोदी नवी मुंबई शहरी नियोजन प्राधिकरण और महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम की आवासीय योजना का भी शुभारंभ करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18,000 करोड़ रुपये की लागत से 89,771 किफायती आवासों का निर्माण किया जाना है।

 

 

यहां से मोदी पुणे जाएंगे, जहां वह हिंजेवाड़ी और शिवाजी नगर के बीच तीसरी मेट्रो लाइन की आधारशिला रखेंगे। अधिकारी ने बताया कि मोदी मंगलवार रात पुणे से दिल्ली रवाना होंगे।

भोपाल। मध्य प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान की वजह से सुर्खियों का बाजार गर्म है। बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद ही कमलनाथ ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार वालों की वजह से मध्य प्रदेश के लोगों की नौकरियां छिनती हैं। 

कमलनाथ ने पहले ही दिन उद्योगों के लिए नई छूट नीति की घोषणा की और कहा कि इस नीति का फायदा तभी मिल पाएगा जब प्रदेश के उद्योगों में 70 फीसदी रोजगार मध्य प्रदेश के युवाओं को दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से लोग मध्य प्रदेश आते हैं, जिसकी वजह से स्थानीय लोगों को नौकरियां नहीं मिल पाती हैं। 

 

हालांकि, बाद में कमलनाथ ने पत्रकारों को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कदम उठाने का तात्पर्य सिर्फ मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरियां पैदा करना है। कमलनाथ के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है। 

नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक की अवधि मंगलवार को 11 जनवरी तक बढ़ा दी। विशेष न्यायाधीश ओ. पी. सैनी ने चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को मिली इस राहत को सीबीआई एवं ईडी के यह कहने के बाद बढ़ाया कि कुछ नयी सामग्री मिली है जिनका मिलान किया जाना है। 

 

इसी के साथ अदालत ने सीबीआई को भी मामले के कुछ आरोपियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति पाने के लिए 11 जनवरी तक का समय दिया। सीबीआई ने 26 नवंबर को अदालत को बताया था कि केंद्र ने पी. चिदंबरम के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। यह मामला एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है।

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किसानों का कर्जा माफ करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और हिन्दुस्तान की जनता से कहा कि मोदीजी ने साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये आपका पैसा लेकर 15-20 लोगों की जेब में डाला है। इसी के साथ हिन्दी भाषीय राज्यों में मिली जीत का श्रेय किसानों, दुकानदारों और गरीबों देते हुए राहुल ने कहा कि हमने वादा किया था कि 10 दिन में कर्जा माफ करने का काम शुरू हो जाएगा। दो राज्यों में 6 घंटे भी नहीं लगे और कर्जा माफ हो गया और तीसरे राज्य में जल्द ही हो जाएगा।

राहुल ने आगे कहा कि मोदी साहब को साढ़े चार साल हो गए मगर हिन्दुस्तान के किसानों का एक भी कर्जा माफ नहीं किया। हम किसानों के लिए सरकार के सामने खड़े रहेंगे और नरेंद्र मोदीजी पर दबाव डालकर कर्जा माफ कराएंगे। राहुल गांधी ने आगे कहा कि हम राफेल मामले में भी बात करेंगे। एक बार जेपीसी जांच हो जाए, सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। मोदी सरकार उद्योगपतियों की सरकार है, जबकि हमारी सरकार गरीबों की, युवाओं की, दुकानदारों की और दबे-कुचले वर्ग के लोगों की सरकार है। 

 

राहुल ने आगे नोटबंदी का जिक्र करते हुए उसे दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला बताया। वहीं, राफेल मामले में राहुल ने बोला कि यह लोग टाइपो एरर की बात कर रहे हैं, अभी आप देखिएगा ऐसी बहुत सी टाइपो एरर सामने आएंगे। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि मोदी सरकार ने देश के किसानों का कर्जा माफ नहीं किया तो हम सत्ता में आने के बाद करके दिखाएंगे।

मुंबई। इंडिगो के मुंबई से दिल्ली होकर लखनऊ जाने वाले विमान में बम रखे होने की धमकी मिलने के बाद शनिवार को उसे उड़ान भरने से रोक दिया गया। सूत्रों ने बताया कि बम धमकी आकलन समिति (बीटीएसी) ने इस धमकी को गंभीरता से लिया जिसके बाद विमान को एक खाली स्थान पर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि बाद में सुरक्षा एजेंसियों ने विमान को ‘‘सुरक्षित’’ घोषित कर दिया।

 
इस घटना पर इंडिगो की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। विमान को सुबह छह बजकर पांच मिनट पर प्रस्थान करना था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विमान में कितने यात्री सवार थे। हवाई अड्डे के एक सूत्र ने बताया, ‘‘गो एयर फ्लाइट जी8 329 से दिल्ली जा रही एक महिला यात्री टी1 पर इंडिगो के चेक-इन काउंटर पर गई और वहां बताया कि इंडिगो की फ्लाइट 6ई 3612 में बम है।’’
 
सूत्र ने बताया कि महिला यात्री ने कुछ लोगों की तस्वीरें भी दिखाईं और दावा किया कि वे राष्ट्र के लिए ‘‘खतरा’’ हैं। इसके बाद सीआईएसएफ के कर्मी उसे पूछताछ के लिए हवाई अड्डा पुलिस थाने लेकर गए। सूत्र ने कहा, ‘‘सीआईएसएफ के सहायक कमांडर के कार्यालय में बीटीएसी की बैठक बुलायी गयी जिसमें धमकी को विशिष्ट बताया।’’
 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने राफेल विमान सौदे से जुड़े उच्चतम न्यायालय के फैसले की पृष्ठभूमि में शनिवार कहा कि वह पीएसी के सदस्यों से आग्रह करेंगे कि अटॉर्नी जनरल और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) को बुलाकर पूछा जाए कि राफेल मामले में कैग की रिपोर्ट कब और कहां आई है। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार ने न्यायालय के समक्ष कैग रिपोर्ट तौर पर गलत जानकारी रखी जिस वजह से इस तरह का निर्णय आया है।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने संवाददाताओं से कहा, 'राफेल के बारे में न्यायालय के सामने सरकार को जिन चीजों को ठीक ढंग से रखना चाहिए था, वो नहीं रखा। अटॉर्नी जनरल ने इस तरह से पक्ष रखा कि न्यायालय को यह महसूस हुआ कि कैग रिपोर्ट संसद में पेश हो गई है और पीएसी ने रिपोर्ट ने देख ली है।' उन्होंने कहा, 'जब पीएसी जांच करती है तो साक्ष्यों को देखती है। लेकिन न्यायालय को गलत जानकारी दी गयी और जिसके आधार पर गलत निर्णय आया।'

खड़गे ने कहा, 'पीएसी के सदस्यों से आग्रह करने जा रहा हूँ कि अटॉर्नी जनरल को बुलाया जाए और कैग को भी बुलाया जाए ताकि यह पूछा जाए कि यह रिपोर्ट कब आई और पीएसी को कब मिली है।' उन्होंने कहा, 'अगर यह रिपोर्ट नहीं आई तो सरकार ने झूठ क्यों बोला? वह माफी मांगे। सरकार को कहां से क्लीन चिट मिलती है? किसी चीज को धोखे में रखकर की जाए तो वो ठीक नहीं है।' उन्होंने कहा, 'इसलिये हम जेपीसी की मांग कर रहे हैं ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
 
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को इस विमान सौदे में भ्रष्टाचार होने का आरोप फिर दोहराया और कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार बताए कि इस मामले पर कैग की रिपोर्ट कहां है जिसका उल्लेख शीर्ष अदालत में किया गया है। गांधी ने इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर यह जांच हो गई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम ही सामने आएगा।
 दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मामले में नरेन्द्र मोदी सरकार को शुक्रवार को एक तरह से क्लीन चिट दे दी। साथ ही शीर्ष अदालत ने सौदे में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज किया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने कहा कि अरबों डॉलर कीमत के राफेल सौदे में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। ऑफसेट साझेदार के मामले पर तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि किसी भी निजी फर्म को व्यावसायिक लाभ पहुंचाने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

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