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नयी दिल्ली। अगस्त वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को भारत प्रत्यर्पित किए जाने की पृष्ठभूमि में सरकार के हमलों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने ‘भ्रष्टाचार’ की सच्चाई बताने की बजाय अगस्ता मामले में ‘फर्जी’ साक्ष्य गढ़ने में लगी हुई है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि अगस्ता वेस्टलैंड एवं उसकी मातृ कंपनी फिनमेकानिका का नाम प्रतिबंधित सूची में होने के बावजूद इनको मोदी सरकार में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी मिली ताकि वह भारतीय कारपोरेट समूहों की साझेदार बन सके।

 
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में कहा, ‘‘अगस्ता मामले में भाजपा सिर्फ गुमराह करने और कींचड़ उछालने का काम कर रही है। वह अपने भ्रष्टाचार की सच्चाई बताने की बजाय इस मामले में फर्जी साक्ष्य गढ़ने में लगी हुई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सामने दिख रही करारी हार की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा झूठ पर झूठ बोल रहे हैं। मोदी सरकार अगस्ता वेस्टलैंड/फेनमेकानिका को एफआईपीबी की मंजूरी मिलने के मामले में अपने संदिग्ध भूमिका से ध्यान भटकाने की साजिश के तहत यह सब कर रही है।’’
 
 
सुरजेवाला ने कहा कि फरवरी, 2010 में 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए 3,546 करोड़ रुपये का सौदा अगस्ता वेस्टलैंड को दिया गया और फिर मीडिया की खबरों के मद्देनजर फरवरी, 2013 में सौदा रद्द कर दिया गया। 12 फरवरी, 2013 को यह मामला सीबीआई को सौंप दिया। 10 फरवरी, 2014 को संप्रग सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड और फिनमेकानिका को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया।’’ उन्होंने जुलाई, 2017 में दुबई में मिशेल को हिरासत में लिए जाने के बाद उसकी वकील की ओर से दिए गए एक बयान का हवाला देते हुए दावा किया, ‘‘ भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री विपक्षी दलों से बदला लेने के लिए उनके खिलाफ ‘फर्जी साक्ष्य’ हासिल करने में शामिल पाया गया हो।’’
 
 दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में एक चुनावी सभा के दौरान बुधवार को मिशेल के प्रत्यर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि ये बिचौलिया राज खोलेगा तो पता नहीं कि बात कितनी दूर तक जाएगी। मिशेल को इस मामले में संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित करके मंगलवार देर रात भारत लाया गया। गौरतलब है कि अगस्ता वेस्टलैंड को ठेका दिलाने और भारतीय अधिकारियों को गैरकानूनी कमीशन या रिश्वत का भुगतान करने के लिए बिचौलिए के तौर पर मिशेल की संलिप्तता 2012 में सामने आई थी।

जयपुर। राजस्थान में लगभग दो महीने के चुनावी कोलाहल पर बुधवार शाम को विराम लग गया। प्रचार की समय सीमा समाप्त होने के साथ ही चुनावी रैलियों, रोड शो और जन सभाओं का क्रम शाम पांच बजे थम गया। मतदान सात दिसम्बर को होगा जिसमें राज्य के चार करोड़ से ज्यादा मतदाता 2274 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे। राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों में से 199 विधानसभा सीटों के लिये 189 महिला उम्मीदवारों सहित 2274 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने के लिये चुनावी मैदान में उतरे हैं। अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बसपा उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया है।

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आंनद कुमार ने बताया कि आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिये सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये हैं। राजस्थान में 4.77 करोड मतदाता हैं। भाजपा शासित राज्य में शुरूआती चुनावी प्रचार में किसानों, भ्रष्टाचार, युवाओं के मुद्दे छाये रहे और जैसे जैसे चुनाव नजदीक आये हिन्दुत्व, भारत माता, भगवान हनुमान की जाति जैसे मुद्दे चुनावी प्रचार के दौरान सामने आये।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा के हिन्दूवादी नेता और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केन्द्रीय मंत्री, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, बसपा प्रमुख मायावती सहित अन्य स्थानीय नेताओं ने लगातार चुनाव प्रचार किया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के नाथद्वारा सीट से उम्मीदवार सी पी जोशी ने पहले प्रधानमंत्री के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी कर विवाद पैदा किया था, उसके बाद सत्ताधारी पार्टी के नेताओं और प्रधानमंत्री ने अपनी रैलियों में लोगों से पूछा कि था कि ..क्या आप जाति के आधार पर वोट करेंगे और कांग्रेस को विकास की जगह जातिवाद की बात करने का आरोप लगाया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषणों में 'विकास' को अपना मंत्र बताते हुए सर्जिकल स्ट्राइक, भ्रष्टाचार के विरूद्व लड़ाई, महिलाओं के सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं सहित सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। रैलियों में प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी को 'नामदार' और अपने आप को 'कामदार' बताते हुए हरेक अवसर पर गांधी परिवार को घेरने का प्रयास किया। मोदी ने अपनी रैलियों में कांग्रेस की चार पीढियों के शासन को देश में समस्याओं को लिये जिम्मेदार ठहराया।
 
चुनाव प्रचार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलवर में एक चुनावी सभा में हनुमान जी को दलित बताया था जिसके बाद विभिन्न नेताओं ने अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की। भाजपा नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक सहित केन्द्र की जनकल्याकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने किसानों, राफेल सौदे और बेरोजगारी सहित अन्य मुद्दों पर भाजपा को घेरा और सत्ता में आने पर दस दिनों में किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की।
 
कांग्रेस पार्टी को उस समय परेशानी का सामना करना पडा जब बीकानेर (पश्चिम) से पार्टी के उम्मीदवार बी डी कल्ला को एक वीडियो में एक समर्थक को भारत माता की जय बोलने से रोकते और पार्टी कार्यकर्ताओं को सोनिया गांधी की जय बोलते दिखाया गया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हर दिन पांच से सात चुनावी सभाएं की। राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है और लगभग 130 सीटों पर इन दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों में सीधी टक्कर है। वहीं 50 सीटों पर मुकाबला त्रिकोणिय माना जा रहा है जिनमें से 45 सीटों पर दोनों पार्टियों के बागी उम्मीदवारों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है।
जाट नेता हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोक तांत्रिक पार्टी ने 58 सीटों पर उम्मीदवार खडे करके दोनों पार्टियों को चुनौती दी है। बेनीवाल की मारवाड, शेखावटी और पूर्वी हिस्सों में जाट वोटों पर निगाह है। भाजपा राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड रही है जबकि कांग्रेस ने पांच सीटें गठबंधन की पार्टियों को देकर 195 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बसपा के 190, माकपा के 28 व भाकपा के 16 तथा 830 निर्दलीय उम्मीवादर चुनाव मैदान में हैं।
 
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रचार अभियान में 13 सभाएं की हैं। उनके कुल 38 कार्यक्रम हुए हैं। मुख्यमंत्री राजे ने 75 जनसभाएं कीं । कुल मिलाकर 222 बडी जनसभाएं भाजपा ने की। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य के विभिन्न जिलों में नौ सभाएं कीं। राज्य की कुछ चर्चित सीटों में झालरापाटन, टोंक, सरदारपुरा, व पोकरण हैं।

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सशस्त्र बलों के एक लाख से अधिक जवानों को ज्यादा सैन्य सेवा वेतन (एमएसपी) दिए जाने की मांग को सरकार द्वारा खारिज करने को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले जवानों की नहीं, बल्कि ‘सूटबूट वालों की दुकानों’ की फिक्र है। गांधी ने एक खबर शेयर करते हुए फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘मोदी जी, जिन्होंने देश के लिए सर्जिकल स्ट्राइक किया, उनके लिए आपका ये बर्ताव है?’’

 उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आपको (मोदी) ना किसान की फ़िक्र है, ना जवान की, आपको फ़िक्र है सिर्फ़ अनिल अंबानी जैसे सूट-बूट वालों की दुकान की। आपको देश ने मौक़ा दिया। आपने देश को धोखा दिया।’’ गौरतलब है कि सरकार ने थलसेना के जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) सहित सशस्त्र बलों के करीब 1.12 लाख जवानों को ज्यादा सैन्य सेवा वेतन (एमएसपी) दिए जाने की बहुप्रतीक्षित मांग खारिज कर दी है। सैन्य सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
 
सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय के इस फैसले से थलसेना मुख्यालय ‘‘बहुत नाखुश’’ है और वह इसकी तुरंत समीक्षा की मांग करेगा। रक्षा मंत्रालय भी इस फैसले से क्षुब्ध बताया जा रहा है। ।सरकार के इस फैसले से 87,646 जेसीओ और नौसेना एवं वायुसेना में जेसीओ के समकक्ष 25,434 कर्मियों सहित करीब 1.12 लाख सैन्यकर्मी प्रभावित होंगे।

सुमेरपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल हेराल्ड मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को घेरा और कहा कि एक 'चायवाले' की हिम्मत से इस मामले में सरकार की उच्चतम न्यायालय में जीत हुई है। मोदी ने इसे ईमानदारी की जीत बताया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बनाने का आरोप लगाया।

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, मां सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता आस्कर फर्नांडीज के खिलाफ 2011-12 का कर आकलन दोबारा खोलने की मंजूरी दे दी। इसकी ओर इशारा करते हुए मोदी ने यहां जनसभा में कहा, ‘‘कल उच्चतम न्यायालय में भारत सरकार जीत गयी और उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उनकी सारी पुरानी चीजें खोलने का भारत सरकार को हक है। अब मैं देखता हूं, कितना बचके निकलते हो?’’
 
आगे उन्होंने कहा, ‘‘... क्या कभी किसी ने सोचा था कि ऐसे चार चार पीढ़ी से देश को चलाने वालों को एक चाय वाला... एक चाय वाला उनको अदालत के दरवाजे पर ले गया।’’ मोदी ने इसे ईमानदारी की जीत बताते हुए कहा, ‘‘यह ईमानदारी की जीत है। देश के मेहनतकश इंसान की जीत है कि चार पीढ़ी से देश पर राज करने वाले लोगों को कोर्ट के दरवाजे पर जाना पड़ा और करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में जमानत पर बाहर निेकले हैं।’’
 
 
इसके साथ मोदी ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बनाने का आरोप लगाते हुए कहा ‘‘इनकी चार पीढ़ी ने भ्रष्टाचार को ही अपना शिष्टाचार बना दिया था। इन्होंने, भ्रष्टाचार राजनीति का हिस्सा ही है, ऐसा चरित्र निर्माण कर दिया था। जिस कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बना दिया, क्या वह भ्रष्टाचार से लड़ सकती है?’’

नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने एक कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता को तीन साल की सजा सुनाई है। यह घोटाला केन्द्र में पूर्ववर्ती सप्रंग सरकार के शासन काल के दौरान हुआ था। अदालत ने दो अन्य नौकरशाह ए क्रोफा और के सी समारिया को भी तीन-तीन साल की सजा सुनाई। 

विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने दोषी ठहराये गये अन्य व्यक्तियों विकास मेटल्स एंड पावर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विकास पाटनी और कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरी आनंद मलिक को चार-चार साल जेल की सजा सुनाई। अदालत ने विकास मेटल्स और पावर लिमिटेड कंपनी पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया। सीबीआई ने पांच दोषी ठहराये गये व्यक्तियों के लिए अधिकतम पांच साल की सजा और निजी कंपनी पर भारी जुर्माना लगाने की मांग की थी।
 
इस अपराध में अपराधी ठहराये गये दोषियों को न्यूनतम एक साल और अधिकतम सात साल जेल की सजा हो सकती है। अदालत ने 30 नवंबर को कोयला मंत्रालय के पूर्व संयुक्त सचिव क्रोफा और मंत्रालय में तत्कालीन निदेशक (सीए-I) समारिया को दोषी ठहराया था। आदेश में कंपनी, पाटनी और मलिक को भी दोषी ठहराया गया था। संबंधित मामले में पश्चिम बंगाल में मोइरा और मधुजोर (उत्तर और दक्षिण) कोयला ब्लॉक वीएमपीएल को आवंटन में कथित अनियमितता का था। सितंबर 2012 में सीबीआई ने मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की थी।
नयी दिल्ली। अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे के कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल को बुधवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मिशेल को पांच दिन की सीबीआई हिरासत में सौंप दिया। 3600 करोड़ के इस घोटाले में सीबीआई ने अदालत से मिशेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की मांग की थी। 
ब्रिटिश नागरिक मिशेल को इस मामले में मंगलवार देर रात संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया था। उन्हें सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के सामने पेश किया गया। न्यायाधीश ने उसे अपने वकील के साथ पांच मिनट बातचीत करने की अनुमति दी।
 
।मिशेल के वकील ने अदालत से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की, लेकिन सीबीआई ने साक्ष्य के साथ मिशेल को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति देने की मांग की। सीबीआई ने कहा कि वह घोटाले की रकम का भी पता लगाना चाहती है। मिशेल की ओर से एक जमानत अर्जी भी दायर की गई।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कुरियन जोसेफ के एक बयान को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ‘चौकीदार’ ने देश की सबसे बड़ी अदालत के एक न्यायमूर्ति को ‘कोर्ट-पुतली’ बना लिया था।

गांधी ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जोसेफ के बयान से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘चौकीदार ने उच्चतम न्यायालय के एक न्यायमूर्ति को कोर्ट-पुतली बना लिया था।’ उन्होंने कहा, ‘चौकीदार का दुर्भाग्य है कि देश में ईमानदार जजों की कमी नहीं है जिनके लिए सत्य हमेशा सत्ता से बड़ा होता है। वे सत्ता के दंभ को सत्य पर हावी होने नहीं देते। देश को ऐसे जजों पर गर्व है।’

कांग्रेस अध्यक्ष के इस आरोप पर फिलहाल सरकार या भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जोसेफ ने हाल ही में एक मीडिया साक्षात्कार में कहा कि उन्हें एवं तीन अन्य वरिष्ठ न्यायाधीशों को इस साल जनवरी में संवाददाता सम्मेलन करना पड़ा क्योंकि उन्हें ऐसा लगा कि तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को कोई बाहरी व्यक्ति नियंत्रित कर रहा था।

बुलंदशहर के स्याना तहसील के गांव महाव में सोमवार सुबह गोवंश अवशेष मिलने पर पुलिस, हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों में जमकर टकराव हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने चिंगरावठी चौकी के पास सड़क पर जाम लगा दिया। स्याना थाने के कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। भीड़ ने चौकी के बाहर खड़े पुलिस के दर्जनों वाहनों में आग लगा दी। चौकी में घुसकर तोड़फोड़ की और सामान को आग लगा दी। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इस पर ग्रामीणों ने सुबोध कुमार पर हमला बोल दिया। घटना में गोली लगने से कोतवाल सुबोध और एक युवक सुमित की मौत हो गई।
 
न्यायिक हिरासत में आरोपी
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिन्हें जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

सीएम योगी ने बुलाई बैठक
बुलंदशहर मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज रात 9 बजे बैठक बुलाई है। खबर है कि इसमें गृह सचिव और एडीजी भी मौजूद रहेंगे। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा नेे कहा है कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और सरकार इस मामले में उचित कदम उठा रही है।

प्रकाश करात बोले पूर्व नियोजित था हादसा
सीपीआई(एम) के प्रमुख प्रकाश करात ने बुलंदशहर हिंसा को पूर्व-नियोजित हादसा बताया है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव नजदीक होता है तो गाय को मुद्दा बनाकर पहले भी सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की जाती रही है। सबको याद है कि कैसे लोकसभा चुनाव से पहले 2013 में मुजफ्फरनगर दंगे हुए थे।

राज्यपाल ने कहा होगी सख्त कार्रवाई
बुलंदशहर मामले में यूपी के राज्यपाल राम नायक ने घटना को निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा, सीएम ने घटना की जांच का आदेश दे दिया है। मुझे उम्मीद है कि जैसा सीएम ने कहा है सच्चाई दो दिनों में सामने आ जाएगी। जिन्होंने ये अपराध किया है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कारण चाहे जो भी रहा हो ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।

चिंगरावठी पहुंचा सुमित का शव, अंतिम संस्कार से परिजनों का इंकार
इंस्पेक्टर सुबोध के अलावा बुलंदशहर हिंसा में मारे गए सुमित का शव गांव चिंगरावठी में पहुंच गया था। सुमित के परिजनों ने लिखित में आश्वाशन मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार की चेतावनी दी है। परिजनों ने 50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी, माता पिता को पेंशन, और मृतक को शहीद का दर्जा देने की मांग की।

इस मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें उन्होंने कई बातों के बारे में खुलासा किया। उन्होंने कहा-
-किसी संगठन का नाम अभी सामने नहीं आया है
-किसी निर्दोष को सजा न हो इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है जिससे निष्पक्ष जांच हो सके
-सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच हो रही है
-इंस्पेक्टर सुबोध को दिया गया शहीद का दर्जा, दी गई राजकीय सलामी
-सुमित प्रदर्शनकारियों में शामिल था, उसके शरीर से मिली है गोली, जिसकी जांच की जा रही है
-वीडियो में गंभीर/मृत इंस्पेक्टर अकेले थे, कहां थी पुलिस इसकी एसआईटी जांच होगी
-देवेंद्र, चमन, आशीष, सतीश गिरफ्तार
-सारी जांच एसआईटी के दायरे में है। जांच के बाद पता चलेगा कि कैसे घटना हुई थी
-एसआईटी की जांच में साबित होगा कि घटना के पीछे कौन है
-मामले पर पूरी जांच की जा रही है, पशु विभाग से सामग्री की भी जांच कराई जाएगी
-सुबोध सिंह को पहले पत्थर लगा बाद में उन्हें गोली मार दी गई।
-कुछ पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया मगर भीड़ ने उन पर भी हमला किया।
-बुलंदशहर में स्थिति सामान्य है। 15 से 20 हज़ार लोग अब भी इज्तेमा स्थल पर हैं। उन्हें वहां से निकाला जा रहा है।

बुलंदशहर में हुई आज फिर अफवाह फैलाने की कोशिश
मंगलवार को बुलंदशहर के गुलावठी में असामाजिक तत्वों द्वारा एक बार फिर गोकशी की अफवाह फैला कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। सूचना पर पुलिस ने तत्परता से मौके पर पहुंच कर अफवाह का खंडन किया। एस ओ ने बताया गोकशी नहीं हुई। पुलिस ने अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। इसके साथ ही आज स्याना कोतवाली का चार्ज सुबोध कुमार के निधन के बाद किरणपाल सिंह ने संभाल लिया है।

पहले ही दर्ज हुई है मामले में दो एफआईआर
इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की गई है। घटना में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली गोकशी की और दूसरी हिंसा की। जिसमें 27 लोगों को नामजद किया गया है और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मेरठ जोन के एडीजी ने बताया कि इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार और 4 को हिरासत में लिया गया है।

गिरफ्तार लोगों में मुख्य अभियुक्त बजंरग दल का जिला संयोजक योगेश राज भी शामिल है। एक एसआईटी का गठन भी किया गया है जो ये जांच करेगी कि हिंसा क्यों हुई और क्यों पुलिसकर्मियों ने मृत इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अकेला छोड़ दिया था। एफआईआर में कई हिंदू संगठन जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के नाम आरोपियों में हैं।

इंस्पेक्टर सुबोध की बहन बोली इकलाख हत्याकांड है भाई की हत्या की वजह
शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की बहन ने इकलाख हत्याकांड को भाई की हत्या की वजह बताया है। उन्होंने कहा मेरा भाई इकलाख केस की जांच कर रहा था और और इसी वजह से उसकी हत्या हुई, यह पुलिस द्वारा रचा गया षड्यंत्र है। उन्हें शहीद का दर्जा देना चाहिए और उनकी याद में एक स्मारक बनना चाहिए। हमें पैसे नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री सिर्फ गाय गाय गाय कहते रहते हैं।

वहीं यूपी सरकार की तरफ से इस बारे में पहली बार बयान आया है। एबीपी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि हिंसा में हिंदू संगठनों का नाम लेना जल्दबाजी होगी।

आजम ने दिया ये बयान
बुलंदशहर हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि अगर ये पशु वध है तब तो पुलिस को ये भी जांच करनी चाहिए वहां पशुओं के अवशेष कौन लेकर आया, क्योंकि जिस इलाके में हिंसा हुई वहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नहीं रहते हैं।

आज सुबह पुलिस लाइन में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को श्रद्धांजलि दी गई। इंस्पेक्टर के बेटे अभिषेक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा नहीं फैलाता। आज मेरे पिता ने हिंदू-मुस्लिम के नाम पर अपनी जान गंवा दी अब कल किसके पिता अपनी जान गंवाएंगे?

क्या हुआ था कल

 
एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने सोमवार शाम बताया कि समस्या तब खड़ी हुई जबह सुबह कुछ ग्रामीणों को महाव गांव के बाहर बड़ी तादाद में गोवंश के अवशेष मिले। सूचना मिलने पर पहुंचे हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों ने अवशेषों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर स्याना-बुलंदशहर हाईवे पर चिंगरावठी चौकी के पास जाम लगा दिया। 

प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। बुलंदशहर के डीएम अनुज कुमार झा, एसडीएम अविनाश कुमार मौर्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बहुत समझाने की कोशिश की।

मृतक इंस्पेक्टर सुबोध कुमार एटा के रहने वाले थे। मेरठ के पल्लवपुरम में भी मृतक इंस्पेक्टर का घर है। इंस्पेक्टर सुबोध सिंह राठौर उम्र (47) गांव तरगवा, थाना जैतरा जिला एटा के रहने वाले थे। मेरठ के मोदीपुरम स्थित मकान को बेचकर कई माह पहले परिवार नोएडा सेक्टर 42 में शिफ्ट हुआ था। मृत इंस्पेक्टर के दो बेटे हैं।।

बवाल को देखते हुए बुलंदशहर में इज्तिमा से लौट रहे हजारों वाहनों को देखते हुए हापुड़ रोड पर फोर्स लगाई गई है। एसपी देहात राजेश कुमार फोर्स के साथ हापुड़ रोड पर तैनात हैं।

एडीजी (कानून व्यवस्था) ने यह कहा


आनंद कुमार के मुताबिक, जब पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने जमकर उपद्रव किया। घटना में चिंगरावठी का ग्रामीण सुमित गोली लगने से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। 

बकौल एडीजी पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए हवा में फायरिंग की थी। इस पर ग्रामीणों ने तमंचों से गोलियां चलाईं, जिसमें सुबोध कुमार शहीद हो गए। घटना की सूचना पर एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और आइजी रामकुमार भी मौके पर पहुंचे।

सीओ समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल
एडीजी कानून-व्यवस्था ने बताया कि घटना में स्याना के सीओ सत्यप्रकाश शर्मा, खानपुर एसओ, चार सिपाही और एक होमगार्ड भी घायल हो गया। ये पुलिसकर्मी फोर्स आने का इंतजार कर रहे थे। भीड़ गन्ने के खेत में छिपकर पथराव कर रही थी।

बायीं आंख में गोली लगने से हुई सुबोध की मौत
घटना में गंभीर घायल कोतवाल सुबोध कुमार सिंह को औरंगाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत बायीं आंख में गोली लगने से हुई।

एटा के थे कोतवाल

 
कोतवाल सुबोध कुमार मूलरूप से एटा में जैथरा के ग्राम परगंवा के थे। दो साल पहले तक मेरठ में रहते थे। वहां का मकान बेचकर अब नोएडा में रहते थे। उनके दोनों बेटे नोएडा में पढ़ते हैं। पत्नी साथ ही रहती थीं।

इज्तमा के कारण किया जल्द जाम खुलवाने का प्रयास
बुलंदशहर में तब्लीगी इज्तमा चल रहा है। इसमें देश दुनिया के लाखों लोगों ने भाग लिया। पुलिस ने सांप्रदायिक माहौल खराब होने की आशंका के चलते जल्द जाम खुलवाने की कोशिश की। इस चक्कर में पुलिस ने ध्यान नहीं रखा कि लाठीचार्ज के दौरान फोर्स कम थी। ग्रामीण पुलिस पर हावी हो गए।

हिंदूवादी संगठन के लोग और ग्रामीण लगातार आरोपियों को पकड़ने की मांग कर रहे थे। आखिर में प्रशासन ने हालात संभालने के लिए इज्तमा से लौट रहे लोगों का रूट डायवर्ट करा दिया।

कब-कब क्या हुआ

- 9 बजे सुबह ग्रामीणों को महाव के जंगल में गोकशी की सूचना मिली।
- 9.30 बजे सुबह ग्रामीण और हिंदूवादी संगठन मौके पर पहुंचे।
- 10 बजे सुबह एसडीएम और स्याना कोतवाल मौके पर पहुंचे।
- 10.30 बजे सुबह कोतवाल और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हुई।
- 11 बजे सुबह ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राली में अवशेष लेकर चिंगरावठी चौकी रवाना।
- 11.30 बजे सुबह ग्रामीणों और पुलिस के बीच फायरिंग और पथराव शुरू।
- 12.30 बजे दोपहर डीएम-एसएसपी बुलंदशहर से घटनास्थल के लिए निकले।
- 2 बजे दोपहर स्याना कोतवाल की मौत की पुष्टि हुई।
- 3 बजे दोपहर घायल युवक सुमित की मौत की भी पुष्टि हुई।
- 3.30 बजे दोपहर आईजी, एडीजी और कमिशनर मौके पर पहुंचे।
- 4 बजे शाम अधिकारियों ने स्याना कोतवाली में डेरा डाला।
- 6.30 बजे शाम एडीजी-डीएम ने प्रेसवार्ता की।

 


दंगाइयों ने कोतवाल को घेरा - फोटो : अमर उजाला
‘गोकशी की सूचना के बाद कुछ लोगों ने चिंगरावठी चौकी के सामने जाम लगाया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। इसमें स्याना कोतवाल और एक युवक की मौत हो गई। आरोपियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है।’
- अनुज कुमार झा, डीएम, बुलंदशहर

‘गोकशी की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। एक युवक और स्याना कोतवाल की मौत हो गई। स्थिति काबू में है। जल्द आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
- केबी सिंह, एसएसपी, बुलंदशहर

घटना बिष्ट सरकार की असफलता : कांग्रेस
‘सीएम बिष्ट पूरे देश और चुनावी राज्यों में प्रचार कर उपदेश देते घूम रहे हैं। वे पहले अपने घर यूपी की कानून-व्यवस्था ठीक करें। राज्य में कानून-व्यवस्था न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस घटना में जान-माल की हानि पर संवेदना प्रकट करती है।’ - डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस प्रवक्ता

 

‘घटना की मजिस्ट्रेटी जांच की जाएगी। निष्पक्ष जांच के लिए बुलंदशहर के एसडीएम (प्रशासन) को मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
- अनुज कुमार झा, डीएम, बुलंदशहर

सीएम ने एडीजी इंटलीजेंस को मौके पर भेजा, दो दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्याना की घटना की जांच के लिए एडीजी इंटलीजेंस एसबी शिराडकर को मौके पर भेजा। उनसे दो दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। मामले की जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई है।

मुख्यमंत्री ने घटना में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत दो की मौत पर दुख जताते हुए जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इलाके में पांच कंपनी आरएएफ और छह कंपनी पीएसी के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

सीएम ने की 50 लाख मुआवजे और नौकरी देने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर की घटना के दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर की पत्नी को 40 लाख रुपये और माता-पिता को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है। साथ ही दिवंगत इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा
 की है। 

एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और आईजी रेंज राम कुमार रात में बुलंदशहर में कैंप करेंगे। एडीजी ने बताया की स्याना को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। तीन कंपनी आरएफ और 5 कंपनी पीएससी समेत पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। 

भगवान हनुमान के विवाद में कूदते हुए बहराइच से भारतीय जनता पार्टी की सांसद ने मंगलवार को कहा कि हनुमान जी दलित और मनुवादियों के गुलाम थे।

 

बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फूले ने फोन पर बातचीत में कहा, ‘हनुमान दलित थे और मनुवादियों के गुलाम थे। अगर लोग कहते हैं कि भगवान राम हैं और उनका बेड़ा पार कराने का काम हनुमान जी ने किया था। उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का काम किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? उनको तो इंसान बनाना चाहिए था लेकिन इंसान ना बनाकर उन्हें बंदर बना दिया गया। उनको पूंछ लगा दी गई, उनके मुंह पर कालिख पोत दी गयी। चूंकि वह दलित थे इसलिये उस समय भी उनका अपमान किया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम तो यह देखते हैं कि अब देश तो ना भगवान के नाम पर चलेगा और ना ही मंदिर के नाम पर। अब देश चलेगा तो भारतीय संविधान के नाम पर। हमारे देश का संविधान धर्मनिरपेक्ष है। उसमें सभी धर्मो की सुरक्षा की गारंटी है। सबको बराबर सम्मान व अधिकार है।

किसी को ठेस पहुंचाने का अधिकार भी किसी को नहीं है। इसीलिये जो भी जिम्मेदार लोग बात करें भारत के संविधान के तहत करें।'

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को अपने पहले के आदेश में बदलाव करते हुये 1984 के सिख विरोधी दंगों के 186 मामलों की आगे जांच की निगरानी के लिये गठित विशेष जांच दल के सदस्यों की संख्या दो कर दी। न्यायालय ने पहले तीन सदस्यीय दल गठित किया था परंतु इसके एक सदस्य ने इसका हिस्सा बनने से इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने यह आदेश पारित किया। इससे पहले, केन्द्र ने पीठ को सूचित किया कि विशेष जांच दल के सदस्य सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राजदीप सिंह ने निजी कारणों से इस दल का सदस्य होने से इंकार कर दिया है।

इस जांच दल के अन्य सदस्यों में दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एस एन ढींगरा और सेवारत आईपीएस अधिकारी अभिषेक दुलार हैं। शीर्ष अदालत ने इस साल 11 जनवरी को न्यायमूर्ति ढींगरा की अध्यक्षता में विशेष जांच दल गठित किया था जिसे उन 186 मामलों की आगे जांच की निगरानी करनी थी जिन्हें बंद करने के लिये पहले रिपोर्ट दाखिल की गयी थी। न्यायमूर्ति लोकूर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सोमवार को यह मामला आने पर केन्द्र और याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि सिंह के स्थान पर किसी अन्य को नियुक्त करने की आवश्यकता नहीं है और दो सदस्यों को अपना काम करते रहने के लिये कहा जाना चाहिए।
 
 
इस पर पीठ ने कहा था कि चूंकि तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित करने का 11 जनवरी का आदेश तीन न्यायाधीशों की पीठ ने दिया था, इसलिए वे दो न्यायाधीशों की पीठ के रूप में इसमें सुधार नहीं कर सकती। इसके साथ ही पीठ ने इस मामले को मंगलवार के लिये सूचीबद्ध कर दिया था। इस मामले में मंगलवार को संक्षिप्त सुनवाई के दौरान केन्द्र की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल पिंकी आनंद ने कहा, ‘‘दो सदस्यीय विशेष जांच दल रहने दिया जाये और उन्हें आगे बढ़ने देना चाहिए।’’
 
 
पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘पक्षकरों के वकील की इस बात के लिये सहमति है कि सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राजदीप सिंह द्वारा निजी कारणों से समिति का सदस्य बनने से इंकार करने के तथ्य के मद्देनजर 11 जनवरी के आदेश में सुधार किया जा सकता है।’’ पीठ ने कहा, ‘‘पक्षकारों में सहमति है कि समिति में अब सेवानिवृत्त न्यायाधीश एस एन ढींगरा और सेवारत आईपीएस अधिकारी अभिषेक दुलार को रहना चाहिए। तदनुसार 11 जनवरी के आदेश में सुधार किया जाता है।’’ तत्कालीन प्रधान मंत्री इन्दिरा गांधी की 31 अक्टूबर, 1984 को उनके ही सुरक्षाकर्मियों द्वारा गोली मार कर हत्या किये जाने की घटना के बाद राजधानी में बड़े पैमाने पर सिख विरोधी दंगे हुये थे जिसमें अकेले दिल्ली में 2733 लोग मारे गये थे।

 

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