ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
नयी दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। हालांकि, अभी कुशवाहा ने भाजपा के नेतृत्व वाले राजग का साथ नहीं छोड़ा हैं। जिसके बाद बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। बता दें कि इस्तीफा देने के तुरंत बाद ही कुशवाहा विपक्षी एकता बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। मिली जानकारी के मुताबिक कुशवाहा जल्द ही राजग का साथ छो़ड़ने वाले हैं। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी प्रमुख पिछले कुछ सप्ताहों से भाजपा और उसके अहम सहयोगी दल के नेता, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं। रालोसपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में दो से ज्यादा सीटें नहीं मिलने के भाजपा के संकेतों के बाद से कुशवाहा नाराज चल रहे थे। वहीं, दूसरी ओर भाजपा और जदयू के बीच बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है। बिहार से लोकसभा में 40 सांसद आते हैं।
जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उनके खिलाफ शरद यादव की टिप्पणी को महिलाओं का अपमान बताते हुए शुक्रवार को कहा कि निर्वाचन आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री राजे ने झालावाड़ में मतदान करने के बाद संवाददाताओं से कहा के पूर्व केंद्रीय मंत्री यादव का बयान उनका और विशेष रूप से महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘मैं पूरी तरह हतप्रभ रह गयी। मुझे नहीं लगता है कि इतने लंबे अनुभव वाला और हमारे परिवार से करीबी ताल्लुकात रखने वाला कोई भी नेता अपनी वाणी पर संयम नहीं रख पाएगा। इससे बुरी बात और क्या हो सकती है?’
यादव ने अलवर में एक चुनावी सभा में कथित तौर पर कहा था, ‘वसुंधरा को आराम दो, बहुत थक गई हैं। बहुत मोटी हो गई हैं।’ राजे ने कहा कि निर्वाचन आयोग को इस तरह के बयानों पर संज्ञान लेना चाहिए ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में कोई ऐसी भाषा का इस्तेमाल ना करे। इसके साथ ही राजे ने कहा उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा से युवा पीढ़ी को कोई अच्छा संदेश नहीं जाता है। उन्होंने कहा, ‘यह भाषा तो कोई भी इस्तेमाल कर सकता है लेकिन भाजपा नेताओं के मुंह से तो सुनने को नहीं मिलती। कांग्रेस व उसके सहयोगी दल के मुंह से क्यों सुनने को मिलता है।’
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने भारतीय रिजर्व बैंक के कैपिटल रिजर्व के संबंध में वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ आरोप लगाने वाली एक जनहित याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने वकील एम एल शर्मा पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जिन्होंने जनहित याचिका (पी आई एल) दायर की थी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस के कौल की पीठ ने कहा, ‘हमें इस पी आई एल पर विचार करने की जरा भी वजह नजर नहीं आती।’
शर्मा ने वित्त मंत्री जेटली पर आरबीआई के कैपिटल रिजर्व में लूटपाट का आरोप लगाया था। पीठ ने शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री को भी निर्देश दिया कि शर्मा को तब तक अन्य कोई पीआईएल दाखिल करने की इजाजत नहीं दी जाए, जब तक वह 50 हजार रुपये जमा नहीं कर देते।
कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि अतीत में बड़े-बड़े लोग सत्ता में आए, बड़े-बड़े सरनेम :उपनाम: वाले लोग सत्ता में आए और चले गए लेकिन हम पिछड़े रह गए। उन्होंने कहा कि यह सब पहले इसलिए नहीं हुआ क्योंकि गरीबी कम हो जाएगी, तो ‘गरीबी हटाओ’ का नारा कैसे दे पाएंगे। जब देश के गरीब, शोषित और वंचितों को सारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो जायेंगी। उन्हें शौचालय, बिजली, बैंक खाते, गैस कनेक्शन जैसी चीजों की चिंताओं से मुक्ति मिल जाएगी, तो फिर देश के गरीब खुद ही अपनी गरीबी को परास्त कर देंगे।
प्रधानमंत्री ने सवाल किया, सोचें आखिर क्यों, आजादी के बाद से 67 वर्षों तक केवल 70 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक ही बिजली पहुंच सकी, और अब बीते चार वर्षों में 95 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक बिजली कैसे पहुंच गई? सोचें आखिर कैसे 67 साल में सिर्फ 55 प्रतिशत घरों में गैस कनेक्शन था लेकिन पिछले चार सालों में यह दायरा बढ़कर 90 प्रतिशत परिवारों तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि पहले 67 सालों में सिर्फ 50 प्रतिशत परिवारों के पास बैंक खाते थे, लेकिन अब देश का लगभग प्रत्येक परिवार बैंकिंग सेवा से जुड़ गया है। चार साल पहले तक केवल 55 प्रतिशत बस्तियों, टोले और गांवों तक ही सड़क पहुंची थी और अब 90 फीसदी से ज्यादा बस्तियों, गांव, टोलों तक सड़क संपर्क पहुंच गया है। मोदी ने कहा, ‘व्यवस्थाओं में अपूर्णता से संपूर्णता की तरफ बढ़ते हमारे देश ने पिछले चार-साढ़े चार वर्षों में जो प्रगति की है, वह अभूतपूर्व है।’
अहमदाबाद। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की तबीयत बिगड़ गई हैं। बता दें कि महाराष्ट्र के अहमदनगर में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर नितिन गडकरी बेहोश होकर गिर गए। जिसके तुरंत बाद ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टर्स से मिली जानकारी के मुताबिक नितिन गडकरी की सुगर कम हो गई जिसकी वजह से वो बेहोश हुए। हालांकि, डॉक्टर्स की निगरानी में उन्हें खाने के लिए दिया गया। अब उनकी तबीयत स्थिर है।
जयपुर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को हो रहे मतदान में अपराह्न तीन बजे तक 59.15 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला। निर्वाचन विभाग के अनुसार राज्य की 200 में 199 सीटों के लिए मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और अपराह्न तीन बजे तक 59.15 प्रतिशत मतदाता वोट डाल चुके थे। जबकि, दोपहर एक बजे तक 41.57 प्रतिशत मतदाता वोट डाल चुके थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत व अन्य प्रमुख नेता अब तक अपना वोट डाल चुके हैं।
राज्य में कुल मिलाकर 4,74,37,761 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 2,47,22,365 पुरुष व 2,27,15,396 महिला मतदाता हैं। इनमें से पहली बार मतदान कर रहे युवा मतदाताओं की संख्या 20,20,156 हैं। राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सुरक्षा चाक चौबंद है। राज्य की पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व गुजरात से लगती सीमाओं पर कड़ी नाकेबंदी है। मतदान निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से कराने का जिम्मा 1,44,941 जवानों पर होगा जिनमें केंद्रीय सुरक्षा बलों की 640 कंपनियां शामिल हैं। राज्य में कुल 387 नाके और चेक पोस्ट बनाए गए हैं।
रांची। दुमका स्थित राजभवन में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ठहरे हुए थे। इसी बीच उन्होंने अपना मोबाइल फोन चेक किया तो उसमें नेटवर्क नहीं आ रहे थे। बता दें कि रघुवर दास बीएसएनएल का सिम कार्ड उपयोग करते हैं। इस घटना के तुरंत बाद मीडिया में खबर आती है कि झारखंड पुलिस ने आधी रात को बीएसएनएल के 2 बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल, सोमवार के दिन रघुवर दास दुमका में स्थित राजभवन में रुके हुए थे। जहां पर उन्होंने मोबाइल में नेटवर्क नहीं आने पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया और तीन घंटे तक थाने में बैठाकर रखा।
इस पूरे घटनाक्रम की अभी सीएमओ की तरफ से कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, विपक्ष ने बीएसएनएल अधिकारियों को गिरफ्तार किए जाने पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों द्वारा अधिकारियों को ऐसे थाने में बुलाना मुख्यमंत्री रघुवर दास की फासिस्ट सोच को उजागर करता है।
वहीं, बीएसएनएल अधिकारियों को इस तरह से आधी रात को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में इस सरकारी दूरसंचार कंपनी के अधिकारियों ने राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही बता दें कि बीएसएनएल के यूनियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि अधिकारियों के साथ बीती रात को पुलिस वालों ने गाली गलौच की। ऐसा व्यवहार करना मानवाधिकारों का उल्लघंन है।
नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिये प्रचार का दौर खत्म होने के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि पदभार संभालने के इतने दिनों बाद अब मोदी को संवाददाता सम्मेलन कर सवालों की बौछार का लुत्फ उठाना चाहिए। गांधी ने हैदराबाद में संवाददाता सम्मेलन करने के बाद ट्वीट किया, 'प्रिय मोदी जी, अब चुनाव प्रचार पूरा हो गया है। आशा करता हूं कि आप प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पार्ट टाइम जॉब के लिए कुछ समय निकालेंगे।
वाल्मीकि नगर। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) राजग सरकार से अलग हो सकती है और पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को कहा कि इस संबंध में औपचारिक घोषणा गुरूवार को किए जाने की संभावना है। नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर नेता ने कहा कि कुशवाहा के केंद्रीय मंत्री पद से भी इस्तीफा देने की संभावना है। कुशवाहा अभी केंद्र में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री हैं।
नेता ने कहा कि कुशवाहा का इस्तीफा महज एक औपचारिकता है जो उनके राष्ट्रीय राजधानी जाने तथा प्रधानमंत्री से मिलने के बाद पूरी कर ली जाएगी। रालोसपा ने बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार तथा बिहार में नीतीश कुमार सरकार की तीखी आलोचना की। वाल्मीकि नगर में पार्टी के चिंतन शिविर में कुशवाहा को राजनीतिक फैसले लेने के लिए अधिकृत किया गया। कुशवाहा गुरुवार को मोतिहारी में एक रैली को संबोधित करेंगे।
पार्टी नेता ने कहा कि रालोसपा के सख्त रूख से यह स्पष्ट हो गया है कि हमारा गठबंधन राजग के साथ था जो अब खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि राजग में रालोसपा के होने का अर्थ भाजपा और लोजपा से गठबंधन था। नीतीश कुमार की जदयू के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं है। वह पिछले साल गठबंधन में शामिल हुए हैं जबकि हम 2014 से ही राजग का हिस्सा हैं।
आइजोल। भाजपा नीत नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस के घटक मिजो नेशनल फ्रंट ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इस बयान को खारिज किया है कि उनकी पार्टी 2019 का चुनाव जीती तो 50 साल तक देश पर शासन करेगी। मिजोरम में मुख्य विपक्षी दल को हालांकि विश्वास है कि आम चुनाव में कांग्रेस या संप्रग जीत हासिल नहीं कर पाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री और मिजो नेशनल फ्रंट प्रमुख जोरमथंगा ने पीटीआई-भाषा को एक दिए साक्षात्कार में कहा कि भाजपा की हिंदुत्व की राजनीति के चलते उनकी पार्टी कभी राज्य में उससे गठबंधन नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, ‘मुझे संदेह है, वह (शाह) भगवान नहीं हैं। वह राजनीति में कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकते।’ जोरमथंगा ने कहा कि अमित शाह यह भविष्यवाणी कर सकते हैं कि कांग्रेस सत्ता में नहीं आएगी, लेकिन 50 या 100 साल की भविष्यवाणी करना अतिशयोक्ति है। गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सितंबर में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी मेहनत की वजह से पार्टी 2019 का चुनाव जीतेगी और उसके बाद भाजपा को 50 साल तक सत्ता से कोई नहीं हटा सकता।
मिजो नेशनल फ्रंट के भाजपा से रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर दो बार मुख्यमंत्री रह चुके जोरमथंगा ने कहा कि विचारधारा और अन्य बातों को लेकर वह भाजपा के पूरी तरह खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि क्योंकि हम ईसाई हैं। वे हिंदुत्व का प्रचार करना चाहते हैं। जहां तक इन चीजों की बात है तो हम साथ नहीं आ सकते। हमारी विचारधारा अलग है। उन्होंने कहा कि जहां तक देश की बात है तो राजग संप्रग से बेहतर है, इसीलिए हम केंद्र में उसके साथ आए। लेकिन विचारधारा के मामले में हम बिल्कुल अलग हैं। भाजपा भी इस बात को अच्छी तरह जानती है।
मिजोरम में 28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में मिजो नेशनल फ्रंट ने कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ा है। एमएनएफ और कांग्रेस ने 40-40 जबकि भाजपा ने 39 सीटों पर अपनी किस्मत आजमाई है। मिजोरम में वर्ष 2008 से कांग्रेस की सरकार है। 11 दिसंबर को मिजोरम चुनाव के नतीजे घोषित किये जाएंगे।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि भारत सभी समुदायों, धर्मों, जातियों, नस्लों और लिंग के बगैर अधूरा है तथा लोगों को देश का धर्मनिरपेक्ष ताना-बाना बनाए रखना चाहिए। उन्होंने देश की तुलना मानव शरीर से करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में छह दिसंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने को लेकर ‘शांति दिवस’ मनाया जाता है। बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘आज छह दिसंबर है। हम इस दिन शांति दिवस मनाते हैं।’इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी का उन्होंने लिखा है, ‘जैसे मानव शरीर सभी अंगों के बिना अधूरा है, वैसे ही भारत भी सभी समुदायों, धर्मों, जातियों, नस्लों और लिंगों के बिना अधूरा है। भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बनाए रखने की कसम लें।’ छह दिसंबर, 1992 को ही अयोध्या स्थित 16वीं सदी के विवादित ढांचे को तोड़ दिया गया था।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध सिंह राठौर के परिवार वालों को आश्वासन दिया कि उन्हें पूरा न्याय मिलेगा और घटना के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। इस मुलाकात के दौरान प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह भी मौजूद थे। मुलाकात के बाद सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री ने सरकार की ओर से परिवारजनों को आश्वासन दिया है कि परिवार एक अभिन्न अंग बनकर रहेगा और दिवंगत राठौर के दोनों बच्चों की पढाई में कोई हर्ज नहीं होगा।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पहले ही सरकार की ओर से राठौर के परिवार को 40 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा कर चुके हैं। चूंकि दिवंगत इंस्पेक्टर के माता पिता जीवित नहीं हैं इसलिए उन्हें मिलने वाली दस लाख रुपये की राशि भी पत्नी और बच्चों को मिलेगी। सिंह ने बताया कि बच्चों की पढाई के संबंध में तय किया गया है कि इसके लिए बैंक से ली गई शहीद के बड़े बेटे श्रेय ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से पूरा आश्वासन मिला है कि न्याय मिलेगा। जो भी आरोपी हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। संकट की इस घड़ी में वह हमारे साथ हैं और रहेंगे