विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय हुए शामिल

संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक मौन जुलूस में शामिल होकर विभाजन का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना

रायपुर,  अगस्त 2026/ इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की सीख भी है। इसलिए विभाजन की विभीषिका और उससे मिले सबक को पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्मरण रखना आवश्यक है। विभाजन की पीड़ा हमें देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को हर परिस्थिति में अक्षुण्ण रखने का संदेश देती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संचालनालय पुरातत्व स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। समारोह में विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया तथा विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, साहस और धैर्य को नमन किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन केवल भू-भाग और सीमाओं का बंटवारा नहीं था। इस त्रासदी ने लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि, घर-बार और अपनों से बिछड़ने के लिए विवश कर दिया। बंगाली, सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों के लाखों परिवारों ने विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेली। जिन्होंने अपनी आंखों से उस दौर की भयावहता देखी, उनमें से अधिकांश आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों और आने वाली पीढ़ियों की स्मृतियों में वह पीड़ा आज भी जीवित है।

उन्होंने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लोगों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना किया। अपना सब कुछ पीछे छोड़कर उन्होंने नए स्थानों पर लगभग शून्य से जीवन की शुरुआत की। अपने अथक परिश्रम, पुरुषार्थ और जीवटता से उन्होंने स्वयं को पुनः स्थापित किया और देश तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष और साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों के बलिदान और विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को उचित सम्मान देने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह दिवस केवल अतीत की पीड़ा को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि उस त्रासदी से सीख लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने का भी अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को यह जानना आवश्यक है कि देश की स्वतंत्रता के साथ विभाजन के समय लाखों देशवासियों को कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी से गुजरना पड़ा था। इतिहास का स्मरण इसलिए भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो और समाज में एकता, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना और मजबूत हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत का यह संकल्प एकजुट और सशक्त समाज की नींव पर ही साकार होगा। छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका झेलने वाले परिवारों और उनकी पीढ़ियों के साथ राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. द्विवेदी ने प्रसिद्ध साहित्यकार अमृता प्रीतम के उपन्यास पर आधारित अपनी फिल्म ‘पिंजर’ के माध्यम से विभाजन की त्रासदी और मानवीय पीड़ा को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया है।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया प्रतिमा का अनावरण

कलार समाज के सामाजिक सम्मेलन में शिक्षा, प्रतिभा प्रोत्साहन और युवाओं को आगे बढ़ाने पर हुआ मंथन

रायपुर,  अगस्त 2026/ प्रदेश के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रायगढ़ के पंजरी प्लांट स्थित सहस्रबाहु चौक में श्री राजराजेश्वर भगवान सहस्रबाहु की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने समाजजनों को शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक एकता, शिक्षा, विकास और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में कलार समाज द्वारा आयोजित प्रतिमा अनावरण एवं सामाजिक सम्मेलन में मंत्रियों का लड्डुओं से तौलकर तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया गया। सम्मेलन में कलार समाज की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा को बढ़ावा देने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं और बेटियों के उत्थान जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कलार समाज की विरासत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध -स्वास्थ्य मंत्री*

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भगवान सहस्रबाहु की प्रतिमा की स्थापना को समाज के लिए गौरव का विषय बताते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के महत्वपूर्ण चौक पर भगवान सहस्रबाहु की प्रतिमा स्थापित होना केवल रायगढ़ के कलार समाज ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के समाजजनों के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं कलार समाज से आते हैं और समाज की भावनाओं से परिचित हैं। छत्तीसगढ़ की धरती को सजाने-संवारने और बसाने में कलचुरी वंश के पूर्वजों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कलचुरी समाज का इतिहास किसी एक व्यवसाय तक सीमित नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि कलचुरी साम्राज्य का प्रभाव छत्तीसगढ़ के साथ मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा सहित विभिन्न क्षेत्रों में रहा है। समाज के लोगों को अपने गौरवशाली इतिहास को जानने के साथ ही नई पीढ़ी को भी इस विरासत से परिचित कराना चाहिए।

-सभी समाज आगे बढ़ेंगे, तभी होगा प्रदेश और देश का समग्र विकास - वित्त मंत्री-

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति उसकी आने वाली पीढ़ी की प्रगति से होती है। इसलिए बच्चों की शिक्षा, प्रतिभा और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी एक समाज की संपत्ति नहीं होती। जिस समाज के बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, वह समाज प्रगति करेगा और जब सभी समाज आगे बढ़ेंगे, तभी छत्तीसगढ़ और देश का समग्र विकास संभव होगा। उन्होंने युवाओं से नौकरी तक सीमित न रहने और कृषि, व्यवसाय, कला, संगीत, मीडिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया। अपने जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।

वित्त मंत्री ने बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बेटियों को इतना सक्षम और मजबूत बनाया जाना चाहिए कि वे जीवन के किसी भी क्षेत्र में सम्मान के साथ आगे बढ़ सकें।

मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, 95 प्रतिशत से अधिक अंक वालों को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि

कार्यक्रम में कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वेच्छानुदान से 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहन मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में बेहतर उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं।

 

जिलों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को सौंपी गई जिम्मेदारी

रायपुर,  अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय समारोहों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे तथा राज्य की विकास यात्रा और भावी योजनाओं को साझा करेंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी सूची के अनुसार प्रमुख जिला मुख्यालयों में मुख्य अतिथि के रूप में राजनांदगांव जिला मुख्यालय में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता को संबोधित करेंगे। बिलासपुर जिला मुख्यालय में केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, दुर्ग जिला मुख्यालय में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, बस्तर जिला मुख्यालय में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

सरगुजा जिला मुख्यालय में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिला मुख्यालय में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कबीरधाम जिला मुख्यालय में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन,
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। इसी प्रकार रायगढ़ जिला मुख्यालय में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, कांकेर जिला मुख्यालय में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सूरजपुर जिला मुख्यालय में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा जिला के जिला मुख्यालय में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, जशपुर जिला मुख्यालय मेंपर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बालोद जिला मुख्यालय में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के जिला मुख्यालय में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिला मुख्यालय में सांसद श्री विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला के जिला मुख्यालय में सांसद श्री संतोष पांडेय, कोंडागांव जिला मुख्यालय में सांसद श्री भोजराज नाग, बलरामपुर जिला मुख्यालय में सांसद श्री चिंतामणि महाराज, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के जिला मुख्यालय में सांसद श्री राधेश्याम राठिया स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। गरियाबंद जिला मुख्यालय में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सक्ती जिला मुख्यालय में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बीजापुर जिला मुख्यालय में सांसद श्री महेश कश्यप, सुकमा जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिला के जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

कोरबा जिला मुख्यालय में विधायक श्री अमर अग्रवाल, धमतरीजिला मुख्यालय में विधायक श्री अजय चंद्राकर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला के जिला मुख्यालय में विधायक श्री धरमजीत सिंह, मुंगेली जिला मुख्यालय में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, कोरिया जिला मुख्यालय में विधायक श्री भैया लाल राजवाड़े, नारायणपुर जिला मुख्यालय में विधायक सुश्री लता उसेंडी, स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण के बाद जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में दें योगदान

15 अगस्त के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री ने नागरिकों से की हर घर तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय ध्वज के मान-सम्मान की रक्षा करने की अपील

रायपुर, अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर जिले के तिल्दा में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की महिमा और देश के गौरवशाली इतिहास का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हमारे तिरंगे का हरा रंग देश की शांति, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है, जबकि इसके मध्य में स्थित अशोक चक्र हमें बिना रुके निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने का संदेश देता है। यह ध्वज हमारी एकता और अखंडता का वह अनुपम प्रतीक है, जिसके मान-सम्मान की रक्षा के लिए देश के लाखों वीर सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दी है।

स्वाभिमान से फहराएं तिरंगा, बनाए रखें ध्वज की गरिमा

राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने उपस्थित जनसमूह और प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक 15 अगस्त के पावन अवसर पर अपने-अपने घरों में पूरे स्वाभिमान के साथ तिरंगा जरूर फहराएं। इसके साथ ही उन्होंने ध्वज की गरिमा बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहारूष्उत्सव के बाद राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए। सड़क, गली या किसी भी अनुचित स्थान पर तिरंगा गिरा हुआ न दिखाई दे, इस बात का ध्यान रखना हम सभी का परम नैतिक कर्तव्य है।

2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प

देश के स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा रखते हुए श्री वर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने और वर्ष 2047 तक एक सशक्त, समर्थ व विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का जो दूरदर्शी विजन रखा गया है, उसे हम सब मिलकर साकार करेंगे।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला वर्मा, उपाध्यक्ष श्री पलक सुखमणि, पूर्व अध्यक्ष श्री महेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा और विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। देशभक्ति के नारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

रायपुर, 14 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय जननायक, आदिवासी संस्कृति के रक्षक और घर वापसी अभियान के नायक श्रद्धेय स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि दिलीप सिंह जूदेव जी ने अपना जीवन समाज सेवा, जनजातीय समुदायों के हितों और उनकी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए समर्पित किया। उन्होंने आदिवासी समाज के बीच जागरूकता और सामाजिक एकजुटता के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय जूदेव जी का व्यक्तित्व, संघर्षशीलता, राष्ट्रनिष्ठा और समाज के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में लोगों के अधिकारों और हितों के लिए आवाज उठाई तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

श्री ओपी चौधरी ने कहा कि श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव जी के विचार और सेवा कार्य आने वाली पीढ़ियों को समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे। उनकी पुण्यतिथि पर उनका स्मरण हमें सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता के मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश देता है। वित्त मंत्री ने स्व दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

रायपुर, 14 अगस्त 2026/छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान हिंसा और विस्थापन की त्रासदी झेलने वाले लाखों निर्दाेष नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

विभाजन देश के इतिहास की एक अत्यंत पीड़ादायक त्रासदी

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि 1947 का विभाजन भारत के इतिहास का एक अत्यंत दुखद अध्याय था। इस दौरान असंख्य लोगों ने अपनों को खोया और लाखों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर बेघर होना पड़ा। यह वेदना देश की सामूहिक स्मृति में दर्ज है। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी निर्दाेष लोगों के त्याग, असीम संघर्ष और पीड़ा को याद करने का अवसर है, जिन्होंने उस भयावह दौर का सामना किया।

राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता पर बल

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यह दिवस हमें सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे की डोर को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। हमें इस त्रासदी से सीख लेते हुए समाज में प्रेम, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। एक एकजुट, समरस और संगठित समाज ही एक सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण की असली आधारशिला है।

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने विभाजन की विभीषिका में अपनी जान गंवाने वाले सभी निर्दाेष नागरिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया आत्मीय अभिनंदन

भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में डॉ. द्विवेदी का योगदान उल्लेखनीय : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 14 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एवं अभिनेता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. द्विवेदी का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों के बीच भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य तथा सिनेमा सहित विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा और टेलीविजन ने हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अपने सृजन के माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जन-जन तक पहुंचाया है। उनके द्वारा ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों को गंभीर शोध, संवेदनशीलता और सशक्त प्रस्तुति के साथ पर्दे पर उतारने का कार्य उल्लेखनीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘चाणक्य’ का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य चाणक्य के व्यक्तित्व, उनके राष्ट्रबोध और राजनीतिक दर्शन को डॉ. द्विवेदी ने जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, उसने देशभर के दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़ी ऐसी रचनाएं नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता, विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।

डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री श्री साय के आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, साहित्य और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। राज्य की लोककला, लोकसाहित्य और गौरवशाली विरासत में सृजन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव तथा श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित थे।

रायपुर, 14 अगस्त 2026/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज रायपुर के 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश सुल्तानिया द्वारा लिखित पुस्तक ‘थॉट्स अबाउट गॉड’ का विमोचन किया। उन्होंने दिव्यांश के रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

दिव्यांश ने अपने दादा की प्रेरणा से इस पुस्तक की रचना की है। पुस्तक में एक युवा छात्र के दृष्टिकोण से ईश्वर और आध्यात्मिकता से जुड़े विचारों, सवालों और उसकी अपनी समझ को सहज रूप में प्रस्तुत किया गया है। कम उम्र में गंभीर और विचारपरक विषय पर पुस्तक लिखने के दिव्यांश के प्रयास को राज्यपाल ने सराहनीय बताया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने मास्टर दिव्यांश की दूसरी पुस्तक ‘फ्रॉम पॉकेट मनी टू पोर्टफोलियो’ के कवर को भी लॉन्च किया। यह पुस्तक बच्चों और युवाओं में कम उम्र से ही पैसे की बचत, निवेश और वित्तीय जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से छात्र द्वारा लिखी जा रही है। इसमें गुल्लक के माध्यम से बचत की आदत विकसित करने और बचाई गई राशि के उचित निवेश के विचार को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में पढ़ने, लिखने और नए विषयों पर विचार करने की आदत विकसित करना उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने दिव्यांश को अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने की ललक को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर दिव्यांश के पिता श्री सुधीर सुल्तानिया, माता श्रीमती सरिता सुल्तानिया सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

रायपुर 14 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धेय स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित रहा। जनजातीय समाज के हितों की रक्षा, उनके स्वाभिमान और सामाजिक जागरण के लिए उन्होंने आजीवन कार्य किया। समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशिष्ट स्थान दिलाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री जूदेव जी का छत्तीसगढ़ की माटी और यहां के लोगों से गहरा आत्मीय जुड़ाव था। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में उन्होंने समाज को संगठित करने, लोगों में आत्मविश्वास जगाने और उनकी आवाज को मजबूती देने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री जूदेव जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकार और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढ़ियों को समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।

इस अवसर पर श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रियंवदा सिंह जूदेव, प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद, कहा - सफलता केवल डॉक्टर-इंजीनियर बनने तक सीमित नहीं, हर क्षेत्र में हैं आगे बढ़ने के अवसर

आईआईएम, ट्रिपल आईटी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों का विद्यार्थियों ने किया भ्रमण

रायपुर  अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम उनके निवास कार्यालय में सरगुजा जिले के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी छात्र-छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की। अंबिकापुर क्षेत्र के सात शासकीय विद्यालयों के लगभग 50 विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीय संवाद किया और उनके अनुभव, रुचियों तथा भविष्य के सपनों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दौर में देखा गया सपना और उसे पूरा करने के लिए किया गया परिश्रम जीवन की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा बड़े सपने देखने चाहिए और उन सपनों को साकार करने के लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करना चाहिए। कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सफलता का अर्थ केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनना नहीं है। आज युवाओं के लिए शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, खेल, तकनीक, प्रशासन, उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी प्रतिभा और रुचि होती है। आवश्यकता इस बात की है कि वह अपनी क्षमता को पहचाने, सही लक्ष्य चुने और पूरी प्रतिबद्धता के साथ उसे हासिल करने में जुट जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रदेश की विभिन्न प्रतिभाओं और उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तित्वों के प्रेरक प्रसंग भी सुनाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर विस्तार हुआ है। आज छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के अनेक प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित हैं, जहां प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हों। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के मन में नई जिज्ञासा पैदा करने के साथ उनके सपनों को नया विस्तार देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल के बच्चों को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से परिचित कराने और उन्हें भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करने की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने माता-पिता, विद्यालय तथा प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के संपूर्ण जीवन की नींव होता है। जिस प्रकार किसी मजबूत भवन के लिए उसकी नींव मजबूत होना आवश्यक है, उसी प्रकार उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, परिश्रम और समय का सदुपयोग आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस महत्वपूर्ण समय का उपयोग अपने लक्ष्य को पहचानने, ज्ञान अर्जित करने और व्यक्तित्व निर्माण में करने का आह्वान किया।

शैक्षणिक भ्रमण में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनकालों, बकिरमा, सुखरी, रामपुर, मेंड्राकला एवं करजी तथा शासकीय सेजेस केशवपुर के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

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