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मुंबई । आईपीओ का बाजार इस साल भी गुलजार ‎दिखाई दे रहा है। साल 2024 के दो महीनों में कई कंपनियों के आईपीओ बाजार में आ चुके हैं। एक और एसएमई आईपीओ अगले हफ्ते आने को तैयार है। आईपीओ 11 मार्च से ही सब्सक्रिप्शन के खुलेगा प्रथम ईपीसी प्रोजेक्ट्स का आईपीओ। कंपनी ने पब्लिक ऑफर के लिए प्राइस बैंड की घोषणा कर दी है। प्रथम ईपीसी प्रोजेक्ट्स आईपीओ का मूल्य दायरा 71 से 75 प्रति शेयर तय किया गया है। मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर कंपनी ऑफर से ₹36 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है जो पूरी तरह से 48 लाख इक्विटी शेयरों का एक ताज़ा इश्यू है। प्रथम ईपीसी प्रोजेक्ट्स आईपीओ का लॉट साइज 1,600 शेयर है और खुदरा निवेशकों के लिए आवश्यक न्यूनतम निवेश राशि 120,000 है। कंपनी मशीनरी की खरीद, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए ताजा निर्गम आय का उपयोग करने की योजना बना रही है। प्रथम ईपीसी प्रोजेक्ट्स आईपीओ अलॉटमेंट 14 मार्च को होने की उम्मीद है, जबकि प्रथम ईपीसी प्रोजेक्ट्स के इक्विटी शेयर 18 मार्च, 2024 की अस्थायी लिस्टिंग डेट के साथ एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

 

मुंबई । भारत का पुरानी कारों का बाजार अगले 10 साल में 100 अरब डॉलर के आंकड़े पर पहुंच जाएगा। कार्स24 के एक व‎रिष्ठ अ‎धिकारी ने यह राय जताई है। अ‎धिकारी ने कहा ‎कि हमारे आंतरिक अध्ययन के अनुसार भारत का पुरानी कारों का बाजार सालाना 15 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा। यह 2023 के 25 अरब डॉलर से बढ़कर 2034 तक 100 अरब डॉलर का हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पुरानी कारों के बाजार को कई कारकों से मजबूती मिलेगी। इनमें शहरीकरण और बढ़ता मध्यम वर्ग जैसे कारक शामिल हैं। इससे ग्राहकों की प्राथमिकता में बदलाव आ रहा है और सस्ते परिवहन समाधान की मांग बढ़ रही है। जब कार्स24 ने आठ साल पहले अपनी यात्रा शुरू की थी, तब पुरानी कारों के बाजार का आकार लगभग 10-15 अरब डॉलर था। उन्होंने कहा ‎कि मुझे लगता है, पिछले तीन-चार साल में विभिन्न प्रकार की कारों के आने से इस बाजार में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की तुलना में भारत में कारों के स्वामित्व का स्तर काफी कम है। अमेरिका, चीन और यूरोप में 80 से 90 प्रतिशत आबादी के पास कार है। वहीं भारत में सिर्फ आठ प्रतिशत आबादी के पास ही अपना चार-पहिया वाहन है। उन्होंने कहा कि ऐसे में हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है। पुरानी कारों का बाजार बढ़ने की एक और वजह यह है कि युवा आबादी आज पांच-छह साल में अपनी कार बदल देती है। दो दशक पहले लोग 10-12 साल तक अपनी कार नहीं बदलते थे।

‎मुंबई । बीते साल 2023 में छतों पर स्थापित सौर बिजली (रूफटॉप सोलर) क्षमता 6.25 प्रतिशत बढ़कर 1.7 गीगावाट हो गई है। एक अमेरिकी शोध कंपनी की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थापना लागत में कमी जैसे कारकों की वजह से छतों पर स्थापित सौर क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में छतों पर स्थापित सौर क्षमता में वृद्धि 1.6 गीगावाट (जीडब्ल्यू) थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर-दिसंबर, 2023 में छतों पर 406 मेगावाट सौर बिजली क्षमता जोड़ी गई। 2022 की अंतिम तिमाही में जोड़ी गई 483 मेगावाट क्षमता से यह आंकड़ा 15.9 प्रतिशत कम है। दिसंबर, 2023 के अंत में छतों पर स्थापित सौर क्षमता कुल मिलाकर 10.5 गीगावाट तक पहुंच गईं। वर्ष 2023 में रूफटॉप सोलर में प्रमुख योगदान आवासीय क्षमता का रहा। हालांकि वृद्धि मामूली थी क्योंकि कई कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ता अपने पूंजी निवेश को कम करने के लिए मॉड्यूल की कीमतों के स्थिर होने का इंतजार कर रहे थे। बीते साल छतों पर स्थापित कुल सौर क्षमता में आवासीय खंड का हिस्सा 50 प्रतिशत से अधिक रहा। इसके बाद कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर का हिस्सा आता है।

 

नई दिल्ली। वित्तीय संकट के चलते सोनी ग्रुप करीब 900 लोगों को नौकरी से निकालने जा रहा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में इस खबर का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अमेरिका से लेकर एशिया तक अपने वीडियो-गेम डिविजन में करेगी। सोनी प्ले स्टेशन से लगभग 900 कर्मचारियों की नौकरी जाने की खबरें सामने आ रही हैं। इसके अलावा, कंपनी लंदन में एक स्टूडियो को भी बंद कर सकती है।सोनी गेमिंग के सीईओ जिम रयान ने मंगलवार को कर्मचारियों को एक नोट के जरिए बताया कि कंपनी की सोनी इंटरएक्टिव एंटरटेनमेंट यूनिट अपने कर्मचारियों की संख्या में 8 प्रतिशत या लगभग 900 लोगों की कटौती कर रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में सोनी के प्लेस्टेशन डिवाइस, साथ ही कई गेम डेवलपमेंट स्टूडियो शामिल हैं। रयान ने कहा कि बीते कुछ महीनों में उभरते आर्थिक परिदृश्य और कंपनी को भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए हमने ये कठिन फैसला लिया है।
कहा कि इस छंटनी का असर गेम मेकर इनसोम्नियाक, नॉटी डॉग और गुरिल्ला पर भी पड़ेगा। बता दें कि ये सोनी ग्रुप की सबसे सफल कंपनियां हैं, जिनमें स्पाइडर-मैन, द लास्ट ऑफ अस, होराइजन जैसी फिल्में बनी थीं। इस साल वीडियो गम इंडस्ट्री में लगभग 6,000 से अधिक लोगों की नौकरियां गई हैं। क्योंकि कोरोना महामारी के बाद से गेमिंग कंपनियों को खर्च में मंदी और बढ़ते इंटरेस्ट रेट का सामना करना पड़ा है।

नई दिल्ली । 18 साल की अवधि के लिए अदाणी ग्रीन एनर्जी अमेरिकी डॉलर मूल्यवर्ग वाले बांड जारी करके 409 मिलियन डॉलर जुटाने जा रही है। यह जानकारी कंपनी ने मंगलवार को एक नियामक फाइलिंग के दौरान दी। इसके पहले पता चला था कि अदाणी ग्रीन एनर्जी ने मार्च में डॉलर बांड के माध्यम से लगभग 500 मिलियन डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा था, जो एक साल में अदाणी समूह की कंपनी द्वारा विदेशी बांड बाजार में पहली वापसी थी। कंपनी ने कहा कि बांड जारी करना बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है, जिसकी औसत बांड लाइफ लगभग 12.7 वर्ष है। एजेल 2024 में देय 500 मिलियन डॉलर के 6.25 प्र‎तिशत सीनियर सिक्योर्ड नोट को रीफाइनेंस करने के लिए इस पैसे का उपयोग करेगा जो 10 जून 2019 को जारी किया जाएगा। अदाणी ग्रीन एनर्जी ने बांड जारी करने के लिए 11 बैंकों को नियुक्त किया है। इनमें बार्कलेज, डीबीएस बैंक, डॉयचे बैंक, एमिरेट्स एनबीडी बैंक, फर्स्ट अबू धाबी बैंक, आईएनजी बैंक, इंटेसा सैनपोलो, एमयूएफजी सिक्योरिटीज एशिया, एसएमबीसी निक्को सिक्योरिटीज, सोसाइटी जेनरल और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक शामिल हैं।
इन बैंकों को जॉइंट बुक रनर कहा जाएगा। ये बैंक एजेल को बांड बेचने में मदद करेंगे। बताया जा रहा है ‎कि आय निवेशक बैठकें 28 फरवरी से शुरू होंगी। ये बैठकें एशिया, मध्य पूर्व, यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित की जाएंगी। फिच रेटिंग्स ने अदाणी ग्रीन एनर्जी के प्रस्तावित 18 साल के बांड को ‘बीबीबी-(ईएक्सपी)’ रेटिंग दी है। यह रेटिंग 2042 तक स्थिर दृष्टिकोण के साथ दी गई है। यह रेटिंग दर्शाती है कि बांड निवेशकों के लिए मध्यम जोखिम वाला निवेश है। हालां‎कि जनवरी 2023 में, अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह पर एक रिपोर्ट जारी करने के दौरान कई आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के कारण अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों और विदेशी लिस्टेड बांडों में बिकवाली हुई। ‎जिसके बांद कंपनी को ‎विदेशी मुद्रा बांड से पीछे हटना पड़ा ‎था।

भारतीय रिजर्व बैंक ने नियामक मानदंडों के उल्लंघन के लिए भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक और सिटी यूनियन बैंक पर सख्त कार्रवाई ली है। इस कार्रवाई के बाद बैंकों पर लगभग 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में कहा कि जमाकर्ता शिक्षा जागरूकता निधि योजना, 2014 से संबंधित कुछ मानदंडों के उल्लंघन के लिए भारतीय स्टेट बैंक पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।वहीं आरबीआई ने सिटी बैंक पर एनपीए अकाउंट्स से जुड़े इनकम रिकग्निशन के प्रुडेंशियल नियमों, एसेट क्लासिफिकेशन और एडवांस प्रोविजनिंग नियमों के साथ नो योर डायरेक्शन रूल के उल्लंघन के तहत 66 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।इसके अलावा आरबीआई ने कुछ निर्देशों का पालन न करने पर केनरा बैंक पर 32.30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से संबंधित कुछ प्रावधानों का पालन न करने पर ओशन कैपिटल मार्केट लिमिटेड, राउरकेला, ओडिशा पर 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।आरबीआई ने कहा कि प्रत्येक मामले में जुर्माना नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य संस्थाओं द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर प्रभाव डालना नहीं है।

शेयर बाजार में हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन कमजोर शुरुआत। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 93.59 (0.13%) अंक फिसलकर 72,696.54 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 17.85 (0.08%) अंक फिसलकर 22,104.20 के लेवल पर पहुंच गया।

 

सरकारी तेल कंपनियों ने 24 फरवरी को पेट्रोल-डीजल के रेट को रिवाइज कर दिया है। आज कई शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट में बदलाव देखने को मिला है।

अगर आप भी वीकेंड पर बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं तो आपको एक बार लेटेस्ट रेट जरूर चेक करना चाहिए। आप अपने फोन से भी इनकी ताजा कीमत जान सकते हैं। चलिए, जानते हैं कि आज आपके शहर में क्या है फ्यूल के रेट?

मेट्रोसिटी में क्या है पेट्रोल-डीजल की कीमत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपये और डीजल की कीमत 89.62 रुपये प्रति लीटर है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत 106.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 94.27 रुपये प्रति लीटर है।
कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 106.03 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 92.76 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है।
चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 102.63 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 94.27 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पैक्स पीएसीएस के 11 गोदामों का शुभारंभ किया। इसके साथ ही पीएम ने 500 पैक्स में भंडारण के लिए गोदामों के निर्माण की आधारशिला भी रखी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हमने अपने किसानों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी स्टोरेज स्कीम शुरू की है। इसके तहत देश के कोने-कोने में हजारों वेयरहाउस और गोदाम बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आज 18000 पैक्स भी कम्प्यूटरीकृत हैं। ये सभी संसाधन देश में कृषि के बुनियादी ढांचे को विस्तार देंगे और कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ेंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत मंडपम विकसित भारत की अमृत यात्रा में एक और बड़ी उपलब्धि का गवाह बन रहा है। उन्होंने कहा, सहकार से समृद्धि- देश के इस संकल्प को सिद्ध करने में हम और आगे बढ़ रहे हैं। कृषि और खेती की नींव को मजबूत करने में सहयोग की शक्ति बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। इसी सोच के साथ हमने अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया।

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने कहा था कि दिल्ली से एक रुपया भेजते हैं लेकिन गांव तक सिर्फ 15 पैसा ही पहुंचता है, 85 पैसा गायब हो जाता है। जबकि पिछले 10 वर्ष में भाजपा सरकार ने 34 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधा भेजा है। अगर कांग्रेस सरकार होती तो 34 लाख करोड़ में से 29 लाख करोड़ रुपये रास्ते में ही बिचौलिया चबा जाता।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज गरीबों का पैसा लूटने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। गरीबों का जो पैसा लूटने से बचा है, वही पैसा गरीब कल्याण में काम आ रहा है। मुफ्त राशन, मुफ्त इलाज, गरीबों का पक्का घर, हर घर जल, शौचालय, सस्ती दवाएं, घर घर गैस कनेक्शन... ये सारे काम हो रहे हैं। मोदी हर घर को 'सूर्य घर' बनाना चाहता है। मोदी हर परिवार को घर में बिजली बनाकर, वही बिजली बेचकर कमाई का एक और साधन देना चाहता है। इसी उद्देश्य के साथ हमने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है।"

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने सरकारें बार-बार बनाईं लेकिन भविष्य का भारत बनाना भूल गई। क्योंकि उनके मन में सरकार बनाना ही था, देश को आगे बढ़ाना उनका एजेंडा ही नहीं था। आज भी कांग्रेस की दशा और दिशा यही है। कांग्रेस परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण से आगे सोच ही नहीं पाती।

नई दिल्ली । परेशानियों से घिरी एडटेक कंपनी बायजूज के लिए राहत की खबर है। कंपनी का 1,650 करोड़ रुपये का राइट्स इश्यू पूरी तरह से सब्सक्राइब हो चुका है। इस बारे में कंपनी के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन ने शेयरहोल्डरों को इसकी जानकारी दी। बता दें, कंपनी ने राइट इश्यू अपने पीक वैल्यूएशन से करीब 99 फीसदी कम भाव पर जारी किया था। बता दें, इसी हफ्ते के आखिर में कंपनी के शेयरधारकों की एक एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (ईजीएम) होनी है। इस मीटिंग को बायजू के कुछ सबसे बड़े निवेशकों ने कंपनी के नेतृत्व को हटाने और इसके बोर्ड को रिस्ट्रक्चर करने के लिए 23 फरवरी को बुलाया है। सूत्रों ने कहा कि ये ‘असहमत’ शेयरधारक 29 फरवरी तक इश्यू में भाग ले सकते हैं, या अपनी हिस्सेदारी बड़े पैमाने पर कम कर सकते है।

 

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