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राजनीति (2949)

दिल्ली. आम आदमी पार्टी ने बीजेपी की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एमसीडी की संपत्तियों को बेचे जाने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं और अब एमसीडी के सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग को भी बेचा जा रहा है। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी ने कहा कि ऐसा लगता है कि नगर निगमों को बदनाम करने के उत्साह में सौरभ भारद्वाज आरोप लगाने से पहले तथ्यों की ठीक तरीके से जांच भी नही करते है। दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अपना कोई भी चल रहा स्कूल कोचिंग सेंटरों को लीज पर देने का कोई निर्णय नही लिया है।

आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी शासित एमसीडी ने 36 में से 14 स्कूलों को निजी कोचिंग सेंटरों को बेचने के लिए टेंडर निकाल दिया है। पहले चरण में नरेला, सिटी सदर पहाड़गंज जोन, सिविल लाइंस जोन और करोल बाग जोन के स्कूलों की बिल्डिंग को निजी कोचिंग सेंटरों को देने की कोशिश की जा रही है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केजरीवाल सरकार जहां 25 फीसदी बजट शिक्षा पर खर्च करती है, वहीं एमसीडी सिर्फ डेढ़ फीसदी बजट शिक्षा पर खर्च करती है। दिल्ली सरकार के स्कूलों में बच्चों का रजिस्ट्रेशन हर साल बढ़ रहा है, वहीं नगर निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे 3 लाख से घटकर 2.30 लाख हो गए हैं। कई स्कूलों में तो बहुत ही कम बच्चे रह गए हैं और उनके पास इतने छात्र भी नहीं बचे हैं कि उन स्कूलों को चला सकें। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता से सवाल पूछते हुए आप नेता ने कहा कि क्या कारण है कि एमसीडी के स्कूलों में शिक्षा की इतनी बदहाल स्थिति है?

कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तालिबान का नाम लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। ममता बनर्जी ने कहा कि हम किसी को भी देश का बंटवारा नहीं करने देंगे। पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा, 'नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी, हम भारत को तालिबान नहीं बनाने देंगे। भारत एकजुट रहेगा। गांधी जी, नेताजी, विवेकानंद, सरदार वल्लभभाई पटेल, गुरु नानक जी, गौतम बुद्ध और जैन सभी एक साथ इस देश में रहेंगे। हम किसी को भी भारत का बंटवारा नहीं करने देंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर में एक रैली को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी के जुमला पार्टी है। वो लोग झूठ बोल रहे हैं कि हमने राज्य में दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा की इजाजत नहीं दी। बता दें कि भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल से सीधी चुनौती मिल रही है। इसी के मद्देनजर सीएम ने रैली में भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आगे कहा, "भाजपा एक 'जुमला' पार्टी है। वे झूठ बोलते हैं कि हम राज्य में दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा की अनुमति नहीं देते हैं। लेकिन अगर भाजपा वाले धारा 144 लगाए रहेंगे तो दुर्गा पूजा कैसे होगी? इधर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि भवानीपुर उपचुनाव के लिए उन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के पास प्रचार नहीं करने दिया गया। भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि उन्हें हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर प्रचार करने से रोका गया, जो ममता बनर्जी के आवास की ओर जाती है। ममता भी इस उपचुनाव में उम्मीदवार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा को प्रचार करने से रोक दिया क्योंकि तृणमूल कांग्रेस को 30 सितंबर को होने वाले चुनाव में हार का डर है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) आकाश मघारिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, '' उनके पास टीकाकरण प्रमाणपत्र नहीं था और वे उच्च सुरक्षा क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए उन्हें दूसरी सड़क पर जाने को कहा गया।'' भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और मघरिया के बीच मौके पर कहासुनी भी हुई। महतो ने दावा किया कि वे घर-घर प्रचार करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा लोगों की निर्दिष्ट सीमित संख्या का पालन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कहा कि दल में अधिक लोग थे। अन्य सड़क पर प्रचार कर रहे मजूमदार ने पत्रकारों से कहा, '' तृणमूल डर गई है और भाजपा को प्रचार नहीं करने दे रही, लेकिन लोग अवरोधक तोड़ेंगे।'' उन्होंने आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस विपक्षी राजनीतिक दलों के खिलाफ पक्षपात भरा रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस का पेशेवर रवैया खत्म हो गया है।

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अऱविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। नकवी ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को लेकर कहा कि अगले साल गोवा में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले वो वहां की जनता के बीच सपने बेच रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'कुछ लोगों की आत्मीयत चाहत है कि वो जनता को सपने बेचें। केजरीवाल इससे पहले दिल्ली में सपना बेचते थे लेकिन जनता को जल्दी ही उनकी असलियत पता चल गई। दिल्ली में नाकाम होने के बाद अब वो गोवा में वहीं तिकड़मबाजी आजमा रहे हैं। गोवा में अपनी एक यात्रा के दौरान केजरीवाल ने 'सात आश्वासन' का ऐलान किया था। केजरीवाल ने कहा था कि अगर आम आदमी पार्टी सत्ता में आती है तो जनता को नौकरी मिलेगी सिर्फ विधायकों के रिश्तेदारों को नहीं। उन्होंने वादा किया था कि सरकार हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देगी और जब तक वो बेरोजगार रहते हैं उन्हें 3,000 रुपए प्रति माह दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने गोवा के लोगों को निजी नौकरियों में 80 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया। कोविड-19 की वजह से नुकसान में चल रहे पर्यटन क्षेत्र के बेरोजगारों को 5,000 रुपया प्रति माह और खनन पर प्रतिबंध की वजह से बेरोजगार हुए लोगों को भी 5,000 रुपया प्रति माह देने का वादा किया था। दिल्ली के सीएम ने गोवा में सरकार बनने के बाद एक स्किल यूनिवर्सिटी खोलने का वादा भी किया था। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी यहां अपनी सारी ताकत झोंक रही है।

नई दिल्ली । गुजरात और उत्तराखंड में मुख्यमंत्रियों को बदलने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उन राज्यों में अपने आधे मौजूदा विधायकों के टिकट काटने की योजना बना रहा है, जहां 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। दरअसल, ऐसा करके पार्टी सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी को कम करना चाहती है। पिछले विधानसभा चुनावों में भी पार्टी ने अपने 15 से 20 फीसदी विधायकों का टिकट काटा था। हमारे सहयोगी इस बार यह आंकड़ा काफी ज्यादा हो सकता है क्योंकि लोगों के मन में सरकार को लेकर रोष बढ़ा है। साल 2022 में पंजाब, मणिपुर, उत्तराखंड, उत्त प्रदेश, गोवा, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। एक पार्टी सूत्र ने बताया, 'की राज्यों में बीजेपी ने जमीनी स्तर पर सर्वे कराए हैं ताकि जनता का मूड भांप सके। विधायकों से भी कहा गया है कि वे बीते पांच सालों में किए अपने कामों का रिपोर्ट कार्ड सौंपे, जिसे पार्टी की अपनी तैयार की गई रिपोर्ट से मिलाकर भी देखा जाएगा। जिन विधायकों का प्रदर्शन अच्छा नहीं होगा, उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया जाएगा। पार्टी सूत्र ने कहा, 'कोरोना महामारी एक बड़ी चुनौती लेकर आया। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने, टीकाकरण और दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की लेकिन पार्टी ने कुछ राहत एवं बचाव कार्य भी किए। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी राज्य इकाइयों से कहा था कि जरूरतमंदों को खाना खिलाने के लिए अभियान शुरू करें, नौकरी खोने वालों की मदद करें और अपने बूथ में 100 फीसदी टीकाकरण सुनिश्चित करें। विधायकों द्वारा सेवा ही संगठन कैंपेन के तहत किए कामों की भी गिनती होगी। फिलहाल बीजेपी के लिए सत्ता विरोधी लहर को काटना ही सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। पार्टी ने इसी वजह से विजय रुपाणी को हटाकर भूपेंद्र पटेल को गुजरात का नया मुख्यमंत्री बनाया। इसके अलावा पूरे नए मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली ताकि 2022 के अंत में होने वाले चुनावों से पहले पार्टी कैडर को पुनर्जीवित किया जा सके। सूत्र ने बताया, 'अलग-अलग कारणों से मौजूदा विधायकों की टिकट काटना पार्टी के लिए कोई नया नहीं है। उदाहरण के लिए राजस्थान में बीजेपी ने साल 2018 में 43 विधायकों के टिकट काटे थे, जिनमें 4 मंत्री थे। झारखंड में भी पार्टी ने दर्जनभर से ज्यादा विधायकों के टिकट काटे ताकि युवाओं के साथ ही महिलाओं और एससी/एसटी समुदाय के लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले चेहरों को शामिल किया जा सके। एक अन्य सूत्र ने बताया कि टिकट बंटवारे के लिए परफॉर्मेंस ही एकमात्र फैक्टर नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को ऐसे चेहरे भी ढूंढने होंगे जो स्थानीय जाति-समुदाय में पकड़ रखते हों और चुनाव में अच्छे परिणाम लाने में सक्षम हों। एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विज्ञान विभाग में कार्यरत प्रोफेसर एमएम सेमवाल कहते हैं, 'विधायकों के टिकट काटने से लोगों का ध्यान हटाना और गुस्सा कम करने जैसे कई मकसद पूरे होते हैं।

पश्चिम बंगाल. पश्चिम बंगाल में एक बार फिर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी रस्साकशी जारी है। भवानीपुर उपचुनाव में भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रियंका टिबरेवाल को मैदान में उताकर लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। बुधवार को भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के पास प्रचार नहीं करने दिया गया।
मजूमदार बोले-दीदी डर गईं
इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी दावा किया कि उन्हें हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर प्रचार करने से रोका गया, जो ममता बनर्जी के आवास की ओर जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा को प्रचार करने से रोक दिया क्योंकि तृणमूल कांग्रेस को 30 सितंबर को होने वाले चुनाव में हार का डर है।

पुलिस और भाजपा नेताओं में कहासुनी
भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और मघरिया के बीच मौके पर कहासुनी भी हुई। महतो ने दावा किया कि वे घर-घर प्रचार करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा लोगों की निर्दिष्ट सीमित संख्या का पालन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कहा कि दल में अधिक लोग थे।

ममता के खिलाफ भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल ने भी मंगलवार को दावा किया था कि पुलिसकर्मियों उन्हें प्रचार करने से रोक दिया।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किया प्रचार
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल के समर्थन में घर-घर जाकर प्रचार किया और कहा कि उन्हें क्षेत्र में भगवा पार्टी के लिए स्पष्ट समर्थन दिखाई दे रहा है।

कोलकाता । शिवसेना नेता संजय राउत ने पश्चिम बंगाल भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को उनकी "पश्चिम बंगाल में तालिबान सरकार" टिप्पणी के लिए फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की भाषा का उपयोग राजनीतिक बयान के स्तर को कम करता है। संजय राउत ने कहा कि बीजेपी का मानना ​​है कि हर विपक्षी शासित राज्य में "तालिबानी शासन" है। जहां भाजपा की सरकार नहीं है या विपक्षी दल की सरकार है, वहां भाजपा का मानना ​​है कि तालिबानी शासन है। तालिबानी राज का क्या अर्थ है? लोकतंत्र में इस तरह की भाषा किसी को शोभा नहीं देती। ममता बनर्जी की बहुमत से चुनी हुई है। तो क्या बीजेपी पश्चिम बंगाल के लोगों को 'तालिबानियों' कह रही है? अगर राजनीति में ऐसे बयान दिए जाते हैं, तो हमारी राजनीति का स्तर क्या होगा?" बालुरघाट से सांसद सुकांत मजूमदार ने सोमवार को दिलीप घोष की जगह प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। अपनी नियुक्ति के कुछ दिनों बाद, उन्होंने टीएमसी की सरकार की तुलना तालिबान से की और कहा कि वह इसके खिलाफ लड़ेंगे। शिवसेना नेता ने भारत में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई राज्य सरकारों की तुलना तालिबान से करने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कगा, "एक केंद्रीय मंत्री भी महाराष्ट्र में हमारी सरकार की तुलना तालिबान से कर रहे थे। पश्चिम बंगाल के सांसद वहां की चुनी हुई सरकार को 'तालिबानी' कह रहे हैं। केंद्र सरकार इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। क्या इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य है? केंद्र और राज्य के बीच टकराव में, अगर कोई राज्य केंद्र के विचारों से सहमत नहीं है, तो क्या ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जा सकता है|

पटना । देश में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। भगवान राम को आस्था का प्रतीक माना जाता है।इस बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भगवान राम को लेकर विवादित बयान दे दिया है। मांझी ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करते हुए उन्हें काल्पनिक करार दिया। मांझी ने कहा कि श्री राम कोई जीवित या महापुरुष व्यक्ति थे, ऐसा वह नहीं मानते हैं। हालांकि अपने बयान में मांझी ने स्वीकार किया कि रामायण में ऐसी बहुत सारी बातें हैं, जो जीवन में अनुसरण करने योग्य है।मांझी ने कहा कि रामायण की कई श्लोक और संदेश व्यक्ति के निर्माण में उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि रामायण में महिलाओं का सम्मान और बड़ों का आदर करना सिखाया गया है जो व्यक्तित्व के निर्माण में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
मांझी का बयान उस सवाल के जवाब में आया कि क्या मध्यप्रदेश की ही तरह बिहार में भी रामायण को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।बिहार में भाजपा नेताओं की तरफ से मांग लगातार उठ रही है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने स्कूलों में रामायण की शिक्षा देने की मांग की है। बिहार सरकार के एक और मंत्री नीरज कुमार बबलू ने भी कहा है कि बिहार के स्कूल और कॉलेजों में भी भगवान श्रीराम से संबंधित बातें पढ़ाई जानी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग उनके बारे में जान सकें।
मांझी के बयान पर बिहार के सियासत गर्म हो गई है। बिहार सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि भगवान श्रीराम तो सबके दिलों में बसते हैं। हालांकि फिलहाल जदयू ने बयान पर कोई टिप्पणी नहीं दी है। हालांकि शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि उनके पास फिलहाल रामायण को सिलेबस में शामिल करने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है, जब आएगा तब देखा जाएगा। बता दें कि बिहार में जीतन राम मांझी की पार्टी हम भाजपा और जदयू के साथ एनडीए की सरकार में शामिल है।

उनके साथ में नरेंद्र ‎सिंह तोमर भी मुरैना पहुंचे, हुआ भव्य स्वागत.

ग्‍वालियर। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को मुरैना में मेगा रोड शो ‎किया। उनका क्षेत्र में जगह-जगह भव्य स्वागत ‎किया गया। उनके साथ में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मुरैना पहुंचे। यहां चंबल राजघाट पुल से स्वागत का जो सिलसिला शुरू हुआ तो वह मुरैना तक जारी रहा। पूरे रास्ते पुष्प वर्षा एवं फूल मालाओं से केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया गया। इस दौरान परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी उनके साथ थे। इस अवसर पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान सिंधिया ने कहा कि हम सब मिलकर विकास करेंगे। कांग्रेस का काम है आरोप लगाना, जबकि हमारा काम है जनता के काम करना। नागरिक उड्डयन मंत्री बनाए जाने के बाद पहली बार मुरैना आए ज्याेतिरादित्य सिंधिया के स्वागत के लिए पिछले सात दिन से तैयारी चल रही थी। चंबल राजघाट पुल पर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे, जैसे ही सिंधिया का काफिला यहां पहुंचा तो पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया के साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी आए हैं। दोनों नेता सड़क मार्ग से मुरैना पहुंचे। इस दौरान जगह-जगह स्वागत द्वार बनाकर दोनों मंत्रियों का स्वागत किया गया। मुरैना में कार्यकर्ताओं से मुलाकात एवं कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सिंधिया दोपहर तीन बजे ग्वालियर पहुंचेंगे। ग्वालियर चंबल में प्रवेश करने के साथ ही सिंधिया के मेगा शो की शुरुआत हो चुकी है। मुरैना में कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद सिंधिया ग्वालियर पहुंचेंगे। यहां भी वह रथ में सवार होकर शहर में घूमेंगे। इस दौरान भव्य स्वागत की तैयारियां भी की गई हैं।

नई दिल्ली । अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत ने सियासी माहौल को भी खासा गर्म कर दिया है। खासतौर पर कांग्रेस ने महंत की मौत पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की कथित आत्महत्या पर सोमवार को दुख जताया। साथ ही यह सवाल किया कि यह खुदकुशी है या फिर 'सुनियोजित हत्या' का मामला है। गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरि का शव उनके मठ बाघंबरी गद्दी में सोमवार की शाम कथित तौर पर पंखे से लटकता मिला। इसके बाद उनके कमरे से सुसाइड नोट बरामद होने की खबरें भी आईं, जिसमें उनके शिष्यों का नाम होने की बात कही गई। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि संतों-महंतों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद के आदरणीय महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हृदयविदारक है। श्रद्धांजलि। वहीं सुरजेवाला ने सवाल किया कि क्या यह आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या? उत्तर प्रदेश भाजपा की ये कैसी सरकार है जो देश के संतों महंतों की रक्षा करने में भी समर्थ नहीं? कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी नरेद्र गिरी की मौत पर दुख जताया। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने ट्वीट किया, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि जी का देहावसान होना भारत के लिए अपूर्णीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें।

नई दिल्ली । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें उग्रवादी समूह उल्फा से प्रारंभिक बातचीत करने के लिए अधिकृत किया है। दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद सरमा ने यह भी कहा कि वह एनएससीएन-आईएम के साथ जारी शांति प्रक्रिया में आंशिक रूप से शामिल हैं लेकिन नगा विद्रोही समूह के साथ आधिकारिक रूप से कोई बातचीत नहीं कर रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'उल्फा के साथ शांति वार्ता करने के मुद्दे पर मैंने गृह मंत्री से चर्चा की है। उन्होंने उल्फा से प्रारंभिक बातचीत शुरू करने के लिए मुझे अधिकृत किया है।' मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर चीजें सही दिशा में आगे बढ़ती हैं तो केंद्र सरकार बाद के चरण में उल्फा के साथ शांति वार्ता में शामिल हो सकती है। एनएससीएन-आईएम के साथ बातचीत में उनकी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि वह आंशिक रूप से इसमें शामिल हैं लेकिन कभी आधिकारिक रूप से शांति वार्ता में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा, 'एनईडीए के संयोजक के तौर पर मैंने (नगालैंड में) कुछ राजनीतिक दलों के साथ पहले बात की है। सरमा 'नार्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस' (एनईडीए) के संयोजक हैं जो कि पूर्वोत्तर के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का संस्करण है। इस क्षेत्र के मुख्य राजनीतिक दल एनईडीए के घटक हैं। सरमा ने कहा कि वह एनईडीए के संयोजक के तौर पर राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को नगालैंड जाएंगे। राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि असम में एनआरसी की समीक्षा की मांग को लेकर केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का रुख एक समान है। हालांकि, इस संबंध में फैसला उच्चतम न्यायालय ही करेगा क्योंकि एनआरसी को शीर्ष अदालत की सीधी निगरानी में तैयार किया गया था।

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