राजनीति

राजनीति (2949)

नई दिल्ली। पांच राज्यों में आगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक सर्वे ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सहित पूरी पार्टी की चिंता बढ़ा दी होगी। इसका कारण है कि इन चुनावी राज्यों के अधिकांश लोग राहुल गांधी, जिन्हें अगले कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर देखा जा रहा है, के काम से खुश नहीं हैं। हम बात कर रहे हैं एबीपी-सीवोटर सर्वे का। इस सर्वे में 40.5 प्रतिशत लोग राहुल गांधी के काम करने के तरीके से 'बिल्कुल संतुष्ट नहीं' हैं। हालांकि 18.5 प्रतिशत लोगों को उनका काम काफी अच्छा लगता है। इसके अलावा 20.2 प्रतिशत लोगों को लगता है कि राहुल एक हद तक ठीक काम कर रहे हैं। वहीं, 21 प्रतिशत लोगों को यह नहीं मालूम कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सही काम कर रहे हैं या फिर गलत। आपको बता दें कि इस सर्वे में 98 हजार के करीब लोगों ने हिस्सा लिया, जिसे 4 सितंबर से लेकर 4 अक्टूबर के बीच आयोजित किया गया था।अगले साल पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। आइए जानते हैं कि किस राज्य के लोग राहुल गांधी की कार्यशाली से कितने खुश हैं।

पंजाब: सबसे पहले बात पंजाब की, जहां कांग्रेस पार्टी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य को पहला दलित मुख्यमंत्री दिया। इसका श्रेय राहुल गांधी को दिया। कैप्टन ने केंद्रीय नेतृत्व पर अपमान करने का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी को अपरिपक्व बताया था। सर्वे के मुताबिक, यहां के 53.1 प्रतिशत लोग राहुल गांधी के कामकाज से 'बिल्कुल संतुष्ट नहीं' हैं। बॉर्डर स्टेट के सिर्फ 6.7 प्रतिशत लोगों को उनका काम काफी अच्छा लगा। सर्वे में पंजाब के 18 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें से 18.9 प्रतिशत लोग 'कुछ हद तक' ही कांग्रेस नेता के कामकाज से खुश हैं।

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सर्वे में यहां भारतीय जनता पार्टी जबरदस्त वापसी करती हुई दिख रही है। कांग्रेस भी लड़ाई के लिए तैयार है। इसलिए बिना समय गंवाए प्रियंका गांधी वाड्रा लखीमपुर में मृतक किसान परिवार के लोगों को सांत्वना देने के लिए पहुंच गई। सर्वे में शआमिल 50 हजार में से 46.2 प्रतिशत जनता का मामनना है राहुल गांधी का काम करने का तरीका 'बिल्कुल संतुष्ट नहीं' करने वाला है। वहीं, 13.3 प्रतिशत लोग उनके कामकाज से 'काफी संतुष्ट' हैं।

मणिपुर: इस सर्वे में शामिल मणिपुर के 42.1 प्रतिशत लोग कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के कामकाज से 'बिल्कुल संतुष्ट' नहीं हैं। इसके अलावा 27.4 प्रतिशत लोग 'बहुत संतुष्ट' और 21.5 प्रतिशत लोग 'कुछ हद तक संतुष्ट' हैं।

गोवा: गोवा में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सर्वे के मुतबिक, यहां के 16.1 प्रतिशत लोग राहुल गांधी के काम से 'काफी संतुष्ट' हैं। वहीं, 23.2 प्रतिशत लोग 'कुछ हद तक संतुष्ट' हैं। इस सर्वे में राज्य के 13 हजार के करीब लोगों ने हिस्सा लिया।

उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड की 54.1 प्रतिशत जनता ने राहुल गांधी के काम कारने को तरीके को सिरे से खारिज कर दिया है। वे उनके काम से 'बिल्कुल संतुष्ट नहीं' हैं। वहीं, 14.7 प्रतिशत लोग काफी संतुष्ट हैं। आपको बता दें कि उत्तराखंड के करीब 14 हजार लोगों ने इस सर्वे में हिस्सा लिया था।

 

भोपाल । कांग्रेस के पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने कांग्रेस के जी23 पर निशाना साधा है।अरुण ने ट्वीट कर राहुल और प्रियंका गांधी के बहाने विरोधियों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि, जो लोग कहते हैं, गांधी परिवार को ही कांग्रेस का नेतृत्व क्यों करना चाहिए वह सब लोग आंखें खोल कर देख लें। अरुण यादव ने ट्वीट कर कहा कि संघर्ष के वक्त राहुल और प्रियंका ही सबसे आगे रहते हैं। तीन दिन तक यूपी सरकार की कैद में प्रियंका गांधी रही यह उन सबके लिए करारा तमाचा है, जो गांधी परिवार के नेतृत्व पर सवाल उठाते हैं। अरुण ने कहा कि प्रियंका जी शहीद किसानों के आरोपियों को सज़ा दिलाने के लिए 3 दिन तक उत्तरप्रदेश सरकार की कैद में रही और जिस तरह से राहुल-प्रियंका ने हाथरस, लखीमपुर खीरी की लड़ाई लड़ी है, यह उन सबके लिए करारा तमाचा है जो बोलते है कि गांधी परिवार ही कांग्रेस का नेतृत्व क्यों करे? ओर हाँ ये किसानों कि सम्मान मान के लिए युद्ध था,तब जिन्हें राहुल जी प्रियंका जी के नेतृत्व से दिक्क्त थी, वहां इस रणभूमि में कहाँ है?

कोलकाता| पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस एक-एक कर अपने सभी साथियों की पार्टी में वापसी करा रही है। गुरुवार को राजरहाट से विधायक सब्यसाची दत्ता दो साल तक बीजेपी में रहने के बाद दोबारा टीएमसी में शामिल हो गए। हालांकि, नेताओं की घर वापसी को लेकर टीएमसी के कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, 'हाल के विधानसभा चुनावों में जिन लोगों ने ममता बनर्जी का अपमान किया, उन्हें टीएमसी में वापस लाने से हमारे कार्यकर्ता नाखुश हैं। यह स्वाभाविक है कि पार्टी के गंभीर कार्यकर्ताओं को उन लोगों की वापसी पसंद न आए जो कल तक किसी और पार्टी में थे और अब एक बार फिर से टीएमसी में हैं।'सब्यसाची दत्ता ने गुरुवार को बंगाल सीएम ममता बनर्जी और दो अन्य- जाकिर हुसैन, अमीरुल इस्लाम के विधायक पद की शपथ के बाद टीएमसी जॉइन की। दत्ता बीजेपी के राज्य सचिवों में से एक थे। पार्टी में शामिल होने के बाद दत्ता ने कहा, 'मैंने एक भावुक निर्णय लिया और पार्टी सहयोगियों के साथ गलतफहमियों की वजह से बीजेपी चला गया। टीएमसी मुझे जो भी भूमिका देगी मैं उसे दिल से निभाऊंगा।'इस बीच टीएमसी के बंगाल महासचिव कुणाल घोष ने भी तंज भरे अंदाज में कहा, 'जिन लोगों को एहसास हो गया कि टीएमसी के बाहर उनका कोई अस्तित्व नहीं और वे ममता बनर्जी की शरण के बिना नहीं जी सकते, वे पार्टी में वापसी कर रहे हैं।'बता दें कि दत्ता इस साल जून माह से अब तक बीजेपी छोड़ टीएमसी में वापसी करने वाले छठे नेता हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने हंगल विधानसभा क्षेत्र के लिए 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों की खातिर प्रभारियों की सूची में पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के बेटे और कर्नाटक भाजपा के उपाध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र को शामिल कर लिया। विजयेंद्र ने सूची में शामिल नहीं करने के कारण अपने समर्थकों से गुस्सा जाहिर करने से बचने की अपील की थी।

सिंदगी और हंगल विधानसभा क्षेत्र में 30 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे और वोटों की गिनती दो नवंबर को होगी। विजयेंद्र ने ट्वीट किया, 'सिंदगी और हंगल उपचुनावों के लिए प्रभारियों की सूची में मेरा नाम शामिल नहीं करने पर हमारे कुछ कार्यकर्ताओं ने गुस्सा जाहिर किया है। मेरी उनसे अपील है- कृपया ऐसे बयान देने से बचें जिससे हमारी पार्टी, नेताओं या मुझे शर्मिंदगी उठानी पड़े।'

उन्होंने कहा, 'कर्नाटक भाजपा के उपाध्यक्ष के रूप में मैं दोनों विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी उम्मीदवारों के लिए सक्रिय रूप से प्रचार करूंगा। हम दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने और पार्टी को मजबूत करने में अपनी ऊर्जा लगाएं।'

बता दें कि पार्टी की तरफ से एक अक्टूबर को घोषित प्रभारियों की सूची में विजयेंद्र का नाम नहीं था। हंगल के प्रभारी के लिए सोमवार को जारी संशोधित सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। हंगल सीट के लिए 13 प्रभारियों का नाम जारी किया गया है जिसमें कुछ मंत्री और सांसद भी शामिल हैं।

नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा कि लखीमपुर जाते वक्त उन्हें धक्का देकर हाथापाई की गई। वहीं गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस ने कोई कागज भी नहीं दिखाया।दरअसल प्रियंका गांधी सोमवार को तड़के लखीमपुर के लिए निकलीं थीं, जहां कथित तौर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष उर्फ मोनू मिश्रा की कार ने किसानों को रौंद दिया था,जिससे चार किसानों की मौत हो गई। घटना में ड्राइवर और अन्य नागरिकों के साथ एक पत्रकार की भी मौत हुई है। दुर्घटना में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है।
कांग्रेस नेता ने कहा, उन्होंने मुझे कोई कागज नहीं दिखाया, अगर वे मुझे कोई कागज नहीं दिखाते हैं,तब मैं इस किडनैपिंग कहूंगी। प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने हिरासत में लेकर सीतापुर स्थित गेस्ट हाउस में रखा है, जहां उन्होंने मीडिया से बात की। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘बताया गया कि वो सेक्शन 151 के तहत गिरफ्तार की गई हैं, इसका मतलब है कि वे ‘भविष्य में होने वाले अपराध को अंजाम देने वाली थीं।
उन्होंने कहा, अगर वहां मुझ पर 24 घंटे के भीतर सेक्शन 151 के तहत आरोप नहीं लगाते हैं,तब मैं आजाद हूं।लेकिन मैं अपने वकीलों से बात नहीं कर पा रही हूं।मुझे बताया गया है कि मेरे पास अधिकार है। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि मंत्री पुत्र को अभी तक पुलिस ने गिरफ्तार क्यों नहीं किया है? बता दें कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष पर लखीमपुर जिले में प्रदर्शन कर रहे किसानों को कार से रौंदने का आरोप लगा है। प्रियंका गांधी ने कहा, ये किस तरह के राष्ट्रवादी हैं? जो ऐसा कानून बनाते हैं, जो किसानों को पूरी तरह से तबाह कर देगा.’

 

नई दिल्ली । कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा और राज्य पार्टी प्रमुख विन्सेंट एच पाला के साथ सोमवार देर रात बैठक की। इस दौरान दोनों के बीच मतभेदों को दूर करने के की कोशिश की गई। संगमा ने बैठक को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी और हमारी पार्टी के अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ बैठकों में जिन मामलों में सुधार की जरूरत थी, उन पर विस्तार से चर्चा की गई।" संगमा ने कहा कि लोकतंत्र के फलने-फूलने के लिए, सभी हितधारकों और राजनीतिक दलों के सदस्यों के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आदर्शों से समझौता न हो। आपको बता दें कि संगमा और लगभग एक दर्जन कांग्रेसी विधायक तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की योजना बना रहे थे। इसके बीच ये बैठकें हुईं। संगमा ने टीएमसी में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर दिया। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि 30 अक्टूबर को तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले सोनिया गांधी ने दोनों नेताओं से अपने मतभेदों को सुलझाने और एकजुट होने का आग्रह किया। माना जाता है कि संगमा ने पाला को राज्य प्रमुख के रूप में नामित करने के फैसले से बाहर होने पर नाराजगी व्यक्त की थी। पाला से उनकी टिप्पणियों के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।

कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा उपचुनाव में भवानीपुर सीट को जीतकर नया कीर्तिमान रच दिया है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को 58 हजार से ज्यादा वोटो के अंतर से हराया। उनकी यह जीत 2011 में मिली जीत से भी बड़ी है। तब उन्हें उपचुनाव में भवानीपुर सीट से 54,213 वोटों से जीत दर्ज की थी। ममता ने रविवार को कहा कि उन्होंने भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल कर ली है। उन्होंने कहा, मैंने भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव 58, 832 वोटों के भारी अंतर से जीत लिया है और विधानसभा के सभी वार्डों में जीत मिली है। ममता ने कहा, यहां (भवानीपुर में) लगभग 46 फीसदी लोग गैर-बंगाली हैं। उन सभी ने मुझे वोट दिया है। पश्चिम बंगाल के लोग भवानीपुर को देख रहे हैं, जिसने मुझे प्रेरित किया है। उपचुनाव में भारी जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए ममता ने केंद्र पर उनको सत्ता से हटाने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, जब से बंगाल में चुनाव शुरू हुए, केंद्र सरकार ने हमें (सत्ता से) हटाने की साजिश रची। मेरे पैर में चोट इसलिए लगी कि मैं चुनाव नहीं लडूं। 6 महीने के भीतर चुनाव कराने के लिए हमें और चुनाव आयोग को वोट देने के लिए मैं जनता की आभारी हूं।
कोलकाता में मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा कि नंदीग्राम में रची गई साजिश का भवानीपुर के लोगों ने मुंहतोड़ जवाब दिया है। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले संपन्न बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम सीट से बनर्जी के हारने के बाद राज्य के मंत्री सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने भवानीपुर सीट खाली कर दी थी ताकि बनर्जी इस सीट से जीत हासिल कर विधानसभा में लौट सकें। टीएमसी ने अप्रैल-मई में हुए विधानसभा चुनावों में इस सीट पर करीब 28,000 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी।
उन्होंने कहा कि मुझें फिर से लोगों के लिए काम करने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि मैं अपनी जीत पर वी का चिन्ह नहीं दिखाऊंगी। मैं 3 अंगुली का चिन्ह दिखाऊंगी क्योंकि मैंने अकेले चुनाव नहीं लड़ा। जंगीपुर और समशेरगंज में मेरे सहयोगी भी चुनाव जीत रहे हैं। ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतने छोटे से विधानसभा क्षेत्र के लिए साढ़े तीन हजार से अधिक केंद्रीय बलों की तैनाती की गई। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ बहुत साजिशें हुईं हैं। उन्होंने अपनी जीत के संबोधन में नंदीग्राम में मिली हार का भी जिक्र किया और कहा कि ये मामला इस समय अदालत में है इसलिए मैं इस पर कुछ भी नहीं कहना चाहती लेकिन सबने देखा कि क्या क्या हुआ।

उत्तर प्रदेश | चुनाव की तैयारियां भाजपा ने तेज कर दी हैं। एक तरफ पार्टी किसान आंदोलन की काट निकालने की कोशिश में है तो वहीं दूसरी तरफ जातीय समीकरण साधकर विधानसभा चुनाव में बढ़त की रणनीति बना रही है। इसी कड़ी में भाजपा ने ओबीसी और अनुसूचित जाति के लोगों के सम्मेलन करने का फैसला लिया है। आने वाले दिनों में पार्टी हर जिले में इस तरह के सम्मेलन करने वाली है। इनके जरिए वह एक बार फिर से ओबीसी और दलित समुदाय के एक बड़े वर्ग को आकर्षित करना चाहती है। इसके लिए भाजपा ने प्रदेश के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह को ओबीसी मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। वहीं एक और उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौधरी को एससी मोर्चा की बैठकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि 8 अक्टूबर से ऐसे सम्मेलनों की शुरुआत की जा सकती है। अन्य पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग की कुल 22 जातियों पर फोकस करते हुए भाजपा आगे बढ़ने की तैयारी में है। इनमें यादव, निषाद, चौहान, राजभर जैसी जातियां भी शामिल हैं, जिनकी गोलबंदी पर बीते कुछ सालों में राजनीतिक दलों ने खासा जोर दिया है। हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से ही ओबीसी जातियों का बड़ा वोट भाजपा को मिलता रहा है। यही नहीं खासतौर पर सपा के वोटर कहे जाने वाले यादवों का भी बड़ा वोट कई इलाकों में भाजपा को मिलता दिखा है।
इस रणनीति के तहत पार्टी कुछ सम्मेलन लखनऊ में ही आयोजित करेगी, इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में किए जाएंगे। उन जातियों के प्रादेशिक सम्मेलन लखनऊ में होंगे, जिनका पूरे राज्य पर प्रभाव माना जाता है। इसके अलावा उन जातियों को लेकर सम्मेलन जिला और मंडल स्तर पर होंगे, जिनका प्रभाव खास क्षेत्रों में है। एक बार फिर से भाजपा का फोकस 2017 की अपनी रणनीति पर है, जिसके तहत उसने सवर्णों के बड़े वोट के अलावा गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों पर फोकस किया था। इस रणनीति में वह कामयाब भी हुई थी और बड़े पैमाने पर उसे इन जातियों का वोट मिला था।

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में हुए विधान सभा उपचुनाव के वोटों की काउंटिग जारी है. 30 सितंबर को पश्चिम बंगाल की तीन विधान सभा सीटों भवानीपुर, जंगीपुर और शमशेरगंज पर वोट डाले गए थे. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) भवानीपुर विधान सभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तरफ से चुनावी मैदान में हैं. वहीं बीजेपी ने उनके खिलाफ प्रियंका टिबरेवाल को उतारा है. पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बने रहने के लिए ममता बनर्जी का भवानीपुर सीट पर आज जीतना जरूरी है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विधान सभा उपचुनाव में भवानीपुर सीट पर बीजेपी की उम्मीदवार से 34,970 वोट से आगे चल रही हैं. 12वें राउंड तक ममता बनर्जी को 48,813 वोट और बीजेपी की प्रत्याशी प्रियंका टिबरेवाल को 13,843 वोट मिले हैं.

3 अक्टूबर 2021, 11:55 बजे
पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधान सभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार ममता बनर्जी ने भारी बढ़त बनाई हुई है. 10वें राउंड तक ममता बनर्जी को 42,122 वोट और बीजेपी की प्रत्याशी प्रियंका टिबरेवाल को 10,477 वोट मिले हैं.

3 अक्टूबर 2021, 11:26 बजे
पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रत्याशी ममता बनर्जी ने भारी बढ़त बनाई हुई है. सातवें राउंड की काउंटिंग तक ममता बनर्जी को 34,721 वोट और बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को 7,219 वोट मिले हैं.

3 अक्टूबर 2021, 09:47 बजे
पश्चिम बंगाल की शमशेरगंज विधान सभा सीट पर भी टीएमसी आगे चल रही है. टीएमसी के उम्मीदवार को अभी तक 4235 और कांग्रेस के प्रत्याशी को 3095 वोट मिले हैं.

3 अक्टूबर 2021, 09:42 बजे
पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी आगे चल रही हैं. उन्होंने 12 हजार 435 वोटों से बढ़त बनाई हुई है. पहले राउंड में ममता बनर्जी को 16,397 वोट और बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को 3,962 वोट मिले हैं.

3 अक्टूबर 2021, 09:35 बजे
पश्चिम बंगाल विधान सभा उपचुनाव में जंगीपुर सीट पर पहले राउंड की काउंटिंग में टीएमसी आगे चल रही है. पहले राउंड में टीएमसी को 4842 वोट और बीजेपी को 1868 वोट मिले हैं.

3 अक्टूबर 2021, 09:07 बजे
पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल ने कलकत्ता हाई कोर्ट को लेटर लिखा है, जिसमें उन्होंने हिंसा होने की आशंका जताई है.

3 अक्टूबर 2021, 08:35 बजे
आज (रविवार) सुबह 8 बजे से पश्चिम बंगाल विधान सभा उपचुनाव के वोटों की गिनती शुरू हो गई. 21 राउंड की काउंटिंग होगी.

3 अक्टूबर 2021, 07:18 बजे
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) का सीएम बने रहने के लिए 5 नवंबर से पहले ममता बनर्जी को राज्य की विधान सभा का सदस्य बनना होगा. वर्ना उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ेगा. संविधान के आर्टिकल 164(4) के अनुसार, अगर कोई शख्स विधान सभा का सदस्य नहीं है और मुख्यमंत्री बन जाता है तो उसे 6 महीने के अंदर राज्य की विधान सभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होता है. पश्चिम बंगाल में विधान परिषद नहीं है इसीलिए ममता बनर्जी को विधान सभा का सदस्य बनना होगा.

3 अक्टूबर 2021, 07:09 बजे
सीएम ममता बनर्जी विधान सभा चुनाव 2021 में पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से 1,956 वोटों से हार गई थीं.

3 अक्टूबर 2021, 07:05 बजे
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव 2021 में भवानीपुर विधान सभा सीट (Bhawanipur Assembly Seat) से टीएमसी के शोभनदेव चट्टोपाध्याय (Sobhandeb Chattopadhyay) ने जीत हासिल की थी. शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने ममता बनर्जी के लिए विधायक पद से इस्तीफा दे दिया.

3 अक्टूबर 2021, 06:59 बजे
जान लें कि उपचुनाव में जंगीपुर विधान सभा सीट पर 76.12 फीसदी वोटिंग हुई थी और शमशेरगंज विधान सभा सीट पर 78.60 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला था.

3 अक्टूबर 2021, 06:56 बजे
पश्चिम बंगाल की भवानीपुर (Bhawanipur) विधान सभा सीट पर उपचुनाव (WB Byelection Vote Counting) के लिए 30 सितंबर को वोटिंग हुई थी. 53.32 फीसदी नागरिकों ने उपचुनाव में वोट डाला था.

3 अक्टूबर 2021, 06:51 बजे
बता दें कि पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) उपचुनाव (West Bengal Bypoll) लड़ रही हैं. ये ममता बनर्जी की परंपरागत सीट रही है, लेकिन पिछले चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, जहां बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से उन्हें हार मिली थी.

नई दिल्ली । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 152वीं जयंती के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि देशभर के 7 करोड़ भाजपा कार्यकर्ता खादी के उपयोग को बढ़ावा देने में योगदान देंगे। इस अवसर पर नड्डा ने खादी इंडिया स्टोर का दौरा किया। नड्डा ने कहा, " 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक देश में भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ता खादी के उपयोग को बढ़ाने में योगदान देगें। नड्डा ने कहा "महात्मा गांधी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक प्रमुख भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' के आह्वान ने खादी उद्योग को नया जीवन दिया है। महात्मा गांधी की 152वीं जयंती और हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 118वीं जयंती है। महात्मा गांधी ने देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई और साथ ही उन्होंने उस अवधारणा पर काफी जोर दिया जिसमें भारत आगे बढ़ेगा।"
विश्व स्तर पर, गांधी की जयंती को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर को चिह्नित करने के लिए भारत और दुनिया भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नड्डा ने कहा, "लाल बहादुर शास्त्री जी, जो स्वभाव से विनम्र थे, लेकिन एक साहसिक निर्णय लेने वाले थे, बहुत कम समय के लिए प्रशासन में रहे, लेकिन कम समय में उन्होंने अपनी प्रतिभा से देश को दिशा दी, देश का निर्माण किया।

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