राजनीति

राजनीति (2949)

पंजाब | कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से कांग्रेस में अपमानित होने का आरोप लगाए जाने को हरीश रावत ने गलत ठहराया है। पूर्व पंजाब सीएम के आरोपों पर राज्य के प्रभारी हरीश रावत ने कहा, 'ऐसी रिपोर्ट्स में कोई तथ्य नहीं है कि कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह का अपमान किया है।' हरीश रावत ने कहा कि ऐसा लगता है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पर कोई दबाव है। उनके हालिया बयानों से ऐसा ही नजर आ रहा है। रावत ने कहा कि उन्हें एक बार फिर से विचार करना चाहिए और किसी भी तरह से भाजपा की मदद करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर को सीधे तौर पर या फिर अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा की मदद नहीं करनी चाहिए।

हरीश रावत ने कहा कि अब तक कांग्रेस ने जो भी किया है, वह कैप्टन अमरिंदर सिंह के सम्मान और गरिमा को बचाने के लिए ही किया है। इसके अलावा 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी जीत की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए फैसले लिए गए हैं। इससे पहले गुरुवार को भी हरीश रावत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि यूं ही कोई बेवफा नहीं होता। कुछ तो मजबूरियां जरूर रही होंगी। पंजाब में पार्टी प्रदेश प्रभारी भी बदलने वाली है। अब इस जिम्मेदारी से हरीश रावत को हटाकर राजस्थान के नेता हरीश चौधरी को लाने की तैयारी है।

हरीश चौधरी को राहुल गांधी के करीबी नेताओं में शुमार किया जाता है। हाल ही में नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद से पैदा हुए हालातों में उन्होंने समझौते के प्रयास किए हैं। गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद से पंजाब कांग्रेस में हालात और बिगड़ गए हैं। इस बीच नए बने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे हैं। वह यहां राहुल गांधी और पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं।

 

पंजाब | से लेकर छत्तीसगढ़ में आपसी कलह से जूझ रही कांग्रेस को एक और राज्य से बड़ा झटका लगने वाला है। मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा और पूर्वोत्तर पहाड़ी राज्य के करीब एक दर्जन विधायक कांग्रेस का हाथ छोड़कर जल्द ही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा, जो अब विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं, कांग्रेस लीडरशिप से नाखुश हैं और उन्हें लगता है कि वह पुरानी पार्टी में किनारे कर दिए गए हैं।

बीते दिनों संगमा ने लोकसभा सांसद विंसेंट एच पाला को पार्टी की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की थी। इतना ही नहीं, वह मुख्य रूप से गारो हिल्स क्षेत्र के विधायकों के साथ पार्टी के दो प्रमुख कार्यक्रमों से भी दूर रहे थे। संगमा ने इससे पहले कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से उनकी हालिया मुलाकात की खबरों का खंडन किया था।

हालांकि, सुष्मिता देव की मेघालय यात्रा के बाद से इसकी चर्चा बढ़ गई कि संगमा टीएमसी का दामन थामने वाले हैं। बता दें कि अगस्त में ही सुष्मिता देव कांग्रेस छोड़ टीएमसी में शामिल हो गई थीं। अगर संगमा कांग्रेस छोड़ देते हैं, तो कई अन्य विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं। संगमा मेघालय में तृणमूल नेताओं के साथ बातचीत करने के बाद अंतिम घोषणा कर सकते हैं।

बता दें कि बंगाल में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद से तृणमूल कांग्रेस भर्ती और सेंधमारी की होड़ में है। ममता बनर्जी ने अपनी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को स्पष्ट कर दिया है और हाल के दिनों में कई नेता, ज्यादातर कांग्रेस से, तृणमूल कांग्रेस में चले गए हैं। यहां तक कि पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो समेत भाजपा के कुछ नेताओं ने भी टीएमसी में घर वापसी की है। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता लुइजिन्हो फलेरियो को बुधवार को कोलकाता में टीएमसी में शामिल किया गया।

बिहार | पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में हुए चुनाव की मतगणना चल रही है। ज्‍यादातर चुनाव के परिणाम आ रहे हैं। मतगणना कल भी जारी रहेगा। लगातार परिणाम आने शुरू हो गए हैं।कोसी और सीमांचल इलाके में मतगणना की एक दिन पूर्व ही पूरी कर ली गई थी। कुछ जगह के परिणाम चौकाने वाले आने शुरू हो गए हैं। मुखिया पद के रिजल्‍ट को लेकर लोग काफी उत्‍सुक हैं।

दूसरे चरण में 29 सितंबर को बिहार के 34 जिलों में 48 प्रखंडों में वोट डाले गए थे। इस की आज मतगणना हो रही है। 692 पंचायतों में 21,131 उम्‍मीदवारों के भाग्‍य का फैसला होगा। अगर हम कोसी, सीमांचल और पूर्व बिहार की बात करें तो यहां 10 बजे चुनाव परिणाम आने शुरू हो जाएंंगे। जिला परिषद सदस्‍य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्‍य, वार्ड सदस्‍य, सरपंच व पंच के चुनाव परिणाम की जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें। सहरसा के कहरा प्रखंड के एक चौकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। चैनपुर पंचायत से सविता देवी निर्वाचित घोषित की गई हैं। वे पहली बार मुखिया बनींं हैं। आइपीएस सागर कुमार की मां सविता देवी के चुनाव जीतने पर जश्‍न है।

भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड का चुनाव परिणाम

 जगदीशपुर प्रखंड के के शाहजंगी पंचायत से बीबी तरन्नुम मुखिया बनीं। ईमामपुर पंचायत से इशरत बानो। खीरी बांध पंचायत से अजय राय। जमनी पंचायत से मोहम्मद चांद आलम उर्फ मोनू, बैजानी पंचायत से नवल सिंह, सन्हौली पंचायत मु मरगूब। बलुआचक पुरैनी पंचायत से मुकेश मंडल मुखिया पद पर विजयी हुए।

नई दिल्ली|स्थायी अध्यक्ष को लेकर गहमागहमी और सभी राज्यों से सिमटती कांग्रेस पर 'सामना' का लेख चर्चा में है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा है कि आलाकमान को लेकर बना संशय ही कांग्रेस के पतन का कारण है, इसका असर पंजाब में देखने को मिल ही चुका है। इसलिए पार्टी को एक स्थायी अध्यक्ष की जरूरत है।

कांग्रेस में युवाओं की मांग गलत नहीं 
उद्दव ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस में कुई युवा, पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग गलत नहीं है। क्योंकि जैसे बिना सिर वाले शरीर का कोई फायदा नहीं होता वैसे ही बिना अध्यक्ष वाली पार्टी भी किसी का मुकाबला कैसे कर सकती है। इस सवाल का गांधी परिवार को देना चाहिए कि उनमें से कौन है जो नेतृत्व के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को स्थायी पार्टी अध्यक्ष पर बने संशय को खत्म करना चाहिए। 

सिद्धू पर ज्यादा नहीं जताना चाहिए भरोसा 
उद्धव ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बनाकर बहुत बड़ा कदम उठाया था। लेकिन, पार्टी के ही नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने राहुल गांधी के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसे व्यक्ति को न तो ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए और न ही भरोसा जताना चाहिए, जिसने हाल ही में पार्टी ज्वाइन की हो। उन्होंने कहा कि पार्टी में स्थायी अध्यक्ष होना जरूरी है, जो ऐसे बड़बोले नेताओं के मुंह को बंद करा सके। 

महाराष्ट् | पार्टी ने कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर व्याप्त भ्रम पंजाब में राजनीतिक संकट के लिए उतना ही जिम्मेदार है, जितना कि भाजपा। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना ने दावा किया कि राहुल गांधी हालांकि कांग्रेस पार्टी में कई मुद्दों का समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन पार्टी के पुराने नेताओं का उन्हें रोकने के लिए भाजपा के साथ गुप्ता समझौता है और इसलिए वे पार्टी को डुबाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं। 

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा है, ''कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष की जरूरत है। बिना सिर के शरीर का क्या फायदा? ...कांग्रेस बीमार है और उसका इलाज करना चाहिए, लेकिन इलाज सही है या गलत उसकी समीक्षा की जानी चाहिए।'' संपादकीय में शिवसेना ने आरोप लगाते हुए कहा, ''राहुल गांधी किले की मरम्मत करना चाहते हैं। किले का रंग-रोगन करने का प्रयास कर रहे हैं। सीलन, गड्ढों को भरना चाहते हैं, परंतु पुराने लोग राहुल गांधी को ऐसा करने नहीं दे रहे। राहुल गांधी को रोकने के लिए इन लोगों ने अंदर से भाजपा जैसी पार्टी से हाथ मिला लिया है, ऐसा अब पक्का हो गया है। कांग्रेस को डुबाने की सुपारी कांग्रेसियों ने ही ली है। यह मान्य है, परंतु कांग्रेस को स्थायी अध्यक्ष दो। पार्टी का सेनापति नहीं है तो लड़ें कैसे?''

शिवसेना ने कहा, ''पुराने दिग्गज कांग्रेसियों की यह मांग भी गलत नहीं है। कांग्रेस पार्टी में नेता कौन है यह सवाल ही है। गांधी परिवार है, परंतु नेता कौन? अध्यक्ष कौन? इस बारे में भ्रम होगा, तो उसे दूर करना चाहिए।'' 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की नेतृत्व वाली शिवसेना कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर महा विकास आघाड़ी सरकार चला रही है। सामना ने लिखा है, ''पंजाब में दलित मुख्यमंत्री बनाना राहुल गांधी का जोरदार फैसला है, उसे उनके प्रिय सिद्धू ने रोक दिया। कांग्रेस पार्टी में बकवास करनेवालों की कमी नहीं है। सिद्धू जैसे बाहरी पर विश्वास करने की आवश्यकता नहीं थी।'' पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और हाल में कांग्रेस से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन फलेरियो की आलोचना करते हुए शिवसेना ने कहा, '' पंजाब में गड़बड़ी शुरू रहने के दौरान गोवा के लोकप्रिय नेता कांग्रेसी पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में चले गए। उनमें पूर्व मुख्यमंत्री लुइजिन फलेरियो भी हैं। 

शिवसेना का कहना है कि कैप्टन अमरिंदर और लुइजिन फलेरियो को पार्टी ने मुख्यमंत्री जैसा सर्वोच्च पद दिया। इसके बाद भी ये लोग पार्टी छोड़ने की बात कर रहे हैं, ये बेशर्मी की हद है।'' सामना ने लिखा कि इसी प्रकार जब कांग्रेस सत्ता में थी तब जितिन प्रसाद को केंद्रीय मंत्री बनाया गया। हालांकि, वह बाद में भाजपा में शामिल हो गए और उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया गया। शिवसेना ने कहा कि कई साल तक कांग्रेस देश की सत्ता में रही है और फिलहाल कुछ राज्यों में शासन कर रही है। हालांकि, भाजपा के सत्ता में आने और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से कांग्रेस पार्टी मुश्किल का सामना कर रही है।

पंजाब | कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से कांग्रेस में अपमानित होने का आरोप लगाए जाने को हरीश रावत ने गलत ठहराया है। पूर्व पंजाब सीएम के आरोपों पर राज्य के प्रभारी हरीश रावत ने कहा, 'ऐसी रिपोर्ट्स में कोई तथ्य नहीं है कि कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह का अपमान किया है।' हरीश रावत ने कहा कि ऐसा लगता है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पर कोई दबाव है। उनके हालिया बयानों से ऐसा ही नजर आ रहा है। रावत ने कहा कि उन्हें एक बार फिर से विचार करना चाहिए और किसी भी तरह से भाजपा की मदद करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर को सीधे तौर पर या फिर अप्रत्यक्ष तौर पर भाजपा की मदद नहीं करनी चाहिए।

हरीश रावत ने कहा कि अब तक कांग्रेस ने जो भी किया है, वह कैप्टन अमरिंदर सिंह के सम्मान और गरिमा को बचाने के लिए ही किया है। इसके अलावा 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी जीत की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए फैसले लिए गए हैं। इससे पहले गुरुवार को भी हरीश रावत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि यूं ही कोई बेवफा नहीं होता। कुछ तो मजबूरियां जरूर रही होंगी।  पंजाब में पार्टी प्रदेश प्रभारी भी बदलने वाली है। अब इस जिम्मेदारी से हरीश रावत को हटाकर राजस्थान के नेता हरीश चौधरी को लाने की तैयारी है।

हरीश चौधरी को राहुल गांधी के करीबी नेताओं में शुमार किया जाता है। हाल ही में नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद से पैदा हुए हालातों में उन्होंने समझौते के प्रयास किए हैं। गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद से पंजाब कांग्रेस में हालात और बिगड़ गए हैं। इस बीच नए बने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे हैं। वह यहां राहुल गांधी और पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं।

पंजाब  | से लेकर छत्तीसगढ़ में आपसी कलह से जूझ रही कांग्रेस को एक और राज्य से बड़ा झटका लगने वाला है। मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा और पूर्वोत्तर पहाड़ी राज्य के करीब एक दर्जन विधायक कांग्रेस का हाथ छोड़कर जल्द ही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा, जो अब विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं, कांग्रेस लीडरशिप से नाखुश हैं और उन्हें लगता है कि वह पुरानी पार्टी में किनारे कर दिए गए हैं। 

बीते दिनों संगमा ने लोकसभा सांसद विंसेंट एच पाला को पार्टी की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की थी। इतना ही नहीं, वह मुख्य रूप से गारो हिल्स क्षेत्र के विधायकों के साथ पार्टी के दो प्रमुख कार्यक्रमों से भी दूर रहे थे। संगमा ने इससे पहले कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से उनकी हालिया मुलाकात की खबरों का खंडन किया था। 

हालांकि, सुष्मिता देव की मेघालय यात्रा के बाद से इसकी चर्चा बढ़ गई कि संगमा टीएमसी का दामन थामने वाले हैं। बता दें कि अगस्त में ही सुष्मिता देव कांग्रेस छोड़ टीएमसी में शामिल हो गई थीं। अगर संगमा कांग्रेस छोड़ देते हैं, तो कई अन्य विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं।   संगमा मेघालय में तृणमूल नेताओं के साथ बातचीत करने के बाद अंतिम घोषणा कर सकते हैं।

बता दें कि बंगाल में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद से तृणमूल कांग्रेस भर्ती और सेंधमारी की होड़ में है। ममता बनर्जी ने अपनी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को स्पष्ट कर दिया है और हाल के दिनों में कई नेता, ज्यादातर कांग्रेस से, तृणमूल कांग्रेस में चले गए हैं। यहां तक कि पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो समेत भाजपा के कुछ नेताओं ने भी टीएमसी में घर वापसी की है। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता लुइजिन्हो फलेरियो को बुधवार को कोलकाता में टीएमसी में शामिल किया गया।

बिहार  | पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में हुए चुनाव की मतगणना चल रही है। ज्यादातर चुनाव के परिणाम रहे हैं। मतगणना कल भी जारी रहेगा। लगातार परिणाम आने शुरू हो गए हैं।कोसी और सीमांचल इलाके में मतगणना की एक दिन पूर्व ही पूरी कर ली गई थी। कुछ जगह के परिणाम चौकाने वाले आने शुरू हो गए हैं। मुखिया पद के रिजल् को लेकर लोग काफी उत्सुक हैं। 

दूसरे चरण में 29 सितंबर को बिहार के 34 जिलों में 48 प्रखंडों में वोट डाले गए थे। इस की आज मतगणना हो रही है। 692 पंचायतों में 21,131 उम्मीदवारों के भाग् का फैसला होगा। अगर हम कोसी, सीमांचल और पूर्व बिहार की बात करें तो यहां 10 बजे चुनाव परिणाम आने शुरू हो जाएंंगे।  जिला परिषद सदस्, मुखिया, पंचायत समिति सदस्, वार्ड सदस्, सरपंच पंच के चुनाव परिणाम की जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें। सहरसा के कहरा प्रखंड के एक चौकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। चैनपुर पंचायत से सविता देवी निर्वाचित घोषित की गई हैं। वे पहली बार मुखिया बनींं हैं। आइपीएस सागर कुमार की मां सविता देवी के चुनाव जीतने पर जश् है।  

भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड का चुनाव परिणाम

 

जगदीशपुर प्रखंड के के शाहजंगी पंचायत से बीबी तरन्नुम मुखिया बनीं। ईमामपुर पंचायत से इशरत बानो। खीरी बांध पंचायत से अजय राय। जमनी पंचायत से मोहम्मद चांद आलम उर्फ मोनूबैजानी पंचायत से नवल सिंहसन्हौली पंचायत मु मरगूब। बलुआचक पुरैनी पंचायत से मुकेश मंडल मुखिया पद पर विजयी हुए।

भोपाल | उन्हें केंद्र में मंत्री का ओहदा भी मिला हुआ है। लेकिन लगता है अभी भी भाजपा के एक खेमे को सिंधिया रास नहीं आ रहे हैं। तभी तो भाजपा के एक सांसद ने सिंधिया को अनुशासन का पाठ पढ़ा डाला है। इस सांसद का नाम है केपी यादव और अपने बयान में उन्होंने कहा है कि सिंधिया को अपने समर्थकों को समझाना चाहिए कि वे अब भाजपा कार्यकर्ता हैं। उन्हें भाजपा के अनुशासन में रहकर काम करना चाहिए।

2019 में सिंधिया को मात दे चुके हैं केपी

बता दें कि केपी यादव वही हैं जिन्होंने 2019 में कांग्रेस छोड़ी थी। उन्होंने भाजपा के टिकट पर गुना-शिवपुरी सीट से सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़ा था। तब केपी यादव ने सिंधिया को हराया भी था। लेकिन बाद में ऐसी परिस्थितियां बदलीं कि सिंधिया ने कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थाम लिया। सिंधिया राज्यसभा सदस्य बने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनने का मौका मिल गया है।

यह है केपी यादव का बयान 
सिंधिया के साथी रहे सांसद केपी यादव ने हाल ही एक टीवी चैनल को बयान दिया है कि सिंधिया समर्थकों को यह समझना चाहिए कि वे अब भाजपा के कार्यकर्ता हैं। भाजपा कार्यकर्ता बैस पार्टी है। उन्हें अऩुशासन में रहना चाहिए। यादव ने सिंधिया को अपने समर्थकों को इस तरह की समझाइश देने की भी सलाह दे दी है। वहीं केपी यादव के इस बयान पर कांग्रेस में खुशी का माहौल है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नरेंदर सलूजा ने यह लिखकर ट्वीट किया है कि ‘टिकाऊ को बिकाऊ की सलाह’।

चंडीगढ़। नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बीच चल रही उठापटक सुलझ गई है। दरअसल शुक्रवार को कांग्रेस की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस है। सूत्रों की माने तो चन्नी सरकार नवजोत सिंह सिद्धू के आगे झुक गई है। अब पार्टी सिद्धू का इस्तीफा नामंजूर करने पर विचार कर रही है। बता दें कि चंडीगढ़ में कल मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच करीब दो घंटे तक बैठक हुई।

Page 5 of 211

फेसबुक