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नई दिल्ली । चुनाव आयोग (ईसी) ने गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे अपने गृह जिलों में तैनात अधिकारियों को हटाएँ। इन राज्यों में आगामी वर्ष चुनाव हैं।
चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य चुनाव अधिकारियों को लिखे एक पत्र में आयोग ने पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा की सरकारों को यह निर्देश दिया है। इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च, 2022 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 14 मई को समाप्त हो रहा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि चुनाव निष्पक्ष हों, पोल पैनल के लिए लोकसभा या विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के निर्देश जारी करना सामान्य है।
पत्र में कहा गया है, "आयोग आगे चाहता है कि कोई भी अधिकारी/अधिकारी, जिसके खिलाफ किसी भी अदालत में आपराधिक मामला लंबित है, चुनाव से संबंधित ड्यूटी से जुड़ा/तैनात नहीं किया जाना चाहिए।"

नई दिल्ली । केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को कहा कि सावरकर को "खलनायक" के रूप में पेश करने वाले छद्म धर्मनिरपेक्ष सिंडिकेट के एक समूह का पर्दाफाश हो गया है। नकवी ने कहा आजादी के बाद, एक छद्म-धर्मनिरपेक्ष सिंडिकेट समूह का गठन किया गया, जिसने अपने व्यक्तिगत हित और साजिश के कारण समाज में कई नायकों को खलनायक के रूप में प्रस्तुत किया उन्होंने कहा "वीर सावरकर भी उन नायकों में से थे और उनके लिए समाज के एक वर्ग, मुख्य रूप से मुसलमानों के बीच नफरत पैदा की गई थी। मैंने वीर सावरकर को देखा है। उनकी जीवनी पढ़ी है। मैंने सेलुलर जेल में उनके बलिदानों के बारे में पढ़ा है। उनके साथ उनके कई समर्थक जेल में थे। ज्यादातर मुसलमान थे। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस के एक मंत्री ने पहले सावरकर की तस्वीर को सांप्रदायिक कहकर सेल्युलर जेल से बाहर निकालने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा, "हमने भी विरोध किया था। सावरकर को खलनायक के रूप में पेश करने वाले छद्म धर्मनिरपेक्ष सिंडिकेट समूह का आज पर्दाफाश हो गया है।" पुस्तक के विमोचन पर बोलते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सावरकर के बारे में झूठ फैलाया गया था कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार के समक्ष दया याचिका दायर कर उनकी जेल से रिहाई की मांग की थी। उन्होंने कहा, "यह महात्मा गांधी थे जिन्होंने उनसे दया याचिका दायर करने के लिए कहा था। कल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने भी कहा था कि सावरकर मुसलमानों के दुश्मन नहीं थे और उन्होंने उर्दू में ग़ज़लें लिखी थीं।

 

हमीरपुर । समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की जनता भाजपा के खिलाफ इतने वोट डालेगी कि इनके वोटों पर बुलडोजर चल जाएगा। ‘समाजवादी विजय रथ’ से यात्रा पर निकले यादव ने कहा कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन आय दोगुनी नहीं हुई, मंहगाई जरूर दोगुनी हो गई। यादव ने मुख्यमंत्री योगी पर निशाना साधकर कहा, हमारे बाबा मुख्यमंत्री को दो चीजें पसंद हैं, एक बुल और दूसरा बुलडोजर।पिछली बार बुलडोजर की कमान इनके हाथों में दे दी गई थी, लेकिन इस बार बुंदेलखंड की जनता ने तय कर लिया है कि बुलडोजर का स्टेरिंग वह अपने हाथ में रखकर भाजपा के खिलाफ इतने वोट डालेगी कि इनके वोटों पर बुलडोजर चल जायेगा। समझा जाता है कि बुल से यादव का अभिप्राय उन आवारा पशुओं से था जो किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और बुलडोजर से उनका मतलब प्रदेश सरकार द्वारा अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाने से था।
विजय रथ’ पर सवार यादव ने कहा, बुंदेलखंड की जनता ने भाजपा को बहुमत दिया लेकिन उसने आपके बहुमत का मजाक उड़ाया, आपके बहुमत को धोखा देने का काम किया है। भाजपा ने आपको मंहगाई , बेरोजगारी दी और बिजली के बिल मंहगे कर दिए। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में बुंदेलखंड की जनता जितना समर्थन कर सकती थी उसने भाजपा का उतना समर्थन किया।बुंदेलखंड की जनता ने भाजपा के अलावा एक भी सीट किसी को नहीं जीतने दी लेकिन भाजपा ने उस बहुमत का मजाक उड़ाया है। जातीय जनगणना के मुद्दे पर सपा नेता ने कहा, आने वाले समय में संघर्ष दूसरे प्रकार का है। भाजपा पिछड़ों, दलितों को उनका हक नहीं देना चाहती, जातिगत जनगणना नहीं कराना चाहती। हम कहते हैं सब को उनका हक देना चाहिए, यही संविधान में लिखा है। कृषि कानून पर मोदी सरकार पर निशाना साधकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,याद रखिए एक कानून से ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में सरकार बन गई थी, और जो यह किसान विरोधी कानून लाया जा रहा है, अगर वह लागू हो गया,तब किसान अपने खेत में मजदूर बन जाएगा।
भाजपा ने किसान आंदोलन को खत्म करने के लिए गाड़ी में बैठकर किसानों को कुचल दिया। अगर यह तीन कृषि कानून पारित हुए,तब हमारे और आपके खेत छिन जाएंगे। सरकार द्वारा बनाए जा रहे रक्षा गलियारे पर सवाल उठाकर सपा अध्यक्ष ने कहा, इन्होंने आपसे रक्षा फैक्टरी लगाने का, रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन कहीं कोई फैक्टरी लगी या किसी को रोजगार मिला? यह रक्षा गलियारा दिवाली के फुस्स सुतली बम की तरह निकला।

 

नई दिल्ली। कांग्रेस ने निजी क्षेत्र से 31 लोगों को केंद्र सरकार के कई विभागों में ‘लैटरल एंट्री’ के जरिये महत्वपूर्ण पद दिये जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस फैसले को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख नितिन राउत ने आरोप लगाया कि यह कदम भाजपा और आरएसएस के उस मंसूबे का हिस्सा है, जिसके तहत वे वंचित तबकों के अधिकार छीनना चाहते हैं और भेदभाव को बढ़ावा देना चाहते हैं।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘हम नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से व्यवस्थागत नियंत्रण करने और कमजोर वर्गों के लोगों से अवसर एवं अधिकार छीनने के कदम की निंदा करते हैं। हम लैटरल एंट्री से भर्ती के पूरी तरह खिलाफ हैं।’’ राउत ने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि मोदी सरकार इस फैसले को वापस ले।’’ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इन 31 लोगों की भर्ती कोई इकलौता मामला नहीं है। इसे लोगों के अधिकार छीनने की तरकीब के तौर पर देखा जाना चाहिए। गत आठ अक्टूबर को केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र के 31 लोगों को समूह ए की सेवा में नियुक्त किया। इनमें से तीन लोगों को संयुक्त सचिव, 19 लोगों को निदेशक और नौ को उप सचिव बनाया गया है।

नई दिल्ली । लखीमपुर में भाजपा नेताओं के काफिले की कार से किसानों के कुचलने और फिर हिंसा भड़कने का मामला अब राष्ट्रपति के दरबार में पहुंच गया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की। प्रेसिडेंट से मिलने के बाद निकले राहुल गांधी ने कहा कि हमने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को पद से हटाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की सही से जांच होने के लिए यह जरूरी है कि अजय मिश्रा को पद से हटा दिया जाए। इसके साथ ही हमने सुप्रीम कोर्ट के दो मौजूदा जजों की ओर से मामले की जांच कराए जाने की भी मांग रखी है। राहुल गांधी ने कहा कि हमने पिछले दिनों पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात की थी। कांग्रेस नेता ने कहा, 'हमने राष्ट्रपति को बताया है कि पीड़ित परिवार दो चीजें चाहते हैं। पहली बात यह है कि वे न्याय चाहते हैं। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति ने ये हत्याएं की हैं, उसे सजा मिले। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने हत्याएं की हैं, इसलिए जब तक वह मिनिस्टर हैं, तब तक सही जांच और न्याय नहीं मिल सकता है। हमने यह बात देश के राष्ट्रपति को बताई और हमने कहा कि यह सिर्फ पीड़ित परिवारों की ही नहीं बल्कि पूरे हिन्दुस्तान की आवाज है। यही नहीं राहुल गांधी ने लखीमपुर कांड का ठीकरा अजय मिश्रा पर भी फोड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने पहले ही किसानों को धमकी दी थी। राहुल गांधी ने कहा, 'इस शख्स ने हत्या से पहले देश के सामने कहा था कि यदि सुधरोगे नहीं तो मैं सुधार दूंगा। इससे साफ है कि उस व्यक्ति ने पहले किसानों को धमकी दी और फिर उसके आधार पर उन्हें मारा। इसलिए हमने राष्ट्रपति को बताया कि इन्हें हटाना होगा।' राहुल और प्रियंका गांधी के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, एके एंटनी जैसे दिग्गज नेता भी राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे थे।

हैदराबाद । केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बयान की कड़ी आलोचना कर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बीजेपी जल्द ही विनायक दामोदर सावरकर को देश का राष्ट्रपिता घोषित कर देगी। ओवैसी ने कहा, ‘ये लोग इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।अगर यहीं होता रहा, तब ये लोग महात्मा गांधी को हटाकर सावरकर को देश का राष्ट्रपिता घोषित कर देने वाले है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के मामले में सावरकर पर भी आरोप लगा था और न्यायमूर्ति जीवनलाल कपूर की जांच में ‘हत्या में शामिल करार दिया गया था।बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कहा था कि सावरकर ने महात्मा गांधी के कहने पर ब्रिटिश सरकार के समक्ष दया याचिका दायर की थी.
रक्षामंत्री ने कहा था कि हिंदुत्व के प्रतीक सावरकर ने गांधी के सुझाव पर अंडमान जेल में कैद के दौरान ब्रिटिश सरकार के समक्ष दया याचिका दायर की थी,लेकिन स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को अलग विचारों को मानने वालों ने बदनाम किया और इस अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राष्ट्र नायकों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में वाद प्रतिवाद हो सकते हैं, लेकिन विचारधारा के चश्मे से देखकर वीर सावरकर के योगदान की उपेक्षा करना और उन्हें अपमानित करना क्षमा योग्य और न्यायसंगत नहीं है।
राजनाथ ने उदय माहूरकर और चिरायु पंडित की पुस्तक ‘वीर सावरकर हु कुड हैव प्रीवेंटेड पार्टिशन’ के विमोचन कार्यक्रम में यह बात कही।कार्यक्रम में सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी हिस्सा लिया।सिंह ने कहा, एक खास विचारधारा से प्रभावित तबका वीर सावरकर के जीवन एवं विचारधारा से अपरिचित है और उन्हें इसकी सही समझ नहीं है, वे सवाल उठाते रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि वीर सावरकर महान स्वतंत्रता सेनानी थे,इसके बाद विचारधारा के चश्मे से देखकर उनके योगदान की अनदेखी करना और उनका अपमान करना क्षमा योग्य नहीं है।

 

नई दिल्ली । पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू के अध्यक्ष पद को लेकर संशय बरकरार है। इस बीच नवजोत सिंह सिद्धू को गुरुवार को दिल्ली बुलाया गया है। दिल्ली में सिद्धू पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत के साथ-साथ भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करेंगे। वेणुगोपाल और हरीश रावत से सिद्धू की मुलाकात को उनके इस्तीफे से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं। सिद्धू ने पिछले महीने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में नियुक्तियों और कैबिनेट में फेरबदल से नाराज होकर ट्विटर पर अपना इस्तीफा पोस्ट किया था। एआईसीसी महासचिव और पंजाब के पार्टी प्रभारी रावत ने कहा कि सिद्धू उनसे और एआईसीसी महासचिव (संगठन) वेणुगोपाल से राष्ट्रीय राजधानी में मुलाकात करेंगे और पार्टी की राज्य इकाई से संबंधित संगठनात्मक मामलों पर चर्चा करेंगे। रावत ने ट्वीट कर कहा 'नवजोत सिंह सिद्धू, अध्यक्ष पंजाब कांग्रेस 14 अक्टूबर को शाम 6 बजे वेणुगोपाल जी के कार्यालय में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी से संबंधित कुछ संगठनात्मक मामलों पर चर्चा के लिए मुझसे और वेणुगोपाल जी से मुलाकात करेंगे। बता दें कि एआईसीसी ने सिद्धू के इस्तीफे पर अभी तक कोई फैसला नहीं किया है, जबकि चन्नी और राज्य के कुछ नेता पंजाब कांग्रेस प्रमुख को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने की भी कोशिश कर रहे हैं। सिद्धू ने 2 अक्टूबर को एक ट्वीट करते हुए इशारों में कहा था, 'गांधी जी और शास्त्री जी के सिद्धांतों को बनाए रखेंगे। पोस्ट या नो पोस्ट राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ खड़े होंगे। उन्होंने कहा था, "सभी नकारात्मक ताकतों को मुझे हराने की कोशिश करने दें, लेकिन सकारात्मक ऊर्जा के हर औंस से पंजाब को जीत मिलेगी, पंजाबियत (यूनिवर्सल ब्रदरहुड) की जीत होगी और हर पंजाबी की जीत होगी।" सिद्धू ने इससे पहले पार्टी विधायकों और नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक ढांचे को लेकर बैठक किया था और विचार-विमर्श किया था। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के नए निकाय के पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति अभी बाकी है। तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कड़े विरोध के बावजूद जुलाई में सिद्धू को पंजाब कांग्रेस प्रमुख बनाया गया था।

नई दिल्ली । यूपी-2022 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी काफी गंभीर है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बड़ी बैठक आधी रात तक चली, जिसमें उत्तर प्रदेश को लेकर कई बड़े फैसले किए गए। सोमवार को लगभग 7 घंटे तक चली बैठक में चुनावी प्रचार की पूरी रूप रेखा पर चर्चा हुई। भाजपा के एक नेता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। बैठक में इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का अधिक से अधिक लाभ कैसे उठाया जाए। भाजपा के कोर एजेंडे राम मंदिर निर्माण को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। इसे भाजपा की बड़ी उपलब्धि मानते हुए यह तय किया गया कि मतदाताओं को इससे जुड़ी सारी जानकारियां बताई जाएगी।
राज्य में चुनावी प्रचार को लेकर एक विस्तृत प्रजेंटेशन भी दिया गया। इसमें सरकार की उपलब्धियों और चुनावी मुद्दों से जुड़े अलग-अलग एंगल के विज्ञापनों को भी दिखाया गया। योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि कानून व्यवस्था को भी प्रमुखता से लेकर जनता के बीच जाने का फैसला किया गया और इसके साथ ही बैठक में अगले 100 दिनों तक 100 कार्यक्रम करने की रूपरेखा भी तय की गई। दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष, चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री धर्मेद्र प्रधान, प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह के अलावा यूपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश संगठन महासचिव सुनील बंसल मौजूद रहे।
इससे पहले रविवार को लखनऊ में चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्य के नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी कार्यक्रमों की रूप रेखा तय की थी, जिस पर सोमवार को 11, अशोक रोड, दिल्ली (भाजपा के वॉर रूम) में हुई इस बड़ी बैठक में मुहर लगाई गई। पार्टी ने अगले 100 दिनों में समाज के सभी वर्गों, जातियों और समूहों तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए पहुंचने की योजना बनाई है। इसके लिए अगले 100 दिनों में लगभग 100 कार्यक्रम करने की योजना बनाई गई हैं
दरअसल, 2017 के विधानसभा चुनाव में 3.59 करोड़ के लगभग वोट पाकर अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर 325 सीटों पर जीत हासिल करने वाली भाजपा ने इस बार 4 करोड़ वोट हासिल कर 350 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया हुआ है। इसे लेकर पार्टी ने हर बूथ पर 100 नए सदस्य बनाने का फैसला कर रखा है। इस लक्ष्य को कामयाब बनाने के लिए भी पार्टी ने अगले 100 दिनों में पन्ना प्रमुख सम्मेलन, हर बूथ पर कार्यक्रम, अलग-अलग जातियों और वर्गों को लेकर सम्मेलन, मोदी और योगी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होने वाले लोगों का सम्मेलन सहित कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है, जिसे बैठक में मंजूरी दी गई। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत दिग्गज नेताओं के प्रदेश के दौरे को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। भाजपा के एक नेता ने बताया कि बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों पर अगले सप्ताह (18 अक्टूबर) होने वाली राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में भी चर्चा की जाएगी। अगले सप्ताह होने वाली इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे।

कानपुर । समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी से भाजपा का सफाया करने के लिए सपा विजय यात्रा निकाल रही हैं, यात्रा को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है।प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लोगों तक पहुंचने और उनका समर्थन हासिल करने की मंशा से कानपुर से समाजवादी विजय यात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा एक विशेष बस पर शुरू हुई, जिसका नाम पार्टी ने विजय रथ रखा है।
कानपुर के गंगा पुल से शुरू हुई यात्रा में लाल टोपी पहने और पार्टी के झंडे लिए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया।कानपुर से शुरू हुई यात्रा पहले दो दिनों में (12-13 अक्टूबर) पहले चरण में कानपुर देहात, जालौन और हमीरपुर जिलों में जाएगी। पार्टी के प्रवक्ता के मुताबिक यात्रा के लिये विशेष रूप से विजय रथ बनाया गया। रथ में पार्टी नेता आजम खान, दिवंगत जनेश्वर मिश्रा, राजनीतिक प्रतीक राम मनोहर लोहिया, महात्मा गांधी, आंबेडकर और दिवंगत राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की तस्वीर भी हैं। यात्रा शुरू होने से पहले अखिलेश ने पत्रकारों से कहा कि इस यात्रा का मकसद राज्य से भारतीय जनता पार्टी की सरकार का सफाया करना है और जिस तरह से लखीमपुर खीरी में कानून को कुचला गया है, किसानों को कुचला गया है, संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं उससे जनता में भाजपा के प्रति बहुत आक्रोश है।
इसके पहले सपा के प्रवक्ता ने कहा था कि यात्रा का उद्देश्य किसानों, युवाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और सभी वर्गों को न्याय दिलाना और उन्हें राज्य में निरंकुश और दमनकारी सरकार से छुटकारा दिलाना है। चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव की यात्रा राज्य में बदलाव के लिए है। यात्रा से एक दिन पहले पार्टी ने 17 सेकेंड का एक वीडियो जारी किया,इसमें अखिलेश अपने पिता मुलायम सिंह से बात कर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं।

नई दिल्‍ली. कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद अब देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) तेजी से पटरी पर लौट रही है. केंद्र सरकार इसकी रफ्तार को बढ़ाने के लिए नई-नई योजनाएं शुरू कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 15 अगस्त 2021 को लाल किले की प्राचीर से गति शक्ति योजना का ऐलान किया था. अब 100 लाख करोड़ रुपये की यह योजना आज यानी 13 अक्‍टूबर 2021 को लॉन्च की जाएगी. इस योजना के जरिये देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. उम्मीद की जा रही है कि यह योजना देश के मास्टर प्लान और इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखने में बड़ी भूमिका निभाएगा.

16 विभागों को योजना में किया जाएगा शामिल
प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के जरिये स्‍थानीय निर्माताओं को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकेगा. इससे उद्योगों का विकास होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को योजना की घोषणा करते हुए कहा था कि इस योजना में रेलवे, सड़क व राजमार्ग, पेट्रोलियम और गैस, बिजली, दूरसंचार, नौवहन, विमानन व औद्योगिक पार्क बनाने वाले विभागों समेत केंद्र सरकार के 16 विभागों को शामिल किया जाएगा. केंद्र के सभी 16 विभागों के उच्च अधिकारियों का नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप गठित किया जाएगा.

प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना की विशेषताएं
– 75वें स्वतंत्र दिवस पर पीएम मोदी द्वारा प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना का ऐलान किया गया.
– गति शक्ति योजना का कुल बजट 100 लाख करोड़ निर्धारित किया गया है.
– पीएम गति शक्ति योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे.
– यह योजना इंफ्रास्ट्रक्चर का चहुमुखी विकास सुनिश्चित करेगी.
– लोकल निर्माता को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा.
– योजना के तहत नए इकोनॉमिक जोन भी विकसित किए जाएंगे.
– आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में हॉलिस्टिक अप्रोच अपनाई जाएगी.
– एक हॉलिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव इस योजना के माध्यम से रखी जाएगी.

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