राजनीति

राजनीति (2949)

नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि महात्मा गांधी के कहने पर ही वीर सावरकर ने क्षमा याचिका दाखिल की थी, महात्मा गांधी ने कहा था कि जैसे देश को स्वतंत्र कराने के लिए हम अभियान चला रहे हैं, उसी तरह सावरकर को आजाद कराने के लिए भी हम अभी अभियान चलाएंगे। वीर सावरकर पर एक किताब के विमोचन के अवसर पर रक्षा मंत्री ने अंग्रेजों से माफी मांगने को लेकर विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि वीर सावरकर न तो फासीवादी थे, न नाजीवादी थे, वे केवल यथार्थवादी और राष्ट्रवादी थे।
राजनाथ ने कहा, 'वीर सावरकर जी महान स्वतंत्रता सेनानी थे इसमें कहीं दो मत नहीं हैं।किसी भी विचारधारा के चश्मे से देखकर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को अनदेखा करना, अपमानित करना ऐसा काम है जिसे कभी माफ नहीं किया जा सकता।' कार्यक्रम में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि "स्वतंत्रता के बाद वीर सावरकर को बदनाम करने का काम तेजी से हुआ।"
हिंदुत्व की अलग-अलग परिभाषाओं को लेकर संघ प्रमुख भागवत ने कहा, "सावरकर का हिंदुत्व, विवेकानंद का हिंदुत्व , ऐसा कुछ नहीं है। हिंदुत्व एक ही है, वो सनातन है जो आखिर तक रहेगा।" उन्‍होंने कहा, 'वीर सावरकर अखंड भारत की बात करते थे। महर्षि योगी ने भी कहा था अखंड भारत का उदय होगा और राम मनोहर लोहिया जी भी इसी के समर्थक थे। मत अलग-अलग हैं तब भी हम साथ चलेंगे। हमारी राष्ट्रीयता का ये मूल तत्व है। जो भारत का है, उसकी सुरक्षा, प्रतिष्ठा भारत के ही साथ जुड़ी है। विभाजन के बाद भारत से स्थलांतर करके पाकिस्तान में गए मुसलमानों की प्रतिष्ठा पाकिस्तान में भी नहीं है। जो भारत का है, वो भारत का ही है।'

कुनिहार। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार का दौरा किया उन्होंने उच्च, नग्गर, खनोल, हाटकोट, नमहोल एवं भूमती गांव में बैठकों में भाग लिया। उनके साथ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल, भाजपा प्रवक्ता बलदेव तोमर, ज़िला परिषद अमर सिंह ठाकुर, मंडल अध्यक्ष डी के उपाध्याय पंचायत के प्रधान व वार्ड मेंबर उपस्थित रहे। सुरेश कश्यप ने इस मौके पर सभी स्थानों पर जन समस्याओं को भी सुना।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा चुनाव मोड में आ गई है, उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह यहाँ से विधायक थे और स्वास्थ्य में दिक्कत होने के कारण इस विधानसभा क्षेत्र को देख नही पाए। उन्होंने कहा कि भाजपा से प्रत्याशी रतन सिंह पाल इस क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे है, मुझे पूरा विश्वास है की यहाँ की जनता का आशीर्वाद भाजपा को प्राप्त होगा। अर्की विधानसभा क्षेत्र से लोकसभा चुनावों में भाजपा को 29000 मतों की बढ़त मिली थी और इन उपचुनावों में भी भाजपा को एसी ही लीड मिलेगी। उन्होंने कहा कि 4 साल से अर्की में विपक्ष का विधायक था पर 1 वर्ष बचा अभी भी बचा है, आप सब मिल कर यहाँ से भाजपा का कमाल खिलाओ और हम पिछले 4 साल की कमी को 1 साल में पूरा करेंगे यह हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृव में प्रदेश की सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है, जयराम सरकार जो घोषणा करती है उसको पूरा भी करते है और बजट का प्रावधान भी करते है। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री एक साधारण परिवार से आते है और जनता का दर्द समझते है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी बहनों को मुफ्त गैस दी, किसान को 6000 रु की सम्मान निधी दी , देश मे 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया और आयुष्मान भारत एवं हिम केअर में स्वास्थ्य के लिए 5 लाख तक का मुफ्त इलाज के लिए प्रावधान किया। आज कांग्रेस पर्टी के पास भाजपा सरकार के खिलाफ कोई भी मुद्दा नही है, कांग्रेस के पास ना तो नेता है, ना नीति है और ना तो नियत है। कांग्रेस के नेता जिस प्रकार से सैनिकों का अपमान कर रही है उसको भाजपा एवं प्रदेश की जनता सहन नहीं करेगी। उस अपमान का स्पष्ट परिणाम इन चुनावों में दिख जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार में विकास का नया अध्याय लिखा गया है , कुनिहार में जल शक्ति का उप-मण्डल, बैरल और कुनिहार में पटवार सर्कल खोलने की घोषणा की और 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले उप तहसील कार्यालय भवन की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में भाजपा के प्रति अनुकूल वातावरण इन उपचुनावों में भी भाजपा जीतेगी और 2022 के चुनावो में भी भाजपा ही जीतेगी।

 

पटना । बिहार की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में जेडीयू और आरजेडी आमने-सामने दो-दो हाथ करने को तैयार हैं।खबर मिल रही हैं कि आरजेड़ी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव प्रचार करने लिए बिहार पहुंच रहे है। जानकारी के मुताबिक लालू दोनों विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक सभा करने वाले है। लालू की पहली सभा 25 को जबकि दूसरी सभा 27 अक्टूबर को संभावित है।आरजेडी ने उपचुनाब में जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है,इस कारण है कि तेजस्वी और तमाम नेताओं के साथ लालू को प्रचार के लिए उतारा जा रहा है।लालू के 20 अक्टूबर को पटना आने की जानकारी पहले ही आरजेडी के प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने दी थी।भाई वीरेंद्र ने बताया था कि लालू प्रसाद यादव की हालत में सुधार हैं, वहां 20 अक्टूबर को पटना पहुंचने वाले है।
बिहार विधानसभा का उपचुनाव आरजेडी जेडीयू के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। तारापुर और कुशेश्वरस्थान दोनों सीटों पर जेडीयू और आरजेड़ी आमने सामने है, वहीं कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार उतारकर चुनौती दे दी है।लालू प्रसाद यादव पिछले कई सालों से जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए हैं।लालू को लेकर समर्थकों में उत्साह बना हुआ है।लालू अगर चुनाव प्रचार में उतरते है और दुनो पर चुनाव प्रचार करते हैं, समर्थकों को एकजुत करने में बड़ी सफलता मिल सकती है।
आरजेडी में लालू के दोनों बेटों तेजस्वी और तेजप्रताप यादव को लेकर चल रहे गतिरोध का चुनाव में असर न पड़े यह भी काम लालू के आने से पूरा हो सकता है। लालू प्रसाद यादव चुनाव प्रचार के सबसे माहिर खिलाड़ी माने जाते है। प्रचार के जरिये हवा का रुख कैसे बदला जाता है यह काम बखूबी लालू करते आए हैं, पर इस बार आरजेडी के साथ कांग्रेस का गठबंधन टूटने और दोनों के अलग चुनाव लड़ने से आरजेडी की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

ग्वालियर प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ग्वालियर की सड़क पर भैंस घुमा रहे हैं। उनका एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सड़क पर भैंस की रस्सी पकड़कर उसे ले जा रहे हैं। लोग इस वीडियो को प्रदेश में ऊर्जा संकट से जोड़कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।

वीडियो रविवार रात का बताया जा रहा है। इस दिन ऊर्जा मंत्री तोमर ग्वालियर लौटे हैं। उन्होंने सोमवार सुबह बहोड़ापुर में विद्युत केन्द्र का निरीक्षण भी किया, लेकिन उनका सड़कों पर भैंस ले जाना सबसे ज्यादा चर्चा में है। इस संबंध में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का पक्ष नहीं आया है।

30 सेकंड का है वीडियो में यह है

सोशल मीडिया पर सामने आया ऊर्जामंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का यह वीडियो 30 सेकेंड का है। इसमें वह एक भैंस की रस्सी अपने हाथ में थामे हुए हैं। सड़क पर अंधेरे में ट्रैफिक को हटाते हुए जा रहे हैं। उनकी सेवा में तैनात रहने वाला पुलिस बल उनके पीछे-पीछे जा रहा है। सड़क पर निकलते समय वह हंसी ठिठौली भी करते जा रहे हैं। इससे पहले भी ऊर्जामंत्री अपने अनोखे अंदाज के लिए सोशल मीडिया पर चर्चित रहते हैं। इससे पहले सीवर में उतरकर सफाई करने। बिजली के ट्रांसफार्मर पर चढ़कर सफाई करने, शमशान घाट में श्रमदान करने के साथ-साथ जमीन पर बैठकर लोगों की शिकायत सुनने के उनके अंदाज के चलते वह सोशल मीडिया पर चर्चित रह चुके हैं।

धीरे-धीरे प्रदेश में बढ़ रहा है बिजली संकट

पावर प्लांटों में कोयले के देशव्यापी संकट का असर मध्यप्रदेश में भी दिखने लगा है। प्रदेश में दो दिन पहले तक की यह स्थिति थी कि सिर्फ 592 हजार टन कोयला बचा है। खरगोन में कोयला पूरी तरह समाप्त हो चुका है। गाडरवाड़ा में भी सिर्फ एक दिन का कोयला बचा है। इससे प्रदेश में बिजली संकट पैदा होगा। इसके बावजूद, ऊर्जा मंत्री का दावा है कि प्रदेश में बिजली संकट नहीं होने दिया जाएगा। मध्यप्रदेश जनरेशन कंपनी के सबसे बड़े श्री सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट में दो दिन का कोयला बचा है। प्रदेश में बिजली की डिमांड 10 हजार मेगावॉट तक पहुंच रही है। इसकी तुलना में प्रदेश में थर्मल, जल, सोलर व विंड से महज 3900 मेगावॉट ही बिजली का उत्पादन हो पा रहा है। शेष बिजली सेंट्रल पावर से ली जा रही है।

उत्तराखंड के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य और उनके विधायक बेटे संजीव आर्य का बीजेपी से कांग्रेस में जाना भगवा पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। विधानसभा चुनावों में बस कुछ ही महीने बचे हैं, भाजपा के पास अनुसूचित जाति के एक दिग्गज नेता आर्य के लिए एक विकल्प खोजने के लिए बहुत कम समय है। आर्य से उम्मीद की जा रही थी कि वह बीजेपी को अपने एससी आउटरीच में मदद करेंगे। खासकर कुमाऊं के तराई इलाके में।

हाल ही में कांग्रेस विधायक और दो निर्दलीय उम्मीदवारों को पार्टी में शामिल किए जाने के बाद आर्य के बाहर निकलने से कांग्रेस पर भाजपा के मनोवैज्ञानिक लाभ पर भी असर पड़ा है। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले आर्य खुद कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए थे। उनके पार्टी छोड़नेसे उधम सिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में भाजपा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसमें नौ विधानसभा सीटें हैं। जिले की एक सीट खटीमा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सीट है।

भाजपा नेताओं के एक वर्ग का मानना ​​है कि आर्य कांग्रेस में लौट आए क्योंकि उनकी बाजपुर सीट जिले में किसानों के आंदोलन का केंद्र है और वह भाजपा उम्मीदवार के रूप में हार जाते। हालांकि, आर्य के इस्तीफे से बीजेपी के लिए 2017 में बीजेपी में शामिल हुए अन्य पूर्व कांग्रेस नेताओं पर लगाम लगाना मुश्किल हो सकता है।

आर्य को पड़ोसी नैनीताल जिले में भी लोकप्रियता हासिल है। उनके बेटे संजीव आर्य विधानसभा में नैनीताल का प्रतिनिधित्व करते हैं। भाजपा के एक कार्यकर्ता ने कहा, "भाजपा के लिए नैनीताल में संजीव के खिलाफ संभावित उम्मीदवार का चुनाव करना मुश्किल काम हो सकता है। संजीव इस निर्वाचन क्षेत्र में लोकप्रिय हैं।"

भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने आर्य को दलबदल करने से रोकने की कोशिश की। पार्टी को एक एससी नेता के रूप में उनके कद का एकहसास था। सीएम धामी खुद हाल ही में आर्या को बीजेपी में बने रहने के लिए मनाने के लिए ब्रेकफास्ट मीटिंग के लिए उनके आवास पर गए थे। कांग्रेस भी आर्य को पार्टी में वापस लाने के लिए उत्सुक थी। उनके लौटने के बाद सोमवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय देहरादून में जश्न का माहौल रहा।

ग्वालियर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने देश के कश्मीर मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। पीडीपी मेहबूबा मुफ्ती के फिल्म स्टार शाहरूख खान के बेटे के ड्रग्स मामले में बोलने पर गृहमंत्री मिश्रा बोले कि कश्मीर में निर्दोषों की मौत (डेथ) पर चुप्पी और ड्रग्स पर यारी, वाह मेहबूबा। कश्मीर में पहचान कर लोगों को मारा जा रहा है उस पर अभी तक कुछ नहीं कहा, लेकिन ड्रग्स में फिल्म स्टार शाहरूख खान का बेटा फंस गया तो कार्रवाई को सवालों को घेरे में लाने का प्रयास कर रही हैं। वैसे मेहबूबा के लिए यह कोई नई बात भी नहीं, हर बार इस तरह के मामलों में उनका दोहरा चरित्र उजागर होता है।
मंगलवार को भाजपा की वरिष्ठ नेता विजयाराजे सिंधिया की जयंती के अवसर पर कटोराताल स्थित छत्री पर पहुंचे प्रदेश के गृहमंत्री ने कार्यक्रम में सिंधिया के पहुंचने से पहले मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आतंकवादी पहचान देखकर कश्मीर में गोली मार रहे हैं, इससे उनकी नियत समझ में आ रही है। जो भी विघटनकारी लोग हैं, अप्रत्यक्ष रूप से ये लोग टुकड़ा-टुकड़ा गैंग से जुड़े हुए लोग हैं, लेकिन हम टुकड़े-टुकड़े वाली मानसिकता को कुचलना जानते हैं और कुचल देंगे। जिससे देश में विघटनकारी शक्ति ही ना रहे।

जल्द होगा कोयला संकट का निदान

- प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कोयला संकट पर कहा है कि केन्द्रीय कोयला मंत्री, प्रदेश सरकार, ऊर्जामंत्री लगातार प्रयास कर रहे हैं। केन्द्रीय कोयला मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कोयले का स्टॉक लेकर चल रहे हैं। प्रदेश में भी 7 दिन का स्टॉक लेकर हम चल रहे हैं। संकट कोई ऐसा नहीं है, जिसका निदान नहीं हो सके, सरकार कोशिश में लगी हुई है और जल्द कोयला संकट का भी निदान हो जाएगा।

महबूबा मुफ्ती ने यह किया था ट्वीट

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ट्वीट कर कहा था कि आर्यन खान (अभिनेता शाहरुख खान के बेटे) को इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि वह मुसलमान है। चार किसानों की हत्या के आरोपी केंद्रीय मंत्री के बेटे के मामले में निष्पक्ष जांच के बजाय केंद्रीय एजेंसियां 23 साल के लड़के के पीछे इस वजह से पड़ी हैं क्योंकि उसका उपनाम खान है। बीजेपी के कोर वोट बैंक की इच्छाओं को पूरा करने के लिए मुसलमानों को निशाना बनाया जाता है।

राजमाता ने राजशाही से लोकशाही का सफर किया

- गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि वह राजमाता की जयंती पर नमन करने आया हूं, राजमाता ने राजशाही से लोकशाही तक का सफर किया। देश के लिए उन्होंने अपना सब कुछ समर्पित किया था। इसलिए उनको नमन करना जरूरी था।

ग्वालियर केन्द्रीय मंत्री बनने के बाद यह पहला मौका है जब ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी मां, पत्नी, बेटे सहित पूरे परिवार के साथ ग्वालियर आए हैं। मौका भी उनकी दादी और भाजपा की वरिष्ठ नेता राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती का था। सुबह 8.30 बजे वह विशेष विमान से ग्वालियर पहुंचे। इसके बाद वह अम्मा महाराज की छत्री पर आए।

यहां पहले से ही उनके स्वागत के लिए प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा खड़े दिखाई दिए। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सबसे पहले विजयाराजे सिंधिया के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद वह अपने पूरे परिवार के साथ प्रांगण में आयोजित भजन कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। काफी देर तक यहां बैठने के बाद वह जयविलास पैलेस के लिए रवाना हो गए हैं। दोपहर 12.20 बजे वह ग्वालियर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

मंगलवार (12 अक्टूबर) को भाजपा की आधारशिला रखने वाली वरिष्ठ नेता ओर केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी विजयाराजे सिंधिया की जयंती है। इस मौके पर कटोराताल स्थित अम्मा महाराज की छत्री पर भजन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यहां आने वाले सभी रास्तों पर ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है। दादी की जयंती समारोह और भजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए केन्द्रीय नागरिक उड्‌डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार सुबह 8.30 बजे दिल्ली से फ्लाइट के जरिए ग्वालियर पहुंचे हैं।

उनके केन्द्रीय मंत्री बनने के बाद पहली बार परिवार भी साथ ग्वालियर आया है। केन्द्रीय मंत्री के साथ उनकी मां माधवीराजे सिंधिया, पत्नी प्रियदर्शनी राजे, बेटा महाआर्यमान सिंधिया आए हैं। एयरपोर्ट से वह सीधे जयविलास पैलेस पहुंचे और वहां से 10 मिनट बाद ठीक 9 बजे कटोराताल स्थित छत्री पहुंचे हैं। यहां सबसे पहले विजयाराजे सिंधिया के चित्र पर पुष्प अपिर्त कर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उनकी मूर्ति के चरण स्पर्श कर सपरिवार आशीर्वाद लिया। आशीर्वाद लेने के बाद वह भजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान वह काफी गंभीर भाव में बैठे नजर आए। भजन कार्यक्रम मंे शामिल होने के बाद जयविलास पैलेसे के लिए रवाना हो गए हैं।

इस बार मास्क पहले थे अनूप मिश्रा

जब केन्द्रीय मंत्री सिंधिया कटोराताल अम्मा महाराज की छत्री पहुंचे तो उनकी आगवानी के लिए प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा व पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा के अलावा कई बड़े नेता नजर आए। पर यह दोनों इसलिए खास रहे कि यह लगातार उनके आने से लेकर भजन कार्यक्रम में उनके दोनों तरफ बैठे नजर आए हैं। एक समय था जब पूर्व मंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा सिंधिया के कड़े प्रतिद्वंदि माने जाते थे। पर बीते कुछ दो मुलाकातों में दोनों के बीच दूरियां कम हुई हैं। हां इस बार अनूप मिश्रा सिंधिया से मिलते समय मास्क पहने नजर आए। क्योंकि पिछली बार जब वह मिले थे तो मास्क नहीं पहने थे और सिंधिया ने अपना एक मास्क उतारकर उनको पहना दिया था। जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुआ था।

केन्द्रीय मंत्री, पत्नी को सहारा देते नजर आए

केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जब कटोराताल छत्री पर पहुंचे तो उनके साथ मां, बेटे के अलावा पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया भी रहीं। पत्नी के पैर में चोट होने के कारण केन्द्रीय मंत्री सिंधिया छत्री पर आने से लेकर पुष्पांजलि अर्पित करने तक हाथ थामकर सहारा देते नजर आए।

 


पटना । बिहार में कभी एकछत्र राज करने वाली लालूप्रसाद यादव की आरजेडी पार्टी इन दिनों घरेली क्लेश का शिकार है। लालू यादव के दोनों बेटों में शीत युद्ध जारी है। यहां होने वाले उपचुनाव से पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के छोटे बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव के साथ बड़ा खेल कर दिया है। तारापुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए दो दिन पहले तेज प्रताप के समर्थन से संजय कुमार ने निर्दलीय के तौर पर अपना नामांकन किया था। तेज प्रताप उपचुनाव में आरजेडी के खिलाफ अपने संगठन छात्र जनशक्ति परिषद का उम्मीदवार उतारना चाहते थे मगर क्योंकि उनका संगठन अभी चुनाव आयोग में पंजीकृत नहीं है और ना ही संगठन के पास कोई चुनाव चिन्ह है, इसी कारण से उन्होंने संजय कुमार को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना समर्थन दिया।
तेज प्रताप का आशीर्वाद प्राप्त करके संजय कुमार ने तारापुर विधानसभा सीट उपचुनाव के लिए अपना नामांकन तो कर दिया मगर दो दिन के अंदर ही तेजस्वी ने बड़ा खेल कर दिया। तेजस्वी ने शनिवार शाम संजय कुमार को अपने

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

वास पर बुलाया और उनसे मुलाकात की जिसके बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस लेने का ऐलान कर दिया और आरजेडी में भी शामिल हो गए। संजय कुमार ने कहा बिहार में आरजेडी सरकार बनानी है इसीलिए मैंने फैसला किया है कि और आरजेडी परिवार को मजबूत बनाने के लिए मैं अपना नामांकन वापस लूंगा। अब मेरा मकसद है तारापुर से आरजेडी उम्मीदवार को जिताना। तारापुर सीट से अपना नामांकन वापस लेने के संजय कुमार के फैसले पर तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर कर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि संजय कुमार के तारापुर से नामांकन करने या अब अपना नामांकन वापस लेने के इस पूरे मामले में उनका कोई लेना देना नहीं है। इस पूरे मामले में अपना नाम घसीटे जाने को लेकर तेज प्रताप ने तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव पर हमला बोला।
तेज प्रताप ने ट्वीट करके लिखा 'मेरे लिए चुनाव में आदरणीय तेज प्रताप यादव जी प्रचार करेंगे- संजय कुमार.. जनता के लिए संजय कुमार ने अपनी उम्मीदवारी वापस ली- आरजेडी.. ना मैंने कुछ कहा ना लिखा तो इसमें मेरा क्या रोल था या है? हरियाणवी स्क्रिप्ट राइटर तुम यह फालतू सी ग्रेड कहानी कहीं और लिखना.. बिहारी सब समझते हैं।' बता दें कि राजद में विरासत की लड़ाई तेज हो गई है। राजद ने तेजप्रताप यादव को आधिकारिक तौर पर पार्टी से निकालने की घोषणा नहीं की है और न ही तेजप्रताप ने खुद पार्टी छोड़ने की कोई बात कही है लेकिन तेज प्रताप ने कई फैसले पार्टी लाइन के खिलाफ लिए हैं। हाल ही में तेज प्रताप ने तेजस्वी यादव पर बिना नाम लिए अपनी मां राबड़ी देवी और बहन मीसा भारती को इस उपचुनाव में स्टार प्रचारक नहीं बनाने पर ट्वीट कर तंज भी कसा था।

नई दिल्‍ली । चुनावी रणनीतिकार के रूप में प्रसिद्ध पीपी यानि प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों पर अब पूर्ण विराम लगता दिखाई दे रहा है। खबर है कि फिलहाल प्रशांत किशोर कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक आगामी पांच राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के (पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर) बाद ही प्रशांत किशोर की कांग्रेस में औपचारिक एंट्री हो पाएगी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि चरणजीत सिंह चन्‍नी को पंजाब का मुख्‍यमंत्री बनाए जाने में प्रशांत किशोर की कोई भूमिका नहीं है। चन्‍नी का नाम कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया था और राहुल गांधी ने इस पर तुरंत निर्णय ले लिया था। जानकारों की मानें तो कांग्रेस और पीके की राजनीतिक समझ 2024 के लोकसभा चुनाव तक ही सीमित है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रशांत किशोर जब कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे, उस वक्‍त उनकी बात कांग्रेस में सुधार, संगठनात्मक बदलाव, टिकट वितरण प्रणाली के संस्थागतकरण, चुनावी गठबंधन, चंदा आदि पर केंद्रित रही थी।
बता दें कि जब से प्रशांत किशोर के कांग्रेस में आने की बात शुरू हुई है तब से कांग्रेस के अंदर ही सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पार्टी के कुछ वरिष्‍ठ नेता, एआईसीसी के पदाधिकारी और कांग्रेस शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री तक ने प्रशांत किशोर पर पहले कई आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का एक वर्ग इस बात से नाखुश है कि तृणमूल कांग्रेस प्रशांत किशोर के कहने पर ही सुष्मिता देव, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइज़िन्हो फलेरियो और मेघालय, त्रिपुरा आदि के कई नेताओं को अपनी ओर खींच रही है।
बता दें कि प्रशांत किशोर ने दो दिन पहले ही कहा था कि लखीमपुर खीरी मामले से कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष के उठ खड़े होने की उम्मीद लगा रहे लोगों को निराशा हो सकती है क्योंकि देश की सबसे पुरानी पार्टी से जुड़ी समस्याओं का कोई त्वरित समाधान नहीं हैं। इस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसको लेकर किशोर पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के चुनाव नहीं जीत पाने वाले नेताओं को अपने पाले में मिलाकर ‘राष्ट्रीय विकल्प’ बनने की उम्मीद कर रहे लोगों को बहुत निराशा होगी क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर विकल्प के मुद्दे का कोई त्वरित समाधान नहीं हो सकता। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रशांत किशोर की टिप्पणी को ज्यादा तवज्जो नहीं देने का प्रयास करते हुए कहा कि राजनीति में जनता जिसे चाहेगी, वह आगे बढ़ेगा तथा इस समय राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं।

नई दिल्ली । अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बसपा सुप्रीमो मायावती सॉफ्ट हिन्दुत्व की ओर बढ़ती दिख रही हैं। बीएसपी प्रमुख मायावती शनिार को कहा कि बसपा की सरकार बनने पर अयोध्या, काशी और मथुरा में विकास कार्य पूरे कराए जाएंगे। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन में कहा कि अगर पार्टी सत्ता में आती है, तो वह केंद्र और पिछली राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं (अगर इससे लोगों को लाभ होता है) को राजनीतिक बदले की भावना से समाप्त नहीं करेगी और अयोध्या, वाराणसी और मथुरा जैसे धार्मिक शहरों में भाजपा द्वारा शुरू किए गए कार्य पूरे होंगे। कांशीराम की पुण्य तिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अपने मायावती ने कहा कि हम सपा या भाजपा सरकारों द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं और योजनाओं के नाम बदलने के नाटक में भी शामिल नहीं होंगे। मेरे कहने का मतलब है कि राज्य में भाजपा और सपा द्वारा किए गए सभी कार्यों की निष्पक्ष रूप से जांच की जाएगी और जो काम सही और लाभकारी होगा, उसे आगे बढ़ाया जाएगा और रोका नहीं जाएगा। मायावती ने यह भी कहा कि नए अस्पताल, मेडिकल कॉलेज या शैक्षणिक संस्थान बनाने से पहले, मौजूदा सुविधाओं की स्थिति में सुधार किया जाएगा क्योंकि कोरोना के दौरान उनकी "निराशाजनक" स्थिति सामने आई थी। इसी तरह उन्होंने कहा कि मौजूदा सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा ताकि नई सड़कें और राजमार्ग बनने से पहले दुर्घटनाएं न हों। पार्टी की व्यापक मंशा और सत्ता में आने पर पार्टी के प्रमुख मुद्दों को सामने रखने के अलावा मायावती ने उन हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव करीब आने के समय आने वाली चुनौतियों से आगाह किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ और निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार 21 अक्टूबर से युद्ध स्तर पर तैयार करने का एक कार्यक्रम शुरू करेगी और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे 7 सितंबर और शनिवार को एक पुस्तिका के रूप में की गई घोषणाओं को राज्य के लोगों तक ले जाएं। बसपा घोषणा पत्र की घोषणा नहीं करती है। मायावती ने कहा कि यूपी की जनता बीएसपी की सत्ता को याद कर रही है। यूपी में सपा बीजेपी की सरकारों में जनता परेशान है। छोटी-छोटी पार्टियों का गठबंधन सिर्फ सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने के लिए। सपा का नाम लिए बिना कहा कि एक पार्टी ऐसी है जो दूसरी पार्टी की स्वार्थी लोगों को शामिल करा रही है। मायावती ने कहा कि चुनाव घोषित होने से वोट पड़ने तक बीएसपी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास। झूठे सर्वे के जरिए बीएसपी को नुकसान पहुचाने का प्रयास है। बीजेपी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। हिन्दू- मुस्लिम के साम्प्रदायिक दंगे कराए जा सकते हैं। बीजेपी इस चुनाव में धन्नासेठों से बड़ा खर्च कराने वाली है।

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