ईश्वर दुबे
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Bhilai
गर्भनिरोधक गोलियां के सेवन से गंभीर बिमारियों का खतरा रहता है। आजकल महिलाओं के लिए बाजार में कई प्रकार की गर्भनिरोधक गोलियां मौजूद हैं पर इन गोलियों के सेवन से इस्कीमिक स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, गर्भनिरोधकगोलियां लेने से ब्लड क्लोट दिमाग की ब्लड वेसेल्स को ब्लॉक कर देता है। बर्थ कंट्रोल दवाइयां लेने से इस्कीमिक स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है पर जो महिलाएं किसी दूसरी तरह के स्ट्रोक से पीड़ित नहीं होती हैं, उनमें यह खतरा कम होता है। अध्ययन में ये जानने की कोशिश की गई है कि आखिर क्यों गर्भनिरोधक गोली लेने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अध्यन में ये भी सामने आया कि जो महिलाएं पहले से ही स्ट्रोक की समस्या से जूझ रही हैं, उनमें ये खतरा ज्यादा होता है। स्ट्रोक के अलावा इन महिलाओं में माइग्रेन का दर्द, हाई ब्लड प्रेशर होने की भी संभावना होती है। ऐसे में गर्भनिरोधक गोलियां को लेने से पहले डॉक्टरी सलाह अवश्य ले लें।
ओवरी में बार-बार होने वाली किसी भी तरह की बीमारी धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले लेती है। यह कैंसर सबसे पहले ओवरी की बाहरी लेयर में पैदा होता है। सबसे आम तरह के ओवेरियन कैंसर को एपिथेलियल ओवेरियन कैंसर कहते हैं। आमतौर पर महिलाओं को सबसे ज्यादा इसी कैंसर से खतरा होता है।
महिलाओं में मृत्यु दर के मामले में इसका स्थान पांचवें पर है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार इस कैंसर के कारण महिलाओं की मृत्यु जल्दी हो जाती है, क्योंकि वे इस कैंसर के लक्षणों को समझ ही नहीं पाती हैं। इसके साथ ही इस कैंसर को लेकर जागरूकता की भी कमी है।
ये हैं ओवेरियन कैंसर के लक्षण
इस कैंसर के शुरुआती दिनों में कमर में असहनीय दर्द होता है। भूख कम लगती है और कम खाने के बाद भी पेट भरा लगता है। हाजमा भी बहुत कमजोर हो जाता है। इसके अलावा जिन महिलाओं के परिवार में ये बीमारी होती है, उन महिलाओं को ये कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है।
ऐसे बढ़ जाता है खतरा
40 साल की उम्र से पहले ब्रेस्ट कैंसर होने पर इस कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा जो महिलाएं हार्मोन चेंज थेरेपी करवाती हैं। उनको इस कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. वैसे तो इस कैंसर की कोई उम्र नहीं होती लेकिन जिन महिलाओं को मेनोपॉज हो चुका होता है, उन महिलाओं को इस कैंसर का खतरा ज्यादा हो जाता है।
महिलाओं को इस कैंसर से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग करवानी चाहिए। ब्रेस्ट फीडिंग करवाने से फेलोपियन और ओवेरियन कैंसर पनप नहीं पाते हैं। इसके अलावा योग भी इस कैंसर को दूर करने में काफी कारगर साबित हुआ है।
आज का दिन आपके लिए शुभ है, खासकर उन लोगों के लिए जो किसी के वादों या आश्वासनों के पूरा होने के इंतजार में हैं। आप उन लोगों से अपनी बातें स्पष्ट रूप से कर पाएंगे जो आपके भविष्य और फैसलों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकते हैं। आप आप कुछ लोगों को उनके पुराने वादे याद दिला सकते हैं। आज आपको पुराने आश्वासनों से लाभ मिल सकता है। आपकी बातों को आज तवज्जो दी जाएगी।
आज आपको उन परिस्थितियों का विरोध करना होगा, जिनमें आपको अतिरिक्त जिम्मेदारियों से लादा जा सकता हो। आप काम के दबाव से परेशान रह सकते हैं। करियर के मामलों में इस बात का विशेष रुप से ध्यान रखें। नकारात्मक लोगों और चीजों से दूर रहें। आप जल्दबाजी में कोई गलत निर्णय ले सकते हैं, इसलिए गुस्से में कोई बात ना कहें, ना ही किसी प्रकार का निर्णय लें।
आज का दिन उन लोगों के लिए काफी अच्छा हो सकता है, जो अपने लिए किसी योजना पर काम कर रहे हैं। आपके पास कुछ अच्छे आइडिया हो सकते हैं, जो बिजनेस या करियर में आपको एक नई पहचान दिला सकते हैं। कुछ मामलों में आपको पुरस्कार या कोई ऐसा रिवार्ड मिल सकता है जो आपके दिन को यादगार बना देगा। आपका पॉजिटिव एटिट्यूड आपको काफी आगे ले जाएगा। परिणाम सकारात्मक और मनचाहे हो सकते हैं। आज आपका कुछ समय खरीदारी में बीत सकता है।
आज आपकी कोई बहुत पुरानी ख्वाहिश पूरी हो सकती है। आपके लिए आज कार्ड्स का संकेत है कि आप चुनौतियों और परेशानियों को भविष्य के लिए टाल दें। आज आराम करें और अपने रिश्ते को आत्मनिरीक्षण करें। एक इच्छा पूरी होगी। अपनी आंतरिक आवाज और अपनी चेतना पर भरोसा करें। आप इस पर विचार करें कि क्या रिश्तों की मांग के अनुसार आप उसे समय दे पा रहे हैं या नहीं।
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रह सकता है। बिना गहन सोच विचार के कोई निर्णय न लें। अपने किसी मित्र या पुराने सहायक से सलाह अवश्य लें। किसी पुराने जानकार से मुलाकात हो सकती है को आपको किसी नए अवसर से अवगत करवाएगा। आज किसी बात को लेकर परेशानियों से घिरे रहेंगे। यदि कोई निर्णय लेने में दुविधा हो रही हो तो किसी से सलाह करें। अपनी अंतरात्मा की आवाज़ अवश्य सुनें। आज अपनी भावुकता पर नियंत्रण रखें।
आज आपके लिए दिन अपनी लंबे समय से पेंडिंग पड़ी यात्रा की योजना को मूर्त रूप देने का हो सकता है। आप आज किसी बिजनेस ट्रीप पर भी जा सकते हैं। इससे आपको कुछ लाभ होता दिख रहा है। कुछ लोगों के लिए ये समय आपको खुद के लिए और परिवार के लिए रिजर्व रखने का है। परिवार के साथ कुछ अच्छी यादें इकट्ठा कर सकते हैं। आपके कार्य की काफी प्रशंसा हो सकती है। वक्त के हिसाब से आपको परिणाम मिलते जाएंगे।
आज आपको कुछ सामाजिक हितों के काम में शामिल होने का मौका मिल सकता है। जो आपको सम्मान दिला सकता है। कुछ ऐसे काम जो आपकी इमेज को एक नया रंग दे सकते हैं, उन्हें करने की कोशिश करें। कुछ नया शुरू करने या नई जिम्मेदारी मिलने का दिन है। आपको अपने कार्यक्षेत्र में विशेष पहचान मिलेगी। आपकी सलाह लोगों के लिए बहुत मददगार हो सकती है। आपको अपने इस स्वभाव के साथ ही आगे बढ़ना है।
आज आप अपने काम के शीर्ष पर हो सकते हैं। लोग आपके तरीकों को अपनी कार्यशैली में ला सकते हैं। आपको आज थोड़ा संभलकर आगे बढ़ना होगा। आज आपको अपने काम की गति धीमी रखनी चाहिए। ज्यादा जल्दबाजी किसी परेशानी का कारण बन सकती है। आप जिम्मेदारियों को फिर से देखना और प्राथमिकता देना चाहेंगे। ध्यान आपको अपना कायाकल्प करने में मदद कर सकता है।
आज का दिन आपके लिए कुछ नई चुनौतियों और लक्ष्य वाला हो सकता है। आपको कुछ ऐसे काम करने पड़ सकते हैं, जो दूसरों के लिए प्रेरणा का काम करें। आपको लोगों से सराहना और सहयोग मिलने के संकेत कार्ड्स पर हैं। आपके लिए आज का दिन अपने प्रोफेशनल फ्रंट पर बहुत अच्छे परिणाम देने वाला रहेगा। आपको अपने लोगों से या अपनी टीम से सम्मान मिल सकता है। साथी से संबंध बहुत मधुर रहेंगे, कोई सरप्राइज भी मिल सकता है।
आज आपका दिन अपने कामों को तेजी से निपटाने में गुजर सकता है। आज आपकी टू डू लिस्ट में प्रायोरिटी के आधार पर काम पूरे करने का दबाव हो सकता है। अपने आपको पूरी तरह काम पर फोकस रखें। आपकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी। आपके लिए आज का दिन कई मामलों में दिन बहुत अच्छे परिणाम देने वाला रहेगा। रिश्तों की मजबूती और प्रेरणा के लिए भी समय आपके अनुकूल है।
आज का दिन आपके लिए कुछ अच्छी सूचनाओं वाला हो सकता है। आपको किसी खास व्यक्ति से बातचीत के दौरान कुछ ऐसे तथ्य पता चल सकते हैं जो आपको थोड़ा विचलित कर सकते हैं। आपके लिए दिन फिर भी इन सब बातों से निकलकर आगे बढ़ने का है। आपके लिए जीवन साथी या प्रेमी का व्यवहार बहुत ऊर्जा देने वाला हो सकता है। बिजनेस के लिए चीजें आपके पक्ष में आ सकती हैं।
आज का दिन आपके लिए विशेष हो सकता है। कुछ ऐसी सफलताएं आपको मिल सकती हैं, जो दूसरों के लिए प्रेरणा का काम करेंगी। आपको अपने कामों पर पूर्ण नियंत्रण रखना होगा। इससे आपको काफी लाभ मिल सकता है। इसके लिए आप कुछ रिसर्च भी करेंगे। अपनी कुशलता से धनार्जन करते रहेंगे। अगर आप करियर में किसी तरह के परिवर्तन पर विचार कर रहे हैं तो ये समय आपके लिए श्रेष्ठ है।
कल से यानि 04 अगस्त से भाद्रपद महीने का आरंभ होने वाला है। हिंदू धर्म में सभी महीनों का अपना अलग महत्व बताया गया है। भादो के माह को भगवान श्री कृष्ण से संबंधित माना जाता है। बता दें शास्त्रों के अनुसार भाद्रपद की अर्थ है भद्र परिणाम देने वाले व्रतों का माह। कहा जाता है इस माह में प्रत्येक व्यक्ति को पूरी निष्ठा से व्रत, उपवास तथा पूजा-पाठ करना चाहिए। साथ ही साथ बताया जाता है इसी माह में मानव द्वारा की गई गलतियां का प्रायश्चित किया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक भाद्रपद का माह मन में शुद्ध और भाव भरने के सबसे उत्तम होता है। इसके साथ ही इस माह की महत्वता को बढ़ाता है इस महीने में पड़ने वाला गणेश चतुर्थी का पर्व। साथ ही इस महीने में श्री कृष्ण का जन्मोत्सव तथा कलंक चतुर्थी भी पड़ती है। बता दें 04 अगस्त से 02 सिंतबर तक चलेगा।
यहां जानें इस माह में कौन सी बातों का ख्याल रखना चाहिए-
इस महीने में कच्ची चीज़े नहीं खानी चाहिए, दही नहीं खाना चाहिए, भादो में रविवार को चावल खाने वर्जित होते हैं। शीतल जल से दो वक्त स्नान करना चाहिए, ताकि आलस्य दूर हो पाए। भगवान कृष्ण को तुलसी दल अर्पित करना और तुलसी दल को चाय या दूध में उबालकर पीना अच्छा होगा।
इसके अलावा पूरे माह में श्री कृष्ण को पंचामृत से स्नान करवाना चाहिए ताकि तमाम मनोकामनाएं पूरी हों। जिन लोगों को संतान सुख की प्राप्ति न हो उन्हें खास रूप से कृष्ण जी के जन्मोत्सव में शामिल होना चाहिए। आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए श्रीमद्भगवदगीता का पाठ शुभ परिणाम देता है तथा लड्डू गोपाल और शंख की स्थापना से घर में धन सम्पन्नता बढ़ती है।
हर घर में अपने इष्ट देवता की पूजा की जाती हैं, ताकि घर में सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहे। माना जाता है कि पूजन जो कि भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग है, वह व्यक्ति की मनोकामना पूर्ती के लिए बेहद जरूरी हैं। सभी लोग पूजन करते हैं, लेकिन पूजन करते समय हुई कुछ गलतियों की वजह से उन्हें मनवांछित फल नहीं मिल पाता। जी हाँ, पूजन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता होती है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव पड़ता हैं और घर में दरिद्रता, बीमारी और अशांति आ सकती है। इसलिए पूजा के समय हमारे द्वारा बताई जा रही बातों पर जरूर ध्यान दे….
घर में पूजा पाठ के दौरान घर में हमेशा दो दिया जलाना चाहिए। एक दीपक घी का और दूसरा तेल का।
पूजा के अंत में हमेशा आरती करनी चाहिए और आरती के बाद उसी स्थान पर तीन बार घूमकर परिक्रमा करनी चाहिए।
कहा जाता है कि पूजा के दौरान कभी भी दीपक से अगरबत्ती या धूप नहीं जलानी चाहिए। ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है।
माना जाता है कि पूजा के वक्त कभी भी कभी भी दीपक से दीपक नहीं जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में बीमारियां आती है।
पूजा के वक्त धूप, दीप, अगरबत्ती जलाने के बाद माचिस की तीली फूंक मारकर नहीं बुझानी चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से घर से लक्ष्मी दूर होती है।
धर्म शास्त्रों के अनुसार बांस से निर्मित अगरबत्ती नहीं जलानी चाहिए। अगरबत्ती सिर्फ खुशबू के लिए नहीं जलानी चाहिए। अगर अगरबत्ती का सही चुनाव नहीं किया गया तो घर में गरीबी आ सकती है।
5 अगस्त को अयोध्या में राममंदिर का भूमिपूजन होना है, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगें, भूमिपूजन को लेकर आज श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक प्रेस-वार्ता की और कार्यक्रम सम्बंधित सभी जानकारियां दी, भूमिपूजन कार्यक्रम में 175 लोगों को आमंत्रित किया गया है।
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण शुभारंभ कार्यक्रम में कुल 175 महानुभावों को आमंत्रित किया गया है। देश की कुल 36 आध्यात्मिक परम्पराओं के 135 पूजनीय संतों की पावन उपस्थिति कार्यक्रम में रहने वाली है। इसके साथ-साथ अयोध्या के कुछ गणमान्य नागरिकों को भी आमंत्रित किया गया है।
कोरोना महामारी और अन्य कुछ कारणों से कुछ महानुभावो के आगमन में बाध्यताएं हैं। 90 वर्ष से अधिक आयु के महानुभावों का इस अवस्था में अयोध्या तक आना न तो सम्भव है, न ही व्यवहारिक। इसी प्रकार चातुर्मास के कारण पूज्य शंकराचार्य जी व कई पूज्य संत भी कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाएंगे।
भूमि पूजन में श्री अशोक सिंहल जी के परिवार से श्री महेश भागचन्दका व श्री पवन सिंहल मुख्य यजमान होंगे। मंचीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, श्री मोहनजी भागवत, पूज्य नृत्य गोपाल दासजी महाराज, उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमति आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी मंचस्थ होंगे।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सर्वप्रथम हनुमानगढ़ी में श्री हनुमान जी महाराज का दर्शन-पूजन करेंगे। उसके पश्चात वे वर्तमान में जहां श्री रामलला विराजमान हैं, उस मन्दिर में भगवान का पूजन करेंगे। ततपश्चात वे भूमिपूजन में भाग लेंगे, जिसके बाद मंचीय कार्यक्रम होगा।
देश के लगभग 2000 पावन तीर्थस्थलों की पवित्र मिट्टी और लगभग 100 पवित्र नदियों का पावन जल श्रीरामभक्तों द्वारा भूमि पूजन के निमित्त भेजा गया है। इसके अतिरिक्त देश भर से पूज्य शंकराचार्यों और पूजनीय सन्तों ने अपने प्रेम और श्रद्धा स्वरूप विभिन्न भेंट भेजी हैं।
हम सभी रामभक्तों से आह्वान करते हैं कि इस अवसर पर जैसा दिव्य वातावरण अयोध्या में दिख रहा है, वैसा ही देश के सभी नगरों और ग्रामों में दिखना चाहिए। भजन, कीर्तन, प्रसाद वितरण के कार्यक्रम सब स्थानों पर कोरोना महामारी की सावधानियां बरतते हुए आयोजित करने का हम करबद्ध निवेदन करते हैं।
मेरठ | रक्षा बंधन पर आज सोमवार और पूर्णिमा का योग भगवान महादेव की विशेष कृपा दिलाएगा। इस बार रक्षा बंधन पर शताब्दी में पहली बार चतुर्योग में रक्षा बंधन आ रहा है। सर्वार्थ-सिद्धि योग आयुष्मान योग के चलते दीर्घायु का वर प्रदान करेगा। इस बार भद्रा और राहुकाल 9.30 से पहले ही समाप्त हो रहे हैं। इस योग में भाई-बहन की सभी इच्छाएं पूरी होंगी।
राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक।
आज सुबह 9 बजकर 28 मिनट तक भद्रा
पूर्णिमा तिथि रात्रि 09 बजकर 29 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ
यहां जानें सुबह, दोपहर, शाम के राखी बांधने के सभी शुभ मुहूर्त:
राखी बंधन का मुहूर्त
शुभ योग : सुबह 9:31 से 10:46 तक
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 से 12:53 तक
अपराहन मुहूर्त : दोपहर 1:48 से शाम 4:29 तक
लाभ मुहूर्त : दोपहर 3:48 से शाम 5:29 तक
संध्या अमृत मुहूर्त : शाम 5:29 से 7:10 तक
प्रदोष काल : शाम 7:06 से रात 9:14 तक
आजकल वजन घटाने सुपर फूड्स को बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इस कारण यह पसंद किये जाने लगे हैं।
कई सुपर फूड्स ने धीरेधीरे किचन में जगह बना ली है। जाहिर सी बात है कि किचन के जरिए ये हमारे पेट में भी पहुंच रहे हैं। क्विनोआ के अलावा, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स, वॉटरमेलन सीड्स, चगा मशरूम, नट ऑयल, मका, ल्यूकूमा, हेम्प सीड्स आदि। हममें से कुछ लोग इन सुपर फूड्स से परिचित हैं तो कुछ को इनके बारे में कुछ भी पता नहीं। फ्लैक्स सीड्स दादी-नानी के जमाने के अलसी के बीज हैं, जिन्हें अपने यहां के कुछ राज्यों में तिसी भी कहा जाता है। कुछ आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं तो कुछ विटामिन और प्रोटीन के। इस आधे बीत चुके साल में इंटरनेट फ्रेंडली हो चुकी जनता अपने खानपान की आदतों को लेकर भी एडवेंचरस है।
चिया के बीज भी पॉपुलर सुपर फूड्स की श्रेणी में शामिल हैं। वैसे तो ये स्वाद रहित होते हैं लेकिन जब इन्हें सही ढंग से पकाया जाता है तो ये आसानी से पच जाते हैं। एनर्जी बूस्टिंग पाउडर के तौर पर ये कमाल के हैं। हालिया शोध तो चिया के बीजों को टाइप 2 डायबिटीज खत्म करने के लिए कारगर मानते हैं। चिया मेक्सिको से आते हैं, जिसका अर्थ ताकत से है। चिया को रनर्स फूड भी कहा जाता है क्योंकि लंबी दौड़ में चिया का इस्तेमाल ऊर्जा स्रोत के तौर पर किया जाता है। कहा जाता है कि केवल एक चम्मच चिया उन्हें 24 घंटे तक ऊर्जावान बनाए रखने में कारगर है। एंटीऑक्सिडेंट, एंटी सन्फ्लेमेट्री, एंटी कैंसर गुण होने के कारण चिया के सेवन का प्रचलन अपने देश में भी बढ़ता जा रहा है। यह एक कंम्प्लीट प्रोटीन भी है क्योंकि इसमें नौ जरूरी अमिनो एसिड हैं। स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए आवश्यक 20 फीसद सॉल्युबल फाइबर और 80 फीसद इनसॉल्युबल फाइबर भी इसमें हैं। यह ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखता है, क्रेविंग को कम करता है और लंबे समय तक आपके पेट को भरा महसूस कराता है।
क्विनोआ पोषण का दोगुना पंच देता है क्योंकि इसमें फाइबर और प्रोटीन दोनों पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यह ग्लूटेन मुक्त होने के साथ कंप्लीट प्रोटीन भी है। यह मूलत: एक बीज है, जिसे अनाज के तौर पर खाया जाता है। क्विनोआ तीन तरह के होते हैं- सफेद, लाल और काला। इसे अमूमन ऑर्गेनिक तौर पर ही उगाया जाता है। इसमें फ्लेवेनॉयड्स होता है, जो एंटीऑक्सिडेंट की तरह काम करता है। अन्य अनाजों की तुलना में क्विनोआ में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। क्विनोआ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स करीब 53 है, जो काफी कम है। शोध यह भी बताते हैं कि क्विनोआ मेटाबोलिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में लाभदायक है। वजन कम करने की कोशिश में लगे लोगों के लिए क्विनोआ फायदेमंद है क्योंकि वजन कम करने के लिए हमें कम कैलोरी का सेवन करना चाहिए।
अलसी के बीज सालों से हमारे आस-पास ही हैं और एग्जॉटिक नहीं है, इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि यह हमारे संतुलित आहार के लिए पर्याप्त नहीं। सच तो यह है कि अलसी के बीज कमाल के होते हैं! यह न केवल कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर के स्तर को कम करता है बल्कि इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स का बड़ा भाग होता है। इसे लिग्नैन्स कहा जाता है, जिसमें कैंसर से लडऩे के गुण मौजूद हैं। साथ ही यह हार्मोन्स को भी संतुलित करने में मददगार हैं। यह सॉल्युबल और इनसॉल्युबल फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं, जिसका अर्थ है कि यह रोजाना की ऊर्जा और वजन कम करने में लाभदायक हैं। अलसी के बीजों की खासियत यह है कि ये किसी भी डिश में आसानी से घुल-मिल जाते हैं। चाहें तो इन्हें ओटमील पर छिड़क लीजिए या ग्रैनोला में या दही पर या अपने स्मूदी में मिला लीजिए।
सुंदर के लिए अपनायें ये तरीके। इस प्रकार आप अपनी सुंदरता को बढ़ा सकती हैं। आंखों की सुंदरता के लिए गोल्ड आई शैडो का प्रयोग करें। आंखों पर गहरे रंग के आई पेंसिल का प्रयोग करें1 आप इलेक्ट्रिक ब्लर आईलाइनर के इस्तेमाल करने से भी अच्छा लुक पा सकती हैं1
रात के समय ब्लशर रंगों का होठों के रंगों से मेल जरूरी नहीं है, लेकिन टोन का रंग सामान्यता एक जैसा होना चाहिए। यदि आपने नांरगी लिपस्टिक लगाई है तो गुलाबी ब्लश से दूर रहिए।
आप लिपस्टिक में लाल गहरे लाल रंग की शेड की लिपस्टिक का प्रयोग कर सकती हैं। गहरा गुलाबी रंग भी काफी आकर्षक लगेगा। ज्यादातर त्वचा के रंगों में नारंगी शेड भी काफी सराही जाती है।
उमस भरे मौसम में 3डी लुक पाने के लिए फेस पर ब्रांजिंग और हाइलाइटिंग बहुत जरूरी है। इसके साथ ही फेस पर बेस ब्लेंडेड करना भी बहुत जरूरी है। इसके साथ ही टोनिंग भी बेहद अनिवार्य है1 इसके लिए आप किसी मलमल के कपड़े में बर्फ डालकर अपने चेहरे पर हल्के-हल्के से मल सकती हैं। इससे पोर्स तो बंद हो ही जाएंगे और मेकअप भी देर तक टिका रहेगा।
अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आप मॉइश्चराइजिंग लोशन से कुछ मिनट तक हल्के-हल्के मसाज कर सकती हैं।
अपनी त्वचा से अनचाहे दाग-धब्बे छुपाने के लिए कंसीलर का यूज कर सकती हैं। कंसीलर को अपनी उंगली में लेकर प्रभावित स्थान पर हल्के से थपथपा कर लगाएं, जिससे कंसीलर आपकी स्किन में अच्छे से समा जाए.
अगर आपकी ड्रेस ज्यादा भारी नहीं है तो बहुत डार्क मेकअप ना करें, बल्कि लिपस्टिक और आई शेड्स में हल्के रंगों के उपयोग करें। आंखों पर मस्कारा लगाएं। आप लिक्विड काजल की जगह पेंसिल वाला काजल भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
अगर आपकी ड्रेस हैवी है तो लिक्विड काजल का इस्तेमाल करें और मस्कारा लगाएं। साथ ही लिपस्टिक और आई शेड्स डार्क गहरे रंग के इस्तेमाल करें। चाहें तो होठों के लिए लिक्विड लिप ग्लॉस का उपयोग भी कर सकती हैं।
ड्रेस के बाद बारी आती है हेयर स्टाइल की। आप चाहे कितना भी अच्छा मेकअप कर लें या ज्वेलरी पहने जब तक आपका हेयर स्टाइल सही नहीं है आपका लुक परफेक्ट नहीं लग सकता। इसलिए अपने बालों को अच्छा सा हेयर स्टाइल दें।
अगर आपके बाल छोटे हैं तो उन्हें खुला ही छोड़ दें। खुले बालों में भी काफी स्टाइल दिए जा सकते हैं। जैसे कि आप अपने बालों को सामने की ओर से पफ दे सकती हैं या क्लिप्स की मदद से सामने के बाल थोड़े-थोड़े लेकर पीछे की ओर घुमाकर पिनअप कर सकती हैं।
नाखून अगर खूबसूरत हों, पूरी तरह शेप में हों और मजबूत हों तो हाथों की खूबसूरती और बढ़ जाती है। लंबे नाखूनों को आप तरह-तरह के नेल आर्ट बनाकर सजा भी सकती हैं। इसी कारण लंबे और खूबसूरत नाखून पर किसी की चाहत होती है पर
बहुत सी लड़कियों को ये शिकायत होती है कि उनके नाखून बढ़ने के साथ ही टूट जाते हैं। ऐसे में कभी भी वो परफेक्ट शेप मिल ही नहीं पाती जिसकी उम्मीद होती है। पर क्या आपने कभी ये सोचा है कि नाखून टूटते क्यों हैं? कई बार हॉर्मोनल कारणों की वजह से तो कई बार पोषण की कमी के चलते नाखून टूट जाते हैं। प्राकृतिक उपायों के जरिये आप नाखूनों को ठीक कर सकती हैं।
लहसुन की एक कली लें, उसके छिलके उतार दें। कली को बीच में से काट ले और इसे अपने नाखूनों पर 10 मिनट तक रगड़ें। ऐसा करने के 10 दिन के भीतर ही वह मजबूत होने लगेंगे।
अंडे के सफेद हिस्से को एक कटोरी में निकाल लें। इसमें दो चम्मच संतरे का रस मिला लें। इस घोल को अपने नाखूनों पर 5 मिनट तक लगा कर छोड़ दें. इसमें विटामिन सी होता है जो कोलजिन का प्रोडक्शन करता है जिससे नाखून मजबूत बनते हैं.
अपने नाखूनों पर जैतून का तेल लगा कर मालिश करें। इसमें विटामिन ई होता है जो नाखूनों को पोषण प्रदान करता है जिससे नाखून तेजी से बढ़ते हैं।
नारियल तेल से नाखूनों की मसाज करने पर फायदा होता है। एक चम्मच घिसा लहसुन लें और उसमें एक चम्मच वेनिगर मिलाएं। इसे अपने नाखूनों पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद हाथों को साफ पानी से धो लें। नाखून खूबसूरत नजर आयेंगे।
28 जुलाई ईएमएस फीचर
अधिक मोटापा भी शरीर के लिए नुकसानदेह हो जाता है। इससे मस्तिष्क पर असर कर सकती है। शोधकर्ताओं के अनुसार मोटापे से जीवन में आगे चलकर आपकी मस्तिष्क की क्षमता में गिरावट आने की आशंका रहती है। शोधकर्ताओं ने 250 लोगों पर शोध किया जिनकी उम्र 60 से 70 के बीच थी। इस शोध में उन लोगों को लेकर पहचान परीक्षण किया गया जिनके शरीर के वजन और लंबाई का अनुपात यानी बीएमआई ज्यादा था और कमर औसत से बहुत चौड़ी थी। इस परीक्षण में पाया गया कि मोटे लोगों की चीजें पहचानने की क्षमता पर असर ज्यादा पड़ता है। वहीं शरीर पर चढ़ी अधिक चर्बी मस्तिष्क की कार्य क्षमता को भी खराब कर सकती है।
पहचानने की क्षमता पर विपरीत प्रभाव
अगर जीवन जीने के तौर तरीकों को बदला जाए तो इसमें मदद मिल सकती है। इस शोध में 60 और उससे अधिक उम्र के लोगों में चर्बी के स्तर और चीजों को पहचानने की क्षमता के बीच संबंध होने पर अध्ययन किया गया। इस शोध में शामिल होने वाले लोगों का बीएमआई टेस्ट किया गया और जिनका बीएमआई ज्यादा होने के साथ-साथ पेट पर अधिक चर्बी थी उनकी चीजें पहचानने की क्षमता पर विपरीत प्रभाव देखा गया।
मोटापा और उसमें भी खासतौर पर शरीर के मध्य भाग पर जमे मोटापे की रोकथाम लोगों के चीजों को पहचानने की क्षमता या मतिभ्रम को रोकने के लिए अहम हो सकती है।
65 से ज्यादा उम्र के हर तीन में से एक व्यक्ति की मौत मतिभ्रम से होगी लेकिन इस खतरे को कम करने के लिए कई उपाय किए जा सकते है।
इन उपायों में संतुलित आहार, अपने वजन का ध्यान रखना, नियमित रुप से कसरत, रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल की जांच शामिल है जिससे इस बीमारी से बचा जा सकता है।
व्यायाम सभी को करना चाहिये। इससे हम फिट रहते हैं। अगर आप हर दिन 30 से 40 मिनट व्यायाम करते हैं तो आप बहुत सी बीमारियों से दूर रहते हैं एक सर्वेक्षण में कहा गया है अगर कोई आदमी 70 साल का है और वह हर रोज व्यायाम करता है तो उसकी उम्र बढ़ जाती है और बीमारियों से भी दूर रहता है। स्वस्थ रहने के लिए यह सबसे बड़ा उपाय है।
पौष्टिक भोजन
स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार की बहुत जरूरत होती है क्योंकि आप जानते हैं ज्यादातर बीमारी गलत आहार से होती है। इसलिए संतुलित आहार को अपनाएं। इसके साथ ही 3 से 5 लीटर पानी पिए। फल और सब्जी भी खाएं, खाने को चबाकर खाएं, रात में कम खाना कम खाएं, किसी भी एक चीज का ज्यादा मात्रा में सेवन ना करें।
सकारात्मक रहें
यह आपके जिंदगी का यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है। लोग इस पर ध्यान कम देते हैं। निराशाजनक माहौल से दूर रहें, सोते समय ना सोचे, कमाई से अधिक खर्च ना करें, किसी से झूठा वादा ना करें, जिसको आप पूरा ना कर सके, बिना मतलब का कुछ ना सोचें हैं। अच्छे लोगों से मिले हैं और उसे दोस्त करें खूब हंसे और दूसरे को हंसाने की कोशिश करें। दिमाग का सीधा रिश्ता दिल से होता है अगर आप तनाव में रहते हैं तो आपका ब्लड प्रेशर बढ़ता है जिस से बहुत सारी बीमारियां होती हैं जैसे हार्ट अटैक आदि। अपने लाइफ स्टाइल को ठीक करें जल्दी सोए और जल्दी जगे! चिंता, क्रोध, शोक, शक और दूसरों से अधिक उम्मीद न करें।
अच्छी नींद
वैज्ञानिक मानते हैं कि नींद सबसे बड़ी दवा है आप गौर कीजिए जब आप काम करके बहुत ज्यादा थक जाते हैं। अगर आप गहरी नींद से सोते हैं तो सुबह अपने आप को तरोताजा पाते हैं। इसीलिए कहा जाता है अच्छी नींद का होना बहुत जरुरी है! कम नींद होना या ज्यादा नींद का होना इसका सीधा प्रभाव स्वास्थ्य पड़ता है। वैज्ञानिक अध्ययन से पाया गया है कि 8 घंटा से ज्यादा और 6 घंटे से कम नहीं सोना चाहिए। सोते समय सोचना नहीं चाहिए जिससे आपका नींद खराब होता है और आप सही सोच भी नहीं पाते हैं क्योंकि आप थके हुए होते हैं।
इलाज करवाने में देरी ना करें
लोग अपनी बीमारियों को डालने की कोशिश करता है या फिर अपनी बीमारियों को झूठलाता है कि मुझे यह बीमारी नहीं है इसका चयन स्वयं करें। डॉक्टरी सलाह अवश्य लें समय रहते अगर आप डॉक्टर से मिलते हैं तो आप का इलाज कम खर्च में जल्दी हो जाता है।
विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार आप हर रोज पांच अलग रंग का फल खाएं। संडे हो या मंडे हर दिन एक अंडे कम से कम खाएं। साफ पानी तीन से 5 मीटर हर दिन पीने की कोशिश करें। दूध का इस्तेमाल करें चाय पीने में दूध का इस्तेमाल होना इसे दूध का सेवन नहीं माना जाता है दूध पिए हैं या धूप से बना हुआ खाना खाएं।
खुश रहने के बहाने खोजें
सिर्फ अपने आपको कामनाएं वयस्त रखना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आप काम भी करें साथ ही साथ खुश रहने के लिए अलग-अलग तरीकों को अपनाएं जैसे खेल कूद में भाग लेना, फिल्म देखना, अपने मनपसंद दोस्त से मिलना, घूमने जाना, मजाकिया आदत रखना, और मनपसंद खाना खाना आदि।
अपनाएं साफ सफाई
स्वस्थ रहने के लिए हाइजीन का होना बहुत जरूरी है सिर्फ अपने आप को साफ करना बहुत बड़ी बात नहीं है। आप जो समान इस्तेमाल करते हैं उसका भी साफ होना उतना ही जरुरी है और जहां पर आपका खाना पकता है उसका भी साफ होना जरूरी है।
27जुलाई ईएमएस फीचर
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र (प्रोसेस्ड फूड) तैयार करने वाली मल्टीनेशनल कंपनियां बड़ी तादाद में भारत का रुख कर रही हैं। ऐसे में यह क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। जिसको देखते हुए इस क्षेत्र में पारंगत लोगों की मांग भी बढ़ रही है। इस क्षेत्र में कभी भी मंदी नहीं हो सकती। यही कारण है कि अब युवाओं की इसमें रुचि इसमें बढ़ती जा रही है। इस क्षेत्र को युवा अब आकर्षक कॅरियर के रूप में देख रहे हैं और इसके लिए जरुरी तकनीकी शिक्षा भी हासिल कर रहे हैं। कारोबार जगत के संगठन (फिक्की) की एक रिपोर्ट के मुताबिक फूड प्रोसेसिंग के कारोबार में भारत में कुशल लोगों की बेहद कमी है। आने वाले समय में फूड टेक्नोलॉजी का भविष्य बहुत ही सुनहरा होने वाला है। अगर आंकड़ों की मानें तो आने वाले कुछ सालों में यह उद्योग इस रफ्तार से बढ़ेगा कि नौकरियों की बहार होगी।
जरुरी योग्यता
ऐसे में यदि आप इस उभरते क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी अथवा मैथमेटिक्स विषयों के साथ 10+2 में कम से कम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। एमएससी कोर्स करने के लिए फूड टेक्नोलॉजी से संबंधित विषयों में स्नातक की डिग्री भी आवश्यक होती है।
फूड टेक्नोलॉजिस्ट का काम
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के तहत वे सभी कार्य शामिल हैं, जिनसे प्रोस्सेड फूड जैसे- मक्खन, सॉफ्ट ड्रिंक, जेम व जेली, फ्रूट जूस, बिस्कुट, आइसक्रीम आदि की गुणवत्ता, स्वाद और रंग-रूप बरकरार रह सके। इसके अलावा वह कच्चे और बने हुए माल की गुणवत्ता, स्टोरेज तथा हाइजिन आदि की निगरानी भी करता है। वह कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। कच्चे माल से लेकर प्रोडक्ट तैयार होने तक कंपनी को उसकी हर स्तर पर जरूरत होती है। ग्लोबल स्तर पर कंपनी का भविष्य फूड टेक्नोलॉजिस्ट की योग्यता पर ही निर्भर रहता है।
मैनुफैक्चर्ड प्रोसेसेज : इस प्रक्रिया के जरिए कच्चे कृषि उत्पादों और मीट आदि पशु उत्पादों के भौतिक स्वरूप में बदलाव लाया जाता है। इससे यह उत्पाद खाने और बिक्री योग्य बन जाते हैं। वैल्यु एडेड प्रोसेसेज के जरिए कच्चे खाद्य उत्पादों में कई ऐसे बदलाव किए जाते हैं। जिससे वह ज्यादा समय के लिए सुरक्षित रहते हैं और कभी भी खाने लायक बन जाते हैं। उदाहरण के लिए टमाटर से बने सॉस और दूध से तैयार आईसक्रीम जैसे उत्पादों को देखा जा सकता है।
किस लिए है जरूरत
फूड टेक्नोलॉजिस्ट की जरूरत आज सभी देशों को है। इसका उदेद्श्य लोगों को ऐसी खाघ सामाग्री पहुंचाना है जो गुणवत्ता और स्वाद के साथ-साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर हो।
इस क्षेत्र में किये जाने वाले प्रमुख कोर्स
बीएससी (ऑनर्स) फूड टेक्नोलॉजी
बीटेक फूड टेक्नोलॉजी
एमटेक फूड टेक्नोलॉजी
पीजी डिप्लोमा इन फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी
एमबीए(एग्री बिजनेस मैनेजमेंट
अवसर
इस कोर्स के बाद आपके पास नौकरी के कई सारे विकल्प होते हैं। आप फूड प्रोसेसिंग यूनिटों, रिटेल कंपनियों, होटल, एग्री प्रोडक्टस बनाने वाली कंपनियों से जुड़ सकते हैं। या फिर खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता जांचने, उनके निर्माण कार्य की निगरानी करने और खाद्य वस्तुओं को संरक्षित करने की तकनीकों पर काम करने वाली प्रयोगशालाओं से भी जुड़ सकते हैं।
वेतनमान
इस क्षेत्र में आप शुरुआती स्तर पर आप 8 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह आसानी से कमा सकते हैं। सालों के अनुभव के बाद 30 हजार रुपये प्रतिमाह या इससे भी ज्यादा कमाया जा सकता है। यदि आप स्वरोजगार से जुड़ते हैं, तो आपकी कमाई और बढ सकती है। इस क्षेत्र में सैलरी और काम दोनों दिलचस्प होते हैं।
किस तरह की होती है पढ़ाई
जिस तरह अलग-अलग तरह के खाने को देखकर मन खुशी बढ़ती है। ठीक उसी तरह फूड टेक्नोलॉजी में पढ़ाई जाने वाली पढ़ाई भी बहुत दिलचस्प होती है। फूड टेक्नोलॉजी तथा इससे संबंधित कोर्सेज के अंतर्गत खाद्य पदार्थों के रख-रखाव से लेकर पैकेजिंग, फ्रीजिंग आदि की तकनीकी जानकारियां शामिल होती हैं। इसके अंतर्गत पोषक तत्वों का अध्ययन, फल, मांस, वनस्पति व मछली प्रसंस्करण आदि से संबंधित जानकारियां भी दी जाती है।
यहां होते हैं कोर्स
यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी
जी. बी. पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रिकल्चर ऐंड टेक्नोलॉजी, पंतनगर, उत्तराखंड
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी
कानपुर यूनिवर्सिटी, कानपुर, उत्तर प्रदेश
कोलकाता विश्वविद्यालय, कोलकाता
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर, पंजाब
मुंबई यूनिवर्सिटी, मुंबई
नागपुर यूनिवर्सिटी
सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट, मैसूर
बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा, रांची, बिहार।
23 जुलाई ईएमएस फीचर
संगीत अब केवल शौक नहीं रहा यह एक बाजार के रुप में विकसित हो गया है। तेजी से बदलते परिदृश्य में संगीत का क्षेत्र एक महत्वपूर्ण पेश बन गय है। युवाओं में इस क्षेत्र का रुझान तेजी से बढ़ता जा रहा है। संगीत को अपना करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए महज संगीत में रुचि रखना ही काफी नहीं है। इसके अलावा उन्हें सृजनात्मक प्रतिभा का धनी, धुन का पक्का, मेहनती, संगीत की समझ, वाद्ययंत्रों का की जानकारी होनी चाहिये।
इसके लिए ट्रेनिंग के साथ ही ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन के अतिरिक्त सर्टिफिकेट डिप्लोमा एवं पार्ट टाइम प्रकार के कोर्स् हो सकते हैं। नामी विश्वविद्यालयों से लेकर संगीत अकादमियों तक में इस प्रकार के ट्रेनिंग कोर्सेज स्कूली बच्चों और युवाओं के लिए उपलब्ध हैं।
वर्तमान में देश-विदेश में युवाओं में म्यूजिक बैंड बनाने और परफॉर्म करने का ट्रेंड जोर पकड़ता जा रहा है। इस प्रकार के बैंडस में वोकल आर्टिस्ट (गायक) और इंस्टूमैंट्रल आर्टिस्ट (वाद्ययंत्र कलाकार) दोनों का ही समन्वयन होता है। स्कूलों, कॉलेजों और अन्य छोटे स्तरों पर इस प्रकार के सैकड़ों हजारों बैंडस आज अस्तित्व में आ चुके हैं।
आम तौर पर यही माना जाता है कि संगीत को करियर का आधार बनाकर ज्यादा कुछ करने की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं पर वास्तविकता पर बात करें तो कम से कम आज के संदर्भ में स्थितियां बहुत भिन्न हैं और तमाम नए विकल्प उबरकर सामने आ रहे हैं।
म्यूजिक इंडस्ट्री : इस उद्योग में कई प्रकार के म्यूजिक आधारित प्रोफेशनलों की अहम भूमिका होती है, इनमें विशेष तौर पर म्यूजिक सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर, कंपोजर, म्यूजिशियन, जैसे कार्यकलापों के अलावा म्यूजिक बुक्स की पब्लिशिंग, म्यूजिक अलबम रिकार्डिंग म्यूजिक डीलर, म्यूजिक स्टूडियो के विभिन्न विभागों इत्यादि का उल्लेख किया जा सकता है।
टेलीविजन : साउंड रिकार्डिस्ट, म्यूजिक एडिटर, प्रोडक्शन, आर जे एवं डीजे म्यूजिक लाइसेंस में ऐसे जानकार और अनुभवी लोगों की जरूरत प़ड़ती है।
स्टेज परफार्मेंस : म्यूजिक शो, टेलीविजन म्यूजिक प्रोग्राम, म्यूजिक कंपीटिशन आर्म्ड फोर्सेज बैंडज, सिंफनी आर्केस्ट्रा, डांस बैंड, नाइटक्लब, कसर्ट शो, रॉक और जैज ग्रुप इत्यादि में भी इनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
म्यूजिक थेरेपिस्ट : विकलांगता के शिकार बच्चों और लोगों के अलावा मानसिक तनाव से ग्रस्त व्यक्तियों के उपचार में आजकल संगीत को काफी महत्वपूर्ण माना जाने लगा है। इस प्रोफेशन में सफल होने के लिए संगीत, अध्यायन और थेरेपी का जानकार होना जरूरी है। इनके लिए हॉस्पीटलों, मेंटल टैम्थ सेंटरों, नर्सिंग होम्स इत्यादि में रोजगार के अवसर हो सकते हैं।
स्टूडियो टीचिंग : म्यूजिक टीचर के रूप में स्कूलों कॉलेजों और अन्य संगीत प्रशिक्षण संस्थाओं में करियर बनाने के बारे में भी सोचा जा सकता है। इनमें भी विशेषतता प्राप्त टीचर का खासा महत्व होता है। विशेषताओं में खासतौर पर म्यूजिक थ्यरी, म्यूजिक हिस्ट्री एंड लिट्रेचर, म्यूजिक एजुकेशन, म्यूजिकोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक, कंपोजिशन अथवा म्यूजिक थेरेपी की बात की जा सकता है।
इन सबके अतिरिक्त फिल्म इंडस्ट्री, चर्च म्यूजिशियन म्यूजिक लाइब्रेरियन, म्यूजिक अरेंजिंग, म्यूजिक सॉफ्टवेयर, प्रोडेक्शन म्यूजिक, वर्चुअल रिअल्टी साउंड एंवायरनमेंट इत्यादि जैसी विधाओं में भविष्य बनाया जा सकता है।
इसके अलावा प्रसार भारती के जरिये भी अवसर मिलते रहते हैं।
23 जुलाई ईएमएस फीचर