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नई दिल्ली । रिलायंस इंइंडस्ट्रीज का मार्केट कैप गुरुवार को 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया। पिछले 30 साल में कंपनी की मार्केट वैल्यू में 60 हजार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन दशकों में कंपनी पहले यार्न मैन्युफैक्चरर से एनर्जी जायंट (तेल-गैस क्षेत्र की दिग्गज कंपनी) बनी और उसके बाद वह डिजिटल और रिटेल सेगमेंट में लीडर बन गई। कंपनी पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और उन्होंने उसे लगातार समर्थन दिया है। इसी वजह से जनवरी 1991 के बाद से कंपनी के वैल्यूएशन में 60,742 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। भारत की जीडीपी से मुकाबला करें तो यह करीब 5.26 फीसदी है। भारत की कुल जीडीपी 190 लाख करोड़ रुपए है। विश्व में 153 ऐसे देश हैं, जिनकी जीडीपी आरआईएल से कम है। पिछले 30 सालों में कंपनी की मार्केट वैल्यू में 60 हजार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज को लंबा सफर तय करना है। मार्केट कैप के लिहाज से विश्व में यह टॉप-10 कंपनियों में नौवें स्थान पर है। वैल्यू की लिहाज से सऊदी अरामको 1700 अरब डॉलर के साथ विश्व की सबसे बड़ी कंपनी है। दूसरे नंबर पर ऐपल है जिसकी वैल्यू 1190 अरब डॉलर है, तीसरे नंबर पर माइक्रोसॉफ्ट है जिसकी वैल्यू 1162 अरब डॉलर है। नौवें नंबर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 140 अरब डॉलर है।

लखनऊ. भारतीय रेलवे की पहली प्राइवेट रेलगाड़ी तेजस अपनी स्पीड, लुक और सुविधाओं को लेकर चर्चा में है, लेकिन इसमें काम करने वाले केबिन क्रू और अटेंडेंट बेहद परेशान हैं. 18 घंटे की नौकरी, पैसेंजर्स व स्टाफ द्वारा की जा रही छेडख़ानी और देर से मिल रही सैलरी से वे बेहद परेशान हैं.

इस बीच एक दर्जन से अधिक केबिन क्रू व अटेंडेंट को बिना नोटिस के नौकरी से निकाल दिया गया है. अब ये युवा परेशान हैं और ट्वीट करके रेल मंत्री और आईआरसीटीसी से मदद मांग रहे हैं, लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा. वहीं जिस निजी फर्म द्वारा उन्हें नियुक्त किया था, वो भी नौकरी से निकालने का कारण नहीं बता रही है.

बिना नोटिस के हटाया नौकरी से

बीते 4 अक्टूबर से तेजस ट्रेन लखनऊ से दिल्ली के बीच चलना शुरू हुई. इसका परिचालन आईआरसीटीसी कर रहा है, लेकिन हॉस्पिटैलिटी की जिम्मेदारी वृंदावन फूड प्रोडक्ट्स (आरके एसोसिएस) की है . ये प्राइवेट कॉन्ट्रेक्टर के तौर पर आईआरसीटीसी के साथ जुड़ा है.

इस फर्म ने केबिन क्रू व अटैंडेंट के तौर पर 40 से अधिक लड़के-लड़कियों की हायरिंग की, लेकिन, एक महीने के भीतर 20 को हटा दिया, जिनमें लगभग एक दर्जन लड़कियां हैं, वहीं कई दिनों तक इंतजार कराने के बाद इन्हें सैलरी तो दी, लेकिन दोबारा काम पर नहीं रखा. तेजस के जरिए हॉस्पिटैलिटी की फील्ड में सुनहरा भविष्य का इनका सपना महज़ कुछ दिनों में ही चकनाचूर हो गया.

पैसेंजर लेते थे सेल्फी, स्टाफ करता था छेड़छाड़

तेजस में फीमेल केबिन क्रू को ट्रेन हॉस्टेस भी कहा जा रहा है. इनका ड्रेस अप एयर हॉस्टेस की तरह है. तेजस चलने के शुरुआती दिनों से ही लगातार पैसेंजर्स द्वारा जबरन सेल्फी लेने और कमेंट करने की खबरे आने लगी थीं, जिसके बाद आईआरसीटीसी की ओर से कहा गया था कि अधिकारी होस्टेस से यात्रियों के व्यवहार का फीडबैक लेंगे. इसके आधार पर नियमों बदलाव कर शरारती यात्रियों से निपटने के प्रबंधन किए जाएंगे. लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हुआ है.

मेकअप ठीक न होने पर भी जुर्माना

हटाई गईं एक अन्य क्रू मेंबर नम्रता मिश्रा ने बताया कि नए अटैंडेंट्स को शुरुआत में ट्रेनिंग देने के लिए दूसरी ट्रेन के सीनियर अटैंडेंट बुलाए गए. इन अटैंडेंट्स ने कई बार शराब पीकर फीमेल केबिन क्रू के साथ छेडख़ानी भी की. जब इसका उन्होंने विरोध किया तो कार्रवाई की बात कहकर मामले को टाल दिया गया. इसके अलावा मेकअप ठीक से न करने जैसी छोटी-छोटी बातों पर केबिन क्रू से सीनियर मैनेजर जुर्माना वसूलते थे. ये मैनेजर भी वृंदावन फूड की ओर से रखे गए थे.

आईआरसीटीसी को दी थी जानकारी

केबिन क्रू वैष्णवी सिंह ने बताया कि लगातार हो रही छेडख़ानी व लंबे ड्यूटी घंटों की शिकायत उन्होंने आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव को बताई तो उन्होंने कहा कि वे इस मामले का समाधान जल्द से जल्द करेंगे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला, बल्कि कुछ दिनों के भीतर उनको नौकरी से हटा दिया गया. ट्रेन में वृंदावन फूड व आरके मील्स की ओर से भी स्टाफ रहता था, जिससे सभी क्रू मेंबर्स ने शिकायत की लेकिन कोई असर नहीं हुआ.

मौजूदा क्रू मेंबर भी परेशान, चाहते हैं समाधान

तेजस में लगभग &0 क्रू मेंबर व अटैंडेंट अभी भी काम रहे हैं. नाम न छापने की शर्त पर एक क्रू मेंबर ने बताया कि स्टाफ कम करने के बाद काम का प्रेशर बढ़ गया है और जब इसकी शिकायत मैनेजमेंट से करो तो कहा जाता है कि जैसे तमाम लोगों को हटाया गया है वैसे तुम लोगों को भी हटा दिया जाएगा. नौकरी बचाने के चक्कर में बाकी क्रू मेंबर्स विरोध नहीं कर पा रही हैं. वह चाहती हैं कि उनके ड्यूटी के घंटे कम किए जाएं और टाइम पर सैलरी मिले.

पानी और फूड क्वालिटी में होता है गोलमाल

नाम न छापने की शर्त पर एक क्रू मेंबर ने ये भी बताया कि तेजस में पानी व फूड की क्वालिटी से भी समझौता किया जाता है. फिल्टर वॉटर के बजाए सादा पानी ही कई बार यात्रियों को बोतल में दे दिया जाता है. ये सब मैनेजमेंट के लोगों के सामने होता है.

आज का दिन : ज्योतिष

सर्दी दस्तक दे चुकी है। हालांकि बदलता मौसम कई बीमारियां भी लेकर आता है। यह मौसम बैक्टीरिया और वायरस के अनुकूल है, जो आसानी से आपको अपनी गिरफ्त में ले सकते हैं। ऐसे कई फल हैं, जो आपकी इम्युनिटी बढ़ाते हैं। इन फलों में से एक है अमरूद। संतरे के मुकाबले अमरूद में चार गुना ज्यादा विटामिन सी होता है। इससे खांसी, जुकाम जैसे छोटी-मोटी इन्फेक्शंस से बचाव रहता है। इससे इम्यूनिटी भी बढ़ती है और रोगों से लडऩे में मदद मिलती है।
वजन घटाने में मददगार
अमरूद वजन कम करने में भी मददगार है। इसमें कैलरी बहुत कम और फाइबर ज्यादा होता है। एक अमरूद में लगभग 112 कैलरी होती हैं, जिससे बहुत समय तक भूख का अहसास नहीं होता और धीरे-धीरे वजन भी कम होना शुरू हो जाता है।
आंखों की रोशनी बढ़ाए
विटमिन-ए आंखों को स्वस्थ रखने का काम करता है। अमरूद में पाए जाने वाले पोषक तत्व मोतियाबंद बनने की संभावना को कम करते हैं। इसे खाने से कमजोर आंखों की रोशनी बढऩे लगती है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करे
इसमें मौजूद फाइबर और पोटैशियम ब्लड में कलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मददगार है। अमरूद खाने से दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर नियमित रहता है।
दांत मजबूत बनाए
दांत और मसूढ़ों के लिए भी अमरूद बहुत फायदेमंद है। मुंह के छाले हों तो अमरूद की पत्तियां चबाएं, राहत मिलेगी। अमरूद का रस घाव को जल्दी भरने का काम करता है।
तनाव करे कम
मैग्नीशियम तनाव के हार्मोंस को कंट्रोल करने का भी काम करता है, जो अमरूद में भरपूर मात्रा में होता है। दिनभर की थकावट दूर करना चाहते हैं तो अमरूद खाएं। इससे मानसिक रूप से थकान नहीं होती।
कब्ज दूर करे
कब्ज की समस्या है तो खाली पेट पका हुआ अमरूद खाएं। पित्त की समस्या में भी अमरूद फायदेमंद है।
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गर्ल्स और यंग फीमेल्स के बीच डायट पिल्स और लैक्सेटिव्स पिल्स (जुलाब की टैबलेट्स) काफी लोकप्रिय हैं। इसका कारण है कि वे अपने खाए हुए खाने को बॉडी में स्टोर नहीं होने देना चाहतीं ताकि उनका वेट कंट्रोल में रहे और वे स्लिम बनी रहें। लेकिन हालह ही हुई एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो गर्ल्स इस तरह की डायट पिल्स का इस्तेमाल करती हैं, उनमें इटिंग डिसऑर्डर होने के चांस बहुत अधिक होते हैं।
इस स्टडी के लिए पूरे 15 साल रिसर्च कार्य जारी रहा और इसमें 10 हजार गर्ल्स और फीमेल्स को शामिल किया गया। शोध में शामिल फीमेल्स की उम्र 14 से 36 साल के बीच रही। इन सभी महिलाओं में से किसी को भी ये पिल्स लेने से पहले इटिंग डिसऑर्डर की समस्या नहीं थी। इन महिलाओं में से डायटिंग पिल इस्तेमाल करनेवाली 1.8 प्रतिशत महिलाओं का कहना है कि डायट पिल्स लेना शुरू करने के 1 से 3 साल के भीतर उन्हें पहली बार इटिंग डिसऑर्डर की दिक्कत हुई। वहीं, लैक्सेटिव्स यूज करनेवाली 4.2 प्रतिशत महिलाओं को पहली बार इटिंग डिसऑर्डर की समस्या हुई।
यह स्टडी 21 नवंबर को अमेरिकन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ में ऑनलाइन पब्लिश की गई। रिसर्चर्स का कहना है कि वेट कंट्रोल के लिए फीमेल्स को इन दोनों ही तरह की पिल्स लेने से बचना चाहिए। क्योंकि लगातार इनके उपयोग और साइड इफेक्ट के कारण हाई ब्लड प्रेशर, लीवर डैमेज और किडनी फेल्यॉर जैसी घातक बीमारियां हो सकती हैं। वेट लूज करने के लिए हेल्दी टिप्स अपनाना ही ठीक है। क्योंकि हेल्दी बॉडी को पोषण की जरूरत होती है। फिजिकली ऐक्टिव रहकर बॉडी वेट को कंट्रोल करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में अजित पवार (Ajit Pawar) के 'बिना सहमति' के बीजेपी के साथ सरकार बना लिए जाने से एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) बेहद खफा हैं. अजित पवार के साथ ही उनका गुस्‍सा उन पर बागी विधायकों पर भी हैं, जिन्‍होंने अजित को BJP के साथ मिलकर सरकार बनाने में अपना समर्थन दिया और वे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह में दिखाए दिए. शरद ने अपनी नाराजगी का इजहार शिवसेना के साथ संयुक्‍त प्रेस वार्ता में भी किया. उन्‍होंने कहा, हम बागी विधायकों पर एंटी डिफेकशन लॉ (Anti-Defection Law) के तहत कार्रवाई करेंगे और उप चुनाव होने की स्थिति में उनके खिलाफ शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस मिलकर संयुक्‍त उम्‍मीदवार खड़ा करेंगे, जिससे उनकी जीत बेहद मुश्किल हो जाएगी. इस तरह उन्‍होंने बागी विधायकों को चेता दिया कि वे 'बगावत' न करें और चाहें तो लौटकर वापस आ जाएं. लेकिन ऐसा न होने की स्थिति में उन्‍हें भविष्‍य में बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा. 

शरद पवार की इस वॉर्निंग के बाद ये जानना जरूरी है कि आखिर ये एंटी डिफेकशन लॉ क्‍या है... 

एंटी डिफेक्‍शन लॉ का मतलब है कि भारत में दल-बदल विरोधी कानून. इसके तहत राजनीतिक लाभ और पद के लालच में दल बदल करने वाले जन-प्रतिनिधियों को अयोग्य करार दिया जाता है, जिसके तहत वे संसद या विधानसभा की सदस्‍यता से संबंधित दल द्वारा अयोग्‍य करार दे दिए जाते हैं. वैसे, दल-बदल कानून को कई बार अभिव्यक्ति की आज़ादी के हनन से भी जोड़कर देखा गया है. हालांकि इस कानून को एक स्‍वस्‍थ लोकतंत्र के निर्माण में काफी प्रभावी माना जाता है. 

दरअसल, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में राजनीतिक दल सबसे महत्‍वपूर्ण होते हैं और वे सामूहिक आधार पर फैसले लेते हैं. आजादी के कुछ सालों के बाद ही राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले सामूहिक जनादेश की अवहेलना की जाने लगी. सांसदों-विधायकों के जोड़तोड़ करने से सरकारें गिरने और बनने लगीं. लिहाजा, 1960 और 70 के दशक में ‘आयाराम-गयाराम’ की अवधारणा बेहद प्रचलित हो चली थी. ऐसे में जरूरत महसूस होने लगी कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले जनादेश का उल्लंघन करने वाले सदस्यों को चुनाव में भाग लेने से रोकने और अयोग्य घोषित किया जाए. साल 1985 में संविधान संशोधन के ज़रिये दल-बदल विरोधी कानून लाया गया.

भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची जिसे लोकप्रिय रूप से 'दल बदल विरोधी कानून' कहा जाता है. इसे साल 1985 में 52वें संविधान संशोधन द्वारा लाया गया. ‘दल-बदल’ दल-बदल करने वाले सदस्यों को अयोग्य ठहराने संबंधी प्रावधानों को परिभाषित करता है. इसका उद्देश्य सियासी लाभ और पद के लालच में दल--बदल करने वाले जन प्रतिनिधियों को अयोग्य करार देना है, ताकि संसद-विधानसभा की स्थिरता बनी रहे.

इन आधारों पर जन-प्रतिनिधियों को किया जाता है अयोग्य घोषित...
-अगर एक निर्वाचित सदस्य स्वेच्छा से किसी राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ देता है.
-अगर कोई निर्दलीय निर्वाचित सदस्य कानून विरुद्ध किसी राजनीतिक दल में शामिल हो जाता है.
-अगर किसी सदस्य द्वारा सदन में पार्टी के पक्ष के विपरीत वोट किया जाता है.
-अगर कोई सदस्य खुद को वोटिंग से अलग रखता है.
-अगर 6 महीने की समाप्ति के बाद कोई मनोनीत सदस्य किसी राजनीतिक दल में शामिल हो जाता है.

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में नई सरकार के गठन ने शिवसेना (Shiv Sena), कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) को हैरान कर दिया है. इस बड़े झटके के बाद शरद पवार (Sharad Pawar) ने पार्टी की एक आपातकालीन अहम मीटिंग बुलाई है. सूत्रों के मुताबिक शरद पवार अपने सभी विधायकों को महाराष्ट्र से बाहर भेज सकते हैं. वहीं दोपहर 12.30 बजे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और शरद पवार एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे. 

बता दें बीजेपी नेता गिरिश महाजन ने दावा किया है कि उन्हें सभी एनसीपी विधायकों का समर्थन प्राप्त है. हम अपना बहुमत साबित करेंगे, हमारे पास 170 विधायकों का समर्थन है। अजीत पवार ने राज्यपाल को अपने विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी है। वह एनसीपी विधायक दल के नेता हैं, इसका अर्थ है कि एनसीपी के सभी विधायकों का हमें समर्थन प्राप्त है. 

बता दें महाराष्ट्र में नाटकीय घटनाक्रम के तहत राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने शनिवार सुबह बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस को राज्य के मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई.  दोनों नेताओं ने शनिवार सुबह लगभग आठ बजे राजभवन में एक कार्यक्रम में शपथ ली. इस दौरान बीजेपीऔर राकांपा के नेताओं के साथ-साथ अन्य सरकारी अधिकारी मौजूद थे. 
मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि बीजेपीके साथ गठबंधन में स्पष्ट बहुमत पाने वाली शिवसेना ने चुनाव के बाद जनादेश खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि शिवसेना कुछ अन्य दलों के साथ सरकार बनाने की कोशिश करने लगी, जिसके कारण राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया.

हालांकि, इन तीन दलों के लिए खिचड़ी सरकार बनाना और संभव नहीं दिखा और राज्य में स्थाई सरकार देने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया जा सका. फडणवीस ने कहा, "अजीत पवार और अन्य के समर्थन से हमने राज्यपाल को एक सूची भेजी, जिन्होंने इस पर निर्णय लेने के लिए केंद्र से चर्चा की." इसके बाद केंद्र से विचार-विमर्श करने के बाद राज्यपाल ने फडणवीस और पवार को सरकार बनाने का आमंत्रण दे दिया. 
मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि बीजेपीके साथ गठबंधन में स्पष्ट बहुमत पाने वाली शिवसेना ने चुनाव के बाद जनादेश खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि शिवसेना कुछ अन्य दलों के साथ सरकार बनाने की कोशिश करने लगी, जिसके कारण राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया.

हालांकि, इन तीन दलों के लिए खिचड़ी सरकार बनाना और संभव नहीं दिखा और राज्य में स्थाई सरकार देने के लिए कोई निर्णय नहीं लिया जा सका. फडणवीस ने कहा, "अजीत पवार और अन्य के समर्थन से हमने राज्यपाल को एक सूची भेजी, जिन्होंने इस पर निर्णय लेने के लिए केंद्र से चर्चा की." इसके बाद केंद्र से विचार-विमर्श करने के बाद राज्यपाल ने फडणवीस और पवार को सरकार बनाने का आमंत्रण दे दिया. 

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) सरकार के गठन के बाद शरद पवार (Sharad Pawar) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस में  कहा है कि यह सुबह ही पता चल गया था कि कोई दूसरा सरकार बनाने जा रहा है. उन्होंने कहा कि इतनी सुबह राज्यपाल शपथ ग्रहण के लिए तैयार हो गए यह अपने आप में अजूबा है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) भी मौजूद है. 

शरद पवार ने कहा कि हम बीजेपी के सख्त खिलाफ है. उन्होंने फिर दोहराया कि अजित पवार ने खुद बीजेपी को समर्थन देने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि बागी विधायकों पर जो कार्रवाई हमें करनी है वह हम करेंगे. 

शरद पवार ने कहा कि कुछ विधायकों को सुबह अजित पवार ले गए जबकि इन विधायकों को यह अंदाजा नहीं था कि उन्हें किस लिए ले जा जाया जा रहा है. इस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ एनसीपी विधायकों ने अपनी बात भी रखी. 

बता दें महाराष्ट्र  की राजनीति में शनिवार सुबह वह हुआ जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी. शुक्रवार रात तक जहां कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना की सरकार बनने बनती दिख रही थी लेकिन जब सुबह देश के लोग उठे तो उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को डिप्टी सीएम का पद की शपथ लेते हुए देखा. 

सरकार बनने के बाद शरद पवार ने ट्वीट कर यह कहा कि अजित पवार का बीजेपी को समर्थन देने का फैसला उनका निजी फैसला है. शरद पवार ने कहा, 'अजित पवार का बीजेपी को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का फैसला उनका निजी फैसला है, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है. हम यह साफ करना चाहते हैं कि हम उनके इस फैसले का न तो समर्थन करते हैं और न ही सहमति देते हैं.' 


शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य के नए उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार ने राज्य के लोगों और छत्रपति शिवाजी की पीठ पर वार किया है. राउत ने कहा, "हमें कुछ ऐसे घटनाक्रमों को लेकर अंदेशा था, क्योंकि हमारी इतनी गंभीर बैठकों के दौरान अजीत पवार ने हमारी आंखों में देख कर कभी बात नहीं की थी.'

बेमेतरा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बेमेतरा (Bemetara) जिले में गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा (Road Accident) हुआ. हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की दर्दनाक मौत (Dead) हो गई. हादसे में कार के ड्राइवर ने भी दम तोड़ दिया. मिली जानकरी के मुताबिक बाबा मोहतरा की ओर से आ रही कार हादसे का शिकार हो गई. सभी मृतकों की पहचान हो गई है. कहा जा रहा है कि सभी गांव देवरी नांदल के निवासी थे और ड्राइवर ग्राम टेमरी का निवासी था. परिवार स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था, इसी दौरान ये हादसा हो गया. हादसे में मारे गए लोगों का नाम आसकरण टंडन,संतरा टंडन,सत्या टंडन,रुहान टंडन,अनिता टंडन,निखिल टंडन, आसकरण दिवाकर और आशा टंडन पुलिस ने बताया है. मृतकों में चार पुरुष, तीन महिला और एक बच्चा शामिल है.
रेज रफ्तार कार तालाब में गिरी
घटना गुरुवार रात तकरीबन 8 बजे की बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि ग्राम नादल से चंदनु चौक इलाके का रहने वाला एक परिवार गांव देवरी नांदल में एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था. तभी बेमेतरा के मोहभट्टा गार्डन के पास अनियंत्रित होकर तलाब में जा घुसी. कार में पानी भरने से दम घुटने के कारण कार में सवार 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान कर जिला प्रशासन ने 25-25 हजार की आर्थिक सहायता की तत्काल घोषणा की.
बताया जाता है कि इस दर्दनाक घटना की जानकारी आसपास के लोगों को होते ही मोहभट्टा इलाके में हड़कंप मच गया. कार में फंसे लोगों को रस्सी की सहायत से तालाब से निकालने की कोशिश की गई. फिर घटना की जानकारी बेमेतरा थाने में दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने जेसीबी के माध्यम से तालाब से कार को बाहर निकाला. कार सवार सभी 8 लोगों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टों ने सभी 8 लोगों को मृत घोषित कर दिया.
सीएम ने जताया दुख
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेमेतरा जिले में मोहभट्टा के पास हुए कार हादसे में  8 लोगों की मृत्यु होने पर गहरा दुख जताया है. सीएम बघेल ने प्रशासन को पीड़ित परिवार के अन्य परिजनों का पता करने और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं.

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में नई सरकार का रास्ता आज साफ हो सकता है. राजनीतिक घटनाक्रम आज पूरी तरह से मुंबई शिफ्ट हो गया है और बैठकों का दौर फिर जारी रहेगा. आज कांग्रेस-एनसीपी की शिवसेना के साथ बैठक होगी, जिसमें गठबंधन पर फाइनल मुहर लग सकती है. इसी के बाद गठबंधन का ऐलान किया जाएगा. माना जा रहा है कि गठबंधन सरकार की कमान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मिल सकती है. बैठक के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा, अभी और बैठकें होंगी. तीनों दलों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस हो सकती है.


उद्धव ठाकरे के नाम पर बनी सहमति- पवार
सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी बैठक से बाहर निकले. सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनी.

अधिकारियों ने कहा है कि नेवी को जल्द ही पहली महिला पायलट मिल जाएगी। 2 दिसंबर से सब लेफ्टिनेंट शिवांगी नेवी के लिए फिक्स्ड विंग ड्रोनियर सर्विलांस प्लेन उड़ाएंगी। नेवी में पहली महिला पायलट के तौर पर काम करने जा रहीं शिवांगी कोच्चि में ड्यूटी जॉइन करेंगी। ड्रोनियर 228 प्लेन को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने तैयार किया है। इसे कम दूरी के समुद्री मिशन पर भेजा जाता है। इसमें अडवांस सर्विलांस रेडार, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और नेटवर्किंग जैसे कई शानदार फीचर्स मौजूद हैं। इन फीचर्स के दम पर यह प्लेन भारतीय समुद्र क्षेत्र पर निगरानी रखेगा। बता दें कि इसी साल फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत भारतीय वायुसेना की पहली महिला पायलट बनी थीं, जिन्होंने फाइटर जेट उड़ाने के लिए क्वालिफाई किया था। उन्होंने मिग-21 एयरक्राफ्ट उड़ाकर यह सफलता हासिल की थी। इससे पहले 2016 में भावना कांत, अवनी चतुर्वेदी और मोहाना सिंह को भारतीय वायुसेना में पायलट के तौर पर तैनाती मिली थी। 

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