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मुंबई. अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 16 दिसम्बर सोमवार को कहा कि भारत में आई सुस्ती के लिए केवल वैश्विक कारणों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा है कि निवेश के पटरी पर लौटने के संकेत दिखने लगे है. गवर्नर ने भरोसा दिलाया है कि केंद्रीय बैंक सुस्ती, महंगाई, बैंकों के स्वास्थ्य और एनबीएफसी के मुद्दे पर हर आवश्यक कदम उठाएगा.

रिजर्व बैंक के मुखिया ने कहा है कि केंद्रीय बैंक ने विकास दर में सुस्ती को देखते हुए समय से पहले कदम उठाया और फरवरी से ब्याज दरों में कटौती की गई. उन्होंने कहा कि ग्रोथ बढ़ाने कि ले ब्याज दर में कटौती के अलावा लिक्विडिटी को बढ़ाया गया. रिजर्व बैंक द्वारा 1,539 कंपनियों के सर्वे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा है कि इन्वेस्टमेंट साइकल रिवाइवल के संकेत दिखा रहा है.

ब्याज दरों में कटौती रोकने से बाजार क्यों हैरान

उन्होंने कहा कि भविष्य में आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए बैंकों, कंपनियों और एनबीएफसी में बहीखाता की सफाई की प्रक्रिया चल रही है. ब्याज दर में इस बार कटौती नहीं किए जाने पर उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि नीतिगत ब्याज दर में कटौती पर फिलहाल रोक लगाने से बाजार क्यों हैरान हैं, इस फैसले पर समय के साथ सही साबित होने की उम्मीद है.

मैन्युफैक्चरिंग पर हो जोर

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, भारत को मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान देना चाहिए और ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनना चाहिए; केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से बुनियादी ढांचे पर खर्च आर्थिक वृद्धि के लिए अहम है.

अमेरिका-चीन में समझ मजबूत होने की उम्मीद

आरबीआई गवर्नर ने कहा, वैश्विक आर्थिक सुस्ती को दूर करने के लिए सभी विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं द्वारा समन्वित और समयबद्ध तरीके से कदम उठाने की आवश्यकता है. उम्मीद है कि व्यापार को लेकर अमेरिका-चीन के बीच समझ बनी रहेगी, आगे और मजबूत होगी.

मुंबई. बिग बॉस फेम अभिनेत्री पायल रोहतगी को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस बात की जानकारी खुद पायल की टीम ने ट्‌वीट कर भी दी है. जानकारी के मुताबिक, पायल ने कुछ समय पहले अपने ट्विटर एकाउंट पर एक विवादित वीडियो शेयर किया था, जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार किया है.  पुलिस ने उन्हें अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है. कुछ समय पहले ही पायल पर युवा कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए पायल रोहतगी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई थी. इस शिकायत में एक्ट्रेस पर गंभीर आरोप भी लगाए गए थे.

पायल रोहतगी ने कुछ मिनटों पहले अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा है- मुझे राजस्थान पुलिस ने मोतीलाल नेहरू पर एक वीडियो शेयर करने के लिए गिरफ्तार किया है. जिसे मैने गूगल से जानकारी लेकर बनाया था. बोलने की आजादी एक मजाक है . इस ट्वीट में उन्होंने राजस्थान पुलिस, पीएमओ, होम मिनिस्ट्री के ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट को टैग किया है.

बता दें कि पायल पर आरोप है कि उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी पं. मोतीलाल नेहरू के परिवार की महिलाओं और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की और उन्हें अहमदाबाद गिरफ्तार किया है. पायल रोहतगी के खिलाफ आईटी अधिनियम की धारा-66 और 67 के तहत मामला दर्ज किया गया था.बताया जा रहा है कि पायल ने ये वीडियो 21 सितंबर को फेसपुक पर अपलोड किया था. जिसके बाद से ही इसे लेकर चर्चाएं चल रही हैं. पायल आए दिन अपने सोशल एकाउंट पर कोई न कोई वीडियो शेयर कर विवादों में फंसती दिखाई देती हैं. इससे पहले पायल रिएलिटी शो बिग बॉस 13 पर दिए बयान को लेकर खबरों में रही थीं. उन्होंने कहा था कि बिग बॉस में लोग पैसा और फेम लेने के लिए आते हैं.

नई दिल्ली. मोबाइल कंपनियों द्वारा टैरिफ में 40-45 फीसदी तक बढ़ोतरी के कारण शहरों में रहने वाले निम्न आय वर्ग के लोग खासे परेशान हैं. कई मोबाइलधारकों का कहना है कि महंगे डेटा प्लान उन्हें महंगे प्याज से भी ज्यादा रुला रहे हैं. घरों में काम करने वाली रबीता ने अनलिमिटेड कॉल और डेटा प्लान के साथ शुरुआत की थी और धीरे-धीरे उन्होंने मोबाइल फोन पर 50 रुपया महीना तक का खर्च शुरू किया. अब यह चार्ज बढ़कर 98 रुपये हो गया है, जो उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है.

रात की ड्यूटी करने वाले सिक्यॉरिटी गार्ड्स और राइड्स के बीच वेट करने वाले कैबचालकों के लिए मोबाइल बेहद जरूरी एंटरटेनमेंट का साधन है. एयरटेल, वोडाफोन और जियो के द्वारा प्रीपेड प्लान्स महंगे किए जाने के कारण शहरों में रहने वाला गरीब तबका परेशान है. डिजिटल ऐंथ्रपॉलजिस्ट पायल कपूर इसे ABCD कहती हैं, जिसका अर्थ है- ऐस्ट्रॉलजी, बॉलिवुड, क्रिकेट और डिवोशन. उनका कहना है टेलिकॉम कंपनिोयं के महंगे प्लान्स के कारण शहरी निम्न आय वर्ग के स्मार्टफोन्स से ABCD पर खर्च कम हो रहा है. महंगे टैरिफ प्लान्स का असर जिन लोगों पर पड़ रहा है, वे कुल सब्सक्राइबर्स का 95 फीसदी हिस्सा हैं.

नई दिल्ली. सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत केंद्रशासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को विशेष दर्जा देने के किसी प्रस्ताव की खबर को खारिज कर दिया. हालांकि, वह इन दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में अधिवास के नए नियम (न्यू डॉमिसाइल रूल्स) नोटिफाइ करेगी. सूत्रों ने इशारों-इशारों में बताया कि दोनों प्रदेशों के लिए अधिवास नीति (डॉमिसाइल पॉलिसी) जल्द ही अधिसूचित की जाएगी. इसमें निवास की समय-सीमा का विशेष प्रावधान किया जाएगा. इन दोनों प्रदेशों में निवासी का दर्जा प्राप्त करने के लिए कम-से-कम 15 वर्ष तक वहां रहने का नियम प्रस्तावित है. हालांकि, आखिरी फैसला अभी नहीं लिया गया है.

नई डॉमिसाइल पॉलिसी के तहत दोनों प्रदेशों में जमीन खरीदने का अधिकार भी उसे ही दिया जाएगा जो वहां कम-से-कम 15 वर्षों से रह रहा हो. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 15 साल रह लेने के बाद जब वहां के निवासी होने का दर्जा मिल जाएगा तो फिर प्रदेश की सिविल सर्विसेज परीक्षाओं और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में भी वरीयता दी जाएगी. हालांकि, सरकार की योजना के मुताबिक इन प्रदेशों में फैक्ट्रियां लगाने या कारोबार करने को उत्सुक उद्योगपतियों एवं बिजनसमेन पर डॉमिसाइल के ये नियम लागू नहीं होंगे. सरकारी तंत्र से जुड़े एक सूत्र ने कहा, 'उन्हें इंडस्ट्री या बिजनस यूनिट लगाने के साथ-साथ मजदूरों/अधिकारियों के निवास के लिए कॉलोनी बनाने के लिए भी जमीन का मालिकाना हक तुरंत दे दिया जाएगा.'

किसी भी आम नागरिक को डॉमिसाइल पॉलिसी का पालन करना पड़ेगा, लेकिन सिविल सर्वेंट्स और उनके बच्चों को नियम में कुछ छूट मिलेगी. एक अधिकारी ने बताया, 'कई राज्यों के नियम के आधार पर सिविल सर्वेंट्स और उनके बच्चों की डॉमिसाइल उनके कैडर स्टेट को ही माना जाता है. चूंकि अब भविष्य के सारे सिविल सर्वेंट्स को जेऐंडके की जगह केंद्रशासित प्रदेशों के लिए लागू एजीएमयूटी कैडर दिया जाएगा, इसलिए हमें उन्हें जेऐंडके और लद्दाख का डॉमिसाइल स्टेटस देने से पहले विचार करना होगा.'

औरंगाबाद. शिरडी में घूमने जाने वाले दर्शनार्थियों के कथित रूप से गायब होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक साल में अब तक 88 से अधिक लोग लापता हो चुके हैं. इस मामले में अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए गुमशुदगी के पीछे मानव तस्करी या अंग रैकेट के जांच के आदेश जारी किए हैं.

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच के जज टीवी नवाडे और एसएम गवान्हे की पीठ ने ये टिप्पणी मनोज कुमार नामक शख्स की याचिका पर सुनवाई करने के दौरान की. बता दें कि मनोज की पत्नी 2017 में शिरडी से लापता हुई थीं. इसके बाद से मनोज ने पत्नी को ढूढ़ने की काफी कोशिश की, लेकिन उनका पता तक नहीं चला.

औरंगाबाद कोर्ट ने कहा पिछले एक साल में शिरडी से 88 से अधिक लोग कथित रूप से लापता हुए हैं. इनमें से ज्यादातर वो लोग हैं जो मंदिर में दर्शन करने के लिए शिरडी पहुंचे थे. पीठ ने कहा कि गायब लोगों में कुछ का पता चला है, लेकिन कुछ का अभी तक पता नहीं चल सका है. जो लोग अभी भी लापता हैं उनमें से ज्यादातर महिलाएं हैं. कोर्ट ने कहा जब कोई गरीब व्यक्ति गायब होता है तो उसके रिश्तेदार असहाय हो जाते हैं. ज्यादातार लोग पुलिस के पास तक नहीं पहुंच पाते हैं और बमुश्किल से ऐसे मामले अदालत तक पहुंच पाते हैं.

कोर्ट ने कहा, अभी तक के पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 88 से अधिक लोग गायब हैं. कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं के पीछे मानव तस्करी और अंगों का रैकेट हो सकता है. अदालत ने इस तरह सकी संभावनाओं को देखते हुए अमहदनगर के पुलिस अधीक्षक को जांच के लिए विशेष इकाई गठित करने के आदेश दिए हैं. गौरतलब है कि शिरडी महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है. यहां स्थित साईं मंदिर में देश-दुनिया के भक्त दर्शन के लिए आते हैं.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं-12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होंगी. बोर्ड जल्द ही टाइम टेबल जारी करेगा. बोर्ड के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि 15 फरवरी से व्यावसायिक विषयों की परीक्षा होगी. मुख्य विषयों की परीक्षाएं फरवरी अंत या मार्च पहले सप्ताह से शुरू होगी. एक महीने में परीक्षा करा लेंगे और एक महीने में ही परिणाम घोषित होगा. इस प्रकार से अप्रैल अंत तक बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित हो जाएंगे.

महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर के वार्षिकोत्सव में हिस्सा लेने आए सीबीएसई के सचिव ने कहा कि पिछले सालों की तुलना में इस बार जल्दी परिणाम देने की तैयारी है. एक सवाल के जवाब में कहा कि नई शिक्षा नीति में सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव है. सारा जोर अनुभव आधारित शिक्षा को लेकर है. रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने की भी बात है. विदेशों में देखा जाता है कि स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद ही 60 प्रतिशत लोग रोजगार से जुड़ जाते हैं.

लेकिन हमारे यहां ऐसा नहीं है कि और पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश करते रहते हैं. इसे बदलना है. स्कूलों में अच्छे शिक्षक कैसे आएं, उनका वेतन और कॅरियर कैसे बेहतर हो, शिक्षकों का प्रशिक्षण कैसे हो, इस पर भी रोडमैप तैयार कर रहे हैं. 5 से 8 वर्ष तक बच्चों के मस्तिष्क का सबसे अधिक विकास होता है. हमारी कोशिश है कि इस समय का अधिक से अधिक सदुपयोग कर सकें.

किताबों को रोचक बनाने की दिशा में और काम करेंगे. जो बच्चे रटा-रटाया जवाब देने की बजाय अपने तर्कों से जवाब देते हैं उसमें अच्छा नंबर देने के लिए परीक्षकों को निर्देशित करेंगे. प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीसवृद्धि के मुद्दे पर कहा कि राज्य सरकार को कार्रवाई का अधिकार है.

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एक 20 वर्षीय युवक पर अपनी मां से बलात्कार करने का आरोप हैं वहीं औरंगाबाद जिले में ही अपनी 13 वर्षीय बेटी के कथित यौन उत्पीड़न के लिये एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत के बाद आरोपी को साईंनगर इलाके में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

औरंगाबाद। महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में 20 वर्षीय युवक को बीते तीन महीने में कई बार अपनी मां का बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। महिला ने बुधवार तड़के शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद सिडको पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पिता की लगभग सात साल पहले मौत हो चुकी है और पीड़िता एक अस्पताल में काम करती है। एक अधिकारी ने बताया,  आरोपी को नशे की लत है। उसकी दो बहनें और एक भाई है। वह हमेशा शराब पीने के लिये अपनी मां से पैसे मांगता है। पैसे देने से मना करने पर उन्हें पीटता भी है।
शिकायत के अनुसार उसने बीते तीन महीने में अपनी मां का कई बार यौन उत्पीड़न किया। अधिकारी ने कहा, उसने इस बारे में किसी को बताने पर उसे जान से मारने की भी धमकी दी। यौन उत्पीड़न से तंग आकर महिला ने बुधवार तड़के सिडको पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी को गिरफ्तारी के बाद स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया। वहीं, औरंगाबाद जिले में ही अपनी 13 वर्षीय बेटी के कथित यौन उत्पीड़न के लिये बुधवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। सिडको पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत के बाद आरोपी को साईंनगर इलाके में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा,  चौकीदारी का काम करने वाला आरोपी बीते दो साल से यहां अपने परिवार के साथ रह रहा है। शिकायत के अनुसार उसने अपनी बेटी के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसके बारे में बेटी ने अपनी मां को बताया, जिसके बाद वह हिंसक हो गया।

नई दिल्ली. निर्भया के दोषियों की दया याचिका पर राष्ट्रपति का फैसला अभी नहीं आया है. लेकिन तिहाड़ जेल का माहौल कुछ बदला-बदला सा है. मानों तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषियों (अक्षय, मुकेश, विनय और पवन) को फांसी की भनक लग गई हो. अब उनकी नींद उड़ चुकी है, घबराहट में उनका खाना-पीना छूट गया है.

निर्भया गैंगरेप के तीन दोषी अक्षय, मुकेश और मंडोली जेल से यहां शिफ्ट किए गए पवन को तिहाड़ की जेल नंबर-2 के वॉर्ड नंबर-3 के तीन सेल में रखा गया है. जबकि चौथे कैदी विनय शर्मा को जेल नंबर-4 में रखा हुआ है. सभी की नींद उड़ चुकी है. ये सभी न केवल घबराए हुए हैं, बल्कि ठीक से भोजन भी नहीं कर पा रहे हैं. फांसी की आहट का असर ये है कि अब दोषी अपने-अपने सेल में देर रात तक चक्कर काटते रहते हैं. किसी भी दोषी को कोई दवा नहीं दी गई है, लेकिन इन्हें तरल पदार्थ और ठोस भोजन इस तरह से दिया जा रहा है कि इनका रक्तचाप सही रहे.

चारों दोषियों को फांसी देने वाली दया याचिका पर अभी राष्ट्रपति की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं आया है. लेकिन इससे पहले तिहाड़ जेल में फांसी कोठी और अन्य चीजों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. दोषियों को 16 या फिर 29 दिसंबर (निर्भया की मौत हुई थी इस दिन) को फांसी पर लटकाया जा सकता है.

नई दिल्ली. रेलयात्रियों के लिए बुरी खबर है. रेल में सफर करना और महंगा होने जा रहा है. भारतीय रेलवे जल्द ही यात्री किराये में बढ़ोतरी कर सकता है. खबर है कि रेलवे बोर्ड को इसके लिए जरूरी इजाज़त भी मिल चुकी है. इसके लिए रेल अधिकारियों के बीच मंथन जारी है. सूत्रों के मुताबिक रेलवे उपनगरीय ट्रेनों से लेकर मेल/एक्सप्रेस के हर क्लास के किराये में वृद्धि करने जा रहा है. रेलवे किराये में यह बढ़ोतरी 5 पैसे प्रति किलोमीटर से लेकर 40 पैसे प्रति किलोमीटर तक हो सकती है. इस तरह से रेलवे के हर क्लास के किराये में 15 से 20 फीसदी तक इजाफा देखने को मिल सकता है.

सूत्रों के मुताबिक इस बढ़े हुए किराये का ऐलान दिसंबर महीने के अंत तक होने के आसार हैं. वहीं, बढ़ा हुआ किराया अगले साल 1 फरवरी से लागू हो सकता है. रेलवे ने पिछली बार साल 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद किराये में करीब 15 फीसदी की वृद्धि की थी. वर्तमान समय में रेलवे लागत से औसतन 43 फीसदी कम किराया वसूला जाता है.

बढ़ रहा है रेलवे का नुकसान

गौरतलब है कि हाल ही में सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में रेलवे की आर्थिक हालात पर चिंता जाहिर की थी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे का नेट रेवेन्यू सरप्लस 66 फ़ीसदी तक कम हो गया है. यह साल 2016-17 में 4913 करोड़ रुपये, जबकि साल 2017-18 में घटकर 1665 करोड़ रुपये के करीब हो गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रेलवे की अपनी कमाई भी 3 फ़ीसदी कम हो गई जिसकी वजह से ग्रॉस बजटरी सपोर्ट पर इसकी निर्भरता बढ़ गई. सीएजी के मुताबिक रेलवे के ऑपरेटिंग रेशियो साल 98.44 हो गया. यानि 100 रुपये कमाने के लिए उसे 98 रुपये से ज़्यादा रकम खर्च करनी पड़ती है.

हिसार की महावीर कॉलोनी में ऑयल डिपो रोड पर स्थित एक निजी स्कूल में टेस्ट में कम नंबर आने पर चौथी कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा का मुंह काला कर उसे स्कूल में घुमाया गया। हालांकि परिजनों का आरोप है कि छात्रा के अलावा पांच और विद्यार्थियों का भी मुंह काला किया गया है। यह मामला शुक्रवार का है। अगले दिन शनिवार को छात्रा की छोटी बहन ने परिजनों को मामले के बारे में बताया। परिजनों के मुताबिक जब वह स्कूल संचालक के पास गए तो उन्होंने माफी मांगने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उधर, शिकायत देने के एक दिन बाद तक भी पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को दोबारा चौकी में आने के कई घंटों के बाद छात्रा के बयान दर्ज किए गए।

इस दौरान परिजनों ने मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की तो पुलिस ने इस बारे में डीएसपी को अवगत कराया। इस पर डीएसपी ने छात्रा के परिजनों को मिलगेट थाने में बुलाया। जहां पीड़ित छात्रा व परिजनों से बातचीत के बाद इस मामले में स्कूल संचालक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।

आठ अंक से नीचे आने वाले छह विद्यार्थियों का किया मुंह काला 

छात्रा ने बताया कि वह चौथी कक्षा में पढ़ती है। शुक्रवार को प्रिंसिपल ने उनका अंग्रेजी विषय का टेस्ट लिया, जिसमें उसके 10 में से सात अंक आए। इसके बाद प्रिंसिपल ने आठ से कम अंक लेने वाले विद्यार्थियों को खड़ा कर दिया। फिर स्कूल की चपरासी को काला रंग लेकर आने को कहा।

प्रिंसिपल के कहने पर चपरासी ने उनके सभी के मुंह पर काला रंग लगा दिया। इसके बाद प्रिंसिपल ने सातवीं कक्षा से दो लड़कियों को बुलाया और हमें पूरे स्कूल में घुमाने को कहा। इसके बाद हमें सभी कक्षाओं में घुमाया गया और बच्चों से शेम-शेम भी करवाई गई।

सभी बच्चों को घर पर बताने से किया मना
छात्रा के पिता ने बताया कि प्रिंसिपल ने सभी विद्यार्थियों को इस सजा के बारे में घर पर बताने से साफ मना कर दिया। उसकी बेटी जब घर पहुंची तो दिनभर मायूस दिखी और बिना खाना खाए जल्द सो भी गई। शनिवार सुबह उसकी मां ने जब उसे स्कूल जाने को कहा तो उसने मना कर दिया।

तब मेरी छोटी बेटी जो उसी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ती है, ने मामले के बारे में बताया। इसके बाद मेरी मां, पत्नी, भाभी व दो-तीन अन्य महिलाएं स्कूल पहुंचीं। जब उन्होंने प्रिंसिपल से इस बारे में पूछा तो उन्होंने इसे छोटी सी घटना बताया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उनसे कहा कि तुम्हारी बिरादरी के लोगों को हम पढ़ा रहे हैं, वह काफी है। 

पुलिस से की थी सीसीटीवी फुटेज लेने की मांग

पीड़ित छात्रा के पिता के मुताबिक रविवार को वह पहले 12 क्वार्टर चौकी पहुंचे। वहां उनसे कहा गया कि स्कूल सब्जी मंडी चौकी के तहत आता है, इसलिए वहां जाओ। इसके बाद वह सब्जी मंडी चौकी पहुंचे और यहां शिकायत दी। साथ ही उन्होंने पुलिस से स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेने की मांग की, ताकि सच्चाई का पता चल सके। 

इसके बाद वह रविवार सुबह 11 बजे फिर चौकी पहुंचे और कार्रवाई के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि अभी स्कूल संचालक को फोन कर यहां बुलाते हैं। इस दौरान पुलिस ने उसकी बेटी के दो-तीन बार बयान दर्ज किए। दोपहर दो बजे वह पुलिस के साथ स्कूल में पहुंचे। मगर स्कूल बंद था और गेट के अंदर की तरफ ताला लगा था। 

इस दौरान स्कूल संचालक अंदर ही थे। मगर पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनसे कहा कि स्कूल संचालक थोड़ी देर में चौकी पहुंच जाएंगे और इसके बाद सभी वापस चौकी आ गए। मगर दोपहर साढ़े तीन बजे स्कूल संचालक चौकी नहीं पहुंचे। उधर, छात्रा के परिजनों ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करने की मांग की, जिसके बाद जांच अधिकारी ने डीएसपी को अवगत कराया। इस पर डीएसपी ने परिजनों को मिलगेट थाने में बुलाया। 

विभिन्न संगठनों ने की नारेबाजी
उधर, इस मामले को लेकर बसपा कार्यकर्ता, जय भीम आर्मी व भगाना संघर्ष समिति के सदस्यों ने सब्जी मंडी चौकी के सामने नारेबाजी की। इस दौरान बसपा नेता व एडवोकेट बजरंग इंदल ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती है। घटना के इतने दिन बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में पुलिस को तुरंत स्कूल से सीसीटीवी फुटेज बरामद कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी।

इस मामले में स्कूल संचालक सहित तीन-चार अन्य के खिलाफ एससी-एसटी और जेजे एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। मैं खुद स्कूल में गया था, वहां डीवीआर नहीं थी। मैं इस मामले की जांच कर रहा हूं। - अशोक कुमार, डीएसपी

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