ईश्वर दुबे
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Bhilai
नवरात्रि खत्म होते ही दिवाली की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार दीपावली 27 अक्टूबर को है। दीवाली पर लगभग सभी लोग अपने घरों को सजाते है। दिवाली से सात दिन पहले ही घरों को सजाने के लिए तैयारियां शुरू हो जाती है। ऐसे में आज हम आपको कुछ आसान टिप्स देने जा रहे हैं जिससे आप कुछ ही समय में अपने घर को नया लुक दे सकते हैं। इसके लिए आप घर में जो भी गैर जरूरी चीजें जमा हैं, उन्हें हटा दें क्योंकि वह बेवजह घर में स्पेस घेरे रहती हैं। आइए उन टिप्स के बारे में जानते है।
फूल और फूल-मालाएं : अपने घर को ताजे-फूलों और फूल मालाओं से सजाएं और आप पारंपरिक लटकन भी अपने घर के लिए ला सकते हैं। क्योंकि ये कांच, कड़े, मोतियों और सीप्स से बनी हो सकती हैं। इसी के साथ आप अपनी पसंद के डिजाइन ले सकते हैं और आप चाहे तो राजस्थानी और गुजराती लटकने भी लगा सकते हैं क्योंकि ये कहीं अधिक कलरफुल होती हैं। इसी के साथ घर के लिए बंदरवाल जरूर खरीदें या आम के पत्तों से बनाएं।
पेंटिंग, गुलदस्ते लाइट
पेंटिंग, गुलदस्ते लाइट : आजकल घरों की सजावट के लिए पेटिंग सबसे तरीका है। आप घर पर भी पेटिंग बना सकते है। अगर आप घर के कामकाजों में व्यस्त रहते है तो आप बाजार से भी पेटिंग ला सकते है। इसके अलावा आप गुलदस्ते लगा सकते है। अगर आपके घर में गमलों में पौधें लग रहे है तो आप उन पर लाइट या कलर पेंट करके घर को सजा सकते है।
वहीं दिवाली पर घर में सबसे जरूरी है। लाइट डेकोरेशन जरूरी है। ऐसे में आप बाजार से या घर में लाइट की लडियां बना सकते है। घर के मेन गेट पर आप गुलदस्तें रख सकती हैं। इसी के साथ इन्हें दरवाजे के दोनों तरफ रखें। आपका घर काफी सुंदर नजर आएगा।
रंगोली: कहते हैं दिवाली में रंगोली बनाना बहुत शुभ होता है। ऐसे में घर में स्वागत करने और उन्हें विराजमान करने के लिए आप रंगोली बना सकती हैं। वैसे इन दिनों मार्केट में बने-बनाएं रंगोली स्टीकर मिलते हैं लेकिन रंगोली कलर्स और लकड़ी के बुरादे या मोटे अनाज से बने तो पवित्र मानी जाती है।
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पैरों पर जमी मृत त्वचा को हटाकर उन्हें साफ-सुथरा और खूबसूरत बनाने के लिए महिलाएं पेडिक्योर
कराती है। पिछले काफी समय से फिश पेडिक्योर
काफी चलन में है। फिश पेडिक्योर
की प्रक्रिया में पैरों को मछलियों से भरे एक टब में डाला जाता है, टब में मौजूद छोटी-छोटी मछलियां पैरों से मृत त्वचा को अलग कर उसे खा लेती है और आपके पैरों को साफ-सुथरा बना देती है।
अगर आप भी पहली बार फिश पेडिक्योर
को आजमाने जा रही हैं तो पहले जान लीजिए इसके फायदे और नुकसान -
1 इसे करवाने से पैरों की त्वचा मुलायम बनती है और पैरों की थकान में आराम मिलता है।
2 फिश पेडिक्योर
एक्जिमा और सोरायसिस जैसी बीमारियों में फायदा करता है।
3 इसे करवाना आपको ज्यादा मंहगा नहीं पड़ता।
4 इस पेडिक्योर
के लिए यूज की जाने वाली गारा रूफा नाम की मछलियां मृत त्वचा को साफ करने के अलावा रक्तप्रवाह को भी बढ़ाती है।
5 इसे कराने के बाद पैर सुंदर और ग्लोइंग बनाते हैं।
अब जानते हैं, अगर सावधानी नहीं बरती तो फिश पेडिक्योर
के क्या नुकसान हो सकते हैं -
6 फिश पेडिक्योर
तभी सुरक्षित होते हैं जब उसे करवाते समय साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा गया हो।
7 कई बार पार्लर और स्पा सेंटर में फिश पेडिक्योरके पॉट के पानी को कई दिनों तक नहीं बदला जाता। जिसकी वजह से टैंक में उपस्थित माइक्रोबैक्टीरिया के कारण कई तरह के स्किन इंफेक्शन हो सकते है।
8 अगर आपके पैरों में चोट लगी हो तो फिश पेडिक्योर
न करवाएं। ऐसा करवाने से चोट से खून बह सकता है, जो टब में जाकर इंफेक्शन का कारण बनता है।
9 अगर आप पहले से ही किसी शारीरिक समस्या या चोट से जूझ रहे हैं तब भी फिश पेडिक्योर
करवाने से बचें।
10 जिन लोगों कि इम्युनिटी कमजोर है या जो लोग शुगर के मरीज हैं उन्हें भी फिश पेडिक्योर
करवाने से बचना चाहिए।
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रंग-बिरंगे सुंदर फूल न केवल देखने में अच्छे लगते हैं बल्कि अपनी खुशबू से हमारे मन को भी महका देते हैं। फूलों का इस्तेमाल केवल सजने-संवरने और घर की शोभा बढ़ाने के लिए ही नहीं होता, बल्कि आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि इनके पास हमारे शरीर की कई बीमारियों को ठीक करने का इलाज है।
फूलों की हजारों प्रजातियों में से कई ऐसी हैं, जिनमें घाव को भरने से लेकर त्वचा संबंधी बीमारियों को दूर करने का भी उपचार है। फूलों की अलग-अलग प्रजातियां अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में सहायक होती हैं और इसलिए इनका उपयोग करने के पहले विशेषज्ञ का परामर्श आवश्यक होता है।
गुलाब का फूल -
फूलों के राजा गुलाब का भी चिकित्सा के क्षेत्र में अहम योगदान है। आयुर्वेद में गुलाब का उपयोग स्कर्वी के उपचार और गुर्दे संबंधी समस्याओं में होता है। फूलों से उपचार के क्षेत्र में शोध कर रहे आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि गुलाब का फूल शरीर में विटामिन सी की कमी को दूर करने में सहायक होता है।
गुलाब की कलियां विटामिन सी से समृद्ध होती हैं। इन कलियों को स्कर्वी दूर करने के एक प्रमुख तत्व के तौर पर शामिल किया जाता है। गुलाब की कलियों का अर्क गुर्दे की बीमारियों की दवाइयां बनाने में भी इस्तेमाल होता है। यह मूत्र संबंधी विकारों को दूर करती हैं। इसके अलावा गुलाब की पंखुडिय़ां गर्मी से आए बुखार को दूर करने, शरीर को ठंडा करने और त्वचा की झाइयों को दूर करने में उपयोग की जाती हैं।
गेंदे के फूल -
जिनके घरों में बच्चे हों, उन्हें अपने घरों में गेंदे का फूल जरूर लगाना चाहिए। गेंदे के फूल को घाव भरने के लिए सर्वश्रेष्ठ मरहम माना जाता है। पुराने समय में बच्चों को चोट लगने पर गेंदे के फूलों को पीस कर घाव के स्थान पर लगा दिया जाता था।
गेंदे के फूल के साथ तुलसी के पत्ते -
गेंदे के फूलों को तुलसी के पत्तों के साथ पीस कर उसका मलहम बना कर भी घाव के उपर रखा जा सकता है। इसके अलावा गेंदे की एक विशेष प्रजाति से त्वचा संबंधी रोगों का भी उपचार किया जा सकता है। इन दिनों लोकप्रिय अरोमाथेरेपी में भी एग्जिमा, जलन और त्वचा के दाग-धब्बों के उपचार संबंधी दवाइयों में गेंदा मुख्य घटक होता है।
कमल का फूल -
कीचड़ में खिलने वाला कमल भी डायरिया को दूर करने और गर्मी के कारण झुलसी त्वचा को निखारने में मददगार साबित होता है।
डायरिया के उपचार के लिए कमल के बीजों को गर्म पानी में डाल कर उसमें काला नमक मिलाया जाता है। अब इसमें चाय की पत्ती डालकर उबाल कर पीने से डायरिया का उपचार किया जा सकता है।कमल की पत्तियों को पीस कर उसे झुलसी त्वचा पर लगाने से त्वचा की गर्मी दूर हो जाती है और झुलसने का निशान भी चला जाता है। शरीर से अतिरिक्त वसा कम करने की दवाइयों में भी कमल की पत्तियों का उपयोग होता है।
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आमतौर पर बढ़ती उम्र का असर सबसे पहले चेहरे की त्वचा से ही झलकता है, जो आपकी खूबसूरती को कम करता है। अगर अपने चेहरे की सुंदरता को बरकरार रखना चाहती हैं, तो चेहरे की ढीली पड़ी त्वचा में कसाव लाने के लिए आजमाएं ये 5 शानदार टिप्स -
एस्ट्रिजेंट का प्रयोग - स्किन टोनर की तरह ही एस्ट्रिजेंट भी त्वचा के लिए फायदेमंद है। बाजार में यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है। दरअसल एस्ट्रिजेंट का हर दिन प्रयोग आपकी त्वचा के तंतुओं को बांधे रखने का कार्य करते हैं और त्वचा में कसाव बना रहता है।
पानी - पानी पीने का संबंध केवल सेहत ही नहीं बल्कि स्वस्थ त्वचा से भी है। दिनभर में 10 से 12 गिलास पानी पीना त्वचा को ढीला होने से बचाता है और कसाव बनाए रखने में मदद करता है।
व्यायाम - त्वचा में कसाव लाने के लिए चेहरे के व्यायाम पर ध्यान दें। इससे त्वचा की वे कोशिकाएं भी सक्रिय होंगे जिनका उपयोग काफी समय से नहीं हुआ हो। चेहरे का व्यायाम करने से आपके गाल, आंखो के आसपास, होंठ, नेक और माथे के पास की त्वचा में कसाव आने लगेगा।
कुकंबर - यह ढीली होती त्वचा के लिए बेहतरीन उपाय है। इसके लिए कुकंबर को पीसकर उसका रस निकालें और अपने चेहरे पर लगाएं। जब यह परत के रूप में रूख जाए तो चेहरा धो लें। आंखों के आसपास की त्वचा पर इसे लगाना, झुर्रियों, काले घेरों और सूजन को कम करने के लिए भी फायदेमंद है।
मसाज - चेहरे की मसाज करना, त्वचा में कसाव लाने के साथ-साथ प्राकृतिेक चमक भी देता है। आप चाहें तो एलोवेरा का गूदा निकालकर इससे चेहरे की मसाज कर सकते हैं। यह त्वचा में कसाव लाने में मददगार होता है। इसके अलावा प्राकृतिक तेलों से भी चेहरे की मसाज करना फायदेमंद साबित होगा।
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कई लोगों की आदत होती है कि यूरिन आने पर, बहुत देर तक उसे रोके रखते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो जान लीजिए कि इससे आपको क्या नुकसान हो सकते हैं
ऐसा करने से यूरिनरी ब्लेडर, किडनी या पेशाब की नली में जलन और सूजन की समस्या हो सकती है। यह किडनी के लिए बेहद हानिकारक है।
इससे किडनी की कार्य प्रणाली में बाधा होती है और उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। यह किडनी में पथरी यानि किडनी स्टोन या किडनी संक्रमण का कारण बन सकता है।
शरीर की अशुद्धियों को यूरिन के माध्यम से बाहर निकाला जाता है। अगर सही समय पर यूरीन त्याग न हो तो शरीर में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है, जो सबसे ज्यादा किडनी को प्रभावित करता है।
देर तक यूरिन रोकने से यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन या मूत्र मार्ग संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है, जो आपकी सेहत को प्रभावित करता है।
ऐसा करने से ब्लेडर में सूजन आने का खतरा बढ़ जाता है और डिस्चार्ज के दौरान तेज दर्द होने की समस्या हो सकती है।
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अक्टूबर, शनिवार को स्कंद षष्ठी मनाई जा रही है। हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी मनाई जाती है।
यह षष्ठी अति महत्वपूर्ण मानी गई है। यह तिथि भगवान शिव जी के बड़े पुत्र भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। माना गया है कि भगवान कार्तिकेय का पूजन मनोकामना सिद्धि को पूर्ण करने में सहायक है। इस दिन भगवान कार्तिकेय के पूजन से रोग, राग, दुःख और दरिद्रता का निवारण होता है।
पौराणिक शास्त्रों के अनुसार स्कंद षष्ठी के दिन स्वामी कार्तिकेय ने तारकासुर नामक राक्षस का वध किया था, इसलिए इस दिन भगवान कार्तिकेय के पूजन से जीवन में उच्च योग के लक्षणों की प्राप्ति होती है।
शास्त्रों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि स्कंद षष्ठी का व्रत करने से काम, क्रोध, मद, मोह, अहंकार से मुक्ति मिलती है और सन्मार्ग की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु ने माया मोह में पड़े नारद जी का इसी दिन उद्धार करते हुए लोभ से मुक्ति दिलाई थी, ऐसा पुराणों में वर्णन है।
इस दिन कार्तिकेय के साथ भगवान विष्णु के पूजन-अर्चन का विशेष महत्व है। इस दिन ब्राह्मण भोज के साथ स्नान के बाद कंबल, गरम कपड़े दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
यह व्रत करने से नि:संतान लोगों को संतान की प्राप्ति होती है साथ ही सफलता, सुख-समृद्धि, वैभव प्राप्त होता है। दरिद्रता मिटकर दु:ख का निवारण होता है, तथा जीवन में धन-ऐश्वर्य मिलता है। इतना ही नहीं इस व्रत को करने से क्रोध, लोभ, अहंकार, काम जैसी बुराइयां भी खत्म हो जाती हैं और मनुष्य अच्छा और सुखी जीवनव्यतीत करता है।
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) पिछले कुछ दिनों से हॉस्पिटल में एडमिट थे. सूत्रों के अनुसार मंगलवार से वह मुंबई के नानावती अस्पताल (Nanavati hospital) में भर्ती थे. खबरों की मानें तो उनके लीवर में तकलीफ बताई जी रही थी. हालांकि जब हमने अस्पताल प्रशासन से शुक्रवार को बिग बी की हेल्थ अपडेट के लिए बात की तो उन्होंने इन बातों को शेयर करने से मना कर दिया था, क्योंकि अमिताभ बच्चन का कहना था कि वह खुद मीडिया से बात करेंगे. खैर अब उन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया जा चुका है.
कैंसिल हुई 'KBC' की शूटिंग
अमिताभ बच्चन को शुक्रवार को ही हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया. जब अमिताभ हॉस्पिटल से वापस घर जा रहे थे तो इस दौरान उनके साथ अभिषेक बच्चन और जया बच्चन भी नजर आईं. बता दें, अमिताभ बच्चन का केबीसी की शूटिंग शुक्रवार और शनिवार को की जानी थी, लेकिन उस दौरान बिग बी हॉस्पिटल में भर्ती थे, तो इस बात को ध्यान में रखते हुए शूटिंग शेड्यूल को 2 दिन पहले ही कैंसिल कर दिया गया था. केबीसी शूट करने वाले सूत्रों के अनुसार 2 दिन पहले उन्हें प्रोडक्शन हाउस की तरफ से यह मैसेज आ गया था कि शूट को फिलहाल कैंसिल कर दिया गया है.
बता दें कि 'केबीसी' का शूट 18 और 19 अक्टूबर तारीख को होने वाला था, जो कि फिलहाल के लिए कैंसिल कर दिया गया है. गौरतलब है कि बिग बी को लिवर से जुड़ी समस्या साल 1982 में हुई थी, जब उन्हें फिल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान चोट लग गई थी. रिपोर्ट्स मानें तो जब बिग बी को चोट लगी थी, तब गलती से एक ऐसे ब्लड डोनर का खून उनके सिस्टम में पहुंच गया जिसे हेपेटाइटिस बी वायरस था.
नई दिल्ली: शिवसेना पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और युवा सेना अध्यक्ष आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) की मौजूदगी में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा (Shera) शुक्रवार को शिसेना में शामिल हुए. इस बात की जानकारी शिवसेना पार्टी ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए दी. साथ ही उस ट्वीट के जरिए कुछ तस्वीरें भी शेयर की गईं, जिसमें उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के साथ शेरा नजर आ रहे हैं.
अपना चुनावी मैदान में आदित्य ठाकरे
बता दें, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 (Maharashtra Assembly Elections 2019) के लिए शिवसेना चुनावी बिगुल फूंकने जा रही है. माना जा रहा है कि यह चुनाव शिवसेना (Shiv Sena) के लिए बेहद खास है, क्योंकि इस विधानसभा चुनाव से उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे अपना चुनावी डेब्यू करने जा रहे हैं. आदित्य ठाकरे मुंबई की वर्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उनके सपोर्ट में कुछ बॉलीवुड सितारे भी उनके साथ खड़े हैं, जिसमें संजय दत्त और मिथुन चक्रवर्ती का नाम मुख्य रूप से शामिल है
खानपान की गलत आदत, पानी कम पीना और भोजन में फाइबर की कमी की वजह से कॉन्स्टिपेशन यानी कब्ज की बीमारी तेजी से बढ़ रही है और बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। अगर समय रहते कब्ज का इलाज न किया जाए तो यह पाइल्स का रूप ले सकता है जो एक गंभीर बीमारी है जिसमें दर्द और तकलीफ के साथ-साथ मलाशय से खून भी आने लगता है। इस समस्या से निपटने में आपकी मदद कर सकता है केला।
लाइफस्टाइल में बदलाव से दूर होगी बीमारी
लाइफस्टाइल से जुड़ी कई दूसरी बीमारियों की ही तरह पाइल्स को भी आप अपने डायट में बदलाव करके दूर कर सकते हैं। फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करें, खूब सारा पानी पिएं और लिक्विड डायट का सेवन करें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। इसके अलावा हेल्दी एक्सर्साइज और नींद भी पाइल्स के इलाज में मददगार साबित हो सकती है। इन सबके साथ-साथ केला भी पाइल्स को दूर करने में अहम रोल निभाता है।
नैचरल लैक्सेटिव का काम करता है केला
पका हुआ केला, पाइल्स की प्रॉब्लम दूर करने में घरेलू नुस्खे का काम करता है। कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर केला, नैचरल लैक्सेटिव यानी मुलायम करने वाली दवा के रूप में काम करता है।
रोज केला खाने से डाइजेशन रहेगा बेहतर
रोजाना केला खाने से न सिर्फ आपका डाइजेशन यानी पाचन तंत्र बेहतर रहता है बल्कि फाइबर से भरपूर केला, पाइल्स की प्रॉब्लम दूर करने में भी मदद करता है। केले में मौजूद नैचरल शुगर, ऐंटिबायॉटिक क्वॉलिटी से भरपूर होती है जो इंफेक्टेड एरिया से बैक्टीरिया का ग्रोथ कम करने में मदद करती है।
दर्द और जलन दूर करता है केला
पाइल्स की वजह से इंफेक्टेड हिस्से में दर्द और जलन भी महसूस हो रही होती है जिसे बहुत हद से कम करने में मदद करता है केला। रोजाना केला खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम सही रहता है और पोषक तत्वों का सही तरीके से अब्जॉर्प्शन होता है जिससे इम्यून सिस्टम भी हेल्दी बना रहता है।
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डाइटिंग करने वालों के लिए अच्छी खबर है कि फिट रहने के लिए सिर्फ सलाद पर निर्भर रहने की अपेक्षा उच्च कैलोरीयुक्त चॉकलेट और मांस (स्टीक) कहीं अधिक लाभकारी हो सकता है। डाइटिंग करने वाले अधिकांश व्यक्ति शुरूआत में ही हार मान लेते हैं, क्योंकि लगातार कम वसायुक्त, कम कैलोरीयुक्त स्वादहीन भोजन करते रहना कभी-कभी काफी कठिन हो जाता है। कम वसायुक्त पारंपरिक व्यंजनों में वसा की जगह कार्बोहाइड्रेट और शर्करा की मात्रा अधिक होती है, जो हमारे शरीर को उपवास की उस मुद्रा में ले जाता है जहां से भूख लगने का विषम चक्र शुरू हो जाता है।
लुडविग ने 2012 में हुए अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, वह अध्ययन दर्शाता है कि समान ऊर्जायुक्त मध्यम या उच्च वसायुक्त पारंपरिक भोजन ग्रहण करने पर लोगों ने जितनी कैलोरी बर्न की उसकी अपेक्षा जिस दिन उन्होंने कम वसायुक्त भोजन किया उस दिन वे 325 कैलोरी ऊर्जा कम बर्न कर पाए। लुडविग के अनुसार, लजीज और अपनी पसंद का खाना न केवल आपका पेट भरता है, बल्कि आपकी भूख को भी लंबे समय के लिए शांत कर देता है, जिससे आपको काफी समय तक भूख नहीं लगती। कम वसा वाला आहार आधुनिक चिकित्सा में सबसे बड़ी आपदाओं में से एक हो गया है। यह समय है कि हमें कैलोरी को मापना छोड़कर पारंपरिक भोजन की तरफ ध्यान देना चाहिए।
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योग कई लोगों के लिए फिटनेस मंत्रा बन चुका है। चाहे आप इसे घर पर करें या पब्लिक प्लेस पर आपको इसके लिए योगा मैट की जरूरत पड़ती है। कई बार लोग इसके लिए ठीक से रिसर्च नहीं करते और गलत योगा मैट खरीद लेते हैं। यहां आपके लिए हैं योगा मैट खरीदने के कुछ टिप्स...
जानें क्यों जरूरी है योगा मैट
योगा मैट आपको पर्सनल योगा स्पेस देती है। अगर आप पब्लिक पार्क में योग कर रहे हैं तो एक एरिया में आपका मैट होने से लोग उस एरिया तक आपको डिस्टर्ब नहीं करते। यह ऐसे मटीरियल से बनी होती जो आपको पसीने की वजह से फिसलने से बचाती है और योग आसनों के दौरान चोट लगने से बचाती है।
मैट की मोटाई
अगर आप पतले योगा मैट इस्तेमाल करेंगे तो हो सकता है कि सख्त फ्लोर की वजह से आपकी हड्डियों को तकलीफ हो। ऐसा योगा मैट लें जो थोड़ा मोटा हो। हालांकि मोटाई 1.5 इंच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
इको फ्रेंडली
पर्यावरण का खयाल अगर हर छोटी चीज में रखा जाए तो बेहतर है। रबर के मैट में शुरुआत में कुछ हफ्तों तक रबर की गंध रहती है। कॉटन के मैट आपको फिसलने से नहीं रोक पाएंगे। आप इको फ्रेंडली मेट के ऑप्शंस गूगल कर सकते हैं।
खरीदने से पहले करें ट्राई
योगा मैट ही अगर खरीदने से पहले ट्राई करने का ऑप्शन है तो हर चीज ट्राई करके ही खरीदनी चाहिए। बाजार जाने से पहले आप अपने दोस्तों से सुझाव लें। उनके मैट्स को लेकर उनपर कुछ आसन कर के देख लें। यदि उसमें आप सहज हों, तो ही उसे खरीदें।
कैरी करने में हो सुविधा
अगर आप काफी ट्रैवल करते हैं तो बेहतर है ऐसा मैट खरीदें जिसे कैरी करने में आसानी हो। इसके साथ कैरी बैग लें ताकि इधर-उधर ले जाने में कोई दिक्कत न हो।
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आजकल की भागती-दौड़ती जिंदगी में अपने लिए समय निकाल पाना बहुत मुश्किल काम है. ऐसे में काम कर रही महिलाओं के पास तो खुद को तैयार करने तक का वक्त नहीं बचता. वर्किंग महिलाएं खुद को अक्सर भागते-दौड़ते ही तैयार करती हैं. सुबह-सुबह घर से निकलते वक्त सही से मेकअप भी नहीं हो पाता. ऐसे में अगर आप वर्किंग वुमन हैं, तो आपको कुछ ऐसे सामान अपने पर्स में लेकर चलना चाहिए ताकि आप ऑफिस पहुंचकर 10 मिनट में अपने आप को तैयार कर सकें. आइए हम आपको बताते हैं कि ऐसी कौन सी चीजें हैं जिसे आप अपने पर्स में रख सकती हैं और कुछ ही मिनटों में कहीं पर भी अपना मेकअप कर सकती हैं.
फाउंडेशन
मेकअप करने के लिए आप अपने फेस पर पहले आप फाउंडेशन ही लगाती हैं. फाउंडेशन खरीदते वक्त इस बात का ख्याल रखें कि आपकी स्कीन टाइप क्या है. एक अच्छे से फेशवॉश से अपने फेश को वॉश करें फिर टिशूपेपर से फेस को पोंछकर ही फाउंडेशन को फेस पर अप्लाई करें.
कंसीलर
कंसीलर को ट्राइंगल शेप आंखों के नीचे लगाएं. फिर धीरे-धीरे फैलाएं और थोड़ा सा ट्रांसलूसेंट पाउडर लगाएं.
आइलाइनर
आंखों को सजाने के लिए आइलाइनर बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. आजकल आइलाइनर विभिन्न रंगों में आ गए हैं. इसे आप अपनी आंखों की वॉटर लाइन पर भी लगाएं.
काजल
काजल तो हर लड़की के पर्स में पाया जाता है. आपके पास कुछ न हो पर काजल लगाकर आप कुछ सेकेंड्स में खूबसूरत लग सकती हैं. काजल लगाकर आप फेसपाउडर से टचअप कर सकती हैं.
फेस पाउडर
फेस पाउडर परफेक्ट मेकअप टचअप के लिए जरूरी है. इससे आप अपने फेस को टचअप दे सकती हैं. फेस पाउडर खरीदते समय अपने फेस की स्कीन का जरूर ख्याल रखें. आप अपने शेड के अनुसार ही फेस पाउडर खरीदें.
लिपस्टिक
लॉन्ग लास्टिंग लिपस्टिक के लिए पहले लिपस्टिक लगाएं, अब टिशू पर होंठ दबाएं. इसके बाद थोड़ा लूज पाउडर होठों पर लगाएं और उसके बाद फाइनल कोट लिप्सटिक लगाएं. इससे लिपस्टिक ज्यादा देर तक टिकेगी.
लोशन
लोशन बहुत छोटी सी चीज है, जिसकी हमें बार-बार जरूरत पड़ जाती है. जब भी आप अपना हांथ धोते हैं या कुछ काम करने से आपका हांथ या फेस रूखा पड़ जाता है, तो आप लोशन लगा सकती हैं.
बीबी क्रीम
बीबी क्रीम आपको घर से निकलने से पहले या निकलते ही लगा लेना चाहिए क्योंकि बीबी क्रीम आपके चहरे को धूप और धूल से बचाए रखता है. छोटा सा बीबी क्रीम आपको ऑफिस के वक्त भी किसी भी काम से बाहर निकलने पर तुरंत मदद करेगा. आप पर्स निकालिए और क्रीम लगाकर फेस को धूप और डर्ट से बचा लीजिए.
मेकअप रिमूवर वाइप्स
मेकअप रिमूवर वाइप्स एक बेहद जरूरी चीज है. अगर अच्छे से मेकअप नहीं हुआ है या मेकअप फैल गया है, तो इस फैले हुए मेकअप को साफ करने में इससे आसानी होगी. मेकअप रिमूवर वाइप्स आपके मेकअप को साफ करने या फैले हुए मेकअप को ठीक करने में मदद करेगी.
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अक्सर सिरदर्द की समस्या से कई लोग झूझते रहते है। ज्यादातर काम-काज का प्रेशर रहने से सिरदर्द जैसी परेशानी होती है तनाव, पर्याप्त नींद नहीं लेना, ज्यादा शोर, फोन पर ज्यादा देर बात करना, ज्यादा सोचना, थकावट, सिर में रक्तप्रवाह कम होना जैसे कई कारणों से अक्सर हम सिरदर्द जैसी परेशानी से झूझते है।
बता दें कि नियमित दो बार 10-20 मिनट ध्यान करने से शरीर व मन दोनों को आराम मिलता है। सिर में रक्तप्रवाह बढ़ता है। जिसके कारण आप सिरदर्द की परेशानी में राहत मिलती है।
सिर दर्द की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बेहतर होगा की आप शरीर को डिहाइड्रेट होने से बचाए जिससे बचने के लिए अच्छा होगा की आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिए जिससे आप खुद को सिरदर्द की परेशानी से बचा सकते है।
मसल्स और शरीर में खिंचाव रहने से भी सिर दर्द होता है ऐसे में बेहतर होगा की आप थोड़े-थोड़े अंतराल पर स्ट्रेचिंग करें ऐसा करना बेहतर होगा। इन उपायों को करके आप सिरदर्द की परेशानी में राहत पा सकते है।
सिरदर्द की परेशानी से तुरंत राहत पाने के लिए योग कारागार उपाय है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी से भी आप सिरदर्द जैसी समस्या में आराम पा सकते है।
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आप अपने खाने में हर रोज सूप को शामिल करें। इससे आप रहेंगी स्लिम और फिट एण्ड फाइन। आप अपनी डाइट में सूप शामिल करने से जरूरी रेशों की पूर्ति होती है। वयस्क को अपनी डाइट में कम से कम 2 बडे कप सूप रोज शामिल करना चाहिए। सर्दियों में हौट और गरमियों में कोल्ड सूप का लुत्फ उठाएं।
अगर आपको किसी खास अवसर के लिए वजन घटाना हो, तो कुछ समय तक सिर्फ सूप ही पिएं। तरह-तरह के सूप की जगह खासतौर पर पत्तागोभी का सूप पिएं, तो जल्दी फायदा होगा। अगर आप पैकेट वाले मिक्स वेजिटेबल सूप या चिकन सूप में भी पत्तागोभी डालना चाहें, तो डाल सकती हैं।
सूप में सब्जियों के छिलके और दाल आदि डालें और उसमें जीरे का तडका लगाएं। बच्चों को यह सूप परोसते वक्त ऊपर से मक्खन डालें।
वेजीटेबल सूप बॉडी में पानी के संतुलन को बनाए रखता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। सर्दियों में चिकन सूप पिएं, इससे सरदी-जुकाम से दूर रहने में मदद मिलेगी। चिकन पैकेट सूप बनाते वक्त इसमें उबला चिकन और फै्रश चिकन स्टॉक यूज कर सकती हैं।
वेट घटाने में सूप कारगर है। सूप से जरूरत की सारी पौष्टिकता भी मिल जाती है। चिकन और वेजिटेबल सूप, गसपैचो, रेवियोली सूप लंच या डिनर लें, आपको खाना खाने की जरूरत नहीं होगी। इससे प्रोटीन, एनर्जी, कार्बोहाइडे्रट और सभी तरह की पौष्टिकता मिल जाएगी।
सूप से पेट बहुत भरा-भरा भी नहीं महसूस होता। जो लोग कम कैलोरीयुक्त फूड खाना चाहते हैं, वे दिन में 2 वक्त सूप पिएं। कैलोरी, फैट कम और फाइबर भरपूर मिलेगा, जिससे आप स्लिम रह सकती हैं।
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