ईश्वर दुबे
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मुंबई. महाराष्ट्र के पालघर जिले में रहने वाले 30 वर्षीय शख्स ने लंबे वक्त से बीमार अपनी मां को राहत देने के लिए उनकी हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने वारदात को उस वक्त अंजाम दिया जब उसकी मां किचन में उसके लिए नाश्ता बना रही थी. आरोपी जयप्रकाश डोभी ने अपनी मां के सिर पर लोहे की रॉड के हमला किया था, जिसके बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
इस मामले में जयप्रकाश के बड़े भाई ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनका छोटा भाई मानसिक रूप से बीमार है. शिकायत में कहा गया है कि पीड़ित महिला चंद्रावती रविवार को अपने घर के किचन में खाना बना रही थीं, इसी दौरान जयप्रकाश ने उनके सिर पर लोहे की रॉड से वार किया. परिवार को इस बात का पता तब चला जब चंद्रावती का बड़ा बेटा अपनी मां से मिलने उनके घर पहुंचा.
मां को मृत अवस्था में देखकर बेटे ने पुलिस को इसकी जानकारी दी. इसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने महिला का शव बरामद किया. पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला अपने पति के साथ तारापुर में रहती थीं. पीड़िता की बेटी एनपीसीआईएल के एक स्कूल में पढ़ाती हैं. पीड़िता का बड़ा बेटा हर रविवार उनसे मिलने के लिए आता था और रविवार को जब वह घर पहुंचा तो उसने मां को मृत अवस्था में देखा.
परिवार के अनुसार, जिस रोज यह घटना हुई उस दिन चंद्रावती के साथ सिर्फ उनका बेटा ही घर पर था. पुलिस का कहना है कि इस संबंध में आईपीसी की धारा 302 के तहत केस दर्ज किया गया है और आरोपी के मानसिक रूप से बीमार होने के दावे की जांच के लिए उसका मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है.
चंडीगढ़ . शनि देव से कौन नहीं डरता भला, लेकिन चंडीगढ़ के मंत्रियों और बड़े-बड़े अफसरों ने इनके प्रकोप से बचने का नया रास्ता निकाला है. यहां के कई मंत्री, आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारी बुड़ैल स्थित मॉडल जेल का खाना खा रहे हैं. इनकी मान्यता है कि इनसे शनि के राशि परिवर्तन का उन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. बता दें, 24 जनवरी को शनि के मकर राशि में गोचर कर रहे हैं. इससे कुछ राशियों को राहत मिलेगी तो कुछ राशियों की परेशानी में इजाफा होगा.
ज्योतिषियों का मानना है कि शनि के इस राशि परिवर्तन से कई राशियों पर असर पड़ेगा. वहीं जेल की रोटी खाने वाले इन लोगों का कहना है कि दुष्प्रभाव उनके जीवन में नहीं आएंगे और घर में सुख-शांति रहेगी. बुड़ैल जेल अधीक्षक विराट के मुताबिक, जेल के कैदी ही खाना बनाते हैं. यह खाना मंगवाने वालों में नेता, मंत्री, आइएएस, आइपीएस व अन्य अधिकारी शामिल हैं, लेकिन पता नहीं, वे ऐसा क्यों कर रहे हैं. जेल के खाने की डिमांड पिछले एक साल में बढ़ी है.
ऑनलाइन बुकिंग के जरिये भी इसे भेजा जाता है. वहीं चंडीगड़ में सनातन धर्म त्रिवेणी मंदिर के आचार्य सीताराम पांडेय के अनुसार, मान्यता है कि जेल की रोटी खाने से शनि का दुष्प्रभाव कम होता है, लेकिन वैदिक शास्त्रों में इसका कहीं जिक्र नहीं है. बहुत से लोग शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए ऐसा टोटका करते हैं.
अप्रैल 2017 में शुरू हुई थी योजना, जेल प्रशासन को हो रही लाखों की कमाई
बुड़ैल जेल में अप्रैल 2017 में यह योजना शुरू हुई थी, जिसके कैदियों का बनाया खाना बाहर के लोगों को बेचा जाता है. तब से अब तक 38,743 लोग जेल का खाना खा चुके हैं. इतनी थालियां बेचे जाने से जेल प्रशासन को 54.86 लाख रुपए की कमाई हुई है. यह पैसा कैदियों की भलाई पर खर्च किया जाता है. यहां कैदी न केवल खाना, बल्कि रिफ्रेशमेंट के तौर पर समोसा, चाय, बिस्कुट भी बनाते हैं. अभी तक 18,948 रिफ्रेशमेंट पैकेट लोगों को बेचे जा चुके हैं, जिससे 8.14 लाख रुपए की कमाई हुई है.
नई दिल्ली. देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) नए साल पर ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है. एसबीआई (SBI) ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (External Benchmark Lending Rate) में 0.25 फीसदी यानी 25 बेसिस प्वाइंट घटा दी है. इस कटौती के बाद एक्सटर्नल बेंचमार्क बेस्ड रेट (EBR) 8.05 फीसदी से घटकर 7.80 फीसदी सालाना हो गया है. नई व्यवस्था 1 जनवरी 2020 से लागू होगी. बता दें कि SBI ने एमएसएमई (MSME), हाउसिंग (Housing) और रिटेल लोन (Retail Loan) के सभी फ्लोटिंग रेट लोन को एक्सटर्नल बेंचमार्क रेपो रेट (Repo Rate) से जोड़ने का फैसला किया है.
ये हैं 4 बेंचमार्क बेंचमार्क में रिजर्व बैंक का रेपो रेट, फाइनेंशियल बेंचमार्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (FBIL) की ओर से प्रकाशित भारत सरकार के 3 महीने के ट्रेजरी बिल पर दिया जाने वाला रेट, FBIL की ओर से प्रकाशित भारत सरकार के 6 महीने के ट्रेजरी बिल पर दिया जाने वाला रेट और FBIL की ओर से प्रकाशित कोई दूसरा बेंचमार्क रेट शामिल है. आरबीआई ने इनमें से किसी भी बाजार ब्याज दर मानक में से एक को चुनने का विकल्प दिया था.
7.90 फीसदी ब्याज दर पर लें होम लोन SBI ने होम लोन (Home Loan) पर ब्याज दरें घटा दी है. 1 जनवरी 2020 से आपको 0.25 फीसदी कम ब्याज देना होगा. SBI ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. मिनटों में लें लोन का अप्रूवल SBI के ऑफर के तहत अगर आप YONOSBI के जरिए 31 दिसंबर से पहले होम लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो आपके लोन को इंस्टेंट इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (In-principal approval) दे दिया जाएगा. बैंक के मुताबिक, लोन पर प्रोसेसिंग फीस कम होगी और कोई हिडन चार्ज नहीं होगा. साथ ही लोन के प्री-पेमेंट पर पेनल्टी भी नहीं लगेगी.
नई दिल्ली. भारतीय नौसेना ने नौसैनिकों द्वारा सोशल मीडिया साइट फेसबुक के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया है. इसके अलावा नौसेना के ठिकानों, डॉकयार्ड और युद्धपोतों पर स्मार्टफोन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. सोशल मीडिया पर दुश्मन की खुफिया एजेंसियों को संवेदनशील सूचनाएं लीक करते सात नौसैनिकों के पकड़े जाने के बाद ये कठोर कदम उठाया गया है.
भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं. यह आदेश 27 दिसंबर को जारी किया गया था. नौसेना की ओर से प्रतिबंध लगाने का यह आदेश 20 दिसंबर को विशाखापट्टनम से 8 व्यक्तियों और सात नौसेना कर्मियों और मुंबई से हवाला ऑपरेटर की गिरफ्तारी के बाद आया है.
फेसबुक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के अलावा, नौसैनिक क्षेत्रों के भीतर सभी ठिकानों और यहां तक कि जहाजों के आगे भी स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. मैसेजिंग ऐप और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी इस प्रतिबंध को लगाया गया है. फेसबुक पर प्रतिबंध को अन्य सभी फेसबुक के स्वामित्व वाली साइटों पर प्रतिबंध के रूप में देखा जा रहा है.
प्रतिबंध के इस कदम को हाल के मामलों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, जहां दुश्मन ने इन साइटों और सोशल मीडिया नेटवर्क का उपयोग करते हुए नौसैनिकों को निशाना बनाया था और कई जानकारी को मिटाने की कोशिश की थी. भारतीय नौसेना में कुल 67252 नौसैनिक हैं. प्रतिबंध से सबसे बड़ी चिंता, असैनिक कर्मचारियों और नौसैनिक डॉकयार्ड में काम करने वालों की होगी, क्योंकि वे नौसेना के नियमों के तहत नहीं आते हैं.
बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी की ओर से नई याचिका दायर करके बाबरी मस्जिद का मलबा और उससे जुड़े हुए तमाम समान की मांग की जाएगी। इसमें कुरान की आयतें लिखे हुए पत्थर समेत कई समान है, जो बाबरी मस्जिद के बताए जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत याचिका दायर करने की तैयारी चल रही है।
बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के जॉइंट सेक्रेटरी व पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि बुधवार को लखनऊ में आयोजित एक बैठक में निर्णय लिया गया है कि हम लोग राममंदिर फैसले के खिलाफ क्यूरेटिव याचिका दायर करेंगे।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल करके जो मलवा बाबरी मस्जिद का राम जन्म गर्भगृह में है उसको वापस देने की मांग की जाएगी। साथ ही बाबरी मस्जिद से जुड़े हुए भी अन्य सामान वापस लेने के लिए याचिका दायर होगी। बाबरी पक्षकार की माने तो विराजमान रामलला के नीचे की मिट्टी मस्जिद का मलवा है।
मस्जिद का मलबा पाक होता है। उसको मुस्लिम समाज वापस लेकर अपने तरीके से खर्च करेगा, डिस्ट्रॉय करेगा। शरीयत के मुताबिक मस्जिद की सामग्री किसी दूसरी मस्जिद या भवन में नहीं लगाई जा सकती है और न ही इसका अनादर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मलबे के संबंध में कोर्ट के निर्णय में स्पष्ट आदेश नहीं है। ऐसे में मलबे के हटाने के समय उसका अनादर होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि अब सिर्फ क्यूरेटिव पिटीशन की रेमिडी बाकी रह गई है लेकिन ये तभी संभव है जब सुप्रीम कोर्ट का वरिष्ठ वकील अपना यह प्रमाण पत्र देने के लिए तैयार हों। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के 2002 के रूपा अशोक हुर्रा मुकदमे में तय नियमों के अनुसार है।
वहीं, मामले पर रामलला विराजमान के पक्षकार त्रिलोकी नाथ पांडे का बयान आया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज मलबा ले जा सकते है यह उनका है। हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है।
नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को एक रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. देशभर में झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि नागरिकता कानून से कोई प्रभावित नहीं हो रहा है. कुछ अर्बन नक्सल झूठ फैला रहे हैं. आप लोग पढ़े-लिखे हो, पहले इसे पढ़ तो लो. अब इस पर बॉलीवुड डायरेक्टर अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha) ने अपना रिएक्शन दिया है.
बॉलीवुड डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने यूजर को दिया जवाब, लिखा- 'राहुल गांधी से ना हो पाएगा...'
अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha) ने अपने ट्वीट में लिखा: "अब तो प्रधानमंत्री जी ने भी कह दिया कि मुसलमानों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. खुशी की बात है." अनुभव सिन्हा के इस ट्वीट पर लोगों के जमकर रिएक्शन आने शुरू हो गए हैं. वैसे भी अनुभव सिन्हा हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं.
पीएम मोदी ने नागरिकता कानून पर तोड़ी चुप्पी, तो बॉलीवुड एक्टर बोले-लोगों का भ्रम दूर करने के लिए धन्यवाद
बता दें कि पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने रैली में लोगों को संबोधित करते हुए आगे कहा, "इस कानून से किसी भी मुस्लिम को डिटेंशन सेंटर में नहीं रहना होगा. भारत में डिटेंशन सेंटर हैं कहां. ये लोग झूठ बोलकर देश को गुमराह कर रहे हैं. आप लोग इनके बहकावे में न आएं. आप सोचो कि एक सत्र में हमारी सरकार दिल्ली के लोगों को घर दिलाने के लिए बिल ला रही है और दूसरे ही पल हम लोगों को देश के निकालने के लिए बिल लाएंगे क्या. आप इन लोगों के इरादे समझिए. ये लोग आपको लड़ाना चाहते हैं."
बीजिंग (चीन). भारत के पड़ोसी देश चीन की असलियत अब दुनिया के सामने आ रही है. सालों से दुनियाभर की मीडिया छीन पर उइगर मुसलमानों को प्रताडि़त करने का आरोप लगाती आ रही है. कई ने इसके सबूत भी पेश किए, लेकिन चीन हमेशा इसे नकार देता था. अब चीन से कुछ ऐसी फोटोज सामने आई हैं, जिसने सभी राज से पर्दा उठा दिया. चीन के टॉर्चर हाउस, जहां करीब 10 लाख उइगर मुसलमानों को कैद किया गया है, से कुछ तस्वीरें बाहर आई हैं. इन्हें देखकर आपका कलेजा कांप जाएगा.
चीन के टॉर्चर सेल में करीब 10 लाख उइगर मुसलमानों को बंद कर प्रताडि़त किया जा रहा है. इसे लेकर दुनियाभर की मीडिया ने चीन का विरोध किया, लेकिन कभी भी चीन ने इसका खंडन नहीं किया. चीन में उइगर मुसलमानों को प्रताडि़त किये जाने का पूरी दुनिया में विरोध शुरू हो गया है.
बेंगलुरु. केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. कर्नाटक में भी इसे लेकर विरोध प्रदर्शन हो चुका है. देश के कई हिस्सों से प्रदर्शन के दौरान हिंसा की जानकारी सामने आ चुकी है. इस बीच बेंगलुरु से सामने आई एक तस्वीर दिल को सुकून देने वाली है.
यहां गुरुवार को CAA के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान ऐसा वाकया हुआ जिसने देश की एकता और अखंडता के विश्वास को और मजबूत कर दिया. बेंगलुरु सेंट्रल के DCP चेतन सिंह राठौर ने प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर उन्हें एकता की समझाइश देकर ऐसी मिसाल पेश की जो आमतौर पर ज्यादा दिखाई नहीं देती है. इसके बाद प्रदर्शनकारी भी डीसीपी राठौर के सुर में सुर मिलाते नजर आने लगे.
प्रदर्शनकारियों के साथ गाया राष्ट्रगान
CAA को लेकर बेंगलुरु के टाउन हॉल में गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया गया था. इस दौरान सुरक्षा की कमान DCP चेतन सिंह राठौर संभाल रहे थे. मौके पर जब उन्होंने माहौल गरमाता देखा तो खुद भीड़ के बीच में घुस गए और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देते हुए उन्होंने सभी को उन पर भरोसा रखने का कहा और साथ मिलकर राष्ट्रगान जन गण मन गाने का कहा.
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें डीसीपी राठौर सभी प्रदर्शनकारियों को जन गण मन साथ गाने का कह रहे हैं. इसके बाद सभी प्रदर्शनकारियों द्वारा डीसीपी के सुर में सुर मिलाते हुए राष्ट्रगान को गाया जा रहा है. इसके पूर्व डीसीपी राठौर समझाइश दे रहे हैं कि आप लोगों के बीच में से ही कोई हंगामा करेगा और उसकी सजा सभी लोगों को मिलेगी जो गलत है.
गौरतलब है कि विरोध प्रदर्शन को देखते हुए गुरुवार सुबह 6 बजे से अगले तीन दिनों तक बेंगलुरु में धारा 144 को लागू किया गया है.
हैदराबाद. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. नए खुलासे के मुताबिक हैदराबाद गैंगरेप के चार आरोपियों में से दो पहले भी 9 और महिलाओं के साथ दुष्कर्म कर उन्हें जलाकर मार चुके थे. हैदराबाद रेप और मर्डर की जांच कर रहे अधिकारियों ने दावा किया है कि दो आरोपियों ने माना था कि उन्होंने महिला वेटनरी डॉक्टर की हत्या से पहले भी 9 और महिलाओं के साथ रेप किया था और उन्हें जलाकर मार दिया था.
साइबराबाद पुलिस आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कर्नाटक में उन महिलाओं की जानकारी जुटाने में लगी हुई है. बता दें कि इनमें से कुछ घटनाएं तेलंगाना-कर्नाटक के सीमावर्ती इलाकों हुईं थीं. जांच से जुड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कस्टडी में लेने के बाद हमारी टीम तेलंगाना और कर्नाटक हाइवे पर महिलाओं के साथ रेप और जलाकर मारने की घटनाओं में उनकी भूमिका की जांच कर रहे थे.
जांच के दौरान दो आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले भी 9 महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया था और उनकी आग लगाकर हत्या कर दी थी. अधिकारी ने बताया कि हमारी टीम हर एक केस की जांच कर रही है इसलिए अलग-अलग जगहों पर हमने जांचकर्ताओं की कई टीमें भेजी हैं.
तेलंगाना पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी आरिफ ने 6 महिलाओं के साथ दुष्कर्म और उनकी हत्या की थी, जबकि चेन्नाकेशववुलू तीन महिलाओं के साथ बलात्कार और हत्या की थी. जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने इन सभी घटनाओं को तेलंगाना के संगा रेड्डी, रंगा रेड्डी ओर महबूबनगर हाइवे और कर्नाटक के सीमावर्ती शहरों में अंजाम दिया था.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर घटनाएं हुई हैं, इसलिए यहां सुनवाई संभव नहीं है। आपको संबंधित हाईकोर्ट जाना होगा। हाईकोर्ट गिरफ्तारी सहित किसी भी तरह का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक जांच कराने से भी इनकार कर दिया है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। यह कानून और व्यवस्था की समस्या है, बसें कैसे जल गईं? चीफ जस्टिस ने कहा कि ये मामला हाईकोर्ट क्यों नहीं ले जाया गया?
जामिया और एएमयू छात्रों की वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा ये एक से ज्यादा राज्यों का मामला है इसलिए इसकी एसआईटी जांच जरूरी है। अदालत इस मामले से किनारा कैसे कर सकती है। अदालत ने तेलंगाना एनकाउंटर मामले की भी सुनवाई की थी। इस पर चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा, तेलंगाना मामले में एक आयोग का गठन कर जांच कराई जा सकती थी, लेकिन इस मामले में कोई कमेटी ही नहीं बनी है जो पूरे देश के मामलों को देख सके।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पुलिस को एफआईआर दर्ज करने से नहीं रोक सकते हैं। कोई कानून तोड़ता है तो पुलिस क्या कर सकती है। अदालत ने कहा कि आप इस मामले में हाईकोर्ट भी जा सकते हैं।
अदालत में पुलिस का पक्ष तुषार मेहता ने रखा। उन्होंने कहा कि 68 जख्मी लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। अदालत ने पुलिस से पूछा कि बिना पूछे गिरफ्तारी क्यों की गई, इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को गिरफ्तार नहीं किया गया है। कोई भी जेल में नहीं है।
मेरठ. यूपी में मेरठ जिले का नाम बदलकर पंडित नाथूराम गोडसे नगर करने की मांग काफी समय से उठती रही है. इसी तरह से गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर का भी नाम बदलने के लिए कई प्रस्ताव सामने आए हैं. लगातार उठ रही मांग के निस्तारण के लिए अब उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग ने तीनों जिलों के जिलाधिकारियों से इस बारे में तत्काल जवाब मांगा है.
जिलाधिकारियों को राजस्व विभाग की तरफ से लिखे पत्र के अनुसार, प्रदेश सरकार के एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली में हापुड़ का नाम महंत अवैद्यनाथ नगर और गाजियाबाद का नाम महंत दिग्विजय नगर के रूप में बदलने का संदर्भ है. सूत्रों के मुताबिक, हापुड़ जिला प्रशासन ने सीएम योगी आदित्यनाथ के गुरु अवैद्यनाथ के नाम पर जिले का नाम बदलने का अनुरोध ठुकरा दिया है. हालांकि पत्र में यह उल्लेख नहीं है कि मुजफ्फरनगर के लिए किस नाम की मांग की गई है.
पिछले चार महीनों में से तीनों जिलाधिकारियों को इस बारे में तीन बार रिमांइडर भेजा जा चुका है. इसने जिला प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है. राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें समय सीमा के भीतर इस मामले (लोगों या संगठनों द्वारा नाम बदलने की मांग) का निस्तारण करने की जरूरत है.
एक अधिकारी ने कहा, यदि हम समय सीमा के साथ इनका निपटारा नहीं करते हैं तो ये लंबित मुद्दे बने रहेंगे. बाद में सीएम द्वारा समीक्षा बैठकों के दौरान हमें इस पर स्पष्टीकण देना होगा. जब भी ऐसी कोई मांग या अनुरोध होता है तो सरकार उनकी टिप्पणी के लिए जिला प्रशासन से राय मांगती है. सरकार ऐतिहासिक तथ्यों और अन्य विचारों के आधार पर ही निर्णय लेती है.
कोटा. देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बॉलिवुड ऐक्ट्रेस पायल रोहतगी राजस्थान की जेल में बंद हैं. नौ दिन की न्यायिक हिरासत में चल रहीं रोहतगी को पहले दिन जेल में सामान्य खाना दिया गया. रोहतगी को लूट और हत्या समेत अन्य आपराधिक मामलों में आरोपी महिला कैदियों के साथ जेल में रखा गया है. इससे पहले सोमवार दोपहर रोहतगी को बूंदी सेंट्रल जेल में लाया गया. अडिशनल चीफ जुडिशल मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
बूंदी सेंट्रल जेल के डेप्युटी सुपरिंटेंडेंट लोकोज्ज्वल सिंह ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, उदास और चेहरे पर निराशा के भाव के साथ पुलिस एस्कोर्ट की मौजूदगी में दोपहर 12.40 बजे पायल रोहतगी जेल पहुंचीं. उन्हें जेल के जनरल फीमेल वॉर्ड में रखा गया है. यहां उनके साथ पांच महिला कैदी हैं. इनके खिलाफ हत्या, लूट और ड्रग स्मगलिंग के मामले चल रहे हैं.
हालांकि एक राहत की बात यह है कि जुडिशल कस्टडी के दौरान पायल को अपने कपड़े पहनने की इजाजत है. आम तौर पर जेल में कैदियों को अलग कपड़े दिए जाते हैं. पायल अपने साथ कपड़े लेकर आई हैं. जेल वॉर्ड में ऐक्ट्रेस को टेलिविजन देखने (केवल मंजूर किए गए चैनल) की अनुमति है और इसके साथ ही उन्हें पढ़ने के लिए अखबार दिया जाएगा. डेप्युटी सुपरिंटेंडेंट जेल ने कहा, उन्होंने खाने के लिए कोई खास डिमांड नहीं की है. जेल में बाकी कैदियों को जो खाना मिलता है, वहीं उन्हें दिया जा रहा है.
नई दिल्ली. निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोषी विनय शर्मा की दया याचिका पर नया विवाद खड़ा हो गया था. 7 दिसंबर को विनय शर्मा ने अपने वकील के मार्फत राष्ट्रपति के पास एक याचिका भेजकर कहा कि उसने कोई दया याचिका नहीं लगाई है. ऐसे में गृह मंत्रालय की ओर से भेजी गई दया याचिका वापस की जाए.
उधर, जेल प्रशासन का कहना है कि विनय शर्मा की तरफ से भेजी गई दया याचिका को ही उसने राष्ट्रपति के पास भेजा है. विनय के वकील एपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद करीब तीन बजे वह जेल में अपने मुवक्किल से मिलने गए थे. बातचीत में दया याचिका की बात आई तो विनय ने किसी तरह की दया याचिका भेजने से इनकार किया.
यही नहीं, उसने इस बारे में एक पत्र भी लिखा है. सिंह ने कहा कि विनय शर्मा की सहमति से एक याचिका राष्ट्रपति के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय, उपराज्यपाल व दिल्ली सरकार को 7 दिसंबर को भेज दी थी. उधर, जेल के अतिरिक्त महानिरीक्षक राजकुमार ने विनय के वकील के दावे को झूठा करार देते हुए कहा कि चारों दोषियों को दया याचिका भेजे जाने के बारे में नोटिस दिया गया था. इसके जवाब में विनय ने दया याचिका लगाई थी.