अयोध्या विवाद पर 40 दिनों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में पूरी होने के बाद अयोध्या इस फैसले को लेकर बेसब्र है। सर्वोच्च न्यायालय में अयोध्या विवाद के सुनवाई के अंतिम दिन बुधवार को पूरे दिन अयोध्या की निगाह दिल्ली पर लगी रही। साधु- संतों ने अपने धार्मिक कार्यों को निपटा कर कोर्ट की सुनवाई आरंभ होने के समय से लेकर पूरे दिन अपना ध्यान इस मामले से जुड़े पल-पल की खबर पर केंद्रित रखा। मणिराम छावनी, श्री राम जन्मभूमि निर्माण न्यास कार्यशाला , हिंदू धाम, श्री राम वल्लभा, कुंज दशरथ महल राम की पैड़ी गुप्तार घाट सरयू तट नया घाट हनुमानगढ़ी टेढ़ी बाजार राजघाट झुनकी घाट सियाराम किला आदि स्थानों पर गर्माहट देखी गई। जिला अधिकारी अनुज कुमार झा ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष कुमार तिवारी जहां एक ओर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को मुकम्मल अंजाम देने में लगे रहे वहीं सुरक्षाकर्मी अयोध्या के तिराहे चौराहों पर सक्रिय नजर आए।
इस बीच अयोध्या में सरयू में नाव चलने, ड्रोन के इस्तेमाल पर भीड़ इकट्ठी होने पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में पुलिस वाहनों से प्रसारण भी किए जा रहे हैं। सायंकाल अयोध्या विवाद की सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय में पूरी होने के बाद अयोध्या बेसब्र हो उठी। श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष व मणिराम दास जी की छावनी महन्त नृत्य गोपाल दास ने कहा कि राम मंदिर की तैयारी पूरी कर ली गई है, नए वर्ष का उपहार में भव्य राम मंदिर के रूप में मिलेगा। श्री राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ रामविलास वेदांती ने कहा कि हमारी विजय हो चुकी है। अब फैसला आना ही शेष है।
रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि अब यह विवाद समाप्त हो चुका है और फैसला रामलला के पक्ष में ही आएगा। अयोध्या एडवर्ड तीर्थ विवेचिनी सभा के अध्यक्ष व श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि अब अयोध्या का विवाद हमेशा के लिए खत्म हो चुका है, अयोध्या अविवादित हो चुकी है और राम भक्तों के स्वागत के लिए खुद को तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों राम भक्तों को श्री राम जन्मभूमि पर रामलला को भव्य मंदिर में बैठे हुए देखने की अभिलाषा अब शीघ्र पूरी होने वाली है, ऐसा हम सभी महसूस कर रहे हैं और हमें कोर्ट के फैसले का बेसब्री से इंतजार है। नाका हनुमानगढ़ी के महंत निर्मोही अखाड़े रामदास दिल्ली में ही रहे उन्होंने दूरभाष पर बताया की हमें विश्वास है शीघ्र ही रामलला का भव्य मंदिर बनेगा। दूसरी ओर मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि मंदिर बने या मस्जिद , हिंदुस्थान में अमन-चैन कायम रहना चाहिए। बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का जो भी फैसला होगा उसे पूरी तरह मानेंगे। सायंकाल जब हम सभी तक पहुंचे तो वहां से आरती के प्रबंधक शशिकांत दास ने कहा कि सरयू सब को शांति देती हैं और आज की आरती में हम सभी ने यही प्रार्थना किया अयोध्या को विवाद से मुक्त करो और भव्य राम मंदिर का निर्माण हो और करोड़ों राम भक्तों की इच्छा पूरी हो।
