खास खबर

खास खबर (1096)

यह बात हम सभी जानते है कि हर मौसम में बालो की देखभाल की जरूरत है लेकिन मानसून के सीजन में बालों की खास देखभाल करने की जरूरत होती है। खासतौर जब बाल घुंघराले हों तो देखभाल करना बेहद मुश्किल होता है। इस सीजन में वातावरण में नमी होती है जिसके चलते घुंघराले बाल जल्दी गंदे हो जाते है। इसके बाद बाल उलझने लगते हैं।
घुंघराले बालों को धोने के बाद सुखाना भी बेहद मुश्किल काम होता है। यदि आप मानसून के सीजन में घुंघराले बालों का सही तरह से ध्यान रखना चाहते हो तो यह उपाय कर सकते हैं।
हाइड्रेटिंग शैम्पू और कंडीशनर का इस्तेमाल
जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि घुंघराले बालों की देखभाल के लिए अच्छे शैम्पू का इस्तेमाल बहुत जरूरी होता है। घुंघराले बालों के लिए आप हाइड्रेटिंग शैम्पू और कंडीशनर का उपयोग करें।
मानसून के दौरान बालों को साफ रखें
मानसून के दौरान यदि आपके बाल बारिश में भीग जाते हैं तो उन्हें शैम्पू से जरूर धोए। बालों को साफ रखने के लिए स्कल्प स्पेसिफिक शैंपू का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सीरम लगाना न भूलें
मानसून के सीजन में बालों में एंटी-ऑक्सीडेंटीव क्रीम, सीरम या कंडीशनर जरूर लगाये। घुंघराले बालों को बारिश के मौसम में सुरक्षित रखने का यह सबसे सरल उपाय है। इससे घुंघराले बाल ड्राई भी नहीं होते हैं।
बालों में जरूर लगाएं तेल
मानसून के सीजन के दौरान घुंघराले बाल वाले लोग सप्ताह में एक या दो बार तेल का इस्तेमाल करें। अगर इस सीजन में बालों के टूटने जैसी समस्या होती है तो इससे बचने के लिए बादाम या नारियल तेल में नीम का तेल मिलाकर लगाएं।
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विटमिन्स का हमारी सेहत के लिए क्या रोल होता है, इस पर नए सिरे से बात करने की जरूरत नहीं है। हम सभी जानते हैं कि अगर शरीर में किसी भी तरह से विटमिन्स की कमी हो जाए तो हम हेल्दी लाइफ जी ही नहीं सकते हैं। आज हम बात करेंगे विटमिन बी की जरूरत और उसके प्रकार पर। साथ ही इस बात पर खास ध्यान देंगे कि इसके अलग-अलग प्रकार की कमी से हमें किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है...
खूबसूरत त्वचा के लिए
बढ़ते पलूशन का असर हमारी सेहत के साथ हमारी खूबसूरती पर भी पड़ता है। तो सेहत के साथ सुंदरता बनाए रखने के लिए आप विटमिन बी 3 से युक्त चीजों का सेवन करें, जैसे केला, फलीदार सब्जियां और ओटमील खाएं जो निकोटिनमाइड से भरपूर होती हैं। इससे आपकी स्किन का मॉइस्चर लॉक रहता है। इसके साथ ही विटमिन बी कॉम्प्लेक्स में बायोटिन रहता है जो आपके नाखूनों और बालों को मजबूत बनाता है।
ब्लड और ब्रेन के लिए
तमाम लोग इस बात से अवगत हैं कि विटामिन बी 12 का घटा हुआ स्तर अनीमिया पैदा कर सकता है। इस अनीमिया को मेगैलोब्लास्टिक अनीमिया कहा जाता है और इसके साथ कई बार तंत्रिका तंत्र भी प्रभावित हो जाता है। नतीजन रोगियों में जो लक्षण मिलते हैं, वे इन्हीं दोनों तंत्रों ( रक्त और मस्तिष्क की अंदरुनी या बाहरी तंत्रिकाओं ) से संबंधित मिलते हैं। यानी ब्लड और ब्रेन दोनों के लिए यह जरूरी है।
विटमिन बी- 1
गर्भ में बच्चे के मस्तिष्क के विकास में एक बहुत मदद करता है। प्रेग्नेंट महिलाओं को रोज विटमिन बी-1 की जरूरत बहुत अधिक होती है। इसके लिए आप अपनी डायट में पास्ता, मीट, डेयरी उत्पाद को शामिल कर सकती हैं। अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो सेलमन फिश जरूर खाएं। यह ओमेगा 3 फैटी एसिड और प्रोटीन बहुत अच्छी मात्रा में होता है। यह हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
विटमिन बी- 2
विटमिनों बी-2 आंखों को स्वस्थ रखता है। इसके अलावा स्किन ग्लो करने में मदद करता है। प्रेग्नेंट महिलाओं को अपनी डाइट में विटमिन बी-2 की मात्रा को शामिल करना चाहिए। इसके लिए चिकन, मछली, दही, अंडे आदि को प्रेग्नेंसी के दौरान खाना चाहिए।
विटमिन बी- 3
विटमिन बी- 3 पाचन को सही करता है और सिरदर्द से बचाता है। इसके अलावा मतली को भी कम करता है। इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर विटमिन बी-3 लेने की सलाह देते हैं। इसके लिए महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेड, मछली आदि को खाना चाहिए।
विटमिन बी- 5
विटमिन बी- 5 प्रेग्नेंट महिलाओं की पैरों में ऐंठन को दूर करता है। इसके अलावा हॉर्मोन पैदा करने में मदद करता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में काजू, अंडे की जर्दी, खिचड़ी का सेवन करना चाहिए।
विटमिन बी- 6
त्वचा संबंधी रोगों से दूर रहने के लिए जरूरी है कि विटमिन बी- 6 का सेवन किया जाए। प्रेग्नेंट महिलाओं में भी इसकी सही मात्रा बेहद जरूरी होती है। क्योंकि यह नौ महिने तक शिशु के मस्तिष्क और विकास में मदद करता है।
विटमिन बी- 7
विटमिन बी- 7 बायोटिन की कमी को दूर करने में सहायक होता है। लीवर, आतों और किडनी के सही तरीके से सक्रिय रहने में मदद करता है।
विटमिन बी- 9
खासतौर पर गर्भवती महिलाओं के लिए विटमिन बी-9 बेहद जरूरी होता है। इसका सबसे अधिक रोल बच्चे को स्वस्थ रूप से दुनिया में लाने का होता है। ताकि बच्चा जन्म के साथ ही किसी तरह के विकार या रोग से ग्रसित ना हो।
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अपनी सेहत को लेकर हर समय फिक्रमंद रहनेवाले लोगों की दुनिया में ऐपल सीडर विनेगर की खास जगह है। इसका कारण है इसकी ढेर सारी खूबियां, जो न सिर्फ सेहत को दुरुस्त रखती हैं बल्कि कई घातक बीमारियों से भी हमारा बचाव करती हैं। जैसे, बढ़ते वजन को कंट्रोल करने में मददगार, कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करता है, ब्लड शुगर लेवल को कम रखता है, साथ ही डायबिटीज को बढऩे से रोकता है।
ऑर्गेनिक और बिना फिल्टर किए हुए ऐपल सीडर विनेगर में कई ऐक्स्ट्रा खूबियां होती हैं। जैसे, ये स्टैंडर्ड प्रोटीन, एंजाइम, हेल्थ फ्रेंडली बैक्टीरिया से भरपूर होता है। इन सभी कंपोनेंट्स को इसके मदर कंपोनेंट्स भी कहा जाता है। इन्ही मदर कंपोनेंट्स को हेल्थ बेनिफिट्स से भरपूर माना जाता है। यह बात की रिसर्च में भी साबित हो चुकी है।
ऐपल सीडर विनेगर को चीनी के साथ फर्मेन्टेशन करने पर इसमें ऐसिटिक ऐसिड की मात्रा बढ़ जाती है। इसके बाद इसकी हर टेबल स्पून में करीब 3 कैलोरी पाई जाती हैं, जिसमें पोटेशियम की भी कुछ मात्रा होती है। इसके साथ ही अमीनो एसिड और ऐंटिऑक्सिडेंट्स भी इसमें होते हैं। लेकिन विटमिन और मिनरल्स की मात्रा बहुत कम होती है। ऐपल सीडर विनेगर का अल्कोहल में फर्मेन्टेशन किया जाता है तो इसमें मौजूद फ्रेडली बैक्टिरिया भी एसिडिक ऐसिड में तब्दील हो जाते हैं। ऐपल सीडर विनेगर की यह फॉर्म ऐसिडिक ऐसिड ही मेन कंपाउंड होता है। यह शरीर के हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मददगार है।
जबकि ऐपल सीडर विनेगर अपनी प्राइमरी फॉर्म में कई तरह के इंफेक्शन, नेल फंगस, इयर इंफेक्शन, तव्चा के दाग-धब्बे और सिर की जुएं खत्म करने में बहुत असरकारी होता है। इससे आप घर के फर्नीचर की सफाई भी कर सकते हैं। घर के कोनों में किटाणु किल करने के लिए भी उपयोग में ला सकते हैं। जबकि फूड इंडस्ट्री में ऐपल सीडर विनेगर यानी सेब के सिरके का उपयोग खाने की चीजों को प्रिजर्व करने के लिए किया जाता है। यह फूड आइटम्स में फंगस नहीं लगने देता और इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखता है।
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चाय पीने के नुकसान तो आपने खूब सुने होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके फायदे हैरान करने वाले हैं. हाल में हुई एक रिसर्च में यह बात सामने आई कि चाय पीने से दिमाग के काम करने की क्षमता बेहतर होती है. यह तो शायद आपने भी महसूस किया होगा कि सुबह चाय की एक प्याली पीने के बाद नींद की खुमारी उतर जाती है और बॉडी में एनर्जी महसूस होती है. लेकिन रिसर्च में खुलासा हुआ है कि चाय पीने वालों की विचार विमर्श की शक्ति, किसी चीज को सीखने और समझने की क्षमता बेहतर होती है. आइए विस्तार से जानते हैं कि चाय के फायदे के बारे में क्या कहती है ये रिसर्च...
नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर के प्रोफेसर फेंग ली जोकि इस रिसर्च की अध्यक्षता कर रहे थे बताया कि शोध का यह निष्कर्ष निकला कि चाय पीने से दिमाग की संरचना पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि नियमित रूप से चाय पीने पर दिमाग में बुढ़ापे के लक्षण धीरे आते हैं.
रिसर्च में यह भी पता चला कि जो लोग रोज सुबह चाय पीते हैं उनमें किसी भी काम पर फोकस करने और फैसला लेने की क्षमता ज्यादा मजबूत होती है बजाए कि उन लोगों के जो चाय नहीं पीते हैं. इस सिलसिले में शोधकर्ताओं ने जर्नल एजिंग में प्रकाशित एक स्टडी का बारीकी से अध्ययन किया. इसके बार पहली बार यह जानकारी सामने आई कि चाय पीने से दिमाग पर सकारात्मक असर पड़ता है. इससे उम्र के साथ कमजोर होती याददाश्त पर भी असर पड़ता है.
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त्यौहारों में बाजार की रौनक की बात ही कुछ और होती है। चाहे कपड़े हों या फिर फर्नीचर, त्यौहारों के समय इन सबकी शॉपिंग होती है। कई बार फेस्टिव मूड में हम ऐसी चीजें भी खरीदते जाते हैं, जिनकी हमे कोई खास जरूरत नहीं है। हालांकि, आप कई ऐसे लोगों को भी जानते होंगे जिन्हें शॉपिंग करने के लिए त्यौहारों का इंतजार नहीं करना पड़ता है। उनका जब मन करता है तब शॉपिंग पर निकल जाते हैं। आपको बता दें शॉपिंग की लत भी एक बीमारी है। इंग्लैंड के एक हेल्थकेयर ग्रुप ने ज्यादा शॉपिंग करने को उन बीमारियों की लिस्ट में शामिल किया है जिसके इलाज की जरूरत है।
ज्यादा शॉपिंग करने को एक डिसॉर्डर माना गया है। मेडिकल टर्म में इसे कंपल्सिव बाइंग डिसॉर्डर या ओनियोमेनिया कहा जाता है। कई लोग इस डिसॉर्डर का शिकार होते हैं लेकिन बहुत कम लोग इसे पहचानकर इसका इलाज कर पाते हैं। 2015 के रिव्यू के अनुसार विकासशील देशों में हर बीस में से एक व्यक्ति इस बीमारी का शिकार है।
क्या हैं नुकसान
शॉपिंग अडिक्शन के कारण जिंदगी पर बुरा असर पड़ता है। लोगों का निजी जीवन इससे प्रभावित होता है और कपल्स के बीच दरार आ सकती है। शॉपिंग की लत के कारण आप कर्ज ने भी आ सकते हैं जो धीरे-धीरे अवसाद का रूप ले लेता है। सही काउंसेलिंग और थेरपी के जरिए यह लत छुड़ाई जा सकती है।
ऐसे बचें
शॉपिंग अडिक्शन से बचने के लिए आपको इसके बारे में आपको यह समझना चाहिए कि किस वजह से आपको शॉपिंग का मन करता है। जैसे, अगर आप तनाव से बचने के लिए शॉपिंग करते हैं तो आपको तनाव का करण समझना चाहिए। खर्च के लिए प्लान बनाएं और इस प्लान पर डटे रहें। अपनी जगह घर के किसी और को सामान लेने भेजें।
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आयुर्वेद और नैचरोपथी में मालिश को बेहद अहम माना गया है। इसे कई बीमारियों के इलाज में प्रभावी माना जाता है। यह तन-मन को नई ताजगी देता है। मालिश के लिए मौसम और तेल, दोनों की भूमिका अहम होती है। मौसम के अनुसार, मालिश के लिए जरूरी जरूरी तेल और तरीके, दोनों बदल जाते हैं।
सर्दी: सर्दी के मौसम में इसे बेहद गुणकारी माना गया है। सुबह के समय धूप निकलने के बाद मालिश करानी चाहिए। सर्दियों में मालिश के लिए तिल के तेल का इस्तेमाल करें। दरअसल, तिल के तेल से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। साथ ही यह त्रिरोग (वात, पित्त और कफ) नाशक का भी काम करता है।
गर्मी: गर्मी में मालिश के लिए नारियल का तेल या गाय का घी इस्तेमाल करना चाहिए।
मॉनसून: बेहतर होगा कि मॉनसून में बॉडी मसाज से बचें, लेकिन अगर इलाज के लिए जरूरी हो तो कुछ बातों का ध्यान रखें। बारिश हो रही हो तो मालिश न कराएं और मालिश तभी कराएं जब धूप निकल रही हो। तिल के तेल को इस मौसम में परफेक्ट माना जाता है।
ऐसे करें मालिश
*सबसे पहले सिर की मसाज करनी चाहिए। ध्यान रहे कि मालिश हल्के-हल्के हाथों से करें। सिर के साथ ही चेहरे की भी मालिश करें। इसके बाद हल्के हाथों से गर्दन पर मालिश करें।
*गर्दन के बाद कंधों पर गोल-गोल तरीके से मालिश करें। फिर हाथों पर उंगलियों की दिशा में मालिश करें। कोहनियों और कलाइयों पर भी गोल-गोल मसाज करें।
*इसके बाद शरीर के आगे के हिस्से (सीना और पेट) की मालिश करें। यहां ज्यादा जोर न लगाएं। आगे के हिस्से में महत्वपूर्ण अंग जैसे दिल, फेफड़े आदि होते हैं। इसलिए आगे की ओर ज्यादा देर तक मसाज नहीं करनी चाहिए।
*कमर पर नीचे से ऊपर की ओर मालिश करना बेहतर माना जाता है। कमर पर मालिश के दौरान उंगलियों से थोड़ा दबाव बनाना बेहतर रहता है।
*टांग पर मालिश जांघ से पैर की ओर करनी चाहिए। घुटनों पर गोल-गोल मालिश करें। तलुवों पर ऐड़ी से उंगलियों की ओर मसाल करें।
*सिर की मसाज के लिए रूम टेम्प्रेचर पर रखे तेल और बाकी हिस्सों के लिए गुनगुने तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।
*मालिश कराने के करीब 15 मिनट बाद नहाया जा सकता है। नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। साबुन की जगह उबटन लगाएं।
*उबटन बनाने के लिए 1 छोटा चम्मच जौ या चोकर, आधा छोटा चम्मच बेसन, चौथाई छोटा चम्मच हल्दी और चौथाई छोटा चम्मच चंदन पाउडर लें। इसमें दही या गुलाब जल या साधारण पानी मिलाकर घोल बना दें। उबटन को शरीर पर रगड़ें और फिर पानी से धो दें। इसके बाद साफ तौलिए से शरीर पोंछ लें। नहाने के करीब 15 मिनट बाद ब्रेकफस्ट करें। ब्रेकफास्ट में हल्का खाना जैसे दलिया, पोहा, स्प्राउट आदि खाएं। बाद में अपनी रुटीन दिनचर्या शुरू कर दें।
मालिश कई बीमारियों की दवा होती है। नियमित रूप से मालिश करने-कराने से न केवल शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं बल्कि शरीर की रंगत भी निखरती है।
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इस योजना को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में इस योजना को चलाना एक बड़ी चुनौती थी।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने हर घर बिजली पहुंचाने के लक्ष्य से सौभाग्य योजना की शुरूआत की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारंभ 25 सितम्बर 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया था। सौभाग्य योजना का लक्ष्य दिसंबर 2019 तक हर घर बिजली पहुंचाना था। इस योजना को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में इस योजना को चलाना एक बड़ी चुनौती थी। कुछ हद तक सरकार को इसमें कामयाबी भी मिली है और इसे मोदी सरकार की सफल योजनाओं में से एक माना गया है। सौभाग्‍य योजना के अंतर्गत सबसे अच्‍छा काम बिहार में हुआ है।

सौभाग्‍य योजना क्‍या है 
 
-साल 2011 की सामाज‍िक- आर्थिक जनगणना में ज‍िन लोगों का नाम है, उन्‍हें सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त में ब‍िजली कनेक्‍शन दिया जाएगा। 
 
-ज‍िन लोगों का नाम 2011 की सामाज‍िक-आर्थिक जनगणना में नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ उठाने के लिए 500 रुपये देने होते हैं। इसे दस आसान किस्तों में भी चुकाया जा सकता है। 
 
-इस योजना के तहत सरकार गांवों तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ जहां बिजली नहीं जा सकती वहां के लोगों को एक सोलर पैक देगी जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा होगा। सरकार ने इस योजना के लिए 16 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है। 
 
-सरकार ने इस योजना के लिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 14,000 करोड़ रुपये के आसपास का बजट है जबकि बाकी का रकम शहरी क्षेत्रों के ल‍िए है। 
 
 
क्या होगा इसका लाभ
 
-इस योजना के तहत सभी गांवों और शहरों का बिजलीकरण होगा। 
-इसके तहत ट्रांसफॉर्मर्स, मीटर्स और तारों के लिए सब्सिडी मिलेगी। 
-जहां बिजली नहीं जा सकती वहां के लोगों को 'सौलर पैक' दिया जाएगा।
 
योजना से जुड़ने के लिए जरूरी दस्‍तावेज
-आधार कार्ड
-वोटर आईकार्ड 
-मोबाइल नंबर 
-बैंक खाता 
-ड्राइविंग लाइसेंस
 
यह योजना भारत को विकासशील देश से विकसित देश में बदलने में अहम भूमिका निभाएगी। माना जा रहा है कि इस योजना से शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांति आएगी जो देखने के भी मिल रही है। इस योजना से जहां बिजली उपलब्ध हो जाने के बाद से गांव के लोगों को मिट्टी तेल के लालटेन और दिए से छुटकारा मिल गया है तो वहीं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई तकनीक पहुंचाने में मदद मिल रही है। सौभाग्य योजना के जरिये सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है। जनता की सुरक्षा के लिए भी बिजली जरूरी है। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार खुद घरों तक बिजली पहुंचा रही है। लोगों  मुखिया या सरपंच के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है। 
 
इस योजना से कैसे जुड़े
सरकारी अधिकारी या बिजली अधिकारी स्वत: आपके घर तक जाकर पता लगाएंगे कि आपके यहा बिजली कनेक्शन है या नहीं। नहीं होने की स्थिति में विद्युतीकरण का काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा आप इस योजना के वेब पोर्टल http://saubhagya.gov.in/ पर जाकर रज‍िस्‍ट्रेशन कर सकते हैं। रज‍िस्‍ट्रेशन के बाद यह जानकारी भी मिल जाएगी कि कब तक आपको ब‍िजली दी जाएगी। इस स्‍कीम से जुड़ने के लिए मोबाइल एप्‍प पर भी रज‍िस्‍ट्रेशन किया जा सकता है।

इस योजना को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में इस योजना को चलाना एक बड़ी चुनौती थी।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने हर घर बिजली पहुंचाने के लक्ष्य से सौभाग्य योजना की शुरूआत की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारंभ 25 सितम्बर 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया था। सौभाग्य योजना का लक्ष्य दिसंबर 2019 तक हर घर बिजली पहुंचाना था। इस योजना को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में इस योजना को चलाना एक बड़ी चुनौती थी। कुछ हद तक सरकार को इसमें कामयाबी भी मिली है और इसे मोदी सरकार की सफल योजनाओं में से एक माना गया है। सौभाग्‍य योजना के अंतर्गत सबसे अच्‍छा काम बिहार में हुआ है।

सौभाग्‍य योजना क्‍या है 
 
-साल 2011 की सामाज‍िक- आर्थिक जनगणना में ज‍िन लोगों का नाम है, उन्‍हें सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त में ब‍िजली कनेक्‍शन दिया जाएगा। 
 
-ज‍िन लोगों का नाम 2011 की सामाज‍िक-आर्थिक जनगणना में नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ उठाने के लिए 500 रुपये देने होते हैं। इसे दस आसान किस्तों में भी चुकाया जा सकता है। 
 
-इस योजना के तहत सरकार गांवों तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ जहां बिजली नहीं जा सकती वहां के लोगों को एक सोलर पैक देगी जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा होगा। सरकार ने इस योजना के लिए 16 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है। 
 
-सरकार ने इस योजना के लिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 14,000 करोड़ रुपये के आसपास का बजट है जबकि बाकी का रकम शहरी क्षेत्रों के ल‍िए है। 
 
 
क्या होगा इसका लाभ
 
-इस योजना के तहत सभी गांवों और शहरों का बिजलीकरण होगा। 
-इसके तहत ट्रांसफॉर्मर्स, मीटर्स और तारों के लिए सब्सिडी मिलेगी। 
-जहां बिजली नहीं जा सकती वहां के लोगों को 'सौलर पैक' दिया जाएगा।
 
योजना से जुड़ने के लिए जरूरी दस्‍तावेज
-आधार कार्ड
-वोटर आईकार्ड 
-मोबाइल नंबर 
-बैंक खाता 
-ड्राइविंग लाइसेंस
 
यह योजना भारत को विकासशील देश से विकसित देश में बदलने में अहम भूमिका निभाएगी। माना जा रहा है कि इस योजना से शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांति आएगी जो देखने के भी मिल रही है। इस योजना से जहां बिजली उपलब्ध हो जाने के बाद से गांव के लोगों को मिट्टी तेल के लालटेन और दिए से छुटकारा मिल गया है तो वहीं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई तकनीक पहुंचाने में मदद मिल रही है। सौभाग्य योजना के जरिये सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है। जनता की सुरक्षा के लिए भी बिजली जरूरी है। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार खुद घरों तक बिजली पहुंचा रही है। लोगों  मुखिया या सरपंच के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है। 
 
इस योजना से कैसे जुड़े
सरकारी अधिकारी या बिजली अधिकारी स्वत: आपके घर तक जाकर पता लगाएंगे कि आपके यहा बिजली कनेक्शन है या नहीं। नहीं होने की स्थिति में विद्युतीकरण का काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा आप इस योजना के वेब पोर्टल http://saubhagya.gov.in/ पर जाकर रज‍िस्‍ट्रेशन कर सकते हैं। रज‍िस्‍ट्रेशन के बाद यह जानकारी भी मिल जाएगी कि कब तक आपको ब‍िजली दी जाएगी। इस स्‍कीम से जुड़ने के लिए मोबाइल एप्‍प पर भी रज‍िस्‍ट्रेशन किया जा सकता है।

इस योजना को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में इस योजना को चलाना एक बड़ी चुनौती थी।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने हर घर बिजली पहुंचाने के लक्ष्य से सौभाग्य योजना की शुरूआत की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारंभ 25 सितम्बर 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया था। सौभाग्य योजना का लक्ष्य दिसंबर 2019 तक हर घर बिजली पहुंचाना था। इस योजना को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में इस योजना को चलाना एक बड़ी चुनौती थी। कुछ हद तक सरकार को इसमें कामयाबी भी मिली है और इसे मोदी सरकार की सफल योजनाओं में से एक माना गया है। सौभाग्‍य योजना के अंतर्गत सबसे अच्‍छा काम बिहार में हुआ है।

सौभाग्‍य योजना क्‍या है 
 
-साल 2011 की सामाज‍िक- आर्थिक जनगणना में ज‍िन लोगों का नाम है, उन्‍हें सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त में ब‍िजली कनेक्‍शन दिया जाएगा। 
 
-ज‍िन लोगों का नाम 2011 की सामाज‍िक-आर्थिक जनगणना में नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ उठाने के लिए 500 रुपये देने होते हैं। इसे दस आसान किस्तों में भी चुकाया जा सकता है। 
 
-इस योजना के तहत सरकार गांवों तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ जहां बिजली नहीं जा सकती वहां के लोगों को एक सोलर पैक देगी जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा होगा। सरकार ने इस योजना के लिए 16 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है। 
 
-सरकार ने इस योजना के लिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 14,000 करोड़ रुपये के आसपास का बजट है जबकि बाकी का रकम शहरी क्षेत्रों के ल‍िए है। 
 
 
क्या होगा इसका लाभ
 
-इस योजना के तहत सभी गांवों और शहरों का बिजलीकरण होगा। 
-इसके तहत ट्रांसफॉर्मर्स, मीटर्स और तारों के लिए सब्सिडी मिलेगी। 
-जहां बिजली नहीं जा सकती वहां के लोगों को 'सौलर पैक' दिया जाएगा।
 
योजना से जुड़ने के लिए जरूरी दस्‍तावेज
-आधार कार्ड
-वोटर आईकार्ड 
-मोबाइल नंबर 
-बैंक खाता 
-ड्राइविंग लाइसेंस
 
यह योजना भारत को विकासशील देश से विकसित देश में बदलने में अहम भूमिका निभाएगी। माना जा रहा है कि इस योजना से शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांति आएगी जो देखने के भी मिल रही है। इस योजना से जहां बिजली उपलब्ध हो जाने के बाद से गांव के लोगों को मिट्टी तेल के लालटेन और दिए से छुटकारा मिल गया है तो वहीं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई तकनीक पहुंचाने में मदद मिल रही है। सौभाग्य योजना के जरिये सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है। जनता की सुरक्षा के लिए भी बिजली जरूरी है। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार खुद घरों तक बिजली पहुंचा रही है। लोगों  मुखिया या सरपंच के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है। 
 
इस योजना से कैसे जुड़े
सरकारी अधिकारी या बिजली अधिकारी स्वत: आपके घर तक जाकर पता लगाएंगे कि आपके यहा बिजली कनेक्शन है या नहीं। नहीं होने की स्थिति में विद्युतीकरण का काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा आप इस योजना के वेब पोर्टल http://saubhagya.gov.in/ पर जाकर रज‍िस्‍ट्रेशन कर सकते हैं। रज‍िस्‍ट्रेशन के बाद यह जानकारी भी मिल जाएगी कि कब तक आपको ब‍िजली दी जाएगी। इस स्‍कीम से जुड़ने के लिए मोबाइल एप्‍प पर भी रज‍िस्‍ट्रेशन किया जा सकता है।

इस योजना को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में इस योजना को चलाना एक बड़ी चुनौती थी।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने हर घर बिजली पहुंचाने के लक्ष्य से सौभाग्य योजना की शुरूआत की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का शुभारंभ 25 सितम्बर 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया था। सौभाग्य योजना का लक्ष्य दिसंबर 2019 तक हर घर बिजली पहुंचाना था। इस योजना को प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश, ओडिशा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में इस योजना को चलाना एक बड़ी चुनौती थी। कुछ हद तक सरकार को इसमें कामयाबी भी मिली है और इसे मोदी सरकार की सफल योजनाओं में से एक माना गया है। सौभाग्‍य योजना के अंतर्गत सबसे अच्‍छा काम बिहार में हुआ है।

सौभाग्‍य योजना क्‍या है 
 
-साल 2011 की सामाज‍िक- आर्थिक जनगणना में ज‍िन लोगों का नाम है, उन्‍हें सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त में ब‍िजली कनेक्‍शन दिया जाएगा। 
 
-ज‍िन लोगों का नाम 2011 की सामाज‍िक-आर्थिक जनगणना में नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ उठाने के लिए 500 रुपये देने होते हैं। इसे दस आसान किस्तों में भी चुकाया जा सकता है। 
 
-इस योजना के तहत सरकार गांवों तक बिजली पहुंचाने के साथ-साथ जहां बिजली नहीं जा सकती वहां के लोगों को एक सोलर पैक देगी जिसमें पांच एलईडी बल्ब और एक पंखा होगा। सरकार ने इस योजना के लिए 16 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है। 
 
-सरकार ने इस योजना के लिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 14,000 करोड़ रुपये के आसपास का बजट है जबकि बाकी का रकम शहरी क्षेत्रों के ल‍िए है। 
 
 
क्या होगा इसका लाभ
 
-इस योजना के तहत सभी गांवों और शहरों का बिजलीकरण होगा। 
-इसके तहत ट्रांसफॉर्मर्स, मीटर्स और तारों के लिए सब्सिडी मिलेगी। 
-जहां बिजली नहीं जा सकती वहां के लोगों को 'सौलर पैक' दिया जाएगा।
 
योजना से जुड़ने के लिए जरूरी दस्‍तावेज
-आधार कार्ड
-वोटर आईकार्ड 
-मोबाइल नंबर 
-बैंक खाता 
-ड्राइविंग लाइसेंस
 
यह योजना भारत को विकासशील देश से विकसित देश में बदलने में अहम भूमिका निभाएगी। माना जा रहा है कि इस योजना से शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांति आएगी जो देखने के भी मिल रही है। इस योजना से जहां बिजली उपलब्ध हो जाने के बाद से गांव के लोगों को मिट्टी तेल के लालटेन और दिए से छुटकारा मिल गया है तो वहीं बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई तकनीक पहुंचाने में मदद मिल रही है। सौभाग्य योजना के जरिये सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है। जनता की सुरक्षा के लिए भी बिजली जरूरी है। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार खुद घरों तक बिजली पहुंचा रही है। लोगों  मुखिया या सरपंच के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है। 
 
इस योजना से कैसे जुड़े
सरकारी अधिकारी या बिजली अधिकारी स्वत: आपके घर तक जाकर पता लगाएंगे कि आपके यहा बिजली कनेक्शन है या नहीं। नहीं होने की स्थिति में विद्युतीकरण का काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा आप इस योजना के वेब पोर्टल http://saubhagya.gov.in/ पर जाकर रज‍िस्‍ट्रेशन कर सकते हैं। रज‍िस्‍ट्रेशन के बाद यह जानकारी भी मिल जाएगी कि कब तक आपको ब‍िजली दी जाएगी। इस स्‍कीम से जुड़ने के लिए मोबाइल एप्‍प पर भी रज‍िस्‍ट्रेशन किया जा सकता है।

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