ईश्वर दुबे
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वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि जरुरत पडऩे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तुर्की के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के आदेश देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पोंपियो ने स्थानीय मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिकी सरकार किसी भी स्थिति में शांतिपूर्ण समाधान चाहती है। हालांकि अगर जरुरत पड़ी तो राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी सैन्य कार्रवाई का आदेश देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पोंपियो ने हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं की कि अमेरिका किस तरह की सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव कर उत्तपूर्वी सीरिया से अमेरिकी सेना हटाने के फैसले पर राष्ट्रपति ट्रंप को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। यह सैनिक वहां कुर्द सेना के साथ मिलकर कार्य करते थे।
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लाहौर । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें सोमवार देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के प्रवक्ता ने बताया कि शरीफ की चिकित्सा जांच की रिपोर्ट आने के बाद उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ का प्लेटलेट काउंट बहुत ही कम हो गया था जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी थी।
शरीफ के निजी डॉक्टर अदनान खान ने सोमवार शाम को उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जतायी थी तथा पाकिस्तान सरकार से उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने का अनुरोध किया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का प्लेटलेट काउंट काफी कम हो गया है और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है। मैंने संबंधित संबंधित अधिकारियों से तत्काल कदम उठाने की गुजारिश की है।
डॉ. खान ने कहा कि वह शरीफ से लाहौर में एनएबी के ठोकर नियाज बेग कार्यालय में मिले। वह काफी बीमार दिख रहे थे। उन्हें (नवाज शरीफ को) कई तरह की गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याएं हैं। डॉ. खान ने कहा कि शरीफ को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।
शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज के कार्यकर्ता कल शाम बड़ी संख्या में एनएबी कार्यालय के समक्ष एकत्रित हुए और अपने नेता को अस्पताल में भर्ती कराने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने टायर भी जलाये और शरीफ के समर्थन में नारे लगाये। इसके बाद शरीफ को सर्विस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है।
विपक्षी पीएमएल-एन के अध्यक्ष एवं नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ ने आरोप लगाया है कि उनके बड़े भाई की खराब हो रही सेहत के बावजूद उन्हें पहले अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि अगर शरीफ को कुछ होता है तो इसके लिए प्रधानमंत्री इमरान खान जिम्मेदार होंगे।
पार्टी की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने बताया कि नये मेडिकल रिपोर्ट से पता चलता है कि शरीफ की हालत 'बेहद गंभीरÓ है और उनहें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है।
गौरतलब है कि अल अजीजिया भ्रष्टाचार मामले में लाहौर की कोट लखपत जेल में सात वर्ष की कैद की सजा काट रहे शरीफ को चौधरी चीनी मिल मामले में गिरफ्तारी के बाद एनएबी के लाहौर स्थित कार्यालय में रखा गया है। ब्यूरो ने उन्हें 25 अक्टूबर तक रिमांड में लिया हुआ है।
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वॉशिंगटन. अमेरिका ने एक बार फिर भारत के साथ खराब रिश्तों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका की दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की कार्यवाहक विदेश उपमंत्री एलिस जी वेल्स ने मंगलवार को कहा कि ट्रम्प सरकार भारत और पाकिस्तान के बीच 1972 के शिमला एग्रीमेंट के तहत सीधी बातचीत की समर्थक है। लेकिन पाकिस्तान की सीमापार आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने की कोशिशें इसमें सबसे बड़ा रोड़ा है।
संसद में विदेश मामलों की एक कमेटी के सामने वेल्स ने कहा कि दोनों देशों को आपसी तनाव कम करने के लिए बातचीत करनी चाहिए। 1972 के शिमला समझौते में भी यही कहा गया है। 2006-2007 में समझौते की कोशिशें हुई थीं। इनसे दोनों देशों ने कश्मीर समेत कई अन्य मुद्दों पर काफी प्रगति की थी। इतिहास ने हमें दिखाया कि बातचीत से क्या-क्या मुमकिन है।
वेल्स ने कहा, “एक बार फिर उपयोगी द्विपक्षीय वार्ता शुरू करने के लिए दोनों देशों के बीच विश्वास जरूरी है, लेकिन भारत में आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान का आतंकियों का समर्थन करना इसमें सबसे बड़ी रुकावट है।”
‘पाकिस्तान अपने क्षेत्र में छिपे आतंकियों पर कार्रवाई करे’
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में कहा था कि कश्मीर के खिलाफ हिंसा फैलाने वाले आतंकी कश्मीरियों के साथ पाकिस्तानियों के भी दुश्मन है। वेल्स ने उनके इस बयान का स्वागत करते हुए कहा कि दो देशों के बीच सफल बातचीत के लिए जरूरी है कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में छिपे आतंकियों और कट्टरपंथियों के खिलाफ अपरिवर्तनीय कदम उठाए।
वेल्स ने कहा, “पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को पनाह देने की वजह से दोनों देशों के बीच रिश्ते अस्थिर हैं। आतंकियों के इन कदमों के लिए पाकिस्तानी हुक्मरान ही जिम्मेदार हैं।”
‘कश्मीर में स्थानीय-विदेशी आतंकियों की वजह से स्थिति खराब’
भारत की तरफ से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर की स्थिति पर वेल्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राज्य में स्थिति अभी तनावपूर्ण है। सुरक्षाबलों ने पिछले हफ्ते अलग-अलग मौकों पर आतंकियों को मार गिराया। हमें चिंता है कि कुछ स्थानीय और विदेशी आतंकी आम लोगों और व्यापारियों को डराकर उन्हें सामान्य स्थिति की तरफ लौटने से रोक रहे हैं। अमेरिका कश्मीरियों के शांति से प्रदर्शन के अधिकार का समर्थन करता है, लेकिन आतंकियों की हिंसा भड़काने की कोशिशों की निंदा होनी चाहिए।
लंदनइस महीने के आखिर तक यूरोपियन यूनियन से ब्रिटेन के बाहर होने की कवायद में जुटे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को तगड़ा झटका लगा है। ब्रिटिश संसद ने ब्रेग्जिट डील को मंजूरी नहीं दी। सांसदों ने तर्क दिया कि वे समझौते के ब्योरे का अध्ययन करने के लिए और समय चाहते हैं। जॉनसन को एक झटका देते हुए 306 के मुकाबले 322 सांसदों ने ब्रेक्जिट में देर कराने वाले एक महत्वपूर्ण संशोधन पर मतदान किया। ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग होने की समयसीमा 31 अक्टूबर है। ताजा झटके के बाद जॉनसन ने ईयू को खत लिखकर ब्रेग्जिट के लिए समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है।
जॉनसन की दुविधा
ब्रिटिश पीएम की ईयू को लिखे गए खत को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि जॉनसन ने ब्रेग्जिट के लिए और समय मांगने संबंधी खत पर दस्तखत नहीं किया है। उन्होंने एक और खत लिखकर ईयू को भेजा है जिसमें उन्होंने कहा है कि वह नहीं चाहते कि ब्रेग्जिट में 31 अक्टूबर से ज्यादा का वक्त लगे। इस खत पर उन्होंने दस्तखत भी किए हैं।
'ईयू को लिखा पहला खत महज औपचारिकता'
सूत्र ने बताया कि जॉनसन द्वारा ईयू को भेजा गया पहला लेटर सिर्फ कानून के पालन के लिए भेजा गया है। डाउनिंग स्ट्रीट से जुड़े सूत्र के मुताबिक जॉनसन ने लेटर की एक फोटोकॉपी भेजी है, जिसको भेजना कानून के मुताबिक जरूरी है। पहले लेटर पर उनके दस्तखत नहीं हैं और उसमें कहा गया है कि अगर 31 अक्टूबर तक ब्रेग्जिट डील नहीं हो पाती है तो इसके लिए और ज्यादा समय दिया जाए। जॉनसन ने ईयू को एक और खत लिखा है, जिसमें उन्होंने दस्तखत भी किए हैं। दूसरे खत में ब्रिटिश पीएम ने स्पष्ट किया है कि वह ब्रेग्जिट में देरी नहीं चाहते हैं।
स्थिति स्पष्ट करने के लिए ब्रिटिश राजदूत ने भी ईयू को लिखा खत
ईयू को एक तीसरा लेटर भी भेजा गया है, जिसे ईयू में ब्रिटेन के राजदूत टिम बैरो ने लिखा है। इस लेटर में बैरो ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि ब्रेग्जिट के लिए और समय देने की मांग संबंधी खत सिर्फ कानूनी औपचारिकता को पूरा करने के लिए भेजा गया है। दरअसल, पिछले महीने ब्रिटिश संसद ने एक प्रस्ताव पास किया था कि अगर 31 अक्टूबर तक ब्रेग्जिट डील को उसकी मंजूरी नहीं मिलती है तो सरकार ईयू को खत लिखकर इसके लिए 3 और महीने का वक्त मांगे यानी 31 जनवरी 2020 तक का वक्त मांगे।
लाहौर । गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के साथ सटी 1450 एकड़ भूमि को भी गुरुद्वारा परिसर में शामिल कर लिया गया है। इस बाबत पाकिस्तान सरकार ने विशेष अधिसूचना भी जारी कर दी है। इन पवित्र खेतों में गुरु नानक देव ने 'खेती कर नाम जपो, किरत करो और वंड छकोÓ का मानवतावादी संदेश दिया था। इसके बाद करतारपुर साहिब अब दुनिया का सबसे बड़ा गुरुद्वारा होगा। पाकिस्तान सरकार ने प्रथम चरण का काम पूरा कर लिया है। दूसरे और तीसरे चरण के काम दो वर्ष में पूरा होगा। पाकिस्तानी इतिहासकार शब्बीर ने एक वीडियो जारी कर यह जानकारी दी है। वीडियो के अनुसार, गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के मुख्य भवन में सफेद रंग का पेंट किया गया है। मुख्य भवन के सबसे बड़े गुंबद के ऊपर स्थापित सोने के कलश को साफ कर दोबारा लगाया गया है। गुरुद्वारा साहिब के आसपास के प्रांगण में संगमरमर लगाने का काम पूरा हो चुका है। अब रगड़ाई हो रही है। गुरुद्वारा साहिब के आसपास पौधे लगा दिए गए हैं। लंगर हॉल और यात्री निवास का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब पाकिस्तान सरकार चार नए यात्री निवास का निर्माण करेगी। यात्री निवास के हर भवन में एक हजार श्रद्धालु ठहर सकेंगे। गुरुद्वारा साहिब के मुख्य भवन के सामने निर्माणाधीन दीवान हॉल में गुंबद लगाने का काम युद्धस्तर पर चालू है।
संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के महासचिव एंटोनियो गुटेरस (Antonio Guterres) ने अफगानिस्तान (Afghanistan) में एक मस्जिद के अंदर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. हमले में कई लोगों की मौत हो गई थी. उनके प्रवक्ता ने स्टीफन डुजारिक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, "हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए."
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, महासचिव ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. बयान के अनुसार, गुटेरस ने अफगानिस्तान के लोगों और सरकार के प्रति संयुक्त राष्ट्र की एकजुटता प्रदर्शित की.
अफगानिस्तान के पूर्व में नांगरहार प्रांत की सरकार ने बताया कि एक मस्जिद में जुमे (शुक्रवार) की नमाज के दौरान हुए हमले में 62 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे.
विस्फोट की जांच की जा रही है. फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल से 120 किलोमीटर पूर्व में स्थित प्रांत के कई हिस्सों पर तालिबान और इस्लामिक स्टेट का कब्जा है.
यूएन अलायंस ऑफ सिविलाइजेशन के उच्च प्रतिनिधि मिगुएल मोराटिनोस ने भी हमले की कड़ी निंदा की. उनके प्रवक्ता निहाल साद ने उनके हवाले से एक बयान में कहा कि धार्मिक स्थानों और श्रद्धालुओं पर निशाना बनाने वाले हिंसा और आतंकवाद का हर रूप निंदनीय है, चाहे वह किसी भी धर्म या मत में विश्वास रखता हो.
मोरेटिनोस ने यूएन प्लान ऑफ एक्शन टू सेफगॉर्ड रिलीजियस साइट्स का उल्लेख किया. इसे उनकी टीम ने विकसित किया है और पिछले महीने गुटेरस ने लॉन्च किया था.
संयुक्त राष्ट्र। भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के एक मंच पर उठाने पर पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा कि देश अपने ‘‘विकृत एजेंडे’’ को चलाने के लिए ‘‘खाली बयानबाजी’’ करता है और लगातार आरोप गढ़ने में लगा रहता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में मंत्री दीपक मिश्रा ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी यह टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी के एक बयान की प्रतिक्रिया में थी, जिन्होंने पिछले सप्ताह विश्व निकाय के एक मंच पर बोलते हुए जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर फिर से राग अलापा था।लोधी ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने के भारत के फैसले का हवाला देते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे के समाधान के बिना संयुक्त राष्ट्र का अनौपनिवेशीकरण को खत्म करने का एजेंडा अधूरा रहेगा। मिश्रा ने बुधवार को कहा कि मंच पर जानबूझकर विषय से भटकाने की कोशिश की जा रही है और अनुचित टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने विकृत एजेंडे को चलाने के लिए खाली बयानबाजी करते रहते हैं और घटिया तथा बेबुनियाद आरोपों को फैलाने में लगे रहते हैं। मिश्रा ने समिति को संबोधित करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद से, 80 से अधिक पूर्व उपनिवेशों ने स्वतंत्रता प्राप्त की है और संयुक्त राष्ट्र के परिवार में शामिल हुए हैं।
विश्व निकाय के दस्तावेजों के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, आज बीस लाख से भी कम लोग गैर-स्व-शासित क्षेत्रों में रहते हैं। मिश्रा ने कहा कि इस समिति के एजेंडे में अभी भी 17 गैर-स्व-शासित क्षेत्र हैं, जहां उपनिवेश को खत्म करने की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में चल रही है। उन्होंने इस लंबी प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। मिश्रा ने कहा कि परस्पर रूप से संबद्ध इस विश्व में, भारत दृढ़ता से मानता है कि अनौपनिवेशीकरण के लिए एक व्यावहारिक और सार्थक दृष्टिकोण अपनाने से निश्चित रूप से गैर-स्वशासी क्षेत्रों के लोगों की जायज इच्छाओं की पूर्ति होगी। वर्तमान दुनिया के सामने आयी जटिल चुनौतियों का समाधान केवल सहयोग और सहभागिता की भावना के साथ हमारे कार्यों के समन्वय से ही हो सकता है।
अंकारा। तुर्की ने सीरिया के उत्तर-पूर्वी इलाके में शुक्रवार को जबर्दस्त बमबारी की जिसमें 14 नागरिकों की मौत हो गई। तुर्की के राष्ट्रपति रिजेब तैय्यप अर्दोआन ने धमकी दी है कि बमबारी और बढ़ेगी। हैरत की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले ही 5 दिनों तक युद्धविराम का समझौता होने की जानकारी दी थी।
ट्रंप ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा था कि युद्धविराम के पांच दिनों में कुर्द लड़ाकों को सीमा से सटे युद्धग्रस्त शहर रास अल-ऐन समेत उन दूसरे इलाकों से निकाल लिया जाएगा जहां तुर्की अपना नियंत्रण चाहता है। कुर्द लड़ाकों के एक प्रवक्ता मुस्तफा बाली ने ट्विटपर लिखा कि तुर्की का हमला जारी है, उसने रिहाइशी इलाकों के साथ-साथ एक अस्पताल को भी निशाना बनाया। इस पर राष्ट्रपति रिजेब तैय्यप अर्दोआन ने कहा कि तुर्की के सैन्य बलों ने लड़ाई पर रोक लगाई है और यह लड़ाई फिर से शुरू तभी होगी अगर कुर्द लड़ाके मंगलवार रात तक इलाका खाली न कर दें।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को युद्धविराम समझौते को आश्चर्यजनक परिणाम बताया था। उन्होंने ट्विटर पर कहा था कि यह समझौता सबके फायदे में है। तुर्की इसे अपने अभियान की जीत के तौर पर पेश कर रहा है। तुर्की कहना है कि उसने सीरिया के 30 किमी अंदर तक के इलाकों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है और वाईपीजी से कुर्द लड़ाकों को खदेड़ दिया है।
अर्दोआन ने कहा, अब तक 120 घंटे की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इस अवधि में आतंकवादी संगठन वाईपीजी उस इलाके को छोड़ देंगे जिसे हमने सुरक्षित इलाका घोषित किया है। उन्होंने कहा सुरक्षित इलाके की उससे सीमा और आगे जाएगी जो अमेरिकी अधिकारियों ने युद्धविराम लिए चिह्नित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की नॉर्थईस्ट सीरिया में 12 ऑब्जर्वेशनल पोस्ट स्थापित करेगा। इलाके के एक नक्शे में दिखाया गया है कि प्रस्तावित पोस्ट का विस्तार पूरब में इराक बॉर्डर से लेकर पश्चिम में 300 मील दूर यूफ्रेट्स नदी तक होगा।
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वॉशिंगटन । बाल यौन शोषण की साइट से जुड़े 337 आरोपियों को अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने अरेस्ट किया है। यौन शोषण के शिकार बच्चों के विडियो को बेचकर इस वेबसाइट ने 2015 से 2018 के बीच में 3,70,000 डॉलर की रकम बिटकॉइन के जरिए कमाए। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय कानून एजेंसियों ने बताया कि बाल यौन शोषण के विडियो बेचकर बिटकॉइन के जरिए कमाई करनेवाले निंदनीय वेबसाइट से जुड़े 337 लोगों को अरेस्ट किया गया है।
अमेरिका, ब्रिटेन, साउथ कोरिया और दूसरे देशों के प्रशासन ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 23 नाबालिगों को भी बचाया गया। इन बच्चों का वेबसाइट से जुड़े आरोपी यौन शोषण करते थे और उससे जुड़े विडियो रिकॉर्ड कर वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए डालते थे। वेबसाइट बिटकॉइन के जरिए सारा लेन-देन करते थे और इस कारण उन्हें ट्रैक करना बहुत मुश्किल था।
जून 2015 में विडियो वेबसाइट शुरू किया गया और मार्च 2018 तक इसने बिटकॉइन के जरिए 420 बिटकॉइन वर्चुअल करंसी जमा किए। यह रकम लगभग 3 लाख 70 हजार डॉलर के बराबर है। अमेरिका की न्याय एजेंसी का कहना है कि इस दौरान 7,300 ट्रांजैक्शन किए गए। वेबसाइट के सर्वर पर 2,50,000 विडियो थे, जिन्हें अमेरिका, ब्रिटेन, साउथ कोरिया पुलिस ने 5 मार्च 2018 को इसके ऑपरेटर सोन जोंग वू को कोरिया से अरेस्ट कर जेल में भेज दिया गया। उसके बाद से 12 देशों में फैले इसके नेटवर्क को ट्रैक किया गया और कई लोगों को अरेस्ट किया गया।
अमेरिकी प्रशासन ने जानकारी दी है कि 24 लोगों के अकाउंट से वर्चुअल करंसी का प्रयोग किया गया था जिन्हें सीज कर लिया गया है। इस अकाउंट के जरिए वेबसाइट बच्चों के शोषण को बढ़ावा देती है। ब्रिटेन की नैशनल क्राइम एजेंसी ने बताया कि वैश्विक कानूनी संस्थाओं के जरिए इस एजेंसी को ट्रैक किया गया। इसकी शुरुआत तब हुई जब ब्रिटिश जांच एजेंसी ने एक ब्रिटिश वैज्ञानिक को बच्चों के साथ यौन शोषण के मामले में अरेस्ट किया गया।
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रंप ने इटली के राष्ट्रपति सर्गेइ मत्तारेली से मुलाकात के इतर कहा, मैं सीरिया- तुर्की की सीमा पर स्थिति को अमेरिका के लिये रणनीतिक रूप से शानदार मान रहा हूं। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक वहां नहीं हैं। हमारे सैनिक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया में अपनी कार्रवाइयों का बचाव करते उन्हें रणनीतिक रूप से शानदार करार दिया। उन्होंने तुर्की के हमलों में कुर्द सहयोगियों का साथ छोड़ने पर कहा कि ‘‘कुर्द फरिश्ते नहीं हैं।’’ ट्रंप तुर्की को उत्तरी सीरिया पर हमलों का मौका देने के लिए तीखी आलोचना का सामना कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान इन चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही जब उपराष्ट्रपति माइक पेंस और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन को हमले रोकने के लिये मनाने की खातिर तुर्की जाने की तैयारी कर रहे हैं।ट्रंप ने इटली के राष्ट्रपति सर्गेइ मत्तारेली से मुलाकात के इतर कहा, मैं सीरिया- तुर्की की सीमा पर स्थिति को अमेरिका के लिये रणनीतिक रूप से शानदार मान रहा हूं। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक वहां नहीं हैं। हमारे सैनिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि तुर्की सीरिया में गया। अगर तुर्की सीरिया में जाता है तो यह तुर्की और सीरिया के बीच का मामला है। यह तुर्की और अमेरिका के बीच का मामला नहीं है, जैसा कि कुछ मूर्ख लोग मानते हैं। उन्होंने कहा कि कुर्द अब काफी सुरक्षित हैं, वे जानते हैं कि कैसे लड़ा जाता है और जैसा कि मैंने कहा कि वे फरिश्ते नहीं हैं। अगर आप गौर से देखेंगे तो वे फरिश्ते नहीं हैं।
वांग ने मंगलवार को कश्मीर मुद्दे का जिक्र किये बिना ब्रीफिंग में कहा कि चिनफिंग ने भारत यात्रा से पहले पाक प्रधानमंत्री खान के साथ अपनी मुलाकात में पाकिस्तानी पक्ष के विचारों और प्रस्तावों को सुना।
बीजिंग। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान उनके मित्रवत पड़ोसी हैं तथा उम्मीद है कि दोनों देश उचित तरीके से मतभेदों को सुलझाकर अपने खटास भरे संबंधों को सुधार सकते हैं। राष्ट्रपति शी चिनफिंग की पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दूसरी अनौपचारिक वार्ता के लिए हुई भारत यात्रा के निष्कर्षों पर चीन के आधिकारिक मीडिया को ब्रीफ करते हुए वांग ने भारत-पाक के तनावपूर्ण संबंधों के बीच मोदी-शी की मुलाकात के बारे में बात की।चेन्नई के मामल्लापुरम में 11-12 अक्टूबर को हुई शिखर वार्ता से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ बीजिंग का दौरा किया था और राष्ट्रपति चिनफिंग से मिलकर कश्मीर मुद्दे पर बात की थी।
विदेश कार्यालय ने कहा कि भारत सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के भड़काऊ बयान पाकिस्तान के खिलाफ भाजपा की मानसिकता को स्पष्ट करते हैं। एफओ ने एक बयान में कहा, ‘‘भारतीय रक्षा मंत्री द्वारा एक संप्रभु देश के विघटन की धमकी देना बहुत गैर जिम्मेदाराना है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान की निंदा की कि अगर इस्लामाबाद अपने तौर-तरीकों में सुधार नहीं लाता है तो कोई भी ताकत उस देश के ‘‘विघटन’’ को नहीं रोक सकती। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) ने कहा, ‘‘हम भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा हाल ही में हरियाणा में चुनावी रैलियों के दौरान दिए गए बयानों की निंदा करते हैं।’’ सिंह ने रविवार को हरियाणा में एक रैली में पाकिस्तान से कहा था कि वह कश्मीर को भूल जाए और आतंकवाद के खिलाफ ईमानदारी से जंग लड़े। इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया था कि अगर उसने अपने तौर-तरीकों में सुधार नहीं किया तो कोई भी ताकत उसके विघटन को नहीं रोक सकती।
विदेश कार्यालय ने कहा कि भारत सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के भड़काऊ बयान पाकिस्तान के खिलाफ भाजपा की मानसिकता को स्पष्ट करते हैं। एफओ ने एक बयान में कहा, ‘‘भारतीय रक्षा मंत्री द्वारा एक संप्रभु देश के विघटन की धमकी देना बहुत गैर जिम्मेदाराना है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान की निंदा की कि अगर इस्लामाबाद अपने तौर-तरीकों में सुधार नहीं लाता है तो कोई भी ताकत उस देश के ‘‘विघटन’’ को नहीं रोक सकती। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) ने कहा, ‘‘हम भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा हाल ही में हरियाणा में चुनावी रैलियों के दौरान दिए गए बयानों की निंदा करते हैं।’’ सिंह ने रविवार को हरियाणा में एक रैली में पाकिस्तान से कहा था कि वह कश्मीर को भूल जाए और आतंकवाद के खिलाफ ईमानदारी से जंग लड़े। इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया था कि अगर उसने अपने तौर-तरीकों में सुधार नहीं किया तो कोई भी ताकत उसके विघटन को नहीं रोक सकती।
तुर्की ने पिछले हफ्ते सीरिया में रहने वाले कुर्दों पर हवाई हमले शुरू किए थे
दमिश्क। तुर्की ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद सीरिया में कुर्दिश ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। मानवाधिकार संगठन सीरियन ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, रविवार को तुर्की के हमलों में करीब 26 नागरिकों की मौत हो गई। इसी बीच, अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी ने अपील की है कि ट्रम्प सीरिया में सेना वापस न बुलाएं। इसे लेकर लेकर संसद में एक प्रस्ताव भी रखा जाएगा। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि वे कुर्दों पर तुर्की के हमले रोकने के लिए उस पर कड़े से कड़े प्रतिबंध लगाएंगे। तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ सीरिया में बुधवार को हमले शुरू किए थे। तब से अब तक 104 कुर्द सैनिक और 60 आम नागरिक एयर स्ट्राइक में मारे जा चुके हैं। रविवार को तुर्की ने आम नागरिकों के वाहन काफिले पर हमला कर दिया। इसमें फ्रांस की एक टीवी पत्रकार स्टेफनी पेरेज बाल-बाल बच गईं। उन्होंने बताया कि चैनल के कुछ अन्य सदस्य हमले में मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, सीरिया में इस हिंसा की वजह से 1,30,000 लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।
कुर्दों की गिरफ्त में 12 हजार आईएस आतंकी
अमेरिकी न्यूज एजेंसी 'द हिलÓ को दिए इंटरव्यू में सीनेट (अमेरिकी उच्च सदन) के नेता चाल्र्स शुमर ने कहा कि वे जल्द ही ट्रम्प से अपील करेंगे कि वे सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला पलट दें। ताकि कुर्दों को बचाया जा सके और आईएस के सैनिकों को भागने से रोका जाए। दरअसल, कुर्दों की गिरफ्त में करीब 12 हजार इस्लामिक स्टेट आतंकवादी है। शुमर ने कहा कि हम यह भी तय करने की कोशिश करेंगे कि तुर्की अमेरिका के साथ किए गए समझौतों का सम्मान करे।
सीरिया में 35 लाख कुर्द रहते हैं
कुर्द इराक, सीरिया, तुर्की, ईरान और अर्मेनिया के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इनकी आबादी करीब 3.5 करोड़ है।
सीरिया में 35 लाख कुर्द हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। पर वे आजादी के लिए मुहिम चला रहे हैं।
आजादी की मुहिम के कारण कुर्दों का तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं।
कुर्द लड़ाकू अपने कब्जे वाली 7 जेलों में बंद 12 हजार आईएस आतंकियों, उनके परिजन की निगरानी करते हैं।
अमेरिका: कुर्दों संग आईएस को हराया, अब साथ छोड़ा
कुर्द लड़ाके सीरिया में आतंकी संगठन आईएस को हराने में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी रहे हैं। इस लड़ाई में 11 हजार कुर्द लड़ाके मारे गए। हमलों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि कुर्दों के खिलाफ तुर्की की योजना ठीक है। पर आलोचना होने पर कहा कि तुर्की सीरिया में हद न पार करे।