ईश्वर दुबे
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नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) की कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस (Karachi-Rawalpindi Tezgam express train) में गुरुवार सुबह भीषण आग लगने की घटना सामने आई है. इस आगजनी में अब तक 16 यात्रियों की मौत हो गई है जबकि 13 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं. इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है. हालांकि, अब तक इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि ट्रेन में आग कैसे लगी.
पाकिस्तान की कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस गुरुवार सुबह रहीम यार खान रेलवे स्टेशन के करीब लियाकतपुर (Liaqatpur) के पास पहुंची ही थी कि ट्रेन की एक बोगी में अचानक आग लग गई. यह आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को भागने का मौका भी नहीं मिल पाया.
बताया जा रहा है कि जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त यात्री ट्रेन में सो रहे थे. आग की चपेट में आने के कारण अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.
इस्लामाबाद । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन में एक लाख से अधिक लोग हिस्सा लेंगे। विपक्षी दलों ने इमरान पर चुनाव में धांधली कर सत्ता में आने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया है। दक्षिणपंथी दल जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख फजलुर्रहमान के नेतृत्व में 31 अक्टूबर को ‘आजादी मार्च’ निकाला जाएगा, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी समेत सभी मुख्य विपक्षी दलों का समर्थन हासिल है। एक रिपोर्ट के अनुसार जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के एक लाख से अधिक कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिये इस्लामाबाद आ रहे हैं।
बेरुत । लेबनान में सरकार द्वारा आर्थिक सुधार के जो प्रयास किए जा रहे हैं। उसका देश भर में भारी विरोध हो रहा है। 171 किलोमीटर की मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार को संकट में डाल दिया है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे, सैली हम्माड के अनुसार प्रदर्शन की टीम वन हार्ट फ्रॉम नॉर्थ टू साउथ को जोड़ने के लिए तैयार की गई है। उत्तर से दक्षिण तक के सभी शहरों कि प्रदर्शनकारियों को जोड़कर योग के माध्यम से सरकार का विरोध करने का जो तरीका प्रदर्शनकारियों ने निकाला है, उससे सरकार बड़े संकट में फंस गई है।
खास बातें
पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब पहुंच चुके हैं
सऊदी अरब में होने जा रहा तीसरा फ्यूचर इनवेस्टमेंट इनिशिएटिव भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है
यह 'व्हाट इज नेक्स्ट फॉर ग्लोबल बिजनेस' की थीम पर आयोजित है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब के दौरे पर हैं। सोमवार देर रात पीएम मोदी राजधानी रियाद के किंग सऊद पैलेस पहुंचे। प्रधानमंत्री एयर इंडिया के विशेष विमान से रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे जहां गर्मजोशी से उनका स्वागत किया गया। सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सौद के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रियाद पहुंचे हैं।
सऊदी अरब एक स्थानीय मीडिया 'अरब न्यूज' को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत सऊदी अरब का रणनीतिक साझेदार हैं, साथ ही नई दिल्ली के रियाद के साथ अच्छे संबंध हैं। दोनों देशों वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर भी एक साथ खड़े होकर लड़ने में विश्वास रखते हैं।
सऊदी भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश
उन्होंने कहा कि भारत सऊदी अरब से 18 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जो सऊदी को भारत के लिए कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक देश बनाता है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अब हम एक करीबी रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं जिसमें तेल और गैस परियोजनाओं में सऊदी निवेश शामिल होगा।
भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए हम सऊदी अरब के महत्वपूर्ण और विश्वसनीय स्त्रोत के रूप में होने की सराहना करते हैं। हमारा मानना है कि तेल की स्थिर कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास के लिए, साथ ही यह विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।
सऊदी अरामको भारत में पेट्रोकेमिकल परियोजना में लेगा भाग
उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अरामको भारत के पश्चिमी तट पर एक बड़ी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना को स्थापित करने में भाग ले रहा है। इसके अलावा हम भारत के सामरिक पेट्रोलियम भंडार में अरामको की भागीदारी के लिए भी उत्सुक हैं।
पीएम मोदी ने अपने साक्षात्कार में कहा कि जी-20 में भारत और सऊदी अरब असमानता और सतत विकास के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी है कि सऊदी अरब अगले वर्ष जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और वहीं अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर भारत 2022 में इसकी मेजबानी करेगा।
सऊदी अरब और भारत एशिया की महाशक्तियां
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि भारत और सऊदी अरब जैसी एशियाई शक्तियां अपने पड़ोस में एक ही तरीके की सुरक्षा चिंताओं को साझा करती हैं। उस संबंध में, मुझे खुशी है कि आतंकवाद, सुरक्षा और सामरिक मुद्दों के क्षेत्र में, विशेष रूप से प्रगति में हमारा सहयोग बहुत अच्छा है।
पीएम मोदी ने सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री, अब्दुलरहमान बिन अब्दुलमोहसेन अल-फडली से रियाद में मुलाकात की। दोनों के बीच आपसी साझेदारी को बेहतर बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने रविवार को दावा किया कि भारत ने अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की सऊदी अरब की यात्रा के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी जिसे नामंजूर कर दिया गया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान ने भारत के उस अनुरोध को नामंजूर कर दिया है जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सऊदी अरब यात्रा के लिए उनके विमान को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से गुजरने देने की अनुमति मांगी गई थी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार ने मोदी के विमान के लिए 28 अक्टूबर को पाकिस्तान के वायु क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी. मोदी 29 अक्टूबर को होने वाले एक सम्मेलन में शिरकत के लिए सऊदी अरब जाने वाले हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए 28 अक्टूबर को सऊदी अरब जाएंगे.
रेडियो पाकिस्तान ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी ने अपने बयान में कहा कि 'यह फैसला मनाए जा रहे 'काला दिवस' और जम्मू-कश्मीर में लगातार जारी मानवाधिकार उल्लंघन के संदर्भ में लिया गया है.' गौरतलब है कि 27 अक्टूबर को पाकिस्तान में 'काला दिवस' मनाया गया. उसका कहना है कि 27 अक्टूबर 1947 को ही भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर को अपने 'कब्जे' में ले लिया था जिसकी याद में हर साल यह काला दिवस मनाया जाता है.
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री मोदी के विमान के अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था. उस वक्त मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के लिए जा रहे थे. पाकिस्तान ने पिछले महीने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विमान को भी अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की इजाजत देने से मना किया था. कोविंद आइसलैंड के दौरे पर गए थे.
इस्लामिक स्टेट का सरगना अबू बक्र अल बगदादी शनिवार को उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अमेरिका के विशेष बलों के हमले में मारा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को यह घोषणा की। ट्रंप ने कहा कि "क्रूर" संगठन इस्लामिक स्टेट का सरगना और दुनिया का नंबर एक आतंकवादी बगदादी " एक कुत्ते और कायर की तरह" मारा गया।
उन्होंने व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन के दौरान बगदादी की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका के के..9 स्वान दस्ते ने एक तरफ से बंद सुरंग में आईएस सरगना का पीछा किया और जब उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचा तो उसने आत्मघाती जैकेट में विस्फोट करके खुद को और तीन को उड़ा लिया। वह अपने जीवन के अंतिम क्षणों में वह रोया, चीखा-चिल्लाया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के विशेष अभियान बलों ने रात के समय "साहसिक और जोखिम भरे अभियान को शानदार ढंग से अंजाम दिया। उन्होंने कहा, "अमेरिका ने दुनिया के नंबर एक आतंकी सरगना को मार गिराया। अबू बक्र अल बगदादी मर चुका है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "वह आईएसआईएस का संस्थापक और नेता था जो दुनिया का सबसे क्रूर और हिंसक आतंकी संगठन है। अमेरिका कई वर्षों से बगदादी की तलाश कर रहा था। बगदादी को पकड़ना या मारना मेरे प्रशासन की राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता रही।"
ट्रंप ने कहा, "वह एक तरफ से बंद सुरंग में भागते हुए गया। इस दौरान वह पूरे समय रोता और चिल्लाता रहा। जिसने दूसरों के मन में डर पैदा किया, उसके जीवन के अंतिम क्षण अमेरिकी सेना के खौफ में बीते।" उन्होंने कहा कि अभियान में एक भी अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ, लेकिन बगदादी के कई समर्थक मारे गए और कई को पकड़ लिया गया। उन्होंने कहा कि उसके पास से बेहद संवेदनशील सामग्री और जानकारी मिली है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उपराष्ट्रपति माइक पेंस और शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ व्हाइट हाउस से अभियान का सीधा प्रसारण देखा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कमांडों ने परिसर की दीवार को धमाका करके उड़ा दिया। विस्फोट ने बगदादी के शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया, लेकिन डीएनए जांच में उसकी पहचान की पुष्टि हो गई।
आईएस ने लोगों पर बहुत अत्याचार किये, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों को जान गंवानी पड़ी। पिछले पांच वर्षों में, बगदादी के ठिकाने के बारे में बहुत कम जानकारी मिल पाई थी। इस दौरान कई बार उसके मारे जाने की खबरें भी आईँ। बगदादी की मौत को राष्ट्रपति ट्रंप के लिये बड़ी राजनीतिक जीत माना जा रहा है, जो विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से महाभियोग की प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।
ट्रंप ने अभियान में सहयोग देने के लिये रूस, तुर्की, सीरिया, और इराक को धन्यवाद दिया। उन्होंने अभियान में मददगार जानकारी उपलब्ध कराने के लिये सीरियाई कुर्दों को भी धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा, "कुर्दों ने सैन्य भूमिका नहीं निभाई लेकिन उन्होंने हमें जानकारी उपलब्ध कराई।" उन्होंने कहा कि हमने रूस से बात करके उसे बताया कि हम वहां आ रहे हैं...उन्होंने बहुत अच्छी प्रतिक्रिया दी। हमने रूस को यह नहीं बताया कि हमारा अभियान क्या है।
ट्रंप ने कहा, "यह एक खुफिया अभियान था। वहां घुसते ही हल्की गोलीबारी हुई, जिसका तुरंत जवाब दिया गया। अभियान की प्रक्रिया शाम पांच बजे (स्थानीय समयानुसार) शुरू की गई। उन्होंने कहा कि अभियान से पहले उस परिसर से 11 बच्चों समेत कई लोगों को बचाया गया। डीएनए जांच में साबित हो गया है कि वह बगदादी था। हमले में उसकी दो पत्नियां भी मारी गईं। ट्रंप ने कहा कि बगदादी पर पिछले कुछ सप्ताह से अमेरिका लगातार निगरानी रखे हुए थे।
इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने बगदादी के मारे जाने की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा का रविवार को स्वागत करते हुए इसे एक "महत्वपूर्ण मील का पत्थर" करार दिया। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसे एक महत्वपूर्ण क्षण करार देते हुए कहा कि आईएस के खिलाफ जंग अभी खत्म नहीं हुई है।
चीन के राजदूत याओ जिंग ने कहा कि चीन सरकार ने पूर्व के पाकिस्तान के संघीय प्रशासित जनजातीय इलाकों (एफएटीए) में 58 स्कूलों के निमार्ण व इसके साथ ही खैबर पख्तूनख्वा में 30 अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दी है। जिंग ने एक सेमिनार में कहा, “हमारे पूर्वज इस क्षेत्र से जुड़े हैं, जिसे पाकिस्तान का उत्तरी क्षेत्र कहा जाता है। इसलिए इन इलाकों को विकसित करना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।”
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने क्षेत्र में शांति व स्थिरता की जरूरत को रेखांकित किया है, जिससे चीनी कंपनियां रेल पटरियों के जरिए क्वेटा, चमन से ग्वादर व पेशावर से काबुल और इसके बाद कजाकिस्तान को जोड़ने के ड्रीम प्रोजेक्ट को निष्पादित करें।
राजदूत जिंग ने कहा कि पाकिस्तान व चीन 10 कृषि परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उच्च शैक्षिक संस्थानों (एचईआई) से योजना आयोग व पाकिस्तान एग्रीकल्चर रिसर्च काउंसिल (पीएआरसी) के जरिए देश में 1० कृषि प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए प्रस्तावों के साथ आने का आग्रह किया।
जिंग ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा सीपीईसी के सपनों को सच करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि पेशावर क्षेत्र में मध्य एशिया का प्रवेशद्वार होगा और निकट भविष्य में कराची से पेशावर तक की रेल पटरियों को नए रेल सिस्टम के साथ अपग्रेड किया जाएगा।
उन्होंने छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए 20 लाख पाकिस्तानी रुपये के एक चेक पर हस्ताक्षर भी किया। सभा को संबोधित करते हुए खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल शाह फरमान ने एचईआई से खनिज, कृषि और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की वैश्विक मांग को पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने चीन के राजदूत से स्थानीय खनिज उद्योग के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
वाशिंगटन
देश और प्रतिष्ठित व्यक्तियों की रक्षा के लिए ड्रोन के उपयोग के बारे में तो आपने काफी सुना होगा, लेकिन अब आपात स्थिति में समय पर इलाज मुहैया कराने में भी उसके सार्थक होने के प्रयोग सामने आए हैं।
एक अध्ययन के अनुसार आवश्यकता से अधिक दवा लेने या बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने जैसी आपात स्थितियों में एम्बुलेंस के मुकाबले ड्रोन अधिक तेजी से जीवन रक्षक दवाएं तथा उपकरण मुहैया करा सकते हैं। अमेरिकी बालचिकित्सा अकादमी के अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, जब ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क और अमेरिका में व्यस्त समय के दौरान यात्रा के समय की तुलना की गई तो यह पाया गया कि एम्बुलेंस के मुकाबले ड्रोन घटनास्थल पर जल्दी पहुंचते हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार अगर मानवरहित वायुयान (यूएवी) को दो तरफा संवाद तथा जीवन रक्षक दवाओं और उपकरणों से लैस कर दिया जाए तो वे तीव्र एलर्जी, आवश्यकता से अधिक दवा लेने, अस्थमा, दिल का दौरा पड़ने और सरीन विष हमले जैसी आपात स्थिति में शीघ्रता से प्राथमिक उपचार मुहैया कराकर जिंदगियों को बचा सकते हैं।
वाशिंगटन
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कश्मीर मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता करने को इच्छुक होने की बात दोहराते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता इस्लामाबाद के आतंकवादी संगठनों के खिलाफ उठाए निरंतर और स्थायी कार्रवाइयों पर निर्भर करती है।
पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन के जनवरी 2016 में पठानकोट के वायुसेना अड्डे पर हमला करने के बाद से ही भारत ने इस्लामाबाद से हर तरह का संवाद रोक रखा है। भारत को कहना है कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते। भारत सरकार के पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म करने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध और खराब हो गए।
भारत के इस कदम के बाद पाकिस्तान ने कूटनीतिक संबंध का स्तर गिरा दिया और भारत के उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया। विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि अमेरिका उस माहौल को बढ़ावा देता रहेगा जो भारत-पाकिस्तान के बीच रचनात्मक वार्ता के लिए राह बनाए।
लाहौर । भ्रष्टाचार के एक मामले में सात साल की सजा काट रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की हालत गंभीर बनी हुई है। इस बीच नवाज के बेटे हुसैन नवाज ने आरोप लगाया है कि उनके पिता को जेल में जहर दिया जा रहा है। नवाज भ्रष्टाचार के मामलों में लाहौर की कोर्ट लखपत जेल में बंद हैं। हुसैन ने आरोप लगाया कि उनके पिता नवाज के शरीर से प्लेटलेट्स में कमी होने का कारण जहर देना भी हो सकता है। लंदन में रह रहे हुसैन ने पिता के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया। हुसैन ने ट्वीट किया, 'जहर के लक्षण हैं। अगर मेरे पिता को कुछ होता है, तो आप जानते हो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? पीएमएल (एन) अध्यक्ष और नवाज के छोटे भाई शाहबाज शरीफ ने मंगलवार को नवाज से मुलाकात करने के बाद ट्वीट किया था, 'मैंने आज अपने भाई से मुलाकात की। मुझे उनकी तेजी से बिगड़ती हालत की बहुत चिंता हो रही है। सरकार को उदासीनता छोड़ उनके स्वास्थ्य को देखना चाहिए। मैं पूरे देश से मियां साहिब के लिए दुआ करने की अपील करता हूं।
इस्लामाबाद । मॉस्को में आयोजित होने जा रही अफगान शांति वार्ता में पाकिस्तान हिस्सा लेगा। पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि वह अगले महीने मॉस्को में आयोजित होने वाली अफगान शांति प्रक्रिया पर चार पक्षीय वार्ता में हिस्सा लेगा। इस वार्ता के जरिए रुकी पड़ी वार्ता को फिर से शुरू करने का प्रयास होगा। रूस, अमेरिका, चीन और पाकिस्तान इस समूह के हिस्सा है। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने यहां साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘पाकिस्तान वार्ता में हिस्सा लेगा और अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया के लिए अतिरिक्त सचिव इसकी नुमाइंदगी करेंगे।’ पेइचिंग में पाकिस्तान पहली बार वार्ता में हुआ शामिल इस्लामाबाद ने जुलाई में पेइचिंग में आयोजित वार्ता के पहले चरण में हिस्सा लिया था। यह चीन, रूस और अमेरिका वाले त्रिपक्षीय मंच की तीसरी बैठक थी और पाकिस्तान पहली बार इसमें शामिल हुआ था। फैसल ने कहा, ‘पाकिस्तान, अफगानिस्तान में शांति और सुलह के लिए सभी प्रयासों का हिस्सा रहा है और इसके लिए अपनी भूमिका निभाता रहेगा।’ इस महीने की शुरूआत में अफगान तालिबान के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान का दौरा किया था। संयोग से यह दौरा ऐसे वक्त हुआ था जब अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष दूत जलमय खलीलजाद इस्लामाबाद पहुंचे थे। सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन के पास कैंप डेविड में तालिबान और अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ गोपनीय बैठक रद्द करने का फैसला किया था।
चीनी सेना के एक वरिष्ठ जनरल ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक संयुक्त मोर्चा आगे बढ़ाने की कोशिशें जटिल हो गयी हैं क्योंकि कुछ देशों ने आतंकवादियों का चित्रण ''स्वतंत्रता सेनानियों" के तौर पर करके आतंकवाद की परिभाषा का ''दुरुपयोग" किया है। दो दिवसीय बीजिंग शियांगशान फोरम को संबोधित करते हुए मेजर जनरल वाग जिंगवू ने इस संबंध में तुर्की, फिलीपीन, इंडोनेशिया और मलेशिया का नाम लिया जहां उन्होंने कहा कि आतंकवादी अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि उन्होंने इसमें पाकिस्तान का नाम नहीं लिया।
आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर फोरम में भाग लेने वाले चीनी और विदेशी रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि ऑनलाइन आतंकवादी गतिविधि बढ़ने से लेकर राज्य प्रायोजित आतंकवाद तक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई नयी जटिल चुनौतियों का सामना कर रही है। सरकारी समाचार पत्र 'चाइना डेली' की खबर के अनुसार, जनरल वांग ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की कोशिशें जटिल हो गयी हैं क्योंकि कुछ देश अपने राष्ट्रीय हित साधने के लिए आतंकवाद की परिभाषा और आतंकवाद के खिलाफ तंत्र का ''दुरुपयोग" कर रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्षों से पाकिस्तान की ओर से आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिए जाने का आरोप लगा रहे भारत ने 1986 में संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक समझौते (सीसीआईटी) का प्रस्ताव दिया था। लेकिन आतंकवाद की परिभाषा पर आम सहमति न बन पाने के कारण यह अब भी अटका हुआ है।
वांग ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई कमजोर पड़ रही है क्येांकि ''आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई" के प्रमुख स्तंभों में से एक अमेरिका ने हाल ही में अपनी कूटनीतिक प्राथमिकताएं बदल लीं। चीन ने सीरिया से अमेरिकी बलों की अचानक वापसी पर चिंता जतायी है। उसने आशंका जतायी कि इससे इस्लामिक स्टेट के कई आतंकवादी बच जाएंगे और हिंसा बढ़ाने की राह पर लौट जाएंगे। उसने आशंका जतायी कि इन आतंकवादियों में से कई चीन के संवेदनशील शिनजियांग प्रांत के उइगर हैं।
वांग ने कहा कि तुर्की, फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के अलावा आतंकवादी प्रोपैगेंडा फैलाकर, नयी भर्तियां करके और सोशल मीडिया के जरिए अपने अभियान का वित्त पोषण करके आभासी दुनिया में पांव पसार रहे हैं। उन्होंने कहा, ''आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए अब इंटरनेट नया युद्ध क्षेत्र है और आतंकवाद से लड़ना कठिन कार्य है जिसके लिए वैश्विक समुदाय के अथक प्रयासों की आवश्यकता होगी।
भारत ने बुधवार को आतंकवाद को न केवल अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बल्कि विकास के लिए भी ''सबसे बड़ा खतरा" बताया। इसके साथ ही भारत ने कहा कि विश्व समुदाय इस खतरे के खिलाफ अपनी लड़ाई में चुनिंदा दृष्टिकोण या दोहरे मानदंडों को बर्दाश्त नहीं कर सकता है। बिना किसी देश का नाम लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क सहित सीमा पार संचालन और आतंकी समूहों के बीच बढ़ते संबंध तथा आधुनिक संचार तकनीकों के जरिए घृणित विचारधाराओं के प्रसार से कोई देश इस समस्या से नहीं बचा है।
जयशंकर ने यहां गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) की मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ''कोई भी कारण राजनीतिक लक्ष्य हासिल करने के लिए निर्दोष लोगों की अंधाधुंध हत्या को उचित नहीं ठहरा सकता है।" उन्होंने कहा कि आतंकवाद न केवल अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बल्कि विकास के लिए भी सबसे बड़ा खतरा है।
जयशंकर ने कहा, ''हमारे सामूहिक कार्यों और हमारे शब्दों में मेल होना चाहिए। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई सामूहिक रूप से और सभी मोर्चों पर लड़ी जानी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मुद्दे पर चुनिंदा दृष्टिकोण या दोहरे मानदंडों को वहन नहीं कर सकता।" उन्होंने कहा कि एनएएम के सदस्य देशों को आतंकवाद का सामना करने के लिए सहयोग की खातिर अपने सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना चाहिए। इनमें सूचनाओं और सर्वश्रेष्ठ चलनों का आदान-प्रदान, आधुनिक तकनीकों के दुरुपयोग को रोकना, अवैध वित्तीय प्रवाह की निगरानी और जांच तथा न्यायिक प्रक्रियाओं में सहयोग करना शामिल हैं।
भारत पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले आतंकवादी समूहों को सुरक्षित पनाह मुहैया कराने का आरोप लगाता रहा है। भारत ने 1996 में मौजूदा कानूनी ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन (सीसीआईटी) का प्रस्ताव रखा था। जयशंकर ने कहा, ''दो दशक हो गए, हमने बहुत कम प्रगति की है। उन्होंने संगठन के सदस्य देशों से सीसीआईटी को अंतिम रूप देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने और इस लक्ष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संगठित करने का आग्रह किया।"
उन्होंने कहा कि भारत एक संस्थापक सदस्य के रूप में, एनएएम के सिद्धांतों और उद्देश्यों के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें फलस्तीन के लिए उसकी दीर्घकालिक एकजुटता और समर्थन शामिल है। एनएएम की स्थापना 1961 में की गयी थी जब शीत युद्ध चरम पर था और यह उन देशों के स्वतंत्र मंच के रूप में गठित किया गया था जो औपचारिक रूप से किसी भी प्रमुख गुट के साथ या उसके खिलाफ नहीं थे। अब इस संगठन के 120 सदस्य हैं।
जयशंकर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, पर्यावरणीय क्षति आतंकवाद, कट्टरता, गरीबी, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति, मानवीय और प्राकृतिक आपदाएं, साइबर सुरक्षा खतरे आदि इस नयी दुनिया की कुछ चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा, ''इन चुनौतियों का सामना केवल एक साथ होकर ही किया जा सकता है। विभाजित होकर नहीं। इसमें सहयोग की आवश्यकता है, जबरदस्ती की नहीं। संक्षेप में, प्रभावी बहुपक्षवाद ही एकमात्र जवाब है। और इसके लिए हम सभी को वास्तव में स्वतंत्र होने और अपने लिए सोचने की आवश्यकता है।
वाशिंगटन । सिंगर लेडी गागा के दुनिया भर में करोड़ों फैन्स हैं। हालांकि, ऐसा लगता है कि आज उनके भारतीय फॉलोअर्स अचानक से बढ़ जाएंगे। यह बात हम नहीं कह रहे हैं, खुद ट्विटर कह रहा है। दरअसल, लेडी गागा ने संस्कृत में एक ट्वीट किया है। इसके बाद लगातार भारतीय फैन्स उनके ट्वीट को लाइक और उसपर कॉमेन्ट कर रहे हैं। लेडी गाना ने अपने ट्वीट में लिखा, लोक समस्त सुखिनो भवन्तु। इसका मतलब है कि संसार में हर कोई हर जगह खुश रहे। लेडी गागा के इस ट्वीट के बाद से जहां उनके विदेशी फैन गूगल पर इसका मतलब ढूंढने लगे, वहीं भारतीय यूजर्स खासा खुश नजर आए। लेडी गागा के ट्वीट के रिप्लाई में कई भारतीय यूजर्स इस श्लोक का मतलब बता रहे हैं तो कोई उन्हें जय श्री राम कह रहा है। कई लोग कॉमेन्ट में कई और श्लोक पोस्ट कर रहे हैं।