छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

जांजगीर-चांपा। ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल जांजगीर में इको क्लब के सदस्यों ने 21 अगस्त को चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया। यह कार्यक्रम जांजगीर डीईओ के निर्देश पर हुआ।  इसका मुख्य विषय संचय जल बेहतर कल था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक आलोक अग्रवाल व प्राचार्या श्रीमती सोनाली सिंह के नेतृत्व में हुआ। इसमें प्राचार्या श्रीमती सोनाली सिंह द्वारा जल ही जीवन है तथा जल संरक्षण पर जानकारी दी। साथ ही जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण और जीवनशैली में बदलाव से जल की मांग तेजी से बढ़ने के कारण जल सुरक्षा के क्षेत्र में गंभीर चुनौतियों से जल संचय के उपाय बताए। इको क्लब के सदस्यो द्वारा विद्यार्थियों को चित्रकला के विषयों से संबंधित नियमों की जानकारी दी गई। जल संचय बेहतर कल का संदेश देते हुए विद्यालय के विद्यार्थियों ने चित्रकला का प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम दो स्तर पर किया गया जिसमें कनिष्ट वर्ग कक्षा तीसरी से पांचवी तक के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया। वहीं वरिष्ट वर्ग कक्षा छठवीं से आठवीं तक के छात्र-छात्राआंे को शामिल किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 160 छात्र-छात्राआंे ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यालय के विद्यार्थियों के द्वारा विभिन्न प्रकार के चित्रकला के माध्यम से जीवन में जल के महत्व एवं संरक्षण को अपने चित्रों में दर्शाया। यह कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के इको क्लब सदस्यों विनित देवांगन, सुश्री वर्षा सिंह, श्रीमती संगीता साहू के मार्गदर्शन में हुआ।

जांजगीर-चांपा। जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानदारी बेखौफ तरीके से चल रही है। प्रशासनिक शिकंजा नहीं होने के कारण गांवों से लेकर शहर तक झोलाछाप डॉक्टर बड़े आराम से अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में छापामार कार्रवाई करते हुए डभरा बीएमओ ने झोलाछाप डॉक्टर की क्लीनिक सील कर दी है।
चंद्रपुर नगर में ग्रामीण बैंक के पास हरिए सिटी हॉस्पिटल के नाम से जनरल एंड डेंटल केयर संचालित है। क्लीनिक संचालन के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं होने के बावजूद क्लीनिक चलाने की शिकायत लगातार डभरा बीएमओ की मिल रही थी। ऐसे में बीएमओ डॉ. माधुरी चंद्रा ने तहसीलदार और थाना प्रभारी के साथ क्लीनिक में छापामार कार्रवाई की, तब यहां कई तरह की गड़बड़ी मिली। जांच पड़ताल के बाद बीएमओ ने क्लीनिक में अवैध तरीके से रखी दवा, एक्स-रे मशीन, दांतों की मशीन तथा मेडिकल स्टोर्स को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

बीजेआर कंपनी पर ठेकेदारों का करीब 15 करोड़ बकाया
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने 30 तारीख तक 5 करोड़ भुगतान करने दिया आश्वासन
जांजगीर-चांपा। मड़वा पावर प्लांट में कार्यरत बीजेआर कंपनी की नीति से ठेकेदार बेहद आक्रोशित है। यही वजह है कि ठेकेदारों ने बीते तीन दिनों से काम बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया है। ठेकेदारों के मुताबिक उनका करीब 15 करोड़ रुपए बकाया है, जिसे देने कंपनी आनाकानी कर रही है। आज कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ठेकेदारों से वार्ता हुई, जिसमें आगामी 30 अगस्त तक करीब 5 करोड़ का भुगतान करने पर सहमति बनी।
आपकों बता दें कि जब से बीजेआर कंपनी मड़वा पावर प्लांट में काम कर रही है, तब से उसका विवादों से नाता रहा है। अब ठेकेदारों को समय पर भुगतान नहीं करने को लेकर यह कंपनी एकबार फिर सुर्खियों में है। आज इस कंपनी के ठेकेदारों ने बीजेआर कंपनी के प्लांट स्थित दफ्तर का घेराव करते हुए बकाया भुगतान करने की मांग की। इसके पूर्व ठेकेदार बीते तीन दिनों से काम बंद कर आंदोलन पर है। ठेकेदारों का कहना है कि सरकार बीजेआर कंपनी को लगातार भुगतान कर रही है। इसके बावजूद यह कंपनी ठेकेदारों को भुगतान करने हीलाहवाला कर रही है। ठेकेदारों का कहना है कि करीब दो दर्जन ठेकेदारों का करीब 15 करोड़ रुपए बकाया है, जिसका भुगतान लंबे समय से नहीं हुआ है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से उन्हें कई तरह की परेशानी हो रही है। ठेकेदारों का कहना है कि उनके श्रमिकों को कर्ज लेकर भुगतान किया गया है और अब कर्जदार रकम के लिए दबाव बना रहे हैं। लेकिन इस समस्या से कंपनी के जिम्मेदारों को कोई सरोकार नहीं है। इधर, कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजेन्द्र कुमार की आज ठेकेदारों के समक्ष वार्ता हुई। विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के बाद प्रोजेक्टर डायरेक्टर ने उन्हें इस माह के 30 तारीख तक करीब 5 करोड़ का भुगतान करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ठेकेदार वापस लौट गए। उन्होंने चेतावनी दी है यदि 30 अगस्त तक उनका भुगतान नहीं किया गया तो वो 30 अगस्त के बाद उग्र आंदोलन करने बाध्य होंगे।
यह है पेंच
बताया जाता है बीजेआर काफी बड़ी कंपनी है और उसका देश के कई जगहों में काम चल रहा है। कहा जा रहा है कि बीजेआर कंपनी ने बैंकों से करोड़ों रुपए लोन लिया है। इसके चलते बीजेआर कंपनी बैंकों में अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए सरकार से प्राप्त करीब 80 फीसदी राशि को बैंक के सुपुर्द कर दे रही है जबकि 20 फीसदी राशि ही ठेकेदारों के हिस्से में आ रही है। इसके चलते इस तरह की समस्या हो रही है।
हो जाएगा भुगतान
बीच में भुगतान को लेकर थोड़ी दिक्कत थी। इसके बावजूद ठेकेदारों का भुगतान किसी तरह किया जा रहा है। अभी उन्हें 30 अगस्त तक करीब 5 करोड़ का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया है।
-राजेन्द्र कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर बीजेआर

जिला खेल विभाग के इस फरमान से एक खिलाड़ी की मेहनत और पूरा साल हो रहा बर्बाद
खुद के व्यय पर भी अंतर शालेय स्पर्धा में शामिल होने खेल अफसर नहीं दे रहे अनुमति
जांजगीर-चांपा। जिला खेल विभाग की एक भूल का खामियाजा यहां के एक बाक्सिंग खिलाड़ी को भुगतना पड़ रहा है। जिले के खेल कैलेंडर से बॉक्सिंग को हटा दिया गया है। इसके चलते यहां बाक्सिंग खेल के खिलाड़ी काफी मायूस है। वहीं चांपा के एक खिलाड़ी ने बिलासपुर जाकर न केवल बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लिया, बल्कि अब वो दुर्ग में आयोजित अंतर शालेय स्पर्धा में शामिल होना चाहता है। लेकिन यहां का खेल अफसर हाथ खड़ा कर रहे है।
आपकों बता दें कि छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के खेल कैलेंडर में बाक्सिंग खेल को भी शामिल किया गया है, जबकि इस जिले के खेल कैलेंडर में बाक्सिंग शामिल नहीं है। यही वजह है कि यदि कोई खिलाड़ी जिले की ओर से बाक्सिंग स्पर्धा में भाग लेना चाहे तो उसे निराशा ही हाथ लगेगा। चांपा निवासी सिद्धार्थ श्रीवास ने इस गंभीर समस्या से कलेक्टर को अवगत कराते हुए मदद की गुहार लगाई है। उसने कलेक्टर को लिखे अपने पत्र में कहा है कि जिले में बाक्सिंग खेल के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।ं इसके बावजूद बाक्सिंग में रुचि होने के कारण वह बीते एक साल से रेलवे बाक्सिंग क्लब बिलासपुर जाकर प्रशिक्षण ले रहा है। उसने यह भी कहा है कि अपने जिले से यह खेल खेलना चाहता है लेकिन यहां खेल कैलेंडर से बॉक्सिंग को हटा दिया गया है। इसके चलते उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। उसने अपने पत्र में कहा है कि इस संबंध में जब जिला खेल अधिकारी से बात की तो उन्होंने इस खेल के लिए फंड नहीं होने का हवाला दिया। माली हालत खस्ता होने के बावजूद जब सिद्धार्थ ने स्वयं के व्यय से खेलने की इच्छा जताई, तब भी जिला खेल अधिकारी राजी नहीं हो रहे हैं।
बाक्सिंग जरूरी है
छत्तीसगढ के बाक्सिंग खिलाड़ी अर्जुन प्रसाद का कहना है कि जिस खेल को ओलंपिक में शामिल किया गया है तो वहीं बाक्सिंग को खेलो इंडिया में शामिल किया गया है उस खेल को किसी भी सूरत में बाहर नहीं किया जा सकता। यदि ऐसा किया जा रहा है तो जिले के जिम्मेदार अफसरों को इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
मार्गदर्शन लिया जाएगा
खेल कैलेंडर में बाक्सिंग शामिल नहीं है। इस वजह से किसी भी खिलाड़ी को बाहर स्पर्धा में नहीं भेजा जा रहा है। सिद्धार्थ खुद के खर्च पर बाहर खेलने जाना चाहता है तो इस संबंध में मार्गदर्शन लिया जाएगा।
-हरिलाल पटेल, जिला खेल अधिकारी

शहर को रौशन करने मिली बड़ी सौगात -वोरा
दुर्ग। शहर के दो व्यस्ततम पुराना एवं नया बसस्टैेंड में सैकड़ों लोगों का आवागमन प्रतिदिन लगा रहता है। जनता व व्यवसायियों की लगातार मांग पर अब मिलेगी अंधेरे से मुक्ति। सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की गुहार शहर की भाजपा सरकार द्वारा लंबे समय से अनसुनी की जा रही थी, जबकि पुराना बसस्टैंड में हमेशा से धार्मिक एवं राजनैतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। पुराना थाना, बाबा का मज़ार व प्रमुख व्यावसायिक स्थल होने के साथ शहर का हृदय स्थल होने के बावजूद निगम द्वारा बसस्टैंड को रोशन करना भी उचित नहीं समझा गया। लगातार मांग उठने पर अंधेरे से मुक्ति दिलाने का बीड़ा विधायक अरुण वोरा द्वारा उठाते हुए विधायक निधि से शहर को जगमगाने की सौगात में पहले धमधा नाका रोड, ठगड़ा बांध, तकिया पारा और पद्मनाभपुर के बाद अब नया व पुराना बस स्टैंड में विद्युत व्यवस्था के लिए ७ लाख रु की राशि के कार्यों का भूमिपूजन किया। नए बस स्टैंड में जहां आवागमन करने वालों को अंधेरे के भय से मुक्ति मिलेगी वहीं पुराने बस स्टैंड एवं महिला थाना में प्रकाश व्यवस्था होने से वहां होने वाले आयोजनों में भी सुविधा होगी।
    भूमिपूजन के अवसर पर समाजसेवी ईश्वर सिंह राजपूत, नंदू महोबिया, वरिष्ठ पार्षद राजेश शर्मा, अब्दुल गनी,अंशुल पांडेय, रामकुमार साहू, विजय सिंह सूर्यवंशी, रघुवीर शर्मा, विमलेश जैन, चंचल किन्नर, भीमा चौहान, इस्माइल चौहान, अनीस अली सहित बड़ी संख्या में व्यवसायी मौजूद थे।
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दुर्ग। कातुलबोर्ड वार्ड के यादव समाज के लोगों को अपने सामाजिक धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए यादव समाज मंच मिला। जिसका लोकार्पण महापौर श्रीमती चंद्रिका चन्द्राकर द्वारा किया गया। लंबे समय से वार्ड के  यादव समाज के लोग एक यादव मंच की आवश्यकता महसूस कर रहे थे और  वार्ड में  यादव समाज  मंच बनाने की  मांग की जा रही थी, जिसे महापौर ने अपनी निधि से यादव समाज मंच निर्माण कराया और समाज के समक्ष लोकार्पित की। महापौर ने कहा कातुलबोर्ड वार्ड में यादव समाज के लोग अपने सामाजिक धार्मिक पर्वो को घर आंगन व बस्ती के  रिक्त स्थान पर करते आ रहे थे समाज के लोगों ने पार्षद शिवेन्द्र परिहार के माध्यम से यादव समाज मंच निर्माण की मांग रखी थी वह मांग आज पूरा हुआ है मंच निर्माण से उत्साहित सामाजिक बंधुओं ने महापौर का फुल हार से स्वागत कर उनकी प्रशंसा की । इस दौरान सैकड़ों की संख्या में यादव समाज की महिलाएं पुरुष और बच्चे उपस्थित थे।  

दुर्ग। शहर कांग्रेस सांस्कृतिक व साहित्यिक प्रकोष्ठ द्वारा स्थानीय खालसा पब्लिक स्कूल मालवीय नगर में आयोजित एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में लोगों का देशभक्ति सिर चढ़कर बोला। लोगों ने छत्तीसगढ़ी गीत.संगीत के भीष्म पितामह स्व. खुमान साव द्वारा निर्देशित चंदैनी गोंदा के देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति का देर रात तक आनंद उठाया, वहीं छत्तीसगढ़ वाइस प्रतियोगिता के विजेता उभरते बाल गायक ओम तिवारी ने अपनी प्रस्तुति से लोगों में देशभक्ति का जुनून पैदा कर दिया। उनके गीतों ने श्रोताओं से जमकर तालियां बटोरी। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि ऐसे आयोजन शहीदों के बलिदान को याद करने व शहीद परिवारों को सम्मान देने का होता है। इसलिए यह आयोजन केवल औपचारिकता तक सिमट कर न रह जाए। आयोजन की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब हम शहीदों के बलिदानों को आगे पीढ़ी तक ले जाकर उनमें देशभक्ति का जज्बा पैदा करेंगे। कार्यक्रम के विशेष अतिथि विधायक अरुण वोरा व शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आरएन वर्मा ने आयोजन की सराहना की। स्वागत भाषण में शहर कांग्रेस सांस्कृतिक व साहित्यिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष शिवाकांत तिवारी ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए शहीदों के बलिदानों को याद किया। कार्यक्रम का संचालन ज्ञानेश्वरी मेश्राम ने किया। इस अवसर पर श्री साई बाबा मंदिर समिति अध्यक्ष श्रीकांत समर्थ, अलताफ  अहमद, अजय मिश्रा, खालसा एजुकेशन सोसायटी अध्यक्ष त्रिलोक सिंह ढिल्लों, कोषाध्यक्ष गुरुचरण सिंह कब्बरवाल, प्राचार्य रेखा तिवारी, राजू भाटिया, ईश्वर सिंह राजपूत, राजकुमार पाली, निखिल खिचरिया, प्रकाश गीते, सन्नी साहू, ओमप्रकाश जोशी, निलेश चौबे, जितेन्द्र तिवारी,प्रकाश शिवणकर, संतोष खिरोडकर, आकीब खान,मनोज चंद्राकर, मुकुंद कौशल, लल्लन चौहान, मनहरण साहू, ललित ढीमर, रवि साहू, अजहर जमील, बृजमोहन तिवारी,रंजना गुप्ता के अलावा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक शामिल थेे।

घनश्याम सिंह गुप्त को नहीं मिला हक का सम्मान  
दुर्ग। अंग्रेजी गुलामी से आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाले छत्तीसगढ़ के अनेक लोगों में दुर्ग जिला के दाऊ घनश्याम सिंह गुप्त की भूमिका कहीं कम न था। अंग्रेजी हुकूमत से आजादी के बाद डा. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में गठित संविधान सभा में छत्तीसगढ़ के कुछ ही लोग सदस्य थे, उनमें दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त भी शामिल थे।
    भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में गठित मसौदा समिति द्वारा बनाये गये संविधान के हिंदी अनुवाद के लिये बनाई गई समिति को अध्यक्ष बनाकर दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त को अहम जिम्मेदारी दी गई थी, जिसका उन्होने बखूबी निर्वाह किया था। इतना ही नहीं दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त 1955 में भाषावार राज्यों के पुनर्गठन और मप्र बनने से पूर्व सीपी एवं बरार विधान सभा के अध्यक्ष रहे हैं, उन दिनों ऐसा गौरव पाने वाले दाऊ घनश्याम सिंह गुप्त पहले और एकमात्र छत्तीसगढिय़ा रहे हैं। इसके अलावा अस्पृश्यता निवारण और समाज सुधार में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, महिला शिक्षा को प्रोत्साहन देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है और उनकी प्रेरणा से दुर्ग में कन्याओं के लिये आवासीय विद्यालय गुरूकुल की स्थापना की गई थी, जो आज कन्या महाविद्यालय का रूप धारण कर चुका है। छत्तीसगढ़ में अनेक विभूतियां हुए हैं किंतु दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त जैसे बहुमुखी प्रतिभा वाले विरले ही मिलेंगे। Óदेश की स्वतंत्रता के बाद केंद्र में अधिकांश समय तक कांग्रेस की और कुछ समय के लिये भाजपा की और गैर कांग्रेसी सरकारें सत्ता में रही है। इसी प्रकार मप्र और 20 वर्ष में छग में भाजपा, कांग्रेस की सरकारें रहीं है, किंतु किसी भी दल की सरकार नें दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त को वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार हैंÓ।
    छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के बाद उम्मीद जगी थी कि छत्तीसगढिय़ों की अपनी सरकार खाटी छत्तीसगढिय़ा दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त को उचित सम्मान प्रदान करेगी, किंतु अफसोस छग की अब तक की सरकारों ने भी छत्तीसगढ़ के रत्न दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त को सम्मान प्रदान करने में उपेक्षा का ही बर्ताव किया है, छत्तीसगढ़ में महाविद्यालय या विश्व विद्यालय का या अन्य किसी संस्था, स्मारक, सड़क, पुल आदि को उनका नाम दिया जा सकता था, किंतु ऐसा करने के बजाय कांग्रेस की सरकारों ने नेहरू, इंदिरा और राजीव का नामकरण किया तो भाजपा ने दीनदयाल, श्यामाप्रसाद मुखर्जी का,Óछत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के संस्थापक भाजपा के तत्कालीन सांसद स्व. ताराचंद साहू ने दुर्ग के वाई शेप ओवर ब्रिज को दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त का नाम देने का प्रस्ताव किया था. जिसे ठुकराकर तत्कालीन रमन सरकार नें ब्रिज को संघ के डा. पाटणकर का नाम दे दियाÓ।Óसीपी एवं बरार विधान सभा का छत्तीसगढिय़ा अध्यक्ष होने के नाते दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त का तैलचित्र छत्तीसगढ़ विधानसभा के सेंट्रल हाल में तो लगाया ही जाना चाहिये था, दुर्भाग्य से छग की अब तक की सरकारों ने यह तक नहीं किया, राज्य में भूपेश बघेल के नेतृत्व में गठित सरकार छत्तीसगढिय़ों के हित में अनेक कार्य कर रही है आशा है, कि उनकी सरकार खाटी छत्तीसगढिय़ा दाऊ घनश्यामसिंह गुप्त को भी वह सम्मान प्रदान करेगी जिनके वे हकदार हैं।
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दुर्घटनाग्रस्त के घर पहुंचे विधायक एवं आयुक्त
दुर्ग। अमृत मिशन के पाइप लाइन संबंधित कार्य शहर की जनता के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। 17 माह पूर्व कार्य प्रारम्भ करने वाली ठेका एजेंसी लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन के कारनामों को दिखाने के लिए विधायक अरुण वोरा नगर निगम के नवनियुक्त आयुक्त इंद्रजीत बर्मन को लेकर 3 घंटे तक प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों की वस्तुस्थिति दिखाई तथा पाइप लाइन डालने के समय हुई जर्जर सड़क से दुर्घटनाग्रस्त हुई गंभीर रूप से घायल प्रेमा कुंजाम के घर जाकर भी मुलाकात की एवं हालचाल पूछा।
    श््री वोरा ने आयुक्त व कार्यपालन यंत्री मोहनपुरी गोस्वामी, राजेश पांडेय को लेकर 40 वर्ष पुराने इंदिरा मार्केट के समस्याग्रस्त क्षेत्र की समस्याएं भी दिखाई। जिसमे जर्जर मछली मार्केट, प्रेस काम्प्लेक्स, कुंआ, बोर, सड़क नाली की गंभीर समस्या शामिल हैं। मार्केट के व्यापारियों ने शिकायत करते हुए बताया कि आए दिन दुकानों का छज्जा गिर रहा है। कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। वहीं इंदिरा मार्केट में चारों ओर फैली गदंगी निगम की सफ ाई व्यवस्था की पोल खोल रही है। पार्किंग का एक मात्र सुलभ साफ -सफ ाई नहीं किए जाने से वातावरण को दूषित कर रहा है। कभी लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने वाला वर्षों पुराना कुंआ प्लास्टिक के दलदल में बदल गया है। क्षेत्र वासियों की समस्याओं को दिखाते हुए वोरा ने निगम आयुक्त को 15 दिनों के अंदर समस्याओं का समाधान करने का निर्देश देते हुए कहा कि समय सीमा खत्म होने के बाद पुन:इन क्षेत्रों का दौरा कर कार्य की समीक्षा की जाएगी।
    इस दौरान सभापति राजकुमार नारायणी, राजेश शर्मा, कन्या ढीमर, भोला महोबिया, राजकुम

चैतन्य कॉलेज पामगढ़ में 15 अगस्त व रक्षाबंधन अनूठे तरीके से मना
जांजगीर-चांपा। चैतन्य कॉलेज पामगढ़ में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की राखी वृक्ष को भाई मानकर बांधी गई। इसके अलावा रासेयो प्रतीक राखी बांधकर वृक्ष की सेवा व रक्षा का संकल्प लिया गया।
चैतन्य कॉलेज में सर्वप्रथम भारतमाता व महापुरूषों का पूजन कर महाआरती की गई। इसके बाद कॉलेज संचालक वीरेंद्र  तिवारी ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। साथ ही सामूहिक राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी गई। श्री तिवारी ने संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरा देश 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तब हर भारतीय नागरिक को यह निश्चय करना चाहिए कि वह आने वाले समय में ऐसे कार्य करे जिससे देश का मान और अधिक बढ़ सके। श्रीमती डॉ गरिमा तिवारी ने राष्ट्रीय ध्वज को राखी व रक्षा सूत्र बांधते हुए कहा कि यह सांकेतिक संदेश है कि इस तिरंगे की आन बान और शान के लिए  भारत माता के वीर सपूत भाइयों ने बलिदान दिया और देश की रक्षा की है। इसलिए हम सबको देश की रक्षा और सुरक्षा करना है। उन्होंने स्वतन्त्रता दिवस व रक्षाबंधन का शुभकामना संदेश दिया। खास बात यह रही कि दो महापर्वों के अवसर पर अनोखा पहल करते हुए प्रकृति मित्र वृक्ष की विधिवत पूजन कर तिरंगा व रासेयो प्रतीक चिन्ह की राखी बांधकर देश के लिए आशीर्वाद मांगा गया। साथ ही देशवासियों को यह संदेश दिया गया कि वृक्षो को, जमीनों को और पर्यावरण को संतुलित रखना आज समय की मंाग और जरूरत है। इसलिए वृक्षांे को सहेजना और पौधों की परवरिश करना हमारा धर्म है। इसी उद्देश्य को लेकर हमने वृक्षांे को राखी बांधकर उसके प्रति प्रेम तथा प्रकृति सेवा का संकल्प लिया, ताकि उसकी सुरक्षा के लिए सदैव तैयार हो। इसी बीच महाविद्यालय के सभागार में प्राध्यापकगणों ने देश भक्ति विचार के साथ संदेश दिया। साथ ही छात्र छात्राओं ने अपने  विचार रखे। इसके अलावा छात्रों ने मनमोहक देशभक्ति सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। रासेयो के स्वयं सेवकों व छात्रों ने देश व प्रकृति भक्ति का परिचय देते हुए सभी वृक्षो को रक्षासूत्र बांध सेवा का परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में प्राध्यापकगण, छात्र छात्राएं मौजूद थे।

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