ईश्वर दुबे
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Bhilai
भिलाई : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई-3 में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलने के मामले को सुलझाने का दावा पुलिस ने किया है.Read
भिलाई : जिले के कलेक्टर नें छत्तीसगढ़ शासन निर्देश पर भिलाई नगर निगम के अधिकारीयों और कर्मचारियों के एक समूह का गठन किया है, जिसमें राशन कार्डों के नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा. ये कर्मचारी और अधिकारी निगम के अंतर्गत आनें वाले सभी राशन कार्ड धरकों के कार्डों का नवीनीकरण 15 जुलाई से 30 अगस्त तक करेंगें.
जगदलपुर : तेलंगाना राष्ट्र समिति के 45 वर्षीय नेता एन. श्रीनिवास राव का सोमवार आधी रात को कोथुर गांव से अपहरण कर लिया गया था.Read
रायपुर : छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार जल्द ही अपनें प्रमुख नेताओं को लाल बत्ती देनें वाली है,Read
रायपुर : रायपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्रकारों से अमरजीत भगत नें कहा कि ‘छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत नें कहा हैRead
सरगुजा छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा. बता दें कि मैनपाट अपनी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए और बौद्ध संस्कृति के संवर्धन के लिए सारे देश में प्रचलित है. मैं पट को छत्तीसगढ़ का शिमला भी कहा जाता है. धुंध और कोहरे की वजह से दृश्यता कम हो जाने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

बाइक चालकों को तो पैदल बाइक ले जाते देखा गया. मैनपाट में बारिश के सीजन में धुंध और कोहरा अक्सर छाया रहता है. बारिश के बाद इस खूबसूरत नजारे को देखने के लिए शहर सहित जिले के अधिकांश क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं. इस सीजन में भी मैनपाट पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ गई है.

मैनपाट में इन दिनों बाहर से आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ने से चहल पहल भी बढ़ गई है. अभी मौसम ऐसा हो गया है मानो बादल जमीन पर उतर आए हो.
आइये मैनपाट के बारे में जानते हैं और भी विशेषता
अम्बिकापुर से 75 किलोमीटर दुरी पर है इसे छत्तीसगढ का शिमला कहा जाता है. मैंनपाट विन्ध पर्वत माला पर स्थित है, जिसकी समुद्र सतह से ऊंचाई 3781 फीट है. इसकी लम्बाई 28 किलोमीटर और चौडाई 10 से 13 किलोमीटर है. अम्बिकापुर से मैंनपाट जाने के लिए दो रास्ते हैं. पहला रास्ता अम्बिकापुर-सीतापुर रोड से होकर जाता और दुसरा ग्राम दरिमा होते हुए मैंनपाट तक जाता है. प्राकृतिक सम्पदा से भरपुर यह एक सुन्दर स्थान है. यहां सरभंजा जल प्रपात, टाईगर प्वांइट तथा मछली प्वांइट प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं. मैनपाट से ही रिहन्द एवं मांड नदी का उदगम हुआ है. मैनपाट में मेहता प्वांइट भी एक दर्शनीय स्थल है.
इसे छत्तीसगढ का तिब्बत भी कहा जाता हैं. यहां तिब्बती लोगों का जीवन एवं बौध मंदिर आकर्षण का केन्द्र है. यहां पर एक सैनिक स्कूल भी प्रस्तावित है. यह कालीन और पामेरियन कुत्तो के लिये प्रसिद्ध है.
रायपुर : जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती नें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता विन्देश्वरी देवी के निधन पर संवेदना व्यक्त की है. बता दें कि शंकराचार्य द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर हैं. उन्होनें अपनें शोक सन्देश में कहा कि मुख्यमंत्री कि माता के देहावसान की खबर मिली, अत्यंत दुःख हुआ. भारतीय संस्कृति में माता का जो स्थान है, वह स्थान माता के अलावा और कोई नहीं ले सकता. माता के अभाव की पूर्ति सर्वथा अपूरणीय है, अत: लोक में माता का अभाव महाशोक माना जाता है.”
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती नें आगे कहा कि “शोक, मोह के इन्हीं अवसरों में शोकापनोदन के लिए द्वारिकाधीश श्री कृष्ण की गीता में अमरवाणी का उल्लेख करते हुए है कि ‘जन्में हुए की मृत्यु सुनिश्चित है और मरे हुए का जन्म भी सुनिश्चित है। अत: इस बिना उपाय वाले विषय में शोक का त्याग करना चाहिए। जगदगुरु शंकराचार्य ने कहा है कि माता का अभाव सनातन धर्मी परिवार के लिए भी अपूर्णीय क्षति है”
उन्होनें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके परिवार को शोक के इस समय में धैर्य और मृतात्मा की सद्गति के लिए द्वारिकाधीश एवं चंद्रमौलीश्वर से प्रार्थना की है.
भैयाथान (रिपोर्ट-प्रकाश दुबे) सूरजपुर जिले के कलेक्टर दीपक सोनी ने आज विकासखण्ड भैयाथान के सभाकक्ष में सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा बैठक आहूत की। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अश्वनी देवांगन उपस्थित थे। इस बैठक ने बिजली विभाग, महिला बाल विभाग, पीएचई विभाग, लोक निर्माण विभाग, मत्स्य, कृषि विभाग, खाद्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, ई-गवर्नेंस, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, निर्माण विभाग, सहित अन्य विभाग वॉर समीक्षा करते हुए, कलेक्टर दीपक सोनी ने समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने वाले बिरमताल पंचायत सचिव देवमन कांशी, सुपरवाईजर रश्मि कुजूर को निलंबित करने के निर्देश दिए. वही कपसरा हल्का पटवारी वीरेंद्र जयसवाल को अपने मुख्यालय में रहने के कड़े निर्देश दिए है।
कलेक्टर नें सभी विभागों को दिए ये निर्देश -

इस समीक्षा बैठक में भैयाथान एस.डी.एम. रवि सिंह, तहसीलदार इंदिरा मिश्रा, जनपद सी.ई.ओ. अनिल कुमार अग्निहोत्री, कार्यक्रम अधिकारी विजय एक्का सहित सभी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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जगदलपुर गुरुगोविंद सिंह वार्ड क्रमांक - 36 के पार्षद संग्राम सिंह राणा और अन्य वार्ड वासियों ने बस्तर कलेक्टर अय्याज तम्बोली से मिलकर विकास कार्य करवाने की मांग की है. जिसमें पार्षद संग्राम सिंह रना नें गुरुगोविंद सिंह वार्ड में एक भी बालबाड़ी नही है, जबकि इस वार्ड का क्षेत्रफल बड़ा है. उनका कहना था कि बालबाड़ी के अभाव में बच्चे इधर-उधर भटकते रहते है. इस वजह से मेरे वार्ड में दो बालवाड़ी कंगोली एवम अघनपुर में किये जाने से बच्चो को शिक्षा एवम विकास में मदद मिल सकती है, और वार्ड के स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष और बाउंड्रीवाल एवं गेट ना होने से बच्चो के पढ़ाई में अत्यंत असुविधा का सामना करना पड़ता है. सुरक्षा की दृष्टि से बाउंड्रीवाल व गेट की अति आवश्यकता है. कंगोली प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष, बाउंड्रीवाल, गेट व अघनपुर प्राथमिक शाला में बाउंड्रीवाल व गेट लगाने को लेकर कलेक्टर से मांग की. इसके अलावा नगर पालिक निगम जगदलपुर पर स्थित निर्माणाधीन कालोनियों में बने भवनों को बेचने से पूर्व दिए गए नियम व शर्त में किए गए, अनुबंध अनुसार कार्य ना किए जाकर गुमराह किए जाने संबंधित कालोनियों की जांच की जाए. कार्य पूर्ण करवाने का आदेश कालोनाइजर को दिया जाए, व शहर के अंदर लगे अवैध टावरों की जांच करके उन पर कार्रवाई किया जाए, कलेक्टर बस्तर अय्याज तम्बोली ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया हैं। जगदलपुर पर स्थित अवैध कालोनी एवम अवैध टावर की भी जांच की मांग. बालबाड़ी, अतिरिक्त कक्ष,गेट की हुई मांग. अवैध कालोनियों की जांच व अवैध टावरों पर हो कार्यवाही. जैसा की देखा जा रहा है, ये सारी मांग संग्राम सिंह रना नें जन सुविधा और सुरक्षा के लिए किये हैं. अब देखने वाली बात ये है कि प्रशासन इन मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है, और तमाम समस्याओं का समाधान किस तरीके से निकाला जाता है.
धमतरी : धमतरी जिले के एनएच-30 पर सोमवार सुबह डीजल से भरा टैंकर पलट गया. संबलपुर के पास खराब सड़क होने के कारण टैंकर अनियंत्रित हो गया था. हादसे के बाद टैंकर से डीजल लीक होने लगा और सड़क के गड्ढों में डीजल भर गया. डीजल को देख लोगों में अचानक लूट मच गई. लोग बाल्टी और केन में डीजल भरकर ले जाने लगे. अर्जुनी पुलिस ने मौके पर पहुंचक मौके को संभाला.
खबर पाकर जिला पुलिस मुख्यालय से डीएसपी पंकज पटेल, अर्जुनी टीआई अवध राम साहू एसआई रमेश साहू दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और दो क्रेन बुलवाकर टैंकर को उठाने का प्रयास करने लगे । घंटेभर की मशक्कत के बाद टैंकर को सीधा कर लिया गया । इस बीच टैंकर में लीकेज के चलते बड़ी मात्रा में डीजल सड़क में बह गई । घटना के बाद सांकरा और संबलपुर के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए थे , जो सड़क में बह रहे डीजल को एकत्रित कर भी ले गए। बहरहाल पूर्वान्ह 11 बजे तक नेशनल हाईवे में यातायात क्लियर हो गया।

रायपुर आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, भारत सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है, जिसे 1 अप्रैल, 2018 को पूरे भारत मे लागू किया गया था. 2018 के बजट सत्र में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने इस योजना की घोषणा की. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों (बी.पी.एल. कार्ड धारक) को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों और कमज़ोर वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सम्बन्धी खर्चों में धन मुहैया कराना है. आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एम.एस.बी.वाइ.) का नाम लेकर प्रदेश में ई-कार्ड, गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं, जो फर्जी हैं. जो लोग आपको इस तरह के प्रलोबहन दे रहे हैं, ऐसे लोगों के झांसें में न आएं. अगर कोई संस्था, व्यक्ति इस तरह से कार्ड बना रहा है तो उससे संबंधित जानकारी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय को दें, ताकि इनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके.
रायपुर सी.एम.एच.ओ. डॉ. के.आर. सोनवानी ने इस संबंध में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षकों से लेकर ब्लॉक स्तर तक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों को पत्र लिखकर सचेत किया है.
पत्र में उल्लेखित है कि जिले, ब्लॉक, ग्राम पंचायतों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैधानिक रूप से शिविर लगाकर स्वास्थ्य संबंधी हेल्थ डिस्काउंट कॉर्ड बना रहे हैं, जो गैर-कानूनी है. ऐसे व्यक्ति से संबंधित जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में दें. ताकि इनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। सीएमएचओ ने यह भी लिखा है कि इस फर्जीवाड़े के बारे में लोगों को जागरूक करें, ताकि कोई भी ठगी का शिकार न हो.
इसलिए बायोमेट्रिक्स बेस्ड हो रहा है सॉफ्टवेयर-
आयुष्मान मित्रों को बायोमेट्रिक्स के माध्यम से सॉफ्टवेयर में अलग लॉग-इन करवाया जा रहा है, ताकि इस तरह के फर्जीवाड़े को रोका जा सके। राज्य में पूर्व में बने स्मार्ट कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड से आयुष्मान योजना का ई-कार्ड बनाया जा रहा है. पहले आयुष्मान मित्रों के मोबाइल नंबर में ओ.टी.पी. (One Time password) की व्यवस्था थी, अब इसे बॉयोमेट्रिक्स सिस्टम किया गया है.
विश्वेश्वरैया द्वार से परशुराम चौक के बीच खुदा है घोर लापरवाही का गड्ढा
चांपा शहर कीचड़ और गड्ढे में तब्दील, नपाध्यक्ष ने गड्ढे को भरवोने किया प्रयास
चांपा। विश्वेश्वरैया द्वार से परशुराम चौक के बीच खुदे लापरवाही के गड्ढे ने आज एक नवजात को जिंदगी और मौत के बीच जूझने मजबूर कर दिया है। इस गड्ढे में गिरने से एक दिन के नवजात की हालत गंभीर बनी हुई है। चांपा में ठेकेदार और जिम्मेदार इंजीनियर की लापरवाही से शहरवासी नर्क का जीवन जीने मजबूर हैं।
आपकों बता दें कि चांपा में विश्वेश्वरैया द्वार से परशुराम चौक होते हुए गौरवपथ का नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है। सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी इंजीनियर सेठी की देखरेख में किया जा रहा है। ठेकेदार ने सड़क निर्माण से पहले यहां से वहां तक सड़क की खुदाई करा दी, जबकि निर्माण शुरू करने में काफी विलंब हो गया। ऐसे में अब यही गड्ढे जानलेवा साबित हो रहा है। हमनें अपने खबरों के माध्यम से यहां से वहां तक खोद रहे गड्ढे का विरोध भी किया था लेकिन किसी के कान में जूं तक नहीं रेंगी। शहर के विश्वेश्वरैया द्वार से परशुराम चौक के बीच घुटने भर का गड्ढा है, जिसमें पानी भरा हुआ है। इस गड्ढे में बार-बार वाहन फंस रहा है। आज एक दिन की नवजात शिशु को इसी मार्ग से ले जाया जा रहा था कि बाइक अनियंत्रित हो गई। इसके चलते शिशु भी इस गड्ढे में गिरकर बुरी तरह जख्मी हो गई। उसे तत्काल शहर के बचपन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। यहां के चिकित्सक का कहना है कि गिरने से कीचड़ बच्चे के पेट में चला गया था। अभी भी उसकी हालत नाजुक है। इसलिए उसे आईसीयू में रखा गया है। इधर, नवजात शिशु के इस जानलेवा गड्ढे में गिरने की खबर से जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। नगरपालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर गड्ढे को अपने स्तर से समतल कराया। लेकिन यहां ठेकेदार और इंजीनियर आना भी मुनासिब नहीं समझे। इससे समझा जा सकता है कि इनकी लापरवाही किस कदर हावी है।
कीचड़ में केक काटकर मनाया जन्मदिन
चांपा की इस गंभीर समस्या के खिलाफ सड़क पर उतरने का ऐलान शहर के लोगों ने किया है। इस आंदोलन को अब अन्य लोगों का भी समर्थन मिलने लगा है। आज जोगी कांग्रेस नेता इब्राहिम मेमन का जन्मदिन है। उन्होंने जोगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के साथ श्री मेमन ने आज इसी जर्जर सड़क पर विरोध स्वरूप केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया। इस दौरान अमित जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत और क्षेत्रीय विधायक को इस समस्या के लिए जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि पहले भी मुख्यमंत्री को आइना भेजा था। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के गृहजिले के हाल को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश की जनता किस तरह त्रस्त है। इब्र्राहिम मेमन ने कहा कि इस जर्जर सड़क को लेकर प्रस्तावित आंदोलन में उनकी पार्टी का भरपूर समर्थन है।
केशलूर स्कूल छात्रों में एक अनोखी पहल देखने को मिली है. जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय हाई स्कूल केशलूर के बच्चों ने आज शिक्षकों को सम्मानित करनें और उनको हमेशा शाला परिसर में रखनें के लिए परिसर में पौधा रोपण किया.
स्कूल शिक्षकों और छात्रों ने स्कूल में तीन शिक्षकों की शिक्षण शैली से प्रभावित होकर, उनकी विदाई में सम्मान के रूप में लगभग 50 पौधे लगाए. शाला प्राचार्य श्री विधु शेखर झा नें जानकारी दी कि “विद्यार्थियों नें आज पौधारोपण कर शाला के हिंदी व्याख्याता श्री अरुण चौबे, और श्री मति कलावती कश्यप, राजनीती विज्ञान व्याख्याता खीर सिन्धु हरपाल तथा प्रधान अध्यापिका श्रीमती सिंड्रेला बख्श को विदाई स्वरुप 50 पौधे लगाकर विदाई दी, तथा पौधों में उन शिक्षकों के नाम और फोटो लगाकर हमेशा स्कूल में उनके बताये मार्ग पर चलने और आदर्श व्यक्ति बन देश और समाज के लिए काम करने की प्रतिज्ञा ली.”

इन सभी शिक्षकों का तबादला किसी दुसरे स्कूल में हो गया है, जिसके कारण उनकी याद में छात्रों नें यहाँ वृक्षारोपण कर ये सराहनीय कार्य किया. शाला प्राचार्य नें आगे जानकारी दी कि “इसके पूर्व भी पिछले वर्ष 10 अगस्त को शाला में वन विभाग के उद्यानिकी शाखा के रेंजर श्री उमेश सिंह जी द्वारा उनके विभाग से लगभग 50 और पौधे लगाये गये थे, जिनमें से लगभग 45 पौधे अभी भी जीवित हैं, और ग्रामीणों और विद्यार्थियों द्वारा सहयोग मिलने के कारण शाला परिसर में जितने फूल लगाये गये थे सभी बहुत अच्छे है. जिसके लिए शाला परिवार हमेशा ग्रामीणों के सहयोग के लिए आभारी रहेगा.” उन्होनें जानकारी दी कि “इसके पूर्व शाला में सिर्फ एक हजारी का पेड़ हुआ करता था, आज शाला परिसर हरा भरा हो गया है, जिसके लिए स्थानीय लोगों नें हमेशा सहयोग दिया है.”

इस अवसर पर सभी ने संकल्प लिया कि उनके बताये रास्ते पर चलते हुये उनकी यादों को इन पौधों के रूप में जीवित रखेंगे.