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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

  • सावन है तो दूध भी पिलाया
  • आश्रित गांव ठकुराइन टोला में नारायणी साहित्य अकादमी एवं चरामेति फाउंडेशन का संयुक्त आयोजन।Read

भिलाई : मंगलवार दोपहर 12 बजे बीएसपी के प्लेट मिल में हादसा हो गया. ऊंचाई में काम कर रहे ठेका श्रमिक हरबंस का संतुलन बिगड़ा और नीचे गिर गया. जिससे शरीर के कई हिस्सों में चोटे आई.

भिलाई : भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारी वेतन समझौते को लेकर असमंजस में हैं, इंटक के राष्ट्रिय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीवा रेड्डी अब शायद भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों का इंतज़ार ख़त्म कर सकतें हैं. पुरे देश के सभी राष्ट्रिय ट्रेडयूनियन नेता डॉ. जी. संजीवा रेड्डी के नेतृत्व की बड़ी इज्जत करतें हैं. डॉ. जी संजीवा रेड्डी अब भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों की बंद हुईं तमाम सुविधाओं को फिर शुरू करवा सकतें हैं. खबर मिली है कि वे जल्द ही कर्मचारियों को बेहतर वेतन के लिए समझौता करनें के लिए भी पहल करेंगे. इंटक यहाँ से बाहर रहते हुए भी कर्मचारियों को कार एलाउंस, मोबाइल के सिम, कैंटीन एलाउंस जो फिलहाल 23 रूपए है उसे बढ़ा कर 32 रूपए करवाएँगे. सेल के पेंशन स्कीम को लेकर भी कर्मचारियों को गुमराह किया जा रहा है. ये सभी बाते इंटक के नेता पूरण वर्मा नें बताई हैं. पूरण वर्मा नें आगे जानकारी देते हुए बताया किनेशनल जॉइंट कमिटी का जोर-शोर से विरोध करनें वाले अब उस कमिटी में शामिल होनें के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहें हैं. भिलाई स्टील प्लांट कर्मी इस बात को भली बहती देख और समझ रहे हैं. उन्होनें आगे जानकारी दी कि इंटक के प्रति लोगों का काफी अच्छा रुझान है, हमनें काफी सारे मुद्दों पर बात की है जैसे अस्पतालों की बदहाली, टाउनशिप में व्यवस्था सही नहीं होना, स्कूलों में खस्ताहाल और सबसे मुख्य है वेतन समझौता. ये तमाम मुद्दे यहाँ के कर्मचारियों के मुख्य मुद्दे हैं.
वहीँ डी.जी.एस. संजय साहू नें कहा कि जिस प्रकार एक यूनियन कभी एन.जे.सी.एस. का विरोध करती है और उसमें ही जानें के लिए अपनी पूरी ताकत लग अदेती है, उससे उनका दोहर चरित्र कर्मचारियों को समझ में आता है. ये सब तरीके कर्मचारियों कको गुमराह करनें की साजिश है, और ये अब सबको दिखाई भी दे रहा है. इसी कड्डी में महासचिव एस.के. बघेल नें कहा कि अब तक वेज रिविजन नहीं होनें और इंसेंटिव स्कीम का रिविजन नहीं होनें, छुट्टी के नकदीकरण नहीं होनें से पे-पॉकेट बहुत कम हुआ है. यही वजह है कि कर्मियों की जल्दी ही वेतन समझौता हो ये चाहते हैं.

 

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अजय चंद्राकर

अजय चंद्राकर

बात को सँभालते हुए विधानसभाध्यक्ष नें पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक अजित जोगी से कहा कि आप इस विषय में अपनी राय दें. अजीत जोगी नें भी अजय चंद्राकर को इस तरह के जाती सूचक शब्दों के प्रयोग के लिए विरोध किया अजीत जोगी नें कहा कि ‘अजय चंद्राकर जाती वाचक शब्द का प्रयोग न करें.’ जोगी नें आगे कहा कि ‘अजय जी कह दें की प्रवाह में बोलते हुए उन्होनें ये शब्द बोल दिया. ऐसा कहनें पर सदन में उनका कद बढ़ेगा. यहाँ सदन में जातिसूचक बातें नहीं होनी चाहिए.’ अजीत जोगी नें आगे कहा कि ‘अजय बहुत ही वरिष्ट सदस्य हैं, उन्हें अपनें शब्द वापिस लेनें चाहिए. इससे उनका कद बढेगा, न की घटेगा.’

अजीत जोगी

अजीत जोगी

 

अजीत जोगी नें इसके बाद सदन में कहा कि ‘मुझे अगता है कि अब कभी भी यहाँ इस तरह की बात नहीं कहनी चाहिए’ उन्होनें आगे कहा ‘यह भी देखा जाना चाहिए कि और भी कब इस तरह के शब्दों का प्रयोग कौन से सन्दर्भों में किया गया है. अगर मेरे माफ़ी मांगनें से संसदीय परम्पराओं और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की रक्षा होती है तो मई एक बार नहीं बल्कि सौ बार माफ़ी मांगनें के लिए तैयार हूँ.

विधानसभा छत्तीसगढ़ 

 

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