ईश्वर दुबे
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Bhilai
रायपुर. एम्स में एक्सपायरी दवा देने से फेफड़े की बीमारी से ग्रसित व्यक्ति की हालत बिगड़ना नई बात नहीं है। एम्स में पिछले साल अप्रैल में मोतियाबिंद सर्जरी के बाद पांच लोगों की आंखों में संक्रमण हो गया था। आनन-फानन में सभी को एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। लैब की जांच में सर्जरी में उपयोग होने वाली आई ड्राप में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी। यह ड्राप अमृत स्टोर से खरीदी गई थी।
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एम्स प्रशासन ने एक्सपायरी दवा देने के मामले की जांच कर रिपोर्ट डायरेक्टर को सौंप दिया है। रिपोर्ट के बाद एम्स प्रशासन ने एक्सपायरी दवा लगाने वाले दो नर्सों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। उनके जवाब आने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं अमृत केंद्र सरकार से संचालित है। इसलिए इस पर कार्रवाई के लिए केंद्र को पत्र लिखा गया है। एम्स में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद पांच मरीजों की आखों में संक्रमण की जांच के लिए बनी कमेटी ने नेत्र सर्जन डॉ. लिपि चक्रवर्ती को जिम्मेदार ठहराया था।
डायरेक्टर डॉ. नितिन एम. नागरकर ने कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से नेत्र सर्जन पर कार्रवाई की अनुशंसा भी कर दी थी। हालांकि केंद्रीय मंत्रालय की कार्रवाई संबंधी आदेश आने के पहले डॉ. लिपि ने एम्स की नौकरी छोड़ दी थी। डॉ. नागरकर का कहना था कि ऑपरेशन के दौरान सर्जन ने तय प्रोटोकाल का पालन नहीं किया, इसलिए लोगों की आंखों में संक्रमण फैला। ओटी में कोई बैक्टीरिया नहीं मिला। हालांकि दवा में कुछ बैक्टीरिया मिला था।
डॉ. लिपि के ऑपरेशन करने पर भी रोक लगा दी गई थी। डॉ. लिपि ने आरोप लगाया था कि ऑपरेशन थियेटर में कई खामियां हैं। इससे ऑपरेशन के दौरान संक्रमण की आशंका बनी रहती है। उन्होंने एचओडी से लेकर यूनिट हेड को इस बारे में जानकारी दे दी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ओटी सही है तो अभी तक सील क्यों किया गया है? उन्होंने कहा जूनियर होने के कारण उन पर कार्रवाई की गई।
नगर आयुक्त ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई का रिकमंडेशन लेटर भेजा, ब्लैकलिस्टेड करने की अनुशंसा
भिलाई. डस्टबिन सप्लाई में बड़ी धांधली सामने आ रही है। नगर निगम भिलाई को जो डस्टबिन सप्लाई की गई है, उसकी क्वॉलिटी घटिया है। शहर में बांटे गए हर दूसरे डस्टबिन के ढक्कन कभी लगे नहीं। डस्टबिन मुड़ गए हैं या फिर टूट रहे हैं। घटिया क्वालिटी के डस्टबिन सप्लाई होने की वजह से नगर निगम भिलाई ने कंपनी को ब्लैकलिस्टेड करने की अनुशंसा की है। घटिया डस्टबिन सप्लाई कर खुलासा भी भिलाई निगम ने किया। जब निगम आयुक्त एसके सुंदरानी ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के डायरेक्टर को कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिकमंडेशन लेटर भेजा। निगम ने एजेंसी का भुगतान रोक दिया है।
डस्टबिन सप्लाई में धांधली कैसे, उसे आप ऐसे समझें
डस्टबिन में ढक्कन ही नहीं लगे: निगम ने जो रिपोर्ट नगरीय प्रशासन एवं विकास के डायरेक्टर को भेजी है। उसमें इस बात का उल्लेख है कि हर दूसरे डस्टबिन का ढक्कन लग ही नहीं रहा है। क्योंकि ढक्कन और डस्टबिन की साइज अलग-अलग है।
सप्लाई में भी देरी: डस्टबिन की सप्लाई जनवरी 2018 से शुरू हुई। जो मार्च-अप्रैल तक होती रही। यहां तक कई खेप तो अगस्त-सितंबर तक हुई। इसे लेकर भी निगम की आपत्ति है।
डस्टबिन की क्वालिटी पर सवाल: डस्टबिन की क्वालिटी पर सवाल शुरू से ही उठ रहे थे। एक-एक घर में गीले और सूखे कचरे काे इकट्ठा करने के लिए दो-दो डस्टबिन बांटे गए। तभी से लोगों ने इसकी क्वालिटी को लेकर सवाल खड़े करने शुरू किए।
एक नजर शहर में सप्लाई हुई डस्टबिन पर
2.78 लाख डस्टबिन का वितरण निगम क्षेत्र में किया गया।
29 हजार घर टाउनशिप में है, जहां डस्टबिन दिया गया।
04 करोड़ रु. से निगम ने डस्टबिन की खरीदी की है।
66 लाख रु. टाउनशिप में बांटे गए डस्टबिन पर खर्च हुए।
70% घरों में बांटे गए डस्टबिन की क्वालिटी घटिया।
खुलासा कैसे: हरेक जोन से आयुक्त ने मांगी रिपोर्ट तो सबमें मिली गड़बड़ी
सालभर पहले भिलाई निगम क्षेत्र में डस्टबिन वितरण किया गया था। इसके बाद लोगों ने निगम में इसकी कंप्लेन की। इस कंप्लेन के बाद निगम आयुक्त ने सभी छह जोन के स्वच्छता निरीक्षकों से मामले की जांच करवाई। सभी जोन में घटिया डस्टबिन सप्लाई सामने आई।
काम में क्वालिटी से समझौता बिल्कुल नहीं
लोगों की मांग पर डस्टबिन की क्वालिटी की जांच करवाई थी। सभी जोन से इसकी रिपोर्ट मंगवाई तो क्वालिटी ठीक नहीं आई। हमने कंपनी को ब्लैकलिस्टेड करने के लिए सरकार को पत्र भेजा है। कंपनी का 10% भुगातन रोक दिए हैं। किसी भी काम में क्वालिटी से समझौता नहीं होगा।
एसके सुंदरानी, आयुक्त, नगर निगम भिलाई
दो सड़कों पर काम जारी, 22 वार्ड एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में शामिल, 1041 एकड़ होगा विकसित, 3966 करोड़ के कार्य
बिलासपुर. स्मार्ट सिटी के नाम पर बिलासपुर को अब तक 108 करोड़ रुपए मिल चुके हैं। केंद्रीय अनुदान के लिए आयोजित तीसरे राउंड की स्पर्धा में अपना शहर तीसरी बार में जून 2017 में पास हुआ। दो साल में प्रोजेक्ट का नाम 'बने बिलासपुर सिटी स्मार्ट' बदल कर 'हमर बिलासपुर' कर दिया गया, पर इस बीच शहर को एक अदद रोड की सहूलियत भी नहीं मिल सकी है।
30 करोड़ की लागत से बन रही हैं दोनों स्मार्ट सड़क
भक्त कंवरराम नगर द्वार से गणेश चौक, नेहरू नगर जिसे मिट्टी तेल गली के नाम से जाना जाता है, को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित किया जाना है। इस पर काम चलते हुए दो साल से भी अधिक का समय बीत चुका है। दो हिस्सों में पूर्व में बनी कांक्रीट और डामरीकृत सड़क निर्माण के नाम पर अब गड्ढे और धूल के गुबार में डूब चुकी है। कुछ ऐसी ही हालत व्यापार विहार रोड की है। दोनों स्मार्ट रोड की लागत 30 करोड़ है।
वर्क आर्डर में निर्धारित अवधि बीत गई
मिट्टी तेल गली की लंबाई 770 मीटर है। लागत 770 मीटर है। सड़क के दोनों ओर डक्ट, डिवाइडर, सोलर लाइट, सीसी कैमरे, लैंड स्केपिंग कई तरह की सहूलियतों के साथ इसे स्मार्ट रोड का नाम दिया गया है। ईई सुरेश बरुआ का दावा कि बारिश के पहले पूरी रोड का डामरीकरण कर दिया जाएगा। हालत यह है कि एक भी दोपहिया वाहन गुजर जाए तो धूल उड़ने लगती है। रहवासियों को श्वास रोग की शिकायत शुरू हो गई है।
किन कार्यों के लिए अभी और कितना इंतजार
25 करोड़ की लागत वाले व्यापार विहार रोड के पहले चरण का काम तारबाहर से महिमा चौक तक शुरू, कांक्रीटीकरण में छह महीने और लगेंगे।
6.72 करोड़ की लागत से व्यापार विहार में निर्माणाधीन प्लेनेटोरियम का काम डोम की ढलाई तक पहुंचा। इसी साल पूरा होने नोडल अधिकारी का दावा।
20 करोड़ की आईटीएमएस बिल्डिंग का नक्शा संयुक्त संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, रायपुर से पारित होने की स्थिति में। पूरी तरह ग्रीन बिल्डिंग। अगले छह महीने में टेंडर व निर्माण शुरू कराने का दावा।
चीफ ऑपरेशन मैनेजर, जीएम, लीगल एडवाइजर, रिसेप्शनिस्ट, कंप्यूटर ऑपरेटर, प्यून, सिक्योरिटी गार्ड सहित 25 पदों की भर्ती के लिए टेंडर महीने भर के अंदर खुलेगा। कंसल्टेंट के माध्यम से होगी भर्ती।
देरी पर नोडल अफसर ने सफाई दी
नोडल अफसर पीके पंचायती के मुताबिक 73 कार्यों के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए तीन बार टेंडर कराने पड़े। प्राइस वाटर हाउस कूपर और ट्रेक्टाबेल के ज्वाइंट वेंचर को 6 अक्टूबर 2018 को 4 वर्षों के लिए नियुक्त किया गया। 46 कार्यों के लिए कंपनी से सुझाव मिल चुके हैं कि किस तरह विश्वस्तरीय सहूलियतें उपलब्ध कराई जाना है।
बिलासपुर. अटल यूनिवर्सिटी ने अब छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने का निर्णय लिया है। इसके लिए यूजीसी द्वारा बजट भी दिया जाता है। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को पत्र भी लिखा है, पर वहां से उन्हें बजट नहीं मिलेगा। इसका कारण यूनिवर्सिटी का 12 बी में पंजीयन नहीं है। अब ऐसे में खुद के बजट से ही छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग यूनिवर्सिटी को देनी होगी।
नैक के लिए यूनिवर्सिटी ने पीएचडी प्रक्रिया भी शुरू की
अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी नैक की तैयारी में जुट गई है। नैक की तैयारी के लिए यूटीडी के सभी विभागों के साथ-साथ परीक्षा, वित्त, खेल सहित अन्य विभागों को जिम्मेदारी दे दी गई है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी नैक कराने की दृष्टि से पीएचडी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वहीं लाइब्रेरी तैयार करने और उसके लिए किताबों का भी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो रही है। अब ऐसे में यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार यूनिवर्सिटी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ नेट, सेट की कोचिंग नए सत्र से देना चाहती है।
इसके लिए यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद ने निर्णय लिया है। वहीं ऐसी कोचिंग के लिए यूजीसी पैसा देती है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी, रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी को यूजीसी से पैसा मिल रहा है। ऐसे में अटल यूनिवर्सिटी ने भी यूजीसी से मांग करने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन 12बी में पंजीयन नहीं होने के कारण यूजीसी पैसा नहीं देगी। अब यूनिवर्सिटी खुद के पैसे से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने निर्णय लिया है।
इधर मान्यता नहीं मिल रही
अटल यूनिवर्सिटी यूटीडी में 5 नए कोर्स शुरू करना चाहती है। अब ऐसे में कोर्स की मान्यता के लिए यूनिवर्सिटी को यूजीसी और एनसीटीई को जमीन, लाइब्रेरी, खेल मैदान दिखाना है। जो यूनिवर्सिटी के पास नहीं है। इस कारण कोर्स की मान्यता नहीं मिल रही है। यूनिवर्सिटी में खेल मैदान, क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी सिर्फ विकल्प के तौर पर चलाए जा रहे हैं। वहीं यूजीसी के मापदंड पूरा नहीं होने के कारण अनुदान भी नहीं मिल पा रहा है।
10 साल बाद भी नहीं हो पाई 18 पदों पर भर्ती
10 साल बाद भी टीचिंग के 18 पदों पर भर्ती नहीं हो पाई है। यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक के 35 पदों में से 17 पदों पर भर्ती हो पाई थी जबकि बचे 18 खाली पदों पर भर्ती के लिए यूनिवर्सिटी ने राज्य शासन से मंजूरी का प्रस्ताव भेजा था। शासन ने मंजूरी तो दे दी थी, लेकिन अप्रूवल नहीं मिला है। 12बी नहीं होने से यूनिवर्सिटी को रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए अनुदान भी नहीं मिल पा रहे हैं। शैक्षणिक पदों में प्रोफेसर के पांच पद, एसोसिएट प्रोफेसर के 8 पद, असिस्टेंट प्रोफेसर के पांच पद हैं।
क्या है 12 बी : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के तय मापदंडों के अनुसार संबद्ध विश्वविद्यालय को शैक्षणिक पदों पर भर्ती करना होता है तभी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से 12 बी की मान्यता मिलती है। मान्यता मिलने के बाद संबद्ध विश्वविद्यालय को यूजीसी से रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता साफ हो जाता है
मंदिर हसौद क्षेत्र के कया बांधा के पास मिला खून से लथपथ शव
महिला की पहचान नहीं, ग्रामीणों ने शव देख पुलिस को दी सूचना
रायपुर. नया रायपुर (अटल नगर) में रविवार सुबह एक महिला का खून से लथपथ शव मिला है। कया बांधा के पास मैदान में शव पड़ा देख ग्रामीणों ने मंदिर हसौद थाना पुलिस को सूचना दी। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है, लेकिन माना जा रहा है कि पत्थर से सिर कुचलकर महिला की हत्या की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
जानकारी के मुताबिक, कया बांध के पास रविवार सुबह एक महिला का शव मिला है। क्षेत्र से गुजर रहे कुछ लोगों ने मैदान में शव देखा। शव से खून बह रहा था। इस पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। महिला के सिर रक्त रंजित था और पास में ही एक पत्थर पड़ा था। जिससे कि माना जा रहा है कि पत्थर से ही कुचलकर महिला की हत्या की गई होगी।
भिलाई। शाही दशहरा महिला उत्सव समिति द्वारा संरक्षिका चारूलता पाण्डेय के मार्गदर्शन में मां बम्लेश्वरी मंदिर सेक्टर-6, सेक्टर 10 सड़क 33-ए, ए.एन. पाढ़ी का निवास और सेक्टर-5 सड़क 16 दूरदर्शन कलाकार कृष्ण कुमार पाटिल के निवास में शनिवार को चिडिय़ा एवं अन्य पशु-पक्षियों के लिए दाना पानी कटोरे (सकोरे) एवं जल कुण्डा वितरित किया गया। भीषण गर्मी में पशु-पक्षी को इस जल पात्र से पानी प्राप्त हो सकेगा। समिति ने भिलाईवासियों से अपील की है कि अपने-अपने घरों के छत पर, बाल्कनी में व अन्य स्थानों में पशु-पक्षी के लिए पानी अवश्य रखें। कार्यक्रम में बाबी दास, मंजूसा साहू, स्वाति साहू, नूतन किरण, ए.एन. पाढ़ी, कृष्ण कुमार पाटिल, गायत्री वर्मा, रंजीत सिंह यादव, रमा साहू, चंदन शर्मा, पंडित दीपक जैजाडकर, ओंकार सिंह, बैजनाथ झा, अमिता वर्मा, संजय दुबे, कल्पना पाटिल आदि उपस्थित थे।
भिलाई. नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त एस.के. सुंदरानी के निर्देशन पर वाटर हार्वेस्टिंग बनाने का कार्य प्रगति पर है इसी प्रकार निगम के मुख्य कार्यालय से लेकर समस्त जोन कार्यालयों सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी वाटर हार्वेस्टिंग बनाने एवं आधुनिकीकरण कार्य किया जा रहा है साथ ही वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य में प्रगति लाने के लिए नोडल अधिकारी सहित सदस्यों की नियुक्ति भी की गई है!
नोडल अधिकारी वाटर हार्वेस्टिंग डी.के. वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत समस्त आवासीय,व्यवसायिक एवं औद्योगिक क्षेत्र के भवनों व विकसित भूखंडों में अनिवार्यत: रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य किया जाना है!
नगर पालिक निगम अधिनियम में भू स्वामी द्वारा इस विधि-निर्देश का अनुपालन किए जाने का प्रावधान है जिसके लिए इन भवनों मे निर्देश का अनुपालन सभी संबंधित को किया जाना है!
रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए जागरूकता का कार्य, तकनीकी सहयोग एवं निर्माण कार्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है तथा जो व्यक्ति,संस्थान एवं प्रतिष्ठान आदि निगम क्षेत्र अंतर्गत वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य कराना चाहते हैं वे गगन स्वयं सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 72408 10398, आस्था स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 78692 27918, अंबिका स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 78797 49163, जय मां देवी स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 93039 16448, डी.एस.जी. स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 78984 88449, यमुना स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 78048 87364 ,स्वाभिमान स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 89820 07969, जय बजरंग स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 90398 89164, शिव शक्ति स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 6266592053, मां शताक्षी स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 8839753847, कनक स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 883 992 6823, सूर्य स्व सहायता समूह दूरभाष क्रमांक 93994 53332, वैष्णवी स्व सहायता समूह के दूरभाष क्रमांक 831 903 0117 पर संपर्क कर सकते हैं !
निगम आयुक्त श्री सुंदरानी ने जल संरक्षण एवं संचयन के दिशा में निगम द्वारा किए जा रहे कार्य एवं जन जागरूकता में सभी से सहयोग की अपील की है!
भिलाई. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के पीस ऑडिटोरियम, सेक्टर-7 में अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस बडे ही हर्षोलास के साथ मनाया गया। आज का दिन जगत माता का है। सच्ची त्याग तपस्या से जगत माता बन विश्व कल्याणी बनना है। सभी को आशिर्वाद , दुआंए देते हुए शक्ति स्वरूपा माँ के स्वरूप में स्थित हो कर सभी ने ऐसा वरदान हमें दो माँ तथा धरती पे शिव शक्तियाँ आ गई गीतों पर राजयोग मेडिटेशन का गहन अभ्यास किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में सभा में उपस्थित सभी माताओं पर पुष्पों क ी वर्षा कर कार्यक्रम का आरंभ किया गया।
भिलाई सेवा केन्द्रोंं की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने कहा कि हमें हद की कामनाओं से परे रह स्नेह और शक्ति द्वारा विश्व परिवर्तन के कार्य को जगत माता बन कर सम्पन्न करना है। हमें सर्व के प्रति रहम की, वरदानी किरणें फैलाना है जैसे सुर्य जितना ऊंचा होता है उसकी किरणें स्वत: ही चारों ओर फैलती है। ऐसे ही हमारा जीवन हो। अभी हमें वाणी से परे रह विश्व के आगे सैम्पल बनना है। हमें इच्छा मात्रम अविद्या के लक्ष्य को पाना है तब ही हम जगत अम्बा बन कर सबको सुख शांति की अंचली दे सकेगें। समय भी हमार सहयोगी होगा। भगवान और देवी देवताओं से भी ऊंची है माँ।
हर सण्डे को चलने वाले डिवाईन ग्रुप के क्लास में बच्चों से सुंदर ग्रीटिंग कार्ड बनवाया गया जिसे वह अपनी माँ को गिफ्ट करेगें और आज उन्हे प्यार से अपने हाथों से निंबू पानी या शरबत देगें। इस अवसर पर बच्चों को माँ के बारे में बताते हुए ब्रह्माकुमारी इंदू ने कहा कि माँ कैसी भी परिस्थिति में चाहे वो बिमार भी क्यों न हो पर हमे पहले निस्वार्थ पालना देती है। माँ जीवन दायानी है जो कि धरती पर पहला भगवान है। जिसे हम इन नैनो से देखते है। माँ का कर्ज हम किसी भी जन्म में नही उतार सकते है। बच्चों को मदर्स डे पर माँ की ममता से जुडे प्रेरणादायी विडियों प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाये गये।
बांग्लादेशी एयरलाइंस को 50 से ज्यादा ई-मेल किया गया फिर भी कोई जवाब नहीं
विमान उड़ान भरने की हालत में फिर भी बांग्लादेश नहीं ले रहा जे जाने में रुचि
रायपुर. ढाका से मस्कट जा रहे बांग्लादेशी एयरलाइंस के विमान की 7 अगस्त 2015 को रायपुर एयरपोर्ट में आपात लैंडिंग कराई गई थी। करीब चार साल बाद भी यह विमान अभी भी रायपुर में ही खड़ा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय और एयरलाइंस कंपनी को 50 से ज्यादा ई-मेल किए गए, लेकिन कंपनी ने किसी का भी जवाब नहीं दिया।
उड़ान भरने के काबिल है विमान
रायपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इसी हफ्ते फिर से नई चिट्ठी एयरलाइंस के जिम्मेदार लोगों को लिखी है और कहा है कि जब विमान उड़ान भरने के काबिल है तो इसे रायपुर से हटाया क्यों नहीं जा रहा है।
एक इंजन गिर जाने पर कराई थी इमर्जेंसी लैंडिंग
बांग्लादेशी एयरलाइंस के इस विमान से एक इंजन गिर गया था, जिसकी वजह से इसकी इमरजेंसी लैंडिंग 7 अगस्त 2015 को रायपुर एयरपोर्ट में कराई गई थी। बाद में एयरलाइंस ने दूसरा नया इंजन भी लगा दिया और विमान को रनवे पर दौड़ाकर भी देखा गया। सबकुछ ठीक होने के बाद इसे रनवे से काफी दूर खड़ा कर दिया गया है।
पहले रन-वे के करीब था विमान
पहले रनवे के काफी खड़ा होने से कई बार वहां गाड़ियों को आने-जाने में दिक्कत होती थी। इसलिए विमान के ठीक होने के बाद उसे काफी दूर किया गया। बताया जा रहा है कि बांग्लादेशी एयरलाइंस का एक और विमान 14 साल से एक और देश में खड़ा है। इसे भी आपातकालीन लैंडिंग के बाद अभी तक वहां से नहीं हटया गया है।
बालौदाबाजार. घर में शादी कार्यक्रम के बीच एक 6 साल की बालक को गांव के ही युवक ने चॉकलेट दिलाने के नाम पर खेत की ओर ले गया। वहां आरोपी ने अप्राकृतिक कृत्य करने की कोशिश की। बच्चा रोने लगा तो आरोपी ने घबराकर छोड़ दिया। परिजनों को पता चला तो रात 1 बजे के करीब थाने में जाकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को खेत की ओर से गिरफ्तार कर लिया।
थाना गिधौरी इलाके के टुंड्रा गांव में रविवार को एक घर में शादी की रस्में हो रही थीं। चूल-माटी का कार्यक्रम था और डीजे बजाकर लोग सेलिब्रेट कर रहे थे। यहीं गांव का ही 6 साल का बच्चा दूसरे बच्चों के साथ डीजे में डांस कर रहा था। इसी दौरान गांव का मंटू उर्फ नरेश पटेल बच्चे को चॉकलेट दिलाने का कहकर खेत की ओर ले गया।
बच्चा आरोपी के चंगुल से छूटकर भागा
यहां उसने अप्राकृतिक कृत्य करने की कोशिश की। बच्चा जोर-जोर से रोने लगा। ये देखकर आरोपी उसे छोड़ दिया। बच्चा वहां से वापस आया। उसे रोता देख दूसरे बच्चे उससे पूछने लगे कि क्या हो गया। इसी दौरान बच्चे का पिता उसे घर ले जाने के लिए खोजते हुए वहां पहुंचे। बच्चे ने उनसे पूरी आपबीती बताई। फिर नाबालिग के पिता उसे लेकर उसी रात करीब 1 बजे थाने पहुंचे।
भागने की फिराक में था आरोपी पकड़ा गया
इधर आरोपी सुबह 4.30 बजे के करीब अपना सामान लेकर भागने के लिए गिधौरी की ओर जा रहा था तभी खेत की ओर से निकलकर भागते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मंटू उर्फ नरेश पटेल पिता रामायण प्रसाद पटेल (20 साल) को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
डीआरजी की तर्ज पर पहली बार दंतेवाड़ा में तैनात होंगी महिला कमांडो
सीआरपीएफ कमांडो दे रही हैं जंगल वॉर की ट्रेनिंग, दो माह बाद लेंगी नक्सलियों से मोर्चा
30 महिला कमांडों की टीम में 7 पूर्व नक्सली भी शामिल, महिला डीएसपी करेंगी नेतृत्व
दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा के नक्सल विरोधी अभियान में पहली बार महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड्स) की तर्ज पर 30 महिला पुलिसकर्मियों की टुकड़ी तैयार की गई है। इस टुकड़ी को 'दंतेश्वरी फाइटर्स' का नाम दिया गया है। खास बात यह है कि इस टीम में 7 सरेंडर कर चुकी महिला नक्सली भी हैं। 8 मई को हुए एनकाउंटर में बैकअप पार्टी के तौर पर पहली बार दंतेश्वरी फाइटर्स की 12 महिला कमांडो को शामिल किया गया था।
60 महिला कमांडो ले रही हैं ट्रेनिंग
बस्तर में नक्सल ऑपरेशन के दौरान बस्तर पुलिस के साथ सीआरपीएफ की भी शामिल होती है। दोनों ही आपस में तालमेल स्थापित कर यहां काम कर रही हैं। दंतेवाड़ा को सीआरपीएफ की बस्तरिया महिला बटालियन की कंपनी मिल गई हैं। यहां फोर्स की महिलाएं तैनात होते ही पुलिस ने भी महिलाओं को नक्सल ऑपरेशन की रणनीति का हिस्सा बना दिया है। सीआरपीएफ के बस्तरिया बटालियन की 30 सदस्य और जिला पुलिस बल के 30 दंतेश्वरी फाइटर्स यानि कुल 60 कमांडो मिलकर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाएंगी।
महत्वपूर्ण बात ये है कि दोनों ही टीम की महिलाएं बस्तर की ही स्थानीय निवासी हैं। दंतेश्वरी फाइटर्स में हथियार डालने वाली कुछ महिला नक्सली भी हैं। सीआरपीएफ की बस्तरिया बटालियन की महिलाएं और दंतेश्वरी फाइटर्स आपस में समन्वय स्थापित कर सघन इलाकों में नक्सल ऑपरेशन पर भी जाएंगी। इन्हें ट्रेनिंग असिस्टेंट कमांडेंट आस्था भारद्वाज व दंतेवाड़ा की डीएसपी दिनेश्वरी नन्द के नेतृत्व में दी जा रही है। पहले से प्रशिक्षित सीआरपीएफ टीम को ट्रेनिंग देने के लिए इसलिए चुना गया है ताकि दंतेश्वरी फाइटर्स को सहज माहौल के साथ अच्छा प्रशिक्षण मिल सके।
9 मई से शुरू हो चुका है महिला कमांडोज का प्रशिक्षण
इस दस्ते को खास ट्रेनिंग सीआरपीएफ की टीम दे रही है। कारली के अलावा कई जगह प्रशिक्षण दिया जाएगा। नक्सल ऑपरेशन के लिए ट्रेनिंग की शुरुआत हो चुकी है। प्रशिक्षण के दौरान बाइक चलाने के साथ महिला कमांडो टीम को निशाना साधने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वहीं जंगल वॉर के लिए भी इन महिला कमांडो को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दंतेवाड़ा में डीआरजी की अभी 5 टीमें हैं। नक्सल ऑपरेशन के लिए इन्हीं टीमों को भेजा जाता है। इस टीम में डीआरजी के जवान से लेकर सरेंडर नक्सली भी शामिल हैं। अब छठवीं टीम महिलाओं की होगी।
महिलापुलिस कर्मियों की यह टुकड़ी आईईडी निकालने से लेकर नक्सलियों की धरपकड़ का काम करेंगी। इन्हें क्षेत्र की हर परिस्थितियों से अवगत कराने के बाद ही मैदान में उतारा जाएगा। ताकि नक्सलियों के हर मंसूबे विफल हो सकें। हथियार चलाना सीख चुकी इन महिला पुलिसकर्मियों को बाइक चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। वो इसलिए क्योंकि अमूमन नक्सल ऑपरेशन के लिए गश्त पर जवान पैदल या फिर दोपहिया से ही निकलते हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि नक्सली सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने बम प्लांट किये होते हैं।
अकेले ऑपरेशन पर भी जाएगी टुकड़ी
पुलिस व नक्सलियों के बीच हुई हर बड़ी मुठभेड़ में महिला नक्सली भी शामिल रहती हैं। साल 2017 में बुरगुम में हुए एनकाउंटर में महिला नक्सलियों ने पूरी कमान संभाली हुई थी, हालांकि जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देकर 8 लाख की इनामी नक्सली पाले को ढेर किया था। अब नक्सलियों से मुकाबला कर महिला पुलिसकर्मियों की ये टुकड़ी उन्हें धूल चटाएगी। इस टुकड़ी को अकेले नक्सल ऑपरेशन के लिए भेजा जाएगा।
ऑपरेशन में सरेंडर नक्सल दंपती को भी भेजा जाएगा
एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि दोनों टीम मिलकर दंतेवाड़ा में नक्सलियों की कमर तोड़ने का काम करेंगी। वहीं डीआरजी की टीम में शामिल सरेंडर नक्सली तो ऑपरेशन में जाते ही हैं, इनके साथ सरेंडर कर चुकी इनकी पत्नियों को भी ऑपरेशन में भेजा जाएगा। यानि हर छोटे बड़े ऑपरेशन में सरेंडर नक्सली पति-पत्नी दोनों को भेजा जाएगा। अब तक ऐसे 7 जोड़ों को इसमें शामिल किया गया है जो एक समय बड़े इनामी नक्सली हुआ करते थे।
माशिमं ने छात्र-छात्राओं को डिप्रेशन से बचाने के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
इस बार दसवीं में करीब 3.88 लाख और बारहवीं में 2.62 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे
रायपुर. माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) दसवीं-बारहवीं परीक्षा के नतीजे शुक्रवार को जारी करेगा। बोर्ड परीक्षा में इस बार करीब साढ़े छह लाख परीक्षार्थी शामिल हुए। इसमें से दसवीं में करीब 3.88 लाख और बारहवीं में 2.62 लाख परीक्षार्थी है। नतीजे एक बजे माशिमं के सभाकक्ष में घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही कम नंबर आने पर अंकों को लेकर डिप्रेशन में जाने वाले छात्र-छात्राओं को उससे बचाने के लिए माशिमं ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
इस बार कोई मंत्री या विधायक शामिल नहीं होंगे
नतीजे जारी करने से संबंधित कार्यक्रम में इस बार कोई मंत्री या विधायक शामिल नहीं होंगे। आचार संहिता की वजह से वे कार्यक्रम से दूर रहेंगे। स्कूल शिक्षा सचिव और माशिमं के अध्यक्ष गौरव द्विवेदी और माशिमं सचिव वीके गोयल की मौजूदगी में नतीजे जारी होंगे। पिछली बार 9 मई को रिजल्ट जारी हुए थे। तब भी दसवीं और बारहवीं के रिजल्ट एक साथ घोषित किए गए थे।
डिप्रेशन में न जाए स्टूडेंट्स, माशिमं ने की तैयारी
बोर्ड परीक्षा के परिणाम आते ही कुछ छात्र-छात्राओं के चेहरे पर खुशी तो कुछ के चेहरे पर उदासी छा जाती है। कुछ उम्मीद के मुताबिक अंक न मिलने से इतने परेशान हो जाते हैं कि डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। इससे बचने के लिए माशिमं ने स्पेशल हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था की है। पं. रविशंकर विश्वविद्यालय की हेल्पलाइन आज से शुरू कर दी गई है। सुबह 10.30 से शाम 5 बजे तक हेल्पलाइन नंबर 1800-2334363 चालू रहेंगे। हेल्प लाइन नंबर में मनोचिकित्सक कैरियर काउंसिलर और शैक्षिक अभिप्रेरक अपनी सेवाएं देंगे।
जेईई एडवांस्ड में सफल होने वाले छात्र-छात्राएं जून से करा सकेंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
आईआईटी भिलाई को भी इस बार बनाया जाएगा जोसा का सेंटर, चल रही तैयारी
भिलाई. ज्वॉइंट एंट्रेंस एक्जाम (जेईई) मेन के दोनों पार्ट रिजल्ट आ गए हैं। अब एडवांस्ड के रिजल्ट आने बाकी है। एडवांस्ड पास करने वाले परीक्षार्थियों को आईआईटी, एनआईटी और आईआईआईटी में प्रवेश के लिए देशभर में काउंसिलिंग सेंटर बनाए गए हैं। इसमें आईआईटी भिलाई को भी सेंटर बनाया जा सकता है। देश के 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, आईआईआईटी और सहित अन्य सरकारी-वित्तीय सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थानों में सीट का आवंटन ज्वॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (जोसा) के माध्यम से किया जाएगा।
दो राउंड में मॉक सीट होगा आवंटन, बताएंगे प्रक्रिया
सीट आवंटन से पहले 2 राउंड में मॉक सीट आवंटन किया जाएगा। इसमें परीक्षार्थियों को सीट किस प्रकार लॉक करनी है और इसकी क्या प्रक्रिया होती है, इसे बताया जाएगा। इसके बाद जोसा के 7 राउंड की काउंसिलिंग होगी। इसमें परीक्षार्थियों को उनकी योग्यता और पाठ्यक्रमों तथा कॉलेजों की वरीयता के आधार पर सीटें आवंटित की जाएंगी। बताया जा रहा है कि इस बार एडवांस्ड देने वालों की संख्या बढ़ गई है।
कुछ ऐसा है जेईई एडवांस्ड का यह रहेगा शेड्यूल
आईआईटी के लिए होने वाला एडवांस्ड 27 मई को होगा। पेपर-1 सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक चलेगा। वहीं पेपर-2 दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक रहेगा। इससे पहले 20 से 27 मई की सुबह 9 बजे तक विद्यार्थी एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। आईआईटी रूड़की ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसकी तैयारी जोसा की ओर से शुरू हो गई है। वहीं संबंधित सेंटरों को आईआईटी की काउंसिलिंग के लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
14 जून तक घोषित होंगे एडवांस्ड के परिणाम
इसके मुताबिक स्टूडेंट्स को रिस्पांस की कॉपी भेजने की तारीख 1 जून शाम 5 बजे तक। आंसर-की 4 जून की सुबह 10 बजे से डिस्प्ले होगी और फीडबैक 4 जून की सुबह 10 से लेकर 5 जून की शाम 5 बजे तक भेजे जा सकते हैं। 14 जून को एडवांस्ड का परिणाम घोषित होगा। परीक्षार्थियों को पहले रजिस्ट्रेशन कराकर सीट लॉक करनी होगी। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जून के दूसरे सप्ताह से ऑनलाइन शुरू हो जाएगी।
जेईई एडवांस्ड का हिंदी ब्रोशर जारी
जेईई एडवांस्ड के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हाे गए है। हिंदी में भी इसका इन्फॉर्मेशन ब्रोशर जारी कर दिया गया है। वेबसाइट पर एफएक्यू जारी किए हैं। एक्सपर्ट ने बताया कि स्टूडेंट्स में अधिक असमंजस कैटेगरी को लेकर बना रहता है। जेईई मेन के दौरान ओबीसी एनसीएल में आवेदन कर दिया था। वे ओबीसी एनसीएल कैटेगरी से नहीं हैं।
शहरों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए शासन ने ही जारी की अधिसूचना
अनुमति नहीं लेने पर होगी कार्रवाई, कचरा फैलाने पर देना होगा जुर्माना
रायगढ़. मोहल्ले के सामुदायिक भवन, मैरिज गार्डन व पिकनिक स्पॉट में 100 या अधिक लोगों की पार्टी के लिए आपको नगर निगम से परमिशन लेनी पड़ेगी। ये अनुमति आयोजन के 72 घंटे यानि तीन दिन पहले लेनी होगी। नगर निगम आयुक्त रमेश जायसवाल ने ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन अधिनियम 2016 के तहत यह आदेश जारी कर दिया है। दरअसल, स्वच्छता अभियान के तहत शहरों को स्वच्छ रखने के लिए शासन ने ही यह अधिसूचना जारी की है। जिसके बाद नगर निगम ने फरमान जारी किया है।
गंदगी फैलाई तो दो हजार, दोहराई तो तीन हजार जुर्माना
कमिश्नर के जारी आदेश के मुताबिक, अब शहर में शादी समारोह या किसी समारोह में 100 प्लेट से अधिक खाना बनेगा तो संबंधित कैटरर्स या होटल को निगम से परमिशन लेना पड़ेगा। इससे खुले में कचरा फेंकने पर नियंत्रण होगा। गंदगी पर आयोजन स्थल के संचालक को 2 हजार जुर्माना भरना पड़ेगा। गलती दोहराई तो 3 हजार जुर्माना के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इस संबंध में जल्द ही शहर की धर्मशालाओं, होटलों और मैरिज ग्राउंड संचालकों को सूचना दी जाएगी।
आर्थिक दंड का भी है प्रावधान
नगर निगम आयुक्त रमेश जायसवाल ने बताया कि पहले पब्लिक और धर्मशाला, होटल, मैरिज गार्डन व कैटरिंग संचालकों को इस अधिनियम की नियमावली के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके बाद भी अगर नियमावली का उल्लंघन किया जाता है तो संबंधित के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। इसमें आयोजक, कैटरर्स और टेंट व्यापारियों पर अलग-अलग जुर्माना लगाया जाएगा।
इसलिए जारी किया ये फरमान
अक्सर यह देखने को मिल रही थी कि शादी समारोह या अन्य किसी बड़े आयोजन में बड़ी मात्रा में वेस्ट खाना इधर-उधर फेंकते हैं। कैंपस का कचरा भी होटल या गॉर्डन किनारे फेंकते थे। बाद में निगम को वह कचरा निगम उठाता है। अब ऐसा नहीं होगा। शासन ने कानून में प्रावधान किया है कि अब कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शासन से निर्देश मिलने के बाद अब नगर निगम ने इस प्रकार कचरा फैलाने वालों पर कड़ाई बरतने का निर्णय लिया है। अब निगम धार्मिक और सामाजिक आयोजनों पर भी नजर रखेगा। यदि अनुमति के बगैर काम किया तो आयोजन स्थल के संचालक को 2 हजार जुर्माना भरना पड़ेगा। यहीं गलती दोहराई तो 3 हजार जुर्माना के साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
स्वच्छता रैंकिंग में हो रहा सुधार
स्वच्छता रैंकिंग में रायगढ़ लगातार सुधार कर रहा है। दो महीने पहले याने मार्च में जारी स्वच्छता रैंक में देश के सबसे स्वच्छ शहरों में रायगढ़ 43 वें नंबर पर है। बीते साल की तुलना में 11 स्थान की छलांग लगाई है। वहीं प्रदेश में 5 हजार के अंकों व सफाई के लिए चार तरह के कैटेगरी में अंकों का विभाजन कर स्वच्छता रैंकिंग जारी की गई। जिसमें रायगढ़ 3374 अंक लेकर देश के शहरों की सूची में 43 वें नंबर पर है।
पिछले साल 2018 में रायगढ़ निगम ने 54 वीं रैंकिंग लाई थी। छग में अन्य शहरों से रायगढ़ नगर निगम की तुलना की जाए तो हमारा शहर सफाई के मामले में प्रदेश में आठवें नंबर है। सफाई में हमसे आगे अंबिकापुर, दुर्ग, रायपुर, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा, जगदलपुर एवं राजनांदगांव नगर निगम हैं।