ईश्वर दुबे
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Bhilai
जशपुर. जिले के तपकरा क्षेत्र में गुरुवार देर रात हुए सड़क हादसे में बाइक सवार चार युवकों की मौत हो गई। पंपशाला के सामने तेज रफ्तार बाइक सामने से आ ही रॉयल बस से जा भिड़ी। हादसा इतना जबरदस्त था कि चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। चारों युवक एक ही बाइक पर सवार थे और किसी ने भी हेलमेट नहीं लगा रखा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवा दिया है। मृतक युवकों की अभी पहचान नहीं हो सकी है।
तेज रफ्तार बाइक सामने देख सवारियों से भरी बस को नहीं रोक पाया चालक
जानकारी के मुताबिक, रोज की तरह एक रॉयल बस देर शाम जशपुर से रायपुर के लिए रवाना हुई थी। आधी रात के करीब 11.45 बजे तपकरा थाना क्षेत्र में पंपशाला के पास सामने से तेज रफ्तार बाइक आती देख बस चालक ने नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन सवारी भरे होने के कारण अचानक बस को धीमे नहीं कर पाया। इसके चलते बस और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में मारे गए सभी युवक एक ही बाइक पर सवार थे।
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मारे गए युवकों की शिनाख्त कराने का भी प्रयास किया गया, लेकिन रात ज्यादा होने के कारण उनकी पहचान नहीं हो सकी। हालांकि माना जा रहा है कि युवक आसपास के किसी गांव के हो सकते हैं। पुलिस ने शवों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस क्षतिग्रस्त बाइक और बस को थाने ले गई है। वहीं चालक का कहना है कि रात में तेज रफ्तार बाइक आकर बस से भिड़ी थी। ऐसे में उसकी गलती नहीं है।
बारिश और आंधी से बचने के लिए दीवार की ओट में खड़े थे चारों
दबने के घंटे भर बाद काफी मशक्कत से निकाला गया मजदूरों को
धमतरी. जिले में बुधवार शाम अचानक आई तेज आंधी और बारिश में दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं एक गंभीर रूप से घायल है जिसका इलाज चल चल रहा है। तेज आंधी से 50 से अधिक पेड़ गिर गए हैं और 30 से अधिक बिजली के पोल उखड़ गए हैं।
बुधवार शाम सवा पांच बजे के करीब अचानक मौसम का मिजा बदलने लगा और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इस दौरान एक किराना भंडार में काम करने वाले पोटियाडीह निवासी केशव (41), श्यामतराई निवासी ईश्वर (37) और पदम (32) तीनों बारिश से बचने के लिए पास के 15 फीट ऊंची दीवार के किनारे जाकर खड़े हो गए। इस दौरान सड़क से गुजर रहे अर्जुनी निवासी नोहर (42) भी वहीं जाकर खड़ा हो गया। अचानक दीवार भरभराकर गिरी और केशव, ईश्वर, पदम व नोहर दब गए। करीब घंटेभर की मशक्कत बाद सभी को बाहर निकाला गया। दीवार में दबने से केशव, ईश्वर और पदम की मौत हो गई जबकि नोहर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
ट्रांसपोर्टरों को झांसा देने वाले दो युवकों के नाम सामने आए
कंपनी को गाड़ी बेच दी थी, आराेपियों ने वहीं से खरीदी
रायपुर . आबकारी मंत्री कवासी लखमा के नाम पर ठगी करने वाले भिलाई-राजनांदगांव के दो युवकों को पुलिस ने मंगलवार रात छापा मारकर नागपुर में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मंत्री की पुरानी गाड़ी में घूमते थे। मंत्री का करीबी बताकर एक दर्जन से ज्यादा ट्रांसपोर्टरों से अनुबंध कर किराए पर हाईवा लेते थे और आंध्रप्रदेश या कर्नाटक में बेच देते थे। इस तरह से आरोपियों ने 14 हाईवा बेच दी। दुर्ग में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। दुर्ग पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान रायपुर में भी उनके खिलाफ शिकायत आई। इसके बाद मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रायपुर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दुर्ग पुलिस आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार करेगी। एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि भिलाई खुर्सीपार के शिवा वारी का परिचय ट्रेवल एजेंट जाकिर खान से है। जाकिर ने छह महीने पहले एक गाड़ी खरीदी है जो मंत्री कवासी लखमा के नाम पर है। मंत्री की गाड़ी का छह माह पहले एक्सीडेंट हो गया था। उसे कंपनी में बेच दिया गया। उसी गाड़ी को कंपनी से जाकिर ने खरीद लिया। जाकिर ने गाड़ी को अपने नाम पर करा लिया है, लेकिन आरटीओ की साइट में अपडेट नहीं हुआ है। साइट में अब भी गाड़ी मंत्री के नाम पर है।
इसी का फायदा उठाने की शिवा ने प्लानिंग की। उसने जाकिर से किराए पर मंत्री के नाम वाली गाड़ी ली। डेढ़ महीने तक वह उसी में घूमता रहा। उसने रायपुर से लेकर राजनांदगांव, बिलासपुर, मुंगेली के एेसे ट्रांसपोर्टर से संपर्क किया, जिनके पास हाइवा हैं। उनसे कहा कि वह मंत्री का पूरा काम देखता है। इसलिए मंत्री ने उसे अपनी गाड़ी दी है। आरोपी ने अधिकांश लोगों से हाइवा किराए पर लेने का अनुबंध किया। उन्हें डेढ़ से दो लाख रुपए महीना देने का झांसा दिया। किसी को 40 हजार तो किसी को 70 हजार एडवांस में पैसे दिए। ट्रासंपोर्टर भी उसके झांसे में आ गए। उसे अपना हाइवा चलाने के लिए दे दिया। आरोपी ने हाइवा आंध्रा, कर्नाटक, तमिलनाडु के लिए रवाना कर दिया। वहीं सस्ते में गाड़ी का सौदा कर लिया। आरोपी ने ढाई-तीन लाख रुपए में गाड़ियों को बेच दिया है।
इस काम में आरोपी के साथ राजनांदगांव का आरिफ खान भी था। उसने मुंगेली की चार गाड़ियां बेची हैं। आरोपी पैसे लेकर गायब हो गए। ट्रांसपोर्टरों ने आरोपी की तलाश शुरू की। दोनों ने अपना मोबाइल नंबर बदल दिया। इसकी शिकायत मंत्री के बंगले तक पहुंच गई। इसके बाद रायपुर पुलिस को सूचना मिली। पुलिस हरकत में आई। दोनों आरोपियों को ट्रैस करना शुरू किया गया। मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों नागपुर में है। एक टीम वहां भेजी गई और आरोपियों को पकड़ लिया गया। दोनों को बुधवार को रायपुर लाया गया। आरोपियों ने पैसे खर्च कर दिए हैं।
12 ट्रांसपोर्टरों ने लिखाई शिकायतें, दाे गाड़ियां जब्त : पिछले दो महीने से ट्रांसपोर्टर आरोपियों की तलाश में भटक रहे थे। दुर्ग पुलिस के पास 12 ट्रांसपोर्टर अलग-अलग शिकायत लेकर पहुंचे। लगातार शिकायत के बाद 29 मई को सभी ट्रांसपोर्टर की ओर से दुर्ग कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया। अब तक आरोपियों के खिलाफ 14 गाड़ी बेचने की शिकायत मिली है। उसमें से 2 गाड़ी आंध्रप्रदेश में जब्त कर लिया गया है। बाकी गाड़ी की तलाश की जा रही है।
परिवहन विभाग की लापरवाही से ठगी : पुलिस के अनुसार जाकिर खान ने दस्तावेजों में कार को अपने नाम करा लिया है, लेकिन परिवहन विभाग ने उसे अपडेट नहीं किया है। अभी भी परिवहन विभाग की साइट में गाड़ी मंत्री के नाम पर है। इसी का फायदा ठग उठा रहा था। किसी ने इस आेर ध्यान भी नहीं दिया है।
एक अन्य मामले में भी पिछली सरकार के वरिष्ठ मंत्री का करीबी बताकर 36 लाख ठगे : पिछले सरकार में एक वरिष्ठ मंत्री के करीबी होने का झांसा देकर एक प्राइवेट टीचर ने 36 लाख की ठगी कर ली। कृषि विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर ऑपरेटर की नौकरी लगाने का झांसा दिया। आरोपी पैसा लेकर फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक सांई नगर का आकाश श्रीवास्तव आयुर्वेदिक दवाई का सेल्समैन है। उनके यहां 2018 में आकाश राय उनकी बेटी को पढ़ाने आता था। आरोपी खुद को एफसीआई का अधिकारी बताता था। वह कॉलोनी के कई बच्चों को घर जाकर ट्यूशन देता था। उसने बताया कि एक वरिष्ठ मंत्री से अच्छी पहचान है। मंत्री उनकी बात सुनते हैं। उसने आकाश को कृषि विश्वविद्यालय में ऑपरेटर की नौकरी लगाने का झांसा दिया। उनसे सात लाख रुपए ले लिया। आरोपी छह महीने तक घुमाते रहा। फिर ट्यूशन आना बंद कर दिया। आरोपी ने अपना मोबाइल ही बंद कर दिया। बाद में उन्हें पता चला कि एक महिला से 25 लाख लिया है।
उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी लगाने का झांसा दिया था। इसी तरह कुछ लोगों को लेबर अधिकारी बनाने के लिए चार लाख लिया था। आरोपी ने पूरे पैसे खर्च कर लिया है। आरोपी का किसी मंत्री से परिचय नहीं है। वह किसी सरकारी नौकरी में भी नहीं है।
घटना के बाद इलाज करने वाला ओडिशा भागा
कोंडागांव | बड़ेकनेरा में एक झोलाछाप डाॅक्टर के इलाज से छठवीं में पढ़ रहे एक छात्र की मौत हो गई। जबकि उसकी दादी रुको बाई को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भर्ती कराना पड़ा। उनकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद से इलाज करने वाले झोलाछाप डाॅक्टर फरार है। जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से लगे बड़ेकनेरा के लिमऊगुड़ा पारा के 13 वर्षीय हेमंत कश्यप और उसकी दादी को उल्टी-दस्त होने लगी। परिजनों के कहने पर झोलाछाप डाक्टर विश्वास को घर आया। विश्वास ने दादी को दवा देने के बाद हेमंत को ग्लूकोज का बाेतल चढ़ाया और एक इंजेक्शन लगाया। दोपहर दो बजे के बाद हेमंत की हालत खराब होने लगी। इसके बाद परिजन उसे सरकारी हास्पिटल ले जा रहे थे, लेकिन इससे पहले ही रात दस बजे उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर दादी की तबीयत खराब होने लगी तो उन्हें जिला हास्पिटल में भर्ती करवाया है। उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद इलाज करने वाला विश्वास ओडिशा के उमरकोट भाग गया। विश्वास के घर के पास ही आलोकनाथ मंडल नामक एक और झोलाछाप डॉक्टर रहता था। घटना के बाद से वह कोलकाता फरार हो गया है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जब पीएचसी में पदस्थ डॉ. पीएन साहू से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पीएचसी समय पर खुलती और बंद होती है। रात में हास्पिटल बंद रहता है, लेकिन यदि हमें काॅल आता है तो हम उपचार के लिए चले आते हैं। मृतक हेमंत के पिता जगदीश कश्यप ने कहा कि वे जल्द ही इस घटना की रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज करवाएंगे ।
लखनपुर और मैनपुर में बारिश के साथ गिरे ओले
पेड़ गिरने से बालोद-दुर्ग मार्ग पर तीन घंटे लगा रहा जाम
राजनांदगांव/कांकेर/कवर्धा . प्रदेश में बुधवार को भी दिन में उत्तरी और मैदानी क्षेत्र के तेज गर्मी के साथ लू चली। 13 घंटे 12 मिनट तक सूरज की रोशनी प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में पड़ी। सबसे ज्यादा बिलासपुर में 45.8 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया।
इस सीजन में पहली बार अंबिकापुर और पेंड्रा रोड में पारा 43 डिग्री पर पहुंचा। लेकिन शाम को कई इलाकों में अचानक मौसम बदला और अंधड़ के साथ बारिश हुई और ओले भी गिरे। प्रदेशभर में 300 से ज्यादा बिजले के खंभे गिरने की खबर है। धमतरी जिला मुख्यालय से करीब 4 किमी दूर श्यामतराई में शाम सवा पांच बजे तेज अंधड़ और बारिश के कारण 15 फीट ऊंची दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल है।
बालोद में तेज अंधड़ से दो दर्जन से ज्यादा पेड़ धराशायी हो गए। इससे सड़क और रेल मार्ग बाधित हो गया। राजनांदगांव के सोमनी में दोपहर तीन बजे तेज अंधड़ में हाईवे पर ट्रेलर पलट गया। इलाके में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे और पेड़ों के उखड़ने के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बाद में बिजली कंपनी के कर्मचारी सक्रिय हुए और सुधार कार्य में जुटते रहे, लेकिन अंधेरा हो जाने की वजह से इन हिस्सों में व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं की जा सकी। छह गांवों की बिजली बुरी तरह बाधित हुई है।
कांकेर जिले में शाम 6 बजे के बाद आंधी चली। लखनपुरी में आधे घंटे की तेज बारिश के साथ रात 8 बजे ओले भी गिरे। गरियाबंद के मैनपुर में शाम 4-5 बजे के बीच बारिश के साथ कई जगह ओले गिरे। बालोद में शहर में सूखा रहा, जबकि गुंडरदेही ब्लॉक में शाम 4.30 बजे तेज बारिश के साथ 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। इससे सिकोसा पैरी के बीच दो दर्जन से ज्यादा पेड़ उखड़ गए। इसके कारण बालोद-दुर्ग रोड पर तीन घंटे जाम लगा रहा। सिकोसा में ही पटरी पर पेड़ गिरने से दल्लीराजहरा डेमू डेढ़ घंटे गुंडरदेही स्टेशन पर खड़ी रही। बसों का रास्ता डायवर्ट किया गया।
बारिश से बचने के लिए दीवार के किनारे खड़े थे : धमतरी के श्यामतराई में भरत किराया भंडार के भवन में काम कर रहे मजदूर पोटियाडीह निवासी केशव (41), श्यामतराई निवासी ईश्वर (37) और पदम (32) बारिश से बचने के लिए दीवार के किनारे खड़े थे। इस दौरान सड़क से गुजर रहे अर्जुनी निवासी नोहर (42) भी वहीं जाकर खड़े हो गए। अचानक दीवार भरभराकर गिर गई। क्रेन मंगाकर करीब घंटेभर की मशक्कत बाद सभी को बाहर निकाला गया। केशव, ईश्वर और पदम की मौत हो गई जबकि नोहर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
माैसम विभाग ने कहा- भारतीय माैसम विभाग ने मानसून के 6 जून काे केरल तट पहुंचने के अपने पहले के पूर्वानुमान काे बदलते हुए अब कहा है कि यह अब एक सप्ताह की देरी से 8 जून काे पहुंचेगा। एक दिन पहले ही माैसम विभाग ने 7 जून तक पहुंचने की बात कही थी। सामान्य ताैर पर केरल तट पर मानसून 1 जून काे पहुंचता है। माैसम विभाग ने अपने मानसून बुलेटिन में कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वाेत्तर के राज्याें में अगले 3 से चार दिन में पहुंच सकता है।
66 वार्डों के परिसीमन के लिए दावा, आपत्ति निराकरण के बाद भेज दिया जाएगा नगरीय प्रशासन विभाग को
बिलासपुर. अब से ठीक 27 दिन बाद नगर निगम के 66 वार्डों के परिसीमन के लिए बुलाई गई दावा, आपत्तियों का निराकरण करने के बाद उसे अंतिम प्रकाशन के लिए कलेक्टर की अनुशंसा से संचालक नगरीय प्रशासन को भेज दिया जाएगा। 168 निकायों के वार्ड परिसीमन के लिए मंगलवार को रायपुर में संचालक अलरमेलमंगई डी.द्वारा बुलाई गई बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि इस बीच नगर निगम की सीमावृद्धि का प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा गया, तो उन्हें शामिल नहीं किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने की थी 29 ग्राम पंचायतों को शामिल करने की घोषणा
दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उस घोषणा पर अमल नहीं होगा, जो उन्होंने सत्ता संभालने के बाद पहले प्रवास पर अपने अभिनंदन के जवाब में निगम की सीमा से जुड़े पास पड़ोस के तिफरा नगर पालिका और सिरगिट्टी, सकरी नगर पंचायतों सहित 29 ग्राम पंचायतों को शामिल करने कहा था। इसका सीधा सा अर्थ है कि दिसंबर में होने वाले नगर पालिक निगम के चुनाव 66 वार्डों में होंगे। उसमें नए गांव शामिल नहीं होंगे। जब बिलासपुर नगर निगम की सीमा नहीं बढ़ेगी तो उसका विकास भी नहीं होगा।
परिसीमन में बिलासपुर अव्वल
निगम बिलासपुर सहित जिले की 3 नगर पालिका तिफरा, रतनपुर, तखतपुर तथा 8 नगर पंचायतें प्रदेश में वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया पूर्ण कराने में सर्वप्रथम रहीं। प्रमुख सचिव अलरमेलमंगई डी. ने प्रदेश के अन्य निकायों को 14 जून से 24 जून तक परिसीमन की प्रक्रिया पूूर्ण करवा कर दावा, आपत्तियां बुलवाने तथा निराकरण कर कलेक्टर की अनुशंसा के साथ 3 जुलाई तक संचालक नगरीय प्रशासन को अंतिम प्रकाशन के लिए भिजवाने कहा है।
266 कुल दावा आपत्तियां, 126 अकेले एक पार्षद ने की
कुल दावा, आपत्तियां-266, पार्षद रमाशंकर बघेल ने अकेले 126 आपत्तियां की है। एक ही मुद्दा की वार्ड के एक सिरे से दूसरे सिरे की दूरी एक किलोमीटर है, इसलिए यथास्थिति रखी जाए। शेष आपत्तियां वार्ड का नाम परिवर्तन न करने की मांग का है। दावा, आपत्तियों का निराकरण कलेक्टर द्वारा नामांकित एडिशनल कलेक्टर जीएस उरांव कर रहे हैं।
आयुक्त प्रभाकर पांडेय ने कहा कि ननि की सीमावृद्धि का प्रस्ताव वार्ड परिसीमन के नोटिफिकेशन के पूर्व भेज दिया जाएगा। पूर्व में जनप्रतिनिधियों की बैठक 10 जनवरी को बुलाई गई थी, जिसे स्थगित कर दिया। अब कलेक्टर से चर्चा कर बैठक कराएंगे ताकि प्रस्ताव तैयार कराया जा सके।
आयुक्त पांडेय बोले- पहले सीमा वृद्धि का प्रस्ताव भेजेंगे
समस्या : उद्योगों की भरमार, लेकिन स्थानीय युवाओं को नहीं मिलता अवसर, इसलिए जिले में बढ़ रही बेरोजगारी
प्रदेश में दुर्ग जिला टॉप पर, वहां 2.88 लाख बेरोजगार, रायगढ़ में डेढ़ लाख से ज्यादा पहुंची संख्या
रायगढ़. शहर व जिले में उद्योग इकाइयों के विकसित नहीं होने एवं राज्य स्तर पर नई भर्तियां नहीं होने से रायगढ़ जिले में शिक्षित बेरोजगारों की एक फौज खड़ी हो गई है। केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में एक बार फिर जिले की पोल खुल गई है। प्रदेश में बेरोजगारों की बढ़ती संख्या में हमारे जिले का नंबर दूसरा है। कौशल उन्नयन योजना और स्टार्टअप को लेकर केंद्र सरकार ने मुहिम चलाई थी। योजनाओं को लागू किए चार वर्ष से अधिक का समय हो गया है।
राजधानी रायपुर में भी एक लाख से ज्यादा बेरोजगार पंजीकृत
प्रदेश के सभी 27 जिलों में बेरोजगारों की संख्या को लेकर जारी आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति भयावह नजर आने लगी है। सरकार के तमाम दावों के बावजूद शिक्षित बेरोजगारों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले साल रायगढ़ में बेरोजगारों की संख्या करीब डेढ़ लाख थी। वर्तमान 31 जनवरी 2019 की स्थिति में राज्य के 27 जिलों में पंजीकृत बेरोजगारों की सर्वाधिक संख्या दुर्ग जिले में है। वहां दो लाख 88 हजार 982 बेरोजगार हैं। रायगढ़ में एक लाख 79 हजार, राजनांदगांव में एक लाख 72 हजार, बालोद में एक लाख 50 हजार, जांजगीर में एक लाख 31 हजार के अलावा रायपुर और बलौदाबाजार में एक-एक लाख पंजीकृत बेरोजगार हैं।
प्रदेश की सरकार इस दिशा में पहल करें
भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद गोमती साय का कहना है कि प्रदेश में 15 सालों तक भाजपा की सरकार थीं। पूर्व सीएम के कार्यकाल में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू किया गया। केंद्र की मोदी सरकार ने भी बेहतर प्रयास किए है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार बेरोजगारों युवाओं को रोजगार देने के लिए पहल करें। मैं अपनी तरफ से रायगढ़ व जशपुर में लघु उद्योग इकाइयों को बढ़ावा देकर उन्हें विकसित करने का प्रयास करूंगी ताकि शिक्षित बेरोजगारों को अवसर मिल सकें।
ट्रेकिंग सिस्टम बनाने की कोशिश कर रहे
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल की माने तो भूपेश सरकार ट्रेकिंग सिस्टम बनाने की कोशिश कर रही हैं। यह कठिन है, पर इस दिशा में पहल हो रही है। हर साल हजारों की संख्या में युवाओं को कौशल विकास के जरिए ट्रेनिंग दी जा रही है, पर इसमें कितने बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिला और कितने ने शुरू किया। इसकी भी पूरी रिपोर्ट तैयार होगी। जिससे यह पता चलेगा कि पंजीकृत में से कितने रोजगार कर रहे हैं।
रोजगार मेले भी लगाए गए
जिला रोजगार कार्यालय की ओर से कई रोजगार मेले व प्लेसमेंट कैंप भी लगाए गए, लेकिन कम पैकेज और दूरदराज के क्षेत्रों में नौकरियों के अवसर होने के कारण रोजगार पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही। पिछले 9 सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो 9 बार रोजगार मेला व प्लेसमैंट कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें महज साढ़े 8 हजार युवाओं को ही रोजगार मिला।
इंडस्ट्री बेस्ट एजुकेशन की जरूरत
शिक्षाविद् वेद प्रकाश ने बताया कि रायगढ़ के अलावा आसपास के शहरों की इंडस्ट्री में वेल टैलेंटेड युवाओं की डिमांड हमेशा रहती है। कई बार इंडस्ट्री युवाओं का चयन करती है लेकिन वे उनके मापदंड के अनुसार नहीं होते। इसलिए युवा कुछ ही समय में नौकरियां छोड़ देते हैं। रोजगार बढ़ाने के लिए इंडस्ट्री बेस्ड एजुकेशन सिस्टम की भी जरूरत है। हायर सेकेंड्री और कॉलेज लेवल पर ही बेसिक पाठ्यक्रम के साथ ऐसे प्रयास शुरू किए जाने चाहिए जो विद्यार्थियों को रोजगार के लिए जरूरी है।
इंजीनियरिंग काॅलेजाें में एडमिशन के लिए 6 जून से पीईटी की काउंसिलिंग शुरू होगी
8 कॉलेजों में एडमिशन बंद होने से इस बार इंजीनियरिंग की लगभग तीन हजार सीटें घटी हैं
भिलाई. इंजीनियरिंग काॅलेजाें में एडमिशन के लिए 6 जून से पीईटी की काउंसिलिंग शुरू हो जाएगी। वहीं, फार्मेसी काॅलेजों में प्रवेश के लिए पीपीएचटी की काउंसिलिंग 12 जून से शुरू होगी। 8 कॉलेजों में एडमिशन बंद होने से इस बार इंजीनियरिंग की लगभग तीन हजार सीटें घटी हैं। वहीं, दो कॉलेज बढ़ने से फॉर्मेसी की सीटों की संख्या बढ़ी है। पीईटी से इस बार 37 कॉलेजों की 15 हजार 404 सीटों पर एडमिशन दिया जाएगा।
पिछली बार 45 कॉलेजों की 18 हजार 529 सीटों पर एडमिशन दिया गया था। बी-फार्मेसी की पहले 1189 सीटें थीं, जो अब 1315 हो गई हैं। वहीं, डी फार्मेसी की सीटें 1229 से बढ़कर 1481 हो गई हैं। जॉइंट सेक्रेटरी अजय गर्ग ने बताया कि स्टूडेंट्स को इस बार काउंसिलिंग के दौरान ही ब्रांच बदलने का मौका मिलेगा। इसका शेड्यूल जारी हुआ है।
ये है काउंसिलिंग प्रोसेस
तकनीकी संचालनालय से मिली जानकारी के अनुसार काउंसिलिंग के लिए डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर लॉगिन कर स्टूडेंट्स रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। सबसे पहले स्टूडेंट्स को पीईटी परीक्षा की रैंक के अनुसार काउंसिलिंग डेट पर वेबसाइट में बारहवीं की अंक सूची और निवास प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद कॉलेज की प्राथमिकता और ब्रांच की प्राथमिकता सबमिट करनी होगी। अगस्त में ओपन काउंसिलिंग से एडमिशन का मौका दिया जाएगा। हर जिले में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए सेंटर बनाए गए हैं।
इंजीनियरिंग की 15404 सीटें
37 इंजीनियरिंग कॉलेज हैं राज्य में। 8 कॉलेज कम हुए।
15 हजार 280 स्टूडेंट्स पीपीएचटी में में हुए थे शामिल।
15 हजार 404 सीटों पर दिया जाएगा एडमिशन। 3125 सीटें कम हुईं।
15 हजार 49 स्टूडेंट्स पीईटी में हुए थे शामिल।
फॉर्मेसी की 2796 सीटें
17 बी-फार्मेसी और 24 डी फार्मेसी कॉलेज हैं राज्य में। इस बार दो कॉलेज बढ़े।
2796 (बी फार्मेसी- 1315, डी फार्मेसी - 1481) सीटों पर दिया जाएगा एडमिशन।
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्देश के बाद जेल से छोड़ा गया, कलाकारों ने बंगले में जाकर की मुलाकात
अंबुजा मॉल स्थित मल्टीप्लेक्स के बाहर पुलिस ने की कार्रवाई, राज्य में कई जगहों पर चल रहा है प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ी फिल्मों को मल्टीप्लेक्स में लगाए जाने की मांग कर रहे हैं कलाकार, एसोसिएशन ने किया इनका
रायपुर. छत्तीसगढ़ी फिल्मों को मल्टीप्लेक्स में लगाए जाने की मांग रहे कलाकारों को पुलिस ने बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है। छत्तीसगढ़ी कलाकार अंबुजा मॉल स्थित मल्टीप्लेक्स के बाहर प्रदर्शन कर है थे। कलाकारों को सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। हालांकि दोपहर में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्देश पर कलाकारों से रिहा कर दिया गया। इसके बाद कलाकारों ने बंगले पर जाकर गृहमंत्री साहू से मुलाकात भी की। कलाकार मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं एसोसएिशन ने छत्तीसगढ़ी फिल्में मल्टीप्लेक्स में लगाने से इनकार कर दिया है।
एसोसिएशन तैयार, पर कलाकार हिंदी फिल्मों की तरह प्रदर्शन चाहते हैं
जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकारों सहित फिल्म निर्माण जुड़े सभी लोग अपनी मांग को लेकर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी में मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के खिलाफ कलाकार अंबुजा मॉल, मैग्नेटो मॉल, पीवीआर सहित सभी अलग-अलग मॉल में प्रदर्शन कर रहे थे। इसके अलावा कलाकारों का बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई-राजनांदगांव में मॉल, सिटी सेंटर में संचालित मल्टीप्लेक्स सिनेमा के बाहर प्रदर्शन किया।
दरअसल, मंगलवार को सरकार के हस्ताक्षेप के बाद एसोसिएशन की ओर से सहमति बन जाने की बात कही गई थी, लेकिन अपनी नियम और शर्तों के अनुसार छत्तीसगढ़ी कलाकार मल्टीप्लेक्स में फिल्में लगवाना चाहते हैं। इसके बाद एसोसिएशन ने मेल कर उन्हें प्रदर्शन करने से रोक दिया। कलाकारों का कहना है कि जैसे अन्य हिंदी फिल्मों को दिखाया जाता है वैसा ही छत्तीसगढ़ी फिल्मों को भी दिखाया जाए।
गृहमंत्री के साथ 6 जून को होगी कलाकारों की मीटिंग
जेल से छूटने के बाद कलाकार गृहमंत्री से मिलने उनके बंगले पर पहुंचे। जहां पर कलाकारों को आश्वासन दिया गया है। वहीं बताया गया कि 6 जून को मीटिंग रखी गई है, इसमें सभी प्रकार के छत्तीसगढ़ी कलाकार, फ़िल्मकार, निर्देशक, निर्माता सभी से एक एक घंटा चर्चा कर इसके बीच का उपाय निकाला जाएगा। उसके बाद आगे क्या करना चर्चा से निकले बिंदुओं पर आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कलाकारों का कहना है कि ये प्रदर्शन है सरकार के ख़िलाफ़ नहीं हैं बल्कि मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के खिलाफ है। जो छत्तीसगढ़ी लोगों और कलाकारों को अपमानित करते हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ी मूवी नहीं लगाते हैं। इस तरह सिनेमाघरों के मालिकों द्वारा अपमान किया जा रहा है जिसके ख़िलाफ़ आज का धरना प्रदर्शन था।
रायपुर. छत्तीसगढ़ी फिल्मों को मल्टीप्लेक्स में लगाए जाने की मांग रहे कलाकारों को पुलिस ने बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है। छत्तीसगढ़ी कलाकार अंबुजा मॉल स्थित मल्टीप्लेक्स के बाहर प्रदर्शन कर है थे। कलाकारों को सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। हालांकि दोपहर में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्देश पर कलाकारों से रिहा कर दिया गया। इसके बाद कलाकारों ने बंगले पर जाकर गृहमंत्री साहू से मुलाकात भी की। कलाकार मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं एसोसएिशन ने छत्तीसगढ़ी फिल्में मल्टीप्लेक्स में लगाने से इनकार कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकारों सहित फिल्म निर्माण जुड़े सभी लोग अपनी मांग को लेकर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी में मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के खिलाफ कलाकार अंबुजा मॉल, मैग्नेटो मॉल, पीवीआर सहित सभी अलग-अलग मॉल में प्रदर्शन कर रहे थे। इसके अलावा कलाकारों का बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई-राजनांदगांव में मॉल, सिटी सेंटर में संचालित मल्टीप्लेक्स सिनेमा के बाहर प्रदर्शन किया।
दरअसल, मंगलवार को सरकार के हस्ताक्षेप के बाद एसोसिएशन की ओर से सहमति बन जाने की बात कही गई थी, लेकिन अपनी नियम और शर्तों के अनुसार छत्तीसगढ़ी कलाकार मल्टीप्लेक्स में फिल्में लगवाना चाहते हैं। इसके बाद एसोसिएशन ने मेल कर उन्हें प्रदर्शन करने से रोक दिया। कलाकारों का कहना है कि जैसे अन्य हिंदी फिल्मों को दिखाया जाता है वैसा ही छत्तीसगढ़ी फिल्मों को भी दिखाया जाए।
जेल से छूटने के बाद कलाकार गृहमंत्री से मिलने उनके बंगले पर पहुंचे। जहां पर कलाकारों को आश्वासन दिया गया है। वहीं बताया गया कि 6 जून को मीटिंग रखी गई है, इसमें सभी प्रकार के छत्तीसगढ़ी कलाकार, फ़िल्मकार, निर्देशक, निर्माता सभी से एक एक घंटा चर्चा कर इसके बीच का उपाय निकाला जाएगा। उसके बाद आगे क्या करना चर्चा से निकले बिंदुओं पर आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कलाकारों का कहना है कि ये प्रदर्शन है सरकार के ख़िलाफ़ नहीं हैं बल्कि मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के खिलाफ है। जो छत्तीसगढ़ी लोगों और कलाकारों को अपमानित करते हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ी मूवी नहीं लगाते हैं। इस तरह सिनेमाघरों के मालिकों द्वारा अपमान किया जा रहा है जिसके ख़िलाफ़ आज का धरना प्रदर्शन था।
कोरबा। पाली ब्लॉक के ग्राम केराझरिया में मंगलवार को सीएम के सभा के दौरान मुख्य सचिव सुनील कुजूर से आइडी दिखाने की बात कहना ड्यूटी पर तैनात दर्री थानेदार रघुनंदन प्रसाद शर्मा को महंगा पड़ गया। नाराज मुख्य सचिव ने इसकी शिकायत आइजी से कर दी, जिसके बाद थानेदार को निलंबित कर दिया गया।
मुख्य सचिव ने जैसे ही अपना परिचय थानेदार को दिया, उन्होंने माफी भी मांग ली। बता दें कि मंगलवार को ही थानेदार शर्मा का जन्मदिन था। ऐसे में महकमे में इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। इसी कार्यक्रम के दौरान स्टाल के निरीक्षण के समय कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर को एक सुरक्षाकर्मी ने रोका तो वे उखड़ गए। हालांकि बाद में उन्हें जाने दिया गया।
भिलाई। दोस्त के जन्मदिन पर आधी रात को शराब के नशे में सड़क पर हुल्लड़ मचा रहे आधा दर्जन युवकों ने मिलकर पुलिस की पिटाई कर दी। लोगों की शिकायत पर पुलिस उन्हें शांत कराने पहुंची थी। इस घटना में आरक्षक सविंदर सिंह और लक्ष्मीनारायण को चोट आई है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दो आरोपी की तलाश पुलिस कर रही है। घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 1 बजे सूर्या मॉल स्टेट बैंक एटीएम के पास की है। स्मृति नगर चौकी प्रभारी बीपी शर्मा ने बताया कि रात में सूचना पर पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात आरक्षक सविंदर सिंह और लक्ष्मीनाराण मौके पर पहुंचे। वहां दर्जनभर युवक शराब के नशे में सड़क पर हुल्लड़ कर रहे थे। सविंदर और लक्ष्मी नारायण ने उन्हें मना किया कि रात के एक बज रहे हैं। सब अपने-अपने घर जाइए।
इससे आरोपी रोशन कुमार, सिद्धांत कुमार, अविनाश, सत्यम, शुभम चौधरी, राकेश मिश्रा, आसु हुसैन और मुकुल पेंडार समेत अन्य आक्रोशित हो गए। कौन पुलिस वाला है जो हमारे दोस्त के जन्मदिन में खलल डाल रहा है, ऐसा बोलते हुए सब जवनों से गाली गलौज करने लगे। दोनों आरक्षकों ने समझाने का प्रयास किया। लेकिन शराब के नशे में युवकों ने वर्दीधारी की एक न सूनी और डंडा बरसाने लगे। स्मृति नगर पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 186, 353, 332, 294, 506 के तहत अपराध दर्ज किया।
भिलाई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर-7 , राजयोग भवन में हर सण्डे चलने वाली डिवाईन ग्रुप के क्लास में ब्रह्माकुमारी मीली बहन ने बच्चों को कहा कि जैसे हमारे दोस्त होंगे वैसे ही हम बन जाते है। संग का रंग कब हमें बदल देता है हमें पता ही नहीं चलता। गलत संग के कारण पराक्रमी योद्धा कर्ण युद्ध हार गया क्योंकि उसने कौरव दुर्योधन से दोस्ती की और पाण्डवों ने श्री कृष्ण से। हमेशा सच्चे दोस्त बनाये जो हमे सत्य मार्ग पर ले जाये। जो दोस्त ये राय दे कि चुपचाप घुमने चलों घर पर क्या पता चलेगा वैसा दोस्त खुद डुबेगा और हमें भी डुबायेगा। हमें जीवन में सही दोस्त का चुनाव करना चाहिए। कृ ष्ण की दोस्ती ने सुदामा को कितना ऊंच बना दिया। जीवन के तीन जरूरी दोस्त के बारे में आपने बताते हुए कहा कि पहला सबसे सच्ची दोस्त हमारी माँ है । हमें जन्म देकर जब हम बोल भी नही सकते थे तो भी वह हमारी बात समझ कर हमारी जरूरते पुरी कर देती थी , तो क्या वह अब हमारी बात नही समझ पायेगी। माँ अगर कोई बात के लिए मना करे तो हमें बुरा क्यों लगता है , जबकि इस संसार में हमारें बारे में उनसे अच्छा कोई सोच नही सकता। दुसरा दोस्त हमारे पिता जिस पिता ने अपना जीवन हमारे नाम कर दिया यदि उसने हल्का सा डांटा तो हम पलटकर जवाब देंगें या रूठ जायेंगे। आज हम जो है वह पिता के कारण वो नही होते तो हम भी नही होते। तीसरा और सच्चा दोस्त परमात्मा जिसने मुझे ऐसे माता पिता दिये मुझे इतना अच्छा जीवन दिया तो वह खुद कितना सुंदर होगा। इसलिए मुझे इस जीवन की कद्र करनी है। ये तीनों बेस्ट फ्रेन्डस का हाथ जीवन में कभी नही छोडना है। आई एम बेस्ट फ्रेन्ड ऑफ गॉड का स्लोगन पक्का कराकर सभी को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया।
भिलाई। हिंदुस्तान स्टील एम्पलाइज यूनियन सीटू ने बताया कि संयंत्र की रक्षा सीटू की पहली प्राथमिकता है. सीटू इस बात को इसीलिए बार-बार दोहरा रहा है क्योंकि संयंत्र में नया प्रोजेक्ट आने के बाद भी जिस तरीके की स्थितियों का निर्माण किया जा रहा है एवं उन स्थितियों से संयंत्र को सुरक्षित बाहर निकालते हुए उत्पादन को बढ़ाने की बजाय संयंत्र के छोटे छोटे इकाइयों को संचालन हेतु ठेका अथवा आउट सोर्स किया जा रहा है वह संयंत्र के लिए ठीक नहीं है। क्योंकि हमारी पूरा जीवन इस संयंत्र से जुड़ा हुआ है, हमें वेतन से लेकर टाउनशिप तक, शिक्षा से लेकर चिकित्सा तक, सब कुछ इसी संयंत्र की बूते पर मिलता है। इसीलिए हर हाल में संयंत्र को बचाना एवं उसके उत्पादन को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। सीटू नेता ने कहा की वर्तमान सरकारें जिस तरह की नीतियों को अपना रही है, उससे यह स्पष्ट है कि वह सार्वजनिक उद्योगों को चलाना नहीं चाहती है। इसीलिए मौजूदा केंद्र सरकार के मुखिया की तरफ से बहुत पहले ही यह बयान आ चुका है कि सार्वजनिक उद्योग पैदा होते हैं मरने के लिए द्य इस तरह की सोच, एवं अपनाई जा रही नीतियां यह स्पष्ट कर देती हैं कि यही स्थिति जारी रही तो सार्वजनिक उद्योग क्रम से खत्म होते चले जाएंगे। सीटू ने1991 के तत्कालीन सरकार द्वारा दिए गए बयान एवं लागू की गई नई आर्थिक एवं औद्योगिक नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र में मौजूद दोनों प्रमुख पार्टियां नई आर्थिक एवं औद्योगिक नीतियों के पक्षधर हैं। अर्थात 1991 में एक पार्टी ने प्रमुखता के साथ नई आर्थिक व औद्योगिक नीति को संसद के पटल पर रखा था एवं दूसरी प्रमुख पार्टी ने बिना किसी लाग लपेट के स्पष्ट रूप से उन नीतियों का समर्थन किया था। इसके साथ ही देश के अंदर फिर से निजीकरण का दौर शुरू हो गया एवं सार्वजनिक उद्योगों को धीरे-धीरे ही सही खत्म कर देने के मंसूबों पर मुहर लग गई । तब से लेकर आज तक सीटू सहित कुछ ट्रेड यूनियन ने लगातार सार्वजनिक उद्योगों के रक्षा के लिए संघर्षरत हैं। सीटू का मानना है कि जब पूरी की पूरी सरकार ही सार्वजनिक उद्योगों के खिलाफ कमरकस के खड़ी हो गई है तब सार्वजनिक उद्योगों की रक्षा करते हुए अपने रोजगार को बचाने के लिए मजदूरों के सामने संघर्ष ही एकमात्र विकल्प है। क्योंकि संघर्षों को तेज करते हुए मजदूरों की आवाज को बुलंद किए बिना सार्वजनिक उद्योगों की रक्षा करना लगभग नामुमकिन सा प्रतीत हो रहा है। सीटू नेता ने कहा कि आजादी के बाद से ही सार्वजनिक उद्योग देश की रीड है जब देश आजाद हुआ, तब टाटा का एक स्टील प्लांट हुआ करता था उसको छोड़कर हमारे देश के अंदर सुई से लेकर सभी किस्म के उत्पाद विदेश से बनकर आते थे,तब देश की आर्थिक स्वतंत्रता एवं विकास के लिए जनता के पैसे से जनता के द्वारा जनता के लिए सार्वजनिक उद्योगो की कल्पना की गई। जिसके तहत सर्वप्रथम भिलाई इस्पात संयंत्र तत्कालीन समाजवादी देश सोवियत रूस की मदद से आया, उसके बाद देश में आए सार्वजनिक उद्योगों ने तब से लेकर अब तक विकास के रास्ते को तय करते हुए देश को इस मुकाम तक लाए हैं।
आज चंद बड़े पूंजीपति एवं उनकी नुमाइंदगी करने वाली सरकारें सार्वजनिक उद्योगों को खत्म कर देश की रीड की हड्डी तोडऩा चाहते है कर्मियों एवं देश की जनता के सामने इस बात को साबित कर चुका है, कि केंद्र सरकार की एजेंडा में प्राथमिकता के तौर पर सार्वजनिक उद्योगों को खत्म कर देने की बात स्पष्ट है।
इसीलिए यदि सरकार वापस आती है तो निश्चित रूप से सार्वजनिक उद्योगों के निजीकरण एवं पूरी तरीके से विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की प्रक्रिया प्रारंभ होगी, जिसे अब हम सच होता देख रहे हैं। केंद्र सरकार शपथ लेते ही नीति आयोग के माध्यम से 46 उद्योगों को निजी करने एवं 51 उद्योगों मैं शत-प्रतिशत प्रत्यक्षविदेशी निवेश को बढ़ाने संबंधी वक्तव्य जारी किया है जो कि सार्वजनिक उद्योग के संदर्भ मे देश के हित में नहीं है।