छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

आरोपी ने सउदी अरब से फोटो किया वायरल, पीड़िता ने दर्ज कराया मामला
आरोपी की मां ने भी लिया उसका पक्ष, पीड़िता गिड़गिड़ाती रही पर उसकी एक न सुनी   
कोरबा. उत्तर प्रदेश से कोरबा रिश्तेदारी में आए युवक ने उसी घर की लड़की से पहले प्रेम कर लिया। दोनों नजदीक आए। इस दौरान युवक ने युवती के अश्लील वीडियो और फोटो मोबाइल में कैद कर लिए। इधर युवक सउदी अरब कमाने चला गया और वहीं से ये सारे फोटो-वीडियो वायरल कर दिया। इसके युवती ने युवक और उसकी मां के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
रजगामार चौकी इलाके में स्थित प्रेमनगर सरस्वती चौक में एक एसईसीएल कर्मी रहते हैं। उसके घर एक साल पहले रिश्तेदारी में आने वाला उत्तरप्रदेश के फतेहपुर निवासी शुभम यादव उर्फ शंभू आया था। जिसने एसईसीएल कर्मी की बेटी को पसंद कर लिया। वह 3 माह तक उसके ही घर में रुका हुआ था। इस दौरान युवती और उसमें नजदीकी बढ़ गई। साथ घूमने के दौरान युवक ने युवती की अश्लील फोटो व वीडियो अपने मोबाइल पर ले ली थी।

इधर युवती की कहीं और तय हो गई शादी
रजगामार से लौटने के बाद युवक सऊदी अरब में काम करने चला गया। जहां से वापस आने में उसे लंबा समय लगने की संभावना से युवती के परिजन ने उसके लिए नया रिश्ता खोजना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी होने पर सऊदी अरब से शुभम ने युवती से संपर्क किया। युवती ने परिजन के हिसाब से शादी करने की बात कही।

पहले युवक ने फोटो भेजकर किया ब्लैकमेल
रिश्ता टूटते देख युवक ने पहले युवती के जीजा के मोबाइल पर उसकी अश्लील फोटो भेजकर उससे शादी नहीं कराने करने को कहा। कहीं और शादी करने पर उसे सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी दी। इसकी जानकारी मिलते ही युवती ने युवक व उसकी मां शांति देवी से संपर्क किया। वह उन्हें ऐसा नहीं करने की समझाइश देती रही, लेकिन न तो युवक माना और न ही उसकी मां।

युवक और उसकी मां दोनों नहीं माने
बल्कि युवक ने युवती की अश्लील फोटो वाट्सएप ग्रुप पर वायरल कर दी। सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद युवती ने दोबारा युवक की मां से उसे मना करने को कहा, लेकिन उल्टे युवक की मां ने युवती को अपमानित करते हुए उसे धमकी दी। जिसके बाद पीड़ित युवती ने रजगामार चौकी में रिपोर्ट लिखाई। जहां पुलिस ने आरोपी शुभम यादव व उसकी मां शांति देवी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार किया, महिला के यहां आरोपी करता था ड्राइवरी
दो साल की लगातार प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने पति को दी जानकारी तो खुला मामला
बिलासपुर. एक युवक ने नहाते वक्त महिला का पहले तो वीडियो बना लिया। फिर उसे दिखाकर ब्लैकमेल करने लगा और करीब दो सालों तक दुष्कर्म किया। रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने जब यह बात अपने पति को बताई तो सारा मामला सामने आया। पति और महिला की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक इसी महिला के यहां ड्राइवरी करता था।
पति की गैरमौजूदगी में रहता था घर में, बाथरूम में नहाते हुए वीडियो बनाया
जानकारी के मुताबिक, सरकंडा निवासी एक महिला के यहां रवि कौशिक ड्राइवरी का काम करता था। जिसके चलते उसका घर में भी आना-जाना था। महिला के पति की गैरमौजूदगी में भी आरोपी रवि घर में रहता था। आरोप है कि करीब दो साल पहले रवि ने महिला का बाथरूम में नहाते समय वीडियो बना लिया। फिर वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म करता रहा। वीडियो वायरल होने की धमकी से महिला डरकर चुप हो गई।
हालांकि बार-बार की धमकी और दुष्कर्म के लिए दबाव डालने से महिला तंग आ गई। इसके बाद उसने सारी जानकारी अपने पति को दी। लोकलाज के भय से पति-पत्नी ने मामला भी सिटी कोतवाली में दर्ज कराया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी रवि कौशिक को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

सिटी कोतवाली क्षेत्र के इंदिरा मार्केट स्थित दुकानें आईं चपेट में, आग की लपटें तीसरी मंजिल तक पहुंची
दमकल की 12 गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू, शार्ट सर्किट से आग लगने का अंदेशा
दुर्ग. प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर आग लगने का सिलसिला जारी है। अब दुर्ग जिले की सिटी कोतवाली क्षेत्र स्थित दुकानें रविवार सुबह आग की चपेट में आ गईं। ग्राउंड फ्लोर पर स्थित आर्टिफिशियल ज्वैलरी शोरूम में लगी आग तीसरे तल पर स्थित सुपर बाजार तक पहुंच गई। सूचना मिलने पर दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है।
आग की विकरालता देख बीएसपी से भी बुलानी पड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां
जानकारी के मुताबिक, इंदिरा मार्केट में जलाराम आर्टिफिशियल ज्वैलरी के नाम से शोरूम है। ग्राउंड  फ्लोर पर स्थित इस शोरूम में सुबह करीब 6 बजे धुआं निकलता देख किसी ने पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। शोरूम में ज्वैलनशील कॉस्मेटिक होने के चलते आग तेजी से बढ़ी और बगल में स्थित विजय सुपर बाजार को भी चपेट में ले लिया।
धीरे-धीरे आग ऊपर की ओर बढ़ती गई और उसने इमारत के तीनों फ्लोर अपनी चपेट में ले लिए। आग इतनी विकराल थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। इमारत में लगे डेकोरेटिव शीशे भी पिघल-पिघल कर गिरने लगे। लगने के बाद मौके पर काफी भीड़ इकठ्ठा हो गई। पुलिस को भी लोगों को संभालने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद भिलाई स्टील प्लांट से भी दमकलों को रवाना किया गया।
फायर ब्रिगेड की 12 गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक ज्वैलरी शोरूम में रखा सारा सामान जलकर खाक हो चुका था। हालांकि अभी तक विजय सुपर बाजार में हुए नुकसान का पता नहीं लग सका है। बताया जा रहा है कि ज्वैलरी शोरूम में शार्टसर्किट के चलते आग लगी और फिर फैलती चली गई। शोरूम और सुपर बाजार के मालिकों के बारे में भी अभी जानकारी नहीं मिल सकी है।

10 जून के बाद लगेगी लेट फीस, 18 जून आवेदन की अंतिम तिथि
छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे इस बार साढ़े छह लाख छात्र
बिलासपुर. 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में फेल हुए छात्रों को फिर परीक्षा का अवसर मिलेगा। इस बार फिर क्रेडिट योजना के माध्यम से छात्र परीक्षा दे सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) पूरक के साथ इनकी परीक्षा भी आयोजित करेगा। दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन 27 मई से 10 जून तक कर सकते हैं। किसी कारण बस यदि छात्र इस तिथि में आवेदन नहीं कर पाते हैं तो ऐसे छात्रों को अधिक यानी लेट फीस चुकानी पड़ेगी। 11 से 18 जून तक ऐसे छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
5 जुलाई को होगी परीक्षा, पौने दो लाख छात्र हो सकेंगे शामिल
अधिकारियों का कहना है कि 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षा में फेल छात्र क्रेडिट योजना की मदद से फिर परीक्षा दे सकेंगे। इसमें वे चाहे कितने विषय में फेल हों, इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। यह एक तरह की अवसर परीक्षा है। 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में इस बार साढ़े छह लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसमें से करीब पौने दो लाख छात्र ऐसे हें, जिन्हें पूरक मिला है या फिर फेल हो गए हैं। पूरक के साथ ही 5 जुलाई से क्रेडिट योजना की अवसर परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। अफसरों ने बताया कि क्रेडिट योजना के तहत परीक्षा देने वाले छात्रों की अंकसूची पर अवसर का उल्लेख किया जाएगा।
ओपन स्कूल की अवसर परीक्षा भी अगस्त में
ओपन स्कूल दसवीं-बारहवीं की अवसर परीक्षा अगस्त में आयोजित की जाएगी। ओपन स्कूल मुख्य परीक्षा के नतीजे 30 मई तक आने की संभावना है। रिजल्ट आने के बाद फिर अवसर परीक्षा के लिए प्रक्रिया शुरू होगी। ओपन स्कूल की मुख्य परीक्षा में इस बार 1.45 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। अफसरों का कहना है कि ओपन स्कूल की अवसर परीक्षा में ना सिर्फ ओपन स्कूल के छात्र, बल्कि माशिमं और सीबीएसई समेत अन्य बोर्ड से फेल हुए छात्र भी शामिल हो सकते हैं।

बीजापुर जिले के भैरमगढ़ में कोस्टापारा गांव में पुलिस मुखबिरी के संदेह में हत्या
शादी समारोह से बुलाकर थाने से एक किमी दूर दिया वारदात को अंजाम
बीजापुर. छत्तीसगढ़ में झीरम कांड की बरसी पर शनिवार को नक्सलियों ने एक कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या कर दी। कार्यकर्ता देर रात शादी में शामिल होने के लिए बीजापुर जिले के भैरमगढ़ के कोस्टापारा गया था। नक्सलियों ने मुखबिरी के संदेह में थाने से करीब एक किमी दूर धारदार हथियार से उनका गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
धारदार हथियार से नक्सलियों ने काट दिया गला
जानकारी के मुताबिक, भैरमगढ़ निवासी कांग्रेसी कार्यकर्ता सहदेव शनिवार को एक शादी में शामिल होने के लिए कोस्टापारा गांव गए हुए थे। यहां पर नक्सलियों ने सहदेव को बुलावा भेजा। इस पर सहदेव उनसे मिलने के लिए चला गया।
थाने से करीब एक किमी दूर हुई इस मुलाकात के दौरान नक्सलियों ने सहदेव पर पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाया। इसके बाद धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया और शव गांव के बाहर फेंककर चले गए।
झीरम कांड : नक्सलियों के सबसे बड़े हमले में मारे गए कांग्रेस के कई बड़े नेता
बस्तर की झीरम घाटी में 25 मई 2013 को नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला कर दिया था। इसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा, पूर्व विधायक उदय मुदलियार सहित 35 नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी।

12 करोड़ की लागत से बना 100 बिस्तर का अस्पताल, लेकिन प्रसव कराने की सुविधा ही नहीं
बिलासपुर. जिला अस्पताल का मातृ-शिशु अस्पताल। 100 बिस्तरों के इस अस्पताल में सभी संसाधन मौजूद हैं। इसके बाद भी यहां पदस्थ डॉक्टर ऐसे केस लेने से बच रहे हैं जो जरा भी संवेदनशील हैं। खासकर जिन महिलाओं का पहली बार प्रसव होना है उन्हें तो डॉक्टर तुरंत रेफर कर दे रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे बल्कि यह खुलासा महतारी एक्सप्रेस के रिकॉर्ड से हुआ है।
ऑपरेशन थियेटर डेढ़ महीने से बंद, विशेषज्ञ भी नहीं मिलते
मातृ-शिशु अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार 21 मई तक जो 33 केस रेफर किए गए उनमें 12 ऐसी गर्भवती महिलाएं हैं जिनका पहला बच्चा होने वाला था। इन आंकड़ों को देखकर तो लगता है कि मातृ-शिशु अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर और स्टाफ किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने तैयार नहीं है। दूसरी बड़ी बात यह कि मातृ-शिशु अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर भी पिछले डेढ़ माह से ज्यादा समय से बंद है। इसके अलावा समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं रहते हैं।
इसलिए प्रसव के दौरान जरा भी हालत बिगड़ी तो गर्भवती महिला को स्टाफ रेफर कर दे रहे हैं। बेहोश करने वाले डॉक्टर भी नहीं रहते। जिस उद्देश्य से अस्पताल शुरू किया गया था, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। यह रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। लोगों का कहना है कि जब यहां के डॉक्टर व स्टाफ प्रसव कराने से डर रहे हैं तो फिर यह अस्पताल स्थापित ही क्यों किया गया है। हम गरीबों को सरकारी अस्पतलों में इलाज नहीं मिलता है। पैसा ही होता तो इन अस्पतालों के चक्कर क्यों काटते।
ऐसे पांच कारण जिसकी वजह से किया जा रहा रेफर
गर्भ के अंदर ही बच्चे के पेट में पानी भर जाना।
प्रसव समय से पहले रक्तस्त्राव होने लगना।
खून की ज्यादा कमी पाया जाना।
सिकलिंग पीड़ित होना।
मां या बच्चे की जान को खतरा होना।
केस-1 : बगैर कारण बताए कर दिया सिम्स रेफर
उमा 20 वर्ष मातृ-शिशु अस्पताल में भर्ती थीं। इनका पहला बच्चा होना था इसलिए परिजनों ने यहां भर्ती करा दिया था। लेकिन मातृ -शिशु अस्पताल के डॉक्टरों ने 2 मई को उमा को सिम्स के लिए रेफर कर दिया। क्यों रेफर किया जा रहा है इसका भी कोई स्पष्ट कारण रेफर करने के काॅगजों में नहीं लिखा था।
केस-2 : जैसे ही प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो किया रेफर
खुलमनी उम्र 20 वर्ष। पहली बार प्रसव होना था। मातृ-शिशु अस्पताल में भर्ती थीं। लेकिन यह क्या जैसे ही प्रसव पीड़ा शुरू हुई यहां के डॉक्टरों ने जोखिम उठाना उचित नहीं समझा। प्रसव पीड़ा शुरू होते ही खुलमनी के रेफर के कागजात बना दिए गए। 2 मई को उन्हें महतारी एक्सप्रेस से सिम्स भेज दिया गया।
केस-3 : कारण पूछा तो कहा बस यहां से ले जाओ
करीमू को पहली बार प्रसव होना था। इसलिए मातृ-शिशु अस्पताल में भर्ती किया गया था। 24 वर्ष की करीमू को 7 मई की दोपहर प्रसव पीड़ा प्रारंभ हुई तो उन्हें तुरंत यहां से सिम्स के लिए भेज दिया। परिजनों ने कारण पूछा तो यहां के डॉक्टरों ने कोई कारण नहीं बताया। बस इतना कहा कि सिम्स ले जाओ।
12 करोड़ के अस्पताल में सभी सुविधाएं, बस इलाज नहीं
100 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल का शुभारंभ करने लगभग एक वर्ष पहले तात्कालिक मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह स्वयं आए थे। 12 करोड़ रुपए की लागत से बने इस चार मंजिला अस्पताल में महिलाओं व बच्चों का इलाज ही किया जाता है। संसाधनों की बात करें तो यहां ऑपरेशन थिएटर, लेबर वार्ड, गायनिक वार्ड, सोनोग्राफी जांच सहित सभी सुविधाएं मौजूद हैं। बस डॉक्टर इलाज करने को तैयार नहीं है।
ज्यादा जोखिम पर रेफर कर रहे हैं
ज्यादा जोखिम का केस रहता है तो कई बार रेफर कर देते हैं। पर पहले प्रसव के ज्यादा मामले रेफर किए जा रहे हैं यह गंभीर मामला है। इसका पता लगवाता हूं कि ऐसा क्यों किया जा रहा है।
डाॅ. मनोज जायसवाल, आरएमओ, जिला अस्पताल

पड़ोस में ही वृद्धा अपने बेटी और दामाद के साथ रहती थी
रायगढ़. पुसौर थाना क्षेत्र में एक अधेड़ बेटे ने वृद्धा की हत्या कर दी। सारा विवाद जमीन को लेकर था। इसी के चलते मां अपने बेटे को छोड़ पड़ोस में रहने वाले बेटी और दामाद के साथ रहती थी। खास बात यह है कि जिस बेटे ने हत्या की, उसे वृद्धा ने गोद लिया था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वहीं आरोपी फरार बताया जा रहा है।
बेटी-दामाद घर लौटे तो खून से लथपथ पड़ी थी वृद्धा
जानकारी के मुताबिक, शंकरपाली निवासी सोनमति महंत (75) पति रेशम लाल महंत और उसके पुत्र कुलकित महंत (59) के बीच काफी दिनों से जमीन विवाद चल रहा था। 20 मई की शाम भी सोनमति महंत और कुलकित के बीच जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ। विवाद इस कदर बढ़ गया कि आरोपी ने अपनी मां की सिर में टांगी मारकर हत्या कर दी। पुलिस की आरंभिक जांच में पता चला है कि रेशम लाल महंत, कुलकित को गोदनामा में लेकर पालन पोषण किया था।
कुलकित अपने पिता की काफी जमीन पहले ही बेच चुका था। इस वजह से अपने माता-पिता के बीच से लड़ाई करता था। सोनमति अपनी नतनीन लता महंत और दामाद के साथ रहती थी। घर के बाजू में कुलकित दास महंत अपने परिवार के साथ रहता था। सोमवार शाम करीब 5 बजे दामाद अच्छे दास अपनी पत्नी लता के साथ बाइक पर ग्राम बघनपुर रिश्तेदारी में गया था। जब रात साढ़े 8 बजे घर वापस आये तब देखा कि कमरे अंदर सोनमती खून से लथपथ होकर जमीन पर पड़ी थी।

यूनिवर्सिटी में एडमिशन कमेटी की बैटक में पंजीयन शुल्क बढ़ाने का फैसला
दो ऑटोनामस को छोड़ छात्र यूनिवर्सिटी के 5 कॉलेजों के लिए कर सकेंगे आवेदन
बिलासपुर. अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी में एडमिशन कमेटी की बैठक मंगलवार को हुई। बैठक में एडमिशन कमेटी के सदस्यों ने पोर्टल में आवेदन के लिए पंजीयन का शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया। पहले छात्रों को 5 कॉलेजों में आवेदन के लिए 10 रुपए का शुल्क पटाना पड़ता था। एडमिशन कमेटी और कुलसचिव डॉ. सुधीर शर्मा ने पंजीयन शुल्क 10 की जगह अब 50 रुपए कर दिया है। इसके बाद वे अटल यूनिवर्सिटी से संबद्ध 2 ऑटोनामस कॉलेजों को छोड़कर बाकी सभी कॉलेजों में आवेदन कर सकते हैं।
इसी पंजीयन के आधार पर यूटीडी में भी आवेदन
छात्र इसी पंजीयन के आधार पर यूटीडी में प्रवेश परीक्षा के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। यूटीडी की प्रवेश परीक्षा के लिए यूनिवर्सिटी पहले पोर्टल नहीं खोल पाई है। वहीं यूटीडी के लिए एयू अलग से पोर्टल भी तैयार नहीं कर सकी है। इस कारण कॉलेजों के पोर्टल में ही इसे मर्ज कर दिया है। अब 1 जून से ही यूटीडी में प्रवेश परीक्षा के लिए ही छात्र आवेदन कर पाएंगे। वहीं माध्यमिक शिक्षा मंडल बुधवार को 12वीं के छात्रों का डाटा यूनिवर्सिटी को उपलब्ध कराएगी।
प्रवेश परीक्षा के लिए नहीं देने पड़ेंगे 300 रुपए
एयू के यूटीडी में अभी तक प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन शुरू नहीं किया है। अब ऐसे में यूनिवर्सिटी ने यूटीडी को भी कॉलेजों के आवेदन के पोर्टल में मर्ज कर दिया है। इससे छात्रों को सुविधा होगी, उन्हें प्रवेश परीक्षा फार्म के लिए 300 रुपए देने होते थे, वे अब 50 रुपया ही शुल्क पटा कर यूटीडी और कॉलेजों में ओवदन कर सकते हैं।

सरकार ने किसानों के कर्ज माफी की घोषणा की, लेकिन अभी तक केवल सहकारी व ग्रामीण बैंक को पैसा भेजा है
राष्ट्रीयकृत बैंकों के खाते में रुपए नहीं पहुंचने के कारण उठाया गया कदम, किसानों को वसूली का नोटिस भी जारी
बिलासपुर. प्रदेश में एक ओर भूपेश बघेल सरकार ने अपने गठन के साथ ही किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। वहीं 21 बैंकों ने बिलासपुर जिले के 16114 किसानों को डिफॉल्टरों की सूची में डाल दिया है। शासन ने राष्ट्रीयकृत बैंकों में अभी तक रुपए नहीं डाले हैं, इसके चलते बैंकों की ओर से यह कदम उठाया गया है। इससे जहां किसानों की साख खराब हो गई है, वहीं आगे कर्ज लेने में परेशानी हो रही है। किसानों को पैसा पटाने नोटिस भी जारी किया जा रहा है। फील्ड ऑफिसर किसानों के घर पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसान परेशान हैं।
21 राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसनों के ऊपर है 225.99 करोड़ का कर्ज
दरअसल, इन 16114 किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से 21 राष्ट्रीयकृत बैंक से 225. 99 करोड़ रुपए कर्ज लिया है। इसके अलावा किसानों ने ग्रामीण बैंक से 43.15 करोड़ और सहकारी बैंक से 481.3 करोड़ रुपए कर्ज लिया। प्राइवेट बैंक से भी किसानों ने 70.51 करोड़ रुपए लोन लिया है। राज्य सरकार सरकार की कर्ज माफी की घोषणा के बाद किसानों ने कर्ज पटाना बंद कर दिया है। अब तक शासन ने सहकारी बैंक को किसानों का कर्ज माफ करने 436 करोड़ रुपए दिया है। इसके अलावा ग्रामीण बैंक को लोन का 20 प्रतिशत रुपया ही दिया गया है।
ग्रामीण बैंक : 43 करोड़ का कर्ज, 20% पैसे दिए
ग्रामीण बैंक से जिले के 6 हजार 678 किसानों ने 43 करोड़ 15 लाख रुपए कर्ज लिया है। 30 नवंबर तक का कर्ज किसानों का माफ होना है। अब ऐसे में अभी तक सरकार द्वारा पूरे राज्य के ग्रामीण बैंकों के लिए 38 करोड़ 26 लाख रुपया ही दिया गया है। जबकि राज्य के ग्रामीण बैंकों से किसानों ने 185 करोड़ 3 लाख रुपए का ऋण लिया है। लेकिन शासन से सभी ब्रांच को किसानों का कर्ज माफ करने केवल 20 प्रतिशत पैसा ही भेजा गया है।
किसानों को पैसा पटाने कह रहे
एसबीआई के रीजनल मैनेजर एमएन परिदा ने कहा कि अभी किसी भी किसान को नोटिस जारी नहीं किया है। फील्ड ऑफिसर किसानों को बता रहे हैं कि वे पैसा पटाते हैं तो डिफाल्टर लिस्ट से बाहर हो जाएंगे। उन्हें अभी कर्ज भी मिल जाएगा। किसान चाहे तो वो पैसा जमाकर उसी दिन निकाल सकता है। इससे वह एनपीए में भी नहीं रहेगा।
प्राइवेट बैंक के 70 करोड़ कर्ज माफी पर संशय
प्राइवेट बैंक से 3 हजार 824 किसानों ने 70 करोड़ 51 लाख रुपया कर्ज लिया है। शासन ने इनके कर्ज माफी के लिए अभी तक कोई निर्देश नहीं दिया है। किसान संशय की स्थिति में हैं।
सहकारी बैंकों का 45 करोड़ बाकी
किसानों ने सहकारी बैंकों से सबसे ज्यादा कर्ज लिया है। 1 लाख 48 हजार किसानों ने सहकारी बैंक से 481 करोड़ 3 लाख रुपए कर्ज लिया है। शासन ने सहकारी बैंक को 436 करोड़ रुपए दिया है। 45 करोड़ 3 लाख रुपए देना बाकी है।

सिविल लाइंस क्षेत्र में सुबह 6 बजे हुआ हादसा, बंगले के पीछे पत्नी के साथ मॉनिंग वॉक कर रहे गृहमंत्री भी हड़बड़ाए
सुरक्षा बल के जवानों के साथ ही डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंची, आग पर पाया गया काबू
रायपुर. राजधानी का पॉश इलाका सिविल लाइंस मंगलवार सुबह तेज धमाके से गूंज उठा। सर्किट हाउस के किचन में रखे डीप फ्रीजर का कंप्रेसर फटने से धमाका इतनी तेज था कि उसकी आवाज गृहमंत्री के बंगले तक सुनाई दी। उस समय गृहमंत्री अपनी पत्नी के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। आवाज सुनते ही सुरक्षा में लगे जवान बाहर की ओर दौड़ पड़े। मौके पर डायल 112 की टीम भी पहुंची। इसके बाद जवानों और टीम ने किचन में लगी आग पर काबू पाया।
परिसर में स्थित कॉफी हाउस आज बंद
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सर्किट हाउस है। उससे कुछ दूरी पर ही गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का बंगला है। सुबह करीब 6 बजे गृहमंत्री अपनी पत्नी के साथ बंगले के पिछले हिस्से में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी तेज थी कि सुरक्षाकर्मी सहित सभी लोग हड़बड़ा गए। आनन-फानन में सुरक्षा में तैनात जवानों ने बाहर की ओर दौड़ लगा दी। इस दौरान बाहर की ओर तैनात डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
वहां जाकर देखा तो सर्किट हाउस के किचन के पास चारों ओर कांच बिखरा हुआ था और आग लग गई थी। जवानों ने आग पर काबू पाया और जांच की तो पता चला कि डीप फ्रीजर का कंप्रेसर फट गया था। उसके धमक से किचन में लगी खिड़कियों के शीशे तक टूट कर बिखर गए थे। वहीं छत और दीवार के प्लास्टर कई जगह से निकल गया था। गनीमत रही कि उस दौरान किचन में कोई नहीं था। वहीं एहतिया के तौर पर सर्किट हाउस परिसर स्थित कॉफी हाउस में सभी के आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। साथ ही उसे पूरे दिन के लिए बंद कर दिया गया है।

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