ईश्वर दुबे
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Bhilai
शीला कर्मा को मिली सहायता से बेहतर हुई जच्चा-बच्चा की देखभाल
रायपुर, 22 सितम्बर 2026/ प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से लाभान्वित सुकमा की श्रीमती शीला कर्मा को गर्भावस्था के संवेदनशील समय में मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें न केवल पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद की, बल्कि भविष्य के प्रति नया आत्मविश्वास भी दिया।
नगर पालिका परिषद सुकमा के देवी चौक निवासी श्रीमती शीला कर्मा को योजना के तहत उनके बैंक खाते में सीधे 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। उन्होंने इस राशि का उपयोग पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए किया। समय पर मिली सहायता से गर्भावस्था के दौरान उनकी देखभाल बेहतर हुई और शिशु के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी परिवार को सहारा मिला।
श्रीमती कर्मा बताती हैं कि आर्थिक आवश्यकता के समय मिली यह सहायता उनके परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई। आवश्यक खर्च के बाद बची राशि उन्होंने अपने नवजात शिशु के सुरक्षित भविष्य के लिए बैंक खाते में सहेजकर रखी है। उन्होंने कहा कि योजना ने मातृत्व के कठिन समय में परिवार के सदस्य की तरह उनका साथ दिया।श्रीमती कर्मा ने कहा कि दूरस्थ अंचलों तक योजना का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचना शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री माताओं को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य माताओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ गर्भावस्था और प्रसव के बाद होने वाले आर्थिक खर्च की आंशिक भरपाई करना है।
चार जिले रायपुर, सक्ती, जशपुर और कांकेर में आश्रम छात्रावासों का स्थलीय निरीक्षण
रायपुर, 22 सितंबर 2026/ राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम छत्तीसगढ़ में जनजातीय समुदायों से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की जमीनी स्थिति जानने के लिए चार जिलों के दौरे पर है। 20 से 25 सितंबर तक चलने वाले इस दौरे में रायपुर, सक्ती, जशपुर और कांकेर में जनजातीय आवासीय छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण, ग्राम भ्रमण और समुदाय के लोगों से सीधे संवाद किया जा रहा है।
आयोग की टीम विशेष रूप से नागवंशी, संसारी उरांव, पहाड़ी कोरवा और दिहाड़ी कोरवा समुदायों से जुड़े क्षेत्रों में पहुंचकर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित अभ्यावेदन प्राप्त करेगी। जशपुर में 22 और 23 सितंबर को विशेष रूप से जनजातीय ग्रामों का भ्रमण निर्धारित है।
कांकेर में 24 सितंबर को जनजाति महिला जनप्रतिनिधियों के सशक्तिकरण को लेकर संवाद कार्यक्रम होगा। इसमें पंचायत एवं जिला स्तर की महिला जनप्रतिनिधियां शामिल होंगी। 25 सितंबर को रायपुर में आयोग में लंबित प्रकरणों को लेकर संबंधित अधिकारियों एवं प्राधिकारियों के साथ बैठक होगी। आयोग की ओर से संबंधित अधिकारियों को जांच दल को आवश्यक सहयोग, दस्तावेज उपलब्ध कराने और मौके पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विष्णु प्रसाद वर्मा
सहायक संचालक
रायपुर, 22 सितंबर 2026/ राज्य सरकार का राजस्व विभाग आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील घटक है। भूमि संबंधी मामलों की जटिलताओं को समाप्त करने, प्रशासनिक तंत्र को अधिक पारदर्शी बनाने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से राजस्व विभाग द्वारा हाल ही में कई बड़े और दूरगामी नीतिगत निर्णय लिए गए हैं। ये सुधार न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम और सरल बना रहे हैं, बल्कि वर्षों से लंबित पड़ी समस्याओं का समयबद्ध व निष्पक्ष निराकरण भी सुनिश्चित कर रहे हैं।
डिजिटल प्रणाली से सुगम हुआ रिकॉर्ड प्रेषण
02 अप्रैल 2025 को जारी विशेष आदेश के तहत अब सभी भौतिक दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में प्राप्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। भारसाधक अधिकारी को सत्यापनकर्ता का दायित्व सौंपते हुए अब समस्त राजस्व रिकॉर्ड ई-प्रणाली के माध्यम से मंगाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल से रिकॉर्ड के त्वरित संप्रेषण की सुविधा मिली है, जिससे कागजी औपचारिकताओं में होने वाला अनावश्यक विलंब पूरी तरह समाप्त हो गया है और प्रकरणों के निराकरण में अप्रत्याशित गति आई है।
कृषि भूमि की अदला-बदली हुई आसान
कृषकों और भू-स्वामियों को अपनी सुविधा अनुसार कृषि भूमि की परस्पर अदला-बदली करने का विधिक अधिकार संहित के तहत प्राप्त है। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और स्पष्ट बनाने के लिए 21 अक्टूबर 2025 को नए मार्गदर्शी निर्देश जारी किए गए हैं। इससे किसानों को अपनी ज़मीन के बेहतर प्रबंधन में काफी सहूलियत मिल रही है।
त्रुटि सुधार प्रक्रिया का सरलीकरण
अक्सर राजस्व अभिलेखों में लिपिकीय या मामूली त्रुटियों जैसे नाम, जाति, पता या फसल प्रविष्टि के कारण भू-स्वामियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। 19 जुलाई 2024 की अधिसूचना के माध्यम से इन त्रुटियों के त्वरित सुधार हेतु सीधे तहसीलदार को सशक्त बनाया गया है। इस फैसले ने आम जनता के अदालती चक्करों और समय की बर्बादी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
अवैध प्लाटिंग पर कड़ी नकेल
जनवरी 2026 में राजस्व विभाग ने अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को कड़े निर्देश जारी किए। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित विशेष समिति अब अवैध प्लाटिंग के खिलाफ समुचित व त्वरित कानूनी कार्यवाही कर रही है, जिससे आम खरीदारों के हितों की रक्षा हो रही है।
पुराने परिपत्रों का निरस्तीकरण
प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रासंगिक और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 23 जुलाई 2024 के आदेश द्वारा नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि एवं अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन तथा आवंटन से संबंधित 2019, 2020 और 2022 के पूर्व परिपत्रों एवं निर्देशों को निरस्त कर दिया गया है।
डिजिटल ई-प्रणाली, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और त्वरित निवारण की इस समावेशी नीति ने राज्य के राजस्व प्रशासन को एक नई दिशा दी है। यह कदम सुशासन की दिशा में एक सशक्त और जन-हितैषी प्रयास सिद्ध हो रहा है।
तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए चयन ट्रायल
आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य
रायपुर. 22 सितम्बर 2026. राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय खेल अकादमियों में प्रवेश और प्रवेश के नवीनीकरण के लिए 23 सितम्बर और 24 सितम्बर को चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। इसमें भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी 23 सितम्बर को रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक पंजीयन करा सकते हैं। चयन ट्रायल में शामिल होने के लिए आधार कॉर्ड, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि के उल्लेख वाली प्रमाणित अंकसूची उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गैर-आवासीय बालक-बालिका तीरंदाजी और बालिकाओं के फुटबॉल (बालिका) के लिए चयन ट्रायल 23 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा तीरंदाजी एरिना (बालिका खेल छात्रावास के सामने) में होंगे। वहीं गैर-आवासीय बालक-बालिका हॉकी एवं बालक-बालिका एथलेटिक्स के लिए चयन ट्रायल 24 सितम्बर को स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं हॉकी स्टेडियम पिच-02 में सुबह 7 बजे से आयोजित किए गए हैं।
चयन ट्रायल में राज्य के बालक-बालिका खिलाड़ी तथा अन्य राज्यों के 13 से 17 आयु वर्ग के खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। फुटबॉल एवं तीरंदाजी खिलाड़ियों का 23 सितम्बर को पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं तीरंदाजी एरिना रायपुर में किया जाएगा। वहीं 24 सितम्बर को हॉकी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण, चिकित्सकीय परीक्षण, शारीरिक दक्षता परीक्षण एवं खेल कौशल परीक्षण स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा एवं सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पिच-02 में होगा।
चयन ट्रायल में खिलाड़ियों का चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा किया जाएगा। खेल अकादमी संचालन नियम,2014 के तहत अंतिम रूप से चयनित खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, खेल परिधान, प्लेइंग किट, बीमा एवं छात्रवृत्ति आदि सुविधाएं शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।
रायपुर, 22 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा दुर्ग जिले विभिन्न सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 40 करोड़ 85 लाख 2 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।
जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में दुर्ग जिले के सुरपा व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार एवं नहर प्रणाली का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए दो करोड़ 23 लाख 56 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 121 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाइ्र सुविधा मिलेगी।
इसी तरह से मोहंदी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहरों का लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 96 लाख 55 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। तिरगा जलाशय का जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 71 लाख 26 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 107 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। गनियारी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 71 लाख 26 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 254 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। रिसाली उमरपोटी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 97 लाख 94 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 162 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
दुर्ग जिले के निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने हेतु चैनल निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 93 लाख 56 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। शिवनाथ मण्डल कार्यालय दुर्ग का जीर्णोद्धार एवं नव निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 96 लाख 24 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। कपसदा जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 57 लाख 8 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 90 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। नंदौरी जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहरों के लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 77 लाख 57 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर 49 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
शहर के विकास के लिए चार और बड़े कार्यों की घोषणा की
रायपुर. सितम्बर 2026. सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ में विकास कार्यों को गति देने सोमवार को संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम पंजरी प्लांट रायगढ़ में भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के कुल 126.92 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण हुआ। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शहर के विकास के लिए चार और बड़े कार्यों की घोषणा की। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी दिल्ली से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को पूर्ण हो चुके आवासों की प्रतीकात्मक चॉबी भी सौंपी गई।
रायगढ़ को विकसित जिला बनाने तेज गति से कार्य जारी - उप मुख्यमंत्री श्री साव
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि रायगढ़ तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रायगढ़ जिले को विकसित जिला बनाने के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकास कार्यों को गति देने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ नगर निगम की ओर से लगभग 10 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सूची उन्हें दी गई है। इन कार्यों के लिए शीघ्र स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि शहर की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने शहर के विकास के लिए चार अतिरिक्त कार्यों की घोषणा की। इनमें संजय मार्केट के निर्माण एवं उन्नयन के लिए 15.67 करोड़ रुपए, रामलीला मैदान के विकास, मंच एवं पवेलियन निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए, तालाब के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 4.99 करोड़ रुपए तथा केवड़ाबाड़ी से मरीन ड्राइव तक सनलाईजेशन कार्य के लिए 9.97 करोड़ रुपए शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि रायगढ़ में सड़क, नाली, जल निकासी, बाजार, खेल और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ औद्योगिक गतिविधियों के साथ अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए भी जाना जाता है। विकास कार्यों के माध्यम से शहर की सुविधाओं को बेहतर बनाते हुए रायगढ़ को विकसित और सुव्यवस्थित शहर के रूप में आगे बढ़ाना है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों से कहा कि विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
औद्योगिक पहचान के अनुरूप विकसित हो रहा रायगढ़ - श्री ओ.पी. चौधरी
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने दिल्ली से वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में रायगढ़ नगर निगम को विभिन्न योजनाओं के तहत 384.66 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति मिली है। वहीं लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जिले में सड़क, भवन और पुल सहित विभिन्न कार्यों के लिए 1426 करोड़ रुपए की स्वीकृति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रायगढ़-घरघोड़ा फोरलेन तथा पूंजीपथरा-तमनार फोरलेन की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा तमनार-उरगा-लैलूंगा, तमनार बाईपास, कया-कमतरा- चरखापारा-ससकोबा-बंधनपुर और कोड़ातराई-पुसौर फोरलेन सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने रायगढ़ में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, संगीत महाविद्यालय भवन और वर्किंग वूमेन हॉस्टल जैसे कार्यों की जानकारी भी दी। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की अधोसंरचना को उसकी औद्योगिक पहचान के अनुरूप मजबूत किया जा रहा है।
लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह और महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्री अरूणधर दीवान, श्री गुरुपाल भल्ला, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री विकास केडिया, श्री अनुपम पाल, श्री जतीन साव, श्री अरूण कातोरे, श्री पवन अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, डीएफओ रायगढ़ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम के पार्षदगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दर्शक दीर्घा में बैठकर छात्र-छात्राओं का बढ़ाया उत्साह
रायपुर. सितम्बर 2026. सेवा संकल्प अभियान के तहत संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम पंजरी प्लांट रायगढ़ में ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डिग्री कॉलेज रायगढ़ के छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा और देश के प्रति उनके योगदान पर आधारित जीवंत नाट्य प्रस्तुति दी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दर्शक दीर्घा में बैठकर पूरी प्रस्तुति देखी और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
नाट्य मंचन में सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच लिए गए निर्णयों तथा देश के विकास से जुड़े विषयों को मंच पर प्रस्तुत किया। प्रस्तुति की अतिथियों और दर्शकों ने सराहना की।
17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभियान में 12 संकल्प और 25 सेवा कार्यों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता समाज में सेवा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत कर सकती है।
25 वर्षों की यात्रा को मंच पर उतारा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया है। इस दौरान विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच देशहित से जुड़े निर्णयों और विकास के प्रयासों को मंच पर दिखाया गया। कोरोना महामारी के कठिन दौर सहित विभिन्न परिस्थितियों का भी प्रस्तुति में उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और सेवा संकल्प अभियान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने ‘सेवा ही संकल्प’ विषय को केंद्र में रखते हुए प्रस्तुति दी। मंचन में सेवा भावना, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्री अरूणधर दीवान, श्री गुरुपाल भल्ला, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री विकास केडिया, श्री अनुपम पाल, श्री जतीन साव, श्री अरूण कातोरे, श्री पवन अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, डीएफओ रायगढ़ श्री अरविंद पीएम, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय और जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत में सर्वाधिक 120-120 पद, भर्ती परीक्षा 29 नवम्बर को संभावित
रायपुर, सितम्बर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की घोषणा के क्रम में विभाग द्वारा व्याख्याता पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जा रहा है।
लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार व्याख्याता के कुल 854 पदों में ई-संवर्ग की शालाओं में 424 पद तथा टी-संवर्ग की शालाओं में 430 पद भरे जाएंगे।विषयवार रिक्त पदों में हिन्दी के 120, अंग्रेजी के 120, संस्कृत के 120, भौतिकी के 94, राजनीति शास्त्र के 100, इतिहास के 100, भूगोल के 100 तथा अर्थशास्त्र के 100 पद शामिल हैं।
भर्ती के लिए आवश्यक शैक्षणिक अर्हता, आयु सीमा एवं अन्य शर्तों की विस्तृत जानकारी भर्ती विज्ञापन में दी जाएगी। भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। विस्तृत विज्ञापन व्यापम की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
व्याख्याता पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) द्वारा किया जाएगा। भर्ती परीक्षा की संभावित तिथि 29 नवम्बर 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भरने की तिथि एवं अन्य आवश्यक जानकारी CGSSB द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।
सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और पासबुक पूर्ण करने के निर्देश
रायपुर, सितम्बर 2026/ स्कूल शिक्षा विभाग ने लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के साथ ही सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और पासबुक समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए पत्र जारी किया गया है।
विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि विभिन्न स्तरों पर पेंशन प्रकरण लंबित रहने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इसे देखते हुए सभी लंबित पेंशन प्रकरणों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कर 30 सितंबर 2026 तक उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका तथा पासबुक को पहले से पूर्ण करने कहा गया है। सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण की जांच एवं सत्यापन कोष एवं लेखा से करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि सेवानिवृत्ति के समय पेंशन एवं अन्य स्वत्वों के भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो।
विभाग ने प्रत्येक सत्र में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विकासखंड स्तर पर विशेष कैम्प आयोजित कर सेवा पुस्तिका एवं पासबुक पूर्ण करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं न्यायालयीन कारणों से लंबे समय से लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए कोर्ट सेल बिलासपुर की सहायता लेकर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया है।
इसके अलावा अक्टूबर 2026 से सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पीपीओ उसी माह जारी कराने तथा अन्य देय स्वत्वों का भुगतान भी सेवानिवृत्ति वाले माह में ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की इस पहल का उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन और अन्य देयकों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है।
ई-टेंडरिंग की नई व्यवस्था से पहले ठेकेदारों को प्रशिक्षण, 1 अक्टूबर से नए पोर्टल पर बनेंगी और प्रकाशित होंगी निविदाएं
रायपुर. सितम्बर 2026. लोक निर्माण विभाग में ई-टेंडरिंग की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। विभाग द्वारा 1 अक्टूबर 2026 से सभी निविदाओं का सृजन और प्रकाशन GePNIC (Government e-Procurement System of National Informatics Centre) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। नई व्यवस्था में ठेकेदारों को किसी तरह की तकनीकी परेशानी न हो, इसके लिए विभाग द्वारा विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय की ओर से छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर यूनियन के अध्यक्ष श्री बिरेश शुक्ला और बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, रायपुर (छत्तीसगढ़) के स्टेट प्रेसिडेंट श्री रूपेश सिंघल को पत्र भेजकर ठेकेदारों को प्रशिक्षण में शामिल कराने के लिए सूचित करने को कहा गया है। विभाग ने दोनों संगठनों से GePNIC पोर्टल के प्रचार-प्रसार में सहयोग करने का भी आग्रह किया है।
22 सितम्बर से 30 सितम्बर तक रोज दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक प्रशिक्षण
लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेकेदारों को GePNIC पोर्टल की बुनियादी जानकारी और इसके उपयोग की प्रक्रिया समझाने के लिए 22 सितम्बर से 30 सितम्बर तक प्रत्येक कार्य दिवस दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण चिप्स के माध्यम से दिया जाएगा। विभाग ने दोनों संगठनों से सभी ठेकेदारों को प्रशिक्षण में शामिल कराने के लिए अपने स्तर से सूचना देने का अनुरोध किया है।
GePNIC पर नामांकन जरूरी
लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 अक्टूबर से निविदाओं का सृजन एवं प्रकाशन GePNIC पोर्टल के माध्यम से ही होगा। इसके लिए सभी ठेकेदारों का GePNIC पोर्टल पर नामांकन आवश्यक है। अक्टूबर से ठेकेदार इसी पोर्टल के माध्यम से निविदाओं में भाग ले सकेंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य ठेकेदारों को नई ई-प्रोक्योरमेंट व्यवस्था से परिचित कराना और पोर्टल के उपयोग की बुनियादी प्रक्रिया को समझाना है।
विभाग की तैयारी पूरी
लोक निर्माण विभाग पहले ही यह व्यवस्था कर चुका है कि 1 अक्टूबर 2026 से सभी निविदाएं GePNIC के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी। ठेकेदारों को पहले से प्रशिक्षण देने का मकसद नई व्यवस्था लागू होने के साथ निविदा प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों को कम करना है।
स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सेवा भाव और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से आमजन को किया जागरूक
रायपुर, सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पेंड्रा में मल्टीपर्पस स्कूल के सामने विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डाइट के बालक-बालिकाओं ने प्रभावी अभिनय, संवाद और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा भाव, सामाजिक जिम्मेदारी, स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश आमजन तक पहुंचाए।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को सहज एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से स्वच्छ गांव और स्वस्थ समाज की अवधारणा को सामने रखते हुए नागरिकों से स्वच्छता अपनाने, पानी और बिजली की बचत करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
प्रस्तुति में युवाओं की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और मेहनत एवं लगन के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए युवाओं से समाज और राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि युवा केवल अपने भविष्य के निर्माण तक सीमित न रहकर सामाजिक बदलाव और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एकता, भाईचारे और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश
नुक्कड़ नाटक के दौरान एकता, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक बदलाव केवल किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता से संभव है। सेवा भाव और सामाजिक सरोकारों को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए आमजन को प्रेरित किया गया।
रंगोली के रंगों से दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में रंगोली भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। विद्यार्थियों ने रंगों और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संदेशों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश सहज और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया कि छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने बढ़ाया आयोजन का प्रभाव
पूरे आयोजन में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। नुक्कड़ नाटक और रंगोली के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ सामाजिक विषयों के प्रति अपनी संवेदनशीलता भी प्रदर्शित की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जागरूक युवा न केवल अपने भविष्य का निर्माण करते हैं, बल्कि समाज के विकास और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को सेवा भाव, स्वच्छता, सामाजिक एकजुटता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों ने सामाजिक जागरूकता के संदेशों को आमजन तक सहज तरीके से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, श्री राकेश चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर जल स्रोतों के संरक्षण का लिया संकल्प, आमजन को स्वच्छता और जल संवर्धन के प्रति किया जागरूक
रायपुर, सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा में अरपा उद्गम स्थल के समीप नदी घाट स्वच्छता अभियान एवं नगरीय जल स्रोत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल स्रोतों की स्वच्छता, संरक्षण एवं जल संवर्धन के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना तथा नागरिकों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करना रहा।
अरपा नदी छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण नदियों में शामिल है और इसका उद्गम क्षेत्र गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय पहचान से जुड़ा हुआ है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित स्वच्छता अभियान के माध्यम से जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता करते हुए नदी घाट और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में मरवाही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा उपेन्द्र बहादुर, नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के उपाध्यक्ष श्री शरद गुप्ता, श्री लालजी यादव, श्री राकेश चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
स्वच्छ जल स्रोत स्वस्थ समाज का आधार
कार्यक्रम के दौरान जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि नदी, तालाब और अन्य जल स्रोत केवल पानी के स्रोत नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण, जैव विविधता और मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए शासन के प्रयासों के साथ-साथ आमजन की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
नदी घाट की स्वच्छता के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि जल स्रोतों में कचरा न डालें और उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखें। स्थानीय स्तर पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ने से जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी।
जल संरक्षण के साथ जल संवर्धन पर भी जोर
कार्यक्रम में जल संरक्षण के साथ जल संवर्धन की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। वर्षा जल के संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर नागरिकों को जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों को दैनिक जीवन में पानी की बचत करने तथा उपलब्ध जल संसाधनों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अरपा उद्गम स्थल के समीप आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी भावना को मजबूत करता है कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अरपा के संरक्षण से जुड़ा जनभागीदारी का संदेश
अरपा नदी क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। इसके उद्गम क्षेत्र की स्वच्छता और संरक्षण का महत्व और भी बढ़ जाता है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की सहभागिता से स्थानीय नागरिकों को जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश मिला।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता को अपनी दैनिक आदतों में शामिल करने, नदी एवं अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन ने सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करते हुए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
निर्माण कार्यो की धीमी प्रगति पर उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री ने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के प्रति जताई नाराजगी
काॅरिडोर निमार्ण कार्य का 15-15 दिन की कार्ययोजना बनाकर तेजी लाने के दिए सख्त निर्देश
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने की समीक्षा
रायपुर, सितंबर 2026/ स्वदेश दर्शन योजना के तहत लगभग 146 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे भोरमदेव कॉरिडोर के सभी प्रोजेक्ट की प्रगति की आज उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कबीरधाम के जिला पंचायत सभाकक्ष में समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कई निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चलने पर दोनों मंत्रियों ने संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने हर 15 दिन के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति नहीं होने पर अब जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर 15 दिन में कार्य की प्रगति निर्माण स्थल पर दिखाई देनी चाहिए। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिम्मेदार ठेकेदारों को कार्य से पृथक करने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक परियोजना है। ठेकेदार एजेंसियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होगी, वहां संबंधित ठेकेदार को कार्य से पृथक कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अनुबंध की शर्तों के तहत ब्लैक लिस्ट सहित अन्य कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट के लिए 15-15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि निर्धारित अवधि के बाद निर्माण स्थल पर उसका परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। पर्याप्त मशीनरी, मानव संसाधन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र का विकास आने वाले कई वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्य में किसी तरह की तकनीकी अथवा अन्य समस्या आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके। इसलिए सभी संबंधित एजेंसियां पूरी गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। आगामी भोरमदेव महोत्सव तक निर्माण कार्यों में स्पष्ट और दिखाई देने वाली प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीएमसी, ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही पीएमसी की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की समीक्षा कर तकनीकी निगरानी को और प्रभावी बनाने को कहा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भी भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई कार्यों के कार्यादेश जारी हुए 8 से 09 माह हो चुके हैं, इसके बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चल रहे हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने सभी ठेकेदारों को पूर्ण कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा प्रत्येक 15 दिन में किए जाने वाले कार्यों का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोरमदेव महोत्सव से 10 दिन पहले तक निर्धारित कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा तय की जाए। प्रत्येक 15 दिन में कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले ठेकेदार को कार्य से पृथक करने तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।