ईश्वर दुबे
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जयपुर। केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस अपने नेता के मजहब व जाति को लेकर दुविधा में है और उसकी दुविधा बार बार प्रकट हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पांचों राज्यों में हो रहे चुनाव में हार रही है।
ब्यूनस आयर्स। भारत 2022 में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यह घोषणा की। उस साल देश की आजादी के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। जी-20 विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। मोदी ने यहां अर्जेंटीना की राजधानी में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में यह घोषणा की। वर्ष 2022 में जी 20 सम्मेलन की मेजबानी इटली को करनी थी।
इंदौर। गलाकाट प्रतिस्पर्धा वाली प्रवेश परीक्षा में कामयाब होने के बाद देश के आठ प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में दाखिला पाने वाले करीब 66,000 विद्यार्थी फैकल्टी के अभाव से जूझ रहे हैं। सूचना के अधिकार (आरटीआई) से खुलासा हुआ है कि देश के इन शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में औसत आधार पर शिक्षकों के लगभग 36 प्रतिशत स्वीकृत पद खाली पड़े हैं। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि उनकी अर्जी के जवाब में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक आला अधिकारी ने उन्हें 26 नवंबर को भेजे पत्र में सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी दी है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगीं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वह राजनीति से संन्यास लेने जा रही हैं। सुषमा ने कहा, 'मैं कई चुनाव प्रचार कार्यक्रमों में गई हूं, मैंने हमेशा कहा है कि कार्यक्रम बंद दरवाजों के पीछे होना चाहिए। धूल आदि से बचना मेरे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसलिए मैंने कहा कि मैं अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ूंगी। लेकिन, मैंने यह कभी नहीं कहा कि मैं राजनीति से संन्यास ले रही हूं।'
स्वराज ने कहा, 'मेरा स्वास्थ्य ठीक है, लेकिन इसे लेकर मैं लगातार सावधानी बरत रही हूं। डॉक्टरों ने मुझे इंफेक्शन और धूल से बचने के लिए कहा है। मैं खुद को धूल से दूर भी रखती हूं, लेकिन कितना भी प्रयास किया जाए चुनाव के दौरान ऐसा नहीं हो पाता।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13वें जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए गुरुवार को अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स पहुंच गए। लेकिन इसी बीच अर्जेंटीना के एक समाचार चैनल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना अमेरिकी टीवी कॉमेडी सीरियल 'सिम्पसंस' के करेक्टर 'अपू' से की है। चैनल में कहा गया कि "अपू आता है" क्योंकि भारतीय प्रधान मंत्री का विमान अपू की छवि के साथ अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में आया।
'सिम्पसंस' एक कॉमेडी सीरियल है, जिसके किरदार असल कलाकार नहीं, कार्टून हैं। ये अमरीका का सबसे लंबे वक़्त तक चलने वाला सीरियल है। इसमे तमाम किरदार हैं। मगर अपू इकलौता भारतीय किरदार इस सीरियल में दिखाया गया है। सीरियल के लेखकों ने उसे इस तरह से गढ़ा है जिससे भारतीय मूल के लोगों की एक ख़ास तरह की छवि बनती दिखती है।
सीरियल में अपू नाम का एक भारतीय मूल का किरदार था जो ख़ास अंदाज़ में अमरीकी अंग्रेज़ी बोलता है। वो एक दुकानदार है। उसके आठ बच्चे हैं। वो हमेशा मज़ाक़ का विषय बना रहता है। भारतीय मूल के लोगों को कभी अंदाज़ा ही नहीं हुआ कि 'सिम्पसंस' सीरियल के ज़रिए उन पर नस्लवादी छींटाकशी की जा रही है। अमरीका में रह रहे भारतीय मूल के लोगों ने अपू को इस कदर अपना लिया था कि उन्हें एहसास ही नहीं हुआ कि उन्हें नस्लीय नज़रिए से पेश किया गया है।
नयी दिल्ली। देश के अलग-अलग प्रांतों से आए किसान दिल्ली में गुरुवार की शाम रामलीला मैदान में अपना डेरा डालते हैं और फिर शुक्रवार की सुबह वह दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए संसद मार्ग पुलिस थाने तक पहुंचे। वहां पर विपक्षीसान मुक्ति मोर्चा की अगुवाई करने वाले 200 से अधिक किसान संगठनों का लक्ष्य सरकार को किसानों के लिए तीन हफ्तों का विशेष संसदीय सत्र बुलाने के लिए मजबूर करना है। शुक्रवार के दिन समूची दिल्ली से किसानों के प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आ रही थीं और कहा जा रहा है कि एक लाख से अधिक किसानों ने राजधानी में प्रदर्शन किया मगर एकाध अखबार छोड़ दिया जाए तो किसी भी अखबार ने इन किसानों को पहले पेज पर तवज्जो नहीं दी। पहले पेज में जगह मिली भी तो विपक्षी एकता को जिन्होंने एक के बाद किसानों को संबोधित करने के बहाने सरकार को अपने मुताबिक गरियाया।
काठमांडू। आतंकवाद को दुनिया के समक्ष वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने शनिवार को कहा कि आतंकवाद कोई सीमा या धर्म को नहीं मानता और भारत लम्बे समय से प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे में आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिये दुनिया के देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून बनाना चाहिए। एशिया प्रशांत शिखर सम्मेलन के प्रारंभिक सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व करते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती आतंकवाद है। यह तेजी से बढ़ रहा है। यह लिंग, सीमा, धर्म का कोई भेद नहीं करता। आतंकवाद ऐसी बुराई है जो वैश्विक शांति, स्थिरता एवं प्रगति के मार्ग में बड़ी बाधा बन गया है।
उन्होंने कहा कि भारत लम्बे समय से प्रायोजित आतंकवाद से प्रभावित रहा है। एक छोटा आतंकी समूह भी बड़ी समस्या और चुनौती खड़ी कर रहा है। ऐसे में वैश्विक आतंकवाद का मुकाबला वैश्विक सामूहिक प्रयासों से ही हो सकती है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी स्थिति में आतंकवाद या किसी आतंकी समूह को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। इसे महिमामंडित करना ठीक नहीं है। देवेगौड़ा ने कहा कि हाल के वर्षो में कुछ अच्छी पहल हुई है। दुनिया आतंकवाद के बारे में सजग हुई है, आतंकवाद के वित्त पोषण के नेटवर्क पर लगाम लगाने की पहल शुरू हुई है लेकिन अब भी आतंकवाद के संबंध में कोई अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं बन पाया है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिये अंतरराष्ट्रीय कानून जरूरी है। संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के खिलाफ कानून का प्रस्ताव लंबित है। इसे मंजूर नहीं किया जा सका क्योंकि आतंकवाद की परिभाषा तय नहीं हो पायी है। इस पर दुनिया के सभी देशों को मिलकर पहल करने की जरूरत है तभी टिकाऊ विकास, शांति और स्थिरता कायम की जा सकती है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री युसुफ रजा गिलानी ने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री ने आतंकवाद का उल्लेख किया और वह इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि दुनिया में शांति एवं प्रगति के मार्ग को आतंकवाद बाधित कर रहा है।
गिलानी ने कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि अच्छा आतंकवाद या बुरा आतंकवाद जैसी कोई बात नहीं होती है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान भी लम्बे समय से आतंकवाद से प्रभावित है और अफागान युद्ध की पृष्ठभूमि में काफी संख्या में पाकिस्तान में शरणार्थी आए और आज भी लाखों की संख्या में वे मौजूद है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के कारण न केवल काफी संख्या में लोग मारे गए बल्कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
चीन के साथ चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा का जिक्र करते हुए गिलानी ने दावा किया यह गलियारा (सीपेक) चुनिंदा नहीं है बल्कि समावेशी स्वरूप का है जो सम्पर्क की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा रहा है। गिलानी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सीपेक के बारे में कुछ लोग दुष्प्रचार करने में लगे हैं जबकि इसे बंदरगार के विकास, विशिष्ठ आर्थिक क्षेत्र तैयार करने, आधारभूत संरचना के विकास की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा रहा है। एशिया प्रशांत शिखर सम्मेलन, नेपाल 2018 का आयोजन 30 नवंबर से 3 दिसंबर तक काठमांडू में हो रहा है जिसका मुख्य विषय ‘हमारे समय की महत्वपूर्ण चुनौतियां: स्वतंत्रता, साझी समृद्धि और सार्वभौम मूल्य’ है। एशिया प्रशांत शिखर सम्मेलन, नेपाल का आयोजन यूर्निवर्सल पीस फेडेरेशन ने किया है जो दुनिया के कई देशों में संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के साथ मिलकर काम कर रहा है।
चित्तौड़गढ़। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धनाढ्यों व गरीबों के लिए दो अलग अलग हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं जो कांग्रेस को मंजूर नहीं। इसके साथ ही राहुल ने कहा कि देश के किसानों का कोई अपमान नहीं कर सकता चाहे वह कितना भी बड़ा आदमी क्यों न हो। यहां चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि राजस्थान में अलग अलग नेता अलग अलग बात कर रहे हैं । यहां मुद्दे दो ही हैं.. राजस्थान की जनता के मन में पहला सवाल है रोजगार का। दूसरा सवाल देश किसानों का है और देश भर के किसानों को रास्ता नहीं सूझ रहा है।
कर्ज माफी का वादा करते हुए राहुल ने कहा,‘राजस्थान में जैसे ही कांग्रेस पार्टी आएगी दस दिन में किसान का कर्जा माफ हो जाएगा क्योंकि हमें नरेंद्र मोदी को समझाना है कि हिंदुस्तान के किसान का दुनिया में कोई अपमान नहीं कर सकता है। चाहे वह हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री ही क्यें न हो।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,‘2014 में नरेंद्र मोदी जब चुनाव लड़ रहे थे तो उन्होंने भ्रष्टाटार के साथ साथ रोजगार दिलवाने व किसानों की मदद की बात की। लेकिन आश्चर्य की बात है कि 2018 के अपने भाषण में वे न रोजगार की बात करते हैं, न किसान की, न भ्रष्टाचार की। पांच साल में न रोजगार मिला और न किसानों को मदद।’
केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा देश के कुछ बड़े उद्योगपतियों का लाखों करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने व किसानों को जरा सी भी राहत नहीं देने का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा,‘ मोदी दो हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं। एक किसानों का, मजदूरों का व छोटे दुकानदारों का और दूसरा हिंदुस्तान अनिल अंबानी, मेहुल चोकसी व नीरव मोदी और विजय माल्या का... और हमें यह मंजूर नहीं। एक झंडा है, एक हिंदुस्तान होगा।’
राहुल ने कहा,‘ इसलिए हम नरेंद्र मोदी, वसुंधरा राजे के खिलाफ खड़े हैं, विचारधारा की लड़ाई है।’ उन्होंने सवाल किया कि मोदी, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ खड़ा होकर उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की बात करते हैं लेकिन ललित मोदी ने वसुंधरा के बेटे के खाते में जो दस करोड़ रुपये डाले हैं उसके बारे में वह कुछ नहीं कहते। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं का, किसानों का मोदी व वसुंधरा पर भरोसा नहीं रहा।