ईश्वर दुबे
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दीपिका पादुकोण के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में आक्रोशित छात्रों का समर्थन करने से विवाद बढ़ गया है। विज्ञापनों में सबसे ज्यादा भुगतान लेने वाली अमिनेत्री के इस कदम से कई कंपनियां डर गई हैं। ऐसे में इन कंपनियों ने दीपिका की भूमिका वाले विज्ञापनों को दिखाना कम कर दिया है।
कंपनियां भविष्य के लिए उठा सकती है यह कदम
दीपिका पादुकोण के इस कदम के बाद अब कंपनियां अपने ब्रांड को नुकसान नहीं पहुचाना चाहती है। ऐसा पहले भी हो चुका है, जब फिल्मी सितारों ने किसी राजनीतिक मुद्दे पर अपने विचार रखे हैं और इसके बाद सितारों के साथ ही ब्रांड का भी बहिष्कार शुरू हो गया हो। आने वाले समय में विज्ञापनों के करारों में इस तरह के क्लॉज जोड़े जा सकते हैं, जिनमें किसी सिलेब्रिटी के राजनीतिक रुख तय करने से प्रशासन के नाराज हो सकने वाले जोखिम का जिक्र होगा।
विवाद से बचना चाहते हैं ब्रांड
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य तौर पर ब्रैंड्स सुरक्षित दांव चलते हैं। वे किसी विवाद से बचना चाहते हैं। एक मीडिया बाइंग एजेंसी के एग्जिक्यूटिव ने कहा, 'मझोले आकार के एक ब्रैंड ने हमसे कहा है कि दीपिका वाले उसके विज्ञापन करीब दो हफ्तों के लिए रोक दिए जाएं। उम्मीद है कि तब तक विवाद ठंडा पड़ जाएगा।'
23 कंपनियों की हैं ब्रांड अंबेसडर
दीपिका फिलहाल 23 कंपनियों की ब्रांड अंबेसडर हैं। ब्रिटानिया गुड डे, लॉरियल, तनिष्क, विस्तारा एयरलाइंस और एक्सिस बैंक प्रमुख ब्रांड हैं। दीपिका की नेटवर्थ 103 करोड़ रुपये की है। ट्विटर पर उनके 2.68 करोड़ फॉलोअर हैं। बताया जाता है कि एक फिल्म के लिए वह 10 करोड़ रुपये और विज्ञापन के लिए आठ करोड़ रुपये लेती हैं।एक टॉप सेलेब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी के हेड ने कहा, 'हम अपने ब्रांड का विज्ञापन करने वाले स्टार्स को राजनीतिक मामलों में बोलने के नफा-नुकसान के बारे में बता रहे हैं। तय तो उनको ही करना है, लेकिन संवेदनशील मामलों में विवाद बढ़ भी सकता है।'
नई दिल्ली. फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर और रैनबैक्सी कंपनी के पूर्व सीईओ मलविंदर सिंह और शिवेंद्र सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को उनके और रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी के खिलाफ चार्जशीट दायर की है.
ईडी ने यह चार्जशीट मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को लेकर दायर की है. दिल्ली की एक अदालत ने चार्जशीट का संज्ञान लिया और तीनों आरोपियों के खिलाफ समन जारी करते हुए उन्हें 20 जनवरी को पेश होने को कहा.
बता दें कि पहले रैनबैक्सी के पूर्व सीईओ मलविंदर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार था. मलविंदर को 2,300 करोड़ रुपये के हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार किया था. इससे पहले उनके भाई और कंपनी के पूर्व सीईओ शिविंदर सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
इस तरह कभी देश की दिग्गज कंपनी रैनबैक्सी के प्रमोटर रहे और बाद में कंपनी बेचकर करीब 9,500 करोड़ रुपये की नकदी जेब में रखने वाले सिंह बंधु हवालात में पहुंच गए थे. इनके अलावा रेलिगयेर इंटरप्राइजेज लिमिटेड (REL) के पूर्व सीएमडी सुनील गोधवानी और कंपनी के दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को भी दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (RFL) के मनप्रीत सिंह सूरी ने शिविंदर, गोधवानी के साथ कई अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने कंपनी के कामकाज के लिए लोन हासिल किए, लेकिन उसे दूसरी कंपनियों में लगा दिया गया.
मुंबई । टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के संयुक्त उपक्रम वाली विमान सेवा कंपनी विस्तारा ने परिचालन के पांच साल पूरा होने के मौके पर 48 घंटे की सेल की घोषणा की है जिसके तहत किराया 995 रुपए से शुरू है। एयरलाइन ने बताया कि इस सेल के तहत टिकटों की बिक्री शुक्रवार आधी रात तक चलेगी। इसमें 25 जनवरी से 30 सितंबर तक की यात्रा के टिकट बुक कराए जा सकते हैं। घरेलू मार्गों पर सभी करों एवं शुल्कों समेत इकोनॉमी श्रेणी का किराया 995 रुपए से, प्रीमियम इकोनॉमी श्रेणी का किराया 1,995 रुपए से और बिजनेस श्रेणी का किराया 5,555 रुपए से शुरू है। अंतररष्ट्रीय मार्गों पर इकोनॉमी श्रेणी का किराया 14,555 रुपए, प्रीमियम इकोनॉमी का 19,995 रुपए और बिजनेस श्रेणी का 35,555 रुपए से शुरू है। घरेलू मार्गों पर सबसे कम 995 रुपए किराया डिब्रूगढ़ और बागडोगरा के बीच है। अंतररष्ट्रीय उड़ानों में सबसे कम किराया 14,555 रुपए दिल्ली से बैंकॉक और मुंबई से कोलंबो मार्गों पर होगा। इन सभी किराया पैकेज में टैक्स भी शामिल है। 10 जनवरी की मध्य रात्रि तक बुक किए गए टिकट पर आप 25 जनवरी से 30 सिंतबर 2020 तक यात्रा कर सकते हैं।
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 368.30 अंक यानी 0.91 फीसदी की बढ़त के बाद 41,044.93 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 100.30 अंक यानी 0.84 फीसदी की बढ़त के बाद 12,093.35 के स्तर पर खुला। इसके बाद सुबह 9:45 बजे सेंसेक्स 549.05 अंक यानी 1.35 फीसदी की बढ़त के बाद 41,225.68 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 156.30 अंक यानी 1.30 फीसदी की बढ़त के बाद 12,149.35 के स्तर पर पहुंच गया। गैरतलब है कि सोमवार को बाजार में जोरदार गिरावट आई थी। निवेशकों ने इस अनुमान पर दांव लगाया कि पश्चिम एशिया में तनाव अब और नहीं बढ़ेगा।
दिग्गज शेयरों की बात करें, तो जी लिमिटेड, वेदांता लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, अडाणी पोर्ट्स, यस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील और एशियन पेंट्स के शेयर हरे निशान पर खुले। वहीं इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल टेक और ओएनजीसी के शेयर लाल निशान पर खुले।
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो आज आईटी के अतिरिक्त सभी सेक्टर्स हरे निशान पर खुले। इनमें एफएमसीजी, फार्मा, पीएसयू बैंक, ऑटो, रियल्टी, मेटल, मीडिया और प्राइवेट बैंक शामिल हैं।
प्री ओपन के दौरान सुबह 9:10 बजे शेयर मार्केट हरे निशान पर था। सेंसेक्स 306.41 अंक यानी 0.75 फीसदी की बढ़त के बाद 40,983.04 के स्तर पर था। वहीं निफ्टी 86.05 अंक यानी 0.72 फीसदी की बढ़त के बाद 12,079.10 के स्तर पर था।
डॉलर के मुकाबले आज रुपया 17 पैसे की बढ़त के बाद 71.76 के स्तर पर खुला। वहीं पिछले कारोबारी दिन भी डॉलर के मुकाबले रुपया 71.93 के स्तर पर ही बंद हुआ था।
सोमवार को सेंसेक्स 151.39 अंक यानी 0.37 फीसदी की गिरावट के बाद 41,313.22 के स्तर पर खुला था। वहीं निफ्टी 63.05 अंक यानी 0.52 फीसदी की गिरावट के बाद 12,163.60 के स्तर पर खुला था। लेकिन बाजार के खुलते ही इसमें जोरदार गिरावट आई। दोपहर 2:21 बजे सेंसेक्स 811.64 अंक यानी 1.96 फीसदी की गिरावट के बाद 40,652.97 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 243.25 अंक यानी 1.99 फीसदी की गिरावट के बाद 11,983.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
पिछले कारोबारी दिन शेयर बाजार भारी गिरावट पर बंद हुआ था। सेंसेक्स 787.98 अंक यानी 1.90 फीसदी की गिरावट के बाद 41,676.63 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 233.60 अंक यानी 1.91 फीसदी की गिरावट के बाद 11,993.05 के स्तर पर बंद हुआ था।
मुंबई. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार 6 जनवरी को शेयर बाजार लाल निशान पर खुला. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 151.39 अंक यानी 0.37 फीसदी की गिरावट के बाद 41,313.22 के स्तर पर खुला. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 63.05 अंक यानी 0.52 फीसदी की गिरावट के बाद 12,163.60 के स्तर पर खुला. इसके बाद खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार गिरावट देखी गई. सुबह 9:28 बजे 377.01 अंक यानी 0.91 फीसदी की गिरावट के बाद 41,087.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 108.30 अंक यानी 0.89 फीसदी की गिरावट के बाद 12,118.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा था.
इसलिए आई गिरावट
अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के बाहुबली जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराए जाने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. इसका असर शेयर बाजार पर पड़ा. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई से बाजार में और उतार-चढ़ाव का जोखिम है.
ऐसा रहा दिग्गज शेयरों का हाल
दिग्गज शेयरों की बात करें, तो टाइटन, अडाणी पोर्ट्स, टीसीएस, ओएनजीसी, जी लिमिटेड, इंफोसिस और भारती एयरटेल के शेयर हरे निशान पर खुले. वहीं पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, कोल इंडिया, मारुति, एचडीएफसी, बीपीसीएल, एम एंड एम और नेस्ले इंडिया के शेयर लाल निशान पर खुले.
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो आज आईटी के अतिरिक्त सभी सेक्टर्स लाल निशान पर खुले. इनमें एफएमसीजी, फार्मा, पीएसयू बैंक, ऑटो, रियल्टी, मेटल, मीडिया और प्राइवेट बैंक शामिल हैं.
प्री ओपन के दौरान यह था शेयर मार्केट का हाल
प्री ओपन के दौरान सुबह 9:10 बजे शेयर मार्केट लाल निशान पर था. सेंसेक्स 86.27 अंक यानी 0.21 फीसदी की गिरावट के बाद 41,378.34 के स्तर पर था. वहीं निफ्टी 56.05 अंक यानी 0.46 फीसदी की गिरावट के बाद 12,170.60 के स्तर पर था.
72.01 के स्तर पर खुला रुपया
डॉलर के मुकाबले आज रुपया 21 पैसे की गिरावट के बाद 72.01 के स्तर पर खुला. वहीं पिछले कारोबारी दिन भी डॉलर के मुकाबले रुपया 71.80 के स्तर पर ही बंद हुआ था.
शुक्रवार को लाल निशान पर खुला था बाजार
शुक्रवार को शेयर बाजार लाल निशान पर खुला था. सेंसेक्स 61.36 अंक यानी 0.15 फीसदी की गिरावट के बाद 41,565.28 के स्तर पर खुला था. वहीं निफ्टी 35.95 अंक यानी 0.29 फीसदी की गिरावट के बाद 12,246.25 के स्तर पर खुला था.
पिछले कारोबारी दिन गिरावट पर बंद हुआ था बाजार
पिछले कारोबारी दिन शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ था. सेंसेक्स 162.03 अंक यानी 0.39 फीसदी की गिरावट के बाद 41,464.61 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं निफ्टी 55.55 अंक यानी 0.45 फीसदी की गिरावट के बाद 12,226.65 के स्तर पर बंद हुआ था.
नई दिल्ली. नए साल (New Year 2020) का आगाज हो गया है। इस नए साल में भी हम में ज्यादातर लोगों ने अपने सपने को पूरा करने के लिए कोई न कोई संकल्प लिया होगा, लेकिन जब साल का अंत होने को आएगा तो कुछ ही के सपने पूरे होंगे और अधिकांश के अधूरे रह जाएंगे। आखिर, इसकी वजह क्या है? वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ लक्ष्य निर्धारित करने भर से तो सपने पूरे नहीं होते, उसके लिए जरूरत होती है एक मुकम्मल निवेश प्लानिंग की। लेकिन, अक्सर लोग इसी में गलती कर बैठते हैं। साल 2020 में निवेश पर शानदार रिटर्न पाने के लिए आपको किन छह गलतियों से बचना चाहिए, आइए जानते हैं...
1. सबसे पहले वित्तीय लक्ष्य तय करें
इंसान का स्वभाव है कि वह निवेश की योजना को टालता जाता है। इस साल आलस छोड़े और सबसे पहले वित्तीय लक्ष्य तय करें। यानी आपको इस साल क्या पाना है उसके लिए कितने रकम की जरूरत होगी उसका एक ब्योरा बनाएं। यह बिल्कुल स्पष्ट और संक्षित्प होना जरूरी है। ऐसा करने से आप अपने आय और खर्चें के बाद वित्तीय लक्ष्य को पाने की दिशा में सही तरह से कदम बढ़ा पाएंगे। जब आप पहले से लक्ष्य कर लेंगे तो आपको पता होगा कि इसको पाने के लिए क्या करना और इसके लिए कौन-कौन सी चुनौती का सामना करना होगा। जल्द लक्ष्य तय करने का सबसे बड़ा फायदा होगा कि टालने की आदत पर विराम लग जाएगी।
2.जल्दबाजी में फैसले नहीं लें
वित्तीय लक्ष्य बनाने के बाद कभी भी निवेश उत्पाद चुनने में जल्दबाजी न करें। यह आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। कभी भी दोस्तों या वित्तीय सलाहकार की बातों पर आंख मूंद कर भरोसा कर निवेश नहीं करें। सबसे पहले अपनी जरूरत और जोखिम लेने की क्षमता को समझें। अगर आप अपने निवेश पर अधिक रिटर्न चाहते हैं और जोखिम लेने में सक्षम हैं तो शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड का रुख कर सकते हैं। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश करने से पहले धैर्य रखना बहुत जरूरी होता है। ऐसा इसलिए कि शेयर बाजार में बड़ी गिरावट अनुभवी से अनुभवी निवेशकों के भी भरोसे को हिला देती है। बाजार की अस्थिरता में धैर्य को बनाकर रखना मुश्किल होता है। निवेशकों को लंबी अवधि को ध्यान में रखकर इक्विटी में निवेश करना चाहिए। कम से कम 5-7 साल की अवधि को ध्यान में रखकर इक्विटी में निवेश करें। कुछ महीनों तक गिरावट का दौर बना भी रहता है तो भी धबराना नहीं चाहिए।
3. टैक्स बचत की कोशिश जल्दी करें
वित्त वर्ष 2018-19 को खत्म होने में तीन महीने से कम का समय है। यानी आपके पास तीन महीने ही है आयकर से बचत के लिए। कई दफा हम निवेश तो करते हैं लेकिन वह कर बचाने के काम में नहीं आता है। अगर वह कर बचाने के काम में भी आता है तो उसपर रिटर्न बहुत ही कम मिलता है। इस चक्कर में हमारी आय का एक बड़ा भाग आयकर के रूप में चला जाता है। अगर, सही वित्तीय योजना बनाते हैं तो बड़ी रकम बचत कर सकते हैं। इसके लिए वैसे निवेश उत्पाद का चुनाव करना चाहिए, जो आपको अच्छे रिटर्न के साथ टैक्स छूट भी दें।
4. बीमा उत्पाद को निवेश नहीं समझें
आम लोगों में बीमा उत्पाद को निवेश के तौर पर लिया जाता है। यह बहुत बड़ी भूल है। बीमा को कभी भी निवेश के तौर पर नहीं लेना चाहिए। निवेश और बीमा दोनों ही उत्पाद बिल्कुल अलग-अलग हैं। इन दोनों की आपस में अदला-बदली नहीं की जा सकती है। निवेश पैसे को बढ़ाने और लक्ष्यों को पाने के लिए किया जाता है। वहीं, बीमा किसी अनहोनी में सुरक्षा देने के काम करता है। अगर आप जीवन बीमा निवेश के लिए खरीद रहे हैं तो आप बड़ी गलती कर रहे हैं। महंगाई के मुकाबले बीमा पर मिलने वाला रिटर्न बहुत ही कम होता है। वही, आप सही निवेश उत्पाद का चयन कर शानदार रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।
5. आपातकालीन फंड जरूर बनाएं
अगर आप नौकरीपेशा से जुड़े हैं और अभी तक आपातकालीन फंड नहीं बनाएं हैं तो अब देर मत कीजिए। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि आपके पास आपातकालीन फंड के रूप में तीन से छह महीने का खर्च उठाने की रकम होनी चाहिए। आप पर कोई कर्ज या देनदारी है तो इसका ख्याल भी रखना होगा। इसी से यह निर्धारित होगा कि आखिर आपका आपातकालीन फंड कितनी राशि का होना चाहिए। आपको आपातकालीन फंड की शुरुआत अपने बचत खाते से करनी चाहिए। जैसे-जैसे आपकी बचत बढ़ती जाएगी, आप ऐसे खाते की तलाश करेंगे जहां आपको इस पर अच्छा ब्याज भी मिले। ऐसे में दूसरा विकल्प हो सकता है कि आप रैकरिंग डिपॉजिट और लिक्विड फंड में निवेश करें।
6. फिजूलखर्ची को रोके
आय और खर्च के बाद बचा हुआ पैसा ही निवेश होता है। आप निवेश तब तक नहीं कर पाएंगे जब तक बचत नहीं करेंगे। आखिर यह बचत होगा कैसे तो इसके लिए आपको फिजूलखर्ची पर लगाम लगानी होगी। फिजूलखर्ची से निपटने में एक चीज बहुत कारगर तरीके से काम करती है। वह है बजट बनाना। बजट को विस्तृत ढंग से लिखित रूप में बनाना चाहिए। इससे आप फिजूखर्च को आसानी से पता कर पाएंगे। फिर आप उस पैसे को बचाकर निवेश कर पाएंगे।
नई दिल्ली । पिछले साल भारतीय क्रिकेट में इस बात को लेकर काफी चर्चा रही थी कि आखिर कितने समय तक क्रिकेटर अपने गर्लफ्रेंड और पत्नियों को साथ रख सकते हैं। दरअसल सीओए ने पिछले साल 21 मई को मीटिंग में यह तय किया था कि अगर कोई खिलाड़ी तय समय से ज्यादा समय के लिए अपनी पत्नी और गर्लफ्रेंड को रखना चाहते हैं,तब इसके लिए उन्हें कप्तान और कोच से बात करनी होगी। हालांकि अब बीसीसीआई इसमें बदलाव करने वाली है।
बीसीसीआई के एक बड़े अधिकारी ने कहा है कि अगर खिलाड़ियों को अपने परिवार को साथ रखना है,तब उन्हें इसके लिए बीसीसीआई से बात करनी होगी। सीओए के पुराने फैसले के मुताबिक विजिटर पीरियड के बाहर अगर कोई खिलाड़ी किसी को साथ रखना चाहता है,तब उन्हें टीम के कोच और कप्तान से बात करनी पड़ती थी। हालांकि इससे सभी खिलाड़ी सहमत नहीं थे। ऐसा माना गया था कि खिलाड़ी कप्तान से इस तरह की चीजों के लिए अनुमति लेने में सहज नहीं थे। सीओए की पूर्व सदस्य डायना एडुलजी ने इस फैसले का स्वागत कर कहा, टीम के माहौल के लिए यह सही है। खिलाड़ी अब आपस में असहज महसूस नहीं करने वाले है। इस तरह के फैसले कप्तान और कोच को नहीं बल्कि बीसीसीआई को ही लेने चाहिए। कप्तान और कोच का काम खेल पर ध्यान देना है।
नई दिल्ली. अगर आप कॉम्पैक्ट सेडान में कार खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. दरअसल, हुंडई इंडिया ने कॉम्पैक्ट सेडान ''ऑरा'' की बुकिंग शुरू कर दी है. इस कार की बुकिंग सिर्फ 10 हजार रुपये में की जा सकती है.
हुंडई की ओर से जारी बयान के मुताबिक ऑरा कंपनी की वेबसाइट या उसके डीलरशिप के जरिये की जा सकती है. कंपनी के निदेशक (बिक्री, विपणन एवं सेवा) तरुण गर्ग ने कहा कि कंपनी ऑरा की बुकिंग शुरू कर नये दशक की शुरुआत कर रही है.
उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि ऑरा इस श्रेणी में अपना मुकाम स्थापित करेगी.’’ इस कार को बाजार में 21 जनवरी को उतारा जाएगा. बता दें कि बीते 19 दिसंबर को हुंडई ने इस कार की पहली झलक दिखाई थी. ऑरा की कीमत 6-9 लाख रुपये के बीच रहने की उम्मीद है.
क्या हैं फीचर्स
हुंडई Aura के फीचर्स की बात करें तो Grand i10 Nios के प्लेटफॉर्म पर डेवलप किया गया है. ये कार पेट्रोल और डीजल दोनों संस्करणों में उपलब्ध होगी. ऑरा के टॉप वेरियंट में एंड्रॉयड ऑटो और ऐपल कारप्ले के साथ 8-इंच का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम, 5.3-इंच डिजिटल स्पीडोमीटर और एमआईडी, वायरलेस चार्जर और प्रीमियम साउंड सिस्टम मिल रहे हैं. वहीं रियर सेंटर आर्मरेस्ट जैसे फीचर्स भी मिलेंगे.भारतीय बाजार में हुंडई की इस सेडान की टक्कर मारुति डिजायर, होंडा अमेज, टाटा टिगोर और रेनॉ की आने वाली सब-कॉम्पैक्ट सेडान कार से होगी.
टेलिकॉम कंपनियां पिछले महीने नए टैरिफ प्लान्स लेकर आई हैं। नए प्लान्स, पहले के मुकाबले महंगे हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियां अपने प्लान्स में आकर्षक बेनेफिट दे रही हैं। एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जहां अपने ग्राहकों को किसी भी दूसरे नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा दे रही हैं। वहीं, रिलायंस जियो के प्लान अपेक्षाकृत थोड़ा सस्ते हैं। हालांकि, जियो अपने यूजर्स को किसी दूसरे नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा नहीं दे रही है। लेकिन, यूजर्स को जियो-टू-जियो अनलिमिटेड कॉलिंग का बेनेफिट दिया जा रहा है। अगर आप साल भर की वैलिडिटी देने वाले किफायती प्लान की तलाश में हैं तो हम आपको जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के ऐसे प्लान के बारे में बता रहे हैं, जिनमें लंबी वैलिडिटी के साथ आकर्षक बेनेफिट दिए जा रहे हैं।
जियो के 1,299 रुपये वाले प्लान में साल भर की वैलिडिटी
रिलायंस जियो के 1,299 रुपये वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान में यूजर्स को साल भर यानी 365 दिन की वैलिडिटी मिलती है। जियो के इस प्लान में अनलिमिटेड जियो-टू-जियो कॉलिंग का फायदा मिलता है। वहीं, दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए 12,000 नॉन-जियो मिनट्स दिए जाते हैं। रिलायंस जियो के इस प्लान में 3,600 SMS भेजने की सहूलियत मिलती है। अगर डेटा की बात करें तो इस प्लान में 24GB डेटा मिलता है। इसके अलावा, यूजर्स को जियो ऐप्स का कॉम्प्लीमेंट्री सब्सक्रिप्शन मिलता है।
एयरटेल के 1,498 रुपये वाले प्लान में एक साल की वैलिडिटी
अगर आप एयरटेल का 1,498 रुपये वाला प्लान रिचार्ज कराते हैं तो इसमें आपको एक साल की वैलिडिटी मिलती है। इस प्लान की खास बात यह है कि इसमें आपको अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा मिलता है। यानी, आप किसी भी नंबर पर अनलिमिटेड कॉल कर सकते हैं। एयरटेल के इस प्लान में यूजर्स को 3,600 SMS भेजने की सुविधा मिलती है। प्लान में यूजर्स को 24GB डेटा मिलता है। इसके अलावा, एयरटेल Xstream ऐप्स का प्रीमियम एक्सेस मिलता है।
वोडाफोन के 1,499 रुपये वाले प्लान में 365 दिन की वैलिडिटी
वोडाफोन-आइडिया के 1,499 रुपये वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान में यूजर्स को 365 दिन की वैलिडिटी मिलती है। एयरटेल की ही तरह वोडाफोन-आइडिया के इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा मिलता है। यानी, किसी भी दूसरे नेटवर्क पर कॉलिंग फ्री है। प्लान में 3,600 लोकल और नेशनल SMS भेज सकते हैं। यूजर्स को इस प्लान में 24GB डेटा मिलता है। इसके अलावा, यूजर्स को वोडाफोन प्ले का सब्सक्रिप्शन भी मिलता है।
नई दिल्ली,Jawa Motorcycles की बॉबर स्टाइल बाइक Jawa Perak की बुकिंग आज (1 जनवरी) शाम 6 बजे शुरू होगी। कंपनी की वेबसाइट और डीलरशिप पर इस बाइक को 10 हजार रुपये में बुक कर सकते हैं। बुकिंग अमाउंट रिफंडेबल है। इसकी डिलिवरी 2 अप्रैल 2020 को शुरू होगी। जावा पेरक नवंबर 2019 को लॉन्च की गई थी। इसकी एक्स शोरूम कीमत 1.95 लाख रुपये है।
जावा पेरक फिलहाल देश की सबसे सस्ती फैक्ट्री-मेड (कंपनी की बनाई गई) बॉबर बाइक है। इसका लुक काफी अट्रैक्टिव है। बाइक में दिए गए राउंड हेडलैम्प, सिंगल सीट, ब्लैक वायर स्पोक वील्ज, बार-एंड मिरर्स, छोटे फेंडर्स और स्लैश-कट एग्जॉस्ट इसे क्लासिक बॉबर बाइक का लुक देते हैं।
पेरक में इंटीग्रेटेड टेललाइट के साथ फ्लोटिंग सिंगल सीट स्टैंडर्ड दी गई है, जो इसे कम्प्लीट बॉबर लुक देती है। हालांकि, बाइक में पिछली सीट का भी ऑप्शन है। इसकी सीट हाइट 750mm, वील बेस 1485mm और इसका वजन 179 किलोग्राम है। बाइक की फ्यूल टैंक कपैसिटी 14 लीटर है।
इंजन
पेरक जावा इंडिया की पहली बीएस6 कम्प्लायंट बाइक है। इसमें 334cc सिंगल-सिलिंडर, DOHC लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो 30bhp की पावर और 31Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इंजन 6-स्पीड गियरबॉक्स से लैस है।
ब्रेकिंग और सस्पेंशन
पेरक में दोनों तरफ डिस्क ब्रेक दिए गए हैं और बाइक ड्यूल चैनल एबीएस से लैस है। सस्पेंशन की बात करें, तो बाइक के फ्रंट में टेलेस्कोपिक फोर्क्स और रियर में मोनोशॉक यूनिट दी गई है।
नई दिल्ली,सरकार ने हुवावेई सहित सभी टेलिकॉम कंपनियों को ट्रायल के लिए 5G स्पेक्ट्रम देने का फैसला किया है। दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा, 'हमने सभी कंपनियों को ट्रायल के लिए 5G स्पेक्ट्रम देने का फैसला किया है।'
दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि सरकार सभी टेलिकॉम सेवा प्रदाता कंपनियों को ट्रायल के लिए 5G स्पेक्ट्रम मुहैया करवाएगी। दूरसंचार विभाग (डीओटी) सभी टेलिकॉम सेवा प्रदाता को ट्रायल के लिए स्पेक्ट्रम प्रदान करेगी और ऑपरेटर एरिक्शन, नोकिया, सैमसंग और हुवावे को अपने पार्टनर वेंडर के रूप में चुन सकते हैं। हालांकि ट्रायल का मतलब यह नहीं होगा कि व्यावसायिक रूप में इसकी मंजूरी का आश्वासन दिया जाएगा। दूरसंचार विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में एक बैठक की।
प्रसाद ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि इस बारे में फैसला ले लिया गया है। उन्होंने कहा, '5G भविष्य है, यह रफ्तार है। हम 5G में नए इनोवेशन को प्रोत्साहन देंगे।' सूत्रों ने बताया कि हुवावेई सहित सभी ऑपरेटर और वेंडर इस परीक्षण में शामिल किए जाएंगे।
हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और अन्य टेलीकॉम सर्विसेज में भारत को दुनिया के बड़े देशों की बराबरी पर लाने के लिए सरकार 5G स्पेक्ट्रम की जल्द नीलामी की योजना बना रही है। इससे पहले इसी महीने डीओटी ने स्पेक्ट्रम की अगली नीलामी की कीमत को मंजूरी प्रदान की जिसके तहत खासतौर से करीब 6,050 मेगाहर्ट्ज की एयर वेव्स यानी वायु तरंग की पेशकश की जाएगी। दूरसंचार मंत्रालय की सर्वोच्च नीति निर्माता निकाय डिजिटल कम्युनिकेशन कमीशन ने 20 दिसंबर को मार्च-अप्रैल में स्पेक्ट्रम की नीलामी को मंजूरी प्रदान की। हालांकि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा निर्धारित रेडियोवेव्स की आरक्षित कीमत में कोई बदलाव नहीं किया।
इस नीलामी के जरिए पहली बार 5जी स्पेक्ट्रम की बिक्री होगी। सूत्रों ने बताया कि ट्रायल रन के लिए चीन की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनी हुवावे को भी मंजूरी मिली है। दरअसल कंपनी वैश्विक स्तर पर जांच के घेरे में है इसलिए इसे मंजूरी मिलने को लेकर अटकलें चल रही थी जिस पर विराम लग गया है। सूत्रों ने बताया कि ट्रायल अगले महीने शुरू होने की संभावना है।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ( SBI ) ने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ने एक्सटर्नल बेंचमार्क बेस्ड रेट ( EBR ) में कटौती की है। कटौती के बाद यह 8.05 फीसदी से घटकर 7.80 फीसदी पर आ गई है। इसमें 25 बीपीएस की की कमी आई है। नई दरें एक जनवरी 2020 से लागू हो रही हैं। एसबीआई ने एमएसएमई , हाउसिंग और रिटेल लोन के सभी फ्लोटिंग रेट लोन को ईबीआर से जोड़ने का फैसला किया है। इससे ग्राहकों को काफी फायदा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी होम लोन की ईएमआई में कमी आएगी। होम लोन लेने पर अब ब्याज दर सालाना 7.90 फीसदी से शुरू होगी। पहले यह दर 8.15 फीसदी थी।
पहले भी किया था बदलाव
इससे पहले भी दिसंबर में भारतीय स्टेट बैंक ग्राहकों को बड़ा तोहफा दे चुका है। इसी महीने एसबीआई ने एक साल के मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 10 बीपीएस की कटौती थी। जिसके बाद यह दर आठ फीसदी से कम होकर 7.90 फीसदी हो गई है। नई दरें 10 दिसंबर 2019 से लागू हुई थीं। इसके साथ ही नवंबर माह में भी एसबीआई ने एमसीएलआर में बदलाव किया था। तब एसबीआई ने एक साल के एमसीएलआर में पांच बीपीएस की कटौती की थी। जिसके बाद यह दर 8.05 फीसदी से कम होकर आठ फीसदी हो गई थी।
आरबीआई ने जारी किया था सर्कुलर
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा था कि एक अक्तूबर 2019 से सभी तरह के पर्सनल, होम व अन्य तरह के रिटेल लोन और छोटे कारोबारियों को मिलने वाले लोन की दर एक्सटर्नल बेंचमार्क के तहत की जाएगी। हालांकि पहले से चल रहे पुराने लोन जिनका ब्याज एमसीएलआर, बेस रेट या फिर बीपीएलआर से जुड़े हैं, वो बाद में जुड़ सकेंगे। बैंक कोई भी तरह का बेंचमार्क चुनने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
चार तरह के हैं बेंचमार्क
आरबीआई ने चार तरह के बेंचमार्क तय किए हैं। पहला, आरबीआई रेपो रेट है। दूसरा, केंद सरकार की तीन साल की ट्रेजरी बिल यील्ड है। तीसरा, केंद्र सरकार द्वारा छह महीने की ट्रेजरी बिल है और चौथा एफबीआईएल द्वारा कोई अन्य बेंचमार्क रेट।
RBI ने नहीं किया था रेपो दर में बदलाव
उल्लेखनीय है कि बीते सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एलान कर बताया था कि उसने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है। साथ ही केंद्रीय बैंक ने जीडीपी का अनुमान घटा दिया था। रेपो दर 5.15 फीसदी पर बरकरार है। बता दें कि केंद्रीय बैंक खुदरा महंगाई को ध्यान में रखते हुए प्रमुख नीतिगत दरों पर फैसला लेता है। इस साल रेपो दर में कुल 135 आधार अंकों की कटौती हुई है। नौ सालों में पहली बार रेपो रेट इतना कम है। मार्च, 2010 के बाद यह रेपो रेट का सबसे निचला स्तर है। रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी है बैंक रेट 5.40 फीसदी पर है।
जीडीपी का घटाया अनुमान
रेपो रेट के फैसले के अतिरिक्त आरबीआई ने जीडीपी का अनुमान जताया था। केंद्रीय बैंक के अनुसार, साल 2019-20 के दौरान जीडीपी में और गिरावट आएगी और यह 6.1 फीसदी से गिरकर पांच फीसदी पर आ सकती है। इससे अर्थव्यवस्था को झटका लगा है।
नई दिल्ली,इस साल देश में कई नई कारें लॉन्च हुईं और अगले साल भी यह सिलसिला जारी रहेगा। 2020 में हैचबैक से लेकर प्रीमियम हैचबैक, कॉम्पैक्ट सिडैन, कॉम्पैक्ट एसयूवी, प्रीमियम एसयूवी और इलेक्ट्रिक एसयूवी समेत कई कारें भारतीय बाजार में एंट्री करने वाली हैं। इनमें कुछ ऐसी कारें हैं, जिनका सबसे ज्यादा इंतजार हो रहा है। यहां हम आपको साल 2020 में लॉन्च होने वाली 5 बहुप्रतीक्षित एसयूवी के बारे में बता रहे हैं।
1- मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट
मारुति ब्रेजा का फेसलिफ्ट मॉडल अगले साल लॉन्च होने वाली बहुप्रतीक्षित एसयूवी में से एक है। हाल में इसकी कुछ तस्वीरें लीक हुई हैं, जिनसे साफ हुआ है कि ब्रेजा के नए मॉडल में हेडलाइट, डीआरएल और बंपर समेत इसकी स्टाइलिंग में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। कैबिन में भी अपडेटेड टचस्क्रीन इन्फोटेनटमेंट सिस्टम समेत कुछ बदलाव होंगे।
सबसे बड़ा बदलाव एसयूवी के इंजन में होगा। ब्रेजा फेसलिफ्ट पेट्रोल इंजन में आएगी, जबकि अभी यह सिर्फ डीजल इंजन में आती है। इसमें कंपनी की अर्टिगा और सियाज में दिया गया 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है। नई मारुति ब्रेजा फरवरी में लॉन्च हो सकती है। इसकी कीमत 8-11 लाख रुपये के बीच रखे जाने की उम्मीद है।
3- नई स्कॉर्पियो
महिंद्रा अगले साल अपनी पॉप्युलर एसयूपी स्कॉर्पियो का न्यू-जेनरेश मॉडल लॉन्च करेगा। नई स्कॉर्पियो को Z101 कोडनाम दिया गया है और इसे कई बार टेस्टिंग के दौरान भी देखा गया है। इसकी ओवरऑल डिजाइन मौजूदा मॉडल की तरह बोल्ड और मस्क्युलर होगी, लेकिन यह ज्यादा मॉडर्न दिखेगी। नई स्कॉर्पियो को नए-प्लैटफॉर्म पर बनाया गया है। इसका साइज मौजूदा मॉडल के मुकाबले बड़ा है। इसके चलते नई स्कॉर्पियो के अंदर मौजूदा मॉडल से ज्यादा जगह मिलेगी।
नई स्कॉर्पियो के इंटीरियर में बेहतर क्वॉलिटी मटीरियल का इस्तेमाल होगा। इसमें नया बीएस6 कम्प्लायंट 2.0-लीटर डीजन इंजन मिलेगा। नई स्कॉर्पियो को अगले साल की पहली तिमाही के अंत में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। कंपनी इस एसयूवी को फरवरी में होने वाले ऑटो एक्सपो में पेश कर सकती है। इसकी कीमत 10-13 लाख रुपये के बीच रहने की संभावना है।
3- नई क्रेटा
ह्यूंदै की क्रेटा भारतीय बाजार में काफी पॉप्युलर है। हालांकि, किआ सेल्टॉस से इसे कड़ी टक्कर मिल रही है। ह्यूंदै अगले साल न्यू-जेनरेशन क्रेटा ला रही है। मौजूदा मॉडल के मुकाबले नई क्रेटा का लुक काफी अलग और मॉडर्न होगा। इंटीरियर में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। इंटीरियर का सबसे खास अट्रैक्शन इसका टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम है। लीक तस्वीरों से साफ हुआ है कि नई क्रेटा में बड़ा टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम है, जो वर्टिकली लगा हुआ है। साथ ही एसयूवी में कुछ नए फीचर्स भी शामिल किए जाने की उम्मीद है।
नई क्रेटा में किआ सेल्टॉस में दिए गए बीएस6 एमिशन नॉर्म्स वाले 1.5-लीटर के पेट्रोल और डीजल इंजन मिलेंगे। इसके अलावा इसमें BS6, 1.4-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन भी दिए जाने की उम्मीद है, जो सेल्टॉस जीटी लाइन में मिलता है। नई ह्यूंदै क्रेटा का वर्ल्ड प्रीमियम अगले साल फरवरी में होने की उम्मीद है।
4- टाटा ग्रैविटस
टाटा मोटर्स की बहुप्रतीक्षित 7 सीटर एसयूवी ग्रैविटस अगले साल फरवरी में आएगी। माना जा रहा है कि कंपनी फरवरी में होने वाले ऑटो एक्सपो में ग्रैविटस को पेश कर सकती है। यह एसयूवी मूलरूप से टाटा हैरियर का 7 सीटर वर्जन है। हैरियर के मुकाबले यह एसयूवी 63mm लंबी और 80mm ऊंची है। ग्रैविटस में हैरियर वाला 2.0-लीटर क्रायोटेक डीजल इंजन होगा, लेकिन पावर आउटपुट हैरियर से ज्यादा मिलेगा।
डिजाइन और स्टाइलिंग की बात करें, तो ग्रैविटस का लुक हैरियर से थोड़ा अलग होगा। नई एसयूवी लंबी दिखने के साथ बड़े अलॉय वील्ज के साथ आएगी। तीसरी लाइन की सीट पर बैठने वाले पैसेंजर्स को पर्याप्त हेडरूम देने के लिए यह पीछे से थोड़ी ऊंची होगी। टेल लैम्प और बूट लिड भी हैरियर से अलग होंगे। हैरियर के मुकाबले बड़ी विंडशील्ड और ज्यादा बाहर निकला हुआ रियर स्पॉइलर मिलेगा। ग्रैविटस की शुरुआती कीमत 14 लाख रुपये के आसपास रहने की उम्मीद है।
5- किआ क्यूवाईआई
साउथ कोरिया की किआ मोटर्स का भारत में पहला प्रॉडक्ट सेल्टॉस हिट रहा। अब कंपनी भारतीय बाजार में ब्रेजा और वेन्यू की टक्कर में 4 मीटर से छोटी एसयूवी लाने की तैयारी में है। Kia QYi कोडनाम वाली यह नई एसयूवी साल 2020 की दूसरी छमाही में लॉन्च की जाएगी। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि QYi का प्लैटफॉर्म, इसके फीचर्स और इंजन, ह्यूंदै वेन्यू वाले होंगे। इसका मतलब है कि यह एसयूवी दो पेट्रोल इंजन और एक डीजल इंजन में आएगी। ये तीनों इंजन बीएस6 कम्प्लायंट होंगे।
किआ की भारत में पहली कार सेल्टॉस की तरह इस सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी में भी कई कम्फर्ट और लेटेस्ट कनेक्टिविटी फीचर्स मिलने की उम्मीद है। इसमें Kia UVO कनेक्टिविटी टेक्नॉलजी मिलेगी। इसके अलावा एसयूवी में ऐपल कारप्ले और ऐंड्रॉयड ऑटो के साथ 8-इंच का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम, सनरूफ और रिमोट ऑपरेशन के साथ क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स मिल सकते हैं। इसकी कीमत 7-11 लाख रुपये के बीच रहने की उम्मीद है।
घाटे से बेहाल सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने पहली बार उन सरकारी एजेंसियों को टिकट देने से मना कर दिया है, जिनका 10 लाख रुपये से अधिक का बकाया है। कंपनी को कई सरकारी एजेंसियों से कुल 268 करोड़ रुपये वसूलने हैं।
तैयार की है लिस्ट
एयरलाइन के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने पहली बार सरकारी डिफॉल्टर एजेंसियों की एक लिस्ट को तैयार किया है। यह कवायद पूरे देश में की गई है। इस लिस्ट में यह भी बताया गया है कि कौन सी एजेंसी पर कितना रूपया बकाया है। लिस्ट के आधार पर इन एजेंसियों को केवल नकद भुगतान पर टिकट दिया जा रहा है।
यह एजेंसियां हैं बड़ी बकाएदार
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने जो लिस्ट तैयार की है, उसमें सीबीआई, आईबी, प्रवर्तन निदेशालय, कस्टम आयुक्त, केंद्रीय श्रम संस्थान, इंडियन ऑडिट बोर्ड, कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स और सीमा सुरक्षा बल शामिल हैं। हालांकि इस लिस्ट से भारतीय विमापत्तन प्राधिकरण, नागर विमानन मंत्रालय और लोक सभा को बाहर रखा गया है। आधिकारिक यात्रा के लिए सरकारी कर्मचारियों के लिए एयर इंडिया को पहले पसंद किया जाता है। निजी विमानों में टिकट तब बुक किए जाते हैं, जब एयर इंडिया उस रूट पर मौजूद नहीं होती है।
50 करोड़ रुपये की हुई उगाही
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि उसने करीब 50 करोड़ रुपये की उगाही कर ली है। सरकारी एजेंसियों से पैसा निकालने में काफी वक्त लगता है, क्योंकि इनको डरा-धमका कर के वसूली नहीं की जा सकती है। एयर इंडिया के पश्चिमी क्षेत्र पर ही 22.8 करोड़ रुपये का बकाया है।