ईश्वर दुबे
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ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिनर नाथन लियोन ने कहा है कि अभी उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है। लियोन के अनुसार वह संन्यास लेने से पहले भारत में एक टेस्ट सीरीज जीतना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम बार भारत में साल 2004 में टेस्ट सीरीज जीती थी। इसके बाद से ही कंगारु टीम मैच जीती है पर सीरीज अपने नाम नहीं कर पायी है। इस प्रकार टीम दो दशक से भारत में सीरीज जीतने में विफल रही है।
37 साल के हो रहे लियोन ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल ऑफ स्पिनर हैं। उन्होंने भारतीय टीम के खिलाफ 32 टेस्ट मैच खेले हैं। इन मैचों में उनको 130 विकेट भी मिले हैं पर वह कभी भी भारत में टेस्ट सीरीज जीत नहीं पाये हैं। ऑस्ट्रेलिया ने साल 2004-05 में अंतिम बार भारत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर जीती थी पर तब लियोन टीम में शामिल नहीं थे। इसके बाद से ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पायी है। लियोन ने कहा, मैंने हमेशा ही कहा है कि मैं भारत के अलावसा इंग्लैंड में भी टेस्ट सीरीज जीतना चाहता हूं। हमें कुछ सालों में यह अवसर मिल सकता है। हमें इसके लिए लगातार टेस्ट खेलना होगा और तय करना होगा कि हम पहले वेस्टइंडीज में जीत कर लय हासिल करें। फिर हमें अपनी धरती पर एशेज में बेहतर प्रदर्शन में आसानी होगी। एक और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल पर मेरी नजरें रहेंगी।
नई दिल्ली : वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर आंद्रे रसेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। 37 साल का यह ऑलराउंडर करियर के आखिरी दो मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेगा, जो कि एक टी20 मैच होगा। रसेल का चयन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की घरेलू टी20 सीरीज में हुआ है। इस सीरीज के शुरुआती दो मैच जमैका के सबीना पार्क में खेले जाएंगे, जो कि रसेल का घरेलू मैदान है। इन्हीं दो मैच के बाद रसेल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। वेस्टइंडीज क्रिकेट ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में उन्हें ट्रिब्यूट दिया। इसमें रसेल का भी बयान है। वैसे तो रसेल के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ज्यादा बड़े रिकॉर्ड्स नहीं हैं, लेकिन वनडे में उनके द्वारा भारत के खिलाफ साल 2011 में बनाया गया एक रिकॉर्ड आज भी कायम है।
रसेल का रिकॉर्ड जो टूटना मुश्किल
दरअसल, साल 2011 में भारत ने वेस्टइंडीज का दौरा किया था। तब नॉर्थ साउंड में हुए वनडे में आंद्रे रसेल ने नौवें नंबर पर बल्लेबाजी की थी और नाबाद 92 रन की पारी खेली थी। 64 गेंदों की अपनी पारी में उन्होंने आठ चौके और पांच छक्के लगाए थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 143.75 का रहा था। नाबाद 92 रन वनडे क्रिकेट में नौवें या इससे निचले नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर है। उनके बाद वेस्टइंडीज के ही रवि रामपॉल का नंबर आता है, जिन्होंने 2011 में ही विशाखापत्तनम में वनडे में 10वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 75 गेंद पर नाबाद 86 रन बनाए थे। रसेल द्वारा वनडे में बनाया गया यह रिकॉर्ड शायद ही कोई नौवें या इससे नीचे बैटिंग करने वाला खिलाड़ी तोड़ पाए।
नई दिल्ली : वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर आंद्रे रसेल इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने वाले हैं। वे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेंगे। रसेल के संन्यास की खबर पर देश के क्रिकेट बोर्ड ने उनकी 17 तस्वीरें साझा कर उन्हें थैंक्यू कहा। रसेल को सलाम करते हुए विंडीज क्रिकेट के आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा गया, 'आपने पूरे दिल, जुनून और गर्व के साथ 15 साल वेस्ट इंडीज के लिए क्रिकेट खेली।' क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि मैदान पर जब भी रसेल होते थे, प्रशंसकों को चमत्कारिक ताकत का एहसास होता था। इसके अलावा रसेल दो बार टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम का हिस्सा भी रहे। क्रिकेट बोर्ड आपको सलाम करता है।
वेस्ट इंडीज के लिए साल 2019 से ही रसेल केवल टी-20 क्रिकेट खेल रहे हैं।
37 साल के इस ऑलराउंडर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए चुना गया है।
पांच मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले रसेल के करियर के आखिरी मैच होंगे।
जमैका रसेल का होम ग्राउंड है, यहां सबीना पार्क स्टेडियम में दो अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जाएंगे, यही विदाई मैच होंगे।
संन्यास की खबर पर बोले रसेल- वेस्टइंडीज के लिए खेलना शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता... इसने मुझे और बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया।
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2025 में 35 गेंदों वाला शतक जमाने के बाद से ही रिकॉर्डों का अंबार लगा रखा है. हर मैच जो वो खेल रहे हैं, उसमें कोई ना कोई कारनामा करके दिखा रहे है. क्रिकेट के गलियारों में उनकी बल्लेबाजी, उनके बनाए रिकॉर्डों बात होना तो जैसे अब आम ही हो गया है. वैभव सूर्यवंशी फिलहाल भारत की अंडर 19 टीम के साथ इंग्लैंड के अपने पहले दौरे पर हैं. इस दौरे पर भी रिकॉर्डों को तोड़ने और बनाने का उनका सिलसिला जारी है. इंग्लैंड में अब तक बनाए उनके ज्यादातर रिकॉर्डों से भी आप वाकिफ होंगे. लेकिन, वो दो रिकॉर्ड जो उन्होंने बैक टू बैक 72 घंटों के अंतराल पर बनाए हैं, उसके बारे में आपको शायद ही पता होगा.
वैभव सूर्यवंशी ने बनाए वो बैक टू बैक रिकॉर्ड
अब सवाल है कि 14 साल के वैभव के बैक टू बैक बनाए वो दो हैरतअंगेज रिकॉर्ड, हैं कौन-कौन? इंग्लैंड दौरे पर वैभव को लेकर हमने उनके कई रिकॉर्डों की बात की. जैसे उन्होंने U19 ODI में सबसे तेज शतक जड़ दिया. वो यूथ टेस्ट में विकेट लेने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए. या फिर उनका 5 मैचों की U19 ODI सीरीज में सबसे ज्यादा 29 छक्के जड़ना. लेकिन, उन्हीं सबके बीच वैभव ने दो ऐसे रिकॉर्ड भी बनाए, जिसके बारे में ना के बराबर लोगों का ही ध्यान गया होगा.
गेंदें 25 हों या 50… वैभव से ज्यादा स्ट्राइक रेट किसी का नहीं
वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड में वो रिकॉर्ड 72 घंटों के अंदर बनाए हैं. उन्होंने बैक टू बैक मैचों में उन रिकॉर्डों की स्क्रिप्ट लिखी, जो कि उनकी बल्लेबाजी के स्ट्राइक रेट से जुड़े हैं. U19 वनडे में 50 प्लस गेंद की इनिंग से जुड़ा मामला हो या फिर 25 प्लस गेंद, दोनों में ही बेस्ट स्ट्राइक रेट का वर्ल्ड रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी के नाम दर्ज हुआ है.
वैभव सूर्यवंशी ने 2 जुलाई को इंग्लैंड की अंडर 19 टीम के खिलाफ खेले 5 वनडे की सीरीज के तीसरे मैच में सिर्फ 31 गेंदों पर 277.41 की स्ट्राइक रेट से 86 रन बनाए थे. 9 छक्के और 6 चौके वाली वैभव सूर्यवंशी की इस पारी का स्ट्राइक रेट कम से कम 25 गेंद की इनिंग में सर्वश्रेष्ठ है. अगले 72 घंटों के भीतर ही वैभव सूर्यवंशी ने सीरीज का चौथा वनडे खेला, जिसमें उन्होंने 78 गेंदों पर 143 रन 10 छक्के और 13 चौके की मदद से बनाए. इसमें 183.33 का उनका स्ट्राइक रेट कम से कम 50 गेंदों वाली U19 वनडे इनिंग में सबसे बेहतर है.
इन्हीं दो रिकॉर्डों के साथ वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड के खिलाफ U19 वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा 355 रन बनाने वाले और सबसे ज्यादा 29 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज भी बने.
नई दिल्ली : कभी सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के खिलाफ क्रिकेट खेलने वाले इंग्लैंड के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज जैक रसेल आज गुमनामी का जीवन जी रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि 61 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी गुजारा करने के लिए लंदन के पॉश इलाकों में पेंटिंग कर रहे हैं।
रसेल का करियर
इंग्लैंड के लिए 1987 में डेब्यू करने वाले जैक रसेल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान 54 टेस्ट और 40 वनडे मैच खेले। इनमें उन्होंने क्रमश: 1897 और 423 रन बनाए। वहीं, 465 फर्स्ल क्लास और 479 लिस्ट ए मैचों में उनके नाम क्रमश: 16861 और 6626 रन दर्ज हैं। रसेल पेटिंग बनाने में व्यस्त रहते हैं। उनसे संपर्क करने उनसे संपर्क करने का एकमात्र तरीका ईमेल है और व्यक्तिगत मुलाकात के लिए सबसे संभावित स्थान लंदन स्थित क्रिस बीटल्स गैलरी है।
इंग्लैंड ने लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को 22 रन से हरा दिया। सोमवार को मैच के 5वें दिन भारत को 135 रन बनाने थे, 6 विकेट बाकी थे। टीम ने 112 रन बनाने में ही सभी विकेट गंवा दिए। इसी के साथ इंग्लैंड ने 5 टेस्ट की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 2-1 की बढ़त बना ली। चौथा टेस्ट 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाएगा।
गुरुवार, 10 जुलाई को लंदन में इंग्लैंड ने बैटिंग चुनी। दोनों टीमें पहली पारी में 387-387 रन ही बना सकीं। दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 192 रन बनाए। 193 रन के टारगेट के सामने भारत से केएल राहुल (39 रन) और रवींद्र जडेजा (नाबाद 61 रन) ही फाइट दिखा सके। बाकी कोई भी बैटर 15 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सका। इंग्लैंड से बेन स्टोक्स और जोफ्रा आर्चर ने 3-3 विकेट लिए। बेन स्टोक्स प्लेयर ऑफ द मैच रहे।
भारत ने लॉर्ड्स स्टेडियम में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का तीसरा टेस्ट 22 रन से गंवा दिया। 193 रन के टारगेट के सामने मुकाबले के आखिरी दिन टीम इंडिया 170 रन ही बना सकी। इसी के साथ इंग्लैंड ने 5 टेस्ट की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है।
भारत की हार में बैटर्स का खराब प्रदर्शन सबसे बड़ी वजह रहा। कप्तान शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और करुण नायर दोनों पारियों में फ्लॉप रहे। वहीं टीम के लोअर बैटर्स दोनों ही पारियों में बैट से कमाल नहीं कर सके। गेंदबाजी मजबूत रही, इसके बावजूद टीम पहली पारी में बढ़त नहीं ले सकी। इंग्लिश टीम में जोफ्रा आर्चर की वापसी और लॉर्ड्स की पिच पर टॉस गंवाना भी भारत की हार की वजह बना। भारत ने 63 एक्स्ट्रा रन भी दिए।
वेस्टइंडीज की टीम किंग्स्टन टेस्ट की दूसरी पारी में 27 रन पर ऑलआउट हो गई। यह टेस्ट क्रिकेट का दूसरा सबसे छोटा स्कोर है। इससे पहले 1955 में न्यूजीलैंड 26 रन पर सिमट गई थी। ऐसे में यह 70 साल का सबसे छोटा स्कोर है। ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच 176 रन से जीत लिया। साथ ही कंगारू टीम टेस्ट सीरीज भी 3-0 से अपने नाम कर ली।
इस लो स्कोरिंग मैच में ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 225 रन बनाए। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की पहली पारी 143 रन पर सिमट गई। अपनी दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया 121 रन से आगे नहीं बढ़ सकी इस तरह वेस्टइंडीज को 204 रन का टारगेट मिला।
लॉर्ड्स स्टेडियम में 5 दिन चले रोमांचक टेस्ट में इंग्लैंड ने भारत को 22 रन के करीबी अंतर से हरा दिया। इसी के साथ टीम ने 5 टेस्ट की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। 5वें दिन रवींद्र जडेजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 7000 रन बनाने के साथ 600 विकेट लेने का रिकॉर्ड बना लिया।
नीतीश कुमार रेड्डी लंच सेशन से ठीक पहले आउट हो गए। जडेजा और ब्रायडन कार्स में बहस हुई। वहीं जोफ्रा आर्चर ने वॉशिंगटन सुंदर का बेहतरीन कैच पकड़ा। मोहम्मद सिराज ने शोएब बशीर की गेंद को डिफेंड किया, गेंद उनके बैट पर भी लगी, लेकिन क्रीज पर टप्पा खाकर स्टंप्स से टकरा गई।
भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के 5/74 के प्रदर्शन को लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि को वह अपने बेटे अंगद के साथ साझा करना चाहते हैं। दाएं हाथ के गेंदबाज ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा कि जब उनका बेटा बड़ा होगा तब वह उसे इसके विषय में बताएंगे।
'जब मेरा बेटा बड़ा होगा..'
31 वर्षीय गेंदबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन पहली पारी में पांच विकेट लिए। लॉर्ड्स में बुमराह ने पहली बार टेस्ट मैच की किसी पारी में इतने विकेट लिए हैं। शुक्रवार का खेल समाप्त होने के बाद जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने पांच विकेट हॉल हासिल करने के बाद जश्न क्यों नहीं मनाया, इसके जवाब में बुमराह ने कहा- 'सच तो यह है कि मैं थक गया था। मैं 21 साल के लड़के की तरह उछल-कूद नहीं कर सकता। मुझे खुशी है कि मैंने योगदान दिया। ऑनर्स बोर्ड पर नाम देखकर अच्छा लगा। यह एक ऐसी बात है जिसके बारे में मैं अपने बेटे को बड़ा होने पर बता सकता हूं।'
दिग्गजों की सूची में हुए शामिल
बुमराह भारत के 15वें गेंदबाज हैं जिन्होंने लॉर्ड्स में पांच या इससे अधिक विकेट लिए हैं। वहीं, बुमराह विदेशी धरती पर सर्वाधिक बार फाइव-फर लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। बुमराह उन भारतीय गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने लॉर्ड्स मैदान पर फाइव-फर पूरे किए हैं। बुमराह से पहले मोहम्मद निसार, अमर सिंह, लाला अमरनाथ, वीनू मानकड़, रमाकांत देसाई, बीएस चंद्रशेखर, बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, चेतन शर्मा, वेंकटेश प्रसाद, आरपी सिंह, प्रवीण कुमार, भुवनेश्वर कुमार और ईशांत शर्मा ऐसा कर चुके हैं।
फिटनेस पर सवाल उठाने वालों पर भड़के बुमराह
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद बुमराह ने उनकी फिटनेस पर सवाल खड़े करने वालों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा- 'लोग दर्शकों के लिए सनसनी फैलाना चाहते हैं, मैं समझता हूं कि वे इन सब से पैसा कमाना चाहते हैं। मुझे खुशी है कि मैं उनकी इसमें मदद कर रहा हूं। यादें महत्वपूर्ण हैं और मैं जितना हो सके उतना योगदान देना चाहता हूं।' बता दें कि, बुमराह को एजबेस्टन टेस्ट में आराम दिया गया था। भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने बताया था कि तेज गेंदबाज के वर्कलोड को मैनेज करने के उद्देश्य से उन्हें आराम दिया गया है। इस दौरे पर बुमराह अपना दूसरा मुकाबला खेल रहे हैं।
युवाओं के प्रदर्शन पर क्या बोले बुमराह?
इस दौरान बुमराह ने युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी बात की। उन्होंने कहा- 'ये युवा बहुत आत्मविश्वासी हैं और उन्हें बहुत ज्यादा मार्गदर्शन या जानकारी की जरूरत नहीं है। जब भी और जिस भी क्षमता में उन्हें मेरी जरूरत होगी, मैं उनकी मदद के लिए तैयार हूं, और मैं यहां पिछले दौरों में सीखे अपने अनुभव उनके साथ साझा करता हूं।'
खेल जगत में उस वक्त सनसन फैल गई जब लिवरपूल से खेलने वाले पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर डिओगो जोटा की कार दुर्घटना में अचानक मौत हो गई। इस घटना ने प्रशंसकों से लेकर खिलाड़ियों तक को झकझोर कर रख दिया। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को भी डिओगो जोटा की मौत ने झकझोर कर रख दिया है। इसका खुलासा उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा जारी किए गए वीडियो में किया।
डिओगो जोटा की मौत ने सिराज को चौंकाया
बीसीसीआई ने शनिवार को एक वीडियो जारी किया, जिसमें सिराज को डिओगो जोटा पर बात करते देखा गया। उन्होंने कहा- 'आखिरी मैच में जब हम लोग आ रहे थे तब पता चला था कि डिओगो जोटा की कार दुर्घटना में मौत हो गई। मैं पुर्तगाल का प्रशंसक हूं क्योंकि सीआर7 (क्रिस्टियानो रोनाल्डो) भी उसी टीम से खेलते हैं। मैं बहुत भावुक हूं।' तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन सिराज ने जोटा को अपना विकेट समर्पित किया था और उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। इसके विषय में उन्होंने कहा- 'मुझे पिछले मैच में करना था लेकिन नहीं हो सका। जिंदगी अप्रत्याशित है। हम किसके लिए लड़ रहे हैं। हम किसके लिए कर रहे हैं। कल का ही पता नहीं है। जिंदगी का कुछ भरोसा नहीं है। मैं चौंक गया, मुझे समझ नहीं आया ये कैसे हो गया।'
सिराज ने दी डिओगो जोटा को श्रद्धांजलि
लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन सिराज ने इंग्लैंड को आठवां झटका जेमी स्मिथ के रूप में दिया। उन्होंने युवा विकेटकीपर बल्लेबाज को ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया। वह 56 गेंदों में छह चौके की मदद से 51 रन बनाकर आउट हुए। सिराज ने अपना यह विकेट कार दुर्घटना में मारे गए फुटबॉलर डिओगो जोटा को समर्पित किया। तेज गेंदबाज ने जोटा की 20 नंबर जर्सी का इशारा किया। इससे पहले रियल मैड्रिड के स्टार फुटबॉलर कायलियन एमबाप्पे ने भी डिओगो जोटा को श्रद्धांजलि दी थी। इसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
मौत से 10 दिन पहले हुई थी शादी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेन में डिओगो जोटा की कार दुर्घटनाग्रस्त हुई। हादसे के वक्त उनके साथ कार में उनके भाई आंद्रे भी मौजूद थे। आंद्र भी 26 वर्षीय फुटबॉलर हैं। यह दुखद घटना जोटा की शादी के 10 दिन बाद हुई है। उन्होंने 10 दिन पहले लंबे समय से गर्लफ्रेंड रहीं रुटे कार्डोसो के साथ पोर्टो में शादी की थी।
नई दिल्ली : पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने क्रिकेट नियमों में बदलाव की मांग की है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध हटाने और ड्यूक गेंद की गुणवत्ता बहान करने की सिफारिश की है। दरअसल, भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज के अभी सिर्फ तीन मुकाबले हुए हैं और ड्यूक बॉल को लेकर विवाद शुरू हो गया है।
'कुछ करना होगा'
ईएसपीएनक्रिकइन्फो से बात करते हुए कुंबले ने कहा, 'हां, यह उचित ही है कि गेंद नरम हो रही है या उसे बदलने की ज़रूरत है क्योंकि यह लगातार और बहुत बार अपनी लय खो रही है। कुछ तो जरूर करना होगा। अगर गेंद 10 ओवर तक नहीं टिकती, तो बार-बार गेंद बदलना अच्छी बात नहीं है - न सिर्फ क्रिकेट के लिए, बल्कि गेंद के लिए भी।'
10 ओवर के खेल के बाद गेंद बदलने से भारतीय खिलाड़ी नाराज
लॉर्ड्स में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन सुबह के सत्र में दो बार गेंद को बदला गया। महज 10 ओवर के खेल के बाद गेंद को दोबारा बदलने को लेकर भारतीय खिलाड़ियों में रोष दिखा था। महान लेग स्पिनर कुंबले ने आगे कहा कि एक संभावित समाधान पिछले वर्षों के विनिर्माण मानकों पर लौटना हो सकता है। उन्होंने ड्यूक्स गेंद के पुराने संस्करण को बहाल करने की मांग का समर्थन करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि यह उचित है कि आप पाँच साल पहले जो उपलब्ध था उसे वापस लाएं।'
कुंबले ने की लार के उपोयग पर प्रतिबंध हटाने की मांग
इस दौरान कुंबले ने आईसीसी से गेंद को चमकाने के लिए लार के उपयोग पर प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया। उन्होंने आगे कहा- इससे निश्चित रूप से मदद मिलेगी। गेंद को बेहतर ढंग से चमकाएं और कम से कम उसे रिवर्स करें। आजकल, ऐसे ज्यादा मौके नहीं आते जहां गेंद रिवर्स हो, खासकर इन हालातों में।'
नई दिल्ली : इंग्लैंड अंडर-19 और भारत अंडर-19 की टीमों के बीच 2 मैचों की यूथ टेस्ट सीरीज शुरू हो गई है. लेकिन इस सीरीज के पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी कुछ खास नहीं कर सके. वह इस मैच की पहली पारी में सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे.
इंग्लैंड के खिलाफ यूथ वनडे सीरीज में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने वाले 14 साल के भारतीय सनसनी वैभव सूर्यवंशी के लिए यूथ टेस्ट सीरीज की शुरुआत उतनी शानदार नहीं रही. इंग्लैंड अंडर-19 और भारत अंडर-19 के बीच बेकेनहैम में खेले जा रहे पहले यूथ टेस्ट मैच की पहली पारी में सूर्यवंशी सस्ते में पवेलियन लौट गए. वैभव सूर्यवंशी के पिछले प्रदर्शनों को देखते हुए क्रिकेट फैंस को उनसे एक बड़ी उम्मीद की, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला.
वैभव सूर्यवंशी के साथ पहली बार हुआ ऐसा
बेकेनहैम के केंट काउंटी क्रिकेट ग्राउंड में खेले जा रहे पहले यूथ टेस्ट के पहले दिन वैभव सूर्यवंशी ने भारत अंडर-19 की पारी में आक्रामक अंदाज में शुरुआत करने की कोशिश की. लेकिन उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी और वह 14 रन बनाकर आउट हो गए. यह उनके लिए एक निराशाजनक पल रहा, क्योंकि इस दौरे पर ये पहला मौका था जब वह 30 रन का आंकड़ा नहीं छू सके. इससे पहले उन्होंने इस दौरे पर हर एक पारी में 30 से ज्यादा रन बनाए थे.
बता दें, वैभव सूर्यवंशी के यूथ टेस्ट करियर का ये तीसरा मैच है. इससे पहले उन्होंने 2 मुकाबले ऑस्ट्रेलिया की टीम के खिलाफ खेले थे. उन दो मैचों में उन्होंने 108 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक भी शामिल है. जो भारत की ओर से यूथ टेस्ट में लगाया गया सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी है.
यूथ वनडे में सूर्यवंशी का जलवा
वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई यूथ वनडे सीरीज में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया था. इस दौरान उन्होंने 52 गेंदों में शतक जड़कर सबसे कम उम्र में यूथ वनडे शतक बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. इसके अलावा उन्होंने एक मैच में 31 गेंदों में 86 रन भी बनाए और भारत को 3-2 से सीरीज जीतने में अहम भूमिका निभाई. लेकिन टेस्ट फॉर्मेट में उनकी शुरूआत कुछ खास नहीं रही. हालांकि, वह आने वाली पारियों में वह दमदार वापसी करना चाहेंगे.
दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर वियान मुल्डर ने खुलासा किया है कि बुलावायो में जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टेस्ट में नाबाद 367 रन बनाने के बाद वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर के रिकॉर्ड के लिए जाने के लिए प्रोत्साहित किया था। नियमित कप्तान तेम्बा बावुमा की अनुपस्थिति में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी करने वाले मुल्डर ने अपनी आक्रामक पारी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। उन्होंने टेस्ट के दूसरे दिन लंच के समय पारी घोषित कर दी थी, जबकि वह नाबाद 367 रन बनाकर खेल रहे थे।इस तरह मुल्डर 2004 में एंटीगा में इंग्लैंड के खिलाफ बनाए गए लारा के नाबाद 400 रन के स्कोर से सिर्फ 33 रन पीछे रह गए थे।
मुल्डर ने रिकॉर्ड नहीं तोड़ने को लेकर क्या कहा था?
मुल्डर ने बाद में कहा था, 'सबसे पहले मुझे लगा कि हमारे पास पर्याप्त रन है और हमें गेंदबाजी करनी चाहिए। दूसरी बात, ब्रायन लारा एक महान खिलाड़ी हैं। उस कद के व्यक्ति के लिए यह रिकॉर्ड बनाए रखना उचित है। अगर मुझे दोबारा ऐसा करने का मौका मिला, तो मैं बिल्कुल वैसा ही करूंगा। मैंने शुकरी कॉनराड से बात की और उन्हें भी ऐसा ही लगा। ब्रायन लारा एक लीजेंड हैं और वह इस रिकॉर्ड को बनाए रखने के हकदार हैं।'
ब्रायन लारा से मुल्डर की क्या बातचीत हुई?
अब लारा से बातचीत के बाद मुल्डर ने खुलासा किया कि कैरिबियाई दिग्गज के इस मामले पर अलग विचार थे। मुल्डर की पारी अब टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका की किसी खिलाड़ी द्वारा टेस्ट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर और प्रारूप के इतिहास में पांचवां सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। मैच के बाद मुल्डर ने बताया कि लारा ने खुद उन्हें कॉल कर उनसे बात की थी। मुल्डर ने बताया कि लारा ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए उनसे कहा था कि 400 रन के रिकॉर्ड को तोड़ने के बारे में क्यों नहीं सोचा।