Google Analytics —— Meta Pixel
×

Warning

JUser: :_load: Unable to load user with ID: 809

स्पोर्ट्स

स्पोर्ट्स (4549)

लन्दन : इंग्लैंड क्रिकेट टीम  के कप्तान इयोन मोर्गन ने माना है कि वह वर्ल्डकप 2019 के फाइनल मुकाबले के समाप्त होने के तरीके से परेशान हैं. इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुआ यह मुकाबला दो बार टाई हुआ था.Read

रांची- सेमी-फाइनल में भारतीय टीम की हार के बाद से ही एम्.एस. धोनी की संन्यास की अटकलें भी तेज़ होती जा रहीं हैं. Read

News Creation (खेल) : इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने खुलासा किया है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल मैच में बेन स्टोक्स ने अंपायरों को टीम के स्कोर से ओवरथ्रो के 4 रन हटाने को कहा था. बता दें कि ये ओवरथ्रो के 4 रन अंत में निर्णायक साबित हुए. फाइनल मैच के अंतिम ओवर में 242 रनों का पीछा कर रही इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दो रन दौड़ कर लिए थे और दूसरा रन लेने के दौरान मार्टिन गप्टिल का थ्रो स्टोक्स के बल्ले से टकराकर बाउंड्री पार चला गया था जिससे इंग्लैंड के खाते में चार रन और आ गए थे.

मैदानी अंपायर कुमार धर्मसेना ने अपने साथी अंपायरों से बात करने के बाद छह रन इंग्लैंड को दिए थे. इंग्लैंड इससे मैच में वापस आ गई थी. जबकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पांच ही रन दिए जाने चाहिए थे. ऐसी स्थिति में इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के खिलाफ एक रन से हार का सामना करना पड़ता जिसने आठ विकेट पर 241 रन बनाए थे. टेस्ट टीम में स्टोक्स के साथी एंडरसन ने कहा कि इस ऑलराउंडर ने ओवरथ्रो के तुरंत बाद हाथ उठाकर माफी मांग ली थी और अंपायरों से अपील की थी कि वे अपना फैसला बदल दें.

बेन स्टोक्स

 

एंडरसन ने कहा कि, 'क्रिकेट में शिष्टाचार भी होता है. अगर गेंद स्टम्प की तरफ फेंकी गई है और यह आपको लग जाती है और गैप में जाती है तो आप रन नहीं लेते हैं, लेकिन अगर यह बाउंड्री पर चली जाती है तो नियम के मुताबिक, यह चार होना चाहिए और आप इस मामले में कुछ नहीं कर सकते.' एंडरसन ने कहा, 'मुझे लगता है कि माइकल वॉन से बात करने के बाद, जिन्होंने स्टोक्स से मैच के बाद मुलाकात की थी, स्टोक्स मैच के वक्त ही अंपायरों के पास गए थे और कहा था 'आप चार रन वापस ले सकते हैं, हमें इसकी जरूरत नहीं है.'

तेज गेंदबाज ने कहा, 'लेकिन यह नियम है और यह इसी तरह है.' पूर्व अंपायर साइमन टॉफेल ने हालांकि अंपायरों के छह रन देने के फैसले को गलत बताया था और कहा था कि यहां छह रन के बजाए पांच रन देने चाहिए थे क्योंकि बल्लेबाजों ने दूसरा रन पूरा नहीं किया था.

क्या था पूरा मामला?

वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड के 242 रन के टारगेट का पीछा करते हुए इंग्लैंड को आखिर की तीन गेंदों पर 9 रन बनाने थे. इसी दौरान बेन स्टोक्स ने ट्रेंट बोल्ट की गेंद को डीप-मिडविकेट पर खेला जहां से मार्टिन गप्टिल ने थ्रो किया तो गेंद रन आउट होने से बचने के लिए डाइव लगाते समय बेन स्टोक्स के बल्ले से लगकर बाउंड्री के पार चली गई.

ऐसे में कुमार धर्मसेना ने साथी अंपायर इरासमस से बात कर इंग्लैंड को 6 रन दे दिए, जिसके लिए बेन स्टोक्स ने मना किया था कि उन्हें सिर्फ दो रन दिए जाए, लेकिन नियम के अनुसार ओवरथ्रो के 4 रन और मिल गए. इस तरह मैच से लगभग बाहर हो गई इंग्लैंड की टीम मैच में आ गई.

यहाँ क्लिक कर, हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें

नीचे दिए स्टार्स पर हमारी खबर को रेटिंग दें, और कमेंट बॉक्स में कमेंट करना न भूलें.

खबरों के साथ बनें रहे और ये भी पढ़े -

 

स्पोर्ट्स News Creation : फ्रांस के स्टार फुटबॉलर एंतोनियो ग्रीजमैन अब एटलेटिको मैड्रिड की बजाय एफसी बार्सिलोना के लिए खेलते नजर आएंगे. स्पेनिश क्लब बार्सिलोना ने फ्रेंच फुटबॉलर से करीब 1 हजार करोड़ रुपए में करार किया है. इसमें बाय आउट क्लॉज भी शामिल है. यानी, ग्रीजमैन के कॉन्ट्रैक्ट में वह राशि भी शामिल है, जो एफसी बार्सिलोना उनके पुराने क्लब एटलेटिको मैड्रिड को देगा. वे 15 जुलाई से बार्सिलोना के साथ जुड़ सकते हैं.

इसके साथ ही ग्रीजमैन सबसे अधिक ट्रांसफर फीस पाने वाले फुटबॉलरों की लिस्ट में चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं. इस लिस्ट में नेमार पहले, किलियन एमबापे दूसरे, जाओ फिलिक्स तीसरे नंबर पर हैं. फिलिप कॉटिन्हो और ग्रीजमैन संयुक्त रूप से चौथे नंबर पर हैं. एंतोनिया ग्रीजमैन फ्रांस के लिए 72 मैच खेले हैं. उन्होंने अपने देश के लिए 29 गोल किए हैं. एटलेटिको मैड्रिड से वे 2014 में जुड़े थे. उन्होंने एटलेटिको के लिए 180 मैच खेले और 94 गोल किए. 

फुटबॉल प्रेमी जानते हैं कि एफसी बार्सिलोना और एटलेटिको मैड्रिड स्पेनिश क्लब ला लीगा (La Liga) में खेलती हैं. बार्सिलोना ने शुक्रवार को एंतोनियो ग्रीजमैन से करार की घोषणा की. इसके साथ ही तय हो गया है कि ग्रीजमैन अब लियोनेल मेसी और सुआरेज के साथ खेलते नजर आएंगे. बार्सिलोना की ऑफीशियल वेबसाइट के मुताबिक उसने ग्रीजमैन से 120 मिलियन यूरो (करीब 930 करोड़ रुपए) में करार किया है, जिसमें बाय आउट क्लॉज भी शामिल है. वहीं, बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक बार्सिलोना और ग्रीजमैन ने पांच साल के लिए 800 मिलियन यूरो (करीब 6100 करोड़ रुपए) का करार किया है. इसमें 120 मिलियन यूरो बाय आउट क्लाज की रकम है. यह रकम एटलेटिको मैड्रिड को दी जाएगी, जिसके लिए अब तक ग्रीजमैन खेल रहे थे. 

28 साल के एंतोनियो ग्रीजमैन फ्रांसीसी टीम के मुख्य खिलाड़ी हैं. पिछले साल फ्रांस को विश्व चैंपियन बनाने में उनकी अहम भूमिका रही थी. हालांकि, उनके बार्सिलोना के साथ करार से विवाद भी हो गया है. एटलेटिको मैड्रिड का कहना है कि उसे बायआउट क्लॉज के तहत 200 मिलियन डॉलर की राशि मिलनी चाहिए थी. 

एटलेटिको मैड्रिड के मुताबिक बार्सिलोना और ग्रीजमैन ने अनुबंध के लिए मार्च में बातचीत शुरू कर दी थी. तब ग्रीजमैन के लिए बाय आउट क्लॉज 200 मिलियन की थी. लेकिन इन दोनों ने मिलकर अपने करार की घोषणा को आगे बढ़ाया. फिर इसकी घोषणा जुलाई में की गई क्योंकि एक जुलाई से बाय आउट क्लॉज की रकम 120 मिलियन यूरो हो गई थी.

 

इंग्लैंड : इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बीच क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला रविवार को लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर होगा. केट का जनक इंग्लैंड और हमेशा 'अंडरडॉग' कही जाने वाली टीम न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे और दुनिया को नया वर्ल्ड चैंपियन मिलेगा. इयोन मॉर्गन की कप्तानी वाली टीम इंग्लैंड ने 5 बार के चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में हराकर वर्ल्ड कप-2019 के फाइनल में जगह बनाई. जो भी टीम फाइनल में जीतेगी, वह इस चमचमाती ट्रोफी को पहली बार उठाएगी.

HeadToHeadCWC2019

इंग्लैंड इस वैश्विक टूर्नमेंट की मेजबानी पांचवीं बार कर रहा है और चौथी बार फाइनल में पहुंचा है. साल 1979, 1987 और 1992 के बाद अब इंग्लैंड टीम खिताब से नहीं चूकना चाहेगी. सबसे पहले 1979 में इंग्लैंड ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ फाइनल मैच खेला लेकिन ट्रोफी उठाने से चूक गई, इसके बाद 1987 में ईडन गार्डन पर फाइनल में ऐलन बॉर्डर की अगुआई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उन्हें हराया. आखिरी बार 1992 में इमरान खान की कप्तानी वाली पाकिस्तानी टीम ने इंग्लैंड को हराया. अब 27 साल बाद उसके पास मौका है कि वह वर्ल्ड कप चैंपियन बनने का गौरव हासिल करे.

 IndiaVsNZ

भारत को सेमी-फाइनल में हरानें के बाद न्यूज़ीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडम मक्कुलम नें सोशल मीडिया में कुछ इस तरह अपनें भावुक पोस्ट से प्रसंशकों का दिल जीता.

इज्जत मुश्किल से कमाई जाती है. खेल में एक टीम जीतती है, तो एक को हार का सामना करना पड़ता है. यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप जीत और हार के इमोशन को कैसे बयान करते हैं. हार के बाद भावनाएं उमड़ पड़ती हैं और उसके बाद आप कैसे खुद को काबू करते हैं यह मायने रखता है. दोनों कप्तानों पर मुझे गर्व है. सफलता में विनम्रता और हार में शालीनता. हमारे इस खेल के यह दोनों सबसे बढ़िया संरक्षक हैं.

 

नई दिल्ली: विश्व कप 2019 में सेमी-फाइनल में भारत के हराने साथ ही महेंद्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट की खबरें भी लगातार सुर्खियीं में रहीं हैं. इस बात की चर्चा है कि धोनी अब वनडे और टी-20 क्रिकेट से संन्यास ले सकते हैं. फैंस सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार अपील कर रहे हैं कि धौनी रिटायरमेंट न लें. इस बीच भारत की महान स्वर कोकिला के नाम से विख्यात लता मंगेशकर ने धोनी से दरख्वास्त की है कि वे अभी रिटायरमेंट न लें.

Twitter-

 

लता मंगेशकर ने ट्वीट कर लिखा कि ''नमस्कार एम.एस. धोनी जी. आजकल मैं सुन रही हूं कि आप रिटायर होना चाहते हैं. कृपया आप ऐसा मत सोचिए. देश को आप के खेल की जरूरत है और ये मेरी भी रिक्वेस्ट है कि रिटायरमेंट का विचार भी आप मन में मत लाइए” हालांकि, लता मंगेशकर इकलौती ऐसी हस्ती नहीं हैं, जिन्होंने धोनी के रिटायरमेंट को ऐसी बात कही हो.

सेमी-फाइनल मैच में भारतीय टीम के हार के बाद विराट कोहली से जब पत्रकारों नें पूछा कि क्या धोनी नें उनसे रिटायरमेंट के विषय में टीम में या आप को कोई जानकारी दी है तो विराट नें कहा कि नहीं मुझे कोई जानकारी नहीं दी गयी है.

सचिन तेंदुलकर नें कहा कि “यह उनका व्यक्तिगत फैसला है और इस फैसले के मामले में धौनी को अकेला छोड़ देना चाहिए, क्योंकि उनका सीमित ओवर्स के क्रिकेट में स्पेशल करियर है. यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है. सभी को उन्हें अपना स्पेस देना चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए. सभी को अफवाह फैलाने के बजाय भारतीय क्रिकेट को धौनी की ओर से दिए गए योगदान का सम्मान करना चाहिए.”

Click Here - फेसबुक में हमारे पेज को अवश्य लाइक करें -

 

नीचे दिए Star पर Click कर खबर को Rating देना न भूलें, साथ ही Comment Box में Comment करें-

माँ होनें के नाते बच्चों के लिए खुद को बदलें

मेनचेस्टर : आज के मैच में बल्लेबाज़ी पर अपनी टिपण्णी देते हुए, भारतीय टीम के कप्तान विअरात कोहली नें प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अभी ऋषभ पन्त युवा हैं, और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में नए खिलाडियों से अक्सर ऐसा हो जाता है. उन्होनें आगे कहा कि जब भारत के तीन विकेट गिर चुके थे, हार्दिक पंड्या और ऋषभ पंत के ऊपर भारतीय टीम की ज़िम्मेदारी थी. तभी ऋषभ पंत ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में कैच थमा दिया.

इस शॉट को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पंत का बचाव करते हुए कप्तान कोहली ने कहा, "ऋषभ स्वाभाविक खेल खेलते हैं और उन्होंने हार्दिक के साथ अच्छी साझेदारी करने की कोशिश की. वह युवा हैं और जब मैं उनके जैसे दौर में था तो मैंने भी कई गलतियां की हैं. वह देखेंगे और सीखेंगे कि उस स्थिति में क्या करना चाहिए था. शायद उन्हें अहसास भी है इस बात का."

कोहली बोले, "ऋषभ ही नहीं, किसी के साथ भी खेल में ऐसा हो सकता है. लोग दिल से देश के लिए खेलते हैं और जब ग़लतियां होती हैं तो सबसे ज्यादा दुखी भी वही होते हैं. बाहर से लगता है कि ग़लती थी, मगर जो ग़लती करते हैं, उन्हें ही सबसे ज्यादा दुख होता है. वह और मज़बूत बनकर उभरेंगे, उनकी प्रतिभा भी देखने को मिलेगी."

ऋषभ पन्त

वहीँ दूसरी ओर एक बार फिर महेंद्र सिंह धोनी धीमी पारी के लिए चर्चा में रहे. धोनी ने रविंद्र जडेजा के साथ आख़िर तक टिके तो रहे मगर उन्होंने 72 गेंदों में 50 रन बनाए.

कप्तान कोहली ने महेंद्र सिंह धोनी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने ज़रूरत के हिसाब से सही बल्लेबाज़ी की. उन्होंने कहा, "बाहर से कुछ भी कहना आसान है मगर धोनी को एक छोर संभाले रखना था. दूसरे छोर से जडेजा अच्छा खेल रहे थे. मेरे हिसाब से उनका खेल समय की ज़रूरत के अनुकूल था."

कोहली ने यह भी कहा कि धोनी से पहले पंड्या को ऊपर भेजने का मक़सद यह था कि आख़िर में अगर हालात ख़राब हों तो धोनी मोर्चा संभालने के लिए मौजूद रहें.

वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम वेस्ट इंडीज़ के दौरे पर जाने वाली है. इस बीच धोनी के संन्यास लेने की अटकलों को लेकर एक पत्रकार ने सवाल पूछा कि क्या धोनी ने अगले दौरे को लेकर अपने बारे में कहा है कि वह क्या करने वाले हैं.

MSDhoni

इसके जवाब में भारतीय कप्तान ने कहा, "नहीं, उन्होंने हमें कुछ नहीं बोला है."

टॉप ऑर्डर के ढह जाने के बाद रविंद्र जडेजा ने मोर्चा संभाला और भारतीय टीम को जीत के क़रीब लाने की कोशिश करते हुए 59 गेंदों में 77 रनों की पारी खेली.

भारत बेशक मैच हार गया लेकिन जडेजा की इस इनिंग की तारीफ़ हो रही है. कप्तान कोहली भी जडेजा से प्रदर्शन से संतुष्ट दिखे.

उन्होंने कहा, "आपने देखा कि उन्होंने कितने जुनून के साथ बल्लेबाज़ी की. वह टेस्ट में भी काफ़ी सधा हुआ प्रदर्शन कर चुके हैं, घरेलू क्रिकेट में भी बड़ी पारियां खेल चुके हैं. मैं 10 साल से उन्हें देख रहा हूं, उनके साथ खेल रहा हूं. दबाव के हालात में खेली गई यह उनकी शानदार पारी है."

जडेजा भी बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में कैच आउट हुए. कोहली ने उनका बचाव करते हुए कहा कि वनडे में रिस्क तो लेना ही पड़ता है.

आख़िर में कोहली ने कहा कि जिस तरह से खिलाड़ियों से हम उम्मीद करते हैं कि उन्हें जीत और हार पर संतुलित प्रतिक्रिया देनी चाहिए, उसी तरह से प्रशंसकों से भी ऐसे की ही उम्मीद करनी चाहए.

उन्होंने कहा, "जीतने पर नियंत्रित प्रतिक्रिया होनी चाहिए और हारने पर ज़्यादा परेशान नहीं होना चाहिए. बैलंस होना चाहिए. फैन्स के नज़रिये से भी ऐसा संतुलन ज़रूरी है, मेरे विचार से."

मेनचेस्टर आई.सी.सी. विश्वकप 2019 के सेमीफ़ाइनल में हारने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों की तारीफ़ की है.

भारतीय कप्तान ने कहा कि शुरुआती 40-45 मिनट में ही खेल का रुख़ बदल गया था.

उनके मुताबिक़, न्यूज़ीलैंड की शानदार गेंदबाज़ी के कारण टीम प्रेशर में आ गई और ग़लतियां करने के लिए मजबूर हो गईं.

हालांकि विराट ने यह भी कहा कि भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा खेल खेला है.

भारतीय कप्तान ने मैच के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा, "हम हार से निराश ज़रूर हैं मगर हमारा आत्मविश्वास नहीं हिला है."

भारतीय कप्तान ने कहा कि आज हुई हार पर अभी तुरंत कुछ कहना ठीक नहीं है, बाद में बैठकर देखना होगा कि कहां क्या ग़लत हुआ और क्या किया जा सकता था.

मगर उन्होंने न्यूज़ीलैंड की गेंदबाज़ी की खुलकर तारीफ़ करते हुए कहा, "कुछ शॉट बेशक अच्छे नहीं थे मगर रोहित शानदार गेंद पर आउट हुए, मैं भी अच्छी गेंद पर आउट हुआ. लक्ष्य बड़ा नहीं था और हमें लग रहा था कि आसानी से इसे चेज़ कर लेंगे. मगर न्यूज़ीलैंड ने जैसी गेंदबाज़ी की, उससे हमें शुरुआती 8 ओवर में शॉट खेलने का मौक़ा ही नहीं मिला. नई गेंद से उन्होंने हमें दबाव में डाल दिया. हमें इस बात को स्वीकार करने में कोई शर्म नहीं है."

विराट कोहली ने कहा कि बावजूद इसके दूसरे पहलू को देखना भी ज़रूरी है. उन्होंने कहा, "इस टूर्नामेंट में हमने अच्छा प्रदर्शन किया है. रोहित ने शानदार बैटिंग की है, बुमराह और जडेजा का प्रदर्शन अच्छा रहा है. हमने शानदार क्रिकेट खेला है और पूरी मेहनत की है. ऐसा होता है कि आप टेबल में नंबर वन होते हैं मगर नॉकआउट में बाहर हो जाते हैं. इसीलिए इन्हें नॉकआउट कहा जाता है. सामने वाला आपसे अच्छा खेलता है तो आप बाहर हो जाते हैं."

फेसबुक पेज को ज़रूर लाइक करें

मेनचेस्टर पूर्व कप्तान और भारतीय टीम के विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी नें, न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध मैच में उतरनें के साथ ही एक रिकॉर्ड कायम किया, जिसमें उन्होनें बतौर विकेटकीपर सबसे ज्यादा वनडे इंटरनेशनल खेलने के मामले में धोनी दुनियामें दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने इस मुकाबले से पहले तक 123 खिलाड़ियों को स्टम्प आउट किया। जबकि 320 कैच लपके। बतौर विकेटकीपर सबसे ज्यादा वनडे खेलने के मामले में श्रीलंका के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कुमार संगकारा पहले स्थान पर हैं। संगकारा ने 360 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले हैं। 

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के मार्क बाउचर को पछाडा़ है। बाउचर ने 295 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले हैं। वो तीसरे स्थान पर हैं। जबकि एडम गिलक्रिस्ट चौथे स्थान पर हैं। उन्होंने 282 मैच खेले हैं। 

बता दें कि धौनी ने मैनचेस्टर से पहले 349 वनजे मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 10 शतक और 72 अर्धशतक लगाएं हैं। धौनी 10723 रन भी बना चुके हैं। उनके सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर नाबाद 183 रन है। जबकि 50.58 का औसत है। धौनी बाउंड्रीज लगाने के मामले में भी आगे रहे हैं। उन्होंने अब तक 825 चौके और 228 छक्के लगाए हैं।

चाहल महंगे साबित हुए : भारतीय टीम में सिर्फ एक बदलाव किया गया। कुलदीप यादव के स्थान पर युज्वेंद्रा चाहल को जगह दी गई। लेकिन चाहल महंगे साबित हुए। उन्होंने 10 ओवर में 63 रन लुटाते हुए एक विकेट लिया। हालांकि रवींद्र जडेजा किफायती रहे।उन्होंने ने दस ओवर में 34 रन देकर एक विकेट लिया।

पहले सेमी-फाइनल का स्कोरकार्ड

न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी
मार्टिन गुप्टिल का कोहली बो बुमराह 01
हेनरी निकोल्स बो जडेजा 28
केन विलियमसन का जडेजा बो चहल 67
रोस टेलर नाबाद 67
जिम्मी नीशाम का कार्तिक बो पंड्या 12
कोलिन डि ग्रैंडहोम का धोनी बो भुवनेश्वर 16
टॉम लैथम नाबाद 03
अतिरिक्त (लेग बाई 04, वाइड 13) 17

कुल (46.1 ओवर में, पांच विकेट पर) 211
विकेट पतन : 1-1, 2-69, 3-134, 4-162, 5-200

भारत की गेंदबाजी 
भुवनेश्वर 8.1-1-30-1
बुमराह 8-1-25-1
पंड्या 10-0-55-1
जडेजा 10-0-34-1
चहल 10-0-63-1

 ये भी पढ़े-

बारिश नें बाधित किया मैच, मैच के बारे में विस्तार से पढ़े

Ads

R.O.NO. 13784/149 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक