ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
रायपुर। कांग्रेस के केंद्रीय संगठन में मची उथल-पुथल और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से नए अध्यक्ष के लिए पार्टी के आला नेताओं को अधिकृत करने का असर अब छत्तीसगढ़ के नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा पर भी पड़ रहा है। बदले राजनीतिक समीकरण में यह संकेत मिल रहे हैं कि अब सीतापुर से चार बार के विधायक अमरजीत भगत को प्रदेश अध्यक्ष की जगह भूपेश सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। राहुल गांधी से गुस्र्वार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुलाकात की थी।
कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो इस दौरान राहुल ने भगत को मंत्री बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। सबकुछ ठीक रहा तो भगत को विधानसभा सत्र से पहले मंत्री पद से नवाजा जा सकता है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और मंत्री टीएस सिंहदेव ने राहुल गांधी से मुलाकात की।
महंत के साथ उनकी पत्नी कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत भी गई थी। दोनों नेताओं ने राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकमनाएं दी और प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की। वहीं, मंत्री टीएस सिंहदेव भी प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के साथ राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। करीब 20 मिनट की चर्चा में सिंहदेव ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज के साथ लोकसभा चुनाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हुई थी, इसलिए वे शुक्रवार को मिलने पहुंचे थे। इधर, कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो अमरजीत भगत को पहले प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनती नजर आ रही थी। लेकिन राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने की अटकलों के बीच अब नए समीकरण बन रहे हैं।
चर्चा है कि अगर राहुल गांधी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अगला कार्यकाल लेते हैं तो अधिकांश प्रदेश के अध्यक्षों को बदला जाएगा। अगर राहुल की जगह कोई नया राष्ट्रीय अध्यक्ष आता है, तो प्रदेश अध्यक्ष बदलना तय है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष की कमान अभी फिलहाल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास ही रहेगी।
कांग्रेस की राजनीति के जानकारों की मानें तो राहुल गांधी ने प्रदेश के चारों वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर ली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, मंत्री ताम्रध्वज साहू और टीएस सिंहदेव ने मुलाकात के दौरान प्रदेश के राजनीतिक हालात की जानकारी दी है।
अब तक प्रदेश के नेताओं का फोकस नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर था। लेकिन राहुल गांधी से मुलाकात के बाद समीकरण बदल गये। सरगुजा लोकसभा में सभी विधायक कांग्रेस के होने के बाद भी लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। मोदी सरकार ने बड़ा दांव खेलते हुए रेणुका सिंह को मंत्री बनाया है। अब प्रदेश में भी अमरजीत को मंत्री बनाकर भविष्य के चुनावी समीकरण को साधने की कांग्रेस कोशिश करेगी।
रायपुर। बिजली की उपलब्धता के मामले में छत्तीसगढ़ देश के श्रेष्ठ पांच राज्यों में शामिल है। बिजली कंपनी ने केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के आधार पर यह दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 22 घंटें तक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। बिजली कंपनी के अध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला ने कहा कि राज्य में बिजली की अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए अत्याधुनिक टेक्नालाजी का उपयोग किया जा रहा है, फलस्वरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति हो रही है।
प्रदेश में स्थापित विद्युत प्रणालियों में आने वाली खराबी तथा इससे उत्पन्न् व्यधान को न्यूनतम समय में पूरा करने में कामयाबी मिली है। शुक्ला ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने अपने वेबपोर्टल पर विभिन्न् प्रदेशों की बिजली व्यवस्था का मूल्यांकन कर राज्यों को उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु रेटिंग किया गया। इस सूची में छत्तीसगढ़ राज्य के बिजली व्यवस्था को देश के उत्कृष्ट श्रेणी में अंकित किया गया।
केंद्र सरकार की सेफी (सिस्टम एवरेज इंटरप्शन फ्रिक्वेंसी इंडेक्स) की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के डिवीजनों के फीडरों का भी मूल्यांकन किया गया। इस प्रतिवेदन के अनुसार छत्तीसगढ़ के फीडरों को टॉप थ्री में स्थान दिया गया है।
अध्यक्ष शुक्ला ने बताया कि देश भर के विभिन्न् राज्यों के ग्रामीण फीडरों में बिजली की उपलब्धता 9 से 22 फीसद तक रही। इसकी तुलना में छत्तीसगढ़ राज्य में औसतन प्रतिदिन 22 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। ग्रामीण अंचलों में बिजली की आवश्यकता कृषि कार्यों में सर्वाधिक होता है।
कृषि पम्पों के लिए पृथक किए गए ग्रिड में निश्चित समय के लिए बिजली बंद की जाती है अन्यथा ऐसे फीडर, जिनमें कृषि पम्पों के साथ अन्य कनेक्शन भी हैं, उनमें निरंतर विद्युत प्रवाह सुनिश्चित किया जाता है।
केवल आंधी-तूफान व भारी वर्षा के समय ब्रेकडाउन अथवा मरम्मत कार्यों के लिए शटडाउन लेने पर बिजली सप्लाई प्रवाहित होती है। यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि कम से कम समय में बिजली सप्लाई पुन: चालू कर ली जाए।
बिलासपुर . जबरन दुष्कर्म की वजह से गर्भ ठहरने की जानकारी देते हुए युवती ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत कर एबॉर्शन की अनुमति मांगी थी। बिलासपुर के सीएमएचओ की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने इसकी अनुमति दी है। एमटीपी एक्ट के तहत एबार्शन के लिए निर्धारित अवधि से अधिक हो चुकी है, इस वजह से हाईकोर्ट ने शनिवार को सिम्स में एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम को एबार्शन करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कुदुदंड में रहने वाले युवक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के कारण हाईकोर्ट ने भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर के कुदुदंड में रहने वाले युवक मनीष शुक्ला पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए युवती ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत कर कहा है कि इस वजह से वह गर्भवती हो गई है। उसने हाईकोर्ट से एबार्शन की अनुमति देने की मांग की थी।
मंगलवार को याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस प्रशांत मिश्रा की बेंच ने युवती को बुधवार को बिलासपुर के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। सीएमएचओ को युवती का स्वास्थ्य परीक्षण कर यह बताने के निर्देश दिए गए थे कि एमटीपी एक्ट 1971 के प्रावधानों के मुताबिक गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है या नहीं? हाईकोर्ट ने राज्य शासन को मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। गुरुवार को सीएमएचओ की तरफ से रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया कि भ्रूण करीब 19 सप्ताह का है।
रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने युवती को एबार्शन की अनुमति दे दी है। युवती को गुरुवार या शुक्रवार की सुबह सिम्स में एडमिट होने के लिए कहा गया है। सिम्स अधीक्षक को दो एक्सपर्ट डॉक्टरों की जिम्मेदारी तय कर युवती से कंसेट लेते हुए एबार्शन करने के लिए कहा गया है। वहीं, सिविल लाइन में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के कारण भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर | अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के कारण लगातार दूसरे दिन सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई। शुक्रवार को सोना स्टैंडर्ड 500 रुपए की बढ़त के साथ 35,250 रुपए प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इससे पहले सोने ने इसी साल फरवरी में 34,500 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार किया था। इसके विपरीत चांदी 300 रुपए लुढ़ककर 38,700 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव बिकी। इससे पहले गुरुवार को सोना एक ही दिन में 800 रुपए उछला था, जबकि चांदी में एक हजार रुपए की तेजी दर्ज की गई थी। जानकारों के मुताबिक अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता गया तो सोना आैर भी महंगा हो सकता है। इस साल जनवरी से अब तक सोना 2,650 रुपए तक महंगा हुआ है।
पांच सरकारी मेडिकल कालेजों को हुआ फायदा
रायपुर . केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के लिए देश के 17 राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई हैं। छत्तीसगढ़ में पांच मेडिकल कॉलेजों में 120 सीटें बढ़ी हैं। इसमें से 30 सीटें रायपुर को मिली हैं। अब रायपुर में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़कर 180 हो गईं। सिम्स बिलासपुर में 150 से 180, राजनांदगांव में 100 से 125, रायगढ़ में 50 से 60, जगदलपुर में 100 से 125 सीटें हो गई हैं। इस तरह से पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 550 से बढ़कर 670 हो गई हैं।
अंबिकापुर में 100 सीटों पर जीरो ईयर हो गया है। मान्यता मिलती तो वहां सीटें 100 से बढ़कर 125 हो जातीं। यानी कुल 125 सीटों का नुकसान हो गया है। निजी कॉलेज के जीरो ईयर को मिला दें तो सीटों का नुकसान बढ़कर 275 हो गई है। नए सत्र में पांच सरकारी समेत दो निजी मेडिकल कॉलेजों में अब एमबीबीएस की सीटें 850 से बढ़कर 970 हो गई हैं। चंदूलाल कॉलेज दुर्ग में भी 150 सीटों में जीरो ईयर हो गया है। प्रदेश में नए सत्र के लिए शुक्रवार से ऑनलाइन काउंसिलिंग भी शुरू हो गई है। पहले दिन 100 से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है।
बढ़ी हुई सीटों के बाद सरकारी कॉलेजों की स्थिति
कॉलेज वर्तमान बढ़ी सीटें कुल
रायपुर 150 30 180
बिलासपुर 150 30 180
राजनांदगांव 100 25 125
जगदलपुर 100 25 125
रायगढ़ 50 10 60
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रदेश के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 120 सीटें बढ़ाई है। यह अच्छी खबर है। बढ़ी हुई सीटों पर एडमिशन इसी सत्र से होगा। - डॉ. एसएल आदिले, डीएमई
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दो दिवसीय प्रवास पर दिल्ली गए हैं. विश्व योग दिवस पर शुक्रवार को सीएम बघेल ने दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में योग किया.

योग के बाद सीएम ने अपने ट्वीटर हैंडल पर तस्वीरें शेयर की. मुख्यमंत्री ने योग दिवस पर लोगों को बधाई भी दी.

दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन से लेकर नक्सली गढ़ तक, हर जगह शुक्रवार सुबह योग हुआ. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जहां छत्तीसगढ़ सदन में ही योगाभ्यास किया, वहीं राजधानी रायपुर सहित समूचे प्रदेश में करीब 60 लाख लोग योग करते नजर आए. राजधानी के इंडोर स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम हुआ, जहां 600 से ज्यादा बच्चों ने एक साथ योग किया.

विश्व योग दिवस पर आज छत्तीसगढ़ में लोगों ने योग करके रिकार्ड बनाया. प्रदेश भर में जहां 60 लाख लोगों ने योग किया तो वहीं बीटीआई ग्राउंड में 3240 लोगों ने वीरभद्रासन मुद्रा में 3 मिनट योग करके लिमका बुक आफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराया.

प्रदेश भर में जिला मुख्यालयों के साथ ही स्कूल, कालेज, पंचायतों में भी लोगों ने योग किया. छत्तीसगढ़ योग आयोग की भी रायपुर में 50 हजार से भी ज्यादा लोगों को योग कराकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी रही.

इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए शहर के सभी इलाकों में कई संस्थाओं ने हिस्सा लिया. हालांकि अभी यह पता नहीं चल सका है कि वर्ल्ड रिकॉर्ड में इसे शामिल किया गया है या नहीं. उधर, बीटीआई ग्राउंड में 3 मिनट तक वीरभद्रासन में बने रहकर 3640 लोगों ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इसे दर्ज करा दिया.

आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से इस रिकॉर्ड के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में वीरभद्रासन किए गए। इसमें शामिल लोगों को पुरस्कृत भी किया जा रहा है। इसके साथ ही माना कैंप, अमलेश्वर और मरीन ड्राइव में भी योग कार्यक्रम हुए.

छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर के अलावा दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर सहित सभी जिला मुख्यालयों में योग दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.
एक्यूट इनसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार ने बिहार के बाद अब छत्तीसगढ़ को भी अपने चपेट में ले लिया है. बस्तर के जगदलपुर में चमकी बुखार से 1 बच्चे की मौत का मामला सामने आया है. बिहार में इस जानलेवा बीमारी से अभी तक 156 बच्चों की मौत हो चुकी है. बस्तर के जगदलपुर डिमरापाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती एक बच्चे की मौत चमकी बुखार से हो गई है.
जगदलपुर के डिमरापाल शासकीय मेडिकल कॉलेज में चमकी बुखार से पीड़ित 3 बच्चों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. इनमें से गंभीर रूप से बीमार 1 बच्चे की मौत हो गई है. मृतक बच्चे का नाम भुवने नाग है जिसकी उम्र 4 वर्ष थी.
बच्चे की मौत की खबर आने पर राजधानी रायपुर से चिकित्सकों का 1 दल बस्तर के जगदलपुर के लिए रवाना हो गया है. चमकी बुखार की दस्तक की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल जांच दल बनाया और उसे जगदलपुर के लिए रवाना किया.
पीड़ित दो बच्चों का इलाज जारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते 18 जून को बस्तर के चोलनार गांव से मासूम भुवाने नाग को गंभीर हालत में मेकाॅज में भर्ती करवाया गया था. मासूम की जांच के बाद जो रिपोर्ट आई है उसमें जेई के अलावा एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के भी लक्षण पाए गए थे.
वहीं इलाज से अन्य दो बच्चे 7 साल के कुमार मंडावी और 3 वर्ष के इतियासा की सेहत में सुधार हो रहा है. पिछले कुछ वर्षों में बस्तर में जेई से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए आ रहे थे, लेकिन इस साल एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम यानी चमकी बुखार की भी शिकायत के साथ यहां पहुंच रहे हैं.
छत्तीसगढ़ में पुलिस कर्मियों को एक बड़ा लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है. पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने के लिए पुलिस विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं. जिलों के एसपी को ये आदेश जारी किया गया है. एसपी को साप्ताहिक अवकाश के लिए रोस्टर बनाना है. सूत्रों के मुताबिक कई जिलों के एसपी ने रोस्टर तैयार भी कर लिया है. कई जगहों पर पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू हो गया है.
डीजीपी डीएम अवस्थी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पुलिस कर्मियों को अब साप्ताहिक अवकाश मिलेगा. डीजीपी अवस्थी ने कहा कि पुलिस विभाग ने सप्ताहिक अवकाश के लिए आदेश जारी कर दिया गया है. कई जगहों पर पुलिस कर्मियों को सप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू भी हो गया है. जहां नहीं मिल रहा है, वहां भी जल्द ही अवकाश मिलना शुरू हो जाएगा.
पुलिस परिवार ने किया था आंदोलन
बता दें कि जून 2018 में प्रदेशभर के पुलिस परिवारों ने राजधानी रायपुर में आंदोलन किया था. इस आंदोलन में पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिए जाने की मांग प्रमुख थी. प्रदेश में दिसंबर 2018 में नई सरकार बनने के बाद पुलिस कर्मियों की मांग को लेकर एक समिति गठित की गई थी. इसमें पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की मांग को प्रमुखता से मानने की बात कही गई थी. इसके बाद गठित एक समिति ने अपनी रिपोर्ट विभाग को दी. फिर आगे की कवायद शुरू हो गई है.
रायपुर। प्रदेश के आम नागरिकों की समस्याओं और उनकी मांगों से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब सीधे रू-ब-रू होंगे.सीएम बघेल अब हर बुधवार को जन चौपाल के लिए जरिए प्रदेश की जनता से मिलकर उनकी मांगों और समस्याओं को सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को देंगे.
जन चौपाल कार्यक्रम राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हर बुधवार को प्रातः 11 बजे से आयोजित होगा. जन चौपाल की शुरूआत आगामी 3 जुलाई से हो रही है. इसके जरिए आम नागरिकों को अपने क्षेत्र की समस्याएं और मांगें सीधे मुख्यमंत्री को बताने का मौका मिलेगा.
बारात गाड़ी गीदम से बीजापुर की तरफ जा रही थी
हादसे में पिकअप सवार बुरी तरह जख्मी हुए हैं
बीजापुर. बीजापुर जिले के नेसलनार में बुधवार देर रात बारात गाड़ी और पिकअप के बीच टक्कर होने से 8 बारातियों की मौत हो गई। जबकि 20 से ज्यादा घायल हैं। इनमें कई गंभीर हैं। घायलों को भैरमगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को भैरमगढ़ अस्पताल रेफर किया गया। बाराती गाड़ी गीदम से बीजापुर की तरफ जा रही थी। दुर्घटना रात 11 बजे की है। हादसे में पिकअप सवार बुरी तरह से जख्मी हुए हैं।
दुर्ग, भिलाई व चरोदा के करीब ढाई लाख उपभोक्ताओं के घरों व प्रतिष्ठानों की होगी ऑनलाइन स्पाट रीडिंग
मीटर रीडिंग में गड़बड़ी से मिलेगी निजात, उपभोक्ताओं के सामने ही फोटों खींचकर किया जाएगा अपलोड
दुर्ग. भिलाई, दुर्ग व चरोदा के करीब ढाई लाख उपभोक्ताओं के घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में ऑनलाइन स्पॉट फोटो युक्त मीटर रीडिंग होगी। इसकी शुरुआत दुर्ग व भिलाई शहर में कर दी गई है। इसके तहत अब विद्युत मीटर की रीडिंग सीधे ऑनलाइन बिजली कंपनी के सिस्टम में अपलोड हो सकेगी। साथ ही मीटर रीडिंग का फोटो भी अपलोड किया जा सकेगा। इसके तहत मीटर रीडर्स को कंपनी के तरफ से एक मोबाइल व प्रिंटर उपलब्ध कराया गया है। मोबाइल से प्रिंटर को ब्लू टूथ के जरिए कनेक्ट किया गया है, ताकि बिजली मीटर की फोटो खींचकर उसे अपलोड किया जाए। इसके बाद ऑटोमेटिक प्रिंटर से बिजली का बिल निकले।
दुर्ग के 73165 और चरोदा के 1,80,000 के यहां रीडिंग
बिजली कंपनी के मुताबिक दुर्ग शहर के करीब 73,165, भिलाई व भिलाई-चरोदा के 1,80,000 उपभोक्ताओं के घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की रीडिंग होगी। कंपनी ने एक निजी कंपनी को यह कार्य जारी किया है। कार्य एजेंसी के कर्मी हर महीने नियत तिथि को उपभोक्ता के घर पहुंचेंगे, जहां वे दिए गए मोबाइल से फोटो खींचने के साथ रीडिंग को अपलोड करेंगे। यह जानकारी सीधे कंपनी को सर्वर में चली जाएगी। जहां से बिल जनरेट करने के साथ मौके पर ही प्रिंटर के जरिए बिल दिया जाएगा। भिलाई के 6 व दुर्ग के सभी 4 जोन में इसे शुरू कर दिया गया है।
जानिए इस सिस्टम से आम लोगों को क्या होगा फायदा
इससे मीटर रीडिंग में गड़बड़ी व कार्य एजेंसी के कर्मियों से सेटिंग कर बिल को कम किए जाने की संभावना पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। मीटर में जितनी रीडिंग दिखेगी, उस हिसाब से ही बिल बनेगा। वर्तमान में कार्य एजेंसी द्वारा कई बार बिना मीटर देखे भी केवल उपभोक्ता के बताए अनुसार रीडिंग अपलोड कर बिल निकाला जाता है। यह समाप्त हो जाएगा। रीडिंग सही होने से अनावश्यक गड़बड़ी की भी संभावना नहीं रहेगी। उपभोक्ता के सामने ही फोटो खींचकर इस जानकारी को सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी ने जारी की पहली मेरिट सूची: अच्छे नंबर होने के बाद भी छात्रों के नाम सूची में नीचे
एनएसएस और एनसीसी में मिले नंबर का भी फायदा नहीं, एक हजार छात्रों ने बदला है संकाय
बिलासपुर. संकाय बदलकर कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले छात्रों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। जिन छात्रों ने 12वीं में साइंस से पढ़ाई की है। अगर उन्होंने स्नातक में एडमिशन लेने के लिए आर्ट्स या कॉमर्स का चयन किया है तो उनके 12वीं में मिले अंक से 5 प्रतिशत अंक कम हो जा रहे हैं। अब ऐसे में यह छात्र नंबर अच्छा होने के बाद भी मेरिट लिस्ट में नीचे हैं। अटल यूनिवर्सिटी ने जो मेरिट लिस्ट जारी की है, इसमें लगभग एक हजार छात्रों ने संकाय परिर्वतन किया है। इसके अलावा ऐसे छात्रों को एनएसएस और एनसीसी में मिले नंबर का भी फायदा नहीं हो रहा है।
178 कॉलेजों की 39875 सीटों के लिए 119324 छात्रों ने किया है आवेदन
अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से संबद्ध 178 कॉलेजों में एडमिशन लेने छात्र आवेदन कर रहे थे। आवेदन की अंतिम तारीख तक 178 कॉलेज की 39875 सीट के लिए 1 लाख 19 हजार 324 छात्रों ने आवेदन किए हैं। इसमें 62 शासकीय कॉलेज में 80 हजार 109 छात्रों ने आवेदन किए हैं। वहीं 116 प्राइवेट कॉलेजों में मात्र 39 हजार 215 छात्रों ने आवेदन किए हैं। अब यूनिवर्सिटी इन छात्रों की पोर्टल में मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। इस मेरिट लिस्ट में संकाय बदलने वाले छात्रों का 5 प्रतिशत नंबर कम हो गया है। इस कारण मेरिट लिस्ट में ये छात्र नीचे आ गए हैं।
यूनिवर्सिटी द्वारा मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद बुधवार को केवल सीएमडी कॉलेज ही अपनी मेरिट लिस्ट जारी कर पाई। इसमें सीएमडी कॉलेज में बीएससी गणित जनरल का कटऑफ 80 प्रतिशत से ऊपर गया है। वहीं बीकॉम में 75 और बीए में 72 प्रतिशत गया है। वहीं डीपी विप्र, जेपी वर्मा, साइंस कॉलेज, डीएलएस कॉलेज सहित अन्य कॉलेज 21 जून तक मेरिट लिस्ट जारी करने की तैयार कर रहे हैं। इस मेरिट लिस्ट के आधार पर छात्र 28 जून तक एडमिशन ले सकेंगे। अगर सीट बचेगी और कॉलेजों द्वारा पोर्टल खोलने की मांग की जाएगी तो 1 जुलाई से दूसरी बार पोर्टल खुलेगा।
जानिए किसे, कितना फायदा मिलेगा
मेरिट लिस्ट में एनसीसी, एनएसएस में जो ए सर्टिफिकेट हासिल किए हैं, उन्हें 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं बी सर्टिफिकेट, द्वितीय सोपान स्काउट्स को 3 प्रतिशत, सी सर्टिफिकेट व तृतीय सोपान उत्तीर्ण स्काउट्स को 4 प्रतिशत, राज्यपाल स्काउट्स को 5 प्रतिशत, राष्ट्रपति स्काउट्स को 10 प्रतिशत छूट मिलेगी। जंबूरी के चयनित छात्रों को 15 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसी तरह खिलाड़ियों और कल्चरल एक्टिविटी में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 2 से 15 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। जिन छात्रों को इस प्रकार छूट मिल रही है। अगर वह अपना संकाय बदलता है तो उसका 5 प्रतिशत अंक कम हो जाएगा।
कॉलेज की मेरिट लिस्ट में भी नहीं आ पाएगा नाम
जो छात्र एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड या अन्य गतिविधियों में भाग लिए हैं, उन्हें 1 से 15 प्रतिशत तक छूट मिलती है। इस बार उन छात्रों को भी अगर वे संकाय बदले हैं तो उनके मूल प्रतिशत से 5 प्रतिशत घटाकर, उसके बाद उनके छूट का प्रतिशत जोड़ा गया है। इससे ऐसे छात्रों को दो बार संकाय बदलने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में जिन कॉलेजों में एडमिशन लेना चाहते हैं, उनका उस कॉलेज की मेरिट लिस्ट में नाम ही नहीं आ पाएगा।
प्रवेश मार्गदर्शिका के अनुसार मेरिट लिस्ट जारी हुई है
ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन और मेरिट लिस्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रवेश मार्गदर्शिका के अनुसार ही चल रहा है।
शैलेंद्र दुबे, सहायक कुलसचिव अकादमी, अटल यूनिवर्सिटी
रतनपुर के दुलहरा तालाब की घटना, पालतू कुत्ते को गालियां देते सुनीं तो पड़ोसी को हुई गलतफहमी
पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से दर्ज की रिपोर्ट, एक पक्ष को हत्या के प्रयास में दूसरे को मारपीट में बनाया आरोपी
बिलासपुर. एक व्यक्ति को अपने पालतू कुत्ते को बाहर बैठकर गाली देना परिवार को भारी पड़ गया। पड़ोसी ने गाली देते सुना तो उसे गलतफहमी हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में बात गाली-गलौच से शुरू होकर लाठी-डंडों तक आ गई और जमकर मारपीट हुई। इस मारपीट में तीन महिलाओं सहित छह लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज कर लिया है। एक पक्ष को हत्या के प्रयास में दूसरे को मारपीट में आरोपी बनाया गया है। पूरा मामला रतनपुर थाना क्षेत्र के दुलहरा तालाब का है।
रात को दोनों पक्ष भिड़े, किसी तरह शांत हुए तो सुबह से फिर शुरू किया झगड़ा
दरअसल, रानीगांव निवासी रामकुमार धीवर वर्तमान में रतनपुर में दुलहरा तालाब के पास मकान बनाकर अपनी पत्नी मीना धीवर के साथ रहता है। सोमवार शाम उसका पालतू कुत्ता बाहर बैठा था। रामकुमार उसे गालियां दे रहा था। पड़ोसी तीरथराम ने सुना तो गलत समझ बैठा। उसे लगा रामकुमार उसे ही गालियां दे रहा है। वह झगड़ा करने लगा। रात को किसी तरह दोनों के बीच झगड़ा खत्म हो गया। मंगलवार सुबह फिर तीरथराम उसी बात को लेकर राजकुमार लहरे के साथ डंडा एवं फरसा लेकर आ गया और गाली गलौज करने लगा।
राजकुमार घर से बाहर निकला तो तीरथराम व राजकुमार फरसा व डंडा से मारना शुरू कर दिया। उसकी पत्नी मीना, बेटी सुनीता व दामाद मणीशंकर पहुंचे तो दोनों ने उनसे भी मारपीट की। इससे 6 लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में रामकुमार की रिपोर्ट पर तीरथ राम व राजकुमार के खिलाफ हत्या के प्रयास का जुर्म दर्ज किया गया है। दूसरे पक्ष में तीरथ राम लहरे प्रार्थी है। उसकी रिपोर्ट पर रामकुमार धीवर उसकी पत्नी मीना बाई, बेटी सुनीता एवं दामाद मणीशंकर को पुलिस ने आरोपी बनाया है। इनके खिलाफ मारपीट की धाराएं लगाई गई है।
चौबे को रायपुर, साहू को बिलासपुर, सिंहदेव को जांजगीर जिले का प्रभार
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मत्रियों के जिलों के प्रभार में बदलाव किया है। अब नए सिरे से जिलों का प्रभार सौंपा गया है। इसके तहत जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे को रायपुर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव को जांजगीर-चांपा, गृह,पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ताम्रध्वज साहू को बिलासपुर जिले का प्रभार सौंपा गया है।
नए सिरे से इन जिलों की सौंपी गई कमान
पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंह देव को जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा और मुंगेली जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।
लोक निर्माण, गृह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ताम्रध्वज साहू को बिलासपुर और गरियाबंद जिले का प्रभार सौंपा गया है।
कृषि एवं जैव प्राद्यौगिकी, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे को रायपुर और रायगढ़ जिले का प्रभार दिया गया है।
स्कूल शिक्षा, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम को बस्तर, कोरबा और बालोद जिले का प्रभार सौंपा गया है।
परिवहन, आवास एवं पर्यावरण, खाद्य तथा वन मंत्री मोहम्मद अकबर को राजनांदगांव और दुर्ग जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।
वाणिज्यिक कर (आबकारी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा को कबीरधाम, धमतरी और महासमुंद जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास व श्रम मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया को सरगुजा और कोरिया जिले का प्रभार दिया गया है।
महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया को बेमेतरा और जशपुर जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्र कुमार को उत्तर बस्तर (कांकेर), नारायणपुर और कोण्डागांव जिले का प्रभार दिया गया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कर (पंजीयन एवं मुद्रांक) जयसिंह अग्रवाल को दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), बीजापुर और सुकमा जिले का प्रभार सौंपा गया है।
उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल को बलरामपुर-रामानुजगंज अौर सूरजपुर जिले का प्रभार सौंपा गया है।