छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

रायपुर। कांग्रेस के केंद्रीय संगठन में मची उथल-पुथल और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से नए अध्यक्ष के लिए पार्टी के आला नेताओं को अधिकृत करने का असर अब छत्तीसगढ़ के नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा पर भी पड़ रहा है। बदले राजनीतिक समीकरण में यह संकेत मिल रहे हैं कि अब सीतापुर से चार बार के विधायक अमरजीत भगत को प्रदेश अध्यक्ष की जगह भूपेश सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है। राहुल गांधी से गुस्र्वार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुलाकात की थी।

कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो इस दौरान राहुल ने भगत को मंत्री बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। सबकुछ ठीक रहा तो भगत को विधानसभा सत्र से पहले मंत्री पद से नवाजा जा सकता है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत और मंत्री टीएस सिंहदेव ने राहुल गांधी से मुलाकात की।

महंत के साथ उनकी पत्नी कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत भी गई थी। दोनों नेताओं ने राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकमनाएं दी और प्रदेश के राजनीतिक हालात पर चर्चा की। वहीं, मंत्री टीएस सिंहदेव भी प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के साथ राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। करीब 20 मिनट की चर्चा में सिंहदेव ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज के साथ लोकसभा चुनाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

सिंहदेव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हुई थी, इसलिए वे शुक्रवार को मिलने पहुंचे थे। इधर, कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो अमरजीत भगत को पहले प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनती नजर आ रही थी। लेकिन राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने की अटकलों के बीच अब नए समीकरण बन रहे हैं।

चर्चा है कि अगर राहुल गांधी राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अगला कार्यकाल लेते हैं तो अधिकांश प्रदेश के अध्यक्षों को बदला जाएगा। अगर राहुल की जगह कोई नया राष्ट्रीय अध्यक्ष आता है, तो प्रदेश अध्यक्ष बदलना तय है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष की कमान अभी फिलहाल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास ही रहेगी।

कांग्रेस की राजनीति के जानकारों की मानें तो राहुल गांधी ने प्रदेश के चारों वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर ली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत, मंत्री ताम्रध्वज साहू और टीएस सिंहदेव ने मुलाकात के दौरान प्रदेश के राजनीतिक हालात की जानकारी दी है।

अब तक प्रदेश के नेताओं का फोकस नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर था। लेकिन राहुल गांधी से मुलाकात के बाद समीकरण बदल गये। सरगुजा लोकसभा में सभी विधायक कांग्रेस के होने के बाद भी लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। मोदी सरकार ने बड़ा दांव खेलते हुए रेणुका सिंह को मंत्री बनाया है। अब प्रदेश में भी अमरजीत को मंत्री बनाकर भविष्य के चुनावी समीकरण को साधने की कांग्रेस कोशिश करेगी।

रायपुर। बिजली की उपलब्धता के मामले में छत्तीसगढ़ देश के श्रेष्ठ पांच राज्यों में शामिल है। बिजली कंपनी ने केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के आधार पर यह दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 22 घंटें तक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। बिजली कंपनी के अध्यक्ष शैलेंद्र शुक्ला ने कहा कि राज्य में बिजली की अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए अत्याधुनिक टेक्नालाजी का उपयोग किया जा रहा है, फलस्वरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति हो रही है।

प्रदेश में स्थापित विद्युत प्रणालियों में आने वाली खराबी तथा इससे उत्पन्न् व्यधान को न्यूनतम समय में पूरा करने में कामयाबी मिली है। शुक्ला ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने अपने वेबपोर्टल पर विभिन्न् प्रदेशों की बिजली व्यवस्था का मूल्यांकन कर राज्यों को उनके उत्कृष्ट कार्य हेतु रेटिंग किया गया। इस सूची में छत्तीसगढ़ राज्य के बिजली व्यवस्था को देश के उत्कृष्ट श्रेणी में अंकित किया गया।

केंद्र सरकार की सेफी (सिस्टम एवरेज इंटरप्शन फ्रिक्वेंसी इंडेक्स) की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के डिवीजनों के फीडरों का भी मूल्यांकन किया गया। इस प्रतिवेदन के अनुसार छत्तीसगढ़ के फीडरों को टॉप थ्री में स्थान दिया गया है।

अध्यक्ष शुक्ला ने बताया कि देश भर के विभिन्न् राज्यों के ग्रामीण फीडरों में बिजली की उपलब्धता 9 से 22 फीसद तक रही। इसकी तुलना में छत्तीसगढ़ राज्य में औसतन प्रतिदिन 22 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। ग्रामीण अंचलों में बिजली की आवश्यकता कृषि कार्यों में सर्वाधिक होता है।

कृषि पम्पों के लिए पृथक किए गए ग्रिड में निश्चित समय के लिए बिजली बंद की जाती है अन्यथा ऐसे फीडर, जिनमें कृषि पम्पों के साथ अन्य कनेक्शन भी हैं, उनमें निरंतर विद्युत प्रवाह सुनिश्चित किया जाता है।

केवल आंधी-तूफान व भारी वर्षा के समय ब्रेकडाउन अथवा मरम्मत कार्यों के लिए शटडाउन लेने पर बिजली सप्लाई प्रवाहित होती है। यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि कम से कम समय में बिजली सप्लाई पुन: चालू कर ली जाए।

बिलासपुर . जबरन दुष्कर्म की वजह से गर्भ ठहरने की जानकारी देते हुए युवती ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत कर एबॉर्शन की अनुमति मांगी थी। बिलासपुर के सीएमएचओ की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने इसकी अनुमति दी है। एमटीपी एक्ट के तहत एबार्शन के लिए निर्धारित अवधि से अधिक हो चुकी है, इस वजह से हाईकोर्ट ने शनिवार को सिम्स में एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम को एबार्शन करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कुदुदंड में रहने वाले युवक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के कारण हाईकोर्ट ने भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर के कुदुदंड में रहने वाले युवक मनीष शुक्ला पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए युवती ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत कर कहा है कि इस वजह से वह गर्भवती हो गई है। उसने हाईकोर्ट से एबार्शन की अनुमति देने की मांग की थी।
मंगलवार को याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस प्रशांत मिश्रा की बेंच ने युवती को बुधवार को बिलासपुर के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। सीएमएचओ को युवती का स्वास्थ्य परीक्षण कर यह बताने के निर्देश दिए गए थे कि एमटीपी एक्ट 1971 के प्रावधानों के मुताबिक गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है या नहीं? हाईकोर्ट ने राज्य शासन को मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। गुरुवार को सीएमएचओ की तरफ से रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया कि भ्रूण करीब 19 सप्ताह का है।
रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने युवती को एबार्शन की अनुमति दे दी है। युवती को गुरुवार या शुक्रवार की सुबह सिम्स में एडमिट होने के लिए कहा गया है। सिम्स अधीक्षक को दो एक्सपर्ट डॉक्टरों की जिम्मेदारी तय कर युवती से कंसेट लेते हुए एबार्शन करने के लिए कहा गया है। वहीं, सिविल लाइन में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के कारण भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

रायपुर | अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के कारण लगातार दूसरे दिन सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई। शुक्रवार को सोना स्टैंडर्ड 500 रुपए की बढ़त के साथ 35,250 रुपए प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इससे पहले सोने ने इसी साल फरवरी में 34,500 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार किया था। इसके विपरीत चांदी 300 रुपए लुढ़ककर 38,700 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव बिकी। इससे पहले गुरुवार को सोना एक ही दिन में 800 रुपए उछला था, जबकि चांदी में एक हजार रुपए की तेजी दर्ज की गई थी। जानकारों के मुताबिक अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता गया तो सोना आैर भी महंगा हो सकता है। इस साल जनवरी से अब तक सोना 2,650 रुपए तक महंगा हुआ है।

पांच सरकारी मेडिकल कालेजों को हुआ फायदा
रायपुर . केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों के लिए देश के 17 राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई हैं। छत्तीसगढ़ में पांच मेडिकल कॉलेजों में 120 सीटें बढ़ी हैं। इसमें से 30 सीटें रायपुर को मिली हैं। अब रायपुर में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़कर 180 हो गईं। सिम्स बिलासपुर में 150 से 180, राजनांदगांव में 100 से 125, रायगढ़ में 50 से 60, जगदलपुर में 100 से 125 सीटें हो गई हैं। इस तरह से पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 550 से बढ़कर 670 हो गई हैं।

अंबिकापुर में 100 सीटों पर जीरो ईयर हो गया है। मान्यता मिलती तो वहां सीटें 100 से बढ़कर 125 हो जातीं। यानी कुल 125 सीटों का नुकसान हो गया है। निजी कॉलेज के जीरो ईयर को मिला दें तो सीटों का नुकसान बढ़कर 275 हो गई है। नए सत्र में पांच सरकारी समेत दो निजी मेडिकल कॉलेजों में अब एमबीबीएस की सीटें 850 से बढ़कर 970 हो गई हैं। चंदूलाल कॉलेज दुर्ग में भी 150 सीटों में जीरो ईयर हो गया है। प्रदेश में नए सत्र के लिए शुक्रवार से ऑनलाइन काउंसिलिंग भी शुरू हो गई है। पहले दिन 100 से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है।
बढ़ी हुई सीटों के बाद सरकारी कॉलेजों की स्थिति
कॉलेज    वर्तमान    बढ़ी सीटें    कुल
रायपुर     150     30     180
बिलासपुर    150     30     180
राजनांदगांव    100     25     125
जगदलपुर    100     25     125
रायगढ़     50     10     60
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रदेश के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 120 सीटें बढ़ाई है। यह अच्छी खबर है। बढ़ी हुई सीटों पर एडमिशन इसी सत्र से होगा। - डॉ. एसएल आदिले, डीएमई

 
 

एक्यूट इनसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार ने बिहार के बाद अब छत्तीसगढ़ को भी अपने चपेट में ले लिया है. बस्तर के जगदलपुर में चमकी बुखार से 1 बच्चे की मौत का मामला सामने आया है. बिहार में इस जानलेवा बीमारी से अभी तक 156 बच्चों की मौत हो चुकी है. बस्तर के जगदलपुर डिमरापाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती एक बच्चे की मौत चमकी बुखार से हो गई है.

जगदलपुर के डिमरापाल शासकीय मेडिकल कॉलेज में चमकी बुखार से पीड़ित 3 बच्चों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. इनमें से गंभीर रूप से बीमार 1 बच्चे की मौत हो गई है. मृतक बच्चे का नाम भुवने नाग है जिसकी उम्र 4 वर्ष थी.



बच्चे की मौत की खबर आने पर राजधानी रायपुर से चिकित्सकों का 1 दल बस्तर के जगदलपुर के लिए रवाना हो गया है. चमकी बुखार की दस्तक की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल जांच दल बनाया और उसे जगदलपुर के लिए रवाना किया.

पीड़ित दो बच्चों का इलाज जारी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते 18 जून को बस्तर के चोलनार गांव से मासूम भुवाने नाग को गंभीर हालत में मेकाॅज में भर्ती करवाया गया था. मासूम की जांच के बाद जो रिपोर्ट आई है उसमें जेई के अलावा एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के भी लक्षण पाए गए थे.

वहीं इलाज से अन्य दो बच्चे 7 साल के कुमार मंडावी और 3 वर्ष के इतियासा की सेहत में सुधार हो रहा है. पिछले कुछ वर्षों में बस्तर में जेई से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए आ रहे थे, लेकिन इस साल एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम यानी चमकी बुखार की भी शिकायत के साथ यहां पहुंच रहे हैं.

छत्तीसगढ़ में पुलिस कर्मियों को एक बड़ा लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है. पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने के लिए पुलिस विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं. जिलों के एसपी को ये आदेश जारी किया गया है. एसपी को साप्ताहिक अवकाश के लिए रोस्टर बनाना है. सूत्रों के मुताबिक कई जिलों के एसपी ने रोस्टर तैयार भी कर लिया है. कई जगहों पर पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू हो गया है.

डीजीपी डीएम अवस्थी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पुलिस कर्मियों को अब साप्ताहिक अवकाश मिलेगा. डीजीपी अवस्थी ने कहा कि पुलिस विभाग ने सप्ताहिक अवकाश के लिए आदेश जारी कर दिया गया है. कई जगहों पर पुलिस कर्मियों को सप्ताहिक अवकाश मिलना शुरू भी हो गया है. जहां नहीं मिल रहा है, वहां भी जल्द ही अवकाश मिलना शुरू हो जाएगा.



पुलिस परिवार ने किया था आंदोलन
बता दें कि जून 2018 में प्रदेशभर के पुलिस परिवारों ने राजधानी रायपुर में आंदोलन किया था. इस आंदोलन में पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिए जाने की मांग प्रमुख थी. प्रदेश में दिसंबर 2018 में नई सरकार बनने के बाद पुलिस कर्मियों की मांग को लेकर एक समिति गठित की गई थी. इसमें पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की मांग को प्रमुखता से मानने की बात कही गई थी. इसके बाद गठित एक समिति ने अपनी रिपोर्ट विभाग को दी. फिर आगे की कवायद शुरू हो गई है.

रायपुर। प्रदेश के आम नागरिकों की समस्याओं और उनकी मांगों से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब सीधे रू-ब-रू होंगे.सीएम बघेल अब हर बुधवार को जन चौपाल के लिए जरिए प्रदेश की जनता से मिलकर उनकी मांगों और समस्याओं को सुनेंगे और उनके निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को देंगे.

जन चौपाल कार्यक्रम राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हर बुधवार को प्रातः 11 बजे से आयोजित होगा. जन चौपाल की शुरूआत आगामी 3 जुलाई से हो रही है. इसके जरिए आम नागरिकों को अपने क्षेत्र की समस्याएं और मांगें सीधे मुख्यमंत्री को बताने का मौका मिलेगा.

बारात गाड़ी गीदम से बीजापुर की तरफ जा रही थी
हादसे में पिकअप सवार बुरी तरह जख्मी हुए हैं
बीजापुर. बीजापुर जिले के नेसलनार में बुधवार देर रात बारात गाड़ी और पिकअप के बीच टक्कर होने से 8 बारातियों की मौत हो गई। जबकि 20 से ज्यादा घायल हैं। इनमें कई गंभीर हैं। घायलों को भैरमगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को भैरमगढ़ अस्पताल रेफर किया गया। बाराती गाड़ी गीदम से बीजापुर की तरफ जा रही थी। दुर्घटना रात 11 बजे की है। हादसे में पिकअप सवार बुरी तरह से जख्मी हुए हैं।

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