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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

जगदलपुर: जगदलपुर से महज़ 30 किलोमीटर में स्थित विकास खण्ड लोहण्डीगुड़ा के ग्राम बेलर के खालेपारा में कल दिनांक 3-7-2019 को किसी किसान द्वारा सम्भवतः बाड़ी में लगाये गये बीज में ज़हर मिलाकर छिड़काव करने के कारण सैकड़ों मुर्गियों की मौत हो गई। जिसके कारण किसानों को बहुत अधिक आर्थिक नुकसान हुआ। बता दें कि बस्तर में ग्रामीणों के व्यव्सायों में से एक व्यवसाय मुर्गी पालन भी है, बहुत से किसान खेती के साथ इसे भी अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए उपयोगी व्यवसाय मानते है। किसान हमेशा से किसी न किसी आपदा का शिकार होता रहा है।

बस्तर के किसान तो वैसे भी बहुत ही परेशानियों के बीच गरीबी को झेल रहा है, जो सर्वविदित है। मुर्गियों की कीटनाशक के सेवन से अचानक मौत के कारण ग्रामीणों पर संकट का बादल अचानक छा गया। सभी जानते है बस्तर के किसान आर्थिक रूप से लगभग कमजोर ही होते हैं, जिसकी पूर्ति के लिए मूर्गी, बत्तख, बकरी, भेड़, आदि पालकर रखते है, और आवश्कतानुसार उन्हें बेच कर अपने आवश्कता की पूर्ति करते हैं। लेकिन इस घटना से व्यथित ग्रामीण महिला सुदनी एवं अवन्ति आदि ने रो-रो कर बताया “हमारे इलाके में अचानक मुर्गियों के मौत से हमारे जीवन में बहुत बड़ा पहाड़ टूट पड़ा अब हम हमारे बच्चों को कैसे पढ़ायेंगे एवं खेती का काम कैसे करेंगे” इन दोनों महिलाओं ने बताया “छोटे चूजों के अलावा लगभग प्रत्येक के मुर्गा ,मुर्गी 20,22,की संख्या में काल के गाल में समा गये जिसे बेचने पर हजारों रुपय प्राप्त होते जिससे हमारा जीवन बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है”

इतनी मुर्गियों की मौत लगभग 1 घण्टे के अंदर हुई, जिसे देखते हुये पशुचिकित्सक ने उन मुर्गियों को तत्काल कम से कम दो फीट ज़मीन के अंदर खोद कर गाड़ने की सलाह दी एवं बची हुई मुर्गियों को अपने घर के अंदर रखने की सलाह दी एवं मुर्गियों को नींबू रस युक्त पानी पिलाने की सलाह दी एवं कम से कम कीटनाशक के उपयोग हेतु भी अपील किया

क्या शासन प्रशासन के पास इस अचानक आये आपदा हेतु कोई योजना है यदि है तो इन ग्रामीण किसानों को तत्काल मदद करने की कार्यवाही की जानी चाहिए।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार नें आज से मुख्यमंत्री जन चौपाल की शुरुआत की. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सिविल लाइन स्थित निवास से बुधवार को जनता के बीच जन चौपाल की शुरुआत की है। सीएम हर सप्ताह बुधवार के दिन सुबह 11 बजे चौपाल लगाकर जनता की समस्याओं को सुनेंगे। आज पहले दिन सुबह 7 बजे से ही काफी संख्या में लोग दूरदराज इलाकों से अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे है। सीएम बघेल ने वेबसाइट का शुभारंभ कर जन चौपाल कार्यक्रम की शुरूआत की।  इस बीच सीएम हाउस के बाहर तगड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। निगम मंडलों में नियुक्ति की मांग को लेकर भी कई लोग प्रदेश के दूर दराज से आए हैं। अनेक जरूरतमन्द मरीजों ने “जन चौपाल कार्यक्रम” में प्रदेश मुखिया से मिलकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याएं सहानुभूति पूर्वक सुनीं और मदद का आश्वासन दिया।

इस मामले नें भी राजनैतिक तूल पकड़ा

जन चौपाल में एक और मामले नें मीडिया जगत में काफी सुर्खिया बटोरी, जिसमें ये कहा गया कि ‘लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा’ दरअसल छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल के लोग गमछा पहनते है, सुरक्षा के लिहाज़ से सी.एम. आवास के बाहर लोगों के गमछे उतरवा दिये गये. मुख्यमंत्री की सुरक्षा में उतरवाए गए गमछो नें राजनैतिक तूल पकड़ा और कुछ लोगों द्वारा इसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति और सम्मान पर ठेस पहुँचाने की बात कह डाली.

सुरक्षा के लिहाज़ से लोगों के गमछे 

जन चौपाल तक पहुँचाने का तरीका

जन-चौपाल में पहुंचने वालों को सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करने के बाद एक नंबर दिया जाएगा. उस नंबर के आधार पर लोगों को प्रवेश दिया जाएगा. सी.एम. बघेल के जन-चौपाल के दौरान मुख्य सचिव सुनील कुजूर, पुलिस विभाग से डी.जी.पी. डी.एम. अवस्थी सहित अन्य विभागों के आला अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल न केवल लोगों की समस्याएं सुनेंगे बल्कि यथा संभव समस्याओं का निराकरण भी करेंगे.


भैयाथान (प्रकाश दुबे) राजनीति जीवन मे शनघर्स से सभी चीजों पर विजय पाने वाले अनन्तः अपनी जिंदगी की जंग हार गए जिले के भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष अरविंद दुबे लम्बे समय से उनकी स्वास्थ्य खराब चल रही थी जिसका इलाज मेडिकल कॉलेज रायपुर से चल रहा था।जिसके बाद अचानक कल वे अपनी अंतिम सांस ली श्री दुबे शैक्षणिक संस्थान से भी जुड़े रहे उन्होंने शिक्षकी कार्य छोड़ कर राजनीति का दामन उस समय थामा जब क्षेत्र में भाजपा का झंडा उठाने के लिए कोई नहीं चाहता था श्री दुबे अपनी संघर्ष की राजनीति के लिए जाने जाते थे वे पार्टी में मंडल अध्यक्ष का भी सभी कार्यों का बखूबी निर्वहन किया श्री दुबे ने जनपद सदस्य का चुनाव हारने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी अंततः जनपद सदस्य निर्वाचित हुए  उसके पश्चात उन्होंने जनपद उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए और वे लोक न्यास ट्रस्ट कुदरगढ़ के मेला अध्यक्ष जैसे पदों का भी बखूबी निर्वहन किया ।वे विधायक स्वर्गीय शिवप्रताप सिंह जी के भी विधायक प्रतिनिधि भी रहे वे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सदैव शनघर्ष रत थे।उनके निर्धन से पूरे भैयाथान में शोक का माहौल है मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार मुक्ति धाम कोयलारी में किया गया इस दौरान बड़ी संख्या में उनके चाहने वालों ने अंतिम विदाई दी।

*वही भटगांव की पूर्व विधायक रजनी त्रिपाठी ने कहा कि यह बीजेपी के कर्मठ कार्यकर्ता थे इनके जाने से पार्टी को जो छति हुई है वह अपूनिय है।श्री दुबे भैयाथान क्षेत्र के  निष्ठावान कार्यकर्ता वह  जुझारू कार्यकर्ता में गिने जाते थे जिनके बदौलत कई अनेक कार्य हुए जीसे पार्टी कभी नही भूलेगी वही इस दुःख की घड़ी में उनके परिवार को ईस्वर से शम्बल प्रदान करने की शक्ति दे में यही कामना करती हूं।*

*प्रदेश महामंत्री भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि श्री दुबे मिलनसार व मिर्दुभासी व्यक्तित्व के धनी थे और यह पार्टी के लिए उनके जाने से पार्टी में जो रिक्त स्थान हुई है इसकी पूर्ति नही की जा सकती है और इस दुख की घड़ी में ईस्वर उनके परिवार को शक्ति प्रदान करे।*

*बीजेपी जिला अध्यक्ष सरगुजा अखिलेश सोनी ने कहा कि अरविंद दुबे के इस असमय मौत पर पार्टी के लिए अपूरणीय छति हुई है।*

*जिलाध्यक्ष बीजेपी सूरजपुर रामकृपाल साहू ने कहा कि श्री दुबे सजग  व शक्रिय कार्यकर्ता व भैयाथान के आधार स्तम्भ कहलाते थे। इस दुख की घड़ी में पार्टी उनके परिजन के साथ है।*

*पत्रकार उपेंद्र दुबे ने कहा कि उनके इस निर्धन पर व एक पत्रकार के नाते व्यक्तिगत छति है श्री दुबे लम्बे समय से समाज सेवा के साथ साथ पत्रकारिता से भी जुड़े थे और पत्रकारिता जीवन जो छाप छोड़ गए वह अमिट है उनके इस  मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया ।*

*जिला मीडिया प्रभारी शशि तिवारी ने कहा कि अरविंद दुबे के इस असमय उनके मौत पर पार्टी के साथ साथ समाज व पत्रकारिता जगत में इनकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी और अपूरणीय छति बताया* smartphone.
 
 
 
 
 
 
 
 

रायपुर 3 जुलाई 2019। हाईकोर्ट ने कहा है कि अजीत जोगी को जाति के मामले में बनी हाईपावर कमेटी के सामने पेश होना होगा, वहीं जोगी को जाति संबंधी दस्तावेज को एक महीने के भीतर सौंपने के भी निर्देश दिये गये हैं। हाईपावर कमेटी के सामने पेश होने से राहत दिये जाने को लेकर दायर याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस की डबल बैंच में आज इस मामले में सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया।

cast of ajit jogi

 

क्या था मामला?

जोगी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उच्च स्तरीय छानबीन समिति की रिपोर्ट और अनुशंसा को रद्द करने की मांग की थी। हाई पॉवर कमेटी ने जोगी को कंवर आदिवासी नहीं माना था। इनके अलावा अजीत जोगी की जाति संत कुमार नेताम और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय नें भी चुनौती दी थी. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी. बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता की युगल पीठ नें 21 नवम्बर 2017 को अंतिम सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाई पॉवर कमेटी ने 23 मार्च 2018 को जोगी को नोटिस जारी कर 10 मई 2018 को बयान दर्ज कराने उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ जोगी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। एकलपीठ ने याचिका को अपरिपक्कव बताते हुए खारिज किया था।

इसके बाद जाति छानबीन समिति ने दूसरा नोटिस जारी कर जोगी को बयान दर्ज कराने 30 मई 2019 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इस पर जोगी ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है।

उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति के आदेश के खिलाफ जोगी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें आइ.ए.एस. रीनाबाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में गठित समिति की वैधता को चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने समिति के गठन को अवैधानिक कहा है, फिर भी सरकार को नई समिति गठित कर जांच करने की छूट दी।

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना अंतर्गत गरूवा कार्यक्रम के तहत कांकेर जिले के विकासखण्ड नरहरपुर के ग्राम मानिकपुर में मॉडल गौठान का निर्माण किया गया है। गौठान का निर्माण 3.5 एकड़ में किया गया है, जिसमें से 3 एकड़ भूमि में चारागाह का विकास किया जा रहा है। ग्राम में कुल पशुओं की संख्या 284 है। चारागाह में पशुओं की व्यवस्था हेतु बोर खनन कराया गया है। इसके अतिरिक्त तालाब भी बनाया गया है, जो चारागाह से लगा हुआ है। गौठान के चारों ओर सी.पी.टी. और भूमि समतलीकरण का कार्य मनरेगा के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है। गौठान निर्माण के कार्यो में ग्रामीण महिलाओं का विशेष योगदान है। महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं घुरवा अंतर्गत खाद, इलेक्ट्रिल पोल, चारा निर्माण कार्य में लगी हैं, जिससे उन्हें आय की प्राप्ति भी हो रही है। चारागाह में 3 एकड़ भूमि में नेपियर घास लगाया गया है। गौठान में ग्राम के समस्त पशुओं को एकत्र कर पशुधन विकास विभाग द्वारा टीकाकरण, उपचार, दवा वितरण कृमिनाशक दवापान, कृत्रिम गर्भाधान का कार्य किया जा रहा है।

    पशु चिकित्सा सेवायें के उप संचालक ने बताया कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना से मॉडल गौठान में हरा चारा पानी की व्यवस्था की गई है। एक ही जगह पर पूरे पशुओं के रखने पर गोबर खाद की उपलब्धता अधिक मात्रा में होगी। जिनके घर में पर्याप्त पशु रखने जगह नहीं है, उनके पशु आवारा की तरह नहीं घूमेंगी, इसके लिए काफी सुविधा होगी। खेत का नुकसान पहंुचाने एवं सड़क दुर्घटना में कमी आएगी। गोबर, खाद, जैविक खाद की उपयोगिता से रासायनिक खाद की खरीदी कम होगी, इसमें ग्रामीणों की आर्थिक मदद में सहायक होगी। गौमूत्र से कीटनाशक बनाने पर बाजार में कीटनाशक खरीदी कम होगी एवं पैसे की बचत होगी। किसानों के समग्र विकास एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृृढ़ बनाने के उद्देश्य से यह कार्य प्रारंभ की गई है जिससे ग्राम की तस्वीर बदलेगी।

 

राज्य सरकार द्वारा बिजली बिल आधा करने से जिले के हजारों परिवारों को राहत मिली है। राज्य सरकार की घोषणा को अमल में लाया जा रहा है। लोगों  के चार सौ यूनिट तक बिजली खर्च करने पर भी बिल आधी राशि का बिल आता है। लोगो के चेहरे से बिजली बिल का तनाव खत्म हो गया है। कुछ माह पहले तक लोगो को बड़ी राशि बिजली में खर्च करना पड़ता था। बिजली बिल लोगों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन गया था।
    विकासखण्ड नवागढ़ के ग्राम पचेड़ा के किसान श्री गणेशु ने बिजली बिल दिखाते हुए खुशी जाहिर की। उसने बताया कि इस माह वह मात्र 50 रूपए बिल जमा किया है। वह अपनी आमदनी से इतनी राशि आसानी से पटाने में सक्षम है। श्री गणेशु ने बताया कि  तीन माह पहले तक हर माह 3 से 4 सौ रूपये या अधिक बिल जमा करना पड़ता था। एक एकड़ की खेती की आय एवं बड़े परिवार की जिम्मेदारी के साथ बिजली बिल की अधिक राशि भी बड़ी परेशानी का कारण बन जाता था। उन्होंने राज्य सरकार को इस जनहितैषी योजना के  लिए धन्यवाद दिया है। 
    उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के निर्णय से घरेलु विद्यतु उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। निर्णय अनुसार एक मार्च 2019 से चार सौ यूनिट तक के बिजली उपयोग करने पर आधी राशि का बिल दिया जाता है। जिससे उपभोक्ताओं के चेहरे खिल गए हैं। इस योजना का लाभ फ्लैट रेट चयन करने वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। फ्लैट रेट 100 रूपए के स्थान पर केवल 50 रूपए जमा करना होगा। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के बाद ऐसा निर्णय पहली बार लिया गया है। योजना के तहत 400 यूनिट के स्लैब में ज्यादातर उपभोक्ता शामिल होंगे तथा 400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताआंे को भी इसका लाभ मिलेगा। 

बस्तर संभाग में किसानों की मांग के अनुरूप खरीफ फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज का भण्डारण है। किसानों को सहकारी समितियों को माध्यम से वितरण भी किया जा रहा है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर.बी. सिंह के अनुसार एक जुलाई की स्थिति में बस्तर संभाग में 30 हजार 254 क्विंटल धान का बीज वितरित किया जा चुका है। इसी तरह यूरिया, सुपर फासफेट, डीएपी, इफको और पोटास भी पर्याप्त मात्रा में भंडारित है। अब तक 56 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत का लगभग 27 हजार 197 टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है। 
    प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों को खरीफ फसल के लिए मुख्य रूप से धान के प्रमाणित बीज का वितरण किया जा रहा है। एक जुलाई की स्थिति में बस्तर संभाग में 30 हजार 254 क्विंटल धान बीज का वितरण किया जा चुका है। अभी समितियों के पास लगभग 13 हजार क्विंटल बीज समितियों में उपलब्ध है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर जिले में 5099 क्विंटल, कोेंडागांव में 5314 क्विंटल ,नारायणपुर में 970 क्विंटल, कांकेर में 12060 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 823 क्विंटल, सुकमा में 2398 क्विंटल और बीजापुर जिले में 3588 क्विंटल धान बीज का वितरण किया जा चुका है। इसी तरह संभाग में 11063 टन यूरिया, 2155 टन सुपर फास्फेट, 10146 टन डीएपी, 361 टन इफको और 3471 टन पोटास का वितरण किया गया है। यूरिया, सुपर फासफेट, डीएपी, इफको और पोटास मिलाकर बस्तर जिले में 5257 टन, कोण्डागांव 5077,नारायणपुर 359,कांकेर 13520, सुकमा 1644 तथा बीजापुर में 1031 टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है। 

राज्य शासन ने बिलासपुर, राजनांदगांव और बेमेतरा जिले के दस जल परियोजनाओं के निर्माण एवं मरम्मत के लिए 32 करोड़ दो लाख 48 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। इन जल परियोजनाओं के निर्माण से 924 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। 
बिलासपुर जिले के विकासखण्ड मरवाही की घुरदेव नाला जलाशय योजना के निर्माण के लिए पांच करोड़ 21 लाख छह हजार रूपए की स्वीकृति दी गयी है। योजना के निर्माण से 175 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो सकेगी। राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड खैरागढ़ की आमनेर नदी पर कुम्ही-कोयलीकछार एनीकट के निर्माण के लिए दो करोड़ 43 लाख 65 हजार रूपए की स्वीकृति दी गयी है। योजना के निर्माण से निस्तारी और भू-जल संवर्धन के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा और 124 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। 
बेमेतरा जिले के विकासखण्ड नवागढ़ की हेम्प नदी पर भदराली एनीकट के लिए दो करोड़ 99 लाख 35 हजार रूपए की स्वीकृति जारी की गयी है। इस एनीकट के निर्माण से 130 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड साजा की सुरही नदी पर देवकर के पास शिवघाट एनीकट योजना के निर्माण के लिए दो करोड़ 98 लाख 14 हजार रूपए जारी किए गए है। योजना के निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। सुरही नदी पर ही कोंगियाखुर्द एनीकट निर्माण के लिए दो करोड़ 97 लाख 91 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के पूरा होने पर 70 हेक्टेयर क्षेत्र में  सिंचाई हो सकेगी। सुरही नदी पर सोनपांडर एवं बरगांव के बीच एनीकट निर्माण के लिए दो करोड़ 94 लाख 77 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। एनीकट के निर्माण से 75 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो सकेगी। सुरही नदी पर बासिन तटबंध सुरक्षा कार्य के लिए दो करोड़ 98 लाख 26 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। सुरही नदी पर अकलवारा एनीकट निर्माण के लिए दो करोड़ 95 लाख 48 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इससे 80 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो सकेगी। विकासखण्ड साजा की डोंटू नाला पर खम्हरिया स्टापडेम और पचरी निर्माण के लिए दो करोड़ 97 लाख 30 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। योजना के पूर्णतः पर 75 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
बेमेतरा जिले के विकासखण्ड बेरला की सुरही नदी पर कुम्हीगुडा एनीकट के निर्माण के लिए दो करोड़ 96 लाख 56 हजार रूपए की स्वीकृति जारी की गयी है। योजना के निर्माण से 95 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। महानदी बेसिंन पर वर्षा और मौसम में बदलाव के अध्ययन के लिए कम्प्यूटर आधारित तंत्र की स्थापना के लिए 60 लाख रूपए की स्वीकृति जारी की गयी है।

 

श्रम मंत्री डाॅ. शिव कुमार डहरिया ने आज यहां सिविल लाईन स्थित आडिटोरियम में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। डाॅ. डहरिया ने कहा कि श्रम विभाग श्रमिकों के कल्याण के लिए बना है। शासन के योजनाओं का क्रियान्वयन सहीं तरीके से और समय-सीमा में होना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक श्रमिकांे को उनका लाभ मिल सके। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न कारखानों में काम करने वाले श्रमिकांे की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। डाॅ. डहरिया ने श्रमिकों के बच्चों के कल्याण के लिए प्रदान की जा रही छात्रवृत्ति योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में श्रम विभाग के सचिव श्री सुबोध सिंह, उप श्रमायुक्त श्री एस.एल. जांगड़े, श्रीमती सरिता मिश्रा सहित प्रदेश भर के श्रमपदाधिकारी उपस्थित थे।

बिग ब्रेकिंग न्यूज 
खबर का असर
 
कवर्धा, जीवन दीप समिति जिला चिकित्सालय कबीरधाम के सिविल सर्जन सह अधीक्षक श्री कमल कुमार गजभिये, लेखापाल श्री जी.आर. चंद्रवंशी एवं स्टोर कीपर श्री ईश्वर साहू को वित्तीय अनियमितताओं एवं भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं करने पर कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा जीवन दीप समिति के स्टीवर्ड श्री सागर सिंह राजपूत को निलंबित किया गया है। कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने सिविल सर्जन डॉ गजभिये को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा स्टीवर्ड को निलंबित किया गया है और लेखापाल श्री चंद्रवंशी एवं स्टोर कीपर श्री ईश्वर साहू को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। निलंबन आदेश में कहा गया है कि श्री सागर सिंह राजपूत अपने पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने, भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं करने तथा फर्मो को भुगतान करने में गड़बड़ी करने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में श्री राजपूत को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया विकासखंड कवर्धा में पदस्थ किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। 
सिविल सर्जन डॉ. गजभिये को जारी कारण बताओ नोटिस में किया गया है कि जिला अस्पताल कबीरधाम के जीवनदीप समिति में कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय, कैशबुक, गार्ड फाईल एवं पिछले चार माह में किय गये आय व्यय की जांच अपर कलेक्टर कबीरधाम से कराया गया। अपर कलेक्टर कबीरधाम के द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में यह बताया गया है कि जीवनदीप समिति को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर से 27 जून 2017 द्वारा जिले में संचालित ई-हास्पिटल परियोजना के क्रियान्वयन हेतु दो किस्तों के कुल 18 लाख 34 हजार 783 रूपये प्राप्त हुआ था। उक्त प्राप्त राशि में से जीवनदीप समिति तथा अन्य कार्यो हेतु सामग्रियों का क्रय किया गया है साथ ही कार्यरत कर्मचारियो का मानदेय भुगतान किया गया है।
जीवनदीप समिति कबीरधाम के विगत माह फरवरी से मई तक आय-व्यय की जानकारी लिया गया। जीवनदीप समिति तथा रेगुलर फंड से खरीदी की सामग्रियों का बिल-व्हाऊचर, गार्ड फाईल का अवलोकन किये जाने पर समिति में क्रय किय गये सामग्रियों का भौतिक सत्यापन नहीं होना पाया गया। विगत चार माह में कुल 24 लाख 40 हजार 233 रूपये का खर्च विभिन्न मद में करते समय भण्डार क्रय तथा वित्तीय नियमों का पालन नही किया गया। जीवनदीप समिति को वाहन तथा ओ.पी.डी. से प्राप्त पूरी राशि को बैंक में जमा नहीं कर लगभग 75 प्रतिशत राशि जमा किया गया है, शेष राशि को कैश रखा गया है, जो वित्तीय नियमों के विपरीत है। फ्यूल हेतु नगद भुगतान वाहन चालक के माध्यम से किया जाता है। जीवनदीप में 12 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिसमें धोबी एवं स्वीपर के नियुक्ति आदेश नस्ती में संलग्न नहीं है। 
जीवनदीप समिति के मेनुअल अनुसार सिविल सर्जन को 50 हजार रूपये तक का अधिकार दिया गया है, किन्तु 50 हजार रूपये से अधिक की राशि का भुगतान छोटे-छोटे बिल व्हाऊचर प्रस्तुत कर एक मुस्त राशि चेक के माध्यम से किया गया। कई बिल में बिल नम्बर सिरयल से अंकित नहीं है, परन्तु दिनांक अलग-अलग दर्शित है जो संदिग्ध प्रतीत होता है, इसी प्रकार जिला चिकित्सालय कबीरधाम में धोबीघाट निर्माण पुराने, नये तथा चबुतरा निर्माण के नाम पर अन्नु टण्डन “द“ वर्ग ठेकेदार को लगातार भुगतान 25-25 हजार रूपये का किया गया है जिसमें बिल क्रमांक तथा दिनांक एक ही है। ठेकेदार द्वारा स्टीमेट के आधार पर निर्माण कार्य किया गया है, परन्तु मूल्यांकन नहीं कराया गया। चेक जारी पंजी में जितने भी संबंधित फर्मो को चेक जारी किये गये है। उसमें सभी की पावती संबंधित लिपिक (सागर सिंह राजपूत के द्वारा पावती दिया गया) अंकित है। इस प्रकार जीवनदीप समिति के माध्यम से जो व्यय किया गया है, वह वित्तीय नियमों के वितरीत है तथा भण्डार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया। जीवनदीप समिति के माध्यम से क्रय किये गये सामग्रियों का अनुमोदन भी नहीं लिया गया। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि जीवनदीप समिति में घोर वित्तीय अनियमितता एवं लापरवाही बरती गई है। उपरोक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1965 के विपरीत है। इस संबंध में तीन दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर कारण बताएं कि क्यों न उक्त लापरवाही एवं वित्तीय अनियमितता के कारण आपके विरूद्व अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये।

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