ईश्वर दुबे
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Bhilai
जगदलपुर: जगदलपुर से महज़ 30 किलोमीटर में स्थित विकास खण्ड लोहण्डीगुड़ा के ग्राम बेलर के खालेपारा में कल दिनांक 3-7-2019 को किसी किसान द्वारा सम्भवतः बाड़ी में लगाये गये बीज में ज़हर मिलाकर छिड़काव करने के कारण सैकड़ों मुर्गियों की मौत हो गई। जिसके कारण किसानों को बहुत अधिक आर्थिक नुकसान हुआ। बता दें कि बस्तर में ग्रामीणों के व्यव्सायों में से एक व्यवसाय मुर्गी पालन भी है, बहुत से किसान खेती के साथ इसे भी अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए उपयोगी व्यवसाय मानते है। किसान हमेशा से किसी न किसी आपदा का शिकार होता रहा है।

बस्तर के किसान तो वैसे भी बहुत ही परेशानियों के बीच गरीबी को झेल रहा है, जो सर्वविदित है। मुर्गियों की कीटनाशक के सेवन से अचानक मौत के कारण ग्रामीणों पर संकट का बादल अचानक छा गया। सभी जानते है बस्तर के किसान आर्थिक रूप से लगभग कमजोर ही होते हैं, जिसकी पूर्ति के लिए मूर्गी, बत्तख, बकरी, भेड़, आदि पालकर रखते है, और आवश्कतानुसार उन्हें बेच कर अपने आवश्कता की पूर्ति करते हैं। लेकिन इस घटना से व्यथित ग्रामीण महिला सुदनी एवं अवन्ति आदि ने रो-रो कर बताया “हमारे इलाके में अचानक मुर्गियों के मौत से हमारे जीवन में बहुत बड़ा पहाड़ टूट पड़ा अब हम हमारे बच्चों को कैसे पढ़ायेंगे एवं खेती का काम कैसे करेंगे” इन दोनों महिलाओं ने बताया “छोटे चूजों के अलावा लगभग प्रत्येक के मुर्गा ,मुर्गी 20,22,की संख्या में काल के गाल में समा गये जिसे बेचने पर हजारों रुपय प्राप्त होते जिससे हमारा जीवन बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ है”
इतनी मुर्गियों की मौत लगभग 1 घण्टे के अंदर हुई, जिसे देखते हुये पशुचिकित्सक ने उन मुर्गियों को तत्काल कम से कम दो फीट ज़मीन के अंदर खोद कर गाड़ने की सलाह दी एवं बची हुई मुर्गियों को अपने घर के अंदर रखने की सलाह दी एवं मुर्गियों को नींबू रस युक्त पानी पिलाने की सलाह दी एवं कम से कम कीटनाशक के उपयोग हेतु भी अपील किया
क्या शासन प्रशासन के पास इस अचानक आये आपदा हेतु कोई योजना है यदि है तो इन ग्रामीण किसानों को तत्काल मदद करने की कार्यवाही की जानी चाहिए।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार नें आज से मुख्यमंत्री जन चौपाल की शुरुआत की. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सिविल लाइन स्थित निवास से बुधवार को जनता के बीच जन चौपाल की शुरुआत की है। सीएम हर सप्ताह बुधवार के दिन सुबह 11 बजे चौपाल लगाकर जनता की समस्याओं को सुनेंगे। आज पहले दिन सुबह 7 बजे से ही काफी संख्या में लोग दूरदराज इलाकों से अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे है। सीएम बघेल ने वेबसाइट का शुभारंभ कर जन चौपाल कार्यक्रम की शुरूआत की। इस बीच सीएम हाउस के बाहर तगड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। निगम मंडलों में नियुक्ति की मांग को लेकर भी कई लोग प्रदेश के दूर दराज से आए हैं। अनेक जरूरतमन्द मरीजों ने “जन चौपाल कार्यक्रम” में प्रदेश मुखिया से मिलकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याएं सहानुभूति पूर्वक सुनीं और मदद का आश्वासन दिया।
इस मामले नें भी राजनैतिक तूल पकड़ा
जन चौपाल में एक और मामले नें मीडिया जगत में काफी सुर्खिया बटोरी, जिसमें ये कहा गया कि ‘लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा’ दरअसल छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल के लोग गमछा पहनते है, सुरक्षा के लिहाज़ से सी.एम. आवास के बाहर लोगों के गमछे उतरवा दिये गये. मुख्यमंत्री की सुरक्षा में उतरवाए गए गमछो नें राजनैतिक तूल पकड़ा और कुछ लोगों द्वारा इसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति और सम्मान पर ठेस पहुँचाने की बात कह डाली.
जन चौपाल तक पहुँचाने का तरीका
जन-चौपाल में पहुंचने वालों को सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करने के बाद एक नंबर दिया जाएगा. उस नंबर के आधार पर लोगों को प्रवेश दिया जाएगा. सी.एम. बघेल के जन-चौपाल के दौरान मुख्य सचिव सुनील कुजूर, पुलिस विभाग से डी.जी.पी. डी.एम. अवस्थी सहित अन्य विभागों के आला अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल न केवल लोगों की समस्याएं सुनेंगे बल्कि यथा संभव समस्याओं का निराकरण भी करेंगे.
रायपुर 3 जुलाई 2019। हाईकोर्ट ने कहा है कि अजीत जोगी को जाति के मामले में बनी हाईपावर कमेटी के सामने पेश होना होगा, वहीं जोगी को जाति संबंधी दस्तावेज को एक महीने के भीतर सौंपने के भी निर्देश दिये गये हैं। हाईपावर कमेटी के सामने पेश होने से राहत दिये जाने को लेकर दायर याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस की डबल बैंच में आज इस मामले में सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया।

क्या था मामला?
जोगी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उच्च स्तरीय छानबीन समिति की रिपोर्ट और अनुशंसा को रद्द करने की मांग की थी। हाई पॉवर कमेटी ने जोगी को कंवर आदिवासी नहीं माना था। इनके अलावा अजीत जोगी की जाति संत कुमार नेताम और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय नें भी चुनौती दी थी. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी. बी. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता की युगल पीठ नें 21 नवम्बर 2017 को अंतिम सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाई पॉवर कमेटी ने 23 मार्च 2018 को जोगी को नोटिस जारी कर 10 मई 2018 को बयान दर्ज कराने उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इसके खिलाफ जोगी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। एकलपीठ ने याचिका को अपरिपक्कव बताते हुए खारिज किया था।
इसके बाद जाति छानबीन समिति ने दूसरा नोटिस जारी कर जोगी को बयान दर्ज कराने 30 मई 2019 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इस पर जोगी ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है।
उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति के आदेश के खिलाफ जोगी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें आइ.ए.एस. रीनाबाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में गठित समिति की वैधता को चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने समिति के गठन को अवैधानिक कहा है, फिर भी सरकार को नई समिति गठित कर जांच करने की छूट दी।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना अंतर्गत गरूवा कार्यक्रम के तहत कांकेर जिले के विकासखण्ड नरहरपुर के ग्राम मानिकपुर में मॉडल गौठान का निर्माण किया गया है। गौठान का निर्माण 3.5 एकड़ में किया गया है, जिसमें से 3 एकड़ भूमि में चारागाह का विकास किया जा रहा है। ग्राम में कुल पशुओं की संख्या 284 है। चारागाह में पशुओं की व्यवस्था हेतु बोर खनन कराया गया है। इसके अतिरिक्त तालाब भी बनाया गया है, जो चारागाह से लगा हुआ है। गौठान के चारों ओर सी.पी.टी. और भूमि समतलीकरण का कार्य मनरेगा के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है। गौठान निर्माण के कार्यो में ग्रामीण महिलाओं का विशेष योगदान है। महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं घुरवा अंतर्गत खाद, इलेक्ट्रिल पोल, चारा निर्माण कार्य में लगी हैं, जिससे उन्हें आय की प्राप्ति भी हो रही है। चारागाह में 3 एकड़ भूमि में नेपियर घास लगाया गया है। गौठान में ग्राम के समस्त पशुओं को एकत्र कर पशुधन विकास विभाग द्वारा टीकाकरण, उपचार, दवा वितरण कृमिनाशक दवापान, कृत्रिम गर्भाधान का कार्य किया जा रहा है।
पशु चिकित्सा सेवायें के उप संचालक ने बताया कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना से मॉडल गौठान में हरा चारा पानी की व्यवस्था की गई है। एक ही जगह पर पूरे पशुओं के रखने पर गोबर खाद की उपलब्धता अधिक मात्रा में होगी। जिनके घर में पर्याप्त पशु रखने जगह नहीं है, उनके पशु आवारा की तरह नहीं घूमेंगी, इसके लिए काफी सुविधा होगी। खेत का नुकसान पहंुचाने एवं सड़क दुर्घटना में कमी आएगी। गोबर, खाद, जैविक खाद की उपयोगिता से रासायनिक खाद की खरीदी कम होगी, इसमें ग्रामीणों की आर्थिक मदद में सहायक होगी। गौमूत्र से कीटनाशक बनाने पर बाजार में कीटनाशक खरीदी कम होगी एवं पैसे की बचत होगी। किसानों के समग्र विकास एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृृढ़ बनाने के उद्देश्य से यह कार्य प्रारंभ की गई है जिससे ग्राम की तस्वीर बदलेगी।
राज्य सरकार द्वारा बिजली बिल आधा करने से जिले के हजारों परिवारों को राहत मिली है। राज्य सरकार की घोषणा को अमल में लाया जा रहा है। लोगों के चार सौ यूनिट तक बिजली खर्च करने पर भी बिल आधी राशि का बिल आता है। लोगो के चेहरे से बिजली बिल का तनाव खत्म हो गया है। कुछ माह पहले तक लोगो को बड़ी राशि बिजली में खर्च करना पड़ता था। बिजली बिल लोगों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन गया था।
विकासखण्ड नवागढ़ के ग्राम पचेड़ा के किसान श्री गणेशु ने बिजली बिल दिखाते हुए खुशी जाहिर की। उसने बताया कि इस माह वह मात्र 50 रूपए बिल जमा किया है। वह अपनी आमदनी से इतनी राशि आसानी से पटाने में सक्षम है। श्री गणेशु ने बताया कि तीन माह पहले तक हर माह 3 से 4 सौ रूपये या अधिक बिल जमा करना पड़ता था। एक एकड़ की खेती की आय एवं बड़े परिवार की जिम्मेदारी के साथ बिजली बिल की अधिक राशि भी बड़ी परेशानी का कारण बन जाता था। उन्होंने राज्य सरकार को इस जनहितैषी योजना के लिए धन्यवाद दिया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के निर्णय से घरेलु विद्यतु उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। निर्णय अनुसार एक मार्च 2019 से चार सौ यूनिट तक के बिजली उपयोग करने पर आधी राशि का बिल दिया जाता है। जिससे उपभोक्ताओं के चेहरे खिल गए हैं। इस योजना का लाभ फ्लैट रेट चयन करने वाले उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। फ्लैट रेट 100 रूपए के स्थान पर केवल 50 रूपए जमा करना होगा। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के बाद ऐसा निर्णय पहली बार लिया गया है। योजना के तहत 400 यूनिट के स्लैब में ज्यादातर उपभोक्ता शामिल होंगे तथा 400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताआंे को भी इसका लाभ मिलेगा।
बस्तर संभाग में किसानों की मांग के अनुरूप खरीफ फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज का भण्डारण है। किसानों को सहकारी समितियों को माध्यम से वितरण भी किया जा रहा है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर.बी. सिंह के अनुसार एक जुलाई की स्थिति में बस्तर संभाग में 30 हजार 254 क्विंटल धान का बीज वितरित किया जा चुका है। इसी तरह यूरिया, सुपर फासफेट, डीएपी, इफको और पोटास भी पर्याप्त मात्रा में भंडारित है। अब तक 56 करोड़ 85 लाख रूपए की लागत का लगभग 27 हजार 197 टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार किसानों को खरीफ फसल के लिए मुख्य रूप से धान के प्रमाणित बीज का वितरण किया जा रहा है। एक जुलाई की स्थिति में बस्तर संभाग में 30 हजार 254 क्विंटल धान बीज का वितरण किया जा चुका है। अभी समितियों के पास लगभग 13 हजार क्विंटल बीज समितियों में उपलब्ध है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर जिले में 5099 क्विंटल, कोेंडागांव में 5314 क्विंटल ,नारायणपुर में 970 क्विंटल, कांकेर में 12060 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 823 क्विंटल, सुकमा में 2398 क्विंटल और बीजापुर जिले में 3588 क्विंटल धान बीज का वितरण किया जा चुका है। इसी तरह संभाग में 11063 टन यूरिया, 2155 टन सुपर फास्फेट, 10146 टन डीएपी, 361 टन इफको और 3471 टन पोटास का वितरण किया गया है। यूरिया, सुपर फासफेट, डीएपी, इफको और पोटास मिलाकर बस्तर जिले में 5257 टन, कोण्डागांव 5077,नारायणपुर 359,कांकेर 13520, सुकमा 1644 तथा बीजापुर में 1031 टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है।
राज्य शासन ने बिलासपुर, राजनांदगांव और बेमेतरा जिले के दस जल परियोजनाओं के निर्माण एवं मरम्मत के लिए 32 करोड़ दो लाख 48 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। इन जल परियोजनाओं के निर्माण से 924 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
बिलासपुर जिले के विकासखण्ड मरवाही की घुरदेव नाला जलाशय योजना के निर्माण के लिए पांच करोड़ 21 लाख छह हजार रूपए की स्वीकृति दी गयी है। योजना के निर्माण से 175 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो सकेगी। राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड खैरागढ़ की आमनेर नदी पर कुम्ही-कोयलीकछार एनीकट के निर्माण के लिए दो करोड़ 43 लाख 65 हजार रूपए की स्वीकृति दी गयी है। योजना के निर्माण से निस्तारी और भू-जल संवर्धन के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा और 124 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी।
बेमेतरा जिले के विकासखण्ड नवागढ़ की हेम्प नदी पर भदराली एनीकट के लिए दो करोड़ 99 लाख 35 हजार रूपए की स्वीकृति जारी की गयी है। इस एनीकट के निर्माण से 130 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। विकासखण्ड साजा की सुरही नदी पर देवकर के पास शिवघाट एनीकट योजना के निर्माण के लिए दो करोड़ 98 लाख 14 हजार रूपए जारी किए गए है। योजना के निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। सुरही नदी पर ही कोंगियाखुर्द एनीकट निर्माण के लिए दो करोड़ 97 लाख 91 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के पूरा होने पर 70 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। सुरही नदी पर सोनपांडर एवं बरगांव के बीच एनीकट निर्माण के लिए दो करोड़ 94 लाख 77 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। एनीकट के निर्माण से 75 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो सकेगी। सुरही नदी पर बासिन तटबंध सुरक्षा कार्य के लिए दो करोड़ 98 लाख 26 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। सुरही नदी पर अकलवारा एनीकट निर्माण के लिए दो करोड़ 95 लाख 48 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। इससे 80 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो सकेगी। विकासखण्ड साजा की डोंटू नाला पर खम्हरिया स्टापडेम और पचरी निर्माण के लिए दो करोड़ 97 लाख 30 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। योजना के पूर्णतः पर 75 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
बेमेतरा जिले के विकासखण्ड बेरला की सुरही नदी पर कुम्हीगुडा एनीकट के निर्माण के लिए दो करोड़ 96 लाख 56 हजार रूपए की स्वीकृति जारी की गयी है। योजना के निर्माण से 95 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। महानदी बेसिंन पर वर्षा और मौसम में बदलाव के अध्ययन के लिए कम्प्यूटर आधारित तंत्र की स्थापना के लिए 60 लाख रूपए की स्वीकृति जारी की गयी है।
श्रम मंत्री डाॅ. शिव कुमार डहरिया ने आज यहां सिविल लाईन स्थित आडिटोरियम में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। डाॅ. डहरिया ने कहा कि श्रम विभाग श्रमिकों के कल्याण के लिए बना है। शासन के योजनाओं का क्रियान्वयन सहीं तरीके से और समय-सीमा में होना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक श्रमिकांे को उनका लाभ मिल सके। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न कारखानों में काम करने वाले श्रमिकांे की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। डाॅ. डहरिया ने श्रमिकों के बच्चों के कल्याण के लिए प्रदान की जा रही छात्रवृत्ति योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में श्रम विभाग के सचिव श्री सुबोध सिंह, उप श्रमायुक्त श्री एस.एल. जांगड़े, श्रीमती सरिता मिश्रा सहित प्रदेश भर के श्रमपदाधिकारी उपस्थित थे।
गुस्साए विधायक बोले-हिम्मत है तो स्काई वाॅक का लोकार्पण करके दिखाओ
रायपुर | पिछली सरकार के दौरान बनना शुरू हुए नैरोगेज एक्सप्रेस-वे का सोमवार की शाम भाजपाइयों ने सांकेतिक लोकार्पण कर दिया। पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी के ऐलान पर भाजपाई इस सड़क के लोकार्पण के लिए यहां पहुंचे लेकिन वह भी 30-40 लोग ही। रविवार को शहर जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने लोकार्पण में शामिल रहने का बयान जारी किया लेकिन वे भी नहीं पहुंचे।
भाजपा की इस घोषणा से कांग्रेसी नाराज थे और संकेत मिले थे कि युवक कांग्रेस के लोग बड़ी संख्या में विरोध के लिए पहुंच सकते हैं। लेकिन वे भी नहीं अाए, कांग्रेस से विधायक कुलदीप जुनेजा ही अपनी स्कूटर पर पहुंचे। तब भाजपाइयों ने उनके सामने ही नारियल फोड़ दिया। हालांकि जुनेजा ने उन्हें नसीहत दी कि हिम्मत है तो स्काई वाॅक का लोकार्पण करके दिखाओ। अफसरों के मुताबिक शहर के पांच थानेदारों के साथ 100 से ज्यादा जवान तैनात किए गए थे।
मौसम विभाग ने प्रदेश के राहत अायुक्त, रायपुर-नागपुर रेल प्रशासन और सिंचाई विभाग को एलर्ट किया
रायपुर . बंगाल की खाड़ी में पिछले तीन दिन से घुमड़ रहे अवदाब का छत्तीसगढ़ पर असर शुरू हो गया है। राजधानी रायपुर में सोमवार शाम घने काले बादल छाए और बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने सोमवार रात से अगले तीन दिन तक प्रदेश में कई जगह भारी बारिश का ब्राउन एलर्ट जारी कर दिया है। पिछले 24 घंटे में बस्तर में कुछ जगह भारी वर्षा हुई भी है। हालात न बिगड़ें, इसलिए मौसम विभाग ने प्रदेश के राहत अायुक्त, रायपुर और नागपुर रेलवे तथा सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर से सतर्क रहने को कहा है।
लालपुर मौसम केंद्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी है। दूसरा सिस्टम उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी से पश्चिम बंगाल और उड़ीसा तक बना हुअा है। यह सतह से 7.6 किमी ऊंचाई पर है और मंगलवार को सुबह तक अवदाब में बदल जाएगा। मौसम विज्ञानी हरिप्रसाद चंद्रा ने बताया कि दोनों सिस्टम का असर एक साथ हो रहा है, इसलिए प्रदेश में भारी वर्षा का एलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने यह एलर्ट इसलिए दिया है, क्योंकि भारी बारिश से नदी-नाले उफन सकते हैं। पटरियां पानी में डूब सकती हैं और बस्तियों में पानी भरने से राहत कार्य की इमरजेंसी अा सकती है।
यह मामला जांजगीर जिले के डभरा का है, छह बच्चे आम तोड़ने के लिए घर से निकले थे
जांजगीर की एसपी ने बताया- तीन अन्य बच्चे दहशत की वजह से बेबस देखते रहे
डभरा (जांजगीर चांपा). पांच से आठ साल उम्र के दो भाइयों ने अपने 6 साल के दोस्त साहिल दास की पेंचकस से आंखें फोड़ीं। जब वह (साहिल) बेहोश हो गया तो उसे तालाब में फेंक दिया। साहिल की मौत हो चुकी है। घटना जांजगीर चांपा जिले के डभरा थानांतर्गत बगरैल गांव की है। वाकया रविवार का है। घटना के वक्त तीन अन्य बच्चे भी मौजूद थे।
दोस्तों के साथ खेलने गया था साहिल, बच्चे लौटकर बोले- चोर ले गया
बच्चे खेलने के लिए जाने की बात कहकर घर से निकले थे। सभी बच्चे खेलकर लौट आए, लेकिन साहिल नहीं आया था। बहुत देर तक जब साहिल घर नहीं पहुंचा तो उसके दादा ने उसे बुलाने आए दोस्तों से उसके बारे में पूछताछ की। बच्चों ने बताया कि साहिल को बच्चा चोर ले गया है।
इसके बाद परिजन ने खोजबीन शुरू की। उन्हें साहिल का शव गांव के तालाब में मिला, जिसे वे घर ले आए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस की जांच में घटना का खुलासा हुआ। एसडीओपी अमित पटेल के अनुसार, रविवार शाम चार बजे दोस्त साहिल को लेने घर आए थे। इसके बाद उसकी हत्या हो गई।
साहिल ने आम खा लिए थे, इससे झगड़ा हुआ
जांजगीर की एसपी पारुल ने बताया, "डभरा थाना क्षेत्र के बगरैल गांव में रविवार को साहिल दास पिता शिव कुमार अपने 5 दोस्तों के साथ खेलने के लिए निकला था। दोस्त उसे घर से लेकर गए थे। कुछ देर खेलने के बाद उन्होंने आम खाने का मन बनाया। पास ही पेड़ पर एक बच्चा चढ़ा और एक-एककर आम तोड़कर नीचे फेंकने लगा। साहिल ने कुछ आम खा लिए। इससे वह नाराज हो गया।"
"दोनों के बीच आम को लेकर विवाद शुरू हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई। साहिल के पास जेब में एक पेंचकस था, वह दूसरे बच्चे उससे छीन लिया और साहिल की आंखों पर वार करने लगा। एक के बाद एक वार करते हुए बच्चे साहिल की दोनों आंखें फोड़ दीं। इस दौरान कुछ वार साहिल के सिर पर भी हुए थे।"
"साहिल के शरीर से खून बह रहा था। हमला करने वाले बच्चे का 8 साल का भाई भी साथ ही था। दोनों भाइयों ने मिलकर साहिल को पास के तालाब में फेंक दिया। दोनों उसके शरीर से बहते खून को देखकर डर गए थे। इस दौरान अन्य 3 बच्चे दहशत के कारण वे कुछ समझ ही न सके और बेबस देखते रहे।"
‘कार्टून और एनिमेशन फिल्में देखकर बच्चों में गुस्सा बढ़ रहा’
एम्स के एचओडी और साइकेट्री विभाग के डॉ. लोकेश सिंह ने बताया, "कार्टून और एनिमेशन देखकर बच्चे उग्र हो रहे हैं। वे सही और गलत की पहचान नहीं कर पाते। जो हीरो होता है, उन्हें आदर्श मानकर और वे जो कर रहे हैं उसे सही मानकर उनका अनुकरण करते हैं। आजकल कई पेरेंट्स को यही पता नहीं होता कि उनके बच्चे क्या देख रहे हैं। उन्हें बताने वाला भी कोई नहीं है कि क्या सही है और क्या गलत। हिंसक कार्यक्रमों से बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों को अपनी देखरेख में कार्टून या एनिमेशन फिल्म दिखाएं।"