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मनोरंजन

मनोरंजन (5281)

आयुष्मान खुराना की फिल्म ड्रीम गर्ल ने अपने ओपनिंग वीकेंड पर कमाल कर दिखाया है. इस फिल्म ने मात्र तीन दिनों में बॉक्स ऑफिस पर 44.57 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है. ये आयुष्मान की सबसे तेजी से कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. तरण आदर्श के ट्वीट के मुताबिक, इस फिल्म ने शुक्रवार को 10.05 करोड़, शनिवार को 16.42 करोड़ और रविवार को 18.10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया.
ऐसे में इस बात में कोई शक नहीं है कि ये फिल्म जल्द ही 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी. हालांकि देखना ये है कि क्या ये वीक डेज में बढ़िया कमाई कर पाती है या नहीं. ये फिल्म आयुष्मान खुराना और नुशरत भरूचा की सबसे बड़ी ओपनर बन चुकी है. आयुष्मान की पिछली फिल्मों के मुकाबले ड्रीम गर्ल ने बेस्ट वीकेंड रिकॉर्ड किया है.

इतना ही नहीं ये आयुष्मान की साल 2019 में आई दूसरी हिट फिल्म है. इससे पहले उनकी फिल्म आर्टिकल 15 रिलीज हुई थी, जिसे क्रिटिक्स और जनता ने खूब सराहा था. इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 65.45 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था.
वैसे इस हफ्ते आयुष्मान की फिल्म का क्लैश अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा स्टारर फिल्म सेक्शन 375 से हुआ था. सेक्शन 375 ने धीमी शुरुआत के बाद शनिवार को अच्छी कमाई की थी. दो दिन में फिल्म ने 4.52 करोड़ रुपये कमाए थे. माना जा रहा है कि फिल्म ने रविवार को 5 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. इसी के साथ इसका कलेक्शन लगभग 9 करोड़ रुपये हो गया है.
बता दें कि फिल्म ड्रीम गर्ल में आयुष्मान खुराना ने करम नाम के लड़के का किरदार निभाया है, जो अपना घर चलाने के लिए एक हॉटलाइन में काम करना शुरू करता है. करम, कस्टमर्स से लड़की की आवाज निकालकर बात करता है और सबको अपना नाम पूजा बताता है. बाद में वो इसके चलते बुरा फंसता है क्योंकि लोगों को पूजा से प्यार हो जाता है और सभी उसे पाना चाहते हैं.
वहीं अक्षय खन्ना और ऋचा चड्ढा की फिल्म भारतीय संविधान के सेक्शन 375 के बारे में बात करती है. ये सेक्शन महिलाओं रेप के बारे में बात करता है. फिल्म में ऋचा और अक्षय ने बढ़िया काम किया है.

पत्र में कहा गया है कि इससे वाल्मिकी समुदाय में असंतोष फैल रहा है और उसने धमकी भी दी है कि यदि ‘विकृत इतिहास को पेश करने और जानबूझकर महर्षि वाल्मिकी को अपमानित ’ करने वाले इस सीरियल का प्रदर्शन नहीं किया गया तो वह उसके विरूद्ध देशभर में जबर्दस्त प्रदर्शन करेगा। मंत्रालय ने कहा है कि इस सीरियल के संवाद शालीनता को नुकसान पहुंचाते हैं।

 

नयी दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कलर्स चैनल को यह कहते हुए उसके कार्यक्रम ‘राम सिया के लवकुश’ को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि ऐसा देखा गया है कि यह सीरियल विकृत धार्मिक जानकारियां फैला रहा है और ‘महर्षि वाल्मिकी’ की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। मंत्रालय ने 11 सितंबर को लिखे पत्र में कहा है कि ऐसा जान पड़ता है कि यह सीरियल धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहा है।

 पत्र में कहा गया है कि इससे वाल्मिकी समुदाय में असंतोष फैल रहा है और उसने धमकी भी दी है कि यदि ‘विकृत इतिहास को पेश करने और जानबूझकर महर्षि वाल्मिकी को अपमानित ’ करने वाले इस सीरियल का प्रदर्शन नहीं किया गया तो वह उसके विरूद्ध देशभर में जबर्दस्त प्रदर्शन करेगा। मंत्रालय ने कहा है कि इस सीरियल के संवाद शालीनता को नुकसान पहुंचाते हैं।
इस समुदाय के महर्षि वाल्मिकी के बारे में जो शब्द इस्तेमाल किये गये हैं वे उन्हें बदनाम करने के इरादे से हैं। सीरियल में इस्तेमाल किये गये शब्द धार्मिक समूह के लिए तिरस्कारपूर्ण है। मंत्रालय ने कहा कि चैनल इस नोटिस के मिलने के 15 दिनों के अंदर बताए कि उसके विरूद्ध अपलिंकिंग/डाउनलिकिंग दिशानिर्देश के प्रावधानों,मंजूरी की शर्तों और केबल कानून की धारा 20 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। 
सत्ते पे सत्ता के लिए प्रीति जिंटा ने किया इनकार
 
फिल्म सत्ते पे सत्ता पिछले कुछ वक्त से सुर्खियों में बनी हुई है। ऐसे में एक बार फिर फिल्म सुर्खियों में है। इस बार वजह हैं प्रीति जिंटा, दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के बाद प्रीति जिंटा ने सत्ते पे सत्ता के रीमेक में काम करने से मना कर दिया है। बता दें कि सत्ते पे सत्ता 1982 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी मुख्य किरदार में थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमिताभ के किरदार के लिए ऋतिक का नाम फाइनल हो गया है लेकिन हेमा मालिनी के किरदार के लिए अभिनेत्री की तलाश जारी है। गौरतलब है कि इस किरदार के लिए दीपिका पादुकोण भी पहले इनकार कर चुकी हैं।

 

bhoot poster
bhoot poster - फोटो : social media
'भूत: द हॉन्टेड शिप' का पोस्टर रिलीज
विकी कौशल जल्दी ही एक हॉरर फिल्म 'भूत: द हॉन्टेड शिप' में नजर आएंगे। इस फिल्म के कुछ पोस्टर पहले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में फिल्म का एक और शानदार पोस्टर सामने आया है। पोस्टर रिलीज होने के साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। फिल्म का डायरेक्शन भानु प्रताप सिंह कर रहे हैं। बात पोस्टर की करें तो इसमें विकी कौशल एक शिप में डूबते हुए दिखाई दे रहे हैं। 


 

baadshah pehlwaan
baadshah pehlwaan - फोटो : social media
लीक हुई 'पहलवान'
किच्चा सुदीप की फिल्म पहलवान ऑनलाइन लीक हो गई है। बता दें कि फिल्म में सुदीप के अलावा सुनील शेट्टी, आकांक्षा सिंह और कबीर दुहान सिंह मुख्य भूमिका में हैं। मूल रूप से कन्नड़ में बनी इस फिल्म को हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषा में भी रिलीज किया गया है। गौरतलब है कि फिल्म का बजट 45 करोड़ रुपये है।

 

Prabhas, Shraddha Kapoor
Prabhas, Shraddha Kapoor - फोटो : amar ujala mumbai
दो हिट फिल्में देने के बाद खुश हैं श्रद्धा कपूर
अभिनेत्री श्रद्धा कपूर की दो फिल्में हाल ही में रिलीज हुई हैं। प्रभास के साथ साहो और सुशांत सिंह राजपूत के साथ छिछोरे, दोनों ही फिल्मों को दर्शकों का प्यार मिल रहा है। इस दोहरी सक्सेस से श्रद्धा कपूर काफी खुश हैं और उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा- 'मेरी दोनों फिल्मों को जनता का भरपूर प्यार मिला है। साहो ने कमाई के मामले में बड़ी फिल्मों को पीछे थोड़ दिया है। मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती की मैं कितनी खुश हूं।' इसके अलावा निर्देशक नितेश तिवारी के बारे में कहा- ' नितेश सर एक शानदार निर्देशक हैं। जिस तरह वह माया का यंग और बुढ़ापे वाला किरदार पर्दे पर लेकर आए हैं वह काबीले तारीफ है। मैं खुद इस किरदार के इमोशन्स को और इस फिल्म की अहमियत को समझ सकती हूं। यह सब दिल से निकला है। '

 

shraddha kapoor
shraddha kapoor
बागी 3 में नजर आएंगी श्रद्धा कपूर
बैक टू बैक दो हिट फिल्में देने के बाद श्रद्धा कपूर अब फिल्म बागी 3 को लेकर सुर्खियों में हैं। दरअसल  निर्मात साजिद नाडियाडवाला ने श्रद्धा को सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी लिखी है। संदेश में उन्होंन लिखा- 'आपने हम सबको खुश होने का मौका दिया है। बागी के तीसरे पार्ट में वापसी के लिए हम आपका स्वागत करते हैं। हम आपको एक्शन करते हुए देखने के लिए अब और इंतजार नहीं कर सकते हैं। आज से इस शानदार यात्रा की शुरुआत के लिए आपको बहुत सारी बधाई और प्यार'। वहीं साजिद नाडियाडवाला के हाथ से लिखे इस खत के जवाब में श्रद्धा ने लिखा कि 'मैं बहुत उत्साहित हूं। बागी 3 पहला दिन'।

 

Sumona Chakravarti
Sumona Chakravarti - फोटो : instagram
वायरल हो रहा सुमोना का दुल्हन अवतार
सोशल मीडिया पर सुमोना चक्रवर्ती के नए फोटोज तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन फोटोज में सुमोना दुल्हन के अवतार में नजर आ रही हैं। सुमोना की ये फोटोज सोशल मीडिया पर फैंस को काफी पसंद आ रही हैं। तस्वीरें शेयर करते हुए सुमोना ने लिखा, 'दुल्हन तैयार है।'

नई दिल्‍ली: शुक्रवार को देर रात तक हर कोई बस चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) मिशन के पूरा होने और उसके जश्‍न की तैयारी कर रहा था, लेकिन देश को शनिवार तड़के उस समय झटका लगा, जब लैंडर विक्रम से चंद्रमा की सतह से महज दो किलोमीटर पहले इसरो का संपर्क टूट गया. लैंडर 'विक्रम' के चांद की सतह को छूने से चंद मिनटों पहले जमीनी स्टेशन से उसका संपर्क टूटने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया. इतना ही नहीं इसरो चीफ के. सिवन (K. Sivan) जब पीएम मोदी को बाहर तक छोड़ने आए, तो अचानक वह भावुक हो गए. इस भावुक पल में प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने आगे बढ़कर के. सिवन को गले लगा लिया और उनकी पीठ थपथपाकर हौसला अफजाई की. देश के प्रधानमंत्री के इस रवैये ने लगभग हर किसी को भावुक कर दिया और बॉलीवुड के भी कई सितारे ISRO के इस प्रयास की सराहना करते हुए नजर आए. 

एक्‍ट्रेस अनुष्‍का शर्मा (Anushka Sharma), सोनम कपूर (Sonam Kapoor), अक्षय कुमार, सुनी शेट्टी, अमिताभ बच्‍चन जैसे कई सितारों ने इसरों के वैज्ञानिकों की तारीफ की. ऐसे में पीएम मोदी ने अनुष्‍का शर्मा, सोनम कपूर, मधुर भंडारकर जैसे कई सितारों के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए उनकी बात का समर्थन किया है. अनुष्‍का शर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा था, 'यह सिर्फ आगे बढ़ने के कदम हैं, पीछे हटने के नहीं और एक देश के तौर पर हम सब इसरो के वैज्ञानिकों के साथ खड़े हैं, जश्‍न मना रहे हैं और बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं. आप सच में एक प्रेरणा हैं.' अनुष्‍का के इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, 'बिलकुल, हमें इसरो के अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है जो देश के कई युवाओं को विज्ञान की तरफ बढ़ने की प्रेरणा देता है और यह अपने आप में एक विजय है.' 
वहीं सोनम कपूर ने पीएम मोदी के इसरो चीफ के. सिवन को गले लगाने के पल तो 'दिल को छू लेने वाला कहा'. जिसपर पीएम मोदी ने लिखा, 'कठिन परिश्रम और समर्पण ही इसरो को स्‍पेस टेक्‍नोलॉजी में अग्रणीय बनाता है और उनका यही जोश उन्‍हें लगातार आगे बढ़ाता.' 
बता दें पीएम मोदी ने शनिवार को वैज्ञानिकों का खूब हौंसला बढ़ाया और कहा कि वे मिशन में आई रुकावटों के कारण अपना दिल छोटा नहीं करें, क्योंकि 'नई सुबह होगी और बेहतर कल होगा.

मुंबई । बॉलीवुड दीवा इलियाना डीक्रूज केवल अपनी फिल्मों के कारण ही नहीं बल्कि अपनी हॉट फोटोज के लिए भी चर्चा में रहती हैं। इलियाना इंस्टाग्राम पर अक्सर अपनी तस्वीरें पोस्ट करती रहती हैं, जिस पर उन्हें उनके फैंस से बेहतरीन कमेंट मिलते रहते हैं। उनके दिवानों में हाल ही में एक नया नाम 'मैं तेरा हीरो में उनके को-स्टार रहे वरुण धवन का जुड़ गया है। इलियाना ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद हॉट तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उन्हें व्हाइट स्विमसूट में लेटे हुए देखा जा सकता है। इलियाना अपनी तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन दिया, 'वेटिंग फॉर द सन टू कम आउट। वरुण ने इस तस्वीर पर कमेंट में 'थंडर (बिजली कड़कना) का इमोजी पोस्ट किया। दूसरे बी-टॉउनर्स सेलिब्रिटी भी कमेंट करने से खुद को रोक नहीं सके। मलाइका अरोड़ा ने फायर का इमोजी पोस्ट किया। सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहने वाली इलियाना से हाल ही में फॉलोअर्स के साथ चिटचैट सेशन में किसी ने उनसे अमर्यादित सवाल पूछा था, जिसका उन्होंने मुंहतोड़ जवाब दिया।

मुंबई । बालीवुड के विलेन शक्ति कपूर की बिटिया और अभिनेत्री श्रद्धा कपूर का कहना है कि वह असल जिंदगी में कैसी दिख रही हैं, इसकी चिंता उन्हें नहीं रहती हैं। वास्तविकता में दिखावा उनके जीवन का बहुत छोटा हिस्सा है। श्रद्धा इसी हफ्ते रिलीज होने वाली अपनी आगामी फिल्म 'छिछोरे' में दो बहुत अलग किरदार निभाती नजर आएंगी। यहां बता दें कि बॉक्स-ऑफिस पर दो हफ्तों के अंदर ही श्रद्धा की दो फिल्में रिलीज होनी है। जहां तेलुगू सुपरस्टार प्रभास के साथ उनकी फिल्म 'साहो' शुक्रवार को चार भाषाओं में रिलीज हो चुकी है। वहीं अगले सप्ताह नीतेश तिवारी की 'छिछोरे' रिलीज होगी। श्रद्धा ने बताया "दिखावा मेरे पेशे का एक छोटा सा हिस्सा है। यह सभी अभिनेताओं के जीवन में नहीं है। इसलिए मैं इसके साथ काफी सहज हूं। मुझे रंगों और अलग-अलग हेयर स्टाइल आजमाना पसंद है। जब फिल्मों में मेरे किरदारों की बात आती है तो इसके लिए मेकअप एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।" श्रद्धा ने हालांकि कहा कि वह इसके लिए चिंतित नहीं रहती कि वास्तविक जीवन में वह कैसी दिखती हैं। उन्होंने कहा, "मैं वास्तविक जीवन में कैसी दिखती हूं, इसके लिए ज्यादा सचेत नहीं रहती हूं। ऐसे कई दिन होते हैं जब मुझे फुंसी (पिंपल) होती हैं और मेरे बाल खराब होते हैं। इसके अलावा अधिक यात्रा करने के कारण मेरी त्वचा थकी हुई दिखती है। मैं एयरपोर्ट पर उसी तरह से फोटो खींचती हूं और इसके साथ मैं ठीक हूं। फुंसी स्वाभाविक रूप से हो जाती है और हम सभी मानव हैं, न कि प्लास्टिक। कई सौंदर्य और कॉस्मेटिक ब्रांडों का समर्थन करती दिखने वाली अभिनेत्री इसके बाद हंसती हैं। 

वैसे तो जम्मू हमेशा मेरे दिल में बसता है, लेकिन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू मेरे दिल में ज्यादा बसने लगा है। जम्मू-कश्मीर में जो राजनीतिक बदलाव किए गए हैं, उसके पीछे वहां की स्थिति बेहतर करने का लक्ष्य बताया गया है। देखिए, कुछ चीजें तो कचोटने वाली थीं ही। कुछ लोगों को प्रथम श्रेणी का नागरिक बना दिया गया था, जबकि विशिष्ट भाषा और संस्कृति के बावजूद हम द्वितीय श्रेणी के नागरिक बने रहे। इससे स्वाभाविक ही दुख पहुंचता था। जो वहां पैदा हुआ हो और जिसके मन-मस्तिष्क में अपने पहाड़, अपनी घाटियां, अपनी भाषा और अपनी संस्कृति रची-बसी हो, उसके प्रति उपेक्षा और अलगाव का भाव पैदा हो, तो उसे दुख पहुंचेगा ही। अब कहा जा रहा है कि सबको बराबरी का दर्जा प्रदान करने के लिए यह कदम उठाया गया है। क्या यह वास्तव में संभव है? बराबरी की बातें की जरूर जाती हैं, लेकिन सब बराबर नहीं होते।
 
मैं जम्मू के ऐतिहासिक पुरमंडल गांव में पैदा हुई, जो जम्मू शहर से 40 किलोमीटर दूर शिवालिक की पहाड़ियों और गुप्त गंगा देविका के किनारे बसा एक छोटा-सा गांव  है। मैं पुरमंडल के प्रतिष्ठित राजपुरोहित परिवार से हूं। लोग हमें पहाड़ वाले पंडित कहा करते थे। मेरे पिता पंडित जयदेव शर्मा हिंदी और संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे। मैं जो कुछ भी लिख पाई हूं, वह मेरे पिता की ही देन हैं। हालांकि जब मैं सात साल की थी, तौभी वह चल बसे थे। वर्ष 1947 के दंगे में वह मारे गए थे। मैं भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। पिता की मृत्यु के एक साल बाद जब उनकी बरसी के लिए मेरे ताऊजी हमें गांव ले गए, तो वहां डोगरी लोकगीतों से मेरा साबका पड़ा। वे लोकगीत इतने मधुर और आकर्षित करने वाले थे कि बारह-तेरह साल की छोटी उम्र में मैं डोगरी में कविताएं लिखने लगी थी।

गांव के अद्भुत प्राकृतिक दृश्यों के अलावा डोगरी लोकगीतों ने मुझे कविता लिखने के लिए प्रेरित किया। सच कहूं, तो लोकगीतों के कारण ही मेरा लिखना शुरू हुआ। उस समय डोगरी का जो लोकगीत चल रहा होता, मैं उसमें छंद जोड़ देती। हालांकि कुछ और विषय मेरे मन-मस्तिष्क को मथते रहते और कविता तैयार हो जाती। जैसे समाज में व्याप्त असमानता मुझे बहुत कचोटती थी। मैं अपनी कविताओं में इसके खिलाफ लिखती थी। मैंने कविताओं में अपने को निरंतर मांजने का काम किया। चूंकि मैंने उर्दू साहित्य काफी पढ़ा, तो मेरी कविताओं में आपको इसका प्रभाव दिखेगा। कुल मिलाकर मैंने यह कोशिश की कि मेरी कविताओं पर मेरी मौलिकता की छाप रहे।

 

उस दौर की एक घटना मुझे आज भी खास तौर पर याद है, जिसका जिक्र मैंने आत्मकथा में किया है। पिता की मृत्यु के बाद मां की बाजार कसाबा स्कल, जम्मू में नौकरी लग गई थी। वह वहां पढ़ाती थीं। एक दिन वह रोती हुई घर आई, तो मैंने उनसे पूछा कि क्या हुआ? वह कहने लगीं, इंस्पेक्टर मिसेज ठूसू ने सभी शिक्षकों के साथ-साथ मुझे भी डांटा है। मेरे तन-बदन में आग लग गई। मैं संतानों में सबसे बड़ी थी। मैं उसी समय इंस्पेक्टर के घर पर चली गई। मैंने उन्हें याद दिलाया कि जो आपने भोगा है,  मेरी मां ने उससे कहीं ज्यादा भोगा है। हम तीन बच्चे हैं और मेरी मां महज बाईस साल की औरत है। आपने मेरी मां को डांटा है, लिहाजा वह अब इस स्कूल में कभी नहीं आएगी। इंस्पेक्टर मुझे जानती थीं। वह मुझे बुलाती रह गईं, लेकिन मैं अपना फैसला सुनाकर निकल गई। मां उसके बाद स्कूल नहीं गईं। गनीमत यह थी कि थोड़े दिनों बाद उन्हें पिता की पेंशन मिलने लगी।     

गांव की पहाड़ियां आज भी मुझे याद आती हैं। आज भी जब मैं कविता लिखती हूं, तो मन ही मन पहाड़ियों तक पहुंच जाती हूं। जब छोटी थी, तब मैं ऊपर से नीचे तक पूरा जम्मू शहर घूम लेती थी। जम्मू से इस अनुराग के कारण ही शादी के बाद मैंने अपने पति से जम्मू में एक घर लेने के लिए कहा था। वे दिन कितने खुशनुमा थे। मैं रघुनाथ मंदिर में जाती, तो शहर के सभी साहित्यकारों से मिल लेती। आखिर मेरे परिचितों में ज्यादातर साहित्यिक बिरादरी के लोग ही तो थे। आज का जम्मू वह जम्मू नहीं रह गया है। हालांकि जम्मू मेरा जाना-आना तो लगा ही रहता है। लेकिन अब तो गाड़ी से जाना होता है और लोगों से मेल-मुलाकात का सिलसिला बहुत कम रह गया है।

जम्मू,  कश्मीर और लद्दाख के साथ डोगरी भाषा और संस्कृति की भी चर्चा हो रही है। पूछा यह जा रहा है कि डोगरी भाषा का क्या भविष्य है? लेकिन मेरा यह सवाल है कि दक्षिण भारत क़ी भाषाओं को छोड़ दें, तो शेष दूसरी भाषाओं का क्या भविष्य है। डोगरी भाषा में मेरे अलावा भी लिखने वाले बहुत हैं। लेकिन दुख की बात यह है कि डोगरी में लिखने वाले ज्यादातर साहित्यकार पुरस्कार की ही ज्यादा कामना करते हैं। हालांकि ऐसा सिर्फ डोगरी में नहीं है, दूसरी भाषाओं में भी यही हाल है। लेकिन मेरे लिए यह परिदृश्य बहुत दुखद है।

 

मैं यह कल्पना भी नहीं कर सकती कि कोई सिर्फ पुरस्कार पाने के लिए लिखता है। मुझे तो बहुत जल्दी ही पुरस्कार मिल गया था। मुझे तीस साल की उम्र में ही साहित्य अकादेमी पुरस्कार मिल गया था। तब मुझे समझ में ही नहीं आया था कि यह है क्या। सच कहूं, तो मैंने कभी पुरस्कार पाने की कामना नहीं की। बहुत-से कवि-लेखक ऐसे हैं, जो मेरी तरह सोचते हैं।

जहां तक डोगरी की बात है, तो वह बहुत ही खूबसूरत भाषा है। वर्ष 2015 में डोगरी में लिखी गई आत्मकथा चित्त चेते के लिए जब मुझे सरस्वती सम्मान मिला था, तब मैंने कहा था, यह दुनिया खूबसूरत शब्दों से भरी हुई है, जिनसे कहानी बनती है। इनमें से कुछ मेरी अपनी भाषा डोगरी में है। और मुझे जो सम्मान मिला है, उस पर पूरे डोगरी समुदाय को गर्व है। वैसे मैं बता दूं कि चित्त का अर्थ होता है मन और चेते का मतलब होता है स्मृतियां। डोगरी लोकगीतों से मिली प्रेरणा ने ही मुझे यहां    तक पहुंचाया। मैं डोगरी की बिल्कुल शुरुआती कवयित्री हूं। डोगरी में मैंने कहानियां भी लिखी हैं। शुरुआत में मैं जम्मू और कश्मीर रेडियो में स्टाफ कलाकार के रूप में कार्यरत थी। उसके बाद मैंने दिल्ली रेडियो में डोगरी समाचार वाचिका के रूप में काम किया।      

इधर कुछ लिखने का मन है। लेकिन शरीर के अपने बंधन हैं। हालांकि जब से मैं पैदा हुई हूं, तब से शायद ही मैं कभी ठीक रही हूं। लेकिन जब मैं कागज पर कलम से नहीं लिख पाती, तब भी मन ही मन में लिखती हूं। यह भी एक अच्छा अनुभव है।
 

मुंबई। अभिनेत्री विद्या बालन ने मंगलवार को कहा कि युवा अदाकारों को याद रखना चाहिए कि कोई अवसर इतना बड़ा नहीं हो सकता कि अपनी सुरक्षा से समझौता किया जाए। बालन ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कथित तौर पर कुछ साल पहले अपने साथ हुई कास्टिंग काउच की घटना की आपबीती सुनाई थी। पत्रकार और वृत्तचित्र निर्माता मिनी वैद की इसरो पर आई पुस्तक के विमोचन के मौके पर जब विद्या बालन से पूछा गया कि उन नवोदित कलाकारों के लिए उनका क्या संदेश है जिन्हें इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, इस पर अभिनेत्री ने संवाददाताओं से कहा कि ईमानदारी से कहूं तो मैं इस घटना के बारे में भूल चुकी थी क्योंकि संयोग से कुछ हुआ नहीं था। उन्होंने कहा कि लेकिन उस दिन इंटरव्यू के दौरान मुझे सालों बाद वो घटना याद आ गयी। लेकिन मेरा सौभाग्य था कि मुझे कुछ नहीं हुआ। कोई जबरदस्ती, कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। विद्या बालन ने कहा कि मेरा मानना है कि कोई अवसर इतना बड़ा नहीं हो सकता कि आप अपनी सुरक्षा से भी समझौता कर लें। अगर आप अच्छे हैं और खुद पर भरोसा करते हैं तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है।

मुम्बई। सलमान खान ने बॉलीवुड में 31 वर्ष का सफर पूरा करने पर अपने प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया। अभिनेता (53) ने सोशल मीडिया पर अपने बचपन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘ भारतीय फिल्म जगत का बहुत-बहुत शुक्रिया, उन सभी का जो इस 31 साल के सफर का हिस्सा रहें, विशेषकर मेरे सभी प्रशंसक और मेरे शुभचिंतक, जिन्होंने इस बेहतरीन सफर को मुमकिन बनाया।’’

सलमान ने 1988 में आई फिल्म ‘बीवी हो तो ऐसी’से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। लेकिन बतौर मुख्य अभिनेता उनकी पहली फिल्म 1989 में आई ‘मैनें प्यार किया’ थी। ‘हम आपके हैं कौन ’(1994), ‘करण अर्जुन’ (1995), ‘खामोशी’ (1996), ‘जुड़वां’ (1997), ‘बीवी नंबर-1’ (1999) उनके करियर की हिट फिल्में रहीं।
वहीं पिछले एक दशक में, सलमान ने ‘दबंग’ (2010), ‘रेडी’ (2011), ‘बॉडीगार्ड‘ (2011),  एक था टाइगर’ (2012), ‘किक’ (2014), ‘सुल्तान’ (2016), ‘टाइगर जिंदा है’ (2017), ‘भारत’ (2019) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दे चुके हैं। वहीं अभी वह फिल्म ‘दबंग3’ की शूटिंग में मसरूफ हैं।

मुंबई। कश्मीर पर हुकूमत करने वाली आखिरी हिन्दू महारानी कोटा रानी पर फिल्म बनाई जाएगी। एक प्रेस विज्ञप्ति में मंगलवार को बताया गया है कि इस महत्वाकांक्षी फिल्म को बनाने के लिए रिलायंस एन्टर्टेन्मेंट और फैंटम फिल्म्स ने हाथ मिलाया है। कोटा रानी 13वीं सदी में कश्मीर की शासक थी। वह ऐसे समय में राज्य का नेतृत्व कर रही थी जब बहुत नाटकीय घटनाक्रम हो रहा था। इसके बाद शाह मीर वंश राज्य का पहला विदेशी शासक बना। वह अच्छी प्रशासक और सैन्य रणनीतिकार थी।  फैंटम फिल्म्स की मधु मंटेना ने कहा कि महारानी की कहानी ऐसी है जिसे लोगों को बताया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हैरत की बात है कि भारतीयों को कोटा रानी जैसी शख्सियत के बारे में जानकारी नहीं है। उनकी जिंदगी काफी नाट्कीय रही और संभवत: वह भारत की सबसे काबिल महिला शासकों में से एक थीं।

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