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नयी दिल्ली। भारती एयरटेल, भारती इंफ्राटेल और निजी इक्विटी कंपनी वार्दे पार्टनर्स ने कर्ज में डूबी रिलायंस कम्युनिकेशन की संपत्तियों के लिये अपनी अपनी बोलियां जमा की हैं। एयरटेल ने कुछ शर्तें भी जोड़ रखी हैं। रिलायंस जियो ने इस मामले में सौदे के लिए समयसीमा 10 दिन बढ़ाने की मांग की है। भारती एयरटेल के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने आर कॉम के स्पेक्ट्रम को खरीदने के लिये सशर्त बोली लगायी है। भारतीय इंफ्राटेल की बोली मोबाइल टावर के लिये है। मामले से जुड़े बैंक सूत्रों ने कहा कि अनिल अंबानी की अगुवाई वाली आर कॉम की संपत्ति के लिये कुल छह बोलियां आयी हैं।
सूत्र ने कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशन की संपत्ति के लिये छह बोलियां आयी हैं। इसमें भारती एयरटेल, भारती इंफ्राटेल, निजी इक्विटी कंपनी वार्डे पार्टनर्स शामिल हैं। आर कॉम के कर्जदाताओं की समिति की 13 नवंबर 2019 को बैठक होने वाली है जिसमें बोलियां खोले जाने के बारे में निर्णय किया जाएगा।
इस बारे में रिलायंस जियो को भेजे गये ई-मेल का कोई जवाब नहीं आया। कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया के तहत उसकी अचल सम्पत्तियों के अलावा दूरसंचार संपत्ति में 122 मेगाहट्र्ज का स्पेक्ट्रम को भी नीलाम किया जा रहा है। ऋण समाधान प्रक्रिया शोधन प्रक्रिया शुरू किए जाने सेस्पेक्ट्रम का मूल्य करीब 14,000 करोड़ रुपये आंका था। इसी तरह दूरसंचार टावर सम्पत्ति 7,000 करोड़ रुपये , आप्टिकल फाइबर सम्पत्ति3,000 करोड़ रुपयेतथा डेटा सेंटर सम्पत्ति का मूल्य 4,000 करोड़ रुपये आंका गया था। सूत्रों के अनुसार आर कॉम के ऊपर करीब 33,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। कर्जदाताओं ने अगस्त महीने में कंपनी पर 49,000 करोड़ रुपये का दावा किया।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत को झटका दिया है। मूडीज ने भारत की रेटिंग को स्थिर से नकारात्मक कर दिया है। इसके लिए एजेंसी ने सुस्त आर्थिक वृद्धि का हवाला दिया है और भारत की रेटिंग के लिए अपना नजरिया बदल दिया है। 

कम रहेगा आर्थिक विकास

एजेंसी ने भारत के लिए बीएए2 विदेशी-मुद्रा और स्थानीय मुद्रा रेटिंग की पुष्टि की है। मूडीज ने कहा है कि धीमी अर्थव्यवस्था को लेकर जोखिम और बढ़ रहा है। आगे रेटिंग एजेंसी ने कहा कि पिछले सालों की तुलना में भविष्य में आर्थिक विकास भौतिक रूप से कम रहेगा। इतना ही नहीं, मूडीज ने यह भी कहा कि आर्थिक मंदी को लेकर चिंताएं लंबे समय तक रहेंगी और कर्ज और भी बढ़ेगा। कारोबर में निवेश और ग्रोथ बढ़ाने के लिए और सुधारों और टैक्स बेस व्यापक करने की गुंजाइश काफी कम हो गई है।

सरकार ने दिया बयान

इस पर भारत सरकार ने कहा कि, देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद काफी मजबूत है और हाल ही में किए गए सुधारों की घोषणा निवेश को प्रोत्साहित करेगी। इस संदर्भ में वित्त मंत्रालय ने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। 

मूडीज ने घटाया था GDP का अनुमान

अक्तूबर में मूडीज ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की जीडीपी का अनुमान भी घटा दिया था। एजेंसी के अनुसार, जीडीपी 5.8 फीसदी होगी, जो भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) के अनुमान से भी कम है। पहले एजेंसी ने 6.8 फीसदी का अनुमान जताया था। 

लग सकता है झटका

विकास दर को घटाने के अनुमान से केंद्र सरकार की देश को 50 खरब इकोनॉमी बनाने की कवायद को भी झटका लग सकता है। अगर अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर देखने को या फिर धीमी रफ्तार रहेगी तो इसका असर भविष्य में भी देखने को मिलेगा। फिलहाल देश में कई सेक्टरों में उत्पादन लगभग ठप हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग पुराने स्टॉक को भी नहीं खरीद रहे हैं। 50 खरब अर्थव्यवस्था बनाने के लिए विकास दर में तेजी रखने के लिए कोशिशों को जारी रखना होगा। 

कैट ने हालांकि, इस मुद्दे पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल को पहले ही इन कंपनियों के खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा दे रखा है जिसको लेकर वाणिज्य मंत्रालय ने अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट से जवाब तलब किया है।

नयी दिल्ली। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने अमेज़नऔर फ्लिपकार्ट सहित उन सभी ई -वाणिज्य कंपनियों के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की है जो भारत सरकार की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति का उल्लंघन करते हुए देश के खुदरा व्यापार को तहस नहस करने में लगे हैं। कैट की यहां जारी विज्ञप्ति में यह कहा गया है। कैट का आरोप है कि ई- वाणिज्य कंपनियां देश के 7 करोड़ व्यापारियों के व्यापार को तबाह करने में जुटी हैं। कैट ने इस मुद्दे को देश के व्यापारियों के व्यापार के लिए बेहद घातक बताते हुए अब सड़क पर उतरने का मोर्चा भी खोल दिया है।

कैट ने हालांकि, इस मुद्दे पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल को पहले ही इन कंपनियों के खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा दे रखा है जिसको लेकर वाणिज्य मंत्रालय ने अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट से जवाब तलब किया है। कैट ने राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर बेंच में भी इस मुद्दे पर एक याचिका दायर की है। कैट का आरोप है कि अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट पहले की तरह अपने पोर्टल पर लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, उत्पादों पर भारी छूट देना, पोर्टल पर होने वाली बिक्री को नियंत्रित करना, अपनी पसंद के विक्रेताओं को अपने पोर्टल पर ज्यादा आर्डर देना और बाज़ार में कीमतों को प्रभावित करने की कार्रवाई में लिप्त हैं।

उल्लेखनीय है कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले महीने कहा था कि सरकार इन कंपनियों की कथित बाजार बिगाडू मूल्य निर्धारण पर गौर कर रही हे। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने अमेज़न और फ्लिपकार्ट के रवैए की कड़ी आलोचना करते हुए कहा की कैट इस मुद्दे पर शीघ्र ही एक राष्ट्रीय आंदोलन शुरू करेगा।

आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए आगामी 10 नवम्बर को दिल्ली में कैट की राष्ट्रीय गवर्निंग काउन्सिल की आपात बैठक बुलाई गई है।  भरतिया एवं खंडेलवाल ने आंदोलन के विभिन्न चरणों की जानकारी देते हुए बताया की 13 नवम्बर को कैट के व्यापारी प्रतिनिधिमंडल देश भर में लोकसभा और राज्य सभा के सभी सांसदों को ज्ञापन देंगे । 20 नवम्बर को देश के सभी राज्यों में लगभग 200 शहरों में धरने आयोजित किए जाएँगे । 25 नवम्बर को देश के 500 से अधिक ज़िलों में व्यापारी मार्च निकाले जाएँगे और ज़िला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम के ज्ञापन दिए जाएँगे । इन कम्पनियों के अनैतिक व्यापार के ख़िलाफ़ देश के लगभग एक हज़ार से अधिक शहरों में विरोध मार्च निकाले जाएँगे।

नई दिल्ली
रोजगार के मुद्दे पर लगातार आ रही बुरी खबर के बीच एक अच्छी खबर आई है। सरकारी कंपनी कोल इंडिया अगले वित्त वर्ष में 750 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करेगी और इस दौरान करीब 10 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह बात केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कही है। कोल इंडिया वित्त वर्ष 2024 तक 1 अरब टन कोयले का उत्पादन करेगी।

आने वाले दिनों में उर्जा की बहुत ज्यादा मांग
इस मौके पर प्रह्लाद जोशी ने कोल इंडिया से कहा कि आने वाले दिनों में उर्जा की जरूरतों की भरपाई के लिए वह जरूरी कदम उठाए। साथ में उन्होंने सभी PSU से कहा कि कोयला मंत्रालय उनकी मदद के लिए पूरी तरह से तैयार है।

82 फीसदी जरूरत कोयले का उत्पादन अपने देश में
फिलहाल PSU के लिए कोयला उत्पादन का लक्ष्य 660 मिलियन टन रखा गया है जो देश के कुल कोयला उत्पादन का करीब 82 फीसदी है। उन्होंने कोल इंडिया की विस्तार और कैपिटल इन्वेस्टमेंट वाली नीति की प्रशंसा की। अगर ये कंपनियां अपने आकार को बढ़ाती हैं तो आने वाले दिनों में रोजगार के हजारों अवसर भी पैदा होंगे।

FDI से होगा संरचनात्मक सुधार
कोयला सेक्टर में ऑटोमैटिक रूट से 100 फीसदी FDI के सरकार के फैसले पर उन्होंने कहा कि इससे इस सेक्टर में संरचनात्मक सुधार होगा और उसकी जरूरत भी है। विदेशी निवेश की मदद से भारत कोयले का कम से कम आयात करेगा जिसका हमें बहुत फायदा होगा। उन्होंने कोल इंडिया से अपील की कि वह जल शक्ति अभियान में साथ दे और जल संरक्षण जैसे बड़े मिशन में सरकार की मदद करे।

नई दिल्ली, ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत संकेतों से भारतीय शेयर बाजार ने आज बढ़त के साथ शुरुआत की है। कारोबार की शुरुआत में आज सेंसेक्स 160.12 अंक बढ़कर 40,211.99 पर और निफ्टी 46.35 अंक चढ़कर 11,890.45 के स्तर पर खुला। साथ ही ऐसी उम्मीद है कि सरकार शेयर कारोबार से जुड़े लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) में बड़ी राहत दे सकती है। इसे लेकर बाजार में सकारात्मक रुख रहा।
स्मॉल-मिडकैप शेयरों में बढ़त
आज के कारोबार में दिग्गज शेयरों के साथ स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.18 फीसदी और मिडकैप इंडेक्स 0.43 फीसदी बढ़कर कारोबार कर रहा है।
बैंकिंग शेयरों में बढ़त
बैंक शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी के ऑटो इंडेक्स में 0.15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 31 अंक बढ़कर 29904 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, फार्मा इंडेक्स 0.29 फीसदी, मेटल इंडेक्स 0.16 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

नई दिल्ली, टैरिफ वार और भारी कर्ज के कारण परेशानियों का सामना कर रहे टेलीकॉम सेक्टर की कम्पनियों के बाद अब इस क्षेत्र में काम करने वाले और इस नौकरी की तलाश में जुटे लोगों की मुश्किलें बढ़ने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से समायोजित सकल राजस्व (ए.जी.आर.) के मामले में सुनाए गए फैसले से टेलीकॉम कम्पनियों पर भारी आर्थिक बोझ पडऩे वाला है। सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कम्पनियों पर अपनी लागत में कटौती करने का भारी दबाव है। ऐसे में इसका असर इस क्षेत्र में छंटनी के रूप में देखने को मिल सकता है।
रुक सकता है इंक्रीमेंट
इसके अतिरिक्त टेलीकॉम सेक्टर में नई हायरिंग और मौजूदा कर्मचारियों की इन्क्रीमेंट पर भी रोक लग सकती है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने हाल के फैसले में दूरसंचार मंत्रालय के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ए.जी.आर. में लाइसेंस और स्पेक्ट्रम फीस के अलावा यूजर्स चार्जेज, किराया, लाभांश व पूंजीगत बिक्री के लाभांश को शामिल करने का आदेश सुनाया था। इसके बाद टेलीकॉम कम्पनियों को 92,000 करोड़ रुपए का भुगतान करना है। इसमें से सबसे अधिक 54 प्रतिशत रकम एयरटेल और वोडाफोन को चुकानी है। मालूम हो कि एयरटैल पर 2000 करोड़ और वोडाफोन-आइडिया पर 4873 रुपए का कर्ज है।

नई दिल्ली
मंदी की मार झेल रहे ऑटो सेक्टर के लिए धनतेरस का दिन बेहद अच्छा रहा। इस शुभ दिन पर उनकी बिक्री कैसी हुई इसका अंदाजा मर्सेडीज बेंज की डिलिवरी से ही लगा लीजिए। मिली जानकारी के मुताबिक, सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में मर्सेडीज बेंज ने धनतेरस पर 250 कारों की डिलिवरी की है। बता दें कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन को शुभ माना जाता है। इसलिए लोग कुछ नया खरीदते है। इसबार लोगों का रुझान सोना-चांदी की तरफ न होकर गाड़ियों पर रहा।

हुंदै, एमजी मोटर्स की भी हुई दिवाली
मर्सेडीज बेंज के अलावा हुंदै, किया मोटर्स, एमजी मोटर्स के लिए भी यह दिन अच्छा रहा। उन्होंने इस दिन 15 हजार से ज्यादा कारों की डिलिवरी कर डाली। देश की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी हुंदै मोटर इंडिया ने कहा कि उसने शुक्रवार को 12,500 कारें डिलिवर कीं। वहीं उसके समूह की कंपनी किया मोटर्स ने अपनी नई एसयूवी सेल्टॉस की 2,184 यूनिट्स डिलिवर कीं। इसी तरह एमजी मोटर इंडिया ने कहा कि उसने अपनी एसयूवी हेक्टर की 700 इकाइयों की डिलिवरी की। इनमें से 200 कारों की डिलिवरी दिल्ली-एनसीआर में सिर्फ एक स्थान से की गई। देश की प्रमुख कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि धनतेरस के दिन उसकी बिक्री अच्छी रही।

सोने-चांदी की सेल डाउन
जानकारी के मुताबिक, इस धनतेरस सोना-चांदी खरीदने में लोगों ने उतनी दिलचस्पी नहीं दिखाई। गोल्ड और सिल्वर के रीटेल कारोबारियों के मुताबिक, इस साल सेल 20 से 50 प्रतिशत तक कम हुई। इसपर पीपी जूलर्स के डायरेक्टर राहुल गुप्ता ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि लोग पैसा खर्च करने से डर रहे हैं। लोग पैसे को संभालकर रखने की कोशिश में लगे हैं। ऐसी ही बात ऑल इंडिया जेम्स ऐंड जूलरी डमेस्टिक काउंसिल ने कही। उनका दावा है कि देशभर में करीब 30 हजार रीटेलर्स उनसे जुड़े हैं और सबकी स्थिति ऐसी ही है।

दूसरी तरफ मंदी की मार झेल रही ऑटो इंडस्ट्री को फिलहाल कुछ राहत मिली है। हुंदै के सेल्स ऐंड मार्केटिंग हेड विकास जैन ने कहा कि अबतक हम रोज 2 हजार गाड़ियां डिलिवर कर रहे हैं। धनतेरस पर हमने करीब 12,500 गाड़ियां डिलिवर कीं। पिछली धनतेरस के मुताबिक यह 25 प्रतिशत ज्यादा है।

अक्टूबर के इस हफ्ते में त्योहार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। इस हफ्ते और आने वाले हफ्ते को मिलाकर 4 दिन बैंक बंद रहेंगे। बैंकों के लगातार बंद रहने का असर एटीएम पर भी पड़ने की संभावना है। ऐसे में बैंक से जुड़े काम और कैश की किल्लत न हो इसके लिए पहले ही इंतजाम करके रखें। आने वाले दिनों में दीपावली और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण बैंक बंद रहेंगे। 

इन दिनों बंद रहेंगे बैंक


26 अक्तूबर        चौथा शनिवार
27 अक्तूबर        रविवार और दीपावली
28 अक्तूबर        गोवर्धन पूजा
29 अक्तूबर        भाई दूज

मुंबई,सप्‍ताह के पहले दिन सोमवार को शेयर बाजार में कारोबार नहीं हुआ. दरअसल, महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होने की वजह से बाजार बंद हैं. इस तरह शेयर बाजार लगातार तीन दिन- शनिवार, रविवार और सोमवार को बंद रहे. अब मंगलवार यानी कल कारोबार के लिए शेयर बाजार खुलेंगे.
इन बातों पर रहेगी नजर
दिवाली से पहले इस सप्ताह घरेलू शेयर बाजार की रौनक बरकरार रखने में घरेलू कंपनियों के वित्तीय नतीजों की अहम भूमिका रहेगी. दरअसल,  इस हफ्ते भारती इन्फ्राटेल, हिंदुस्तान जिंक, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट के वित्तीय नतीजे जारी होने वाले हैं. वहीं, हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के नतीजे का भी बाजार को फायदा मिलेगा. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिलने वाले संकेतों का भी भारतीय शेयर बाजार में असर दिख सकता है.
 

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कॉरपोरेट कर में कटौती के भारत के निर्णय का समर्थन करते हुए शुक्रवार को कहा यह निवेश के अनुकूल है। हालांकि उसने यह भी कहा कि भारत को राजकोषीय स्थित के समक्ष चुनौतियों का समाधान करना चाहिए ताकि इस मोर्चे पर दीर्घकालिक मजबूती बनी रहे। आईएमएफ के निदेशक (एशिया एवं प्रशांत विभाग) चांगयोंग री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमारा मानना है कि राजकोषीय मोर्चे पर भारत की राह तंग है, अत: उहें सतर्क से चलना चाहिये। हम कॉरपोरेट कर में कटौती के उनके निर्णय का स्वागत करते हैं क्योंकि इसका निवेश पर सकारात्मक असर होगा।

उन्होंने कहा कि पिछली दो तिमाहियों की सुस्ती को देखते हुए इस वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो बढ़कर 2020 में सात प्रतिशत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति में किये गये उपाय तथा कॉरपोरेट कर में कटौती से निवेश में सुधार का अनुमान है। आईएमएफ की उप-निदेशक (एशिया और प्रशांत विभाग) एन्ने-मारी गुल्ड-वोल्फ ने कहा कि भारत को गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र की दिक्कतों को दूर करना चाहिये। उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों में पूंजी डालने समेत कुछ सुधार हुए हैं लेकिन गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र की दिक्कतें आंशिक तौर पर बनी हुई हैं और नियामकीय एकरुपता उन मसलों में एक है जिन्हें पा लिया जाना चाहिये।

उन्होंने कहा कि सरकार इससे अवगत भी है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि भारत के कर्ज का स्तर उच्च है और राजकोषीय मोर्चे पर सुधार प्राथमिकता होनी चाहिये। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि एक संघीय व्यवस्था में राजकोषीय मोर्चे पर सुधार अधिक जटिल है। अलग राज्यों में राजकोषीय संरचना के मसले और चुनौतियां अलग होती हैं।’’

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