ईश्वर दुबे
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Bhilai
नशा बंदी और शिक्षा के उत्थान के लिए नई पीढ़ी को आगे आना पड़ेगा
भिलाई। अभा उडिय़ा समाज द्वारा उडि़सा प्रांत का पवित्र त्यौहार नवाखाई पर्व आज ऋषि पंचमी के दिन पांरपरिक हर्षोल्लास एवं धार्मिक रीतियों से मनाया गया। नगर के प्रत्येक उडिय़ा बस्तियों में नवा अन्न की पूजा-अर्चना कर उसे आराध्य देवी देवताओं को चढ़ाकर प्रसाद ग्रहण किया गया।
अभा उडिय़ा समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में उपस्थित समाज के अध्यक्ष केदारनाथ महानंद ने समस्त उडिय़ा समाज के लोगों को नवाखाई पर्व की शुभकामनाएं दी। उन्होंने उडि़सा से आये नया अन्न को भगवान श्रीजगन्नाथ जी को भोग लगाकर लोगो को वितरित किया।महानंद ने कहा कि नवाखाई का त्यौहार प्रत्येक प्रांत के रहवासियों को मिलन एवं भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि नवाखाई त्यौहार का पौराणिक गाथा है। महानंद ने कहा कि आने वाले वर्षो में यह त्यौहार और व्यापक रूप से मनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभा उडिय़ा समाज के प्रयासों से नवाखई पर्व पर मण्प्रण् सरकार ने ऐच्छिक अवकाश घोषित किया गया थाएचंूकि नया राज्य बन गया है। इसलिए समाज का प्रयास होगा कि छत्तीसगढ़ में भी नवाखाई के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित हो जिसके तहत समाज ने शासन से सार्वजनिक अवकाश की मांग विगत कई वर्षो से कर रही है जिसे आज तक ध्यान दिया गया। बल्कि और उलटा उडिय़ा समाज की उपेक्षा कर रही है। इस कारण उडिय़ा समाज ने रोष प्रकट किया है। अभा उडिय़ा समाज के कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र नाग ने समाज को आज के नुआखाई पर्व में आव्हान किया कि इस पर्व में देवी-देवताओं के पूजापाठ के साथ नशा बंदी और शिक्षा के उत्थान के लिए नई पीढ़ी को आगे आना है। इस दौरान जनकल्याण युवा उत्कल सेवा समिति के अध्यक्ष लखपति सोना एवं अभा उडिय़ा समाज के प्रदेश संगठन मंत्री रतन ताण्डी ने विभिन्न उडिय़ा बस्तियों में एवं स्थानीय विधायकध् महापौर से भेंटकर नवााखाई पर्व के महत्व को बताया तथा बधाई दी।
दुर्ग। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी पारिवारिक कवरिया संघ द्वारा कावर यात्रा निकाला गया। जिसमे कॉवर यात्रा में महिला पुरूष व बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कॉवर उठाया । कांवर यात्रियों द्वारा आज के दिन षिवनाथ नदी के तट से जल लेकर छातागढ़ स्थित भोलेनाथ बाबा में जल चढ़ाया जाता है यह यात्रा षिवनाथ नदी से होते हुए गंजपारा, शनिचरी बाजार, शिवपारा, बजरंग चौक, चंडी चैाक, नयापारा होते हुए छातागढ़ पहुंचेगा। जहॉ पर आयोजकों द्वारा भंडारा का भी आयोजन किया जाता हैं। पारिवारिक कांवरिया संघ द्वारा आज सुबह 7.00 बजे शिवनाथ नदी के तट से जल लेकर सत्ती चैरा, गंजपारा से होते हुए शिवपारा बजरंग चैाक पहुॅची जहॉ पर दुर्ग शहर विधायक अरूण वोरा की उपस्थिति में चण्डी मंदिर वार्ड-33 के पार्षद राजकुमार वर्मा व जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता संदीप श्रीवास्तव के द्वारा गुलाल लगाकर तथा फूलों की बरसात कर स्वागत किया गया साथ ही कावडिय़ों को फल वितरण किया गया। स्वागत करनेवालों में मुख्य रूप से गिरधर शर्मा, राजेश वाडयकर, संदीप श्रीवास्तव, विनोद ढीमर, दिलीप मिश्रा, गणेश सोनी, बरसाती मटियारा, विनोद ढीमर, किशन राजपूत, गोकूल ढीमर, जिवराखन यादव, राजू सोनी, डाली राजपूत, मीना राजपूत, हेमा पटेल, षिवपाल पटेल सहित मोहल्लेवासी उपस्थित थे।
दुर्ग। ढौर मे बना आदर्श गौठान पशुओं के लिए तीर्थ साबित हो रहा है। गांव के पशुओं को यहां सभी प्रकार की सुविधायें मिल रही है। गौठान मे पशु आकर न केवल स्फूर्ती के साथ उछल कुद कर रहे है साथ ही प्राकृतिक माहौल मे अन्य पशुओं के साथ खुली आबो हवा में रह रहे है। छत्तीसगढ़ शासन की अति महत्वाकांक्षी योजना नरूवा, गरूवा, घुरूवा, बाडी योजना पशुओं के लिए वरदान साबित हुआ है। गौठान में रह रहे पशुओं को देखकर सुखद आश्चर्य होता है कि जो पशु पिछले 6-7 माह पूर्व कमजोर और बीमार नजर आते थे, वे अब यहां पूर्णत: स्वस्थ नजर आ रहे है।
उल्लेखनीय है कि पाटन विकास खण्ड के ग्राम पंचायत ढौर मे 6 एकड़ मे आदर्श गौठान का निर्माण किया गया है, जिसमें गांव के 812 पशुओं को रखने की समुचित व्यवस्था की गई हैं। पशुओं को चारे की कोई कमी न हो इसके लिए 8 एकड भूमि में चारागाह का निर्माण किया गया है। पशुओं को धूप , वर्षा एवं अन्य प्रतिकूल मौसम से बचाने के लिए 1 पशु शेड भी बनाया गया है। पशुओं के मल मूत्र को जैविक खाद बनाने के लिए 12 नापेड टैंक व वर्मीकम्पोस्ट टैंक बनाये गये है। पशुओं को पानी पिलाने के लिए 6 बडे बडे कोटना निर्मित किये गये है, जिसमें पशु समूह मे एक साथ पानी पी सकते है। गौठान मे 500 पौधों का रोपण भी किया गया है जो कालांतर में पेड़ बनकर पशुओं को छाया के साथ ही अशियाना भी उपलब्ध करायेगा।
गौठान मे पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पशु चिकित्सकों के द्वारा किया जाता है। साथ ही पशु मालिकों को पशुओं के व्याधियों के संबंध मे जानकारी दी जाती है साथ ही उपचार करने के तरीके व सुझाव भी दिये जाते है। गौठान मे पशुओं का शत प्रतिशत टीकाकरण किया गया है और स्वास्थ्य परीक्षण के आधार पर दवाईयेां का वितरण भी किया गया है।
गौठान में रह रहे 150 गाय दुधारू है। गौठान मे आने के बाद पशुओं मे दूध की उत्पादन की क्षमता बडी है। जिससे पशु मालिकों के आमदनी मे वृद्धि हुई है। पशु मालिकों का कहना है कि वास्तव में गौठान योजना पशुओं के साथ पशु मालिकों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
समाचार क्रमांक-675
शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए राज्यपाल शिक्षक दिवस पर करेंगीं सम्मानित
स्कूल पहुंचकर तालीम लेना कठिन होने के बावजूद शिक्षक ने की अनूठी पहल
जांजगीर-चापा। शिक्षा से वंचित आदिवासी मुहल्ले में अपने खर्चे से डिजिटल स्मार्ट क्लास स्थापित कर शिक्षा का अलख जगाने वाले कर्मठ शिक्षक देवकुमार सूर्यवंशी को 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के मौके पर राजधानी रायपुर के राजभवन दरबार हाल में राज्यपाल पुरस्कार राज्यपाल अनुसूईया उइके द्वारा प्रदान किया जाएगा।
देवकुमार सूर्यवंशी विकासखंड बम्हनीडीह के शासकीय प्राथमिक शाला धनुवारपारा सोंठी में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत है। मूलतः यहाँ आदिवासी लोग निवास करते है। इस धनुवारपारा में बरसात के दिनों आवागमन पूरी तरह से बंद रहता है । खेत के मेड़ो में बने पगडंडी वाले रास्ते मे जाना पड़ता है आज भी यहाँ विकास कोसो दूर है। यहाँ के आदिवासी सहित मुहल्ले में बसने वाले लोग घर घर शराब बनाने का काम करते है । पढ़ाई के प्रति काफी कम लोगो की ही रुचि है । ऐसे चुनौती पूर्ण जगह में शिक्षक देवकुमार सूर्यवंशी ने शिक्षा के क्षेत्र में जो उल्लेखनीय कार्य किया है काबिले तारीफ है वास्तव में ऐसे शिक्षक ही ऐसे पुरस्कार के हकदार है । जब से उनकी इस स्कूल में पदस्थापना हुई है घर घर जाकर आदिवासी बच्चों को शिक्षा के प्रति रुचि पैदा करने का काम किया उनके प्रयास से बच्चे स्कूल जाने लगे । फिर बच्चो को पढ़ाई में रुचि लेने के लिए नवाचार आधारित शिक्षा का प्रयोग किया। इसके बाद उन्होंने अपने खुद के पैसे से क्लास रूम को डिजिटल बनाकर स्मार्ट क्लास की तर्ज पर शिक्षा दे रहे है ।आदिवासी बच्चों को शराब की लत न लगे इसके लिए वे उन्हें जागरूक कर रहे है । शराब के दुष्परिणाम का वीडियो दिखाकर उन्हें बताते है । शिक्षक देवकुमार को एससीआरटी रायपुर द्वारा भी शिक्षा के क्षेत्र नवाचार गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण पाने का अवसर भी प्रदान करती है । सहज सरल व शिक्षा के क्षेत्र में कर्मठता के साथ शिक्षा का अलख जगाने वाले देवकुमार सूर्यवंशी के राज्यपाल पुरस्कार से नवाजे जाने पर क्षेत्र के शिक्षकों में काफी खुशी है।
डीएमएफ के कार्यो के लिए बनेगी पंचवर्षीय कार्ययोजना
जांजगीर-चांपा। अपर कलेक्टर श्रीमती लीना कोसम ने आज जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल के साथ जिला कार्यालय के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री जनचौपाल से प्राप्त आवेदन पत्रों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनचौपाल से प्राप्त आवेदन पत्रां की मुख्यमंत्री निवास कार्यालय द्वारा प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनचौपाल से प्राप्त आवेदन पत्रों का निर्धारित समय पर निराकरण करने के निर्देश दिये। इसी तरह उन्होंने कलेक्टर जनचौपाल और जनशिकायत निवारण प्रकोष्ठ में प्राप्त आवेदन पत्रों और निराकरण की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। बैठक में उन्होंने जाति, निवास और आमदनी प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशनकार्ड के नवीनीकरण के संबंध में जानकारी प्राप्त की और संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने कहा कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से संपादित होने वाले निर्माण कार्यो के लिए पंचवर्षीय कार्ययोजना बनाया जाएगा। उन्होंने कार्ययोजना बनाने के लिए निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में विभिन्न विभागां के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
विभिन्न जानकारी के जरिए समाज में जगा रहा अलख
जांजगीर-चांपा। यह अभियान समाज सेवक स्व.हिंन्छाराम खरे, स्व.गणेशराम खरे एवं देहदानी स्व.मनोज कुमार खरे” की स्मृति में चलाया जा रहा है। अभियान के निदेशक धर्मेंन्द्र कुमार खरे के मार्गदर्शन में कृषि वैज्ञानिक चंन्द्रशेखर खर एवं श्रीमती सुमनशेखर खरे द्वारा गांजर घास जागरूकता अभियान 16 अगस्त से 01 सितंबर तक चलाया गया।
अभियान के तहत ग्राम पचरी, जर्वंे, सपिया, जैजैपुर में लोगांे को गाजर घास याने पार्थेनियम हमारे देश में 1955 में दृष्टिगोचर होने के बाद यह विदेशी खरपतवार 35 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में फैल चुका है। देश के विभिन्न भागों में विभिन्न नामों जैसे कांग्रेस घास, सफेद टोपी, घटक चांदनी, गंधी बूटी आदि नामों से जाना जाता है। कैसे पहचानें गाजर के पौधे के समान दिखने वाला एक वर्षीय शाकीय पौधा जिसकी लंबाई 1.0 से 1.5 मीटर तक हो सकती है। तना रोयेदार अत्यधिक शाखा युक्त होता है। एक पौधा 25000 बीज उत्पन्न करता है जो बहुत ही हल्के और पंखयुक्त होता है। यह प्रकाश एवं तापमान के प्रति उदासीन होने के कारण पूरे वर्ष भर उगता एवं फलता फूलता रहता है। इस कारण से यह जैवविविधता एवं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, पार्कों, खेतों, रोड एवं रेलवे लाईनों के किनारों, सामुदायिक एवं परती भूमि पर कब्जा, मनुष्य और जानवरों के स्वास्थ्य के लिए खतरा के साथ फसलों के उत्पादन को भी प्रभावित करता है। कार्यक्रम के आयोजन में सतीश सोनवानी, शिवप्रसाद, सीएम देव, राजा शर्मा सहित सरपंच, उपसरंपच, पंचों समस्त सामाजिक, पदाधिकारियों, कृषकों, महिलाओं व बच्चों का विशेष योगदान रहा।
जांजगीर चांपा। जैजैपुर केे बसपा विधायक केशव चंद्रा की अनुशंसा पर क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में सड़क निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई है।
जैजैपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम घिवरा के हाईस्कूल से भाठापारा डोमाडीह पहुंच मार्ग के लिए 150 लाख रुपए, करनौद से बरकुट पहुंच मार्ग के लिए 105 लाख रुपए, चोरहादेवरी से तालदेवरी तक सड़क निर्माण के लिए 110.40 लाख रुपए, झर्रा से चोरिया पहुच मार्ग के लिए 104 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। आपकों बता दें कि इन स्थानों पर सदियों से सड़क निर्माण की मांग ग्रामीणों द्वारा की जा रही थी। वर्षो पूर्व मांग पूर्ण होने पर ग्रामीणों ने विधायक केशव चंद्रा के प्रति आभार जताया है। यह जानकारी विधायक मीडिया प्रभारी रमेश साहू ने दी।
जांजगीर-चांपा। अपर कलेक्टर एके धृतलहरे एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारी मिलन सिंह चैहान की अर्द्ववार्षिकी सेवानिवृत्ति पर आज जिला प्रशासन की ओर से भावभीनी विदाई दी र्ग। श्री धृतलहरे ने राजस्व सेवा के अविस्मणीय क्षणों एव अनुभव को साझा करते हुए टीम भावना एवं आपसी सहयोग से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि अपने जवाबदारी के प्रति ईमानदार रहना ही राष्ट्र की सेवा है। अपने अधिकार व कर्तव्य के प्रति सजग रहना चाहिए। जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए सदैव आगे आना चाहिए। अपर कलेक्टर श्रीमती लीना कोसम ने श्री धृतलहरे एवं श्री मिलन सिंह को जिला प्रशासन की ओर से स्मृति चिन्ह भेंटकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संयुक्त कलेक्टर एसएस पैकरा, एसडीएम जांजगीर केएस पैकरा, डिप्टी कलेक्टर अन्वेश धृतलहरे, खनिज अधिकारी, सहायक खा़द्य अधिकारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी ने श्री धृतलहरे के मिलनसार व्यक्तित्व एवं टीम भावना की प्रसंशा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। श्री मिलन सिंह के सेवाभाव की सभी अधिकारियों ने तारीफ की। निर्वाचन सुपरवाइजर श्री साहू ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर कलेक्टर कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला पंचायत सीईओ ने बैठक में दी महत्वपूर्ण जानकारी
जांजगीर-चांपा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जेपी पाठक के मार्गनिर्देशन में जागो वोटर कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। नगर पालिका निर्वाचन और त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर किया जा रहा है।
जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल ने जागो कार्यक्रम की कार्ययोजना के लिए आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि जागो वोटर का संक्षिप्त नाम ‘‘जाबो‘‘ दिया गया है। जाबो कार्यक्रम के तहत वर्तमान मतदाताओं और भावी मतदाताओं को मताधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जाबो के तहत फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। कार्यक्रम के सुव्यवस्थित संचालन के लिए सभी निकायों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। श्री अग्रवाल ने बताया कि 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर शासकीय कार्यालयों, महाविद्यालयों, स्कूलों व ग्राम पंचायत स्तर पर मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई जाएगी। इसी प्रकार 8 सितंबर अंर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस, 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर भी विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। सार्वजनिक स्थानों पर नारा लेखन, रैली, निबंध, भाषण, वाद-विवाद सहित विभिन्न आयोजनों के माध्यमों से मतदाता जागरूकता का कार्यक्रम होगा। जाबो कार्यक्रम के तहत निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, त्रुटि सुधार आदि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के उप संचालक श्री हुरा, राजस्व अधिकारी, नगरीय निकाय व जनपद पंचायतों के अधिकारी उपस्थित थे।
भगवान महावीर स्वामी का दर्शन कर मंगल कलश की स्थापना की
जांजगीर-चांपा। नैला जैन मंदिर में आज प्रातः पर्यूषण पर्व समारोह का शुभारंभ जैन मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज एवं पचरंगा ध्वज फहराकर किया गया। नैला जांजगीर, चांपा, सक्ती, बम्हनीडीह के सभी जैन सदस्यों ने आज मूलनायक भगवान महावीर स्वामी का दर्शन कर मंगल कलश की स्थापना की। इसके साथ ही 10 दिनों तक चलने वाले पर्युषण पर्व संकल्प के साथ शुभारंभ हुआ।
आज पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म से प्रारंभ होकर अनंत चतुर्दशी 12 सितंबर को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पालन के साथ ही संपन्न होगा। पर्यूषण पर्व के पहले दिन दहीगांव अतिशय क्षेत्र में विराग सागर जी महाराज के शिष्य मुनि विनिश्चल सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास कांच के टुकड़ों का नहीं बल्कि उज्जवल हीरो का बनता है। इतिहास जीवन संग्राम में जो हथियार डाल दें उनका नहीं क्षमा वीरों का बनता है। क्षमा धर्म को समझने के लिए पहले हमें इसके विरोधी तत्व क्रोध को समझना होगा। क्रोध एक कशाय है जो कि हमारे जीवन को दुखदाई बना देती है। रोज की स्थिति में हित अहित का विवेक खो जाता है। आज नेत्रदानी स्वयं जैन की पांचवीं पुण्यतिथि पर ताराचंद लुहाडि़या परिवार द्वारा जैन मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज फहराकर पर्यूषण पर्व का शुभारंभ किया गया। लोहाडि़या परिवार के मार्गदर्शक महावीर प्रसाद जैन की प्रथम पुण्यतिथि पर जैन मंदिर में पचरंगा ध्वजारोहण ताराचंद सुशील कुमारजैन परिवार के द्वारा किया गया। इसके पश्चात भगवान महावीर स्वामी को पांडुकशिला में विराजमान कर धर्मचंद अजमेरा परिवार, वीर कुमार जैन, हर्ष पाटनी, सुरेश चंद जैन एवं यंत्र कुमार जैन परिवार के द्वारा चांदी के कलशों से भगवान महावीर स्वामी का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। उसके पश्चात यंत्र कुमार जी अजमेरा परिवार के द्वारा सामूहिक आरती की गई। आज सभी धर्मावलंबियों ने भक्ति मय वातावरण में दशलक्षण धर्म एवं क्षमाधर्म की पूजा अर्चना की। जैन समाज के 35 लोगों ने पीले वस्त्र धारण कर अभिषेक शांतिधारा एवं पूजा में शामिल होकर धर्म लाभ लिया। चांपा से सुनील जैन, अंजना जैन, ममता जैन, बम्हनीडीह से सुरेश जैन, सुनीता जैन, सक्ती से अशोक जैन परिवार, पवन जैन, प्रभात जैन, सुरेश खिलोसिया, मदनलाल अजमेरा, मदनलाल लुहाडि़या, मनोज अजमेरा, विजय लोहाडि़या, सौरभ, अनिल लुहाडि़या, महिला मंडल के सभी सदस्यों ने संगीत मय भक्ति करते हुए पूजा अर्चना की। रात्रि में संगीत मय आरती, शास्त्र सभा का आयोजन किया गया। इसके पश्चात छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा भजन प्रतियोगिता में भाग लेकर धर्म की प्रभावना की गई। इसी प्रकार धर्म की प्रभावना अनंत चतुर्दशी पर्व तक धूमधाम से बनाते हुए धर्म लाभ लिए जाने का संकल्प सभी ने लिया। नैला में जैन मंदिर को लाल पत्थरों से नक्कासी करके भव्यता प्रदान की जा रही है।
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में पहली बार फोटो ट्रेड फेयर का आयोजन 21 व 22 सितंबर को मारूति मंगलम भवन गुढि़यारी रायपुर में किया जाएगा। इसके लिए राज्य फोटोग्राफी एसोसिएशन की बैठक रायपुर में हुई, जिसमें कार्यक्रम को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई।
आपकों बता दें कि वर्ष 2004 में जांजगीर-चांपा जिला फोटोग्राफी एसोसिएशन बना था, जो प्रदेश रूप ले लिया है। इसी प्रदेश स्तरीय फोटाग्राफी एसोसिएशन के बैनर तले फोटो ट्रेड फेयर का भव्य आयोजन होगा। इसमें फोटो व वीडियोग्राफी से संबंधित दुनिया की मशहूर कंपनियों का स्टाल लगेगा। कार्यक्रम में फ्री फोटो वर्कशाप, फ्री फैशन शो व फैशन फोटोग्राफी, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व हर घंटे लकी ड्रा और बहुत कुछ होगा।
जांजगीर-चांपा। समाज सेवा के क्षेत्र में इतनी तेजी से अग्रसर होने वाले राष्ट्रीय संगठन भीम आर्मी भारत एकता मिशन की नई-नई पहल का सराहना कर रहे हैं।
शनिवार को भीम आर्मी के द्वारा आश्चर्य काम कर समाज ेवा को एक नई शिखर तक पहुंचाया जा रहा है। शनिवार को जैसे ही भीम आर्मी भारत एकता मिशन के ब्लॉक अध्यक्ष करण टंडन एवं ब्लॉक मीडिया प्रभारी अमित खूंटे तथा ग्रामीण अध्यक्ष युवराज सांडे सहित भीम आर्मी के अन्य पदाधिकारियों को परिजन द्वारा जैसे ही सूचना मिली तब मानवता के नाते दो लोगों को रक्तदान किया गया। ब्लॉक अध्यक्ष करण टंडन अपने दो पदाधिकारियों के साथ बिलासपुर लाइफ केयर हॉस्पिटल पहुंचा और पीडि़त परिजन से बातचीत कर मदद की बात कही। इस दौरान पीडि़त अमरनाथ उम्र 24 वर्ष को इलाज के समय दो यूनिट ब्लड की जरूरत थी। भीम आर्मी के ब्लॉक अध्यक्ष करण टंडन, ग्रामीण अध्यक्ष युवराज सांडे व ब्लॉक मीडिया प्रभारी अमित खूटे ने रक्तदान कर मानवता की मिशाल पेश की।
दिन भर निर्जला व्रत के बाद भगवान शिव व पार्वती की पूजा की
जांजगीर-चांपा। हमारा देश पर्वो एवं त्योहारों के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। इन पर्वो में तीज के पर्व का विशेष महत्व है। इस पर्व में सभी महिलाएं निर्जला व्रत कर पति की दीर्घायु एवं मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए भगवान शिव एवं पार्वती की पूरे भक्ति भाव से पूजा अर्चना करती है। अंचल में आज महिलाओं ने तीज का व्रत रखा।
शिक्षिका श्रीमती कुमुदिनी द्विवेदी ने बताया कि भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरितालिका तीज मनाई जाती है। कहा जाता है कि सबसे पहले गिरिराज हिमालय की पुत्री पार्वती ने इस व्रत को किया था। जिसके फलस्वरूप भगवान शंकर उन्हें पति के रूप में प्राप्त हुए। कुंवारी लड़कियां भी मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत रखकर माता पार्वती की पूजा करती है। हरियाली तीज के दिन भगवान शंकर ने देवी पार्वती को पति के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया था। पार्वती के कहने पर शिव जी ने आशीर्वाद दिया था, जो भी कुंवारी कन्या इस व्रत को रखेंगे उसके विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होंगी। इस दिन निर्जला व्रत कर शिव और माता पार्वती जी की विधिपूर्वक पूजन करने का विधान है। तीज पर्व के 1 दिन पहले से ही विवाहित महिलाएं एवं कन्याएं अपने हाथों में मेहंदी लगाकर इसे मनाती है। भारतीय संस्कृति के महान पर्व हरियाली तीज व्रत के बारे में श्रीमती कुमुदिनी द्विवेदी आगे बताती है कि मान्यता है कि मां पार्वती ने 107 जन्म लिए थे, भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए। अंततः मां पार्वती के कठोर तप और उनके 108वंे जन्म में भगवान ने पार्वती जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से मां पार्वती प्रसन्न होकर पतियों को दीर्घायु होने का आशीर्वाद देती है। इसमें पत्नियां निर्जला व्रत रखती है। हाथों में नई चूडि़यां, मेहंदी और पैरों में आलता लगाती है, जो सुहाग का चिन्ह माना जाता है और नए वस्त्र पहनकर मां पार्वती की पूजा अर्चना करती है। सभी सौभाग्यवती स्त्रियां व कुंवारी कन्याएं निराहार रहकर,रात्रि जागरण कर, बालू के शिवलिंग की पूजा कर, सखी सहेलियों सहित शंकर पार्वती की पूजा रात्रि में कर, मनोवांछित फल व सौभाग्य प्राप्त कर सकती हैं। इस पर्व को प्रकृति से जोड़कर भी देखा जाता है, क्योंकि इस दिन महिलाएं सावन के बाद आई नई 16 तरह की पत्तियों को शिव जी को चढ़ा कर समृद्धि व सौभाग्य का वर मांगती है।
कुरदा गांव के कुछ युवकों ने पेश की मानवता की मिशाल
सड़क पर बैठी गाय व बछड़े को कुचलकर भाग रहा था भारी वाहन चालक
जांजगीर-चांपा। अक्सर कई लोग दुर्घटना में घायल होकर सड़क पर मदद की गुहार लगाते रहते हैं लेकिन उसकी मदद करने के बजाय लोग मुंह फेरकर चले जाते हैं। ऐसे में कुरदा गांव के कुछ युवकों ने मानवता की मिशाल पेश की है।ं उन्होंने दुर्घटना में घायल गाय व मवेशियों का न केवल इलाज कराया, बल्कि इसके लिए उन्होंने आपस में चंदा भी किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सड़कों पर चलने वाले बेजुबान मवेशियों की चिंता करते हुए महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा व बारी शुरू की है। योजना के तहत गोठान बनाया जा रहा है। लेकिन सरकार के प्रयास के साथ ही आम लोगों को भी बेजुबान मवेशियों के लिए चिंता करनी चाहिए। शनिवार की शाम जिस तरह की पहल कुरदा गांव के कुछ युवकों ने की वह काबिले तारीफ है। चांपा से लगे ग्राम कुरदा में शनिवार की शाम करीब 6 बजे छुइया तालाब के पास गाय व बछड़ा सड़क पर बैठी थी, तभी एक भारी वाहन उन्हें कुचलते हुए भागने लगा। यह देख गांव के सुखसागर माथुर सहित अन्य लोगों का खून खौल गया और उन्होंने दुर्घटनाकारित वाहन का पीछा कर किसी तरह रोका। इसके बाद वाहन के चालक को घटना स्थल लाया गया। सुखसागर माथुर ने बताया कि उस समय वाहन के चालक ने शराब पी रखी थी। वह नशे में बुरी तरह चूर था। वह बात करने की भी स्थिति में नहीं था। ऐसे में वाहन मालिक का नंबर लेकर सुखसागर माथुर ने उससे मोबाइल पर बात की, तब वाहन मालिक ने इलाज का सारा खर्च वहन करने का भरोसा दिलाया। साथ ही उसने चालक को छोड़ने का आग्रह किया। इधर, दुर्घटना के बाद घायल गाय व बछड़ा दर्द से कराहने लगी। उनका दर्द इन युवकों को देखा नहीं गया और उन्होंने आपस में पहले चंदा किया फिर डॉक्टर बुलवाकर घायल गाय व बछड़े का इलाज कराया। कुरदा गांव के इन युवकों के इस प्रयास की सभी ओर सराहना हो रही है।
संयुक्त प्रयास जरूरी
गाय के नाम पर हमेशा से देश में राजनीति होती रही है लेकिन कभी भी गायों की दशा नहीं बदली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मवेशियों के संरक्षण के लिए जो कदम उठाया है उसकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है। सरकार के इस प्रयास के बाद प्रदेश के लोगों में भी मवेशियों को लेकर जागरूकता जरूरी है। क्योंकि अकेले सरकार के प्र्रयास से ही कोई काम सफल नहीं होगा। जनहित के किसी भी काम को पूरा करने के लिए संयुक्त प्रयास जरूरी है।
नहीं थम रही दुर्घटना
सुखसागर माथुर ने बताया कि चांपा में सड़कों की हालत काफी चिंताजनक है। गौरवपथ और चांपा कुरदा होते हुए कोरबा रोड तक की सड़क चलने लायक नहीं है। इसके लिए धरना प्रदर्शन और आंदोलन भी किया गया था। यहां तक बारिश से पहले एसडीएम और कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए सड़क की बदहाली दूर करने निवेदन किया गया था। लेकिन कभी किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि आए दिन इस मार्ग में सड़क दुर्घटना थमने का नाम नहीं ले रही है।
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प्रशासन मौन, जिम्मेदार कौन!
जब कभी गाय की मौत होती है तो उसे उठाकर उसका अंतिम संस्कार करने के मामले में प्रशासन मौन हो जाता है। मृत गाय की शरीर को उठाने कोई जिम्मेदारी लेने सामने नहीं आता। ऐसा ही एक मामला अभी चांपा में भी सामने आया है। हनुमानधारा के चबूतरा में एक गाय मृत अवस्था में न जाने कितने दिनों से पड़ी है। कितनी बड़ी विडंबना है कि चांपा में ही एक जगह जहां घायल गाय व बछड़े की इलाज कराने कुछ युवक खुद से सामने आ गए तो वहीं हनुमानधारा में मृत पड़ी गाय को देखकर कोई भी जिम्मेदारी लेने सामने नहीं आया। आपकों बता दें कि जिले में जब कभी भी इस तरह गायों की मौत होती है, तब गाय का शव सड़क पर ही पड़ा रहता है। उसे उठाकर उसका अंतिम संस्कार कराने की कोई व्यवस्था नहीं होती। इस गंभीर मसले पर सरकार को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।